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बहन और मम्मी के भरपूर मजे लिए - 2 
@Kamvasna 05 मई, 2023 128370

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बहन और मम्मी के भरपूर मजे लिए -  1

 

अब आगे...

 

फिर रात ज्यादा हो गई तो हमें ठंड लगने लगी। फिर हम तीनों कमरे में चले गए। फिर कमरे में जाकर हम तीनों फिर से बातें करने लगे। तब आधी रात हो चुकी थी और हमे नींद आने लगी थी। फिर मोना उठकर नंगी ही दुज़रे कमरे में जाकर सो गई और मैं और मम्मी एक दुसरे से चिपक कर सो गए। फिर सुबह मुझे जल्दी जाग आ गई तो फिर मैंने मोना के केमर में झाँककर देखा तो मोना पापा के लण्ड पर चढ़कर मजे कर रही थी। फिर थोड़ी देर बाद मम्मी भी उठ गई तो फिर हम घर के बारे में बात करने लगे। मम्मी कहने लगी के मोना की शादी पर काफी पैसे खर्च होंगे। हम इतने पैसे कहाँ से लाएंगे। फिर मैं मम्मी से बोला के तुम सुबह सुबह क्या ये सब बातें लेकर बैठ गई। टाइम आएगा तब आपमे आप सब हो जाएगा। तुम टेंशन मत लो सिर्फ मजे लो।

 

 

 

ये सुनकर मम्मी मुस्कुराने लगी। फिर इतने में मोना चाय लेकर आ गई। फिर हम तीनों आपस मे मस्ती करने लगे। मोना कमरे में आते ही नंगी हो गई और फिर हम सबने साथ बैठकर चाय पी। मैं उन दोनों के बीच मे उनकी कमर में हाथ डालकर बैठा था। मैं कितना खुशकिस्मत था के मुझे मम्मी और मोना के साथ ऐसे मस्ती करने का मौका मिल रहा था। मम्मी तो एक दम बच्ची बन जाती है और खूब मस्ती करती है। वो बिस्तर पर फुदकती रहती है और मुझे अपने बदन को सहलाकर अपनी तरफ आकर्षित करती है। फिर मैं मम्मी की जबरदस्त चुदाई करता हूँ। फिर मैं खड़ा हुआ और दो गर्भ निरोधक टेबलेट निकाली और एक मम्मी को दी और दूसरी चुपके से मोना को दे दी। मम्मी ने गोली नहीं ली और नखरे करने लगी। वो कहने लगी के मुझे तुम्हारे बच्चे की मां बनना है। फिर मैने मम्मी को समझाया फिर जाकर मम्मी ने गोली ली। मम्मी को ऐसे बच्चे के लिए जिद करते देख मोना भी देखती रह गई।

 

 

 

फिर हम सब कपड़े पहनकर कमरे से बाहर आ गए। फिर पापा टॉयलेट से वापीस आकर नहाने की तैयारी करने लगे और फिर मम्मी टॉयलेट में जाने लगी तो फिर मैं भी मम्मी के पीछे पीछे चला गया। फिर हम दोनों ने साथ मे ही लैट्रिन की। तब मैंने टॉयलेट में ही नंगी कर लिया था और फिर लैट्रिन करने के बाद मैंने मम्मी को पीछे की तरफ भेज दिया और मैं खुद आंगन की तरफ आ गया। फिर मैंने देखा के मोना के कमरे का गेट खुला था और मोना की सिसकारियों की आवाजें आ रही थी। फिर मैंने देखने की कोशिश की तो देखा के पापा एकदम नंगे थे और मोना को पेल रहे थे। फिर ये देखकर मैं वापिस पीछे की तरफ चला गया और फिर मैं भी मम्मी की चुदाई करने लगा।

 

 

 

फिर चुदाई के बाद मैं और मम्मी कपड़े पहनकर वापिस आ गए। तब मोना खाना बना रही थी और पापा नहाकर आकर कपड़े पहन रहे थे। मोना और मम्मी दोनो चुदकर काफी खुश दिखाई दे रही थी और खिली खिली लग रही थी। फिर मैंने मम्मी से कहा के चलो खेतो में घूमकर आते है। इतने में पापा भी चले जायेंगे। फिर मम्मी तैयार हो गई तो फिर मैं मम्मी को लेकर खेतो की तरफ चला गया। तब खेतो में कोई नहीं था और हम दोनों माँ बेटे खुलकर बातें करते हुए जा रहे थे। मम्मी काफी हंस हँसकर बातें कर रही थी। फिर चलते चलते मैं मम्मी की गाँड सहलाने लगा तो फिर मम्मी भी मेरा लण्ड बाहर निकालकर सहलाने लगी। हम चलते चलते गांव से काफी दूर आ गए थे। हम दोनों गर्म हो चुके थे। फिर मैं मम्मी को लेकर एक खेत मे चला गया और फिर मम्मी मेरा लण्ड चुसने लगी।

 

 

 

 

फिर मैंने मम्मी को घोड़ी बनाया और फिर हम खुलेआम चुदाई करने लगे। ऐसे खुलेआम खेतो में हमारी पहली चुदाई थी। जिसमे हमे बहुत मजा आ रहा था। फिर चुदाई के बाद मम्मी पूरी नंगी होकर घूमने लगी और मैं मम्मी के कपड़े लेकर मम्मी के पीछे पीछे चल रहा था। मम्मी खुलेआम ऐसे नंगी घूम रही थी ये देखकर मेरा फिर से लंड खड़ा होने लगा था। फिर मैं भी नंगा हो गया और मम्मी को बाहों में लेकर मम्मी के बदन को सहलाने लगा। हम दोनों माँ बेटे की ऐसी नंगी मस्ती कोई देखता तो देखकर वहीं मर जाता। फिर कुछ देर बाद हमने कपड़े पहन लिए और हम वापिस घर आने लगे। घर आते टाइम मम्मी को पेशाब आने लगा तो मम्मी सलवार खोलकर रास्ते पर ही बैठकर पेशाब करने लगी। फिर पेशाब करने के बाद मम्मी जब अपनी सलवार बांधने लगी तो सलवार मम्मी के हाथ से छूटकर नीचे गिर गई और मम्मी नीचे से एकदम नंगी हो गई। फिर मम्मी ने झटपट अपनी सलवार उठाई और फिर सलवार बांधकर हम घर आ गए। फिर मैंने मम्मी से कहा के अगर आज हमें कोई देख लेता तो क्या होता। फिर मम्मी बोली के तू फिक्र मत कर। हमें किसी ने नहीं देखा। अगर किसी ने देखा भी होगा और अगर उसे चुत चाहिए होगी तो वो सीधा हमारे पास ही आएगा। अगर उसने किसी को बता भी दिया तो भी सब ऐसे ही बातें करने लगेंगे। पर सच्चाई का किसी को पता नहीं चलेगा।

 

 

 

 

फिर घर आये तब पापा तो जा चुके थे और मोना एकदम नंगी होकर काम कर रही थी। फिर हमने मोना को सब कुछ बताया तो वो भी ये सब सुनकर काफी खुश हुई। फिर मैंने मोना की चुत की तरफ ध्यान दिया तो उसकी चुत से सफेद पानी निकल रहा था। फिर ये देखकर मैंने उसकी तरफ इशारा किया तो उसने अपने हाथ से अपनी चुत पोंछ ली। फिर मम्मी नहाने चली गई तो मोना में बताया के उसने पापा से नंगी होकर आंगन में खूब चुदवाया। मम्मी नहा रही थी तब मैं और मोना नंगे चारपाई पर ही बैठे थे और मोना मेरे लण्ड को सहला रही थी। फिर मम्मी नहाकर आ गई तो फिर मोना कपड़े धोने जाने लगी और फिर उसने मुझसे कहा के तुम नहा लो। फिर मम्मी तो चारपाई पर धूप में बैठकर अपना श्रृंगार करने लगी और उधर मैं मोना के पीछे पीछे अपना लण्ड सहलाता हुआ बाथरूम में घुस गया। बाथरूम में जाते ही मैं और मोना एक दूसरे से चिपक गए और किसिंग करने लगे। फिर हम साथ मे ही नहाने लगे और नहाते नहाते मैं मोना की गाँड मारने लगा। कुछ देर गाँड मारने के बाद मैं बिना झड़े ही अपना लण्ड बाहर निकाल लिया और फिर बाथरूम से बाहर आकर धूप में चारपाई पर बैठ गया।

 

 

 

तभी मम्मी कमरे से निकलर मेरी तरफ आने लगी तो मैं तो मम्मी को देखता ही रह गया। मम्मी ने तब मेकअप वगैरह कर रखा था और पैरों में हाई हील वाले सैंडल पहन रखे थे और ऐसे मटक कर मेरे पास आ रही थी के पूछो मत। फिर मेरे पास आकर वो मेरा लण्ड चुसने लगी। फिर मुझसे नहीं रहा गया तो मैं मम्मी को पकड़कर चुदाई करने लगा। फिर झड़ने वाला हुआ तो लण्ड मुंह मे डाल दिया और फिर मैं झड़ गया। मम्मी मेरा सारा पानी पी गई और फिर मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी। फिर मम्मी को देखकर मैं मन ही मन सोचने लगा के हे भगवान तुमने मम्मी को ऐसा माल क्यों बनाया। फिर इतने में मोना नहाकर निकली और कपड़े सुखाने लगी। वो भी तब बहुत सेक्सी लग रही थी। फिर वो भी आकर हमारे पास बैठ गई। फिर मम्मी हमसे बोली के तुम कुछ दिन और रुक जाओ। आज हमें जाना था। फिर मैंने मम्मी से कहा के मोना के एग्जाम शुरू होने वाले है। इसके एग्जाम शुरू हो जाएंगे तब हम घर पर ही रहेंगे। बस कुछ दिनों की बात और है। फिर मम्मी बोली के ठीक है।

 

 

 

 

फिर मैं और मोना तैयार होकर शहर जाने के लिए निकल पड़े। फिर जाते जाते मैं मम्मी को देखकर सोचने लगा के ऐसे माल कि चुत में तो हरदम एक लंड रहना चाहिए। पर वो अब उंगली करके ही काम चलाएगी। फिर मैं और मोना शहर आ गए। फिर मोना तो पढ़ाई करने लगी और मैं अपने दोस्तों के साथ काम करने लगा। मैं अपने दोस्तों के साथ मिलकर खूब मस्ती करता और मम्मी का भी टाइमपास अच्छे से हो जाये इसलिए मैं उनकी बात अपने दोस्तों से करवाता। मम्मी उनसे ऐसी गन्दी गन्दी बातें करती के मेरा तो बुरा हाल हो जाता सुनकर। कई बार मैं और मेरे दोस्त गोदाम में काम करते। जहां कोई आता जाता नहीं था तो वहां हम सब दोस्त नंगे होकर काम करते। फिर मूड बन जाता तो हम साथ मे लण्ड भी हिलाते। एक बार मैंने अपने दोस्तों के साथ फोटो ली। जिसमे हम सब नंगे थे। फिर जब मैंने वो फ़ोटो मोना और मम्मी को दिखाई तो वो तो देखती ही रह गई। उन्हें अब किसी भी आदमी में बस उनका लण्ड ही दिखाई देता था। मेरी मम्मी इतनी गर्म औरत है के जब मैं घर पर नहीं होता तो मम्मी दिन में कई बार उंगली करती।

 

 

 

 

मैं लगातार अपनी बॉडी बनाता जा रहा था। मैं खूब खाता और खूब मेहनत से काम करता। जिस कारण मेरी बॉडी काफी अच्छी हो गई थी। अब जब कोई भी लड़की मुझे देखती तो बस देखती ही रह जाती। मोना मेरे सामने अब बच्ची लगती थी। उसकी कमर इतनी पतली थी के मेरे एक हाथ मे आ जाती थी। जब मैं उसकी चुदाई करता तो ऐसा लगता जैसे कि कोई सांड किसी बकरी पर चढ़ा हुआ है। मम्मी भी मेरी बॉडी से काफी प्रभावित थी। मम्मी ने भी अब अपना वजन कम कर लिया था तो मम्मी अब दिखने में मुझसे आधी ही रह गई थी। मेरे सब दोस्तो में भी मेरी ही बॉडी अच्छी थी। इस बार शहर आने के बाद मैं सिर्फ हफ्ते में एक दिन ही गांव जाता और फिर मम्मी की कई घंटों तक चुदाई करता। जिस कारण मम्मी मुझे फिर दोबारा अगले हफ्ते ही बुलाती थी। मम्मी भी चाहती थी के मैं अपनी बॉडी बनाऊं। उधर मोना के एग्जाम होने वाले थे तो फिर उसे स्कूल से छुट्टी मिल गई थी। मुझे तब थोड़ा काम था तो हम फिर थोड़े दिन रुक कर ही गांव जाने वाले थे।

 

 

 

 

 

गांव जाने से पहले मुझे कुछ काम निपटाने थे ताकि फिर मैं भी कई दिन की छुट्टी ले सकूँ। फिर सब काम निपटाने के बाद मुझे भी छुट्टी मिल गई। मोना को तो पहले ही छुट्टी मिल चुकी थी तो वो किराए वाले मकान में सारा दिन नंगी रहकर ही पढ़ती। गर्मी भी काफी पड़ने लग गई थी तब। उसे नंगी देखकर मुझसे नहीं रहा जाता तो फिर मैं उसकी कसकर चुदाई करता। अब हमें किसी का डर और शर्म नहीं थी तो एक दिन सुबह सुबह मैं और मोना बिल्कुल नंगे घर से निकल पड़े। हम चलते चलते घर से थोड़ा दूर आ गए। मुझे तो तब बिल्कुल भी यकीन नहीं हो रहा था के हम खुलेआम ऐसे नंगे घूम रहे हैं। फिर हम थोड़ा दूर और आ गए। तब वहां आसपास एक भी आदमी नहीं था और सब कुछ सुनसान पड़ा था। फिर वहां ओर मोना ने मुझसे अपनी फोटो खिंचवाई। फिर उसने कुछ फोटो मेरे साथ भी खिंचवाई। हम दोनों तब गर्म हो चुके थे। फिर मैं मोना की गर्दन पर किस करने लगा तो मोना बहुत ज्यादा गर्म हो गई और फिर वो मेरा लण्ड चुसने लगी। फिर हम दोनों चुदाई करने लगे। चुदाई करते टाइम हम बिल्कुल भूल चुके थे के हम खुलेआम चुदाई कर रहे है। फिर चुदाई के बाद हम दोनों टहलते टहलते वापिस हमारे किराए वाले मकान पर आ गए।

 

 

 

 

 

 

फिर उस दिन शाम को हमने गांव जाने का प्लान बनाया। हम दिन भर नंगे पड़े रहे और चुदाई भी की। फिर मैंने मोना से कहा के आज हम शाम को लास्ट वाली बस में जाएंगे और वो भी छत की बस पर बैठकर। फिर मोना ने पूछा के छत पर क्या करेंगे। फिर मैंने कहा के वो मैं तुम्हे तभी बताऊंगा। फिर वो बोली के ठीक है। फिर शाम को हम तैयार होकर बस स्टैंड जाने लगे और मैंने तब मोना को नीचे ब्रा पैंटी नहीं पहनने के लिए कहा तो उसने नहीं पहने। फिर जब बस आई तो बस में ठीक ठाक भीड़ थी। फिर मैं टिकट लेकर मोना के साथ बस पर चढ़ गया। हमारे पास ज्यादा कुछ सामान नहीं था। हम बस की छत पर बीच मे जाकर बैठ गए। तब अंधेरा हो चुका था। फिर बस चलने लगी तो हमे ठंडी ठंडी हवा में काफी मजा आने लगा। तब बस की छत पर सिर्फ हम ही थे। बस रुक रुक कर चलती थी तो हमारे गांव पहुंचने में वो काफी टाइम ले लेती थी। फिर मैंने मोना से कपड़े खोलने के लिए कहा तो वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी और कपड़े खोलने लगी। उसने अपना सलवार और कुर्ता खोल दिया तो फिर वो मैंने बैग में डाल दिये और मोना अब बिल्कुल नंगी मेरे सामने बैठी थी। उसे भी नंगी होकर काफी मजा आ रहा था।

 

 

 

 

 

अंधेरे के कारण किसी को कुछ भी नहीं दिख रहा था। फिर तभी जब बस एक गांव में रुकी तो एक आदमी बस की छत पर आकर बैठ गया। उसे देखकर मोना थोड़ा घबरा गई। लेकिन फिर मैंने मोना के पीछे हमारा बेग रख दिया ताकि उसे कुछ पता ना चल सके। तभी अगला गांव आते ही वो आदमी उतर गया। फिर मोना घोड़ी बन गई तो मैं उसकी चुत चाटने लगा। फिर उसने मेरा लण्ड भी चूसा। फिर जब हमारा गांव आने वाला हुआ तो मोना ने कपड़े पहन लिए। फिर हम हमारे गांव में उतर गए। तब काफी रात हो चुकी थी और गांव का बस स्टैंड बिल्कुल खाली था। तब रात के 9 बज रहे थे और लगभग सभी लोग सो चुके थे। फिर मोना जोर जोर से हंसने लगी और बोली के आज तो मजा आ गया। तब मैं और मोना एक दुसरे की कमर में हाथ डालकर चल रहे थे। फिर मोना को पेशाब आने लगा तो फिर वो सलवार खोलकर गली में ही पेशाब करने लगी। पेशाब करने के बाद मैंने उसे पूरी सलवार खोलने के लिए कहा तो उसने सलवार खोल दी। फिर हम ऐसे ही घर की तरफ जाने लगे। मोना अब नीचे से नंगी थी। फिर जब हमारा घर थोड़ा ही दूर रह गया तो मोना ने अपना कुर्ता खोल दिया और वो अब पूरी नंगी होकर चलने लगी। फिर हम जब घर पहुंचे तो फिर मैंने भी अपने सब कपड़े खोल दिये। फिर हमने घर का गेट खटखटाया तो फिर मम्मी ने गेट खोला तो मम्मी ही नंगी ही थी। वो हमें देखकर काफी खुश हुई और फिर हम एक दुसरे के गले लगे।

 

 

 

 

 

