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मेरा नाम विकास है और अभी मेरी उम्र 22 साल है। ये कहानी मेरी मम्मी रेणु के बारे में है जो कि काफी हँसमुख, सीधी और सरल स्वभाव की है। मेरा पापा काफी सेक्सी मिजाज के है। अपने माता पिता की मैं इकलौती संतान हूँ इस कारण मुझे हमेशा से ही काफी प्यार मिला है।

शादी के बाद से ही पापा ने मम्मी को घोड़ी बनाकर चोदना चालू किया और वो अभी भी ऐसे ही चोद रहे है। पापा को चुदाई करना बहुत पसंद है और वो अभी तक काफी औरतों की चुदाई कर चुके है। इसके बारे में मम्मी को भी पता है। पर मम्मी उन्हें कुछ नहीं कहती है। बल्कि वो तो खुश है इस बात से। उन्हें पता है के पापा को चुदाई चाहिए। अगर वो बाहर किसी से कर लेते है तो उन्हें थोड़ा आराम मिल जाता है। पर ऐसा कुछ नहीं था। पापा मम्मी को भी घोड़ी बनाकर खूब चुदाई करते। कोई दिन ऐसा नहीं जाता जिस दिन मम्मी पापा के आगे घोड़ी ना बनी हो।

मैं भी बचपन से मम्मी और पापा की चुदाई देखते हुए आ रहा हूँ। जब मैं 10 साल का हुआ तब तक मम्मी मेरे सामने नंगी ही रह लेती थी। तब मैं मम्मी को नंगी देखकर शर्मा जाता था। मैं काफी बार मम्मी और पापा की चुदाई भी देख चुका हूँ। मम्मी काफी हँसमुख है तो उनके चेहरे पर हर समय मुस्कान रहती है। जिससे मम्मी काफी अच्छी लगती है। फिर मैं 14-15 साल का हो गया तब तक भी मम्मी मेरे सामने ब्रा पैंटी में रह लेती थी और पापा मेरे सामने ही मम्मी से शरारत कर लेते थे। मम्मी मेरा मुँह अपने बोबो में दबा लेती। इससे मुझे भी बहुत अच्छा लगता था। फिर पापा मेरे सामने ही मम्मी के बोबो को बाहर निकालकर चुसने लग जाते और फिर मुझे भी चुसवाते। इसमें मुझे बहुत मजा आता। फिर मुझे मम्मी को कम कपड़ो में देखना बहुत अच्छा लगने लगा और मेरा लण्ड भी खड़ा होने लगा। फिर एक दिन मैं बिस्तर पर नंगा लेटकर अपने लण्ड से खेल रहा था तो तभी मम्मी ने मुझे देख लिया। लेकिन तब मम्मी ने मुझसे कुछ नहीं कहा और बस हँसने लगी। फिर एक दिन पापा ने मुझसे इस बारे में बात की। शायद इस बारे में मम्मी ने पापा को सब बता दिया था।

फिर पापा मुझे लेकर दूसरे कमरे में चले गए और फिर मुझे चुदाई और लण्ड के बारे में काफी ज्ञान दिया। वो तब मुझसे ऐसे बात कर रहे थे जैसे मैं उनका दोस्त हूँ। फिर वो मेरे सामने नंगे हो गए और अपना लण्ड सहलाने लगा। फिर उन्होंने मुझे भी नंगा होने के लिए कहा लेकिन मुझे शर्म आ रही थी लेकिन फिर मैं भी अपने कपड़े खोलकर नंगा हो गया। फिर शर्माता हुआ मैं भी अपना लण्ड सहलाने लगा। फिर पापा ने मुझे लण्ड ज्यादा हिलाने से मना किया और ज्यादा मूठ मारने के लिए भी मना कर दिया। फिर हम दोनों जब भी फ्री होते तो ऐसे ही कमरे में जाकर नंगे हो जाते और खूब बातें करते। फिर एक दिन कमरे में मम्मी आ गई तो फिर मम्मी के सामने पापा तो नंगे ही खड़े रहे पर मुझे शर्म आने लगी तो मैं अपना लण्ड छुपाने लगा। फिर वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी और फिर वापिस चली गई। फिर मुझे चुदाई का पूरा ज्ञान हो गया और मैं सेक्सी लड़कियों को देखकर मूठ मारने लगा।

इसके बारे में जब मम्मी और पापा को पता चला तो फिर मम्मी मुझे ताकत वाले लड्डू खिलाने लगी। जिसमे शिलाजीत और अश्वगंधा वगैरह होता था। फिर एक दिन पापा मम्मी को घोड़ी बनाकर चोद रहे थे और कमरे का गेट खुला ही था तो फिर मैं कमरे के बाहर खड़ा होकर उनकी चुदाई देखने लगा। मुझे देखते हुए तब पापा ने देख लिया था पर वो कुछ नहीं बोले और मम्मी की चुदाई करते रहे। फिर उस दिन के बाद से तो पापा लगभग मेरे सामने ही मम्मी की चुदाई करते और मैं उन्हें देखकर खूब मजे लेता। फिर मुझे भी चुदाई करने की बहुत जोर से इच्छा होने लगी और ये बात पापा भी जान गए थे तो फिर एक दिन वो मुझे अपने साथ बाहर ले गए।

उस दिन पापा मुझे अपनी किसी गर्लफ्रैंड के घर ले गए। वो टीचर थी और तलाकशुदा थी और उनकी उम्र मम्मी जितनी ही थी। फिर पापा ने मेरे बारे में उसे बताया तो वो हम दोनों के साथ चुदाई करने के लिए तैयार हो गई। फिर हम तीनों नंगे होकर बेड पर चले गए और फिर मैं और पापा उसके बदन को सहलाने लगा। तब मैं काफी गर्म हो चुका था। फिर वो टीचर लेट गई तो पापा ने मुझे उस टीचर के ऊपर जाकर उसकी चुत में लण्ड डालने के लिए कहा तो मैंने वैसे ही किया। फिर मैं उसकी चुत में लण्ड अंदर बाहर करने लगा और मुझे बहुत मजा आने लगा। लेकिन मैं जल्दी ही झड़ गया तो ये देखकर वो हँसने लगी और बोली के कोई बात नहीं तुम्हारा पहली बार था। फिर इसके बाद पापा ने उसकी चुदाई की। फिर थोड़ी देर बाद जब मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया तो मैंने फिर से उसकी चुदाई की। उस दिन मुझे काफी मजा आया। फिर उस दिन जब हम घर आये तो मम्मी भी मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी। उन्हें शायद पता था के मैं आज चुदाई करके आया हूँ। फिर पापा मुझे कई बार उसके पास ले गए और फिर मैंने काफी चुदाई की। उधर घर पर भी अब पापा का मन करता तब मम्मी को नंगी करके चोदने लग जाते। मम्मी मुझसे ज्यादा शर्म नहीं करती थी और वो भी खूब मजे लेती। कई बार जब हम तीनों साथ मे सोते तो पापा तो मम्मी को नंगी कर लेते और फिर मैं मम्मी के बोबो को खूब चूसता।

उस टीचर की एक बेटी थी जो कि मुझसे एक दो साल छोटी थी। फिर वो अपनी मम्मी के साथ आकर रहने लगी तो फिर मैं और पापा जब उस टीचर के पास जाते तो फिर पापा और वो टीचर तो कमरे में जाकर चुदाई करने लग जाते और मैं और वो बात करने लग जाते। उसका नाम रिया था और वो काफी सुंदर थी। फिर जल्दी ही हमारी दोस्ती हो गई और फिर हम एक दूसरे से किस करने लगे। फिर एक दिन मैंने उसकी कुंवारी चुत चोद दी। उस दिन मुझे और रिया को काफी मजा आया। फिर जब टीचर को इस बारे में पता चला तो उन्होंने कुछ नहीं कहा। फिर तो हम दोनों उसके घर पर ही घण्टो तक कमरा बंद करके कमरे में रहते और जैसे चाहे वैसे मजे करते।

जब मेरी इस गर्लफ्रैंड के बारे में मम्मी को पता चला तो वो बहुत खुश हुई। फिर वो मुझसे उसके बारे में पूछती और मैं उन्हें सब कुछ बता देता। उधर पापा ने मुझे किसी के प्यार में ना पड़ने की सलाह पहले ही दे दी थी। उनका कहना था के बस चुदाई के मजे लो। अब मैंने भी चुदाई कर ली थी तो फिर मैं और पापा अलग अलग तरीके से चुदाई करने के बारे में बातें करते। पापा घर पर ही जिम वगैरह करते है और फिर मैं भी उनके साथ ही एक्सरसाइज वगैरह करने लगा था। जिस कारण पापा के साथ साथ मेरी बॉडी भी काफी अच्छी बन गई थी। फिर कई बार मैं और पापा बिल्कुल नंगे होकर एक्सरसाइज करते। साथ मे हम सेक्सी बाते करते रहते तो हमारे लण्ड खड़े हो जाते। फिर कई बार जब मम्मी वहां पर आ जाती तो पापा ने मुझे मम्मी से शर्माने के लिए मना कर दिया तो फिर मैं मम्मी के सामने ही अपना खड़ा लण्ड लिए घूमता रहता। उधर मम्मी का कहना था के वो मुझे बचपन से नंगा देख रही है तो फिर अब मेरा उनके सामने नंगा होना आम बात थी। उधर फिर पापा मेरे सामने ही मम्मी से कुछ ज्यादा ही मस्ती करने लगे थे। कई बार तो पापा मम्मी को मेरे सामने ही झुकाकर खड़ी कर लेते और चोदने लग जाते। मम्मी भी पूरी चुदक्कड़ बन चुकी थी। वो भी जब तक पापा का लण्ड नहीं लेती उन्हें चैन नहीं आता था। फिर तो मम्मी मेरे सामने ही पापा की बॉडी पर किस करती और फिर पापा के लण्ड को पकड़कर हिलाने लग जाती। फिर तो वो पापा का लण्ड चुसने भी लगी थी। एक्सरसाइज करते टाइम मर्द और पापा के काफी पसीना आ जाता था तो फिर मम्मी टॉवल लेकर हमारा पसीना पोंछती और फिर वो पसीना पोंछते पोंछते मेरे लण्ड को जानबूझकर टॉवल से पकड़कर हिलाने लग जाती। मुझे भी अब मम्मी से शर्म नहीं आती थी तो मैं भी मम्मी के सामने अपने लण्ड को पूरी शान से हिलाता। मम्मी को तब मुझ पर तब गर्व होता और वो काफी खुश होती।

फिर मैं घर पर पोर्न फिल्में लाने लगा तो मैं और पापा एक साथ बैठकर पोर्न फिल्में देखते और मम्मी भी वहीं घूम रही होती। फिर पापा तो मम्मी को पकड़कर वहीं शुरू हो जाते। फिर पोर्न फिल्में देखकर मम्मी भी काफी कुछ सीख गई थी। वो चुदाई के टाइम फ़क मी हार्ड फ़क मी हार्ड कहती और पापा भी मम्मी की गाँड पर थप्पड़ थप्पड़ मार मार कर लाल कर देते। उधर मैंने अपने कमरे में भी नंगी नंगी लड़कियों के काफी सारे फ़ोटो लगा रखे थे। मम्मी जब नंगी होती तो वो अपने पैर फैलाकर मुझे अपनी चुत दिखाती और कहती के तू यहां से निकला तब कितना छोटा सा था और अब देखो कितना बड़ा हो गया है। मेरी उम्र के हिसाब से मेरा शरीर काफी बड़ा हो गया था। मम्मी मुझे काफी प्यार करती और मैं भी मम्मी को काफी प्यार करता था। रात को पापा से चुदाई के बाद मम्मी मुझसे चिपक कर सो जाती। फिर मम्मी को लगा के मैं उनकी चुदाई करना चाहता हूँ पर मैं शर्मा रहा हूँ। तो मम्मी मेरा लण्ड सहलाने लगी और मेरे ऊपर आकर मेरी बॉडी को चूमने लगती। मम्मी की चुदाई तो मैं भी करना चाहता था पर शायद तब नहीं। फिर मैंने मम्मी से कहा के मैं आपके शरीर से नहीं आपसे प्यार करता हूँ। मुझे आप पापा की तरह मत समझो जो के आपको हमेशा घोड़ी बनाने में ही लगे रहते है। ये सुनकर मम्मी खुश हुई के मैं उनकी कितनी इज्जत करता हूँ। फिर मम्मी ने कहा के मेरी जिंदगी में मेरे पापा, मेरा पति और मेरा बेटा ये तीन ही महत्वपूर्ण है। मुझे इन तीनो का ही खूब ख्याल रखना है। शादी के बाद तुम्हारे पापा दूसरी औरतों की चुदाई करने लगे और उन्होंने मुझे भी दूसरे मर्दो से चुदने के लिए कहा। लेकिन फिर मुझे तुम्हारा ख्याल आ गया। मैंने सोचा के अगर कल को तुम्हे ये सब पता चलेगा तो तू क्या सोचेगा। फिर मम्मी ने कहा के तेरे पापा के बाद तू ही मेरा सब कुछ है।

मम्मी की ये बात सुनकर मुझे मम्मी से और ज्यादा प्यार हो गया। फिर मम्मी अगले दिन से पूरे कपड़े पहनकर रहने लगी। फिर उन्होंने मुझे सिर्फ रेणु कहने के लिए कहा तो फिर मैंने वैसे ही किया। फिर उन्होंने अपनी मांग में मुझसे सिंदूर भरवाया और फिर उन्होंने मेरे पैर भी छुए। अब वो मेरी पत्नी बन चुकी थी। फिर तब मैं कॉलेज जाने लगा था तो फिर कॉलेज जाने से पहले वो खुद मुझे अच्छे से तैयार करती और फिर कॉलेज आने के बाद हम दोनों एक दूसरे से काफी बाते करते। फिर मैंने अपनी उस गर्लफ्रैंड को भी छोड़ दिया और बस अपनी रेणु का ही ख्याल रखता। पापा मेरे सामने रेणु की गाँड पर काफी थप्पड़ मारते तो मैं रेणु की गाँड पर मलहम लगा देता। ये देखकर रेणु हंसने लगी और फिर पापा ने भी रेणु की गाँड पर जोर से थप्पड़ मारने कम कर दिए। फिर एक दिन मैं कॉलेज से जल्दी वापिस आ गया और मेरा चुदाई करने का बहुत मन था तो आते ही मैं रेणु से चिपक गया और फिर हम लिप किस करने लगे। रेणु भी सब समझ चुकी थी। फिर हम कब कमरे में चले गए और कब चुदाई करने लग गए पता ही नहीं चला। उस दिन मुझे और मम्मी को चुदाई में काफी मजा आया मैंने कई बार रेणु की चुदाई की। फिर चुदाई के बाद रेणु मुझसे बोली के मैं आज तुम्हारी मम्मी से बीवी बन गई। तब मेरी उम्र सिर्फ 17 साल थी। यानी बालिग होने से पहले ही मैं तीन औरतों की चुदाई कर चुका था। मम्मी की चुदाई के बाद मुझे मम्मी से प्यार हो गया था और मम्मी भी मुझसे बहुत प्यार से चुदवाती। फिर मैं और पापा मम्मी को साथ मिलकर चोदने लगे। अपनी चुत और गाँड में लण्ड लेकर मम्मी को बहुत मजा आता। फिर मैं मम्मी को बाहर भी घुमाने ले जाता। मम्मी मुझे अपना पति मान चुकी थी तो वो मेरी बीवी बनकर ही रहती।

फिर इतना ही नहीं एक बार हम मेरे ननिहाल गए। मेरे ननिहाल में मेरे नाना नानी और मामा माम्मी है। मेरे मामा जॉब करते है तो वो दूसरे शहर रहते है और कभी कभी ही आते है। तो घर पर ज्यादातर सिर्फ नाना नानी ही रहते है। अब मैं दिखने में तो नहीं पर उम्र में छोटा हूँ तो नानी मुझे बच्चा ही समझती है। जिस कारण वो मेरे सामने ही मम्मी से सब टाइप की बाते कर लेती है। मम्मी भी इस बात का खूब फायदा उठाती है और वो नानी के सामने ज्यादा कपड़े नहीं पहनती है और तो और वो मुझे नंगी होकर नहलाती है जैसे मैं छोटा बच्चा हूँ। इस पर नानी भी मम्मी को कुछ नहीं कहती है और कहे भी क्यूँ आखिर ये सब पहले से जो चला आ रहा है। मै जब छोटा था तो तब मम्मी के साथ साथ मैं नानी के बोबो को भी चूसता था और वैसे अब भी मैं नानी के बोबो को बाहर निकालकर चुसने लग जाता हूँ। हालांकि नानी मुझे छोटा बच्चा समझ रही थी पर वो जानती नहीं के ये छोटा बच्चा अब कितना बड़ा हो गया है। जब मम्मी मेरे साथ नंगी बाथरूम में होती तो हम दोनों चुदाई कर लेते और ऐसे ही रात को भी मम्मी नंगी होकर सोती और हम चुदाई करते। जब मम्मी नंगी होती तो मैं मम्मी के गले से लग जाता और फिर उनकी नंगी गाँड को सहला देता। ये देखकर भी नानी कुछ नहीं कहती। रात को नानी हमारे साथ ही सोती तो मैं नानी के बोबो को खूब सहलाता और चूसता। फिर एक दिन जब मैं और मम्मी नहाकर बाथरूम से निकले तो तभी नानी आ गई और वो मेरे खड़े लण्ड को देखकर हँसने लगी। नानी को देखकर मैं भी कुछ खास नहीं शरमाया। फिर नानी ने मम्मी से कहा के इसका तो अभी इतना बड़ा है। ये बड़ा होगा तो इसके बाप से भी बड़ा हो जाएगा। फिर ये सुनकर मैंने बाद में मम्मी से पूछा के नानी ने ऐसा क्यों कहा। तो फिर मम्मी ने बताया के तेरे पापा मेरी यहां चुदाई करते तो तेरी नानी में देख लिया था। फिर उस दिन के बाद मैं नानी के सामने नंगा ही रहने लगा। फिर रात को सोते टाइम या दिन में भी मैं और मम्मी आपस मे मस्ती से खेलते तो कभी मम्मी मेरे ऊपर चढ़ जाती या कभी मैं मम्मी के ऊपर। तो उस टाइम में चुपके से अपना लण्ड मम्मी की चुत में डाल देता। हालांकि तब नानी वहीं होती लेकिन तब भी उन्हें कुछ पता नहीं चल पाता था। फिर मम्मी की तरह मैं नानी के बदन को सहलाता और उनकी गाँड को दबा देता तो नानी मुझे छोटा बच्चा समझकर कुछ नहीं कहती। फिर मैं नानी के ऊपर भी चढ़ जाता और फिर नानी के बोबो को खूब चुस्ता और नानी से मस्ती करता। इसमें नानी को भी मजा आता था।

फिर एक बार नानी नहा रही थी तो फिर मैं और मम्मी नंगे होकर बाथरूम में घुस गए। तब हमें देखकर नानी ज्यादा कुछ हैरान नहीं हुई। फिर नानी के सामने ही मम्मी मुझे नहलाने लगी और फिर मैं और मम्मी एक दूसरे के बदन पर साबुन लगाने लगे। फिर उधर मम्मी नानी के बदन पर भी साबुन लगाने लगी। मम्मी को लेस्बियन सेक्स के बारे में पता था। उन्होंने काफी ऐसी पोर्न फिल्म देखी थी जिसमे लड़कियां आपस मे मजे करती है। फिर क्या था मम्मी भी नानी के बदन को सहलाकर मजा लेने लगी। मम्मी नानी की चुत और बोबो को सहलाने लगी। फिर नानी भी मम्मी के बोबो को सहलाने लगी और फिर वो दोनो हँसने लगी। ये सब देखकर तो मेरा लण्ड पूरा खड़ा हो चुका था। फिर नहाने के बाद हम सब बाथरूम से बाहर आ गए और फिर मम्मी नानी को लेकर बेड पर लेट गई और फिर नानी के ऊपर जाकर नानी के बोबो को चुसने लगी। फिर मम्मी ने नानी को अपने ऊपर बैठा लिया तो फिर नानी मम्मी के बोबो को चुसने लगी। नानी की उम्र 60 से ज्यादा थी पर वो 40 की ही लगती थी। फिर मम्मी नानी के ऊपर जाकर नानी के बदन को चूमने लगी और फिर उनकी चुत पर हाथ फिराने लगी और तब शायद मम्मी ने एक उंगली सास की चुत में घुसा दी। नानी की चुत पर बाल थे तो फिर मम्मी ने पहले तो सब बाल ट्रिमर से हटाए और फिर बाल हटाने वाली क्रीम से सब बाल हटा दिए। फिर नानी की चुत एकदम चिकिनी हो गई। फिर नानी और मम्मी नानी की चुत पर हाथ फेरकर देखने लगी। मैं भी पास में बैठा था तो फिर मैंने भी नानी की चुत पर हाथ फेरकर देखा। फिर मम्मी ने नानी के पैर खोलकर अपनी चुत नानी की चुत पर रख दी और फिर अपनी चुत से नानी की चुत रगड़ने लगी। ये सीन देखकर तो मैं देखता ही रह गया। फिर मम्मी जब ऐसे कर रही थी तो तब वो दोनो काफी हंस रही थी। फिर कुछ देर के बाद मम्मी नानी के ऊपर ही गले लगकर लेट गई। फिर नानी उल्टी होकर लेट गई तो फिर मम्मी नानी की गाँड सहलाने लगी। फिर मैं जाकर मम्मी से मस्ती करने लगा और मम्मी की गाँड में अपना मुंह घुसा दिया तो फिर मम्मी अपनी गाँड इधर उधर हिलाने लगी और हँसने लगी। ये देखकर नानी भी हँसने लगी।