तब तक पापा तो सो चुके थे। गर्मियों में हम बाहर ही कूलर लगाकर एक साथ ही सोते है। फिर हम चारपाई पर जाकर बैठ गए। मैं मम्मी के गदराए बदन को सहलाने लगा। मोना हमारे सामने ही दूसरी चारपाई पर बैठी थी। हमारे आने से आज मम्मी काफी खुश थी। फिर मोना बोली के मैं नहाने जा रही हूँ। फिर मैं भी बोला के मैं भी नहा लेता हूँ। भूख बहुत लगी है। फिर मम्मी बोली के तुम दोनों नहा आओ इतने में मैं खाना लगाती हूँ। फिर मैं और मोना एक साथ बाथरूम में जाकर नहाने लगे। हम दोनों ने एक दुसरे के बदन को खूब मसला और फिर मोना ने मेरे लण्ड को भी चूसा। मेरा लण्ड एकदम खड़ा हो चुका था। फिर नहाने के बाद मैं और मोना एक दुसरे की कमर में हाथ डालकर बाथरूम से बाहर निकले। तब मम्मी चूल्हे के पास बैठी थी। फिर जब हम चूल्हे के पास पहुंचे तो मम्मी के देखने से पहले हम दोनों अलग हुए और फिर खाना खाने बैठ गए। हमने खाना खाते खाते काफी बातें की। फिर खाना खाने के बाद हम तीनों कमरे में बेड पर चले गए। अंदर गर्मी थी लर हम तीनों भी गर्म हो चुके थे। मैं तब बीच मे बैठा था और मम्मी मेरे खड़े लण्ड को सहला रही थी। फिर मोना भी अपनी चुत को सहलाने लगी।

 

 

 

 

 

 

फिर मोना खड़ी हुई और जाकर मम्मी की चुत चुसने लगी। जिस कारण मम्मी बहुत ज्यादा गर्म हो गई। फिर मैंने मोना को साइड किया और फिर लण्ड डालकर मम्मी की चुदाई करने लगा। तब मम्मी तो सातवें आसमान पर थी। फिर मोना मम्मी के बोबो और चुत को सहलाने लगी। जिससे कि मम्मी का मजा और ज्यादा बढ़ गया। फिर मोना मम्मी के ऊपर चढ़ गई और अपनी चुत मम्मी के मुँह पर रख दी तो फिर मम्मी मोना की चुत चुसने लगी। कमरे में तब हम तीनों की सिस्कारियाँ गूंज रही थी। फिर मम्मी तो झड़ गई लेकिन मैं नहीं झड़ा था। फिर मैंने मोना की कमर पकड़कर उसे पीछे की तरफ खींचा तो फिर मोना मम्मी के ऊपर घोड़ी बन गई और मम्मी के बोबो को चुसने लगी। पीछे से मैं मोना की चुत मारने लगा। फिर मैं झड़ने वाला हुआ तो मैंने लण्ड मोना की चुत में डाल दिया और फिर कुछ देर बाद झड़ गया। फिर मोना मम्मी के ऊपर ही लेट गई और मैं साइड में लेट गया। फिर मोना और मम्मी दोनो लिप किस करने लगी। फिर मैं और मम्मी लिप किस करने लगे और मोना हमें देखने लगी। फिर मोना ने हमसे कहा के तुम दोनों अब शादी क्यों नहीं कर लेते। फिर मम्मी बोली के मैं तो इससे कब से कह रही हूँ। पर ये मान ही नहीं रहा है। फिर मोना मम्मी के उपर से उतरकर मम्मी के सामने ही मेरे ऊपर आकर बैठ गई और फिर मुझसे मम्मी से शादी करने के लिए कहने लगी। फिर मम्मी ने मुझे अपनी तरफ खींचा और फिर मुझसे चिपकर कहा के मुझे बच्चा भी चाहिए। फिर मोना मेरे ऊपर से उतरकर मेरे पीछे की तरफ लेट गई और मम्मी मुझसे आगे से चिपकी हुई थी।

 

 

 

 

 

मम्मी तब इतनी सेक्सी लग रही थी के मेरा तो मन किया के मम्मी को चोद चोदकर अभी प्रेग्नेंट कर दूं। फिर मैंने मम्मी से कहा के मोना के एग्जाम खत्म होने के बाद हम शादी कर लेंगे। फिर ये सुनकर मम्मी काफी खुश हुई। फिर मैं बोला के शादी के बाद कौन किसके क्या लगेगा। फिर मोना बोली के क्या मतलब। फिर मैं बोला के हमारी शादी के बाद सारे रिश्ते ही बदल जाएंगे। तुम मम्मी की बेटी हो तो फिर मेरी भी बेटी लगोगी और साथ मे मेरी बहन भी होगी और मम्मी मेरी माँ भी होगी और बीवी भी। ये सुनकर वो दोनो सोचने लगी। फिर मैं उनसे बोला के हम नए रिश्ते ही बना लेते है। फिर मम्मी बोली के वो कैसे। फिर मैं मम्मी से बोला के तुम समझो के ये तुम्हारी पहली शादी ही है। फिर तुम मेरी बीवी बन जाओगी शादी के बाद और मोना अगर मेरी बहन बनेगी तो तुम्हारी ननद होगी और अगर ये तुम्हारी बहन होगी तो मेरी साली बन जायेगी। मेरी बात सुनकर वो दोनो सोचने लगी। फिर मोना ने कहा के मैं मम्मी की बहन बनूँगी। ताकि फिर मम्मी को भी लगेगा के वो अभी काफी जवान है और ये ही ठीक रहेगा। फिर ये सुनकर मम्मी बोली के ठीक है। फिर मैं उठकर बैठ गया और मोना यानी मेरी नई साली की कमर में हाथ डालकर अपने से चिपका लिया। ये देखकर मम्मी हंसने लगी। फिर मैंने मम्मी को भी कमर से पकड़कर अपने साथ चिपका लिया। फिर मैं उन दोनों से बोला के तुम दोनों बहनें बहुत मस्त हो। ये सुनकर वो दोनो हंसने लगी।

 

 

 

 

 

 

फिर मोना मेरी छाती पर हाथ फेरती हुई बोली के ऐसे जीजाजी की साली बनना कौन लड़की पसंद नहीं करेगी। ये सुनकर हम तीनों हंसने लगे। फिर मैं उन दोनों की गाँड सहलाने लगा। तब मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो चुका था। फिर मैं मोना से बोला के मेरा लण्ड तुम्हारी बहन की चुत में जाने के लिए फिर से खड़ा हो चुका है। फिर वो दोनो मेरे लण्ड की तरफ देखकर हंसने लगी। फिर मोना बोली के मेरी बहन हैं ही इतनी मस्त के किसी का भी लण्ड खड़ा हो जाये। अब मोना हमसे खुलकर बात करने लगी थी। फिर मैं उन दोनों को देखकर बोला के मुझे इतनी मस्त बीवी के साथ इतनी सेक्सी साली मिल रही है। मुझे और क्या चाहिए। फिर मम्मी ने मुझसे कहा के तुम्हारे पापा का क्या करेंगे। फिर मैंने कहा के वो आज से तुम दोनों के पापा और मेरे ससुर है। ये सुनकर मम्मी और मोना हंसने लगी। फिर मम्मी बोली के वाह ये नए रिश्ते तो बहुत अच्छे है। मुझे फिर से अपनी जिंदगी शुरू करने का मौका मिलेगा। जिसमे सब कुछ मेरी पसंद का होगा। फिर मैंने कहा के हां और अबसे हम एक दूसरे के साथ इन्ही नए रिश्तों के हिसाब से रहेंगे और दुनिया के लिए जैसा है वैसा ही चलता रहेगा। फिर मोना और मम्मी बोली के हां सही कहा।

 

 

 

 

 

 

फिर मोना मम्मी को अपनी फोटो दिखाने लगी जो कि आज सुबह मैने खींची थी उसकी। वो फ़ोटो देखकर मम्मी उससे बोली के तुम तो इसमें बिल्कुल हीरोइन लग रही हो। फिर हमने मम्मी को आते टाइम जो बस पर बैठकर किया वो भी बताया। ये सुनकर तो मम्मी बिल्कुल हैरान रह गई और बोली के मुझे भी ऐसे करने में बहुत मजा आता है। फिर मैं मम्मी से बोला के हमारी शादी के बाद देखना मैं तुम्हे कैसे कैसे मजे करवाता हूँ। ये सुनकर मम्मी मेरे गले लग गई। फिर मोना घोड़ी बनकर बेड से उतरने लगी तो तब मोना की गाँड मेरे सामने थी तो मैने उसकी गाँड पर एक थप्पड़ लगाते हुए पूछा के कहाँ जा रही हो तो फिर उसने कहा के पेशाब करने। फिर मम्मी मुझसे बोली के चलो हम भी चलते है। फिर हम तीनों पेशाब करने जाते है। पापा तो तब सोए हुए थे। फिर मम्मी और मोना तो आंगन में ही एक कोने में बैठकर पेशाब करने लगती है और फिर मैं भी उनके पास खड़ा होकर पेशाब कर लेता हूँ। पेशाब करने के बाद मम्मी ने मुझसे पूछा के तुम दोनों आये थे तब गांव के बस स्टैंड से घर तक नंगे होकर ही आये थे। फिर मैं बोला के नही मैं तो घर के गेट पर आकर नंगा हुआ था और मोना घर से थोड़ी दूर ही हो गई थी। फिर मैंने कहा के तुम्हे बाहर घुमाकर लाऊं। फिर मम्मी बोली के इस टाइम। फिर मैं बोला के हां।

 

 

 

 

 

फिर मम्मी मुस्कुराने लगी पर बोली कुछ नहीं। फिर मैं मम्मी का हाथ पकड़ कर घर का मैन गेट खोला और फिर मैं और मम्मी एकदम नंगे घर से बाहर आ गए। मोना गेट पर ही खड़े होकर हमें देखने लगी। तब आधी रात का टाइम था। सब सोए हुए थे। हमारे घर के बिल्कुल पास किसी का घर नहीं है। हमारे घर के आसपास खाली जगह पड़ी है और थोड़ी दूर जाने पर ही बाकी लोगो के घर शुरू होते है। फिर मैं मम्मी को लेकर घर से थोड़ी दूर आ गया और फिर मम्मी के बदन को सहलाने लगा। फिर हम चलकर एक घर के आगे चले गए। फिर वहां जाकर मैं मम्मी से लण्ड चुसवाने लगा और फिर मैंने मम्मी को घोड़ी बनाकर चुदाई शुरू कर दी। मुझे तो तब यकीन ही नहीं हो रहा था के मैं ऐसे खुलेआम मम्मी की चुदाई कर रहा हूँ। मम्मी भी खुलकर चुद रही थी। फिर मैं झड़ने वाला हुआ तो मम्मी मेरा लण्ड चुसने लगी और फिर मेरा सारा पानी पी गई। फिर मम्मी थोड़ा आगे और चली गई और मैं मम्मी के पीछे पीछे चल रहा था। मम्मी मेरे आगे आगे गाँड मटकाती हुई चल रही थी। फिर हम थोड़ी दूर और गए। मम्मी को नंगी घूमने में मजा आ रहा था। फिर थोड़ी दूर और घूमने के बाद हम वापिस घर आ गए।

 

 

 

 

 

फिर हम तीनों नंगे ही बाहर चारपाई पर लेट गए और बातें करने लगे। फिर हमें नींद आने लगी तो फिर हम कपड़े पहनकर सो गए। सुबह मम्मी जल्दी खड़ी हो गई और फिर मुझे और मोना को भी उठा दिया। फिर पापा के उठने तक वो दोनो नंगी होकर काम करती रही। फिर पापा के उठने के बाद उन्होंने कपड़े पहन लिए। फिर मम्मी ने मुझसे खेतो में चलने के लिए कहा तो फिर मैं और मम्मी घर से निकलकर खेतो की तरफ चले गए। फिर मुझे और मम्मी को लैट्रिन आने लगी तो फिर हम लैट्रिन करने लगे। फिर हम घूमते घूमते थोड़ा और आगे चले गए। फिर हम एक खेत मे घुस गए। जहां कोई नहीं था। वहाँ एक जगह पानी भरा हुआ था। फिर मेरे मन मे पानी मे मस्ती करने का विचार आया। तो फिर मैं और मम्मी नंगे होकर पानी मे चले गए और मस्ती करने लगे। फिर पानी मे ही मैं मम्मी की चुदाई करने लगा। मम्मी पानी मे नहाती हुई बहुत मस्त लग रही थी। फिर कुछ देर पानी मे मस्ती करने के बाद हम दोनों पानी से बाहर आ गए और फिर कपड़े पहनकर हम घर जाने लगे। फिर मैंने मोना को एक मिसकॉल दे दी। ताकि उसे पता चल जाये के हम आ रहे है। मम्मी को पानी मे नहाकर काफी मजा आया था।

 

 

 

 

मम्मी को अब ऐसे मजे करने का चस्का लग चुका था। मम्मी का बस चले तो वो अब सारा दिन नंगी रहे और चुदवाती रहे और मौका मिलने पर मम्मी ऐसा करती भी थी। हमें घर से गये हुए 3-4 घंटे हो गए थे। फिर जब हम घर पहुंचे तो देखा के पापा जा चुके थे और मोना नंगी चारपाई पर लेटी थी। हम भीगे हुए थे और हमारे कपड़े भी खराब हो गए थे। फिर हमें ऐसे देखकर मोना ने हमसे पूछा तो हमने उसे सब बताया। फिर ये सुनकर वो खुश होकर बोली के मुझे भी ऐसे पानी मे मस्ती करनी है। फिर मम्मी बोली के हमारे साथ चलना किसी दिन। फिर हम तीनों नहाने के लिए एक साथ बाथरूम में घुस गए। हमारा बाथरूम कुछ ज्यादा बड़ा नहीं है। जिस कारण हम एक दुसरे के काफी पास पास खड़े होकर नहा रहे थे। हम तीनों एक दूसरे के बदन पर साबुन लगा रहे थे। मम्मी के सामने ही मैं मोना के बदन को सहला रहा था। फिर मोना जानबूझकर मेरे आगे खड़ी हो गई और फिर वो मम्मी के बदन पर साबुन लगाने लगी। संयोग से तब मम्मी का मुंह दूसरी तरफ था और हमारी तरफ पीठ थी। फिर इस बात का फायदा उठाकर मैं मोना की गर्दन पर किस करने लगा और उसकी कमर को पकड़कर खड़ा हो गया। साथ मे मोना की गाँड की दरार में मैं लण्ड रगड़ने लगा। फिर मैं जाकर मम्मी के पीछे खड़ा हो गया और मम्मी के बदन को सहलाने लगा। जिससे कि मम्मी गर्म हो गई।

 

 

 

 

 

 

मोना अब मेरी साली थी तो मम्मी के सामने अब मैं मोना के ज्यादा ही मजे लेता था और मम्मी भी हमे कुछ नहीं कहती थी। मैं उनसे कहता तुम दोनों बहनों को एक साथ चोदने पर मजा ही आ जायेगा। फिर मोना ने कहा तुम पहले मम्मी की ही चुदाई कर लो। फिर मम्मी के सामने ही मैं मोना की चुत सहलाने लगा और मोना से कहा के क्यों तुम्हारी चुत लण्ड नहीं मांगती क्या। फिर मोना ने कहा के लण्ड तो बहुत मांगती है पर एक बार जब तुम मेरी चुत में लण्ड डाल लोगे तो फिर मेरी बहन को भूल जाओगे। मोना कि ये बात सुनकर हम सब जोर से हँसने लगे। इतना ही नहीं मोना ने कई बार मम्मी के सामने मेरी लण्ड भी पकड़ लिया था। पर फिर भी मम्मी ने कुछ नहीं कहा। जब मैं मम्मी को घोड़ी बनाकर चोदता तो फिर मोना भी मम्मी के साथ घोड़ी बन जाती और फिर मैं पीछे से उसकी चुत में उंगली डालकर उसे भी खुश कर देता और कभी कभी तो लण्ड भी डाल देता। जिसका पता मम्मी को नहीं चलता था।

 

 

 

 

 

फिर जब हम तीनों नहाकर बाहर निकले तो मम्मी और मोना की चुत से पानी टपक रहा था और मेरा लण्ड भी गीला हो चुका था। फिर मम्मी ने मोना को चारपाई पर लेटाया और फिर वो मोना की चुत चुसने लगी। फिर मैं भी पीछे से मम्मी की चुत चाटने लगा। फिर मैं मम्मी की चुत मारने लगा। फिर मोना झड़ गई और मम्मी भी घोड़ी बनकर थक चुकी थी तो फिर वो मोना की साइड में जाकर लेट गई। तब मैं झड़ने वाला ही था तो फिर मैं उन दोनों के सामने खड़ा होकर लण्ड हिलाने लगा। वो दोनो मुझे ही देख रही थी। फिर मैं झड़ने लगा तो मेरे लण्ड से पिचकारियां निकलने लगी। जिससे कि मेरा पानी जाकर उन दोनों पर गिरने लगा। मेरे लण्ड से पिचकारी निकलते देख वो दोनो काफी खुश हुई और फिर वो दोनो ही रंडियों की तरफ मेरे पानी को चाटने लगी। फिर मैं पूरा झड़ गया तो फिर वो दोनो एक दुसरे के बदन पर लगा पानी चाटने लगी। फिर मम्मी मेरे लण्ड को मुंह मे लेकर चाटने लगी और लण्ड पूरा साफ कर दिया। फिर मोना मेरे लण्ड को ध्यान से देखने लगी और मेरे लण्ड की आसपास की जगह को सहलाने लगी। तब मम्मी भी वहीं बैठी थी। फिर मम्मी बोली के भूख लग गई है चलो खाना खाते है। फिर मम्मी तो उठकर चूल्हे के पास चली गई और मैं और मोना चारपाई पर लेट गए।

 

 

 

 

 

फिर मैं और मोना एक दुसरे से मस्ती करने लगे। वो मुझे छेड़ रही थी तो फिर मैं उठकर बैठ गया और फिर उसके दोनों हाथों को पकड़कर पीछे की तरफ कर दिए और फिर उसके एक निप्पल को पकड़कर जोर से दबाया तो वो दर्द से चीखने लगी। फिर मम्मी ने हमें खाने के लिए बुलाया तो फिर मैंने मोना को छोड़ दिया तो फिर वो एक हाथ से अपने बोबे को सहलाने लगी। फिर हम तीनो चूल्हे के पास बैठकर खाना खाने लगे। फिर खाना खाने के बाद हम तीनों कमरे के अंदर बेड पर आकर लेट गए। तब घर पर हम तीनों ही थे। फिर हम ऐसे ही बातें करने लगे। अब हम तीनों एक दुसरे से कुछ भी बात कर सकते थे। मोना भी अब खुलकर बात करने लगी थी। काफी देर बातें करने के बाद भी हमारा मन नहीं लग रहा था। अब हम तीनों को कुछ नया करने और अलग करने की लत लग चुकी थी। अब चुदाई से ज्यादा हमें कुछ नया करने में मजा आने लगा था। फिर मैंने अपने फोन में पोर्न वीडियो चालू कर दी। फिर मम्मी ने मुझसे पूछा के नई वीडियो है क्या। फिर मैंने कहा के हां। फिर मम्मी और मोना भी देखने लगी। मुझे तो तब बिल्कुल यकीन नहीं हो रहा था के मैं अपनी बहन और मम्मी के साथ पोर्न वीडियो देख रहा हूँ।