फिर मैं अपना लण्ड मम्मी की गाँड की दरार में डालकर लेट गया और फिर सेट करके लण्ड गाँड के छेद में डाल दिया जिसका नानी को बिल्कुल भी पता नहीं लगा। फिर मैं ज्यादा गर्म हो चुका था तो फिर मैं झड़ गया और फिर मेरा लण्ड ढीला होकर बाहर आ गया। फिर हम तीनों सो गए और मैं नानी से चिपक कर सो गया। नानी मुझे मम्मी से भी ज्यादा प्यार करती थी। मेरे नाना जो कि सुबह खाना खाकर अपने दोस्तों के पास चले जाते और फिर शाम को ही वापिस आते थे। वो रात को एक अलग कमरे में सोते थे। इस कारण हम तीनों को मस्ती करने का पूरा मौका मिल जाता था। हम तीनों घर पर ज्यादातर नंगे ही रहते और खूब मस्ती करते थे। अब मैं रात को नानी की गाँड की दरार में अपना लण्ड रगड़कर पानी निकाल देता था तो भी नानी मुझे कुछ नहीं कहती थी। मैं नानी की गालों पर किस कर देता और फिर तो उनके होंठो पर भी किस करने लगा था। उधर मम्मी भी कुछ कम नहीं थी। वो पहले तो नानी के सामने मेरा लण्ड पकड़कर सहलाने लगी और फिर एक दिन तो मेरा लण्ड अपने दोनो बोबो के बीच डालकर सहलाने लगी। फिर मैंने भी एक बार ऐसा ही किया। मैं नानी के ऊपर जाकर नानी के बोबो के बीच लण्ड डालकर आगे पीछे करने लगा। तब नानी कुछ नहीं बोली बस देखती रही। फिर तभी मैं झड़ने लगा तो मैंने सारा पानी नानी के बोबो और मुँह पर डाल दिया। जब मैं ऐसा कर रहा था तो नानी ने मेरा लण्ड भी पकड़ लिया था। फिर तो एक दो बार मैंने खुद नानी का हाथ पकड़कर अपने लण्ड पर रख लिया और फिर तो नानी खुद ही मेरा लण्ड सहलाने लगी।

नानी बुढ़ी हो चुकी थी लेकिन फिर भी वो अपने बदन का काफी ख्याल रखती थी। फिर जब कभी मेरा लण्ड खड़ा होता तो मैं नानी या मम्मी को पीछे से पकड़कर खड़ा हो जाता और अपना लण्ड उनकी गाँड में रगड़कर झड़ जाता। दिन में भी मैं ये सरेआम कर लेता। ये सब देखकर नानी हँसकर कहती के लगता है इसकी शादी जल्दी ही करनी पड़ेगी। फिर मम्मी हँसकर बोली के इसे शादी की क्या जरूरत है। हम हैं ना इसकी बीवियां। ये सुनकर वो दोनो हँसने लगी। फिर एक दिन की बात है मैं मम्मी के ऊपर लेटा था और मम्मी तब उल्टी लेटी थी। फिर मम्मी ने मुझे अपने ऊपर से उतारा और फिर घोड़ी बन गई और बोली के ले अब कर ले अच्छी तरह से। फिर मैं मम्मी के पीछे जाकर खड़ा हो गया और फिर मम्मी की गाँड में लण्ड डालकर करने लगा। तब नानी भी पास में ही लेटी थी। फिर कुछ देर के बाद ही मम्मी ने कहा के अब नीचे वाले छेद में डाल दे यानी कि चुत में। ये सुनकर नानी मम्मी की तरफ देखकर मुस्कुराने लगी। फिर मैंने ऐसा ही किया। फिर मैं मम्मी की कमर पकड़कर मम्मी की चुत की चुदाई करने लगा और मम्मी भी सिस्कारियाँ लेने लगी। फिर चुदाई के बाद मम्मी नानी की तरफ हंसती हुई सीधी होकर लेट गई। फिर नानी ने मम्मी से कहा के बेशर्म अपने बेटे से कोई करवाता है क्या। फिर मम्मी बोली के इसे पानी तो निकालना ही होता है चाहे कैसे भी निकाले तो करने में क्या दिक्कत है। ये सुनकर नानी कुछ नहीं बोली और बस हंसती रही। फिर इसके बाद तो मैं और मम्मी खुलकर चुदाई करने लगे।

फिर मैं नानी की चुत पर भी लण्ड रगड़ने लगा। मुझे पता था के नानी मुझे कुछ नहीं कहेगी। लेकिन फिर भी मैंने नानी की चुत नहीं मारी और सही मौके का इंतजार करता रहा। फिर नाना बीमार पड़ गए तो फिर वो घर पर ही रहने लगे और रात को मम्मी उनके पास जाकर सोने लगी और वो नाना का ध्यान रखती। मम्मी को नंगी रहने की आदत लग चुकी थी तो फिर मम्मी नाना के सामने नाइटी में रहने लगी। जिसमे मम्मी के बोबे काफी सेक्सी लगते। फिर मम्मी ने ध्यान दिया के नाना उनके बोबो की तरफ कुछ ज्यादा ही घूरते रहते है तो फिर मम्मी अपने बोबे थोड़े ज्यादा और बाहर निकालकर रखने लगी। फिर तो मम्मी के बोबो को देखकर नाना की आंखें चमकने लग जाती। रात को मम्मी नाना के पास बेड पर सोती तो पहले तो कुछ नहीं हुआ लेकिन फिर नाना धीरे धीरे मम्मी के पास खिसक कर सोने लगे। मम्मी भी पूरी मस्तीखोर थी तो वो फिर नाना यानी अपने पापा के मजे लेने लगी। मम्मी को कोई फर्क नहीं पड़ता था के सामने कौन है। वो तो बस मजे लेना चाहती थी। फिर मम्मी भी नाना के करीब जाकर सोने लगी। फिर नाना मम्मी की कमर में हाथ डालकर सोने लगे तो फिर मम्मी भी नाना से चिपक कर सोने लगी। फिर एक दिन मम्मी ने दूसरी नाइटी पहनी जिसका गला काफी बड़ा था और उसमें से मम्मी के आधे से ज्यादा बूब दिख रहे थे और वो नाइटी नीचे से भी घुटनो से ऊपर तक थी। फिर उस दिन तो नाना मम्मी को देखकर देखते ही रह गए। फिर रात को मम्मी जब सोई तो नाना अपना मुँह मम्मी के बोबो की सीध में करके सो गए। फिर जब मम्मी ने ये देखा तो मम्मी ने अपने बोबो को थोड़ा आगे करके नाना के मुंह को अपने बोबो में घुसा दिया। फिर तो नाना की चांदी बन गई और वो मम्मी के बोबो का मजा लेते रहे।

नाना मम्मी के बोबो पर किस करते और अपने मुँह को सहलाते। वो सोचते के जैसे मम्मी को कुछ पता नहीं है। पर मम्मी को सब पता होता था। नाइटी का गला बड़ा होने के कारण एक दिन मम्मी के बूब बाहर निकल गए और तब नाना मम्मी का निप्पल चूस रहे थे। फिर तभी मम्मी उठकर बैठ गई और फिर अपने एक बोबे के निप्पल को गीला देखा तो फिर वो नाना की तरफ देखने लगी। ये देखकर तो नाना के पैरों तले से जमीन खिसक गई। फिर मम्मी एक्टिंग करते हुए अपना मुंह बनाने लगी और फिर अपने बोबो को अपनी नाइटी में वापिस डालने लगी। तब नाना काफी शर्मिंदा हुए और वो फिर मम्मी से आंखें भी नहीं मिला पा रहे थे। लेकिन तब मम्मी ने उन्हें कुछ नहीं कहा। फिर कुछ दिन तक ऐसे ही चलता रहा। अब नाना मम्मी के वश में थे। फिर एक दिन रात को मम्मी ने नाना से बात करते हुए कहा के आपको मेरे निप्पल चुसने है क्या। तो ये सुनकर नाना काफी हैरान हुए। फिर मम्मी ने अपनी नाइटी ऊपर से नीचे करते हुए अपने दोनो बोबो को नंगा कर लिया। फिर ये देखकर तो नाना खुद को रोक नहीं पाए और अपनी ही बेटी के बोबो को चुसने लगे। फिर नाना ने मम्मी से कहा के तुम जो मांगों मैं तुम्हे वो सब देने के लिए तैयार हूँ। तो ये सुनकर मम्मी ने नाना से रुपये मांगे तो अगले ही दिन नाना ने मम्मी को रुपये दे दिए। फिर मम्मी ने कई और चीजों की डिमांड रखी तो फिर वो सब भी नाना ने पूरी कर दी। अब नाना पूरी तरह से मम्मी के वश में थे। नाना को बस मम्मी के बोबे ही चुसने थे तो मम्मी जाकर अपनी नाइटी नीचे कर देती और नाना उनके बोबे चुसने लग जाते।

उधर मैं और नानी अकेले कमरे में सोते तो मैं नानी के बदन को सहलाता। फिर जब मम्मी ने नाना वाली बात हमे बताई तो फिर तो नानी भी मेरा साथ देने लगी। इस बात का फायदा उठाकर फिर एक रात मैंने नानी की चुत मार ली। उस रात मैंने कई बार नानी की चुत मारी। फिर तो मैं नानी को घोड़ी बनाकर चोदने लगा। एक दिन जब हम चुदाई कर रहे थे तो मम्मी ने हमे देख लिया और फिर उन्होंने हमें कुछ नहीं कहा। फिर रात को नानी मेरे साथ चुदाई करती और फिर वो सुबह मंदिर जाकर नाना के ठीक होने के लिए पूजा भी करती। नानी की उम्र हो चुकी थी तो उन्हें तो कम ही मजा आता था लेकिन वो मेरे लिए अपनी चुत में तेल लगाकर हमेशा चिकनी रखती थी। फिर कुछ दिनों बाद जब मामा माम्मी नाना से मिलने आये तब मम्मी सूट में रहने लगी। लेकिन रात को वो नाना के कमरे में सोने जाती तो काफी बन ठनकर जाती। मम्मी पहले तो पैंटी में और फिर तो वो बिल्कुल नंगी होकर ही नाना के साथ सोने लगी। नाना कर तो नहीं पाते थे लेकिन वो मम्मी के बदन को सहलाकर मम्मी का पानी जरूर निकाल देते थे। उधर मेरे कहने पर नानी भी छोटे कपड़े पहनती और मेकअप वगैरह कर लेती। जिससे कि वो काफी सेक्सी लगती। फिर मैं नानी की खूब चुदाई करता। मामा माम्मी आये हुए थे लेकिन तब भी हमारी मस्ती जारी रहती। एक दिन रात को मुझे और नानी को प्यास लगी और तब कमरे में पानी नहीं था तो फिर मैंने नानी से कहा के चलो किचन में जाकर पानी पीकर आते है। तब नानी ब्रा पैंटी में थी। फिर नानी बोली के मैं दूसरे कपड़े पहन लेती हूँ। फिर मैं बोला के अब रात को कौन देखने वाला है। ऐसे ही चलो। फिर मैं और नानी ऐसे ही चले गए। मैं तो तब बिल्कुल नंगा ही था। फिर हम दोनों किचन में जाकर पानी पीने लगे। तभी मैंने नानी को ऊपर से नीचे देखा वो तब काफी सेक्सी लग रही थी। फिर पानी पीने के बाद मैं नानी से वहीं मस्ती करने लगा। फिर वो बोली के कमरे में जाकर कर लेना। फिर मैं बोला के नहीं यहीं करेंगे। तो फिर नानी पैंटी खोलकर खड़ी हो गई और बोली के कर लो। फिर मैं वही नानी की चुदाई करने लगा। फिर अगले दिन जब हम सब हॉल में बैठे थे तो फिर मैं और नानी पिछली रात की चुदाई याद करके एक दूसरे की तरफ देखकर मुस्कुराने लगे।

उधर मम्मी अब पापा को दिन में भी अपने बोबे चुसवाने लगी थी और मैं और नानी भी दिन में मौका मिलने पर चुदाई कर लेते। फिर एक दिन रात को मामा माम्मी के सोने के बाद मम्मी बिल्कुल नंगी ही नाना के कमरे में जाने लगी। फिर ये देखकर मैं नानी को लेकर मम्मी के पीछे पीछे चला गया। फिर उस दिन मेरे कहने पर मम्मी ने कमरे की खिड़की खुली छोड़ दी थी। फिर मम्मी तो कमरे में चली गई और नानी और मैं खिड़की में से अंदर का नजारा देखने लगे। मम्मी के अंदर जाते ही नाना मम्मी को अपनी गोद मे बैठाकर मम्मी के बोबे चुसने लगे। नाना मम्मी के बोबो को अपने दोनो हाथों में भर भरकर चूस रहे थे। फिर मम्मी उल्टी लेट गई तो फिर नाना तो मम्मी की गाँड में मुंह घुसाकर गाँड चाटने लगे। फिर मम्मी सीधी होकर लेट गई और अपने दोनो पैर ऊपर कर लिए। फिर नाना मम्मी की चुत चुसने लगे और मम्मी भी जोर जोर से सिस्कारियाँ लेने लगी। फिर थोड़ी देर बाद जब मम्मी झड़ गई तो फिर नाना मम्मी के ऊपर ही लेट गए। फिर ये सब देखकर मेरा लण्ड तो फटने को तैयार था। फिर मैं और नानी कमरे में वापिस आ गए और फिर मैं नानी को बुरी तरह से पेलने लगा। उस दिन नानी भी मेरा पूरा साथ दे रही थी और ऐसे मजे ले रही थी जैसे वो जवान हो। उस रात हमने काफी चुदाई की। फिर अगले दिन सुबह नानी के चेहरे पर एक अलग ही मुस्कान थी। अब नानी मेरे कहने पर ऐसे कपड़े पहनने लगी जिसमे से उनके बोबो की गहराइयाँ दिख रही हो। अब नानी काफी हद तक खुल चुकी थी। तब गर्मियों के दिन थे तो एक दिन मामा के कमरे का ऐसी खराब हो गया तो फिर मामा, माम्मी और उनका एक बेटा वो तीनो हमारे कमरे में सोने लगे।

फिर मैं और नानी तो साथ मे बेड पर सोते और मामा, माम्मी चारपाई पर सोते। रात को हम एक कम्बल लेकर सोते थे। मैं और नानी तो एक ही कम्बल में सोते थे। वो कम्बल काफी बड़ा था। फिर मामा माम्मी के सोने के बाद मैं नानी ले बदन को सहलाने लगा और नानी भी मेरा लण्ड पकड़कर सहलाने लगी। फिर मैं अपने सब कपड़े खोलकर नँगा हो गया और फिर मैंने नानी से भी नंगी होने के लिए कहा तो नानी पहले तो नहीं मानी लेकिन फिर मेरे कहने पर वो मान गई और फिर अपने कपड़े खोलकर सिर्फ ब्रा पैंटी में रह गई। फिर मैं नानी के बदन को सहलाने लगा। फिर मैंने नानी की ब्रा पैंटी भी खोल दी। अब हम दोनों बिल्कुल नंगे बस कम्बल ओढ़कर लेटे थे। फिर मैं नानी के ऊपर जाकर नानी की चुदाई करने लगा। चुदाई करते करते हमारे ऊपर से कंबल हट गया और हम दोनों बिल्कुल नंगे हो गए। फिर तो नानी का भी डर निकल गया तो फिर मैंने नानी को अपने लण्ड पर बैठा लिया तो नानी अपनी गाँड उछाल उछाल कर मेरा लण्ड लेने लगी। तब पास में नानी का बेटा यानी मेरा मामा सोए थे लेकिन नानी बेशर्मो की तरह मेरा लण्ड ले रही थी। फिर मैंने नानी को घोड़ी बनाकर भी चोदा। फिर चुदाई के बाद भी हम दोनों काफी देर तक एक दूसरे से नंगे ही चिपक कर लेटे रहे। फिर हम कपड़े पहनकर सो गए। फिर अगले दिन रात को हम सब लेटकर बाते कर रहे थे तो फिर मैं कम्बल के नीचे नानी के बदन को सहलाने लगा। फिर नानी भी मेरा लण्ड पकड़ कर सहलाने लगी। फिर जब सब सो गए तो नानी झट से अपने कपड़े उतार कर नंगी हो गई है और फिर मैं भी नंगा हो गया। फिर मैं नानी के बदन को सहलाने लगा। फिर हम करवट लेकर लेट गए और मैं पीछे से नानी की चुत में लण्ड डालकर करने लगा। तभी माम्मी पेशाब करने के लिए उठी और वो पेशाब करने चली गई। उन्होंने कमरे की लाइट जला दी थी। तब एक बार तो हमे डर लगा लेकिन हम फिर वैसे ही लेटे रहे। फिर पेशाब करने के बाद माम्मी वापिस आकर सो गई और लाइट बुझा दी। तब जाकर हमारी सांस में सांस आई। लेकिन हम फिर से चुदाई करने लगे। फिर हम कम्बल हटाकर पूरे नंगे होकर सो गए। फिर मैं नानी के ऊपर चढ़कर अपना लण्ड नानी के बोबो के बीच देकर सहलाने लगा। फिर मैं झड़ने वाला हुआ तो मैंने लण्ड नानी के मुँह में दे दिया और फिर मैं झड़ गया। इस तरह मामा और माम्मी कई दिन तक हमारे कमरे में सोए और हमने इसी तरह चुदाई की। फिर उनके कमरे का ऐसी ठीक हो गया तो वो वापिस अपने कमरे में जाकर सोने लगे।

इस सबके कारण नानी काफी हद तक खुल गई। अब मैं नानी को नंगी लड़कियों की फ़ोटो और वीडियो दिखाकर नानी की खूब चुदाई करता। फिर कुछ दिनों के बाद मामा माम्मी चले गए फिर तो दिन में भी मम्मी नाना के साथ और नानी मेरे साथ नंगी रहती और हम खूब मजे करते। फिर एक बार दोपहर को मैं पानी पीने के लिए किचन में गया तो तभी वहां मम्मी और नाना आ गए। तब उन्होंने एक दूसरे की कमर में हाथ डाल रखा था और हंस हंस कर बातें कर रहे थे। उन दोनों बाप बेटी को ऐसे देखकर मेरा लण्ड खड़ा हो गया। उन्हें देखकर मैं छिप गया था। फिर नाना ने मम्मी को अपनी बाहों में ले लिया और मम्मी के बदन को सहलाने लगे और मम्मी भी मजा लेने लगी। मम्मी ने तो पता नहीं नाना पर क्या जादू कर दिया था। फिर कुछ देर बाद वो वापिस अपने कमरे में चले गए। उधर नानी अब घर मे नंगी ही रहने लगी। नाना तो अपने कमरे से ज्यादा बाहर निकलते नहीं थे बस मम्मी ही आकर उनके लिए खाना वगैरह ले जाती थी। मम्मी भी नंगी रहती और जब वो नाना के पास से आती तो नंगी ही आ जाती थी। जब नाना इसके बारे में मम्मी से पूछते तो मम्मी कोई बहाना लगा देती और नाना वो मान भी लेते। वैसे भी नाना मम्मी पर लट्टू थे। मैं और नानी सुबह सुबह मंदिर जाते तो मंदिर घर से थोड़ा दूर पड़ता है। हम पैदल ही मंदिर जाते और रास्ते मे मैं नानी के बदन को खूब सहलाता। रास्ता सुनसान ही होता था तो इसका हम पूरा फायदा उठाते थे। फिर और तो और हम झाड़ियों के पीछे जाकर चुदाई भी कर लेते थे। जिसमे हम दोनों को काफी मजा आता था। पीछे से मम्मी और नाना पूरे घर मे नंगे घूम कर खूब मस्ती करते थे। इस बार हम काफी दिन तक ननिहाल में रहे और खूब मस्ती की। फिर हम वापिस आ गए।

आने के बाद सब कुछ हमने पापा को बताया तो वो तो सुनते ही रह गए। फिर उनका मन भी नानी की चुदाई के लिए करने लगा। उधर मम्मी और नाना की लव स्टोरी सुनकर भी पापा हैरान रह गए। फिर ऐसे ही दिन निकलने लगे और मैं, मम्मी और पापा तीनो खूब मस्ती करने लगे। मम्मी अब लगभग रोज ही नानी से बातें करने लगी थी तो फिर मम्मी ने नानी को सब कुछ बता दिया। मम्मी ने बताया के अब मेरी और मम्मी की चुदाई के बारे में पापा को पता चल गया है और अब वो मेरे और पापा दोनो से एक साथ चुदवाती है। ये सुनकर नानी हैरान हो गई। फिर मम्मी ने नानी को बताया के पापा को उनकी और मेरी चुदाई के बारे में भी बता दिया है तो ये सुनकर पहले तो नानी थोड़ी गुस्सा हो गई लेकिन फिर सब ठीक हो गया। फिर रोज रोज बातें करने से नानी को भी ये सब बातें नॉर्मल लगने लगी और उन्हें भी मजे आने लगे। फिर मम्मी ने नानी को कुछ दिन हमारे घर पर रहने के लिए बुलाया तो पहले तो नानी शर्म के मारे मना करती रही। फिर मम्मी ने पापा के बारे में कहा के वो आपको वहीं आकर चोद लेंगे इससे अच्छा है के आप यहीं आकर उनसे चुदवा ले। ये बात सुनकर तो नानी थोड़ा डर गई और पापा के लण्ड के बारे में कहने लगी के उनका तो काफी बड़ा है। फिर मम्मी ने कहा के आपकी चुत में आ जायेगा आराम से। इस तरह फिर मम्मी और नानी रोज ऐसे ही बाते करती रही और फिर नानी का भी पापा से चुदवाने का मन करने लगा तो फिर एक दिन नानी ने खुद ही आने के लिए कह दिया। फिर मम्मी ने नानी को मुझे लाने के लिए भेज दिया। उधर नानी हमारे पास आने वाली थी तो फिर नाना मामा के पास चले गए। नाना के जाने के बाद मैंने और नानी ने काफी चुदाई की। फिर मैंने नानी से कोई शार्ट ड्रेस पहनकर और थोड़ा बन ठनकर चलने के लिए कहा तो नानी मान गई। फिर नानी ने एक शार्ट ड्रेस पहनी और थोड़ा मेकअप वगैरह किया तो नानी एक दम सेक्सी दिखने लगी। फिर नानी ऐसे ही कार में बैठकर मेरे साथ आने लगी। रास्ते मे नानी को पेशाब आने लगा तो मैंने एक जगह कार रोकी तो फिर नानी के पेशाब करने के बाद वहां मैंने नानी की एक बार चुदाई की। उधर पापा भी हमारा बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। फिर हम घर पहुंचे तो पापा तो नानी को देखते ही रह गए। तब मम्मी भी सिर्फ ब्रा पैंटी में थी और पापा अंडरवियर में थे। फिर पापा नानी के गले मिले और फिर वो नानी की कमर में हाथ डालकर नानी से बात करने लगे। पहले तो कुछ देर नानी शरमाई लेकिन फिर नानी भी खुलकर बातें करने लगी।

फिर रात को खाना वगैरह खाने के बाद हम चारो कमरे में चले गए। कमरे में जाने के बाद मैं और पापा तो बिल्कुल नंगे हो गए और फिर नानी ने भी चेंज करके बिकनी पहन ली। फिर हम ऐसे ही बातें करने लगे। पापा नानी के सामने अपना लण्ड सहला रहे थे और नानी भी पापा का लण्ड देखकर देखती ही रह गई थी। फिर उधर मैंने मम्मी की ब्रा पैंटी खोल दी और फिर मम्मी मेरा लण्ड सहलाने लगी। फिर उधर पापा ने भी नानी की ब्रा पैंटी खोल दी। अब नानी बिल्कुल नंगी पापा के साथ बैठी थी। फिर पापा ने नानी का हाथ पकड़कर अपने लण्ड पर रख दिया तो पहले तो नानी थोड़ा शर्माने लगी। लेकिन फिर तो नानी दोनो हाथों से पापा का लण्ड सहलाने लगी। वो तब काफी खुश थी। फिर पापा नानी से अपना लण्ड चुसवाने लगे और फिर नानी की चुदाई करने लगे। उधर मैं भी मम्मी की चुदाई करने लगा। उस रात पापा तो नानी की रात भर चुदाई करते रहे और मैंने भी मम्मी को रातभर चोदा। फिर सुबह हम सो गए। फिर कुछ घण्टे सोने के बाद हम उठे तो सब काफी खुश थे। नानी अभी भी फिट थी तो उन्होंने पापा का चुदाई में पूरा साथ दिया था। फिर मम्मी और नानी ने उठकर खाना वगैरह बनाया और फिर हम फिर से चुदाई करने लगे। नानी पापा से चुदकर काफी खुश थी। इस तरह फिर पापा हम सबको मूवी दिखाने ले गए और तब मम्मी और नानी दोनो ने शार्ट ड्रेस पहनी। नानी को भी ऐसे सबके सामने शार्ट ड्रेस में रहना काफी अच्छा लग रहा था।

फिर हम शॉपिंग करने एक मॉल में गए वहां नानी और मम्मी ने अपने लिए काफी डिज़ाइनर ब्रा पैंटी, शार्ट ड्रेस और भी काफी चीजें ली। इस प्रकार नानी को हमारे साथ रहने में काफी मजा आ रहा था। फिर तब नानी हमारे साथ लगभग एक महीने तक रही और हमने तब काफी मस्ती की। फिर नानी वापिस चली गई लेकिन किसी न किसी बहाने से नानी हमारे पास आती रहती और फिर खूब मस्ती करती। उधर नाना का भी मम्मी के बोबो के बिना बुरा हाल था तो फिर हम नाना को अपने घर ले आये। फिर मम्मी पहले तो नाना को चुपके चुपके से अपने बोबे चुसवाने लगी। लेकिन फिर धीरे धीरे मम्मी ने हम सबके सामने शार्ट ड्रेस पहननी शुरू कर दी। सुबह सुबह एक्सरसाइज करने के बहाने तो मम्मी टाइट ब्रा पैंटी पहनती। जिसमे मम्मी बहुत सेक्सी लगती। फिर तो मम्मी ब्रा पैंटी में ही रहने लगी। हम तीनों मर्द तो मम्मी को ऐसे देखकर देखकर ही रह जाते। मम्मी भी कुछ कम नहीं थी वो फिर ट्रांसपेरेंट ब्रा पैंटी पहनने लगी। फिर तो मम्मी को ऐसे देखकर तो हम सबका बुरा हाल हो जाता। फिर एक दिन किसी बहाने से पापा ने नाना के सामने मम्मी की चुदाई कर दी। फिर पापा ने नाना से कहा के आपकी बेटी है ही ऐसी के मुझसे रहा नहीं गया। फिर ये सुनकर नाना मुस्कुराने लगे और कुछ नहीं बोले। फिर तो पापा और मम्मी मौका देखकर नाना के सामने ही चुदाई करने लगे। फिर एक दिन तो मम्मी सबके सामने ही अपनी ब्रा खोलकर अपने पापा के पास खाकर खड़ी हो गई और उन्हें अपने बोबे चुसवाने लगी। फिर अब नाना भी बेशर्मो की तरह मम्मी के बोबे चुसने लगे। फिर मम्मी तो सिर्फ पैंटी में ही रहने लगी। उधर फिर एक बार मैंने और मम्मी ने भी नाना के सामने चुदाई कर ली और फिर मम्मी ने नाना को समझा दिया और मेरे बारे में कहा के ये भी बड़ा हो गया है और बस हाथ से अपना लण्ड हिलाता रहता है तो फिर मैंने कहा के तू मेरी चुदाई कर लिया कर। फिर नाना मम्मी की इस बेतुकी बात से मान गए। फिर तो मम्मी एक दम नंगी रहने लगी। फिर मैं और पापा भी नंगे रहने लगे और फिर हमने नाना को भी नंगा रखना चालू कर दिया। नाना हमारे सामने ही मम्मी के बोबो और चुत को चूसकर मम्मी को गर्म कर देते और फिर मैं और पापा मम्मी की चुदाई करते। जब नाना ने पहली बार मम्मी को हम दोनों से एक साथ चुदवाते देखा तो वो तो देखते ही रह गए थे। लेकिन फिर सब नॉर्मल हो गया। अब हम सब एक साथ सोते और खूब मस्ती करते। मम्मी भी काफी खुश रहती हम तीनों के साथ।

फिर अब ऐसा होता के नानी जाती तो नाना आ जाते और नाना जाते तो नानी हमारे पास रहने आ जाती। फिर नानी को तो हमने सब कुछ बता दिया था तो फिर वो तो कुछ नहीं बोली। उधर मेरी माम्मी नाना नानी को अपने साथ रखकर ज्यादा खुश नहीं थी तो फिर पापा ने कहा के हम नाना को भी सब कुछ बता देते है और फिर हम उन्हें अपने साथ ही रख लेंगे। ये आईडिया मम्मी को भी काफी पसंद आया। फिर एक बार जब नाना आये हुए थे तो फिर मम्मी ने पहले नाना को मेरी और नानी की चुदाई के बारे में बताया और फिर पापा और नानी की चुदाई के बारे में भी बता दिया। फिर मम्मी ने उनसे कहा के आप मेरे बोबे चूसते हो इससे मम्मी को कोई दिक्कत नहीं है तो फिर नाना ने भी हँसकर कहा के मुझे भी तुम्हारी माँ के किसी और से चुदवाने में कोई दिक्कत नहीं है। ये सुनकर तो मम्मी खुशी से बेहोश होते होते रह गई। फिर नाना तो थे ही और फिर हम नानी को भी ले आये औए उन्हें सब कुछ बताया तो वो भी काफी खुश हुई। फिर मम्मी बोली के अब हम सबको साथ रहना ही है तो अबसे हम खुलकर साथ रहेंगे। फिर उस रात मम्मी और नाना कमरे में नंगे थे। फिर पापा भी नानी को लेकर कमरे में चले गए। तब पापा भी नंगे थे और नानी ब्रा पैंटी में थी। फिर पापा सबके सामने नानी के बदन को चूमने लगे और उधर नाना भी मम्मी के बदन को चूमने लगे। फिर पापा तो नानी को नंगी करके चोदने लगे और नाना भी मम्मी की चुत और बोबो को चुसने लगे। फिर मैं मम्मी की चुदाई करने लगा। फिर उस रात के बाद नाना और नानी भी एक दूसरे के सामने खुलकर मजे लेने लगे। अब तो हमारी जिंदगी एक दम मस्त हो गई थी। उधर मामा माम्मी भी खुश थे और इधर हम तो खुश थे ही। फिर तो कई बार पापा नानी को नाना के साथ मिलकर भी चोद चुके थे। नाना नानी की चुत और पापा के लण्ड को अपने थूक से गीला कर देते और फिर पापा नानी की चुदाई करते। फिर पापा नानी की चुत और गाँड में पानी छोड़ देते तो फिर नाना वो सब चाटकर साफ कर देते। इस तरह अब नाना और नानी की शर्म एक दम खत्म हो चुकी थी। वो दोनो अब एक दम खुलकर एक दूसरे के सामने मजे करने लगे थे।

नाना के अलावा हम सब सुबह सुबह जिम करते थे। जिस कारण मेरे और पापा की तो बॉडी काफी अच्छी बन गई थी और हमारे एब्स निकल आये थे। उधर मम्मी भी काफी स्लिम हो गई थी। अब मैं और मम्मी जब साथ मे होते तो हम बॉयफ्रेंड गर्लफ्रैंड की तरह लगते थे। उधर नानी भी फिट दिखने लगी थी। इस प्रकार हम सब खूब चुदाई करते और साथ मे अपनी फिटनेस का भी काफी ध्यान रखते थे। मम्मी और नानी दोनो घर मे और बाहर भी किसी मॉडल की तरह बनकर रहती और शार्ट ड्रेस ही पहनती। मैं मम्मी को और पापा नानी को बाहर घुमाने ले जाते और उन्हें फ़िल्म वगैरह दिखाते और खूब शॉपिंग वगैरह करवाते। तब मम्मी तो टॉप और शार्ट जीन पहन लेती और नानी भी शार्ट ड्रेस में ही रहती। नानी की अब सब शर्म चली गई थी तो एक बार जब हम शॉपिंग करने गए तो तब नानी एक डिज़ाइनर ब्रा पैंटी पहनकर चेंजिंग रूम से बाहर आ गई। तब नानी को ऐसे देखकर सब देखते ही रह गए थे। हालांकि तब वहां ज्यादा लोग नहीं थे लेकिन फिर भी नानी ने किसी से शर्म नहीं कि। नानी और मम्मी की मैं और पापा मिलकर एक साथ चुदाई करते थे। जिस कारण अब वो दोनो पूरी चुदक्कड़ बन चुकी थी। एक दिन जब मैं मम्मी के साथ कहीं बाहर गया था तो उस दिन मेरी गर्लफ्रेंड रिया ने हमे देख लिया। फिर रिया हमारे पास आकर मुझसे झगड़ा करने लगी और पूछने लगी के ये लड़की कौन है तुम्हारे साथ। रिया को ऐसे झगड़ा करते देख मैं और मम्मी मुस्कुराने लगे और फिर जब मैंने रिया को बताया के ये मेरी मम्मी है तो पहले तो रिया को यकीन नहीं हुआ लेकिन फिर थोड़ी देर बातें करने के बाद रिया को यकीन हुआ तो फिर वो मम्मी से सॉरी कहने लगी। फिर मम्मी ने उसे हँसकर गले लगा लिया और बोली के कोई बात नहीं। फिर मम्मी ने रिया से कहा के मेरा बेटा मेरे फ्रेंड जैसा है। इस कारण ये मुझे नाम से ही बुलाता है और तुम इसकी फ्रेंड हो तो अब से मेरी भी फ्रेंड हो और तुम भी नाम लेकर ही बुलाना। ये सुनकर तो रिया काफी खुश हुई। फिर हम एक रैस्टॉरेंट मे जाकर बाते करने लगे। रिया मम्मी से मिलकर काफी खुश हुई। तब मम्मी ने एक शार्ट ड्रेस पहन रखी थी तो फिर रिया बोली के आप इसमें काफी अच्छी लग रही हो। फिर रिया ने मम्मी से पूछा के आप अपने बेटे के सामने ऐसी ड्रेस पहन लेती हो। फिर मम्मी ने कहा के मैं तो बिकिनी भी पहन लेती हूँ। ये सुनकर तो हम सब जोर जोर से हँसने लगे। फिर रिया ने मुझसे कहा के तुमने मुझे पहले इनसे क्यों नहीं मिलवाया। फिर मम्मी बोली के अब तो मिल गए ना। फिर मम्मी ने रिया को एक शानदार नेकलेस दिलवाया। जिसे लेकर रिया काफी खुश हुई।

फिर मम्मी ने रिया को घर आने के लिए कहा तो फिर वो बोली के मैं कुछ दिनों बाद आऊंगी। फिर रिया चली गई और फिर मैं और मम्मी भी वापिस आ गए। रिया को मेरी मम्मी काफी अच्छी लगी और वो दोनो दोस्त बन गई थी। फिर रिया और मम्मी दोनो फोन पर भी बाते करने लगी। अब रिया मुझसे ज्यादा मम्मी से बाते करती थी। फिर जब कभी मैं मम्मी और नानी के साथ कभी शहर जाता तो रिया हमसे मिलने आ जाती थी। रिया हमे अपने घर चलने के लिए कहती तो फिर मम्मी उसे कह देती के पहले तुम हमारे घर आओ। फिर ही हम तुम्हारे घर आएंगे। फिर रिया भी कह देती के ठीक है। फिर बस इसी तरह चलता रहा।

मेरे कमरे में पहले अधनंगी लड़कियों के फोटो और पोस्टर लगे रहते थे। फिर मैंने बिल्कुल नंगी लड़कियों और चुदाई के फोटो वाले पोस्टर लगा लिए थे। क्योंकि अब मेरे घर का माहौल ही कुछ ऐसा हो गया था। उधर मम्मी और नानी भी अब काफी फिट लगने लगी थी तो मैं अब उन दोनों की फ़ोटो कई बार खींच लेता था। उन्हें भी अपनी फोटो खिंचवाने में मजा आता तो वो भी काफी पोज देकर अपनी फोटो खिंचवाती थी। फिर मेरे दिमाग मे एक आईडिया आया और फिर मैंने उनकी फोटो मेरे कमरे में लगाने का सोचा। फिर मैंने मम्मी और नानी की बिल्कुल नंगी फ़ोटो खींची और फिर उनकी फोटो का प्रिंट निकलवाकर ले आया और अपने घर मे लगवा दी। मैं फ़ोटो वग़ैरह का प्रिंट अपने एक दोस्त की दुकान से निकालकर लाया था। वो दोस्त गांडू था तो फिर मैं उसकी गाँड मारने लगा तो फिर उसे मेरे साथ मजा आने लगा और फिर मैं मन चाहे उतनी फ़ोटो निकालकर ले आता और वो मुझे कुछ नहीं कहता। फिर मैं मम्मी और नानी के कुछ बड़े बड़े पोस्टर बनवाकर ले आया। जिसमे वो दोनो बिल्कुल नंगी खड़ी थी। उन्हें भी वो पोस्टर काफी पसंद आये। फिर हमने अपनी एक फोटो खींची जिसमे मम्मी मेरा और नानी पापा का लण्ड पकड़ कर खड़ी थी। फिर वो पोस्टर लाकर मैंने घर के हॉल में लगा दिया। बाकी कुछ और छोटे मोटे पोस्टर भी मैंने घर मे बाकी जगह लगा दिए। इस तरह वो सब पोस्टर देखकर हम सबको काफी मजा आता और हम हमेशा मूड में रहते और खूब चुदाई करते।

हमारे घर पर ज्यादा कोई आता जाता नहीं था। इस कारण हमें किसी का डर नहीं था। हमारा घर शहर से थोड़ा ही दूर था। दरअसल हम फार्म हाउस में रहते थे। जिस कारण मम्मी और नानी तो घर के अलावा घर के बाहर भी नंगी ही घूम लेती थी। हम सुबह सुबह मॉर्निंग वॉक पर जाते तो हम सब नंगे ही चले जाते थे। इस प्रकार हम फुल मजे ले रहे थे। फिर एक दिन मेरे मामा ने आने के लिए पापा को बोला। मामा अक्सर मेरे पापा के पास आ जाते थे और फिर वो दोनो बैठकर दारू वगैरह पीते थे। फिर मामा के आने से पहले ही हमने पूरे घर से मम्मी और नानी के सब पोस्टर निकाल दिए। फिर मामा आ गए। मामा कुछ दिन हमारे पास ही रहने वाले थे। क्योंकि माम्मी अपने ससुराल चली गई थी। फिर मामा के आने के बाद मामा के पीठ पीछे पापा नानी से खूब मस्ती करते। अब नानी को भी किसी का डर और शर्म नहीं था तो फिर वो भी पापा से मस्ती करती। मम्मी को अब कपड़े पहनना अच्छा नहीं लगता था तो फिर वो तो बस एक नाइटी में रहती। नाइटी घुटनो तक आती थी और ऊपर से थोड़ी खुली हुई थी जिससे मम्मी के बोबे काफी सेक्सी लगते थे। आधी पीठ भी नंगी थी। फिर मम्मी तो बस ऐसे ही मामा के सामने घूमती रहती। मामा मम्मी को ऐसे देखकर पहले पहले तो थोड़ा शर्माते थे लेकिन फिर सब नॉर्मल हो गया। एक बार हम सब बैठकर बातें कर रहे थे तो फिर पापा ने नानी को इशारा किया तो फिर नानी उठकर कमरे में चली गई और फिर सिर्फ एक बिकिनी पहनकर कमरे से बाहर आ गई। नानी को ऐसे देखकर मेरी और मम्मी की तो सांस ही अटक गई। क्योंकि वहां मामा बैठे थे। फिर मम्मी मामा के पीठ पीछे ही ऐसे ही बिकिनी में घूमने लगी।

फिर पेशाब करके आने का कहकर पापा उठकर चले गए और फिर नानी को अपनी बाहों में लेकर नानी के बदन को सहलाने लगे। ये देखकर मैं और मम्मी तो गर्म हो गए थे। लेकिन हम दोनों मामा से वैसे ही बातें करते रहे। मामा को कुछ पता नहीं चला। फिर पापा ने नानी की बिकिनी खोलकर नानी को नंगी कर दिया और फिर वो दोनो कमरे में जाकर चुदाई करने लगे। फिर कुछ देर बाद वो दोनो बाहर आ गए और हमारे पास बैठ गए। तब नानी ने कपड़े पहन रखे थे। फिर मम्मी चाय बनाने किचन में चली गई और फिर मैं भी वहां चला गया। फिर मैं और मम्मी किचन में ही चुदाई करने लगे। फिर हम चाय और नाश्ता वगैरह लेकर थोड़ी देर बाद वापिस आ गए। इस प्रकार हमारी मस्ती ऐसे चलती रहती थी। फिर शाम होते ही पापा और मामा दारू पीने लग जाते और तब मामा खूब दारू पीते। तब मामा को बिल्कुल भी होश नहीं रहता था। जब मामा की दारू पी हुई होती तब तो मम्मी उनके सामने थोड़ी और छोटी नाइटी पहनकर चली जाती। मम्मी मामा से बड़ी थी तो वो वैसे भी मम्मी से कुछ नहीं सकते थे। फिर इसका फायदा उठाकर तो मम्मी दिन में भी ऐसी ही नाइटी और शार्ट ड्रेस पहनकर घूमती रहती। उस नाइटी या ड्रेस में मम्मी की घुटनो से ऊपर तक टांगे नंगी ही होती और मम्मी के बोबे भी आधे से ज्यादा दिखते रहते। उधर फिर नानी भी सूट वगैरह छोड़कर नाइटी और ड्रेस पहनने लगी। मामा के सामने नानी और पापा मां बेटे की तरह रहते थे तो मामा को तो उन पर शक होने का कोई चांस ही नहीं था। फिर इसी तरह सब चलता रहा।