 

 

 

 

 

उस वीडियो में एक लड़का दो लड़कियों के साथ मजे कर रहा था। वो वीडियो करीब एक घंटे की थी। फिर वो वीडियो देखकर हम तीनों काफी गर्म हो चुके थे। मम्मी मेरा लण्ड सहलाने लगी थी। फिर मैंने मोना का हाथ पकड़ कर भी अपने लण्ड पर रख दिया तो फिर वो भी मेरा लण्ड सहलाने लगी। अब दोनो मां बेटी मिलकर मेरा लण्ड सहला रही थी। फिर मम्मी उठकर मेरे ऊपर आ गई और फिर मोना ने मेरा लण्ड सीधा खड़ा कर दिया तो फिर मम्मी ने मेरा लण्ड अपनी चुत में ले लिया और उपर नीचे होने लगी। मोना ये देखकर अपनी चुत में उंगली करने लगी। फिर मोना भी मेरे ऊपर आ गई और मम्मी की तरफ मुंह करके बैठ गई। तब मोना की गाँड मेरी तरफ थी तो फिर मैं मोना की गाँड चाटने लगा। मोना और मम्मी एक दुसरे से किस करने लगी और एक दुसरे के बोबो को चुसने लगी।  वो दोनो अब अच्छे से जानती थी के मजे कैसे करने है। वो दोनो अब किसी रंडी से कम नहीं थी।

 

 

 

 

फिर कई देर तक ऐसे ही मस्ती करने के बाद मैंने उन दोनो को अपने ऊपर से उतारा और फिर मैं घुटनो के बल खड़ा हो गया तो फिर वो दोनो मेरे बदन को चूमने लगी। तब मम्मी और मोना दोनो पूरी गर्म हो चुकी थी और उनका मुंह का रंग लाल हो चुका था। फिर मोना मेरा लण्ड पकड़कर सहलाने लगी और मैं मम्मी से लिप किस करने लगा। मैं भी तब काफी गर्म हो चुका था। फिर मैंने मोना के सिर को बालों से पकड़ा और फिर उसे मेरे लण्ड के पास ले गया। फिर वो खुद ही मेरा लण्ड मुंह मे लेकर चुसने लगी। मोना को लण्ड चूसते देख मैं और मम्मी एक दुसरे की तरफ देखने लगे और फिर से लिप किस करने लगे। फिर मम्मी मेरे सामने आकर घोड़ी बन गई तो फिर मोना ने अपने मुंह से लण्ड बाहर निकाला और फिर अपने हाथ से मेरा लण्ड मम्मी की चुत में डाल।दिया। फिर वो खुद जाकर मम्मी के आगे लेट गई तो फिर मम्मी उसकी चुत चुसने लगी। फिर हम तीनों एक साथ झड़े और हमे काफी मजा आया। हम तीनों एक दुसरे की तरफ देखकर मुस्कुराने लगे।

 

 

 

 

उस दिन के बाद से मोना को मेरा लण्ड सहलाने और चुसने की खुली छूट मिल गई थी। फिर हम तीनों एक दूसरे से चिपक कर लेट गए और फिर हमें नींद आ गई। फिर हम दोपहर बाद उठे और फिर मोना चाय बनाकर लेकर आई। चाय पीने के बाद मोना तो दुसरे कमरे में जाकर पढ़ने लग गई। क्योंकि उसके एग्जाम थे। फिर मैं और मम्मी एक दूसरे से चिपक कर लेट गए और बातें करने लगे। फिर कुछ देर बाद जब मैं पेशाब करने गया तो मैंने देखा के मोना नंगी बैठकर पढ़ रही थी। उसे देखकर मैं देखता ही रह गया। वो तब काफी सेक्सी लग रही थी। फिर पेशाब करके आकर मैं फिर से मम्मी के पास लेट गया। मैं और मम्मी अब आपस मे इतनी गन्दी बातें करने लगे थे के अगर कोई हमारी बातें सुन ले तो वो तो शर्म से ही मर जाये। मम्मी तो अब रंडी से भी गई गुजरी हरकते करने लगी थी। वो चुदाई के लिए हमेशा तैयार रहती थी। मम्मी को माहवारी भी एकदम नॉर्मल आती थी। यानी के वो बच्चा पैदा कर सकती थी। माहवारी में भी हम चुदाई कर लेते थे। तब मेरे लण्ड पर खून लगा होता तो तब मैं ऐसे सोचता जैसे के मैंने मम्मी की सील तोड़ी है। ये सोचकर मैं बहुत गर्म हो जाता।

 

 

 

 

मम्मी भी काफी रंगीन बाज़ औरत थी। वो हर दम मेकअप करके रखती। चाहे दिन हो या रात। वो हर दम सजी संवरी रहती। कोई मर्द अगर मम्मी को ऐसे देख ले तो वो तभी मम्मी पर चढ़ जाए। ऊपर से मम्मी बिल्कुल नंगी रहती थी तो मम्मी को देखकर किसी का भी दिमाग खराब हो जाये। अगर हर मर्द को मम्मी जैसी ही मस्त औरत मिले तो उसका जीवन धन्य हो जाये। मम्मी और मोना जब पापा घर पर होते बस तभी कपड़े पहनती। बाकी पूरा दिन वो दोनो बिल्कुल नंगी रहती। मोना तो अपने कमरे में पढ़ रही थी लेकिन मैं और मम्मी बोर हो रहे थे। अब चुदाई कर करके भी थक चुके थे। हमारे समझ मे नहीं आ रहा था के हम क्या करें। हम दोनों बस बेड पर पड़े पड़े बातें कर रहे थे। मैं मम्मी को अब हर तरीके से चोद चुका था। लेकिन जब भी मुझे पोर्न वीडियो में कोई नया तरीका मिलता तो मैं उस तरीके से भी मम्मी की चुदाई कर लेता। मम्मी को भी चुदाई में नयापन काफी पसंद आता था।

 

 

 

 

फिर शाम हो गई तो फिर हम आंगन में चारपाई पर बैठकर बातें करने लगे। फिर मोना नंगी ही खाना बनाने लगी। फिर इतने में घर का मैन गेट किसी ने खटखटाया तो हम समझ गए के पापा आये है। फिर मम्मी उठकर अंदर चली गई और मैं अंडरवियर पहनकर गेट खोलने चला गया। फिर गेट खोला तो पापा अंदर आकर चारपाई पर बैठ गए। तब मोना चूल्हे के पास बिल्कुल नंगी ही बैठी थी। चूल्हे के पास दीवार बनी थी जिस कारण आंगन से चूल्हे के पास बैठे लोग दिखाई नहीं दे सकते थे। फिर पापा पेशाब करने चले गए तो तब मोना चूल्हे के पास से खड़ी होकर अपने कमरे में गई और फिर कपड़े पहनकर वापिस आकर फिर से खाना बनाने लगी। फिर इतने में मम्मी भी बाहर आ गई। फिर पापा पेशाब करके वापिस आये तो फिर हम सब बातें करने लगे। फिर थोड़ी शाम और होते ही पापा नहाकर दारू पीने बैठ गए।

 

 

 

 

 

उन्हें नशा हो चुका था तो फिर मम्मी नहाकर आकर उनके पास नंगी ही बैठ गई। पर पापा तो अपने आप मे ही मस्त थे। उधर मैं और मोना साथ मे ही बाथरूम में घुस गए और फिर नहाकर हम भी बिल्कुल नंगे बाहर आये। फिर मैं तो जाकर मम्मी के पास बैठ गया और फिर मोना पापा के लिए खाना डालकर लाई। तब मोना पापा के सामने बिल्कुल नंगी थी। पर उसे जरा भी शर्म नहीं आ रही थी। फिर पापा ने जैसे तैसे खाना खाया और सो गए। फिर हम तीनों ने भी खाना खाया। खाना खाकर हम तीनों आकर अपनी अपनी चारपाई पर लेट गए। फिर इतने में लाइट चली गई। कूलर बन्द हो गया तो फिर पापा के खर्राटे साफ सुनाई देने लगे। फिर बातें करते करते मोना को भी नींद आ गई। फिर मम्मी उठकर मेरी चारपाई पर मेरे ऊपर आकर मेरे मुंह पर किस करने लगी। मैं भी मम्मी का साथ देने लगा। फिर मम्मी मेरी छाती चूमने लगी और फिर मेरे ऊपर ही लेट गयी।

 

 

 

 

 

तब मेरा लण्ड खड़ा हो चुका था तो फिर मैंने लण्ड मम्मी की चुत में डाल दिया और फिर हम बातें करते रहे। हम गन्दी गन्दी बातें कर रहे थे और उधर मेरा लण्ड मम्मी की चुत में था। हमें ऐसे काफी मजा आ रहा था। हम दोनों तब गर्म हो चुके थे। फिर मम्मी मुझसे बोली के मैं एक दिन तेरे पापा के सामने तुझसे चुदवाउंगी। इस भड़वे के कारण मैंने अपनी काफी जिंन्दगी और जवानी खराब कर दी। मम्मी के मुंह से ये सुनकर मैं और ज्यादा गर्म हो गया। फिर मैंने मम्मी को पापा की चारपाई पर जाकर पापा के ऊपर घोड़ी बनने के लिए कहा तो फिर मम्मी ने वैसा ही किया। फिर मैं पीछे से जाकर मम्मी की चुदाई करने लगा। फिर चूदते हुए मम्मी पापा से कहने लगी के देख तेरी बीवी तेरे बेटे से चुद रही है। फिर मम्मी ने मुझे लण्ड और अंदर तक डालने के लिए कहा। फिर मैंने जितना हो सकता था उतना लण्ड अंदर तक डाल दिया। फिर मम्मी ऐसे ही बड़बड़ाने लगी। हालांकि पापा तो गहरी नींद में थे तो उन्हें क्या पता चलने वाला था। फिर मैं जब झड़ने वाला हुआ तो मैंने पूरा पानी अंदर डाल दिया। जब मम्मी ने मेरा गर्म पानी अपनी चुत में महसूस किया तो उन्हें काफी मजा आया।

 

 

 

 

 

फिर चुदाई के बाद मम्मी आकर मुझसे गले लग गई और फिर मैं मम्मी के बदन को सहलाने लगा। तब हम दोनों ही हांफ रहे थे और पसीने से भीग चुके थे। फिर इतने में लाइट आ गई तो फिर हम सोने लगे। मोना तब नंगी ही सोई थी तो फिर मैंने मम्मी से कहा के उसे नंगी ही सोई रहने दें। हम सुबह जल्दी ही उठ जाते है और तेरे पापा बाद में उठते है तो वो सुबह कपड़े पहन लेगी। फिर उस रात हम तीनों नंगे ही सोए। फिर सुबह मुझे जल्दी जाग आ गई तो मैं पेशाब करके आकर फिर से सो गया। लेकिन मुझे नींद नहीं आई दोबारा। फिर थोड़ी देर बाद दिन निकल गया तो मैंने देखा के मम्मी और मोना बिल्कुल नंगी सोई हुई बहुत सेक्सी लग रही थी। फिर थोड़ी देर बाद मम्मी उठ गई और मम्मी ने अंगड़ाई ली। फिर मम्मी ने मोना को भी उठाया। मोना उठी तब मोना को पता चला के वो रात को नंगी ही सो गई थी। फिर हम तीनों साथ ही पेशाब करने गए। फिर आकर मोना ने चाय बनाई और फिर हम सब चाय पीने लगे। चाय पीने ले बाद मोना तो आंगन में झाड़ू लगाने लगी और मम्मी सब बिस्तर अंदर रखने लगी।

 

 

 

 

 

उस दिन सन्डे था तो पापा को काम करने नहीं जाना था तो फिर हमने पापा को उठाया ही नहीं। दिन काफी निकल चुका था और मम्मी और मोना अभी तक नंगी ही घूम रही थी। फिर मैं और मम्मी तो घूमने के लिए खेतो में जाने लगे और जाने से पहले मम्मी ने मोना को पापा को उठाने के लिए कहा। मोना तब नंगी ही थी। मोना की आंखों में मुझे खुशी साफ दिखाई दे रही थी। क्योंकि वो हमारे पीछे से पापा से खूब चुदवाने वाली थी। फिर मैं और मम्मी तो खेतो की तरफ चले गये। आज हम खेतो के बीच मे से होकर जा रहे थे। मैं तब मम्मी के पीछे पीछे चल रहा था और मम्मी के भरे पूरे बदन को देख रहा था। फिर मैं मम्मी की गाँड को दबाने के लिए जैसे ही मम्मी के नजदीक गया तो देखा के एक खेत में दो आदमी बैठे थे। खेतो में फसल बड़ी बड़ी थी इसलिए वो हमें दिखाई नही दिए। उन्हें देखकर मम्मी ने अपना चेहरा ढक लिया और फिर हम उनके पास से गुजरकर आगे बढ़ गए। वो दोनो खेत मे पानी लगा रहे थे और सिर्फ अंडरवियर में ही थे। फिर उन्हें देखकर मेरे दिमाग मे ऐसे ही विचार आने लगे। जैसे कि उन्होंने मम्मी को पकड़ कर नंगी कर ली और फिर चोदने लगे। उनके साथ मैं भी मम्मी की चुदाई कर रहा हूँ। ये सोचकर मेरा लण्ड खड़ा होने लगा। फिर कुछ दूर चलने के बाद मैं और मम्मी एक जगह बैठ गए। आसपास बड़ी बड़ी फसल खड़ी थी तो हमे कोई नहीं देख सकता था।

 

 

 

 

 

 

फिर हम बातें करने लगे। फिर मम्मी ने मुझसे पूछा के एक औरत कितने लोगों से एक साथ चुद सकती है। फिर मैं बोला के ये तो उस औरत पर निर्भर करता है। अगर वो औरत तुम जैसी हो तो वो कितने भी मर्दो से चुद सकती है और अगर मोना जैसी हुई तो वो मुश्किल से 2-3 लोगो से ही चुदवा सकेगी। ये सुनकर मम्मी हंसने लगी। फिर मैंने मम्मी से पूछा के एक आदमी कितनी औरतो को एक साथ चोद सकता है। तब मैंने अपना लण्ड बाहर निकाल रखा था और सहला रहा था। फिर मम्मी मेरी तरफ देखकर हँसकर बोली के औरों का पता नहीं पर तु मुझे और मोना को पूरे दिन और रात चोद सकता है। ये सुनकर हम हंसने लगे। फिर मैंने मम्मी से कहा के उन आदमियों को देखकर तुम्हारे मन मे उनसे चुदवाने का विचार आया था क्या। फिर मम्मी ने कहा के हां। फिर मम्मी में मुझसे पूछा के क्या तेरे मन मे भी यही विचार आया था। फिर मैं मुस्कुराकर बोला के हां। फिर मम्मी बोली के तब तो हमारे विचार काफी मिलने लगे है।

 

 

 

 

 

फिर मम्मी मुझसे कहने लगी के हमारी शादी के बाद मैं तुम्हारे बच्चे की मां बन जाऊं फिर तू चाहे मुझे कितने ही मर्दो से चुदवाना मैं कुछ नहीं कहूँगी। फिर मैं मम्मी से बोला के सीधे सीधे कहो ना तुम्हारा ग्रुप चुदाई का मन कर रहा है। फिर ये सुनकर मम्मी बोली के हां बहुत कर रहा है। पर हमारी शादी के बाद ही करेंगे सब। फिर हम दोनों नंगे होकर बैठ गए और एक दुसरे के बदन को सहलाने लगे। फिर हम खड़े होकर घूमने लगे। हम जिस खेत मे थे उस खेत के पास से एक रास्ता जाता था और वहां से लोग आने जाने लगे थे। फिर मैं मम्मी को लेकर उस रास्ते के पास चला गया। फसल बड़ी होने के कारण हमारी सिर्फ गर्दन ही दिखाई दे रही थी। फिर हम कुछ देर ऐसे ही घूमते रहे। मेरा लण्ड पूरा खड़ा हो चुका था। फिर मैंने मम्मी को झुकाकर खड़ा किया और फिर पीछे से मम्मी की चुदाई करने लगा। हमने पहले एक जगह चुदाई की और फिर दूसरी जगह चले गए। इस तरफ हम पूरे खेत मे घूम घूम कर चुदाई कर रहे थे। फिर मैंने मम्मी को अपनी गोद मे उठा लिया और मम्मी ने अपने दोनो पैर मेरी कमर के चारो तरफ डाल लिए और अपने हाथों से मेरी गर्दन को पकड़ लिया। फिर मैंने नीचे से मम्मी की चुत में लण्ड डाला और फिर मम्मी की चुदाई करने लगा।

 

 

 

 

 

फिर मम्मी को ऐसे ही उठाये उठाये मैं मम्मी की चुदाई कर रहा था। अगर रास्ते पर जाने वाले हमें देख लेते तो उन्हें साफ पता चल जाता के हम चुदाई कर रहे है। फिर हम और ज्यादा रास्ते के पास चले गए। फिर कुछ देर तो मैंने मम्मी को उठाये रखा और फिर मैंने मम्मी को नीचे उतार दिया और फिर मम्मी घोड़ी बन गई तो मैं पीछे से करने लगा। उधर रास्ते पर लोग आ जा रहे थे और इधर मैं मम्मी की चुत मार रहा था। फिर मैं झड़ने वाला हुआ तो फिर मम्मी मेरा लण्ड चुसने लगी और मम्मी मेरा सारा पानी पी गई। चुदाई के बाद फिर हम अपनी पहले वाली जगह पर आ गए। फिर हमने कपड़े पहन लिए और फिर आगे जाने लगे। हमे खेत मे घूमते घूमते 3-4 घंटे हो चुके थे। आज मैं चाहता था के मोना अच्छे से पापा से चुदवाये। इस कारण मैं मम्मी को लेकर खेतो में घूमता रहा। फिर हम थक गए और हमे भूख भी लग गई थी तो फिर हम वापिस आने लगे। फिर मैंने मोना को मिस कॉल कर दी। फिर जब कुछ देर बाद हम घर पहुंचे तो देखा के मोना नंगी ही खाना बना रही तो और पापा घर पर नहीं दिख रहे थे। फिर मोना में बताया के पापा को काम आ गया था तो वो चले गए। फिर मोना ने खाना बना लिया तो फिर हम तीनों एक साथ गई नहाने चले गए। फिर नहाने के बाद हमने खाना खाया और फिर हम फिर बेड पर आकर लेट गए। मोना दुसरे कमरे में पढ़ने चली गई।