फिर एक दिन शाम को दारू पीने के बाद मामा ने किसी से चुदाई करने की इच्छा जताई। तब मामा नशे में थे। हालांकि मामा को पापा का पता था के वो काफी सेक्सी मिजाज के है। फिर ये सुनकर पापा ने उनसे कहा के मैं कुछ करता हूँ। फिर अगले दिन ये बात पापा ने हम सबको बताई। फिर पापा ने नानी से अपने बेटे से चुदवाने के लिए कहा तो पहले तो नानी ने मना कर दिया। लेकिन फिर मम्मी ने उन्हें समझाया के मैं करती ही हूँ ना अपने बेटे से। आप भी करो आपको मजा आएगा। फिर नानी बोली के वो बात नहीं है। अगर उसने मुझे पहचान लिया तो क्या होगा। फिर पापा ने कहा के इतनी सी बात। फिर पापा ने नानी को समझाया के वो नहीं पहचान पायेगा। आप फुल मेकअप वगैरह कर लेना। वो वैसे भी तब नशे में होगा तो उसे चुत और गाँड के सिवा कुछ नहीं दिखाई देगा। अगर फिर भी आपको डर हो तो आप चेहरे पर मास्क वगैरह लगा लेना। फिर ये सब बातें सुनकर नानी तैयार हो गई। उधर पापा ने भी मामा को कह दिया तो मामा भी काफी खुश हो गए। फिर अगले दिन शाम को पापा और मामा तो दारू पीने लगे। उधर नानी तैयार होने लगी। एक्सरसाइज वगैरह से नानी का फिगर एक दम सेक्सी हो गया था। तब नानी ने एक ब्रा पैंटी पहनी और खूब मेकअप वगैरह किया। तब नानी काफी सेक्सी लग रही थी। फिर एक बार तो मैंने भी उनकी चुदाई कर दी थी। नानी को अपने बेटे के सामने ऐसे जाने में थोड़ा डर लग रहा था। फिर मम्मी ने उनकी आंखों पर एक मास्क लगा दिया। जिससे नानी ज्यादा पहचान में नही आ रही थी।

फिर मम्मी ने नानी को बस मजे लेने के लिए कहा। फिर नानी जब ऐसे पापा और मामा के पास गई तो वो तो नानी को देखते ही रह गए। फिर नानी भी हिम्मत करके जाकर अपने बेटे के पास बैठ गई और फिर उनका बेटा उनके बदन को सहलाने लगा। तब मामा नशे में थे और वो नानी को नहीं पहचान सकते थे। ये जानकर फिर नानी भी मजे लेने लगी। फिर पापा ने एक पैग नानी को भी पिला दिया तो फिर तो नानी भी जोश में आ गई। फिर पापा और मामा नानी को नंगी करके नानी के बदन को चूमने लगे। फिर नानी भी बेशर्मो की तरह अपने बेटे का लण्ड चुसने लगी। फिर मामा भी नानी की चुत चाटकर अपना लण्ड नानी की चुत में डालकर चुदाई करने लगे। फिर नानी ने अपना मास्क वगैरह उतारकर फेंक दिया और फिर वो पापा और मामा से एक साथ चुदने लगी। नानी तो मामा पर चढ़कर उनका लण्ड अपनी चुत में लेकर उछल उछल कर चुदने लगी। फिर कई घण्टो की चुदाई के बाद वो तीनो नंगे ही सो गए। फिर जब सुबह हुई तो पापा ने नानी को उठाकर भेज दिया। फिर नानी ने आकर नहा धोकर अपने रोज वाले कपड़े पहन लिए। तब नानी को देखकर कोई नहीं कह सकता था के ये औरत रात को दो मर्दो से चुदकर आई है। फिर जब मामा उठे तो उन्होंने रात की चुदाई के लिए पापा से थैंक यू कहा। फिर उस दिन मामा काफी खुश लग रहे थे। उनकी खुशी देखकर हम सब भी काफी खुश थे। फिर तो नानी भी रोज पापा और मामा के पास जाने लगी और उनसे खूब मजे करने लगी। मामा को तो पता चलने की दूर की बात थी उन्हें शक भी नहीं हुआ के जिस औरत की वो रोज चुदाई कर रहे है वो उनकी माँ है। फिर इसका फायदा मम्मी ने भी खूब उठाया। मम्मी ने अपनी बातों से ऐसे जताया के जैसे उन्हें पापा और मामा की रात वाली मस्ती का पता चल गया हो। हालांकि मम्मी को सब पता था बस वो तो अपने भाई को डराना चाहती थी। ताकि वो अपने भाई के सामने और ज्यादा छोटे कपड़े पहन सके।

लेकिन फिर हुआ भी यही। पापा भी मामा के सामने मम्मी से थोड़े डरने की एक्टिंग करने लगे और वो मामा के सामने मम्मी को शॉपिंग करने के लिए ज्यादा पैसे देने लगे और दिन में ज्यादातर मम्मी के साथ ही रहने लगे। मामा को ऐसे लगने लगा था के जैसे के वो अब पकड़े जाएंगे। लेकिन फिर पापा ने उन्हें यकीन दिलाया के ऐसा कुछ नहीं होगा। इन सब बातों का फायदा उठाकर मम्मी तो फिर और छोटी ड्रेस पहनने लगी। मम्मी अब मनचाहे कपड़े पहनती उन्हें कहने वाला कोई नहीं था। लेकिन ये बात यहीं खत्म नहीं हुई। मम्मी बहाना करके कई बार मामा के सामने नंगी भी हो चुकी थी। एक बार मामा पापा मम्मी के बेडरूम में टीवी देख रहे थे तो मम्मी नहाकर बिल्कुल नंगी मामा के सामने चली गई। फिर एक बार मम्मी ने अपनी ड्रेस ढीली करके खोल दी। तब मामा को ऐसा ही लगा था जैसे के उनकी ड्रेस गलती से खुल गई थी। फिर तो हद तब हो गई जब मम्मी ने मामा के सामने पापा से चुदवया। पापा मामा के सामने ऐसे कोशिश कर रहे थे जैसे के मम्मी को कुछ ना पता चले। मामा भी यही चाहते थे तो एक दिन शाम को नानी के जाने से पहले मम्मी पापा और मामा के पास चली गई। फिर प्लान के मुताबिक पापा ने मामा को वहीं कमरे में कहीं छुपा दिया।

फिर पापा मम्मी को अंदर कमरे में लेकर आये। फिर मम्मी पापा से चुदाई की जिद करने लगी तो फिर पापा मम्मी को चोदने लगे। मम्मी को पता था के उनका भाई कमरे में ही है लेकिन फिर भी वो पापा से जी भरकर चुदी। ये सब देखकर तो मामा भी अपना लण्ड हिलाने लगे थे। फिर चुदाई के बाद जब मम्मी वापिस चली गई तो फिर पापा ने देखा के मामा ने तो अपना लण्ड हिलाकर पानी निकाल रखा था। ये देखकर पापा हंसने लगे और मामा थोड़े शर्मिंदा हुए। लेकिन फिर इसके बाद पापा तो मामा के सामने ही मम्मी से मस्ती करने लग जाते। अब मामा भी क्या कहते। इस बात का पापा और मम्मी ने जमकर फायदा उठाया। फिर तो एक बार नानी की जगह रात को मम्मी चली गई और अपने भाई से खूब चुदवाया। इसके बाद तो मम्मी की सब शर्म चली गई। फिर एक दिन पापा ने मामा के सामने ही मम्मी से दूसरी औरत से चुदाई वाली बात बताई तो तो फिर इसके लिए मम्मी मान गई। ये सुनकर मामा काफी खुश हुए। फिर वो रात को नानी के साथ खुलकर मजे करने लगे। हालांकि पता उन्हें अभी तक नहीं चला था के वो रोज जिनकी चुदाई कर रहे है वो उनकी मां ही है।

फिर पापा मामा के सामने मम्मी के बोबो और पूरे बदन को सहलाने लग जाते। मामा अब ये बात जान चुके थे के अगर उन्हें रात को मजे करने है तो मम्मी को खुश रखना जरूरी है। इस कारण वो कुछ नहीं कहते और पापा और मम्मी खुलकर मजे करते रहते। फिर एक दिन पापा, मम्मी और मामा तीनो एक साथ बैठे थे तो फिर मामा ने मम्मी से कहा के अब उनकी बीवी उन्हें ज्यादा मजा नहीं देती है और वो प्यासे ही रह जाते है। फिर ये बात सुनकर मम्मी ने हँसकर कहा के कोई बात नहीं तो फिर यहां मजे कर लो। अभी तक मामा ने पापा से ये नहीं पूछा था के वो रात वाली औरत कौन है और कहां से आती है। पर मामा को जानकर करना भी क्या था। उन्हें तो बस मजे करने थे। फिर मामा ने मम्मी के सामने ही दिन में उस औरत स चुदाई करने की इच्छा जताई तो फिर मम्मी ने कहा के ठीक है। फिर जब ये बात मम्मी ने नानी को बताई तो नानी ने कहा के दिन में तो वो मुझे आसानी से पहचान लेगा और दिन में तो वो नशे में भी नहीं होता है। फिर मम्मी ने नानी से कहा के वो नहीं पहचान पायेगा। आप जाओ तो सही उसके पास एक बार। फिर मम्मी की बात मानकर नानी तैयार होकर और एक सेक्सी बिकिनी पहनकर मामा के पास चली गई। तब मामा तो बिल्कुल नंगे लेटकर अपना लण्ड हिला रहे थे। नानी ने तब फुल मेकअप वगैरह कर रखा था। मामा तो सोच भी नहीं सकते थे के उनकी मां उनके सामने ऐसे आ सकती है। नानी ने तब एक नकाब लगा रखा था। नानी को देखकर तो मामा का बुरा हाल हो गया। फिर मामा तो नानी पर टूट पड़े और नानी की चुदाई करने लगे। नानी भी पूरा साथ देने लगी। मामा ने नानी का नकाब वगैरह भी उतार दिया और नानी से खूब लिप किस भी किया। दिन के उजाले में मामा ने नानी की काफी चुदाई की। लेकिन मामा को नानी पर जरा भी शक नहीं हुआ। फिर चुदाई के बाद जब नानी कमरे से बाहर आई तो फिर उन्होंने मम्मी से कहा के उसे तो बिल्कुल भी पता नहीं चला। ये सुनकर फिर मम्मी ने खुश होकर कहा के मैंने कहा था ना पता नहीं चलेगा। फिर तो नानी दिन में भी तैयार होकर मामा के पास चली जाती और खूब चुदाई करवाती। उधर मम्मी तो अब सिर्फ ब्रा पैंटी में ही हम सबके सामने रहने लगी और उन्हें कोई कुछ नहीं कहता। उधर पापा तो कई बार मामा के सामने ही मम्मी के बोबो को बाहर निकालकर चुसने लग जाते। तब मम्मी भी बिल्कुल नहीं शर्माती। फिर एक बार तो दिन में नानी की जगह मम्मी चली गई और फिर मम्मी ने मामा की आंखों पर पट्टी बांध दी और फिर इसी तरह मामा से चुदवाया। फिर एक बार तो पापा और मम्मी चुदाई कर रहे थे और मम्मी तब घोड़ी बनी हुई थी। तभी मामा वहां आ गए तो फिर मामा भी पीछे से मम्मी की चुदाई करने लगे। इस तरह उस दिन तो खुल्लम खुल्ला मम्मी ने मामा और पापा से एक साथ चुदवाया। फिर चुदाई के बाद मामा तो थककर सो गए और फिर मम्मी वहां से आ गई।

उस दिन के बाद से तो मम्मी बिल्कुल बेशर्म हो गई। अब मम्मी तो एक छोटी सी बिकिनी में मामा और पापा के साथ पूरे घर मे घूमती रहती। फिर पापा तो मम्मी के सामने ही मामा को मम्मी की नंगी फ़ोटो दिखाते रहते। जिन्हें देखकर मामा गर्म हो जाते और फिर नानी की खूब चुदाई करते। इन सबसे अब मम्मी को कोई फर्क नहीं पड़ता था। फिर तो पापा मम्मी को मामा में सामने ही नंगी करके चोदने लग जाते। तब मम्मी भी काफी मजा लेकर चुदवाती। फिर एक दिन नानी को भी बुला लिया। उस दिन मामा ने पापा औए मम्मी के सामने नानी की चुदाई की। पापा ने भी नानी की चुदाई की। फिर रात को भी वो चारो एक साथ चुदाई करने लगे। जब मामा नशे में होते तब तो मम्मी भी उनसे चुदवा लेती। फिर तो दिन में भी जब मामा को पता नहीं चलता तो मम्मी उनसे चुदवा लेती। मामा को तो मम्मी और नानी की गाँड का जरा भी पता नहीं चलता था और वो तो बस अपना लण्ड डालकर आंखें बंद करके शुरू हो जाते थे। मम्मी तो नंगी ही पापा और मामा के साथ सो जाती थी और फिर उन्होंने तो अपने भाई के साथ कई नंगी फ़ोटो भी खिंचवा ली थी। अब मामा मम्मी की मुट्ठी में थे। वो जो चाहे उनके साथ कर सकती थी। मम्मी तो मजाक मजाक में कई बार मामा का लण्ड सहला चुकी थी और उन्हें कई बार अपने बोबे भी चुसवा चुकी थी। मामा खुद तो दिन रात नानी की चुदाई करते थे और उन्हें उनसे डर भी लगता था के कहीं उन्हें इसका पता ना चल जाये। उनका ये डर जायज था। क्योंकि उन्हें थोड़ी पता था के वो नानी ही है जिनके साथ वो दिन रात मजे करते है। उधर नाना तो लगभग अपने कमरे में ही रहते थे और रही बात मेरी। तो फिर एक दिन पापा मुझे अपने साथ मामा के कमरे में ले गए। तब मामा नंगे ही थे। फिर पापा के कहने पर मैं भी नंगा हो गया। ये देखकर मामा थोड़े हैरान हो गए। फिर पापा ने मामा को बताया के ये भी जवान हो रहा है तो इसे भी सब सीख लेना चाहिए। ताकि इसके सामने भी हम खुलकर मस्ती कर सके। हालांकि तब मामा तो मुझे बच्चा ही समझ रहे थे तो उन्होंने मेरी तरफ ज्यादा ध्यान नहीं दिया। फिर मेरी मम्मी मेरे सामने नंगी ही रहने लगी जब मैं पापा और मामा के साथ होता तब। फिर धीरे धीरे वो सब मेरे सामने चुदाई भी करने लगे। उनकी चुदाई देखकर मुझसे रहा नहीं जाता तो एक दिन मामा के सामने ही मम्मी ने मुझसे चुदवा लिया। फिर इसके बारे में मम्मी ने मामा से कहा के ये तो अभी बच्चा है इसे क्या पता है। इस तरह फिर तो मैं और मम्मी खुलकर चुदाई करने लगे। हालांकि हम ज्यादा चुदाई नहीं करते थे मामा के सामने।

फिर तो हम सब घर मे नंगे घूम घूम कर चुदाई करने लगे। जब नानी भी हमारे साथ होती तो हम मामा से कह देते के नानी बाहर गई है। फिर तो हम नानी को कई कई दिनों के लिए बाहर भेज देते। पर नानी होती हमारे साथ ही थी। फिर मैं तो कई बार सबके सामने नानी की भी चुदाई कर लेता। नानी भी अब खूब बातें करती और खूब मजे करती। इस तरह अब सब कुछ खुल्लम खुल्ला होता। मामा तो हमारे साथ मजे करकर बहुत खुश होते। नाना को इस बारे में हमने सब पहले ही बता दिया था। फिर एक बार जब मामा फुल नशे में थे तो फिर मम्मी जाकर नाना को लेकर आ गई और फिर उन दोनों के साथ अपनी कई फ़ोटो खिंचवाई। अपने बाप भाई के साथ अगर मम्मी की वो फ़ोटो कोई देख ले तो वो तो शर्म से ही मर जाये। फिर तो हमने पूरे घर मे फिर से मम्मी और नानी की नंगी फ़ोटो के पोस्टर लगा दिए। उन पोस्टर को देखकर तो कोई भी कह सकता था के वो औरत नानी ही है। लेकिन फिर भी मामा को तो कुछ नहीं पता चला। फिर ऐसे ही टाइम निकलने लगा और हम सब मस्ती करने लगे।

फिर एक बार मैंने मम्मी से कहा के अब आप अपने भाई, बाप और मुझसे से भी चुदवा चुकी है तो अब दूसरे मर्दो से भी मजे लो। तो ये सुनकर मम्मी बोली के सही कहा। फिर मैंने मम्मी से उनके पसन्दीदा मर्द के बारे में पूछा तो मम्मी ने बताया के वो काला हो और बॉडी बिल्डर हो और उसका लण्ड खूब मोटा और लंबा हो। ये सुनकर तो मैं गर्म हो गया। वहां पापा भी बैठें थे तो फिर पापा बोले के चलो गोआ घूमने चलते है। वहां शायद तुम्हे तुम्हारी पसंद का मर्द मिल जाये। तो फिर मैं, पापा और मम्मी गोआ चले गए और नाना नानी घर पर ही रह गए। हम गोआ गए तब मम्मी खूब मजे करने के मूड में थी। फिर गोआ में हम एक लक्ज़री होटल में रुके। जो के काफी शानदार था। उस होटल में काफी विदेशी लोग भी थे। फिर होटल के कमरे में जाते ही पहले हम तीनों ने खूब सेक्स किया। फिर एक वेटर खाना लेकर आया तो फिर मम्मी नंगी ही उठकर गेट खोलने चली गई। फिर जब मम्मी ने गेट खोला तो वेटर तो मम्मी को देखता ही रह गया। वेटर को देखकर मम्मी बिल्कुल भी नहीं शरमाई। फिर वेटर के जाने के बाद हम तीनों ने खाना खाया। फिर खाना खाकर मैंने और पापा ने तो बस अंडरवियर पहन लिए और मम्मी ने एक बिकिनी पहनी। जिसमें मम्मी के बोबे और गाँड काफी हद तक दिख रहे थे। फिर हम कमरे से बाहर निकलकर बीच की तरफ जाने लगे तो सब मम्मी को देख रहे थे। पर हममें से किसी को भी इसकी जरा भी परवाह भी नहीं थी।

फिर हम बीच पर जाकर मस्ती करने लगे। वहां सब लोग बस अपनी ही धुन में मस्ती कर रहे थे। फिर हम वहां थोड़ा साइड में जाकर चुदाई करने लगे। वहां आसपास लोग घूम रहे थे पर हमें किसी की भी परवाह नहीं थी। फिर चुदाई के बाद वहां हम मम्मी के नंगे फ़ोटो खींचने लगे। मम्मी सबके सामने ही समुंदर में जाकर अपने फोटो खिंचवाने लगी। हम शाम तक ऐसे ही मस्ती करते रहे और मम्मी कई घण्टों से नंगी ही थी और उनकी बिकिनी भी गुम हो चुकी थी। फिर हम जब होटल वापिस आये तो मम्मी बस नंगी ही वापिस आई। हालांकि तब लगभग सब अपने कमरों के अंदर थे पर फिर भी कुछ लोग बाहर घूम रहे थे। मम्मी ने कुछ देर तो अपने बोबो और चुत को छुपाकर रखा लेकिन फिर उन्होंने अपने हाथ हटा दिए। फिर वो ऐसे ही कमरे तक वापिस आई। इस बीच शायद लगभग 40-50 मर्दो ने तो मम्मी को नंगी देख ही लिया था। फिर हम जब अपने कमरे के पास पहुंचे तो और भी बुरा हुआ और हमने अपनी कमरे की चाबी भी खो दी। फिर हम कुछ देर और कमरे के बाहर ही खड़े रहे। फिर एक वेटर आया और फिर उसने हमारा कमरा खोला। इस प्रकार उस दिन तो मम्मी होटल में काफी देर तक बिल्कुल नंगी रही। लेकिन ये तो शुरुआत थी। अभी तो आगे और भी बहुत कुछ होने वाला था। फिर कुछ देर बाद जब वेटर खाना देने आया तो मैं और पापा एक साथ मम्मी की चुदाई कर रहे थे। फिर कुछ देर वेटर ने भी वहीं रुक कर मजे लिए और फिर वो चला गया। फिर हम खाना खाकर सो गए। अगली सुबह मम्मी ने फोन करके मैनेजर को बुलाया। फिर जब मैनेजर हमारे कमरे में आया तो तब मम्मी बिल्कुल नंगी ही थी। फिर मम्मी ने मैनेजर से होटल में नंगी होकर घूमने के लिए कहा तो फिर मैनेजर ने कहा के आप होटल में नंगी नहीं घूम सकती हो। फिर मम्मी ने मैनेजर से नंगी घूमने के लिए काफी रिक्वेस्ट की। लेकिन मैनेजर नहीं माना और वो वहां से चला गया। फिर मम्मी ने एक बिकिनी पहनी जो कि आगे से उनकी चुत में और पीछे से उनकी गाँड में फंसी हुई थी और उनकी ब्रा सिर्फ उनके निप्पल को ही छुपा रही थी। फिर जब मम्मी ऐसे बाहर गई तो सब मम्मी को ही घूरने लगे।

फिर हम अब स्विमिंग करने लगे पूल में तो मम्मी ने  जानबूझकर अपनी ब्रा से अपने बोबो को बाहर निकाल लिया। मम्मी तब अपने नंगे बोबो को मटकाती हुई बड़े शान से सबके सामने घूमने लगी। वहां तब ज्यादातर विदेशी लोग ही थे। जब मैनेजर ने मम्मी को ऐसे देखा तो बेचारा वो भी क्या कहता। फिर सबके सामने मैं और पापा मम्मी को अपनी बाहों में लेकर मम्मी के बदन को मसलने लगे। लेकिन बात यहीं कहाँ रुकने वाली थी। फिर मैं और पापा मम्मी के बोबो को चुसने लगे। फिर पापा मम्मी से लिप किस करते हुए पूल में ही मम्मी की चुदाई करने लगे। तब सब उन्हें देखने लगे। फिर चुदाई के बाद पापा मम्मी को लेकर पूल से बाहर आ गए। फिर बाहर आने के बाद मम्मी एक टेबल पर बैठ गई। फिर मम्मी ने अपनी ब्रा निकाल दी और फिर लेट गई। वहां तब काफी लोग थे। फिर मम्मी ने उठकर अपनी पैंटी भी निकाल दी और बिल्कुल नंगी होकर लेट गई। वहां लगभग सब मर्द मम्मी को ध्यान से देख रहे थे। फिर कुछ लोग मम्मी को प्रपोज करने भी आये लेकिन मम्मी ने सबको मना कर दिया। फिर कुछ देर बाद मम्मी ने अपनी बिकिनी वापिस पहन ली। फिर तभी वहां एक अफ्रीकन आदमी आया जिसके साथ उसकी गर्लफ्रैंड थी। फिर वो हमारे पास बैठकर बातें करने लगा। हालांकि मम्मी को तो इंग्लिश नहीं आती थी। उसकी गर्लफ्रैंड मुझे और पापा को काफी सेक्सी लगी। उधर मम्मी को भी वो मर्द भा गया था। वो बॉडीबिल्डर था और उसका लण्ड उसकी अंडरवियर में से ही काफी बड़ा लग रहा था। फिर मम्मी तो उसका लण्ड उसके अंडरवियर के ऊपर से ही सहलाने लगी और फिर उसके अंडरवियर में हाथ डालकर उसका लण्ड सहलाने लगी। उधर उसकी गर्लफ्रैंड से पापा मस्ती करने लगे।