 

 

 

 

 

 

फिर मम्मी को तो सोते ही नींद आ गई और मैं कुछ देर ऐसे ही फोन में टाइमपास करता रहा। फिर मैं उठकर मोना के कमरे में जाकर मोना के साथ लेट गया। मोना तब पढ़ रही थी तो फिर उसने किताब साइड में रख दी और फिर वो भी मेरे साथ लेट गई। फिर मैंने उससे पूछा के उसने आज पापा से कितनी बार चुदवाया। तो ये सुनकर वो मुस्कुराकर बोली के आज तो बहुत बार किया। तुम लोगो के जाने के बाद मैंने पापा को जगाया तो फिर वो मुझे नंगी देखते ही रह गए। फिर मैंने उन्हें सब कुछ बताया तो फिर वो भी नंगे हो गए। फिर बिस्तर पर ही हम चुदाई करने लगे। चुदाई करने के बाद ही उन्होंने चाय पी। फिर हम दोनों साथ ही टॉयलेट में गए। टॉयलेट में बैठे वो मेरी चुत सहलाने लगे और मुझे पूरी गर्म कर दिया। फिर वो टॉयलेट में ही मेरी चुदाई करने लगे। फिर टॉयलेट से आने के बाद मैंने उनका लण्ड चूसकर फिर से खड़ा कर दिया तो फिर हम अंदर कमरे में चले गए। फिर उन्होंने बेड पर मुझे काफी देर तक चोदा। फिर उन्हें काम पर जाने का कॉल आ गया तो फिर वो नहाने चले गए। फिर मैं भी उनके साथ नहाने चली गई और फिर हम दोनों ने एक दुसरे के बदन को खूब रगड़ा। जिस कारण हम गर्म हो गए तो फिर बाथरूम से आने के बाद मैं आंगन में ही घोड़ी बन गई और वो मेरी चुदाई करने लगे। फिर कुछ देर की चुदाई के बाद उन्होंने अपना लण्ड बाहर निकाल लिया और फिर मैं खाना बनाने लगी।

 

 

 

 

 

 

फिर खाना खाने के बाद जाने से पहले उन्होंने जोरदार तरीके से मेरी एक बार और चुदाई की। मोना की बातें सुनकर मेरा लण्ड खड़ा हो चुका था। मोना भी अपनी चुत सहला रहा थी। फिर मैं उठकर मम्मी को देखकर आया तो वो तो सो रही थी। फिर मैं मोना की चुदाई करने लगा। चुदाई के बाद मैंने अपने पानी से मोना की गाँड भर दी। फिर हम सीधे होकर लेट गए। फिर मोना मेरी तरफ करवट लेकर लेट गई और साथ मे वो मेरे लण्ड को सहलाने लगी। तभी अचानक मम्मी उठकर आ गई और फिर वो हमें देखकर पेशाब करने चली गई। मम्मी के आने पर भी मोना ने अपना हाथ मेरे लण्ड से नहीं हटाया। फिर पेशाब करके आने के बाद मम्मी हमारे पास आकर बैठ गई। मैं और मोना भी उठकर बैठ गए। फिर हम बातें करने लगे। फिर मम्मी मोना को हमने सुबह आज जो खेत मे चुदाई की उसके बारे में बताने लगी। मैं तब उन दोनों के बीच मे बैठा अपना लण्ड सहला रहा था। फिर मम्मी मोना से कहने लगी के आज जब हम खेतो में घूम रहे थे तब वहां दो आदमी बैठे थे। तब मेरा तो उनसे चुदवाने का मन हुआ। फिर ये सुनकर मोना हँसकर बोली के मम्मी पहले अपनी पीछे की सील तुड़वालो। फिर और किसी से करना। वरना वो लण्ड कहाँ कहाँ डालेंगे तुम्हे पता भी नहीं चलेगा। वो दोनो मां बेटी तब पूरी तरह खुलकर बातें कर रही थी। फिर मम्मी बोली के हां तभी तो मैंने ये शादी के बाद के लिए छोड़ दिया।

 

 

 

 

 

 

तब दोपहर का टाइम हो चुका था। फिर मोना पढ़ रही थी तो फिर मम्मी हमारे लिए चाय बनाकर लाई। चाय पीने के बाद हमने थोड़ी बहुत बातें और कि और फिर मैं और मम्मी दुसरे कमरे में चले गए। मोना फिर से पढ़ने लगी। फिर मैं और मम्मी बेड पर लेटकर गन्दी गन्दी बातें करने लगे। मम्मी मुझसे शादी करके बच्चा पैदा करने के लिए मरी जा रही थी। मम्मी ने तो अब पोर्नस्टार और रंडी को भी पीछे छोड़ दिया था। क्योंकि वो भी ब्रेक लेती है। पर मम्मी तो बिना ब्रेक के ही सारा दिन लगी रहती। फिर मैंने मम्मी से कहा के तुम मोना के सामने मुझसे चुदवाती हो तो उसका भी लण्ड लेने का मन करता होगा। फिर ये सुनकर मम्मी बोली के वो भी अब जवान हो चुकी है। वैसे भी वो अब तुम्हारी साली है तो संभालो उसकी जवानी को। वैसे भी वो तुम्हारा लण्ड तो चूस ही चुकी है। तो मजे लो अपनी साली के। वैसे भी जब मैं प्रेग्नेंट हो जाऊंगी तो वो तुम्हे काम देगी। मम्मी की ये बातें सुनकर मेरा तो दिमाग खराब हो गया। फिर मैं मम्मी की चुदाई करने लगा। फिर मैं मम्मी की चुत में ही झड़ गया। फिर शाम हो गई तो मोना हमारे कमरे में आई। फिर मैं मम्मी को गर्भनिरोधक टेबलेट देने लगा तो मम्मी लेने से मना करने लगी और छोटी बच्ची की तरह जिद करने लगी। फिर मम्मी ने किसी तरह टेबलेट ले ली। फिर मम्मी मुझसे बोली के मुझे अब बच्चा चाहिए मैं अब और गोली नहीं लुंगी। फिर ये बोलकर मम्मी पेशाब करने चली गई। फिर मैं मोना को टेबलेट देने लगा तो मोना ने कहा के पापा ने कंडोम लगाकर किया था तो मुझे टेबलेट की जरूरत नहीं है।

 

 

 

 

 

फिर मैं मोना को बाहों में लेकर मोना से मस्ती करने लगा। फिर मैं मोना की चुत चुसने लगा। इतने में मम्मी आ गई। लेकिन फिर भी मैं मोना की चुत चूसता रहा और मम्मी हमे देखने लगी। फिर कुछ देर बाद मोना झड़ गई। मेरा लण्ड भी तनकर पूरा खड़ा हो चुका था। फिर मैं अपने लण्ड को सहलाने लगा। फिर मोना और मम्मी को लगा के जैसे मैं मोना की चुदाई करने वाला हूँ। लेकिन तब मेरा चुदाई का कोई मूड नहीं था। फिर मैं बेड पर लेट गया तो फिर मोना मेरा लण्ड सहलाने लगी। फिर मोना ने मम्मी से कहा के मेरे लिए इस जैसा लड़का ढूंढना। फिर मैं मोना से बोला के मैं तेरे लिए काफी नहीं हूँ। फिर मम्मी बोली के मैं तो कोई लड़का नहीं ढूंढूंगी। तुम दोनों जानो तुम्हे क्या करना है। फिर मैं मोना से लिप किस करने लगा और मम्मी मेरा लण्ड चुसने लगी। फिर मैंने मोना के सिर को पकड़कर मेरे लण्ड की तरफ कर दिया तो फिर बारी बारी से वो दोनो मेरा लंड चुसने लगी। फिर वो दोनो एक साथ मेरा लण्ड चुसने लगी। ये नजारा देखकर मैं तो देखता ही रह गया। फिर मेरे लण्ड से पानी निकलने लगा तो फिर वो दोनो लण्ड के पानी को चाटने लगी। फिर झड़ने के बाद उन्होंने मेरे लण्ड को चाटकर साफ कर दिया। फिर वो दोनो एक दुसरे से किस करने लगी। वो दोनो एक दूसरे के बदन को सहलाने लगी और गर्दन पर किस करने लगी। मम्मी मोना की गाँड की दरार में हाथ फेरने लगी और मोना भी मम्मी के बोबो को चुसने लगी। फिर मैं जाकर उनमे शामिल हो गया तो फिर वो दोनो मुझसे चिपक गई और हम तीनों एक दुसरे के बदन को सहलाने लगे।

 

 

 

 

 

फिर मैंने उन दोनों को घोड़ी बनाया और उनकी गाँड पर थप्पड़ मारने लगा। जब मैं थप्पड़ मारता उनकी चीख निकलती। फिर थप्पड़ मार मारकर मैंने उन दोनों की गाँड लाल कर दी। फिर हम आपस मे मस्ती मजाक करने लगे। फिर किसी तरह मैंने उन दोनों को अपनी गोद मे उठाया और उठाकर बाहर ले आया। तब शाम हो चुकी थी तो फिर हम आंगन में घूमने लगे। वो दोनो नंगी घोड़ियां आंगन में घूमती हुई बहुत सेक्सी लग रही थी। फिर थोड़ी और शाम हुई तो हम सबने कपड़े पहन लिए और फिर थोड़ी देर बाद पापा भी आ गए। फिर पापा तो हमेशा की तरह दारू पीकर टल्ली हो गए और जो मुंह मे आता वो बकने लगे। फिर मैं, मम्मी और मोना नंगे हो गए। मैं और मम्मी तो तब कमरे में लेटे थे और मोना पापा के पास थी। फिर पापा पेशाब करने गए तो उनकी लुंगी खुल गई और फिर वो गिर भी पड़े। तभी मैं और मम्मी कमरे से बाहर निकले तो देखा के पापा एक दम नंगे थे और मोना उन्हें सहारा देकर ला रही थी। फिर मोना ने हमे बताया के पापा गिर गए थे। फिर पापा सो गए तो हम तीनों उनके पास जाकर बैठ गए। फिर मम्मी पापा के लण्ड की तरफ इशारा करके कहने लगी के तुम दोनों इससे निकले हो। फिर मोना पापा वाली चारपाई पर बैठ गई और फिर हमारे सामने ही पापा के लण्ड को सहलाने लगी। ये देखकर मैं और मम्मी हंसने लगे। फिर मम्मी मेरा लण्ड पकड़कर सहलाने लगी।

 

 

 

 

 

फिर मम्मी हमे पापा से वो कैसे कैसे चुदवाती थी इसके बारे में बताने लगी। फिर मम्मी ने मुझसे कहा के तेरे पापा ने मुझे जितना अभी तक चोदा है उतना तो तूने मुझे कुछ महीनों में ही चोद दिया। फिर मम्मी की बात सुनकर हम हँसने लगे। लण्ड सहलाने के कारण पापा का लण्ड खड़ा हो गया। ये देखकर मोना हंसने लगी। फिर मम्मी पापा का लण्ड सहलाने लगी और वो साथ मे मेरा तो हिला ही रही थी। फिर मैंने मम्मी से कहा के चलो आज तुम्हारी चुत का भोसड़ा बनाते है। फिर मम्मी बोली के वो कैसे। फिर मैंने मम्मी को पापा का लण्ड चुत में लेने के लिए कहा तो फिर मम्मी वैसे ही करने लगी। फिर उधर मैंने मोना को अपने पास बुलाया और फिर उसे लण्ड चुसने का इशारा किया तो फिर वो मेरा लण्ड चुसने लगी। उधर मम्मी पापा के ऊपर चढ़कर पापा का लण्ड चुत में लेकर बैठ गई। फिर मोना के चुसने से मेरा लण्ड भी पूरा खड़ा हो चुका था तो फिर मैं मम्मी के पीछे गया और मम्मी की चुत में लण्ड डालने लगा। मम्मी की चुत में पापा का लण्ड पहले से था। वहाँ अंधेरा था तो मुझे कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। फिर मोना अंदर से टोर्च लेकर आई और फिर मैंने टोर्च की रोशनी में लण्ड को सेट किया और फिर मम्मी की चुत में घुसा दिया।

 

 

 

 

 

मम्मी पहली बार दो लण्ड ले रही थी तो मम्मी को दर्द हुआ और उनकी आंखों में आंसू आ गए। फिर मैं पीछे से लगातार मम्मी की चुदाई करता रहा। फिर मैंने लण्ड को पूरा अंदर तक डाल दिया जिससे कि मम्मी की चुत फट गई और मम्मी को बहुत तेज दर्द हुआ। लेकिन मैंने मम्मी को हिलने नहीं दिया और करता रहा। तभी मोना किचन से बैगन लाकर अपनी चुत में अंदर बाहर करने लगी। फिर कुछ देर की चुदाई के बाद मम्मी की बस हो गई तो फिर मैंने बिना झड़े ही लण्ड बाहर निकाल लिया। फिर मम्मी पापा के लण्ड से उतरकर अपनी चारपाई पर जाकर लेट गई। फिर मैंने मोना की चुत में बैगन देखा तो फिर मैंने गुस्से में मोना को सिर के बालों से पकड़ा और फिर उसे अपनी चारपाई पर ले जाकर पटक दिया और कहने लगा तेरी चुत में बहुत गर्मी है। आज बुझा देता हूँ मैं। फिर मैंने मोना के दोनो पैर अपने कंधों पर रखे और फिर मोना की चुदाई करने लगा। मम्मी हमे देख रही थी। फिर मैंने मोना को घोड़ी बना लिया और फिर उसकी गाँड मारने लगा। फिर मैं झड़ने वाला हुआ तो सारा पानी उसकी गाँड में डाल दिया। फिर मैं और मोना एक दुसरे से चिपक कर लेट गए। हम दोनों काफी हांफ रहे थे। मम्मी की चुत दर्द कर रही थी तो फिर मोना ने मम्मी की चुत की गर्म पानी से सिकाई की। तब जाकर मम्मी को आराम मिला। फिर सोने से पहले मोना ने ही पापा की लुंगी बांधी और फिर मैं और मोना उस रात एक साथ ही सोए।

 

 

 

फिर सुबह उठे तो मम्मी की चुत में आराम था पर मम्मी चुदाई के लिए मना कर रही थी। फिर उस दिन घर जब खेत मे घूमने जाने की बारी आई तो फिर मम्मी ने तो साफ मना कर दिया। फिर मोना बोली के मुझे ले चलो। कई दिन हो गए मैं घर से बाहर कहीं गई ही नहीं। फिर मम्मी बोली के आज तुम दोनों ही चले जाओ। फिर ये सुनकर मोना काफी खुश हुई। फिर मैं और मोना खेत जाने लगे। मैं और मोना रास्ते पर चल रहे थे और मोना हरे भरे खेत देखकर खुश हो रही थी। हम चलते चलते थोड़ी दूर आ चुके थे। फिर हम एक खेत मे घुस गए और फिर खेत मे घुसते ही मैंने अपने सब कपड़े निकाल दिए और नंगा हो गया। फिर मैं उस खेत मे देखने लगा के कहीं कोई और ना हो। लेकिन मुझे कोई नहीं दिखा। फिर मोना भी कपड़े खोलकर नंगी हो गई। फिर हमने अपने कपड़े एक जगह रख दिये और पूरे खेत मे नंगे ही घूमने लगे। उस खेत मे एक पानी की टंकी थी जो कि ऊपर से खुली थी। फिर मैं और मोना उस पानी मे मस्ती करने लगे। तब मैं और मोना दोनो ही गर्म चुके थे। मोना को अपनी फ़ोटो खिंचवाने का बड़ा चाव था तो फिर फोन से मैं उसकी फोटो लेने लगा। फिर मोना भी पानी मे पोज देकर अपनी फोटो खिंचवाने लगी।

 

 

 

 

 

फिर मोना पानी से बाहर आ गई और फिर एक दूसरी जगह पर खड़ी होकर पोज देने लगी और मैं फ़ोटो खींचने लगा। फिर हम दूसरी जगह जाकर फ़ोटो खींचने लगे। इस प्रकार हम पूरे खेत मे घूम घूम कर फ़ोटो खींच रहे थे। पहले तो मोना सिंपल ही पोज दे रही थी लेकिन फिर वो सेक्सी पोज देने लगी। वो कभी अपने बोबो को सहलाती हुए फ़ोटो खिंचवाती तो कभी घोड़ी बनकर अपनी चुत पर हाथ फेरते हुए। तब मोना ने ना तो मेकअप कर रखा था और ना ही ढंग के उस के बाल थे। लेकिन तब भी वो काफी सेक्सी लग रही थी। फिर फ़ोटो खींचते खींचते मेरा बुरा हाल हो चुका था तो फिर मैं मोना के पास जाकर उसकी चुदाई करने लगा। फिर मैं मोना से कहने लगा के तुम बहुत ही मस्त लड़की हो। ये सुनकर मोना मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी। फिर मैं मोना को घोड़ी बनाकर चोदने लगा और फिर अपने पानी से मोना की गाँड भर दी। तब कहीं जाकर मुझे आराम मिला। लेकिन जब हम फिर से फ़ोटो खिंचने लगे तो मोना को देखकर मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया। ये देखकर मोना हँसने लगी और फिर वो आकर मेरे गले से लग गई और बोली के भगवान ने मुझे तुम जैसा भाई दिया है मैं बहुत खुश हूं। फिर मैंने भी मोना से कहा के भगवान ने मुझे तुम जैसी सेक्सी बहन और चुदक्कड़ मम्मी दी है बस और मुझे कुछ नहीं चाहिए। फिर हम दोनों ही जोर से हंसने लगे।

 

 

 

 