फिर उस अफ्रीकन ने अपने हाथ से मम्मी के बोबो के ऊपर से ब्रा हटा दी और फिर कई बार बोबो को सहला दिया। इतना ही उसने से मम्मी की चुत पर भी हाथ फेर दिया था। फिर उसने मम्मी को अपनी गोद मे बैठा लिया। मम्मी उसकी गोद मे बच्ची लग रही थी। फिर मम्मी उसका बदन सहलाने लगी। जिससे वो अफ्रीकन भी समझ गया। अब वो अफ्रीकन भी मम्मी का गुलाम हो चुका था तो फिर उसने हमें स्वैपिंग के लिए कहा तो हम तैयार हो गए। फिर वो सबके सामने ही मम्मी से लिप किस करने लगा। मम्मी भी उसके साथ काफी खुश थी। तब मैं मम्मी की उसके साथ फोटो ले रहा था। उस अफ्रीकन को भी ये पसंद आ रहा था तो फिर वो भी खुश होकर फ़ोटो खिंचवाने लगा। ये देखकर फिर मैंने उस अफ्रीकन से उसकी और मम्मी की बीच पर फ़ोटो खिंचवाने के बारे में पूछा तो फिर वो राजी हो गया। फिर मैं, मम्मी और वो अफ्रीकन तो बीच पर जाने लगे और पापा उसकी गर्लफ्रैंड को लेकर कमरे में चले गए। फिर बीच पर जाते टाइम मम्मी ने अपनी ब्रा निकाल दी और फिर पैंटी भी निकाल दी। बीच होटल से लिंक्ड ही था तो फिर हम थोड़ी दूर गए। फिर मम्मी ने उस अफ्रीकन का अंडरवियर नीचे किया तो उसका लंबा काला लण्ड बाहर निकल आया। मम्मी ने वैसे तो पोर्न फिल्मों में ऐसे काफी लण्ड देखे थे पर आज जब रियल में ऐसा लण्ड देखा तो मम्मी काफी खुश हुई। फिर अफ्रीकन भी पूरा नंगा हो गया तो फिर मैं उन दोनों की फ़ोटो खींचने लगा। वो अफ्रीकन मम्मी के बदन को सहला रहा था और फिर अलग अलग पोज देकर फ़ोटो खिंचवा रहा था। मम्मी भी उसके लंबे काले लण्ड को हाथ मे लेकर चूम रही थी। फिर वो दोनो पानी मे और रेत में मस्ती करने लगे। मैंने मम्मी से उस अफ्रीकन को कहलवा दिया था के वो चुदाई कमरे में जाकर ही करेगी और वहां सिर्फ मस्ती करेगी।

फिर वो अफ्रीकन मम्मी के ऊपर आकर मम्मी के बदन को चूमने लगा और फिर मम्मी भी उसके ऊपर बैठकर मस्ती करने लगी। फिर वो दोनो और इधर मैं काफी गर्म हो चुका था तो फिर हम तीनों कमरे में जाने लगे। तब अफ्रीकन ने तो अपना अंडरवियर पहन लिया था और उधर मम्मी ने कुछ नहीं पहना था। वो बिल्कुल नंगी ही थी। फिर जब हम लोगो के बीच मे से जा रहे थे तो फिर वो अफ्रीकन अपने एक हाथ की उंगलियों से होल बनाकर उसमें उंगली करने लगा। उसे ऐसा करते देख वहां सब हँसने लगे और मम्मी भी हँसने लगी। फिर तभी वहां होटल का मैनेजर आ गया और मम्मी को कपड़े पहनने के लिए कहने लगा। लेकिन फिर अफ्रीकन उस मैनेजर से लड़ाई करने लगा और फिर मम्मी की कमर में हाथ डालकर अपने साथ चिपका कर कमरे की तरफ जाने लगा। तब मैनेजर कुछ नहीं बोल पाया। फिर हम जब कमरे में पहुंचे तो हमने अफ्रीकन को उसके कमरे में भेजकर तैयार रहने के लिए कहा और फिर मैं और मम्मी अपने कमरे में आ गए। जब हम अपने कमरे में आये तो देखा के पापा उस अफ्रीकन की गर्लफ्रैंड के साथ लगे हुए थे। फिर मम्मी तो सीधी बाथरूम में घुस गई और फिर मैं भी जाकर उस अफ्रीकन की गर्लफ्रैंड के मजे लेने लगा। फिर कुछ देर बाद मम्मी नहाकर आई और फिर तैयार होने लगी। मम्मी ने मेकअप वगैरह किया और फिर मम्मी एकदम सेक्सी बन गई। फिर मम्मी जब उस अफ्रीकन के कमरे में जाने लगी तो मुझे आवाज दी। फिर मैं अपना अंडरवियर पहनकर और कैमरा लेकर मम्मी के पीछे पीछे जाने लगा।

उस अफ्रीकन का कमरा हमारे कमरे से थोड़ा ही दूर था। रास्ते मे कुछ लोग खड़े थे जो कि मम्मी को देखकर देखते ही रह गए थे। फिर मैनेजर भी मिला और इस बार उसने मम्मी से कुछ नहीं कहा। फिर मैं और मम्मी जब अफ्रीकन के कमरे में पहुंचे तो वो तो मम्मी को देखकर देखता ही रह गया। फिर वो दोनो एक दूसरे से चिपक गए और मैं उनकी वीडियो बनाने लगा। जिसमे उस अफ्रीकन को कोई एतराज नहीं था। मम्मी ने भी अब खुद को काफी मॉडर्न बना लिया था। फिर वो दोनो बेड पर जाकर किसिंग करने लगे। मैं अभी उस अफ्रीकन की गर्लफ्रैंड की चुदाई करके आया था। लेकिन फिर भी उन्हें देखकर मेरा लण्ड खड़ा हो गया। फिर लण्ड लेने की बारी आई तो मम्मी घोड़ी बन गई और देखते ही देखते उस अफ्रीकन ने पूरा का पूरा का लण्ड मम्मी की चुत में उतार दिया। जिससे मम्मी को काफी दर्द हुआ लेकिन अफ्रीकन रुका नहीं करता रहा। फिर उसने मम्मी की गाँड भी मार दी। मैं इस सबकी वीडियो बना रहा था। इस तरह उन दोनों की पहली चुदाई काफी देर तक चली। अफ्रीकन मम्मी को चोदकर काफी खुश हुआ तो फिर उनका सैकंड राउंड शुरू हो गया। मैं लगातार उनकी वीडियो बनाता जा रहा था। लगभग 3-4 घण्टो की वीडियो बनने के बाद कैमरे का स्पेस फुल हो गया तो फिर मैं उनकी चुदाई देखकर अपना लण्ड हिलाने लगा। फिर कुछ देर की और चुदाई के बाद अफ्रीकन और मम्मी एक दूसरे से चिपक कर लेट गए। मम्मी तब थक चुकी थी तो फिर वो सोने लगी। इधर मैं गर्म था तो फिर मैं मम्मी के ऊपर जाकर मम्मी की चुदाई करने लगा। फिर जब मैं झड़ गया तो फिर मम्मी उस अफ्रीकन से चिपक कर लेट गई और फिर मैं भी वहीं सो गया। शाम को उस होटल में पार्टी में थी तो फिर उस अफ्रीकन ने मम्मी के लिए एक ब्लैक ड्रेस मंगवाई। जिसे पहनने के बाद मम्मी के बोबे काफी हद तक दिख रहे थे और नीचे से ड्रेस ट्रांसपेरेंट थी और मम्मी ने नीचे पहना भी कुछ नहीं था। तो मम्मी की चुत और गाँड साफ दिख रही थी। उसने मम्मी को गले मे एक नेकलेस भी पहनाया। जो कि काफी खूबसूरत था। उधर पापा भी अफ्रीकन की गर्लफ्रैंड के साथ पार्टी में गए।

पार्टी में सब मम्मी और उस अफ्रीकन को ही देख रहे थे। क्योंकि अब सब उन्हें जानने लग गए थे। पार्टी काफी रात तक चली। फिर रात को मम्मी फिर से उस अफ्रीकन के साथ उसके कमरे में ही चली गई और मैं भी उनके साथ ही था। उस रात भी अफ्रीकन ने मम्मी को काफी चोदा। फिर अगले दिन दोपहर को जब अफ्रीकन मम्मी को लेकर बाहर गया तो तब मम्मी एक दम नंगी ही थी। फिर अफ्रीकन मम्मी के साथ पूल में नहाने लगा। तब वहां ज्यादा लोग नहीं थे। फिर पूल में ही अफ्रीकन मम्मी की चुदाई करने लगा और मम्मी भी मजे ले लेकर चुदने लगी। फिर चुदाई के बाद वो दोनो पूल से बाहर आये और फिर मम्मी अपने पैर फैलाकर वहां रखी बेंच पर लेट गई। मम्मी को अब किसी की कोई शर्म नहीं थी। मम्मी तो अब बेधड़क नंगी ही घूमती। मम्मी के अलावा उस होटल में और किसी औरत की हिम्मत नहीं थी बिल्कुल नंगी होकर घूमने की। फिर उस होटल में एक कम्पटीशन हुआ। जिसमे वो एक औरत और एक मर्द को चुनने वाले थे जो के खूबसूरत हो। फिर मम्मी ने भी उसमें भाग लिया। इसी बीच होटल के मैनेजर ने अनाउंसमेंट की के अब उनके होटल में कोई भी नंगा रह सकता है। हालांकि उनकी प्राइवेसी की जिम्मेदारी उनकी खुद की होगी। ये सुनकर तो मम्मी काफी खुश हुई। फिर कुछ दिनों बाद जब कम्पटीशन का रिजल्ट आया तो मम्मी को उसमें विनर घोषित किया गया। तो हम सब काफी खुश हुए। फिर इनाम देने के लिए एक छोटा सा प्रोग्राम रखा गया। जिसमे मम्मी और एक दूसरे आदमी को इनाम दिया गया। फिर इनाम लेते टाइम मम्मी ने एक सेक्सी बिकिनी पहनी थी। लेकिन फिर इनाम लेने के बाद मम्मी वहीं स्टेज पर ही सबके सामने नंगी हो गई। ये देखकर तो सब मर्द बहुत खुश हो गए। फिर अब नंगे रहने की इजाजत होटल वालो ने खुद ने ही दे दी थी तो मम्मी एक कदम आगे निकल गई। मम्मी अब कहीं भी उस अफ्रीकन के साथ चुदाई करने लग जाती। अब बेचारा मैनेजर भी क्या कहता। मम्मी तो सबके सामने ही उस अफ्रीकन का लण्ड लेकर उसकी गोद मे बैठ जाती। अफ्रीकन भी मम्मी की खूब चुदाई करता अपने लंबे और मोटे लण्ड से। वो तो मम्मी को अपने साथ लेकर जाना चाहता था। लेकिन फिर मम्मी ने मना कर दिया। जब अफ्रीकन जाने लगा तो भी जाते जाते वो मम्मी की कई बार चुदाई करके गया। अब होटल में सबको पता था मम्मी और उस अफ्रीकन के बारे में तो फिर और लोग भी मम्मी पर लाइन मारने लगे।

फिर कुछ दिन बाद हम तीनों भी वापिस आने लगे तो उन होटल वालों ने हमारा खूब सम्मान किया और हमे कुछ दिन और बिल्कुल फ्री होटल में रुकने के लिए कहने लगे। लेकिन हम नहीं रहे और हम वापिस आ गए। फिर आने के बाद पापा ने मम्मी की उस अफ्रीकन से चुदाई की वीडियो की एक क्लिप मामा को भेज दी। जब मामा ने वो वीडियो देखी तो देखते ही रह गए। क्योंकि मम्मी उसमें घोड़ी बनकर उसका काला लंबा लण्ड ले रही थी। जब मामा ये वीडियो देख रहे थे तो तभी माम्मी भी वहां आ गई और उन्होंने वो वीडियो देख ली। लेकिन गजब बात ये हुई के माम्मी को भी पता नहीं चला के उस वीडियो में जो औरत है वो मम्मी है। उन्होंने वो वीडियो कई बार देखी। उधर घर पर भी नाना नानी के साथ मिलकर हमने मम्मी की चुदाई वाली वीडियो एक साथ बैठकर देखी। जिसमें हम सबको काफी मजा आया। फिर नानी को हमने जो जो होटल में किया वो सब बताया। नानी तो मम्मी की सबके सामने नंगी रहने वाली बात सुनकर बहुत हैरान हो गई। लेकिन फिर तो उनका मन भी ऐसी मस्ती करने के लिए करने लगा। फिर उधर कुछ दिनों बाद मामा आये तो फिर उन्हें भी पापा ने मम्मी की चुदाई की पूरी वीडियो दिखाई। तब वो तो पूरे गर्म हो गए थे। तब मम्मी भी वहीं थी तो फिर मम्मी मामा का लण्ड चुसने लगी और फिर मामा मम्मी के मुंह मे ही झड़ गए। उस दिन मामा थोड़े शर्मिंदा हुए लेकिन उनकी आगे कुछ भी करने की हिम्मत नहीं हुई। फिर तो कई बार मैंने और पापा ने मिलकर मम्मी की एक साथ चुदाई की। जिसे देखकर वो देखते ही रह गए। मम्मी अब मामा से जैसे चाहे वैसे चिपकती पर उनकी मम्मी के साथ कुछ भी करने की हिम्मत नहीं होती औए मम्मी इस बात का पूरा फायदा उठाती। उधर नानी अब ज्यादा कुछ मेकअप नहीं करती और ऐसे ही मामा के सामने चली जाती। तब भी मामा नानी को नहीं पहचानपाते थे। नानी खुद भी कहती के मेरा बेटा होकर भी अभी तक मुझे नहीं पहचान पाया। लेकिन वो ना पहचाने तब तक तो सब ऐसे ही चलते रहने देने में ही सबकी भलाई थी। उधर मेरी माम्मी को मामा पड़ थोड़ा थोड़ा शक हो गया था तो फिर धीरे धीरे मामा ने हमारे यहां आना कम कर दिया। लेकिन फिर भी वो चोरिछुपे आ ही जाते थे।

फिर कुछ दिनों से रिया घर पर आने के लिए जिद करने लगी तो फिर मैंने घर पर सबको बताया और मम्मी और नानी की सब फ़ोटो हटाकर रख दी। फिर मैं रिया को लेकर घर पर आ गया। तब पापा नाना को लेकर कहीं बाहर गए हुए थे। फिर पहले तो रिया ने पूरा घर घूमकर देखा। जो कि उसे काफी पसंद आया। फिर उसने मम्मी और नानी से दिल खोलकर बातें की। उसे मम्मी और नानी से बातें करके काफी अच्छा लगा। फिर रिया को मम्मी अपनी ड्रेसेस दिखाने लगी। मम्मी की ड्रेसेज देखकर रिया काफी खुश हुई। फिर कुछ ड्रेस मम्मी ने रिया को पहनकर भी दिखाई। मम्मी अब एक दम मॉडर्न हो गई थी और रिया को मॉडर्न औरतें काफी अच्छी लगती थी। फिर ड्रेसेस चेंज करते करते मम्मी ने बिकिनी पहन ली और नानी ने भी बिकिनी पहन ली। उन दोनों को बिकिनी में देखकर रिया देखती ही रह गई। फिर मम्मी के कहने पर रिया ने भी बिकिनी पहन ली। फिर वो तीनो पूरे घर मे ऐसे ही घूमने लगी। मम्मी रिया के सामने ही मुझसे चिपकने लगी और मैं भी तब सिर्फ अंडरवियर में था। फिर मैं मम्मी और नानी के सामने ही रिया के बदन को सहलाते हुए रिया की गालों पर किस करने लगा। फिर रिया भी मुझे किस करने लगी। फिर तो मम्मी ने मेरे होंठो पर किस कर दिया और मुझसे एकदम चिपक कर खड़ी हो गई। मैं जानबूझकर अपने हाथ मम्मी के बोबो और गाँड पर रख रहा था और रिया इसे सिर्फ हम दोनों माँ बेटे का प्यार ही समझ रही थी। फिर मेरा लण्ड अंडरवियर में खड़ा हो गया और उधर रिया की पैंटी भी गीली हो गई तो फिर ये देखकर मम्मी और नानी वहां से चली गई तो फिर मैं और रिया नंगे होकर चुदाई करने लगे। फिर चुदाई के बाद जब हम दोनों बाहर गए तो रिया थोड़ी शर्मा रही थी लेकिन मम्मी ने फिर अपनी बातों से माहौल को थोड़ा हल्का कर दिया। फिर तो रिया भी खुल गई और फिर मम्मी ने रिया को अपनी गोद मे बैठाकर उसे खूब प्यार किया। फिर इतना सब प्यार पाकर रिया ने तो मम्मी से कह दिया के मैं बस आपके पास ही रहना चाहती हूँ तो फिर मम्मी ने उसे कहा के मैं तुम्हारे अंकल से बात करूंगी। फिर रिया और मम्मी कमरे में चली गई और फिर मैं नानी से मस्ती करने लगा। उधर कमरे में रिया और मम्मी भी नंगी होकर एक दूसरे से बातें करने लगी। फिर जब मैं कमरे में गया तो वो दोनो एक दम नंगी थी। मुझे देखकर रिया के सामने मम्मी बिल्कुल नहीं शरमाई और वैसे ही खड़ी रही। फिर ये देखकर मम्मी ने रिया से कहा के मुझे इससे शर्माने की क्या जरूरत है। मम्मी का ये बोल्ड अवतार देखकर रिया तो देखती ही रह गई। फिर और तो और मम्मी मेरे पास आकर मेरे गले से लग गई और फिर मम्मी के सामने ही मैंने रिया को अपनी बाहों में ले लिया। फिर मैं मम्मी के सामने रिया से मस्ती करने लगा। हम दोनों को मस्ती मजाक करता देख मम्मी ने हम दोनों को अपने गले लगा लिया। फिर मम्मी के सामने ही मैं रिया के ऊपर चढ़कर रिया के बदन को चूमने लगा। ये देखकर मम्मी ने हँसते हुए कहा के आजकल के बच्चों को तो जरा भी सब्र नहीं है।

फिर मम्मी पेशाब करने चली गई और फिर मैं तो नंगा होकर रिया की चुदाई करने लगा। रिया भी मेरा साथ देने लगी। उधर मम्मी पेशाब करके आई तो हम दोनों को देखकर वो नंगी ही कमरे से बाहर चली गई। फिर चुदाई के बाद रिया मुझसे बोली के तुम्हारी मम्मी तो बहुत गजब की है यार। फिर मैंने हँसकर कहा के हां। फिर थोड़ी देर के बाद मम्मी फिर से कमरे में आ गई। तब मैं तो बिल्कुल नंगा था। मम्मी को देखकर मैंने कुछ भी छुपाने की कोशिश नहीं कि। फिर मम्मी हम दोनों के बीच मे आकर लेट गईं तो फिर पीछे से मैं मम्मी से चिपक कर लेट गया। फिर रिया भी मम्मी से चिपक गई और बोली के आपको छोड़कर जाने का मन ही नहीं कर रहा है। फिर मम्मी तो रिया के ऊपर चढ़कर लेट गई और रिया को अपने बोबे चुसवाने लगी। ये देखकर तो मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया। फिर वो दोनो एक दूसरे से किसिंग करने लगी। फिर रिया से उतरकर मम्मी मेरे ऊपर आ गई और मेरे खड़े लण्ड को चुपचाप से अपनी चुत में ले लिया। रिया को तब ऐसा लग रहा था जैसे एक मां अपने बेटे से प्यार कर रही है पर चल कुछ और रहा था। रिया को भी तब बहुत मजा आ रहा था। फिर तो रिया के सामने ही मैं मम्मी को अपनी गोद मे बैठाकर बैठ गया। फिर कुछ देर बाद जब रिया पेशाब करने गई तो फिर मैं मम्मी को घोड़ी बनाकर चोदने लगा और फिर झड़ गया। रिया पेशाब करके आई तो फिर हम तीनों एक दूसरे से गले मिले और फिर शाम हो गई थी तो फिर रिया चली गई। मम्मी को पता था के रिया कौन है। रिया मम्मी को काफी पसंद आई थी तो फिर एक दिन मम्मी पापा और मुझे लेकर उस टीचर के घर पर चली गई। फिर मम्मी ने उस टीचर से भी काफी बाते की और रिया को अपनी बहू बनाने की बात कही तो ये सुनकर वो टीचर कुछ कह नहीं पाई। मैं भी उस टीचर की चुदाई कर चुका था और रिया भी ये बात जानती थी के मेरे पापा उसकी मम्मी के दोस्त है।

फिर पापा के कहने पर वो टीचर मान गई और इस रिश्ते के लिए तैयार हो गई है। हालांकि तब मेरी और रिया की उम्र शादी के लायक भी नहीं थी। लेकिन फिर भी हम दोनों का रिश्ता पक्का कर दिया। फिर उधर मम्मी ने उस टीचर से दोस्ती कर ली और तो और मम्मी और उस टीचर ने पापा से एक साथ चुदवाने भी लगी। जिससे उस टीचर को भी काफी मजा आता। फिर तो सब काम सही हो गया। अब रिया लगभग हर सन्डे को हमारे घर पर आ जाती और फिर हम खूब मस्ती करते। वो कई बार कुछ दिन हमारे साथ भी रह लेती। उधर पापा भी उस टीचर को इधर उधर घुमाने ले जाते तो वो भी काफी खुश हो जाती। फिर रिया तो पापा के सामने ही बिकिनी में रह लेती और वो पापा के साथ चिपक चिपक कर अपने फोटो भी खिंचवाती। फिर तो वो नाना के साथ भी ऐसा ही करने लगी। इधर घर पर भी रिया अपनी मम्मी के सामने बिकिनी में रहती। फिर वो टीचर भी घर पर शार्ट ड्रेस में ही रहने लगी। हालांकि मैं टीचर की चुदाई कर चुका था और अब इस टीचर को भी मैं मम्मी ही कहने लगा था। वो टीचर मुझसे जरा भी शर्म नहीं करती थी। टीचर ने मुझसे कहा के मैं रिया को हमारी चुदाई वाली बात ना बताऊं। हालांकि टीचर ने मुझे चुदाई के लिए मना नहीं किया था। जब भी टीचर को दो मर्दो से एक साथ चुदने की इच्छा होती तो फिर मैं और पापा मिलकर टीचर की चुदाई कर लेते। फिर तो टीचर अपनी बेटी के सामने ही बिकिनी में रहने लगी और पापा रिया के सामने ही टीचर से खूब रोमांस करते। उधर मैं भी रिया से मस्ती करता। अब तो ऐसा हो गया था के रिया और वो टीचर सेक्सी बिकिनी पहनकर हम दोनों का इंतजार करती रहती और फिर हम खूब चुदाई करते। अब रिया और टीचर को आपस मे एक दूसरे से ज्यादा शर्म नहीं आती थी। उधर जब रिया हमारे घर पर रहने आती तो रात को मैं, मम्मी, रिया और कभी कभी तो नानी भी हम सब नंगे एक साथ सोते। फिर मैं तो मम्मी और नानी के सामने ही रिया की चुदाई कर लेता। हमारी चुदाई देखकर जब मम्मी ज्यादा गर्म हो जाती तो फिर वो अपनी चुत सहलाने लग जाती और फिर पापा से सेक्स करने कहकर पापा के पास चली जाती। जब रिया थककर सो जाती तो मैं वहीं मम्मी की चुदाई कर देता। रिया के सामने ही मम्मी मुझसे खूब चिपकती और फिर मैं भी मम्मी के बोबो को पकड़कर सहला देता। फिर तो हम तीनों मिलकर कोई खेल खेलते तो मैं मम्मी और रिया को घोड़ी बनाकर उनकी गाँड पर खूब थप्पड़ मारता।

अब धीरे धीरे रिया को भी इस सब की आदत पड़ गई थी तो फिर तो मैं रिया के सामने ही मम्मी से खूब रोमांस करता। हम दोनों का रोमांस देखकर तो रिया बहुत गर्म हो जाती। हम तीनों दोस्तो की तरह रहते थे तो रिया किसी चीज का ज्यादा बुरा नहीं मानती थी। फिर तो मम्मी और रिया मेरे सामने ही लेस्बियन सेक्स करने लग जाते और तो और रिया अपनी मम्मी यानी टीचर के साथ भी लेस्बियन कर लेती। रिया तो नानी से भी सेक्सी बातें कर लेती और वो उनसे नाना के साथ सेक्स के बारे में बातें करती। इस तरह हमारे घर के माहौल में एकदम घुल मिल गई थी। फिर नाना के साथ भी रिया काफी मस्ती करती। मम्मी भी रिया के सामने ही नाना से खूब चिपकती। उधर नानी भी पापा के साथ डांस वगैरह करती और खूब मस्ती करती। तब हम सबको खूब मजा आता। उधर टीचर के सामने भी पापा रिया की कमर में हाथ डालकर उससे बातें करते रहते और मैं टीचर के साथ। फिर कभी कभी तो वो दोनो मां बेटी ही हमारे घर पर रहने आ जाती। तब टीचर भी नाना के सामने सिर्फ बिकिनी में ही रहती। टीचर काफी चुदक्कड़ थी तो उसे किसी से शर्म नहीं थी। फिर पापा तो टीचर और मम्मी की कमर में हाथ डालकर घर मे घूमते रहते और मैं रिया और नानी के साथ होता। हालांकि हमने मामा को रिया और टीचर के बारे में कुछ भी नहीं बताया था। लेकिन जब कभी मामा आ भी जाते तो तब हम सब सिंपल कपड़ो में ही रहते और रात को सोते टाइम नानी मामा के पास चली जाती और टीचर पापा के पास सो जाती और मैं मम्मी और रिया तीनो एक साथ सो जाते। मामा को कुछ भी पता नहीं चलता।

फिर धीरे धीरे सब और ज्यादा खुलने लगे। हम सब सेक्स के भरपूर मजे ले रहे थे। मैं, रिया और मम्मी मिलकर तो पोर्न फिल्में देखते और फिर खूब मजे करते। एक दिन मम्मी कुछ ज्यादा ही गर्म हो गई थी और मैं भी बहुत गर्म था तो फिर रिया के सामने ही मैंने मम्मी की चुदाई कर दी। हालांकि फिर मम्मी ने इसके लिए मुझसे माफी मांगी। पर फिर रिया ने कहा के हम तीनों दोस्त है तो ऐसा चलता रहता है। फिर ये सुनकर मैं और मम्मी काफी खुश हुए और फिर तो रिया के सामने मैं और मम्मी खूब दबाकर चुदाई करने लगे। रिया भी इसमें हमारा खूब साथ देती। फिर हम थोड़े और ज्यादा एडवांस हुए तो फिर हम सबके मन मे घर पर नंगे रहने का ख्याल आया। हालांकि सब इसके लिए आसानी से मान गए थे। फिर तो हम सब घर पर ही नंगे रहने लगे और घर के लॉन में बैठकर एक दूसरे से खूब बातें करते। फिर एक दिन पापा सबके सामने ही टीचर की चुदाई करने लगे और फिर मैं भी रिया की चुदाई करने लगा। इसके बाद तो मम्मी और नानी की भी मैंने और पापा ने चुदाई कर दी। फिर मैंने टीचर और मम्मी की भी चुदाई की और पापा ने भी रिया और नानी की चुदाई की तो सबको ज्यादा कुछ हैरानी नहीं हुई। फिर इसके बाद तो कोई भी किसी के साथ भी सो जाता। मेरे साथ टीचर और मम्मी सो जाती और पापा के साथ रिया और नानी। फिर तो हम सब एक कमरे में एक साथ एक बेड पर ही चुदाई करने लगे। उधर नाना भी कभी कभी वियाग्रा लेकर मजे कर लेते वरना सबके बदन तो सहलाते ही रहते थे। इस तरह हमारे बीच से शर्म का पर्दा हट चुका था और अब बस सिर्फ मस्ती ही मस्ती होती। टीचर भी कई मर्दो का लण्ड का स्वाद ले चुकी थी और उधर मम्मी भी अफ्रीकन का लण्ड ले चुकी थी। फिर हम सब एक दूसरे से अपने सेक्स अनुभवों के बारे में खुलकर बातें करते। जिसमे हम सबको काफी मजा आता। फिर तो हमने जब रिया और टीचर को जब मामा और नानी की चुदाई वाली बात बताई तो उन दोनों को तो यकीन ही नहीं हुआ के उन्हें अब तक नानी के बारे में पता नहीं कैसे चला। फिर एक बारे जब मामा आये हुए थे तो नानी हम सबके सामने बस एक बिकिनी पहनकर मामा के कमरे में चली गई और फिर रात भर उन दोनों ने चुदाई की और सुबह वापिस आकर नानी ने दूसरी ड्रेस बदलकर घर मे घूमने लगी और फिर मामा नानी को मां मां कहकर बुलाते। ये सब देखकर तो रिया और टीचर खूब हंसी। फिर इतना ही नहीं एक दिन तो मम्मी ने भी मामा से चुदवाया और मम्मी तो फिर मामा के ऊपर चढ़कर भी खूब चुदी। मामा तो बस आंखें बंद करके करते रहे। फिर चुदाई के बाद जब मामा मम्मी से मिले तो वो एकदम नॉर्मल रहे। मामा को जरा भी पता नहीं चला। ये देखकर तो रिया और टीचर और ज्यादा हंसी। मामा को बस चुदाई से मतलब है। चाहे चुदवाने वाली कोई भी हो।

इस प्रकार अब हम सबको एक दूसरे के बारे में सब कुछ पता चल गया था। फिर तो हम और ज्यादा खुलकर मजे लेने लगे। हम सब गाड़ी लेकर कहीं भी घूमने के लिए चले जाते और फिर रास्ते मे कहीं भी रुक जाते और फिर टेंट वगैरह लगाकर कुछ दिन वहीं रहते और खूब मजे करते। हमें तो बस मजे करने थे चाहे जैसे भी करें। एक बार हम घूमते घूमते थोड़ा दूर निकल गए। फिर वहां पर खेत ही खेत थे और 8-10 घर थे वहां। वो बस खेती वगैरह करके ही अपनी जिंदगी चलाते थे। जब हम सब वहां पहुंचे तो हमने उन्हें बताया के हम वहां घूमने आए है। तब हम सब मर्दो ने तो हाफ पैंट और शर्ट वगैरह पहनी थी और सब औरतों ने शॉर्ट्स वगैरह पहन रखे थे। फिर रिया वहां की फ़ोटो लेने लगी। उधर मेरे और पापा की बॉडी अच्छी खासी थी दिखने में। फिर पता नहीं कहाँ से बात चली वो हम सबको फ़िल्म वाले समझने लग गए। उन सबको लगा के जैसे हम यहां फ़िल्म बनाने आये है। फिर वहां पर हम एक आदमी ने अपने घर पर रख लिया और हमारे खाने पीने और रहने का पूरा बंदोबस्त कर दिया। फिर कुछ दिन हम वहां इधर उधर घूमें और फ़ोटो वगैरह खींची। फिर हमें वहां का सब माहौल समझ मे आ गया। वो भोले भाले लोग थे और लगभग 40-50 लोग होंगे सब मिलाकर ही। फिर मैंने और पापा ने वहां के एक दो आदमी को पैसे वगैरह देकर उन्हें अपना बना लिया और वो आकर हमें सब बातें बता देते। उधर रिया, मम्मी और टीचर शार्ट ड्रेस पहनकर घूमती तो वहां के सब लोग उन्हें देखते ही रह जाते और उनके पीछे पीछे चलते। वो हमसे दिन में कई बार पूछते के हम कौनसी फ़िल्म बनाने वाले है। ये फ़िल्म वाली बात उन सबके मन मे बैठ चुकी थी।

फिर एक दिन रात को हम सब एक साथ बैठे थे तो फिर पापा बोले के फ़िल्म बना ही लेते है। फिर पापा ने हमे बताया के हम यहां गन्दी फ़िल्म बनाएंगे और खूब मजे लूटेंगे। पापा की बात हम सबको काफी अच्छी लगी। फिर अगले दिन ही रिया ने एक बिकिनी पहनी और वो सबके सामने ऐसे ही घूमने लगी। फिर मैंने और पापा ने सबको बताया के हम यहां फ़िल्म बनाएंगे। ये सुनकर वो सब काफी खुश हुए। फिर हमने उन्हें बताया के हम यहां गन्दी फ़िल्म बनाएंगे और आप मे से कुछ लोगो को रोल भी देंगे। तब सामने रिया बिकिनी में खड़ी थी। तब वहां 15-20 मर्द थे। फिर वो सब मान गए और हम जिस घर मे रह रहे थे वो घर खाली कर दिया। फिर हम शूटिंग करने लगे। सबसे पहले हमने एक कहानी बनाई और कुछ डायलॉग कागज वगैरह पर लिख लिए। ताकि सबको लगे के हम असल मे शूटिंग कर रहे है। अगर कल को कुछ गलत भी हो गया तो हम शूटिंग का नाम लेकर बच जाएंगे। मम्मी, रिया और टीचर तो थोड़ी इंग्लिश वगैरह में बात करती तो इसका सब पर अच्छा प्रभाव पड़ता। फिर हमने पहली ही फ़िल्म बनानी शुरू की और उसका नाम रखा 7 लड़को की एक लड़की से शादी। जिसमे हम रिया की 7 लड़को से शादी करवाने थे और फिर उनकी सुहागरात। फिर एक लड़का तो मैं था और बाकी 6 हमने चुनकर अच्छी बॉडी वाले गांव वालों में से ले लिए। फिर हमने एक झूठी शादी का मंडप सजाया और फिर हम सब शादी की तैयारियां करने लगे। साथ मे हमने ये बात भी फैला दी के शादी के बाद रिया सबके साथ सुहागरात भी मनाएगी। जो कि असल मे सही थी। हम ऐसा ही करने वाले थे। फिर शादी देखने के लिए हमने सब लोगो को बुलाया। फिर इतने लोगो के सामने रिया ने ऊपर सिर्फ एक लाल ब्रा पहनी और नीचे कोई लाल कपड़ा ऐसे ही लपेट लिया और ज्वैलरी वगैरह गांव वालों से लेकर पहन ली। तब रिया काफी सेक्सी लग रही थी।

फिर रिया से सबसे पहले सबके सामने मेरी शादी हुई। हालांकि तब तक मेरी रिया से असल मे शादी नहीं हुई थी। फिर ऐसे ही एक एक करके रिया ने बाकी के 6 लड़कों के साथ शादी कर ली। फिर इसमें ही शाम हो गई तो फिर बाकी की शूटिंग हमने रात को रखी। फिर रात को एक कमरे को सजाया गया। तब वहां कुछ औरत और आदमी खड़े देख रहे थे। हमने उन सबको गन्दी फ़िल्म के बारे में पहले ही बता दिया था। फिर मैं और बाकी के 6 आदमी जाकर बेड पर बैठ गए। तब हम सबने सिर्फ अंडरवियर पहन रखा था। तब पापा ने कैमरा पकड़ रखा था और नाना हम सबको समझा रहे थे के क्या करना है। फिर रिया जब आई तो सब रिया को देखते ही रह गए। रिया ने तब ट्रांसपेरेंट कपड़ा लपेट रखा था और उसमें से रिया का जिस्म साफ दिख रहा था। रिया को ऐसे देखकर भी आदमी के साथ साथ औरतें भी वैसे ही खड़ी देखती रही। फिर रिया आकर हम सबके बीच मे बैठ गई। फिर एक एक करके रिया हम सबके अंडरवियर खोलने लगी और फिर हम सब मर्द नंगे हो गए। तब वहां कुछ को शर्म आ रही थी। लेकिन फिर मैंने उनसे रिया की चुदाई की बात कही तो फिर उन्होंने शर्माना छोड़ दिया। फिर उधर मैंने रिया के कपड़े उतार दिए और अब रिया हम सबके बीच नंगी खड़ी थी। रिया को नंगी देखकर सबके लण्ड खड़े हो गए। फिर सब औरतें तो चली गई और बस मर्द ही रह गए। अब असली मजा आने वाला था। फिर मैं और रिया चुदाई करने लगे। फिर मेरे बाद बाकी सब लड़के भी रिया की चुदाई करने लगे।

रिया को भी इसमें काफी मजा आ रहा था तो फिर बारी बारी से रिया ने हम सबसे चुदवाया। ये देखकर तो सबकी हालात खराब हो चुकी थी। फिर सबने रिया के बदन को सहलाया और रिया की काफी चुदाई की। फिर लगभग आधी रात को हमने शूटिंग बंद कर दी। फिर सबके जाने के बाद मम्मी, टीचर और नानी भी कहने लगी के हमारी भी फ़िल्म बनाओ। फिर पापा और मैंने मम्मी, टीचर और नानी की चुदाई की। अब सब हमारे हाथ मे था तो फिर पापा ने कहा के तुम तीनो पर हम अलग अलग फ़िल्म बनाएंगे। जिसमे तुम खूब चुदवाना। उधर वहां के लोगो को भी सब समझ आ चुका था तो फिर अगले दिन तो फ़िल्म में काम करने वालों की भीड़ लग गई। ये देखकर तो हम सब बहुत खुश हुए। फिर अगले दिन शूटिंग चालू हुई तो रिया ने एक सूट पहन लिया। फिर सबके सामने ही मैं और बाकी के 6 लड़के सबके सामने ही रिया के बदन को सहलाने लगे। रिया को गोद मे बैठकर कोई रिया के किस करता तो कोई रिया के बोबो और गाँड को सहलाता। ये सब कुछ वहां बैठी औरतें भी देख रही थी। फिर रिया ने अपनी मां को फोन किया और उसे आकर ले जाने के लिए कहा। रिया की मां हमने नानी को बनाया। फिर नानी रिया को लेने उसके ससुराल गई। तब नानी ने ऊपर सिर्फ ब्रा और नीचे वैसे ही एक कपड़ा लपेट रखा था। नानी तब बहुत सेक्सी लग रही थी। उधर रिया ने भी ऐसा ही कुछ पहन लिया था। फिर रिया तो सबके सामने ही अपनी मां यानी नानी को बताने लगी के सबने मिलकर उसकी गाँड और चुत कैसे मारी रात को। तब सबका मन यही कर रहा था के रिया और नानी को वहीं पकड़कर चोदना चालू कर दे। फिर नानी रिया को लेकर जाने लगी और घर से थोड़ा बाहर निकल गई। फिर मैंने और बाकी 6 लड़को ने मिलकर उन दोनों को रोका और फिर माफी मांगकर उन दोनों को वापिस घर पर लेकर आये। फिर उस रात को हम सबने मिलकर रिया की फिर से चुदाई की और फिर नानी की भी चुदाई कर दी। उस रात को उन दोनों की काफी चुदाई की। फिर अगली सुबह नानी खुश होकर अपने घर चली गई और रिया को अपने पतियों से खूब चुदाई करने के लिए कहा।

इस प्रकार ये एक फिल्म खत्म हो गई। फिर मैं रिया को लेकर घूमने गया तो तब रिया ने सिर्फ बिकीनी पहन रखी थी। रिया तब मोडल लग रही थी। रिया को देखकर तो कई लोग हमारे पीछे हो गए। फिर घूमते घूमते हम थोड़ा दूर आ गए। तब रिया के अलावा हम 10 लोग थे तो फिर रिया का मन लंड लेने का करने लगा तो फिर रिया नंगी हो गई। फिर हम सब भी नंगे हो गए और फिर रिया एक एक करके उन सबसे चुदवाने लगी। उनमे से कुछ ने चोदा और कुछ ऐसे ही झड़ गए। फिर उनमे से कुछ को मैंने रात को भी आने के लिए कहा। फिर हम वापिस जाने लगे तो रिया कुछ दूर तो नंगी ही वापिस आई और फिर बिकीनी पहन ली। फिर हमने अगली फिल्म पर काम शुरू कर दिया। अगली फिल्म हमने मम्मी और टीचर को लेकर दो स्कूल टीचर पर बनाने का सोचा जो के बहुत सेक्सी होगी और सब लोगों से चुदवाएगी। मम्मी और टीचर तो ये फिल्म करने के लिए काफी उत्सुक थी। फिर अगले दिन मम्मी और टीचर शार्ट ड्रेस पहनकर आई और हमने कुछ लोगो को वहां बैठा दिया। फिर मम्मी और टीचर उन्हें औरत के अंगों के बारे में और चुदाई के बारे में बताने लगी। तब वहां कुछ औरतें भी बैठी थी। जिस कारण बेचारी वो तो शर्म से पानी पानी हो गई। मम्मी और टीचर वहां बैठे लोगों के सामने भी अपने बदन का खूब प्रदर्शन कर रही थी। फिर वहीं मैं और नाना बैठे थे तो फिर हम दोनों खड़े हुए और जाकर मम्मी और टीचर के बदन को सहलाने लगे। फिर हमारे देखा देख कुछ और लोग भी खड़े हुए और वो भी जाकर मम्मी और टीचर के बदन को सहलाने लगे। फिर रात को भी हमने शूटिंग की और वहां के थोड़े बूढ़े बुजुर्ग लोगो को बुलाया।