हमें काफी टाइम हो गया था आये हुए। फिर घर जाने से पहले मैंने मोना की एक बार और जमकर चुदाई की। फिर कपड़े पहनकर हम वापिस आने लगे। हम रास्ते से ही वापिस आ रहे थे। फिर मोना बोली के तुम मेरी यहां भी कुछ फोटो लो ना। फिर मैं बोला के कोई आ गया तो। फिर मोना बोली के कोई आता हुआ दिखेगा तो मैं खेत में जाकर छिप जाऊंगी। फिर मैं बोला के ठीक है। फिर मोना खेत मे गई और फिर नंगी होकर आकर रास्ते पर खड़ी हो गई। फिर मैं उसकी फोटो लेने लगा। मोना ने अलग अलग पोज में कई फ़ोटो खिंचवाई और फिर वो कपड़े पहनकर आ गई। फिर मोना ने कहा के मुझे चुदाई से ज्यादा ऐसे फ़ोटो खिंचवाने में ज्यादा मजा आता है। फिर मोना बोली के मुझे मॉडल बनना है। फिर मैंने कहा के अब तो तुम्हारा जो मन करे वो बनना। ये सुनकर मोना काफी खुश हुई और फिर वो मेरे गले लग गई। तब हम गांव से थोड़ी ही दूर थे। फिर मैं मोना के बदन को सहलाकर मस्ती करने लगा और फिर मोना भी मेरे लण्ड को पेंट के ऊपर से ही सहलाने लगी। फिर हम घर पहुंच गए।

 

 

 

 

तब पापा तो जा चुके थे और मम्मी बेड पर लेटी थी। फिर मम्मी ने हमे नहाने के लिए कहा तो फिर हम मम्मी के सामने ही नंगे होकर नहाने चले गए। फिर नहाते टाइम भी हमने थोड़ी बहुत मस्ती की। फिर नहाकर मैं तो आ गया और फिर कपड़े वगैरह धोकर मोना भी आ गई। मम्मी की चुत अब वैसे तो ठीक थी पर नीचे की साइड एक चीरा लग गया था। क्योंकि पापा का लण्ड भी बड़ा ही हैं। लेकिन अब मम्मी चुदाई के लायक हो गई थी। फिर हमने खाना खाया और फिर खाना खाकर बेड पर लेट गए। फिर मैं और मोना मम्मी को मोना कि फ़ोटो दिखाने लगे। अगर कू और माँ अपनी बेटी की ऐसी नंगी पुंगी फ़ोटो देखती तो पता नहीं क्या करती। पर मम्मी तो काफी खुश हुई। मम्मी बोली के तू तो मुझसे भी ज्यादा सुंदर है। फिर मोना ने मम्मी से कहा के वो मॉडलिंग करना चाहती है। फिर मम्मी ने कहा के अब तू मेरी बेटी नहीं बल्कि मेरी बहन है और तुझे जो करना है वो कर। मैं तेरे साथ हूँ। हम अकेले होते तो मैं तो मम्मी को नाम से बुलाता था लेकिन मोना मम्मी ही कहती। लेकिन फिर वो भी मम्मी को नाम से बुलाने लगी। लेकिन जब कभी पापा के सामने हम मम्मी को गलती से नाम से बुला लेते तो फिर हम बाद में मम्मी बोल देते यानी सुमन मम्मी। जिससे कि पापा को भी ज्यादा कुछ पता नहीं चल पाता। लेकिन पापा अब हमारी और कम ही ध्यान देते थे। उन्हें तो बस दारू से प्यार था।

 

 

 

 

फिर मोना तो अपने कमरे में चली गई और जाकर पढ़ने लगी और फिर मैं और मम्मी चिपक कर लेट गए और फिर हमें नींद आ गई। मेरी मम्मी वैसे तो काफी धार्मिक थी लेकिन मेरी खातिर उसने सब कुछ छोड़ दिया। मम्मी मेरे खाने पीने का काफी ध्यान रखती थी। पापा के जाने के बाद वो मेरे लिए मांस मीट बनाती और फिर अपने हाथों से ही खिलाती। फिर एक बार जब मैंने मम्मी को मीट अपने हाथों से खिलाया तो मम्मी ने बिना कोई नखरा किये वो खा लिया। फिर कभी कभार मम्मी मीट चख लेती लेकिन ज्यादा नहीं खाती। क्योंको उन्हें अपना वजन घटाना था। मम्मी मुझे दिन में कई बार खिलाती। जिस कारण मैं थोड़ा और मोटा ताजा हो गया। मैं फ्री होता तब एक्सरसाइज करता पर मोना और मम्मी की चुदाई के टाइम मेरी काफी एक्सरसाइज ऐसे ही हो जाती थी। फिर सुबह अब मैं और मोना ही खेतो में घूमने के लिए जाने लगे। मम्मी ने कहा के इसके एग्जाम आ रहे तो इसका माइंड फ्रेश रहेगा। इसलिए तूम दोनो ही घूम के आया करो। फिर मैं और मोना खेतो में जाकर खूब मस्ती करते। फिर शाम को खाना खाने के बाद मोना तो पढ़ने लग जाती और मैं और मम्मी बातें करने लग जाते। मम्मी मुझसे काफी बातें करती।

 

 

 

 

मैं और मम्मी खाना वगैरह खाने के बाद घर के पीछे की तरफ जाकर चारपाई पर बैठ जाते और फिर खूब बातें करते और चुदाई भी करते। फिर तो हर रात का यही रूटीन बन गया था। फिर एक दिन यूं ही बाते करते करते मैं मम्मी से बोला के चलो घर के बाहर चलते है। फिर कुछ देर के लिए तो मम्मी ने सोचा और फिर कहा के चलो। फिर मैं और मम्मी दोनो एक दम नंगे धीरे से घर के बाहर आ गए और फिर हम घर के आसपास ही घूमने लगे। हम दोनों को ही अब किसी का भी डर नही लगता था और ना ही शर्म आती थी तो फिर मैं मम्मी को लेकर घर से थोड़ी दूर चला गया। वहां एक खाली प्लाट पड़ा था। हम दोनों उसमें जाकर बैठ गए। फिर मम्मी मेरा लण्ड सहलाने लगी। फिर थोड़ी देर बाद हम थोड़ा आगे और बढ़े और अब हम जिस गली से गुजर रहे थे उसके दोनो तरफ लोगो के घर थे। तब आधी रात का टाइम था और सब लोग सोए हुए थे। इस तरह फिर मैं और मम्मी एक घर खाली पड़ा था। वहां कई सालों से कोई नहीं रह रहा था। फिर हम दोनों उस घर मे चले गए। तब हम लगभग 40-50 घर पार करके वहां पहुंचे थे। मुझे तो यकीन नहीं हो रहा था के हम नंगे इतनी दूर आ गए। तब मैं और मम्मी दोनो ही काफी गर्म हो गए थे। फिर थोड़ी देर बाद हम उस घर से निकले और थोड़ा और आगे चलने लगे।

 

 

 

 

 

फिर चलते चलते मैंने मम्मी को गली में ही घोड़ी बना लिया और करने लगा। फिर मैंने मम्मी को अपनी गोद मे उठा लिया और फिर नीचे से मम्मी की चुत में लण्ड डालकर करने लगा। फिर मैं मम्मी को ऐसे उठाये उठाये ही गली में घूमने लगा। फिर मम्मी ने वापिस चलने के लिए कहा। तो फिर मैं मम्मी को अपनी गोद मे उठाये उठाये ही वापिस आने लगा। फिर आते टाइम मैंने मम्मी को अपनी गोद से नीचे उतारा और फिर मम्मी नीचे बैठकर मेरा लण्ड चुसने लगी। कुछ देर लण्ड चुसने के बाद फिर हम वापिस घर की तरफ आने लगे। फिर हम जब घर पहुंचने वाले हुए तो हमारे घर से थोड़ी दूर एक चौराहा था। फिर उस चौराहे के बीचों बीच मैंने मम्मी को घोड़ी बनाया और चोदने लगा। मम्मी को ऐसे बीच चौराहे चोदने में मुझे काफी मजा आया था। फिर बिना झड़े ही मैंने लण्ड बाहर निकाल लिया और फिर जब हम घर के बाहर पहुंच गए तो मैंने मम्मी को दीवार के सहारे खड़ा किया और फिर चुदाई करने लगा और झड़ गया। फिर हम जब घर के अंदर आये तो देखा के मोना सो गई थी। फिर मैं और मम्मी नहाने गए। क्योंकी हमारे शरीर पर मिट्टी लग गई थी। फिर नहाने के बाद मैं और मम्मी, मम्मी की चारपाई पर नंगे ही सो गये।

 

 

 

 

 

फिर सुबह सबसे पहले मोना उठी तो फिर उसने हम दोनों को भी उठाया। फिर उसने पूछा के हम दोनों रात को कहां गए थे तो फिर हमने पूरी बात बताई। ये सुनकर मोना गर्म हो गई और फिर मुझसे बोली के तुम तो मेरी बहन को शादी से पहले पूरे गांव में चोद दोगे। मोना की बात सुनकर मैं और मम्मी हंसने लगे। फिर उस दिन मेरा घूमने जाने का मन नहीं था तो मैं मम्मी को लेकर घर के पीछे वाले कमरे में चला गया और मोना से कहा के जब पापा चले जाएं तो हमें बता देना। फिर मोना बोली के ठीक है। फिर मैं मम्मी को लेकर घर के पीछे वाले कमरे में जाने लगा और मम्मी हंसती हंसती मेरे साथ चलने लगी। फिर कमरे में जाकर हमने कमरा अंदर से बन्द कर लिया और फिर मैं मम्मी के बदन को सहलाने लगा। उधर मोना नंगी ही थी और जब पापा उठे तो मोना को नंगी देखकर वो मोना की चुदाई करने लगे। इधर मैं मम्मी के अंग अंग को चाटकर मजे लेने लगा। वहां कमरे में रस्सी पड़ी थी। फिर उस रस्सी से मैंने मम्मी को खड़ा करके मम्मी के हाथ छत से बांध दिए। अब मम्मी मेरे सामने अपने हाथ ऊपर करके रस्सी से बंधी हुई खड़ी थी। फिर मैं फिर से मम्मी के बदन को सहलाने लगा। फिर मैं मम्मी की गाँड पर थप्पड़ मारने लगा। जिससे कि मम्मी थोड़ा आहे भरती पर चीखती नहीं। फिर मैंने मम्मी के सिर के बालों को पकड़ा और फिर मम्मी की गालों पर दो थप्पड़ मार दिए। फिर मैं और मम्मी एक दुसरे की आंखों में देखने लगे।

 

 

 

 

 

फिर मैं मम्मी के होंठो को चुसने लगा और तब तक चूसता रहा जब तक की मम्मी के होंठो से खून ना निकलने ल गया हो। चुसने से मम्मी का होंठ कट गया था थोड़ा। फिर मैं नीचे बैठकर काफी देर तक मम्मी की चुत चूसता रहा। जिससे कि मम्मी पूरी पागल हो गई और मुझसे कहने लगी के मैं तुम्हारे हाथ जोड़ती हूँ अब रहा नहीं जा रहा है अब लण्ड डाल दे चुत में। मम्मी मुझसे लण्ड की भीख मांगने लगी। फिर मैंने मम्मी के गालों पर कई थप्पड़ मारे। लेकिन फिर भी मम्मी लण्ड डालने के लिए कहती रही। फिर मैंने मम्मी के हाथ खोल दिये तो फिर मम्मी मेरे ऊपर चढ़ गई और फिर मेरा लण्ड चुत में डालकर ऊपर नीचे होने लगी। वो काफी गर्म हो चुकी थी तो वो फिर जल्दी ही झड़ गई। फिर वो मेरे ऊपर ही लेट गई। तब मम्मी की हालत देखने वाली थी। मम्मी की गाँड और गाल पूरे लाल थे। फिर मम्मी ने मुझसे कहा के मुझे ऐसी चुदाई ही पसंद है। तू मेरी ऐसी ही चुदाई किया कर। फिर मैं बोला के ठीक है। मैं और मम्मी काफी देर से चुदाई कर रहे थे। फिर मैं मम्मी से बोला के मैं बाहर जाकर देखकर आता हूँ। पापा गए या नहीं। तुम यहीं रहना। फिर मम्मी बोली के ठीक है। फिर मैं कमरे से बाहर निकला और कमरे को बाहर से बन्द कर दिया। फिर मैं धीरे धीरे आगे की और जाने लगा। फिर मुझे मोना की सिसकारियों की आवाजें सुनाई देने लगी। फिर मैं थोड़ा आगे और गया तो देखा के मोना आंगन में पैर ऊपर करके लेटी थी और पापा उसकी चुदाई कर रहे थे। उनकी मेरी तरफ पीठ थी तो पापा का लण्ड मोना की चुत से अंदर बाहर होता हुआ मुझे साफ दिख रहा था।

 

 

 

 

फिर पापा झड़ने लगे तो उन्होंने सारा पानी चुत में ही छोड़ दिया। तब उन्होंने कंडोम पहना था। फिर चुदाई के बाद उन्होंने कंडोम उतारकर वहीं रख दिया औए फिर वो चले गए। उनके जाते ही मैं आंगन में चला गया और फिर मोना को बाहों में ले लिया। मोना भी तब काफी खुश थी। फिर मैंने मोना से पूछा के कितनी बार चुदी। फिर मोना मुस्कुराकर बोली के तीन बार। फिर ये सुनकर हम लिप किस करने लगे। फिर मोना ने कंडोम उठाया और फिर हम पीछे की तरफ जाने लगे। फिर मोना ने कंडोम कुई में डाल दिया और फिर मैं और मोना पीछे वाले कमरे में जाने लगे। फिर मोना ने कमरा खोला तो देखा के मम्मी नीचे लेटी थी और मम्मी के दोनो गाल लाल थे। हमें देखकर मम्मी उठकर खड़ी हो गई और फिर मोना ने मम्मी की लाल गाँड देखी तो वो सब समझ गई। फिर छत से रस्सी बंधी देखकर मोना ने पूछा के ये छत पर क्यों बांधी है। फिर मम्मी बोली के इसने मेरे हाथ छत से बांधकर फिर मेरी चुदाई की थी। फिर वो दोनो माँ बेटी कमरे से निकलकर आगे की तरफ जाने लगी और मैं उनके पीछे पीछे चल रहा था। दोनो माँ बेटियों ने ही आज काफी मजे किये थे। फिर हम तीनों जाकर आंगन में ही चारपाई पर जाकर बैठ गये। फिर हम बातें करने लगे। उस दिन मंगलवार का दिन था तो फिर मम्मी ने हमारे गाँव के पास वाले मंदिर में धोक लगाकर आने के लिए कहा। वो मंदिर कोई देवता का नहीं था बल्कि हमारे गांव के एक आदमी का था। जो की पहले हमारे गांव में ही रहा करता था। फिर उसकी मौत के बाद सब लोग मानने लगे के वो हमारे गांव की रक्षा करता है। इस कारण सब गांव के लोग उन्हें बहुत मानते है।

 

 

 

 

 

फिर हम भी हमारे परिवार की रक्षा के लिए उस मंदिर में धोक लगाकर आते थे। फिर मैंने कहा के हां चलते है। जल्दी से तैयार हो जाओ। फिर पहले मम्मी नहाकर आई और फिर तैयार होने लगी। फिर मैं और मोना नहाकर आये साथ मे। जब हम नहाकर आये तो देखा के मम्मी ने लाल रंग का सूट पहन रखा था और वो मेकअप वगैरह कर रही थी। फिर मैंने और मोना ने कपड़े पहने और तैयार होने लगे। फिर जब पूरी तरह तैयार हो गई तो वो किसी नई नवेली दुल्हन से कम नहीं लग रही थी। मम्मी को देखकर तो मेरा लण्ड खड़ा हो चुका था। मम्मी ने सूट भी मॉडर्न स्टाइल का पहन रखा था। जिसमे से मम्मी के बोबो की गहराइयाँ साफ दिख रही थी। सूट टाइट होने के कारण मम्मी की कमर पतली लग रही थी और मम्मी की गाँड तो बड़ी थी ही। मम्मी को ऐसे देखकर मुझसे नहीं रहा गया तो फिर मैंने मम्मी की सलवार खोलकर मम्मी को घोड़ी बनाया और फिर मम्मी से करने लगा। फिर मैं झड़ने लगा तो मैं चुत में ही झड़ गया। फिर मम्मी ने अपनी सलवार फिर से पहन ली और फिर हम तीनों पैदल ही मंदिर जाने लगे। मंदिर थोड़ा दूर ही था और धूप भी ज्यादा थी। जिस कारण हम पसीने से भीग गए थे। फिर हम मंदिर पहुंचे तो वहां गांव के कुछ लोग और भी आये हुए थे। लेकिन हम उन्हें नहीं जानते थे। फिर हमने धोक लगाई। वहाँ एक बूढ़ा आदमी बैठा था। उसने मुझे और मम्मी को पति पत्नी समझा और फिर मम्मी को सदा सुहागन रहो का आशीर्वाद दिया। फिर मैंने और मम्मी ने उसके पैर छुए।

 

 

 

 

वहां तिरछी नजरो से सब मम्मी को ही देख रहे थे। मैं भी फिर से गर्म हो गया था। फिर हम वापिस घर आने लगे। तब मम्मी काफी खुश थी। फिर हम आते टाइम खेतो से होकर आने लगे। फिर मैं अपना लण्ड बाहर निकलकर सहलाने लगा। फिर मेरा खड़ा लण्ड देखकर मम्मी मुस्कुराने लगी। फिर मैंने मम्मी से इशारे से सलवार खोलने के लिए कहा तो फिर मम्मी सलवार खोलकर घोड़ी बन गई और मैं मम्मी की चुदाई करने लगा। मोना खड़ी होकर हमे देख रही थी। फिर मोना कपड़े खोलकर पूरी नंगी हो गई। फिर उसने मम्मी को भी नंगी होने के लिए कहा और फिर फ़ोटो खिंचवाने के लिए कहा। फिर मैंने लण्ड बाहर निकाला तो फिर मम्मी भी अपने कपड़े खोलने लगी। फिर मम्मी ने सलवार सूट खोल दिया। मम्मी ने ब्रा पैंटी पहन रखी थी तो अब अब ब्रा पैंटी में हमारे सामने थी। मम्मी ब्रा पैंटी में भी बहुत मस्त लग रही थी। फिर मैं फोन से मम्मी की ब्रा पैंटी में फ़ोटो खींचने लगा। फिर मोना ने मम्मी की ब्रा पैंटी खोल दी और फिर वो दोनो पूरी नंगी होकर अपनी फ़ोटो खिंचवाने लगी। तब वो दोनो कयामत लग रही थी। उन्होंने फिर कई पोज में फ़ोटो खिंचवाई। मैं भी नंगा हो गया था। तब गर्मी काफी थी और हम सब पसीने से भीग चुके थे। फ़ोटो वगैरह खींचने के बाद हम तीनों एक पेड़ की छाया में जाकर लेट गए। फिर मैं बारी बारी से उन दोनों की चुत चाटने लगा।

 

 

 

 

जिससे कि वो दोनो गर्म हो गई। फिर मैं बारी बारी से उनके ऊपर आकर उनकी चुदाई करने लगा। फिर पहले मम्मी झड़ गई और फिर मोना। जब मैं झड़ने वाला हुआ तो फिर वो दोनो मेरा लण्ड चुसने लगी। जब मेरा पानी निकलने लगा तो वो दोनो मेरा पानी पीने लगी। मेरा कुछ पानी उनके मुँह पर गिर गया था तो फिर वो एक दुसरे के मुँह को चाटने लगी। फिर मम्मी मेरे लिए बोली के ये तो चाहे 10 औरत और हो उन्हें भी चोद दे। फिर मैं बोला के नहि मम्मी तुम दोनों ही मेरे लिए काफी हो। फिर हम तीनों एक दुसरे के गले से लग गये। फिर कपड़े पहनकर हम घर आ गए। घर पर आकर हम तीनों नहाकर फिर सो गए। फिर दोपहर बाद मम्मी ने हम सबके लिए चाय बनाई। फिर चाय पीकर मोना तो पढ़ने लगी और मैं और मम्मी बातें करने लगे। बाते करते करते मैं और मम्मी एक दुसरे में इतना खो जाते के हमे टाइम का पता ही नहीं चलता। मुझे मम्मी कहती के हम एक दुसरे के लिए ही बने थे भगवान ने तो तुझे मेरा बेटा गलती से बना दिया।

 

 

 

 

मोना के एग्जाम थे तो अब मम्मी घर का काम खुद करने लगी और मोना पढ़ती रहती। ज्यादा कुछ काम तो नहीं था बस साफ सफाई और खाना बनाने का ही काम होता था। मम्मी काम करती तो मैं लण्ड हिलाता हुआ मम्मी के पीछे पीछे घूमता। फिर हम दोनों का मूड बन जाता तो हम जहां होते वहीं चुदाई करने लग जाते। घर मे ऐसी कोई जगह नहीं बची थी जहां मैंने मम्मी की चुदाई ना की हो। हमारा घर ज्यादा बड़ा तो नहीं है इस कारण मैं कई जगह तो मम्मी को कई बार चोद चुका हूँ।

 

 

 

 

फिर उस दिन शाम को मम्मी ने एक अलग काम किया। मम्मी ने दो चारपाई घर के पीछे ले जाकर रख दी और बिस्तर लगा दिए। फिर मैंने और मोना ने इसके बारे में पूछा तो मम्मी ने मुस्कुराकर कहा के शादी के बाद मैं और राज अलग ही सोया करेंगे। इस कारण पहले ही मैं इसकी आदत डाल रही हूँ। तुम्हारे पापा से कह देंगे के चार चारपाई तक कूलर की हवा नहीं आती है। इस कारण हम अलग सो रहे है। ये सुनकर मैं मोना कि तरफ देखकर मुस्कुराने लगा। क्योंकि मोना अब पापा से खुलकर मजा कर सकती है। ये मम्मी ने काफी अच्छा काम किया था। फिर शाम को जब पापा आये तो उन्हें मोना में सब बता दिया तो वो मन ही मन काफी खुश हुए। फिर वो दारू पीने लगे। तब मैं और मम्मी तो पीछे की तरफ जाकर सो गए। हमारे जाने के बाद मोना नंगी ही घूमने लगी। उसने पापा को खाना वगैरह खिलाया और फिर रात को उनके साथ ही सो गई। उधर मैंने मम्मी को अपने लण्ड पर बैठकर खूब चोदा। फिर अगली सुबह मैं पेशाब करने के लिए उठा तो मैंने सोचा के देखता हूँ पापा और मोना क्या कर रहे है।

 

 

 

 

फिर मैंने जाकर देखा तो मोना घोड़ी बनी हुई थी और पापा उसकी चुदाई कर रहे थे। ये देखकर मैं वापिस आ गया। फिर दिन निकल गया तो मोना हमारे लिए चाय लेकर आई। फिर चाय पीने के बाद मैं और मम्मी कपड़े पहनकर आगे की तरफ चले गए। फिर मैं और मोना खेतो में घूमने चले गए। अब हम सब काफी खुश थे। क्योंकि अब हम चुदाई का मजा रात भर ले सकते थे। फिर इसके बाद तो हम अलग अलग ही सोने लगे और रात को खूब मजे करते। एक बार पीछे आने के बाद मम्मी आगे की तरफ नहीं जाती थी। इस कारण मोना नंगी होकर पापा से फुल मजे करती। उधर मैं और मम्मी भी बस एक दूसरे में खो जाते और खूब चुदाई करते।

 

 

 

 

कुछ दिन बाद मोना के एग्जाम शुरू होने वाले थे तो फिर हम सोचने लगे के क्या किया जाए। मोना गांव से ही एग्जाम देने जाए या वहां शहर में रहकर ही एग्जाम दे। फिर मैंने कहा के एग्जाम चले उतने दिन पापा और मोना शहर में रह लेंगे। मोना वहीं रहकर एग्जाम की तैयारी कर लेगी और पापा अपने काम पर चले जाया करेंगे। मेरी ये बात सबको बहुत पसंद आई। पापा और मोना तो खुशी खुशी शहर में रहने के लिए तैयार हो गए और उधर मैं और मम्मी भी काफी खुश हुए। क्योंकि उनके जाने के बाद हम दोनों घर पर बिल्कुल अकेले रहेंगे और खूब मस्ती करेंगे। फिर एग्जाम शुरू होने के कुछ दिन पहले ही मोना और पापा शहर चले गए और पीछे मैं और मम्मी ही रह गए। उनके जाने के बाद मैं और मम्मी दिन रात बस नंगे ही रहते और जो मन मे आता वो करते। उधर मोना दिन में पढ़ती और शाम को वो और पापा चुदाई करते।

 

 

 

अब हम सभी को ही खुलकर चुदाई करने की आजादी मिल गई थी। मैं मोना से फोन पर बात करता तो वो बताती के वो पापा के साथ कैसे कैसे मजे करती है। इधर मेरा लण्ड भी बस हमेशा मम्मी की चुत में ही रहता। जब हम घर पर बोर हो जाते तो फिर हम खेतो की तरफ घूमने चले जाते। अब तो जहां मन होता वहां मम्मी सलवार खोलकर घोड़ी बन जाती और मैं मम्मी को पेलने लग जाता। मम्मी दिनों दिन अब और जवान होती जा रही थी। मम्मी सज संवरकर तैयार होती तो कोई नहीं कह सकता के मम्मी दो बच्चों की मां हैं। सुबह उठने से लेकर शाम को सोने तक पता नहीं कितनी ही बार मेरा लण्ड मम्मी की चुत में अंदर बाहर होता। मैं लगभग हर पोज में मम्मी को चोद चुका था। अब मैं और मम्मी एक दुसरे की हर छोटी छोटी बात समझ लेते थे।

 

 

 

अब हम दोनों एक दुसरे के बिना नही रह सकते थे। मैं भी अब चाहता था के मम्मी जल्द जल्द से शादी करके मेरी बीवी बन जाये। अब हम एक दूसरे की आंखों में देखते तो हमे बस एक दूसरे के लिए प्यार ही दिखाई देता था। फिर मोना के एग्जाम तक मैं और मम्मी ऐसे ही खूब चुदाई करते रहे। फिर एग्जाम के बाद मोना घर पर आ गई तो फिर हम शादी की प्लानिंग करने लगे। मम्मी बोली के हम मंदिर में शादी करेंगे पूरे रीति रिवाज से। फिर मोना बोली के हां और हम तुम्हारे लिए शादी पर पहनने के लिए लहंगा लाएंगे सेक्सी सा। फिर शादी की शॉपिंग करने के लिए हम तीनों शहर गए। फिर सबसे पहले हमने मम्मी के लिए एक लाल रंग का लहंगा लिया। जब मम्मी ने वो पहना तो मम्मी पूरी दुल्हन लग रही थी। फिर मोना ने उस लहंगे में थोड़े बदलाव किए और ब्लाउज थोड़ा छोटा लिया। जिससे सिर्फ मम्मी के बोबे ही कवर हो रहे थे और मम्मी का पेट पूरा नंगा था और मम्मी के बोबो के उभार दिख रहे थे। मम्मी को ऐसे देखकर मेरा तो तभी मम्मी को चोदने का मन किया।

 

 

 

फिर लहंगे के बाद हमने ज्वैलरी वगैरह ली और फिर बाकी और भी काफी सामान लिया। फिर मेरे लिए मम्मी ने सिर्फ एक धोती ली। मम्मी चाहती थी के मैं सिर्फ धोती पहनूँ। ताकि मेरी कड़क बॉडी दिखाई दे। फिर मोना ने भी अपने लिए लहंगा लिया। हमने उस पूरे दिन शॉपिंग की और फिर हम घर आ गए। हम तीनों उस दिन बहुत ज्यादा खुश थे। फिर घर आने के बाद मम्मी और मोना ने अपने कपड़े फिर से पहनकर देखे और फिर जो भी थोड़ा बहुत और सामान लाने वाला था वो भी लाये। अब तो हमें सिर्फ शादी का दिन फिक्स करना था। लेकिन शायद होनी को कुछ और ही मंजूर था।

 

 

 

मैं और मम्मी घर के पीछे की तरफ ही सोते थे और मोना और पापा आगे। फिर सुबह सुबह मोना पापा के लण्ड पर चढ़कर चुदवा रही थी। वो तब काफी गर्म थी तो वो पापा के ऊपर चढ़कर पापा का पूरा लण्ड अंदर ले रही थी और ऊपर नीचे हो रही थी। फिर कुछ देर बाद वो झड़ी तो फिर वो पापा के ऊपर ही लेट गई। फिर उसने पापा से बात करने की कोशिश की तो पापा कुछ बोले नहीं। फिर मोना ने पापा को हिलाया ढुलाया तो फिर भी पापा कुछ नहीं बोले। फिर वो पापा के लण्ड से नीचे उतरी तो लण्ड अभी भी खड़ा था। पापा का शरीर पूरा अकड़ गया था। ये देखकर मोना घबरा गई। फिर मोना ने पापा का लण्ड वगैरह साफ किया और फिर पापा को कपड़े पहनाए और फिर मोना भागकर हमारे पास आई। तब मम्मी मेरा लण्ड चूस रही थी। तभी मोना आई और उसने हमें सब कुछ बताया। फिर मैं और मम्मी भागकर गए और पापा को देखा।

 

 

 

 

पापा को देखते ही मैं तो सब कुछ समझ गया था। फिर मोना ने मुझे पापा के लण्ड वाली बात भी बताई। फिर मैंने मम्मी औए मोना से कपड़े बदलने के लिए कहा और फिर मैंने खुद ने भी कपड़े पहने और फिर मैंने जल्दी से डॉक्टर को फोन किया तो डॉक्टर आ गया। तब तक कुछ आस पड़ोस के लोग भी आ चुके थे। फिर उस डॉक्टर ने पापा को देखकर बताया के पापा को हार्टअटैक आया था। मोना और मम्मी जोर जोर से रोने लगी थी। फिर मैंने हमारे रिश्तेदारों को फोन किया। फिर कुछज टाइम बाद वो भी आ गए। फिर पापा के अंतिम क्रियाकर्म की तैयारियां होने लगी। जब पापा को नहला रहे थे तो तब मैंने देखा के पापा का लण्ड बैठ चुका था।

 

 

 

 

फिर श्मशान ले जाकर पापा का अंतिम क्रियाकर्म कर दिया। लोग कह रहे थे के ज्यादा शराब पीने के कारण पापा को हार्टअटैक आ गया था। फिर पूरे दिन लोग आते जाते रहे। शाम को फिर मैं मम्मी से मिला और मम्मी से कहा के तुम्हारा ध्यान रखने के लिए मैं हूँ। तुम किसी चीज की चिंता मत करना। फिर मम्मी मेरे गले लग गई। तब रात ज्यादा हो चुकी थी और मैं और मम्मी घर के पीछे अकेले थे तो फिर मैं मम्मी के बोबो को सहलाने लगा। फिर हम लिप किस करने लगे। फिर मम्मी सलवार खोलकर घोड़ी बन गई और मैं मम्मी की चुदाई करने लगा। फिर चुदाई के बाद हमे काफी आराम मिला। फिर मम्मी जाकर सो गई। फिर तभी मोना पेशाब करने आई तो फिर मुझे देखकर वो मेरे पास आई और फिर उसे लेकर मैं पीछे बने कमरे में ले गया। फिर उसने मुझे पूरी बात बताई और फिर वो कहने लगी के पापा उसकी वजह से मरे हैं और वो रोने लगी। फिर मैंने उसे चुप करवाया और कहा के इसमे तुम्हारी कोई गलती नहीं है। तुमने तो आखिरी सांस तक उन्हें मजे दिए थे। इस कारण वो तो तुमसे बहुत खुश होंगे।

 

 

 

 

फिर हम लिप किस करने लगे और वो मेरा लण्ड सहलाने लगी। फिर मैंने लण्ड बाहर निकाला और फिर वो मेरा लण्ड चुसने लगी। हम दोनों तब काफी गर्म हो गए थे। फिर हम दोनों नंगे होकर चुदाई करने लगे। फिर चुदाई के बाद मोना शांत हो गई और फिर कपड़े पहनकर जाकर सो गई। फिर अगले दिन से घर पर लोग आने जाने लगे। मम्मी लोग दिखाई का रोने धोने का नाटक कर रही थी। फिर दोपहर को मोना और मम्मी पेशाब करने गई। उनके साथ कुछ और भी औरतें थी। तब मेरी मौसी, नानी आदि सब आई हुई थी। फिर मैं उनके पास चला गया। फिर हम सब बातें करने लगे। फिर मैं और मम्मी घर के बारे में बाते करने लगे के आगे क्या क्या करना है। फिर एक एक करके वो बाकी सब औरते तो चली गई और मैं और मम्मी ही रह गए। फिर मम्मी मुझसे बोली के शायद भगवान भी यही चाहते है के हमारी शादी हो। तभी उन्होंने तुम्हारे पापा को अपने पास बुला लिया। ताकि हम हमारी शादीशुदा जिंदगी आराम से बिता सके। ये कहकर मम्मी मुस्कुराकर मेरे गले लग गई। मम्मी को खुश देखकर मैं भी खुश हुआ। फिर मैंने मम्मी को रात को पीछे वाले कमरे में बुलाया।

 

 

 

 

फिर दिन जैसे तैसे बीता और फिर रात हुई और सब सोने लगे। सबके सोने के बाद मैं पीछे वाले कमरे में चला गया। फिर थोड़ी देर बाद मम्मी और मोना भी आ गई। फिर हम बातें करने लगे। फिर मोना मम्मी से बोली के अब तुम आजाद हो गई हो। अब तुम दोनों आराम से शादी कर सकते हो और जितने चाहो उतने बच्चे पैदा कर सकते हो। फिर मैं मम्मी से बोला के हम पापा के तेहरवें के बाद ही शादी कर लेंगे। ये सुनकर मम्मी मुस्कुराने लगी। फिर हम तीनों कपड़े खोलकर नंगे हो गए और फिर मम्मी और मोना एक दुसरे के ऊपर लेटकर चुत चुसने लगी। मैं उन्हें देखकर लण्ड हिलाने लगा। फिर वो दोनो एक साथ मेरा लण्ड चुसने लगी। फिर मम्मी घोड़ी बन गई तो फिर मैं मम्मी की चुदाई करने लगा। मम्मी आज पहले की तरह ही चुदवा रही थी। फिर मम्मी झड़ गई लेकिन मैं नहीं झड़ा था तो फिर मैं मोना को घोड़ी बनाकर चोदने लगा।

 

 

 

 

हम लोगो को सेक्स की आदत पड़ गई थी तो और हम दिन में कई बार सेक्स करते थे। जिस कारण अब दिन में एक बार चुदाई करना हमारे लिए बहुत जरूरी हो गया था। फिर मैं झड़ने वाला हुआ तो मैंने अपने पानी से मोना की गाँड भर दी। फिर वो दोनो कपड़े पहनकर चली गई और फिर मैं भी जाकर सो गया। फिर तो बस मौका मिलने पर हम चुदाई करने लगे। फिर मैं दोपहर को तो मोना की चुदाई करने लगा और रात को मैं और मम्मी साथ ही सोने लगे। मम्मी रात को सबके सोने के बाद मेरे पास आती और सुबह सबके उठने से पहले वापिस चली जाती।

 

 

 

 

मम्मी काफी मस्त औरत है। एक रात को जब मम्मी मेरे पास पीछे वाले कमरे में आई तो हमने पहले जमकर चुदाई की। फिर हम लेटकर बातें करने लगे। तब हमारे घर पर 10-15 के लगभग रिश्तेदार आये हुए थे। फिर मम्मी मुझसे बोली के चलो नंगे ही बाहर घूमकर आते है। तब हम दोनों को नींद नहीं आ रही थी। फिर मैंने कहा के चलो। फिर मैं और मम्मी दोनो एक दम नंगे घर के आगे की तरफ गये तो वहाँ आंगन में सब नीचे ही सो रहे थे। फिर हम दोनों एक साइड में खड़े होकर उन्हें देखने लगे और मम्मी साथ मे मेरा लण्ड सहलाने लगी। फिर जब मेरा लण्ड खड़ा हो गया तो फिर वहीं खड़े खड़े ही मैं मम्मी की चुदाई करने लगा। मम्मी भी चुदाई का पूरी आनंद ले रही थी। फिर थोड़ी देर बाद मैंने बिना झड़े ही लण्ड बाहर निकाल लिया और फिर मैं मम्मी को लेकर वापिस कमरे में चला गया और फिर वहाँ पूरी तबियत से मम्मी को चोदा। उस रात हम सोए ही नहीं और फिर सुबह जाने से पहले हमने दो बार और चुदाई की।

 

 

 

 