फिर उनके सामने टीचर और मम्मी बिकिनी पहनकर गई और उन्हें पढ़ाने लगी। पढ़ाते पढ़ाते वो दोनो नंगी हो गई और फिर उन्हें देखकर वो खुद को रोक नहीं पाए तो फिर वो सब उन दोनों के बदन को सहलाने लगे और फिर मम्मी और टीचर ने उनसे चुदवाया भी। उधर रात को मेरे पास भी कुछ लड़के आते और फिर उनसे रिया और नानी खूब चुदवाती। उधर अगले दिन वहां की कुछ औरतें फ़िल्म बंद करवाने के लिए भी आई लेकिन वही के आदमियों ने मिलकर उनका मुँह बंद कर दिया और हमे फ़िल्म बनने की खुली छूट दे दी। फिर तो एक दम खुल्लम खुल्ला चुदाई शुरू हो गई। गांव के बड़े लोग एक जगह इकठ्ठा हो जाते और फिर मम्मी और टीचर उनके पास जाकर खूब चुदवाती। उधर वहां के जवान लड़को से मैं रिया और नानी को चुदवाता। अब सब कुछ हमारे कंट्रोल में था और अब हम बहुत मजे करने वाले थे। अब मम्मी, टीचर, नानी और रिया या तो बिकिनी में रहती या नंगी ही रहती। फिर तो हम खुलेआम चुदाई वाली वीडियो बनाने लगे। हालांकि कुछ औरतें भी ये सब देखने आती थी। फिर तो शूटिंग के नाम पर दिन और रात रिया, मम्मी, टीचर और नानी खूब चुदवाती। इतना ही नहीं हम उन्हें नंगी करके बाहर खेतो में भी घुमाते। पहले जो आदमी शर्मा रहे थे फिर तो वो भी खुलकर सामने आने लगे। मम्मी और टीचर तो कभी किसी के घर तो कभी किसी के घर जाकर चुदाई करवाती और रिया के साथ भी हरदम कुछ लड़के जरूर होते। फिर रिया भी उनसे खूब चुदवाती। इस प्रकार वहां के सब आदमी तो हमारे साथ थे। हम चाहते थे वहां की कुछ औरतें भी अगर हमारे साथ मिल जाए तो मजा ही आ जाये।

फिर मैंने और पापा ने थोड़ी जांच पड़ताल की तो वहां के ही एक दो आदमी ने हमे वहां की सबसे सेक्सी और थोड़ी खुले स्वभाव वाली औरतों के बारे में बताया। फिर हमने उन 7-8 औरतों को बुलाया और फिर उन्हें हर टाइम अपने साथ ही रखते। फिर वो रिया और मम्मी वगैरह को देखकर सब सीख गई थी। पर वो कपड़े उतारने से डर रही थी। फिर इनमें से कुछ औरतों से मैंने और पापा ने नजदीकियां बनाई और उनकी चुदाई भी की। फिर उन्हें फ़िल्म में काम करने का लालच दिया और थोड़ा पैसों का भी लालच दिया तो पैसे के लालच में आकर 4 औरतें तैयार हो गई। फिर उनसे पहले तो मैंने और पापा ने खूब सेक्स किया और फिर वहीं के मेरे खास कुछ आदमियों से भी उन्हें चुदवाया। फिर वो एक दम तैयार हो गई तो फिर हमने उन्हें बिकिनी पहनाकर सबके सामने खड़ा कर दिया। उन्हें देखकर तो सब उन्हें देखते ही रह गए। फिर कुछ दिन के बाद शूटिंग के नाम पर उन्हें नंगी कर लिया और सबके सामने उनकी चुदाई की। जिससे उनकी शर्म चली गई। फिर पापा ने उन औरतों को उनके घर पर ही नंगी करके उन्हें खूब चुदवाया। उनके घरवाले पैसे के।लालच में कुछ नहीं बोल रहे थे और बाकी सब मजे ले रहे थे। अब आठ औरतें नंगी होने के तैयार थी और ऐसे ही 10-15 मर्द भी नंगे रहने के लिए तैयार थे तो फिर उन सबको लेकर हमने एक फ़िल्म बनाई जिसका नाम रखा गांव में सब नंगे। फिर उस फिल्म में तो हमने लगभग हर घर मे जाकर चुदाई की शूटिंग की। फिर तो ऐसा हाल हो गया के वहां के कुछ आदमी फ़िल्म में काम करने के लिए अपने घर की औरतों को चुदवाने के लिए भी तैयार थे। क्योंकि वो सब अब फ़िल्म में काम करके चुदाई के मजे लेना चाहते थे।

ये सब देखकर मैं और पापा बहुत ज्यादा खुश हुए। फिर जिसकी भी बीवी, बहन या मां सुंदर होती हम उसके घर पर जाकर उसके सामने ही उनकी चुदाई करते और फिर अगले दिन उसे फ़िल्म में ले लेते। फिर वो उस पूरे दिन खूब मजे करता। इस प्रकार वहां के लगभग सब आदमियों ने तो चुदाई कर ली थी और लगभग सभी औरतें भी सामने आकर या छुपकर चुदाई करवा चुकी थी। अब दिन प्रतिदिन बस मजे बढ़ते ही जा रहे थे। फिर वहां के लोगो मे।एक बात और फैल गई के यहां जो औरत हमारी फिल्मों में काम करेगी वो हीरोइन बन जाएगी और फिर उन्हें दूसरी फिल्मों में भी आसानी से रोल मिल जाएगा और उन्हें खूब पैसे मिलेंगे। और तो और जो पहले चार औरतें नंगी हुई थी उन्होंने ही कुछ औरतों को और तैयार कर लिया और फिर उनमें से दो औरतें तो सबके सामने नंगी भी हो गई थी। फिर वहां के ही एक आदमी ने बताया के उन दोनों में से एक औरत गांव में सबसे सुंदर है और सब उन्हें चोदना चाहते है तो फिर पापा ने उस पर गांव की रंडी नाम की एक फ़िल्म बनाई और उसे दिन रात खूब चुदवाया। हमे वहां रहते हुए 20 दिन हो चुके थे और हमारा वहां से जाने का मन ही नहीं कर रहा था। अब तो आदमियों से ज्यादा औरतें फिल्मों में काम करने के लिए तैयार हो रही थी। हर दिन हमारे पास कई औरते आती जो कि सब कुछ करने के लिए तैयार थी। इसके साथ साथ कुछ आदमी भी हमारे पास आते और उनकी मनचाही औरत को चुदवाने के लिए कहते। फिर तो पापा के मन में जो भी कहानी आती पापा वैसी ही फ़िल्म बना देते। हमारे कैमरे की स्पेस खत्म हो चुकी थी लेकिन फिर भी पापा वैसे ही कैमरा पकड़कर खड़े रहते और घुमाते रहते।

अब तो वहां का पूरा वातावरण ही बदल चुका था। औरतें अपने बाप, भाई और पति के सामने ही धड़ल्ले से चुदवा रही थी और उनके बाप, भाई और पति भी दूसरी औरतों से मजे कर रहे थे। फिर पापा ने हमसे कहा के इन औरतों को अब कहीं न कहीं तो काम दिलवाना पड़ेगा। ये हम पर बहुत विस्वास करते है। फिर रिया ने कहा के हम इनसे मॉडलिंग करवाएंगे और जिसकी किस्मत अच्छी होगी वो हेरोइन भी बन जाएगी। ये बात पापा को काफी अच्छी लगी। अब तो सब समस्या ही दूर हो गई थी। फिर कुछ दिन और वहां रहने के बाद फिर हम सब वहां से वापिस आ गए। वापिस आने के बाद वहां से हर हफ्ते कुछ औरतें आती और फिर पापा और मैं मिलकर उनका फोटोशूट करते और फिर वो फ़ोटो आगे भेज देते। अगर वो किसी को पसंद आती तो वो उन्हें फिर से बुला लेते और फिर उनके मुताबिक उन्हें काम बता देते। इस प्रकार कई औरतों को काम मिल गया था। फिर तो वो हमें फोन पर फोन करते और फिर जब हमें टाइम होता तब हम उनको बुलाकर फ़ोटो शूट करते और फिर वो सब फ़ोटो आगे भेज देते।

इस प्रकार ये सिलसिला चलने लगा। वहां हम सबने खुल्लम खुल्ला चुदाई का मजा लिया था। फिर अब सब वैसा ही मजा फिर से चाहते थे। फिर हम कई और जगह घूमने गए। लेकिन हमें मस्ती करने का ज्यादा कुछ मौका नहीं मिला। लेकिन फिर नाना ज्यादा बीमार रहने लगे तो हम कहीं नहीं गए। उधर रिया और उसकी मम्मी कुछ दिन के लिए अपने घर चली गई। फिर हम सब नाना की सेवा करने लगे। पता नहीं क्या हुआ था पर इस बार नाना कुछ ज्यादा ही सीरियस हो चुके थे। जिस कारण मामा और माम्मी भी आ गए थे। इस बीच नानी तो लगभग नाना के पास ही रहती और माम्मी भी वहीं रहती। उधर मैं, मम्मी, पापा और मामा रात को एक साथ कमरे में सोते और मस्ती करते। मम्मी तो सरेआम मामा का लण्ड पकड़कर चुस्ती और हिलाती और मुझसे और पापा से चुदवाती। जब मामा ज्यादा ही गर्म हुए होते तो वो उनसे चुदवा भी लेती। मामा हमारे साथ हमारे कमरे में होते तो माम्मी ज्यादा शक भी नहीं करती थी। फिर कुछ दिन बाद नाना चल बसे तो फिर नाना को लेकर हम सब मामा के घर चले गए और फिर वहीं उनका अंतिम क्रियाकर्म किया। फिर तब जो कोई भी आता वो नानी को देखकर कहता के नानी तो नाना से काफी जवान लगती है। सब उन्हें नाना की बेटी ही समझ रहे थे। फिर ये सुनकर तो नानी अंदर ही अंदर काफी खुश हो रही थी पर वो अपनी खुशी किसी को दिखा नहीं सकती थी। लेकिन फिर पापा नानी से ज्यादा शोक न मनाकर खुश रहने के लिए कहा तो फिर नानी ने ऐसा ही किया। फिर दूसरी रात ही नानी पूरी तैयार होकर हमारे पास आ गई। तब मामा और पापा ने मिलकर नानी की चुदाई की और मैंने मम्मी की। फिर बस इसी तरह दिन निकलने लगे और हम सबकी मस्ती जोरो पर थी।

मम्मी तो सबके सोते ही अपना सूट खोलकर हमारे पास आ जाती। फिर हम चुदाई करते। फिर पापा ने मम्मी से कहा के कोई ऐसा स्थायी समाधान बन जाये ताकि तुम्हारी माँ चुदाई भी कर सके और उन्हें कोई कुछ कह भी ना सके। फिर मम्मी बोली के ऐसा कैसे होगा। फिर पापा बोले के देखते है क्या होता है। फिर घर पर एक पंडित आता था और वो बार बार किसी अनहोनी के लिए कहता। जिससे माम्मी डर जाती। माम्मी इन सब चीजों में काफी विस्वास करती थी। फिर एक दिन पापा ने उस पंडित से पूछा के घर मे क्या दोष है। फिर पण्डित ने बताया के घर मे एक औरत विधवा हो गई है। यही सबसे बड़ा दोष है। इसके कारण एक और औरत के विधवा होने का डर है। फिर पापा ने पूछा के तो फिर क्या किया जाए। फिर पंडित ने कहा के उसकी शादी करवा दो। ये सुनकर एक बार तो पापा पंडित को गाली देने लगे। फिर पापा ने कहा के ठीक है। फिर पापा ने पंडित को कुछ पैसे देकर उससे कहा के वो वैसा ही कहे जैसा मैं कहूंगा। फिर इसके लिए पंडित मान गया। फिर अगले दिन पंडित के आने पर हम सब परिवार के लोग एक कमरे में जाकर बैठ गए। फिर पंडित ने पापा के कहे अनुसार सब कहा। पंडित ने कहा के इस घर से सब दोष मिटाने के लिए इस ई की उसके अपने खून यानी अपने बेटे से, किसी बाहर के आदमी यानी इनका जवाईं या और कोई बाहर का आदमी और एक जवान लड़के से शादी करके इनके साथ पति पत्नी धर्म निभाना होगा तभी इस घर से दोष मिट सकता है। ये सुनकर तो मैं, मम्मी और नानी मन ही मन काफी खुश हुए और माम्मी भी झट से मान गई।

फिर जब नाना की सब रस्मे पूरी हो गई और उनका शोक पूरा हो गया तो फिर हमने घर पर ही शादी का एक छोटा सा प्रोग्राम रखा। जिसमे मैं, पापा और मामा तो दूल्हा बने और नानी दुल्हन। फिर मम्मी ने पापा से कहा के किसी एक से ही करवा देते शादी। तीन दूल्हे जरूरी थे। फिर पापा ने धीरे से कहा के तुम्हारी माँ की जवानी को काबू में करना किसी एक के बस की बात नहीं है। ये बात नानी को भी सुन गई तो वो हंसने लगी। नानी तब काफी सेक्सी लग रही थी। तब गर्मी के दिन थे मम्मी ने नानी को ऊपर छोटी सी चोली जिसमे से नानी के आधे से ज्यादा बोबे दिख रहे थे और नीचे घाघरा भी ट्रांसपेरेंट था। पंडित और माम्मी दोनो नानी को देखते ही रह गए थे। ऊपर से दोपहर 12 बजे का मुहूर्त निकाला था तो तब काफी ज्यादा गर्मी होती है। जिस कारण हम सबका तो बुरा हाल था। ऊपर से पापा ने मुझे और मामा को पहले ही वियाग्रा की टेबलेट दे दी। जिस कारण हम तीनों के लण्ड हमारी धोती में खड़े साफ दिखाई दे रहे थे। ये सब देखकर तो पंडित और माम्मी देखते ही रह गए थे। उधर ज्यादा गर्मी के कारण मैं, पापा और मामा तो सिर्फ धोती में आ गए। पापा के कहने पर हमने नीचे से अंडरवियर पहले ही निकाल दिया था। उधर नानी का भी बुरा हाल था। फिर पापा के कहने पर मम्मी नानी को।लेकर अंदर गई और फिर उन्हें ऊपर एक ब्रा पहना दी। जो कि उनके बोबो के साइज से काफी कम थी और उस ब्रा के स्ट्रैप भी पतले पतले थे। जब नानी ऐसे हम सबके सामने आई तो सब नानी को देखते ही रह गए। तब सबका ध्यान नानी के गोरे गोरे बोबो की तरफ ही था। माम्मी भी नानी को ऐसे देखकर देखती ही रह गई थी पर वो कुछ नहीं कह सकती थी। लेकिन पापा भी कहाँ मानने वाले थे। नानी ने नीचे थोड़ा हैवी लहंगा पहन रखा था। जिस कारण उनका बुरा हाल था। फिर मम्मी फिर से नानी अंदर लेकर गई और फिर लहंगा खोलकर हमारे जैसे ही नानी के लाल रंग की धोती बांध दी और धोती भी ऐसे बांधी के धोती उनके घुटनो से ऊपर तक थी और पीछे से उनकी गाँड की लाइन साफ दिख रही थी।

फिर नानी जब आई तो सब बस नानी को ही देख रहे थे। ये सब प्लानिंग पापा ने मम्मी के साथ पहले ही कर चुके थे के नानी को कब क्या पहनाना है। नानी की ब्रा भी चेंज करके थोड़ी नेट वाली ब्रा पहना दी थी। जिसमे तो नानी पूरी चोदने लायक माल लग रही थी। फिर नानी की बारी बारी से हम सबने मांग भरी और फिर हमने एक साथ फेरे लिए। फिर पंडित ने नानी से रात 12 बजे से पहले सुहागरात मनाने के लिए कहा। फिर पापा ने पूछा के कंडोम लगाकर करें या बिना कंडोम के। पापा की ये बात सुनकर नानी के साथ साथ माम्मी भी हँसने लगी। फिर पंडित ने भी जवाब दिया के बिना किसी कंडोम के ही करना होगा। फिर शादी के बाद फ़ोटो खींचने लगे तो फिर नानी हम तीनों के साथ खड़ी होकर फ़ोटो खिंचाने लगी। तब फिर पापा तो सबके सामने ही नानी को बाहों में लेकर फ़ोटो खिंचाने लगे। तब नानी की पीठ पूरी नंगी थी। फिर तभी नानी की ब्रा का हुक खुल गया तो फिर पापा बोले के अभी टाइम है ये अभी खुल रहा है। फिर पापा हुक लगाने लगे। पापा की ये बात सुनकर तो बेचारी माम्मी पानी पानी हो गई। उधर फिर पापा ने मा के साथ भी नानी की फ़ोटो खिंचवाई। तब मामा तो थोड़े शर्मा रहे थे। लेकिन पापा तो बिल्कुल बेशर्म हो चुके थे। फिर हम सब खाना खाने लगे तो पापा ने नानी को अपने हाथों से खाना खिलाया। फिर खाना खिलाते टाइम पापा ने जानबूझकर एक दो बार खाना नानी के बोबो पर डाल दिया तो फिर पापा सबके सामने नानी के बोबो को सहलाने लगे।

लेकिन फिर जब नानी रायता पीने लगी तो रायता उनके बोबो पर ही गिर गया और उनकी ब्रा खराब हो गई। फिर पापा तो नानी को लेकर झट से बाथरूम में जाने लगे और फिर उनके पीछे पीछे मम्मी और माम्मी भी चले गए। फिर पापा बाथरूम से वापिस आये और फिर अलमारी खोलकर उसमें से एक ब्रा निकाली। जो कि पूरी की पूरी नेट की बनी थी बस निप्पल वाली जगह थोड़ी ढकी हुई थी। फिर पापा जब वो ब्रा लेकर जाने लगे तो फिर उन्होंने मम्मी और माम्मी से सुहागरात के लिए कमरा तैयार करने के लिए कहा। फिर जब पापा नानी को वो ब्रा पहनाकर लाये तो सब के होश उड़ गए। अब सब कुछ पापा के हाथ मे था। वो जैसा चाहे वैसा कर रहे थे। तब पंडित तो पहले ही जा चुका था। फिर पापा ने माम्मी से कहा के हम तीनों को सुहागरात एक साथ ही मनानी है या अलग अलग। फिर ये सुनकर माम्मी ने कहा के जैसी आपकी मर्जी वैसा कीजिये। फिर पापा तो सबके सामने ही नानी से मस्ती करने लगे। पापा नानी की कमर में हाथ डालकर नानी को पूरा अपने से चिपका लिया और फिर धीरे से नानी की गाल पर किस कर दिया। ये देखकर माम्मी तो बेचारी शर्मा गई। तब मामा वहां नहीं थे तो फिर पापा तो नानी को अपनी गोद मे लेकर बैठ गए। फिर नानी पापा की छाती पर सिर लगाकर बैठ गई तो फिर पापा तो नानी की पीठ सहलाने लगे। पापा तो पूरे मजे ले रहे थे। फिर जब कमरा तैयार हो गया तो फिर मम्मी नानी को लेकर कमरे में चली गई। तब फिर मैं, पापा और मामा भी कमरे में चले गए।

फिर पापा तो मामा के सामने ही नानी के साथ जाकर बैठ गए। फिर नानी भी पापा से चिपक कर बैठ गई और पापा की छाती सहलाने लगी। ये देखकर तो सब देखते ही रह गए। फिर पापा ने नानी से चेंज करके आने के लिए कहा तो फिर नानी बाथरूम में गई। बाथरूम में पापा ने पहले ही बेबीडॉल लिंजरी की एक जोड़ी छोड़ दी थी और नानी को कहा था के वो ही पहनकर आनी है। फिर नानी भी बेचारी क्या करती। फिर जब नानी जब वो पहनकर आई तो सब पहले तो नानी को देखते ही रह गए। क्योंकि वो सारी ट्रांसपेरेंट थी और बहुत सेक्सी थी। फिर नानी को देखकर पापा नानी के पास चले गए और नानी को अपनी बाहों में ले लिया। फिर तभी मम्मी माम्मी को लेकर कमरे से बाहर आ गई और फिर कमरा बाहर से बंद कर दिया। अब रही मामा की बात तो मामा तो खुद शर्मा रहे थे। पर नानी ने कुछ शर्म नहीं कि। वो तो पापा की धोती खोलकर अपने बेटे के सामने ही पापा का लण्ड चुसने लगी। फिर पापा नानी की चुदाई करने लगे। उधर फिर पापा के साथ ही मैं भी नानी की चुदाई करने लगा। हम दोनों से नानी को एक साथ चुदवाते देख फिर तो मामा भी हमारे पास आ गए। फिर वो भी नानी की चुदाई करने लगे। उस दिन वियाग्रा के कारण हम तीनों नानी को शाम तक चोदते रहे। नानी भी अब चुदक्कड़ बन चुकी थी तो वो भी चुदवाती रही। फिर पहले मामा कमरे से बाहर चले गए और फिर मैं चला गया। फिर मैंने जाकर माम्मी से कहा के पापा आपको बुला रहे है कमरे में। ये कहने के लिए मुझे पापा ने ही कहा था। फिर तब पापा नानी को घोड़ी बनाकर चोद रहे थे। तब जैसे ही माम्मी ने कमरे का गेट खोला तो वो ये सब देखती ही रह गई। फिर वो कुछ देर तो देखती रही और फिर गेट बंद करके वापिस चली गई। फिर माम्मी सब समझ गई थी के ये सिर्फ एक चाल थी।