पापा दारू पीकर काफी परेशान किया करते थे। इस कारण सब लोग कह रहे थे के इतनी दारू पीकर गाली वगैरह निकालता था। चला गया तो अच्छा हुआ। सबको पापा के जाने का कोई खास दुख नहीं था। लेकिन जो हुआ वो शायद अच्छे के लिए ही हुआ था। अगर पापा होते तो मैं और मम्मी पूरी तरह खुलकर नहीं जी पाते। घर पर इतने लोग आए हुए थे तब भी मेरी, मम्मी और मोना की मस्ती जारी थी। मम्मी अब अपने शरीर का काफी ध्यान रख रही थी तो सब कह रहे थे के मम्मी अभी भी वैसी ही है जैसी शादी के वक्त थी। ये सुनकर मम्मी मन ही मन काफी खुश हुई। पर बाहर से किसी को भी कुछ नहीं जताया।

 

 

 

फिर तेहरवां होने के बाद लगभग सभी लोग चले गए। अब घर पर मैं, मोना और मम्मी और मेरी नानी जो कि अभी 60 साल की है बस चार ही लोग रह गए थे। फिर सबके जाने के बाद हम सब हरिद्वार गए। वहां जाने के बाद हमने पूजा वगैरह करवाई और कई मंदिरों में दर्शन करके आये। मेरी नानी का अब हमारे साथ रहने का कई दिनों का प्लान था और वो अब जाने वाली नहीं थी और मुझे और मम्मी को शादी करनी थी। फिर मम्मी मुझसे बोली के क्या किया जाए। फिर मैं बोला के किसी तरह नानी को हमारी शादी के लिए तैयार कर लेते है। फिर जो होगा देखा जाएगा। फिर मम्मी बोली के तो तेरी नानी को कैसे मनाए। फिर मैंने कहा के मैं सोचता हूँ कुछ।

 

 

 

मेरी नानी काफी धार्मिक औरत थी और वो भूत प्रेतों में काफी विस्वास करती थी। वहां हरिद्वार में काफी त तांत्रिक थे तो फिर मैंने एक तांत्रिक से सेटिंग की और उसे समझाया के क्या क्या कहना है। मैंने उसे कुछ पैसे दिए। फिर मैं उन तीनों माँ बेटी के साथ उस तांत्रिक के पास गया और फिर वो मम्मी को देखते ही कहने लगा के ये औरत विधवा बनकर जिस भी घर मे रहेगी उसका नाश हो जाएगा। इसकी जल्दी जल्दी दूसरी शादी करवानी होगी। फिर ये सुनकर नानी बोली के उपाय बताओ। फिर तांत्रिक ने कहा के जल्दी से जल्दी इसकी शादी करवाओ और इसकी शादी उसी से करवाओ जो उसका खून हो और फिर एक लड़का पैदा करो। नही तो इसका मरा हुआ पति इसका साथ नहीं छोड़ेगा और इसे दुख देता रहेगा।

 

 

 

फिर तांत्रिक की ये सब बात सुनकर मैं और मम्मी तो काफी खुश हुए और नानी को चिंता हो गई। नानी को उस त तांत्रिक की बात पर पूरा विस्वास हो गया। फिर नानी ने मुझसे और मम्मी से कहा के अब ये तांत्रिक कहता है वैसा करना ही पड़ेगा। फिर मम्मी बोली के हां वैसे ही करेंगे। अगर कल को इस तांत्रिक की बात सच हो गई और राज को कुछ हो गया तो मैं तो मर ही जाऊंगी। फिर ऐसा कहकर मम्मी ने रोने की एक्टिंग की तो फिर नानी बोली के नहीं नहीं तुम दोनों शादी कर लो और वैसे भी हमे कौनसा सबको बता के शादी करनी है। घर की बात घर मे ही रहेगी। नानी के मुंह से ये बात सुनकर मैं और मम्मी इतने खुश हुए के पूछो मत। फिर हरिद्वार से वापिस आने के बाद हम शादी की तैयारियां करने लगे। शॉपिंग तो हम पहले ही कर चुके थे पर हमने नानी के सामने नाटक किया के जैसे हमने अभी ही शॉपिंग की है। नानी भी चाहती थी के हमारी शादी में कोई कमी ना रहे और पूरे रीति रिवाज के साथ हमारी शादी हो। फिर नानी ने कहा के यहाँ गांव में शादी करेंगे तो किसी को भी पता चल सकता है। फिर मैं बोला के शहर में हमने एक और घर किराए पर ले रखा है। हम वहां शादी करेंगे।

 

 

 

 

फिर हम सब सारा समान लेकर शहर चले आये। फिर तभी मेरे पास उस सेठ का फोन आया जिसके यहां पापा नौकरी करते थे। फिर उसने मुझे बुलाया तो फिर मैं बिना किसी को बताए उसके पास गया तो उसने मुझे बताया के उसने मेरे पापा का बीमा करवाया था और फिर उसने जुगाड़ लगाकर मुझे बीमा की रकम दिलवाने वाला था। फिर मैंने पूछा के कितने पैसे मिलेंगे। तो फिर वो सेठ बोला के 15 लाख। ये सुनकर मैं काफी खुश हुआ। फिर वो सेठ बोला के इन पैसों से मैं तुम्हे प्लाट खरीदवा दूँगा। फिर तुम जब बाद में वो प्लाट बेचोगे तो तुम्हे बहुत अच्छे दाम मिलेंगे। साथ मे मैं तुम्हे नौकरी भी दे रहा हूँ। तुम मेरे पास काम करना। वो सेठ बहुत अच्छा आदमी था। फिर मैंने उससे कहा के मैं कुछ दिनों बाद आपके यहाँ नौकरी पर आ जाऊंगा। फिर वो सेठ बोला के ठीक है। फिर मैं उस सेठ के पास से आया और फिर मैंने सोचा के मैं ये खबर सबको मेरी और मम्मी की शादी के बाद दूंगा। ताकि नानी को भी यकीन हो जाये के वो तांत्रिक सही बोल रहा था।

 

 

 

 

शादी के लिए मैंने एक पंडित से बात की तो उसने फिर 2 दिन बाद का मुहूर्त निकाला। तो मैंने उससे कहा के वो 2 दिन बाद शाम को आ जाये। अब अब कुछ सेट हो चुका था। अब मम्मी मेरी बीवी बनने वाली थी तो फिर नानी के सामने ही मैं मम्मी का हाथ पकड़ लेता और फिर मम्मी की कमर में हाथ डाल लेता। फिर मम्मी नानी के सामने ही कह देती के तुम्हे बड़ी जल्दी है। ये सुनकर नानी हंसने लग जाती। अब नानी को भी पता था के 2 दिन बाद इनकी शादी है तो फिर वो भी मुझे कुछ नहीं कहती। फिर मैं और मम्मी जानबूझकर नानी के सामने मस्ती करने रहते। मैं मम्मी के बोबो को दबा देता और फिर जब नानी ये सब देखती तो मुस्कुरा देती। फिर मम्मी नानी से बोली के इसे देखकर लगता है के ये तांत्रिक का उपाय जल्द ही पूरा कर देगा यानी बच्चा पैदा करने वाला उपाय। फिर नानी ने मुझसे कहा के बेशर्म तुझे तेरी माँ के साथ ये सब करने में शर्म नही आती। फिर मैं बोला के शर्म नही मुझे तो मजा आता है। ये सुनकर फिर नानी बोली के चल बेशर्म और फिर हंसने लगी।

 

 

 

 

फिर एक बार मैं और मम्मी कमरे में थे और एक दूसरे से लिप किस कर रहे थे। तभी नानी आ गई। अब नानी बेचारी क्या बोलती। फिर ऐसे ही एक बार मम्मी का कुर्ता ऊपर करके मैं मम्मी के बोबो को चूस रहा था। फिर तब भी नानी ने कुछ नहीं कहा। फिर नानी ने जब मम्मी का लहंगा देखा तो देखती ही रह गई। फिर मम्मी ने कहा इसने ही मुझे लाकर दिया था। फिर मम्मी ने शादी के बाद पहनने के लिए कुछ सूट सिलवाये थे। फिर जब उनके बारे में नानी ने मुझसे पूछा तो फिर मम्मी ने मेरा नाम ही ले दिया।

 

 

 

 

शादी के पहले दिन मैं मम्मी को लेकर ब्यूटी पार्लर ले गया और मम्मी के बदन से एक एक बाल को निकलवा दिया। फिर मम्मी को तैयार वगैरह करने के लिए हमने उस ब्यूटी पार्लर वाली को कल शाम को आने के लिए बोल दिया। फिर मैं काफी सारी मिठाई भी लाकर घर पर रख दी। अब लगभग सारा इंतजाम हो चुका था। फिर शादी से पहले वाली रात मैंने मेहंदी लगाने वाली एक लड़की को बुलाया। फिर उससे मैंने मम्मी की जांघो तक मेहंदी लगवाई और फिर पूरे हाथों पर मेहंदी लगवाई। तब मम्मी ब्रा पैंटी में बैठकर मेहंदी लगवा रही थी। फिर मैंने मेहंदी लगाने वाली लड़की से मम्मी की पीठ पर और मम्मी के बोबो पर भी मेहंदी लगाने के लिए कहा तो उसने लगा दी। नानी ये सब देखकर बस देखती ही रह गई। मोना भी हमारी शादी के पूरे मजे ले रही थी। वो फोन पर गाने चलाकर डांस करती और खूब मस्ती करती।

 

 

 

फिर शादी वाले दिन दोपहर बाद हमारी हल्दी रस्म हुई। उसमें मम्मी और मैंने एक दुसरे को खूब हल्दी लगाई। फिर मोना ने हमारे सामने ही मम्मी के कुर्ते में हाथ डालकर मम्मी के बोबो पर हल्दी लगाई और फिर नानी ने भी ऐसा ही किया। फिर मैंने नानी के सामने मम्मी की सलवार में हाथ डालकर मम्मी की गाँड पर हल्दी लगाई। तब वहां मोना नहीं थी तो फिर मम्मी ने मेरे पायजामे में हाथ डालकर नानी के सामने ही मेरे लण्ड पर हल्दी लगाने लगी। जिससे कि मेरा लण्ड खड़ा हो गया। फिर मोना और नानी हमसे पहले तैयार हो गई और फिर वो नानी तो हमारे फेरे करवाने के लिए हवन वगैरह तैयार करने लगी और मोना सुहागरात के लिए कमरा सजाने लगी। फिर मम्मी नहाकर तैयार होने लगी और फिर मैंने ब्यूटी पार्लर वाली लड़की को बुला लिया तो वो मम्मी को तैयार करने लगी। फिर मैंने भी तैयार होकर सिर्फ धोती पहन ली और गले मे मालाएं वगैरह डाल ली।

 

 

 

 

तब मेरी बॉडी वगैरह काफी अच्छी थी तो मुझे ऐसे देखकर सब देखते ही रह गए। फिर जब ब्यूटी पार्लर वाली लड़की ने मम्मी को तैयार कर दिया तो फिर मुझे देखने के लिए बोला तो फिर मैंने जाकर देखा तो तब वहां मैं, मम्मी और वो ब्यूटी पार्लर वाली लड़की बस हम तीनों ही थे। तब मम्मी ने एक छोटी सी चोली पहन रखी थी जिसमे से मम्मी के उभार बहुत सेक्सी लग रहे थे। मम्मी का पूरा पेट लगभग नंगा ही था। मम्मी का लहंगा थोड़ा ऊपर बंधा था। कुल मिलाकर वैसे तो मम्मी सेक्सी लग रही थी। लेकिन फिर मैंने उस ब्यूटी पार्लर वाली से कहा के मम्मी का लहंगा जितना हो सके उतना नीचे कर दो और मम्मी की चोली को भी थोड़ा नीचे खिसका दो। फिर उसने ऐसा ही कर दिया। जिससे कि मम्मी के मेहंदी लगे बोबे 70% तक दिखने लगे और नीचे से भी मम्मी का लहंगा काफी नीचे कर दिया।

 

 

 

मम्मी ने तब काफी ज्वैलरी भी पहन रखी थी। जिस कारण अब मम्मी पूरी मस्त माल लग रही थी। फिर मैंने ब्यूटी पार्लर वाली से हमारी शादी तक वहीं रुकने के लिए कहा तो फिर वो बाहर चली गई। अब कमरे में सिर्फ मैं और मम्मी ही रह गये थे। फिर मैं मम्मी से बोला के आखिरकार वो घड़ी आ ही गई जिसका हमें इंतजार था। फिर मम्मी खुश होकर बोली के हां। मेरा मन तो कर रहा था के मैं यही पटक कर मम्मी की चुदाई कर दूं। पर मैंने खुद को किसी तरह संभाला। तभी मोना और नानी हमारे कमरे में आ गई और वो दोनो मम्मी को देखकर देखती ही रह गई। नानी तो बस मम्मी के बोबो के उभारो को ही देखे जा रही थी। मम्मी के बोबो पर लगी मेहंदी साफ दिख रही थी। फिर मैंने मोना को देखा तो उसने भी लहंगा पहना हुआ था और चोली की जगह ब्रा पहनी हुई थी। जिस कारण उसकी पीठ लगभग नंगी ही थी। नानी ने तब साड़ी पहन रखी थी। मोना ने जिद करके नानी को साड़ी पहनाई थी। साड़ी का पल्लू ट्रांसपेरेंट था तो उसमें से नानी के बोबे भी ब्लाउज में से दिख रहे थे।

 

 

 

फिर पंडित आ चुका था तो फिर मैं तो जाकर मंडप पर बैठ गया और फिर कुछ देर बाद नानी मम्मी को लेकर आई। तब पंडित भी मम्मी को आंखें आंखें फाड़ फाड़ कर देख रहा था। फिर पंडित हमारी शादी करवाने लगा। हमने फेरे लिए और फिर मैंने मम्मी की मांग में सिंदूर भरकर मंगलसूत्र बांध दिया। फिर पंडित को दान दक्षिणा देकर और खाना खिलाकर भेज दिया। वो ब्यूटी पार्लर वाली लड़की भी फिर खाना खाकर चली गई। उनके जाने के बाद हम सबने खाना खाया। फिर खाना खाकर मोना दूसरे कमरे में चली गई। फिर मम्मी ने नानी के सामने ही एक वियाग्रा की गोली दूध में डालकर दूध में घोलने लगी। फिर नानी ने जब इसके बारे में पूछा तो फिर मम्मी ने हँसकर कहा के इसका पहली बार है कहीं एसक जल्दी काम तमाम ना हो जाये इसलिए गोली दे रही हूँ। ये सुनकर नानी भी हंसने लगी। फिर मैंने भी कह दिया के वो तो बाद में ही पता चलेगा के कौन जल्दी तमाम होता है।

 

 

 

 

फिर नानी हम दोनों को हमारे कमरे तक छोड़ने आई। फिर हमने नानी का आशीर्वाद लिया। आज पापा को मरे 20 दिन भी नहीं हुए थे के मम्मी और मैंने शादी कर ली थी और सुहागरात मनाने के लिए हम छटपटा रहे थे। फिर नानी ने मम्मी से कहा के मैं बाहर ही बैठी हूँ तुम्हे किसी चीज की जरूरत हो तो बता देना। फिर नानी के सामने ही मैंने मम्मी की कमर में हाथ डाल लिया और फिर नानी चली गई तो मम्मी ने गेट बंद कर दिया। फिर मैं और मम्मी बेड पर आकर बैठ गए। फिर  हम दोनों एक दुसरे की आंखों में देखने लगे। आज हम दोनों से ज्यादा खुश शायद इस दुनिया मे कोई नहीं होगा। फिर मैं तो अपनी धोती निकालकर नंगा हो गया था और फिर मैं मम्मी के बदन को चूमने लगा। फिर मैं धीरे धीरे मम्मी को नंगी करने लगा। फिर मैंने मम्मी को नंगी कर दिया और फिर मम्मी की चुत चुसने लगा तो मम्मी जोर जोर से सिस्कारियाँ लेने लगी। फिर काफी देर की चूमा चाटी के बाद मैं जब मम्मी की गाँड में लण्ड डालने लगा तो मम्मी ने पहले चुत में लण्ड डालने के लिए कहा। फिर मैंने चुत में लण्ड डाला तो मम्मी में अपनी चुत पूरी तरह सिकोड़ ली और फिर मैंने जब लण्ड बाहर निकाला तो देखा के लण्ड पर लाल खून जैसा कुछ लगा था। फिर मम्मी ने बताया के उन्होंने चुत में सिंदूर डाल लिया था ताकि ऐसा लगे जैसे सील टूटी हो। फिर कुछज देर चुत में करने के बाद मैंने मम्मी को घोड़ी बना लिया और फिर जैसे ही मम्मी की गाँड में लण्ड डाला तो मम्मी जोर से चिल्लाई।

 

 

 

लेकिन मैंने पूरा लण्ड अंदर डालकर ही दम लिया। मैंने आज मम्मी की कुंवारी गाँड का उद्घाटन कर दिया था। तभी मुझे ऐसा लगा के शायद कोई कमरे का गेट खोलकर अंदर देख रहा है। हमने कुंडी नहीं लगाई थी। लेकिन मैंने इस और ध्यान नहीं दिया और मम्मी की चुदाई करता रहा। फिर मैं झड़ने वाला हुआ तो मैंने सारा पानी मम्मी की चुत में डाल दिया। फिर हम एक दुसरे से लिपटकर लेट गए। लेकिन आज हमारी सुहागरात थी और हम रुक नहीं सकते थे। फिर मम्मी में मेरा लण्ड चूसकर फिर से खड़ा कर दिया और कुछ वियाग्रा का असर हो गया था तो फिर मैं लगातार बिना रुके मम्मी की चुदाई करने लगा। मैंने लगातार एक डेढ़ घण्टे तक मम्मी की चुदाई करता रहा। फिर कुछ देर आराम करने के बाद मैं फिर से मम्मी की चुदाई करने लगा। फिर मम्मी को पेशाब आने लगा और मुझे भी प्यास लग गई थी तो फिर हम दोनों ही नंगे ही कमरे से बाहर निकले तो देखा के नानी वहीं कमरे के बाहर ही सो रही थी। मम्मी थोड़ी लंगड़ाकर चल रही थी। फिर हम पहले पेशाब करके आए और फिर आकर पानी पीने लगे।

 

 

 

फिर पानी पीकर जैसे ही हम वापिस कमरे मे जाने लगे तो मम्मी से किसी चीज के ठोकर लग गई तो काफी आवाज हुई। आवाज सुनकर नानी जाग गई। फिर नानी ने लाइट जलाई तो सामने हम दोनों नंगे खड़े थे। फिर मैं तो अपना लंड हाथ में पकड़कर कमरे मे चला गया और फिर मम्मी और नानी बात करने लगी। फिर मम्मी ने बताया के हम पानी पीने आए थे। फिर मम्मी लँगड़ाते हुए कमरे मे आने लगी तो मम्मी को लँगड़ाता देख नानी और मम्मी एक दूसरे को देखकर मुस्कुराने लगी। फिर मम्मी के कमरे मे आने के बाद हम दोनों फिर ताबड़तोड़ चुदाई करने लगे। वियाग्रा के कारण मेरा लंड बैठने के नाम ही नहीं ले रहा था तो मम्मी की सारी रात ही चुदाई करता रहा। फिर सुबह जाकर हम थोड़ा बहुत सोये। इतने में सुबह सुबह ही नानी हमारे कमरे मे आ गई और फिर मम्मी से जल्दी नहाकर तैयार होने के लिए कहा। नानी हमें मंदिर ले जाना चाहती थी। फिर मैं और मम्मी उठे। फिर सिर्फ अन्डरवियर पहनकर मैं कमरे से बाहर आ गया और मम्मी ने रात वाला लहंगा ही पहन लिया। फिर मोना भी उठकर आ गई। फिर हम सब चाय पीने लगे। मोना ने भी रात वाला लहंगा ही पहन रखा था और ऊपर सिर्फ ब्रा पहन रखी थी।

 

 

 

फिर चाय पीकर मोना और नानी तो वहीं बैठी रही और फिर मैं और मम्मी साथ ही नहाने के लिए बाथरूम मे चले गए। फिर हमने एक दूसरे को मसलकर नहलाया। फिर नहाने के बाद मैं तो अपना अन्डरवियर पहनकर ही बाहर आ गया और मम्मी तोलिया लपेटकर बाहर आई। तब मम्मी के आधे से ज्यादा बोबे दिख रहे थे। फिर मैं और मम्मी तैयार होने कमरे में गए तो फिर कमरे में जाते ही मैं मम्मी की चुदाई करने लगा। फिर चुदाई के बाद मैं कपड़े पहनकर बाहर आ गया और मम्मी तैयार होने लगी। जब मम्मी तैयार होकर बाहर आई तो हम सब देखते ही रह गए। मम्मी ने तब एक टाइट लाल रंग का सूट पहन रखा था और हाथों में लाल लाल चूड़े और मांग मे काफी सारा सिंदूर लगा रखा था और गले मे मंगलसूत्र था। मम्मी को ऐसे देखकर नानी भी देखती रह गई।

 

 

 

फिर नानी ने खड़ी होकर मम्मी के गाल पर काला टीका लगाया। फिर मैं, मम्मी और नानी तीनों मंदिर जाने लगे। घर से बाहर निकलते ही मम्मी ने घूँघट कर लिया। फिर हम एक रिक्शा मे बैठकर मंदिर जाने लगे। मंदिर जाकर नानी ने हम दोनों के नाम से पूजा करवाई और फिर हमारे जल्द से जल्द एक लड़का हो ऐसी मनोकामना की। फिर हम वापिस आ गए। फिर घर पर आकर मम्मी ने हम सबके के लिए खाना बनाया। मेरी और मम्मी की शादी की बात होते ही मैं मम्मी को नाम से बुलाने लगा था। मम्मी मुझसे चुद चुदकर काफी सेक्सी हो गई थी। फिर मैंने नानी से कहा के आज से आप मेरी सास हो। फिर नानी हँसकर बोली के हाँ हाँ ठीक है। फिर मोना नानी से बोली के पापा रहे नहीं और मम्मी ने इससे शादी कर ली तो अब से मैं आपकी बेटी हूँ और इसकी साली। फिर इतने में मम्मी आई तो मोना मम्मी के साथ खड़ी होकर बोली के देखो अब तो हम बहने ही लगती है। फिर उन्हे देखकर नानी बोली के ठीक है आज से तुम दोनों मेरी बेटियाँ हो ये मेरा दामाद। मम्मी और मोना दोनो नानी को माँ कहकर ही बुलाती थी।

 

 

 

आखिरकार जैसा हमने सोचा था उससे भी अच्छा हो रहा था सब कुछ। अब तो हमारी खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं था। मैं अब हरदम मम्मी से ही चिपका रहने लगा। मोना और नानी के सामने मैं मम्मी के गालों पर किस कर देता और फिर उनसे उनसे नजरें बचाकर मम्मी के बोबो और गाँड को सहला देता। जब हमारा मूड बन जाता तो पहले तो मैं मम्मी को कमरे में ले जाता और फिर मम्मी सलवार खोलकर घोड़ी बन जाती और फिर मैं मम्मी की चुदाई करने लगता। लेकिन फिर तो जहाँ भी मौका मिलता मैं और मम्मी शुरू हो जाते। मम्मी किचन में खाना बना रही होती या सुबह सुबह झाड़ू लगा रही होती तो तब आसपास कोई नही होता तो मम्मी वहीं सलवार खोल देती और फिर हम वहीं चुदाई कर लेते। एक बार मैं और मम्मी किचन में चुदाई कर रहे थे और ये बात नानी को पता थी। फिर जब मोना किचन में जाने लगी तो नानी ने उसे अपने पास बुला लिया। फिर जब चुदाई करके मैं किचन से बाहर आया तब नानी ने मोना को किचन में भेजा। फिर ऐसे ही एक दिन सुबह सुबह मम्मी आंगन में झाड़ू लगा रही थी तब मोना वहीं सोई थी और नानी उठ गई थी। तब मेरा मूड बन गया तो मैं मम्मी को वहीं खड़े खड़े ही चुदाई करने लगा। फिर जब वहां नानी आई तो हम करते ही रहे। फिर नानी हमसे बोली के पास में मोना सोई है कुछ तो शर्म कर लो। फिर मम्मी नानी से बोली के बस थोड़ी देर और।

 

 

 

 

 

फिर जब मैं झड़ गया तो मम्मी अपनी सलवार बांधकर फिर से झाड़ू लगाने लगी। मम्मी 38 साल की थी और नानी की उम्र 60 साल के लगभग थी। इस कारण वो दोनो अब एक दुसरे के साथ खुलकर बात कर लेती थी। अब तो मैं भी नानी के साथ खुलकर बाते करने लगा था। फिर कुछ दिन बाद मम्मी प्रेग्नेंट हो गई तो फिर हम सब बहुत खुश हुए। फिर नानी मुझे और मम्मी को फिर से मंदिर ले गई और आने वाले बच्चे के नाम लर पूजा वगैरह करवाई। फिर नानी मुझसे बोली के अब मेरी बेटी को ज्यादा तंग ना किया कर। फिर मैं बोला के तुम्हारी बेटी है ही ऐसी मैं क्या करूँ। तब मम्मी भी वहीं थी तो फिर मेरी बात सुनकर वो और नानी हंसने लगी। पहले मैं और मम्मी कमरे में सोते और नानी और मोना आंगन में सोते थे। लेकिन फिर गर्मी ज्यादा होने लग गई तो फिर हम सब जाकर छत पर सोने लगे। मैं और मम्मी नानी और मोना से थोड़ा दूर सोते। फिर रात को मैं और मम्मी नंगे होकर चुदाई करते और फिर नंगे ही सो जाते। सुबह सबसे पहले नानी उठती तो फिर मम्मी को जगाती। मैं तब बिल्कुल नंगा सोया रहता तो नानी मेरे लण्ड को काफी बार देख चुकी थी। फिर मम्मी पहले तो कपड़े पहनकर हम सबके लिए चाय बनाकर लाती। लेकिन मोना लेट ही उठती थी तो फिर मम्मी नंगी ही जाकर चाय बनाकर लाती और फिर नीचे जाकर काम करने लग जाती।

 

 

 

 

एक बार चाय पीने के बाद हम बातें कर रहे थे तो फिर मैं मम्मी को अपना लण्ड बाहर निकलकर दिखाने लगा। फिर मम्मी गर्म हो गई तो फिर नानी के सामने ही मम्मी मेरा लण्ड सहलाने लगी और फिर चुसने लगी। फिर मैं भी कहाँ पीछे रहने वाला था। फिर मैंने मम्मी को घोड़ी बनाया और लगा मम्मी की चुदाई करने। नानी तो हमे देखकर देखती ही रह गई। फिर चुदाई के बाद मम्मी मेरे गले लगी और फिर मेरी बॉडी पर किस करने लगी। फिर मम्मी मेरे मुरझाए हुए लण्ड को हाथ मे लेकर सहलाने लगी। फिर मम्मी तो उठकर नीचे चली गई और मैं और नानी वहीं बैठे रहे। मैं नानी के सामने नंगा ही बैठा था। फिर नानी नीचे चली गई और फिर मैं भी नानी के पीछे पीछे नंगा ही नीचे चला गया। फिर मैं जाकर कमरे में लेट गया और फिर मम्मी और नानी बातें करने लगी। नानी मम्मी से कहने लगी के तेरे पति से तो तेरा बेटा ही अच्छा है। तुमने तो इतने साल दुख ही भुगते है। पर अब तो तेरे सारे सुख हो जाएंगे। फिर मम्मी बोली के हां। भगवान ने ही मुझे ऐसा बेटा देकर मुझ पर बहुत बड़ा एहसान किया है। फिर ऊपर से मोना आई तो मम्मी खड़ी होकर कमरे में आ गई और फिर कपड़े पहनकर फिर से काम मे लग गई।

 

 

 

 

 

तब काफी गर्मी पड़ती थी तो फिर मैं मार्केट गया और उन तीनों के लिए शॉर्ट टी शर्ट और हाफ पैंट लेकर आया। फिर घर आकर मैंने सबको पापा के बीमा वाली बात बताई तो सब बहुत ज्यादा खुश हुए। फिर मम्मी बोली के उस तांत्रिक के कहने पर मैंने तुम्हारी शादी करवा दी। अगर नहीं करवाती तो पता नहीं क्या होता। फिर मैं नानी से बोला के ये सब आपकी बेटी की ही किस्मत है। अब तो हम लखपति बन गए है तो अब किसी बात की चिंता नहीं है। फिर मैंने सबको वो टीशर्ट दी और हाफ पैंट दी। फिर मम्मी बोली के इससे अच्छा तो मैं ब्रा पैंटी ही पहन लुंगी। फिर मोना बोली के मैं भी ब्रा और हाफ पैंट ही पहनुगी। फिर उन्होंने नानी से भी ऊपर ब्रा और नीचे हाफ पैंट पहनने के लिए बोला। फिर नानी मान गई तो फिर मम्मी तो ब्रा पैंटी में रहने लगी और मोना और नानी उपर ब्रा और नीचे हाफ पैंट पहनती। फिर मोना भी नीचे पैंटी पहनने लगी। इस प्रकार मम्मी और मोना तो ब्रा पैंटी में और नानी ब्रा और हाफ पैंट में रहने लगी। वो तीनो ऐसे कपड़े पहनकर काफी खुश हुई। अब मम्मी का कपड़े पहनने और खोलने का सब झंझट ही खत्म हो गया था।

 

 

 

 

रात को मम्मी हमारे पास आ जाती और फिर हम खूब बातें करते। फिर मैंने नानी से मजाक मजाक में कहा कि आपकी बेटी बहुत गर्म है। ये किस पर गई है। आप पर या आपके पति पर। फिर नानी बोली के मुझ ही पर गई है। फिर मैंने नानी से कहा के तो आप भी काफी गर्म होती थी क्या अपनी जवानी में। फिर नानी मुस्कुराकर बोली के हां। फिर मैंने नानी से कहा के अपनी जवानी का कोई दिलचस्प किस्सा सुनाओ ना। अब क्या शर्म की बात है। फिर नानी ने कहा के ठीक है। फिर नानी ने कहा के मेरे पति भी काफी दारू पीते थे। इस कारण मैं हमारे पड़ोसी से करवाती थी। ये सुनकर सबसे ज्यादा हैरान मम्मी हुई। फिर मम्मी नानी से पूछने लगी के उस लालचंद से करती थी। फिर मम्मी ने कहा के हां। फिर मम्मी ने पूछा के कितने टाइम तक किया उससे। फिर नानी ने कहा के 5-6 साल तक। फिर मम्मी ने पूछा के फिर और किसी से किया। फिर नानी ने कहा के नहीं। फिर तू बड़ी हो गई तो फिर नहीं किया किसी से। फिर ये सुनकर मम्मी सरक कर नानी के पास चली गई और फिर नानी के बोबो को दबाते हुए कहा के मैं तो आपको बहुत शरीफ समझती थी और आप इतनी चालू निकली। फिर मैंने मम्मी से कहा के तो क्या हो गया फिर। मैं तुमसे नहीं करता तो तुम भी किसी पड़ोसी से ही चुद रही होती अभी। मेरी बात सुनकर मम्मी चुप हो गई। फिर मैंने नानी से कहा के ये बात हम किसी को नहीं बताएंगे।

 

 

 

 

आपकी जिंदगी है आप जैसे चाहे जिओ। फिर उस दिन के बाद मेरा और मम्मी का नानी के प्रति नजरिया बदल गया। फिर नानी भी हाफ पैंट छोड़कर पैंटी में रहने लगी। नानी काफी मस्त लगती थी ब्रा पैंटी में। पहले तो मैं सिर्फ मम्मी से ही मस्ती करता था लेकिन अब नानी से भी करने लगा। मैं नानी की गालों पर किस कर देता और फिर नानी की कमर में हाथ डालकर नानी को अपने से चिपका लेता। फिर मैंने नानी से दूध पिलाने के लिए कहा तो फिर नानी अपनी ब्रा खोलते होये बोली के अब कहाँ दूध आता हैं इनमें। फिर मैं नानी के बोबो को चुसते हुए बोला के जितना आ जाये उतना ठीक है। फिर मैं लगभग रोज ही नानी के बोबो को चुसने लगा। उधर मोना ने मम्मी के बोबो को चुसना शुरू कर दिया। इस तरह फिर मम्मी और नानी ने ब्रा पहननी ही छोड़ दी और फिर मैं और मोना जब चाहे उनके बोबो को चुसने लग जाते। फिर एक बार मैं मम्मी और नानी साथ मे सोए थे। फिर मेरे सामने ही मम्मी ने नानी की पैंटी में हाथ डालकर नानी की चुत सहलाने लगी। नानी ने कुछ नहीं कहा। फिर मैं भी नानी के बोबो को सहलाने लगा। तब रात का टाइम था तो फिर उस रात मम्मी ने नानी की पैंटी खोल दी और फिर नानी हमारे साथ नंगी ही सो गई। नानी को नंगी होकर सोने में बहुत मजा आया। फिर मेरे और मम्मी के कहने पर नानी नंगी ही रहने लगी।

 

 

 

 

लेकिन जब मम्मी नानी के ऊपर चढ़कर नानी की चुत चूसती और वो दोनो एक दुसरे से मस्ती करती तो फिर इसमे नानी को बहुत मजा आता। फिर मम्मी ने नानी को मोना के बारे में बताया के मोना भी अब जवान हो चुकी है। वो भी कुछ कम नहीं है। फिर मम्मी ने नानी को एक झूठी कहानी सुनाई के मोना को राज ने किसी लड़के के साथ देख लिया और फिर राज ने मोना को खूब पीटा और फिर उसकी चुदाई कर दी। ये सुनकर नानी थोड़ी हैरान हुई। फिर तब मम्मी मोना के पास गई और फिर हमारे सामने ही वो दोनो एक दूसरे से मस्ती करने लगे। उन्हें मस्ती करते देख मैं नानी की चुत सहलाने लगा तो नानी कुछ नहीं बोली। फिर मोना भी नंगी रहने लगी। फिर नानी और मम्मी के सामने मैंने मोना की चुदाई भी कर दी। पर शायद अब इससे किसी को कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ने वाला था। फिर वो तीनो माँ बेटी एक दूसरे की चुत चूसकर मस्ती करती। मोना ने नानी की चुत के सारे बाल साफ कर दिए थे। जिससे नानी को अब काफी अच्छा लगने लगा था। उन्हें अपने शरीर से प्यार हो गया था। फिर मोना और मम्मी नानी को पोर्न फिल्में दिखाने लगी। ऐसी फिल्में देखकर तो नानी बिल्कुल हैरान हो गई। फिर उनका दिमाग भी थोड़ा खुला। अब हम सब साथ मिलकर मस्ती करने लगे। फिर एक दिन मौका देखकर मैंने नानी की भी चुदाई कर दी। फिर मैं बारी बारी से उन तीनों माँ बेटीयों की चुदाई करने लगा।

 

 

 

 

फिर एक दिन नानी बोली के काश तुम जैसे मर्द मुझे पहले मिला होता तो मैं भी बहुत मजे करती। फिर मैं नानी से बोला के अब मिल गया ना। अब कर लो मजे। फिर वो तीनो मिलकर मेरे लण्ड को चुस्ती और हिलाती। वो आपस मे भी एक दूसरे के बोबो और चुत को सहलाकर मस्ती करती। नानी को ऐसे नंगी रहकर मस्ती करने में काफी मजा आने लगा था।

 

 

 

फिर मैं तो सेठ के यहाँ नौकरी पर जाने लगा। सेठ ने मुझे पापा के बीमे वाले पैसों से एक प्लॉट दिलवा दिया था। सेठ बोला के इस प्लाट की कीमत कुछ ही टाइम में दुगनी हो जाएगी। फिर तुम इसे बेचकर और अच्छा प्लाट ले लेना। उधर उन तीनों मां बेटियों की मस्ती चलती रहती थी। मम्मी को दुसरा महीना लग चुका था। तो नानी और मोना मम्मी का काफी ख्याल रखते। मुझे सबसे मस्त मम्मी ही लगती थी तो मैं ज्यादा मम्मी की ही चुदाई करता था। लेकिन अब प्रेगनेंसी के कारण मैं मोना और नानी की चुदाई करने लगा था।

 

 

कहानी आगे जारी रहेगी...

 

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  • @Virat490

    21 दिन पहले

    Mathura Jaipur Bharatpur se koi ho to profile m jakar inbox m msg kro 


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  • @Sahil

    2 महीने पहले

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  • @Sahil0088

    6 महीने पहले

    My whataap no (7266864843) jo housewife aunty bhabhi mom girl divorced lady widhwa akeli tanha hai ya kisi ke pati bahar rehete hai wo sex or piyar ki payasi haior wo secret phon sex yareal sex ya masti karna chahti hai .sex time 35min se 40 min hai.whataap no (7266864843)


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