फिर शाम को पंडित ने हम सबको मंदिर पर बुलाया था तो फिर पापा ने तो एक शेरवानी पहनी और नानी को एक साड़ी पहनाई जिसमे वो बहुत सुंदर लग रही थी। फिर जब पापा और नानी तैयार होकर कमरे से निकले तो सब उन्हें देखते ही रह गए। फिर पापा ने तो सबके सामने ही नानी को अपनी बाहों में ले लिए। फिर सबके सामने ही नानी की गालों पर किस भी किया। इसके बाद मैंने भी नानी को अपनी बाहों में लेकर किस किया। फिर नानी तो मामा के साथ जाकर चिपक कर खड़ी हो गई। फिर मामा ने भी नानी के अपनी बीवी की तरह किस किया। फिर हम सब मंदिर गए तो पंडित तो नानी को ही देख रहा था। फिर मंदिर में पापा ही नानी से चिपके रहे। फिर वहां सब पूजा वगैरह पापा ने ही नानी के साथ मिलकर की। फिर हम घर आ गए तो फिर घर आने के बाद नानी ने हम सबके लिए खीर बनाई। वो खीर बहुत ही स्वाद बनी थी। फिर हम सबने खाना खाया। खाना खाने के बाद हम सभी चेंज करके घर के लॉन में घूमने लगे। तब चेंज करके नानी ने एक सेक्सी ड्रेस पहनी। जिसमे से नानी की जांघे नंगी ही थी और ऊपर से बोबे ही दिख रहे थे। नानी को फिर पापा ने अपनी बाहों में ले लिया और फिर वो नानी के साथ मस्ती करने लगे। फिर थोड़ी देर घूमने के बाद हम सब अंदर चले गए। कमरे में ही जाते ही फिर नानी के साथ ही हम तीनों भी नंगे हो गए। फिर हम तीनों बेड पर लेटकर अपने लण्ड सहलाते सहलाते बातें करने लगे। उसी रात पापा ने कमरे की एक खिड़की खुली छोड़ दी और फिर मम्मी से कहकर माम्मी को हमारी चुदाई दिखाने के लिए कहा। इसका पता सिर्फ मुझे और पापा को था। उस दिन नानी भी पूरी तरह तैयार हुई। जिस तरह तैयार होकर वो पहले मामा के पास जाती थी। फिर नानी को ऐसे देखकर मामा तो सब भूल गए और फिर वो नानी की जोरदार तरीके से चुदाई करने लगे। जब माम्मी ने ये सब देखा तो देखती ही रह गई। फिर इसके बाद नानी को मैंने और पापा ने एक साथ चोदा। ये देखकर तो माम्मी बेहोश होते होते बची।

फिर शादी वाले दिन नानी ने लाल रंग की ब्रा पैंटी पहनी और ऊपर खूब सारे गहने पहने। जिसमे नानी काफी सेक्सी लग रही थी। फिर इस बार माम्मी खुद नानी को मंडप तक लेकर आई। फिर पंडित ने बारी बारी से पापा और मामा के लड़के की शादी करवाई। फिर शादी के बाद जब पंडित चला गया तो फिर पापा ने नानी की ब्रा पैंटी उतरवा दी और अब नानी सिर्फ गहनों में थी। गहनों में से नानी का पूरा बदन नंगा दिख रहा था। अबकी बार नानी भी पापा के साथ रोमांस में साथ दे रही थी। नानी सिर्फ गहनों में बहुत सेक्सी लग रही थी। नानी पापा से खूब हंस हँसकर बातें कर रही थी। फिर सुहागरात की बारी आई तो फिर माम्मी खुद अपने बेटे और नानी को लेकर कमरे में गई। फिर तो सबके सामने ही नानी ने अपने पोते को बिस्तर पर लिटाकर उसे अपने बोबे चुसवाने लगी। तब नानी ऊपर से पूरी नंगी हो चुकी थी। फिर पापा ने हमारे सामने ही नानी के नीचे की ज्वैलरी भी खोल दी और नानी पूरी नंगी हो गई। फिर पापा तो नानी की चुत और बोबो को सहलाने लगे। तब सब कमरे में ही थे। पर नानी और पापा बिल्कुल भी शर्म नहीं कर रहे थे और करे भी किससे। क्योंकि घर मे सिर्फ माम्मी ही बची थी पर वो भी कई बार हमारी चुदाई देख चुकी थी। फिर माम्मी को छोड़कर सब चले गए तो फिर नानी ने माम्मी के सामने ही अपने पोते को नंगा कर दिया और फिर नानी उससे चिपक कर लेट गई। फिर पापा ने नानी का हाथ उसके लण्ड पर रख दिया और फिर उसके हाथों को नानी की चुत और बोबो पर रख दिया। फिर तो नानी उसके ऊपर चढ़ गई और फिर उसे अपने ऊपर चढ़ा लिया। तब माम्मी ये सब देखकर थोड़ी शर्मा रही थी लेकिन फिर पापा ने कहा के अगर ये सब सही तरीके से नहीं हुआ तो फिर कुछ अनहोनी हो सकती है। जिससे फिर माम्मी भी पूरा साथ देने लगी।

नानी तो पूरी रंडियों की तरह हमसे चुद रही थी। हमारी चुदाई देखकर तो माम्मी का बुरा हाल हो चुका था। माम्मी की बोलती बंद हो चुकी थी। फिर एक बार झड़ने के बाद नानी ने हम तीनों के लण्ड चुसकर फिर से खड़े किए। फिर हम फिर से चुदाई करने लगे। फिर अगले दिन जब माम्मी ने हमे देखा तो वो कुछ नहीं कह पाई। फिर उस दिन पापा के कहने पर मामा ने माम्मी की चुदाई की। उधर फिर मैंने भी मम्मी की चुदाई की और पापा तो नानी की चुदाई कर ही रहे थे। फिर तो पापा सबके सामने ही नानी के बदन को सहलाने लगते और नानी के बोबो पर हाथ रख देते। पापा काफी रोमांटिक थे। एक बार किचन में पापा  नानी की चुदाई कर रहे थे और तब मामा भी वहीं खड़े खड़े अपना लण्ड सहला रहे थे। फिर तभी वहां माम्मी आ गई तो फिर मामा माम्मी को वहां से लेकर दूसरे कमरे में चले गए। इस तरह पापा जानबूझकर माम्मी के सामने नानी की चुदाई करते। इतना ही नहीं पापा तो फिर नानी के साथ साथ मम्मी से भी रोमांस करने लगें। पापा दोनो मां बेटी की कमर में हाथ डालकर घूमते रहते। फिर तो पापा मम्मी को भी अपने साथ सुलाने लगे रात को। फिर मम्मी भी शार्ट ड्रेस पहनने लगी। अब वो दोनो मां बेटी काफी खुश रहती। ये सब देखकर तो माम्मी से रहा नहीं जा रहा था। फिर मामा भी सबके सामने माम्मी से पापा के जैसा रोमांस करने लगे। हालांकि माम्मी को ये सब पसंद नहीं था तो वो मामा का ज्यादा साथ नहीं देती थी। लेकिन इससे पापा और ज्यादा खुल गए। फिर एक दिन दोपहर को पापा ने माम्मी को किसी तरह अपने कमरे में बुलाया। फिर पापा नानी और मम्मी को लेकर कमरे में गए और फिर दोनो की चुदाई करने लगे।

जब माम्मी ये सब देखने आई तो वो तो ये सब देखती ही रह गई। पर कर भी क्या सकती थी। अब घर मे सब मजे कर रहे थे बस माम्मी को छोड़कर। फिर तो एक बार पापा के कहने पर नानी सिर्फ बिकिनी पहनकर घर मे घूमने लगी। उस दिन नानी को देखकर मैंने, पापा और मामा ने नानी की कई बार चुदाई की। पापा तो अब माम्मी के सामने ही मम्मी के बदन को भी सहलाने लग जाते। हालांकि तब मामा भी वहीं खड़े होते थे। उधर मम्मी भी माम्मी से बचकर मामा के लण्ड को हिलाती और चूस भी देती। यहां तक कि मम्मी मामा को रात को अपने साथ सुला लेती और फिर मामा को अपने बोबे चुसवाने लग जाती। फिर जब मामा बहुत गर्म हो जाते और उन्हें कुछ होश नहीं रहता तो वो उनसे चुदवा भी लेती। मामा सुबह तक ये सब भूल जाते। उधर पापा तो पता नहीं क्या करने पर तुले हुए थे। उनके कहने पर नानी ने बिकिनी पहनी और फिर अपने बोबे नंगे करके सबको सरेआम चुसवाने लगी। तब फिर हम नानी के बोबो को दबा भी रहे थे। फिर तो नानी बस पैंटी पहनकर ही घूमती रही उस दिन। माम्मी जानती थी के इसके पीछे पापा का ही हाथ है। इस प्रकार पापा ने और हमने माम्मी के सामने जमकर मजे किये।

मेरे मामा का बेटा जो कि 10-12 साल का था। वो पहले अपनी ननिहाल गया हुआ था और फिर वो वापिस आ गया। फिर उसके सामने ही नानी तो बस वैसे ही रहती। इस बात से माम्मी भी परेशान थी। क्योंकि उन्हें लगता था के इससे उनके बेटे पर गलत असर पड़ रहा हैं। फिर ये बात पापा को पता चली तो फिर पापा ने उस पंडित को बुला लिया। फिर उस पंडित ने घर पर हवन वगैरह किया और फिर उससे कहलवाया के जहां भी नानी रहेगी वहां रहने वाले हर मर्द को नानी से शादी करनी होगी। फिर पापा ने जानबूझकर मामा के लड़के के बारे में पूछा तो फिर पंडित ने कहा दिया के हां इसे भी करनी होगी। वरना इसकी जान पर खतरा होगा। फिर ये सुनकर माम्मी बोली के ये तो अभी बच्चा है। फिर तभी पापा ने पंडित से कहा के ये सम्भोग नहीं कर पायेगा। फिर ये सुनकर पंडित बोला के फिर क्या हुआ नंगा होकर तो सो ही सकता है। ये सब सुनकर तो माम्मी को पक्का यकीन हो गया के इस सब के पीछे पापा का ही हाथ है। लेकिन माम्मी डरती भी थी के कहीं कुछ अनहोनी न हो जाये। फिर कुछ दिनों बाद ही नानी और मामा के लड़के की शादी का मुहूर्त निकला। फिर नानी के साथ मामा के लड़के की अकेले शादी करने के बजाय पापा भी नानी से शादी करने के लिए फिर से तैयार हो गए। फिर पापा बोले के ये अभी बच्चा है ये कुछ नहीं जानता है। उधर पंडित फिर सब कहानी समझ चुका था। फिर वो भी नानी से शादी करके मजे लेने चाहता था तो फिर पापा ने उससे कहा के टाइम आने पर वो उससे भी शादी कर लेगी। ये सुनकर पंडित खुश हो गया। उधर नानी तो पंडित के सामने ही शार्ट ड्रेस में थी और फिर सबके सामने ही अपने बेटे से ऐसे चिपक रही थी जैसे बीवी अपने पति से चिपकती है। फिर पंडित ने पापा से पूछा के क्या सच मे इन्होंने अपने बेटे से चुदाई की है। फिर पापा ने पंडित को उनकी चुदाई की कुछ फ़ोटो दिखाई तो फिर पंडित देखता ही रह गया। उधर माम्मी अपने बेटे की शादी के लिए थोड़ी परेशान थी तो फिर पापा ने माम्मी को यकीन दिलाया के वो सब सम्भाल लेंगे। नानी को हम तीनों के साथ कुछ दिन पहले ही शादी हुई थी और अब फिर से नानी की शादी होने वाली थी। लेकिन अबकी बार पहले की अपेक्षा सब और खुल्लम खुल्ला होने वाला था।

 

माम्मी को डर था के पता नहीं इस बार पापा क्या करेंगे। लेकिन माम्मी कुछ नहीं कर सकती थी बस सोचने के सिवाय के आगे क्या होगा। फिर इस बार तो माम्मी भी शादी में सहयोग करने लगी और सब काम खुशी से करने लगी। शायद उन्हें अपने बेटे की शादी की खुशी थी। फिर शादी वाले दिन माम्मी ने अपने बेटे को दूल्हा बनाया और उधर नानी भी दुल्हन की तरह सजकर तैयार हुई। इस बार नानी तो ब्यूटी पार्लर वगैरह भी गई। इस बार नानी ने कपड़े तो दो ही ब्रा पैंटी पहन रखे थे पर गहने काफी ज्यादा पहन रखे थे। जिससे उनका सारा शरीर गहनों से ढक गया था। फिर इस बार तो माम्मी खुद नानी को मंडप पर लेकर आई और फिर हमारी शादी में भी पूरा सहयोग किया। फिर पंडित ने पापा और माम्मी के बेटे की नानी के साथ शादी करवाई। फिर शादी के बाद तो माम्मी के बेटे और नानी ने माम्मी के पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। चाहे जो भी हो आखिर अब नानी माम्मी की बहू बन गई थी। फिर पापा ने पंडित को दक्षिणा वगैरह देकर भेज दिया। फिर पापा ने माम्मी से नानी की ब्रा पैंटी खोलने के लिए कहा क्योंकि गर्मी बहुत ज्यादा थी। फिर माम्मी ने पापा की बात मान ली। अब नानी सिर्फ गहनों में थी। इस बार तो हम सबके सामने नानी भी पापा से खुलकर रोमांस कर रही थी। फिर तो मैं और मामा भी नानी के साथ रोमांस करने लगे। फिर नानी तो मामा और उनके लड़के को वहीं अपने बोबे चुसवाने लगी। फिर हम सब कमरे में जाकर बैठ गए और हंसी मजाक करने लगे। माम्मी भी इस बार तो काफी खुश दिखाई दे रही थी। फिर खूब बातें करने के बाद माम्मी के अलावा सब चले गए। फिर नानी ने माम्मी के सामने ही उनके बेटे को नंगा कर लिया और फिर उसका लण्ड पकड़कर सहलाने लगी। माम्मी बस ये देखती रही और कुछ नहीं कह पाई। उधर पापा ने नानी के बदन से सब ज्वैलरी निकालकर नानी को नंगी कर दिया।

 

फिर पापा के कहने पर मामा का लड़का नानी यानी अपनी दादी के ऊपर आकर बोबो और चुत को चुसने लगा। फिर नानी ने भी उसके लण्ड को चूसा। जिससे उसका लण्ड खड़ा हो गया तो फिर नानी उसे अपनी चुत में लेकर चुदवाने लगी। माम्मी के सामने उनका जवान बेटा नानी को चोद रहा था। फिर जब वो झड़ गया तो फिर वो थक कर सो गया। फिर माम्मी के सामने ही पापा तो नानी की चुत चुसने लगे। फिर ये सब देखकर माम्मी कमरे से बाहर चली गई और फिर पापा ने नानी की खूब चुदाई की। उधर फिर शाम को जब कमरे में माम्मी गई तो तब भी उनका बेटा नानी की चुदाई कर रहा था। फिर पापा ने माम्मी से कहा के आपको तो खुश होना चाहिए के इनके बीच सम्भोग सही तरीके से हो गया है। वरना पता नहीं क्या होता। फिर ये सुनकर मम्मी के चेहरे पर एक मुस्कान दौड़ गई।

 

फिर इसके बाद तो माम्मी ने अपने बेटे को अंडरवियर पहनाया और फिर उसे बाहर ले गई। फिर नानी तो नंगी ही बाहर चली गई और पापा भी बस अंडरवियर में ही थे। अब शर्म वगैरह तो रह नहीं गई थी तो फिर सबके सामने मैंने और मामा ने नानी के बोबो, चुत और गाँड को खूब सहलाया। इतना ही नहीं फिर तो हम नानी को कमरे में ले जाकर चोदने लगे। फिर चुदाई के बाद हम सब मंदिर जाने के लिए तैयार होने लगे तो पापा ने नानी को एक शार्ट ड्रेस पहनाई। जिसमे नानी तो बहुत मस्त लग रही थी। फिर नानी के अलावा पापा ने मम्मी को भी एक सेक्सी ड्रेस पहनाई। फिर हम रात को थोड़ा लेट ही मंदिर गए। तब मंदिर में हमारे अलावा कोई नहीं था। फिर पंडित नानी को देखकर तो देखता ही रह गया। फिर पूजा वगैरह करने के बाद हम सब वापिस आ गए। फिर वापिस आने के बाद हम सबने खाना खाया। फिर हम सब कमरे में चले गए तो फिर नानी तो नंगी हो चुकी थी। फिर थोड़ी देर बाद मैं, मामा और मम्मी तो दूसरे कमरे में चले गए और फिर माम्मी के सामने ही उनका बेटा नानी की चुदाई करने लगा। फिर चुदाई के बाद वो तो नानी की चुत में ही झड़ गया। फिर माम्मी के सामने ही पापा नानी की चुत चाटने लगे। फिर पापा ने तो माम्मी के सामने ही अपना लण्ड बाहर निकाला और फिर नानी की चुत में डाल कर चुदाई करने लगे। ये देखकर फिर माम्मी तो कमरे से बाहर आ गई। लेकिन मैं, मम्मी और मामा तो कमरा अंदर से बंद करके सो गए थे। फिर माम्मी वापिस पापा और नानी के कमरे में चली गई। क्योंकि और कमरे में ऐसी नहीं था। फिर जब माम्मी को वापिस कमरे में आता देखा तो फिर पापा और नानी ने चुदाई रोक दी। फिर माम्मी ने उन्हें बताया के उन्हें इस कमरे में ही सोना पड़ेगा आज रात। फिर माम्मी तो सोफे पर सो गई और पापा नानी की फिर से चुदाई करने लगे। उन दोनों ने माम्मी से जरा भी शर्म नहीं कि और बस चुदाई करते ही रहे।

 

फिर अगली सुबह हम सब काफी खुश थे। क्योंकि घर मे शादी हुई थी। फिर तो नानी घर मे नंगी ही रहती और फिर जिसका मन करता वो नानी की चुदाई कर लेता। फिर माम्मी ने अपने बेटे को पढ़ने के लिए होस्टल में भेज दिया। फिर उसके जाने के बाद तो पापा हम सबके सामने ही नानी की चुदाई करने लगे। क्योंकि अब उन्हें कहने वाला कोई नहीं था। फिर मम्मी भी बस ऊपर ब्रा ही पहनती और नीचे सलवार। फिर मैं सबके सामने ही मम्मी के बोबो को ब्रा से बाहर निकालकर चुसने लग जाता। उधर पापा भी मम्मी की सलवार में हाथ डालकर माम्मी के सामने ही मम्मी से खूब मस्ती करते। तब वहां मामा भी होते लेकिन फिर भी मम्मी उनसे कोई शर्म नहीं करती। फिर मैं, पापा और मम्मी वापिस आने लगे तो फिर नानी हमारे साथ ही आ गई और उधर मामा भी माम्मी को लेकर अपनी नौकरी पर चले गए।

 

अब हमे माम्मी से कोई डर नहीं था और देर सवेर माम्मी भी चुदने वाली ही थी। इस कारण अब हमारी सब समस्या दूर हो गई थी। फिर जब कभी मामा और माम्मी हमसे मिलने आते तो पापा माम्मी के साथ खूब मस्ती मजाक करते। जो कि माम्मी को भी पसंद आता। फिर पापा तो मामा के सामने ही माम्मी को अपनी बाहों में ले लेते। ये देखकर भी मामा कुछ नहीं कहते। उधर मम्मी भी कुछ नहीं कहती तो फिर माम्मी ने भी शर्माना बंद कर दिया। फिर पापा माम्मी के बदन को सहलाने लगे। जिससे उन्हें भी काफी अच्छा लगता। यानी के अब माम्मी भी पूरी तरह तैयार थी। फिर एक दिन पापा ने माम्मी की चुदाई कर दी। जिसमे माम्मी को काफी मजा आया। फिर तो वो खुद मामा के सामने ही पापा से चिपक कर रहने लगी। फिर तो पापा ने मामा के साथ मिलकर माम्मी की चुदाई की। फिर इसके बाद तो माम्मी भी नानी के जैसे घर पर वैसे ही रहती जैसे पापा उन्हें कहते। उधर मम्मी भी माम्मी के सामने मामा के साथ चिपक कर रहती। फिर मैंने भी माम्मी की चुदाई कर दी। फिर एक दिन तो पापा ने माम्मी को घर पर सबके सामने बिल्कुल नंगी रखा। माम्मी भी सब शर्म त्याग कर नंगी रही। फिर पापा ने सबके सामने माम्मी की चुदाई भी की। फिर अब मम्मी पीछे क्यों रहती वो भी फिर नंगी हो गई और सबके सामने मामा से चुदवा लिया। इस तरह अब सब आपस मे खुल चुके थे। फिर तो जब भी मामा और माम्मी आते तो फिर हम सब खूब मजे करते।

 

फिर हमने मामा और माम्मी को रिया और उसकी मम्मी टीचर से अच्छी तरह मिलवाया। फिर हमने उन्हें एक दूसरे के बारे में सब कुछ बताया तो वो आपस मे मिलकर काफी खुश हुई। फिर तो रिया और टीचर ने भी मामा से चुदवाया। फिर तो मामा जब अपनी ड्यूटी पर जाते तो उनके साथ कभी मम्मी तो कभी नानी और कभी टीचर चली जाती। उधर माम्मी जब हमारे पास रहती तो मैं और पापा मिलकर उनकी काफी चुदाई करते। फिर मेरी और रिया की शादी की बातें चलने लगी। तब मेरी उम्र 20 साल थी और रिया 18 की थी। लेकिन हम लगते नहीं थे। क्योंकि मेरी बॉडी के साथ साथ अब रिया के बदन का साइज भी बढ़ गया था। फिर हम सब शादी की तैयारियां करने लगे। फिर बड़े ही धूमधाम से मेरी और रिया की शादी हो गई। इससे सब काफी खुश हुए। फिर मैं और रिया जब हनीमून पर जाने लगे तो फिर हमारे साथ पापा माम्मी के साथ और मामा मम्मी के साथ और फिर मामा का लड़का भी नानी के साथ हनीमून पर गया। उधर रिया की मम्मी यानी टीचर अपनी एक फ्रेंड के यहां चली गई। उनकी कई दिनों से अपनी फ्रेंड से मिलने की इच्छा थी।

 

हम सब हनीमून के लिए थाईलैंड गए। वहां मजे करने के सब साधन थे। फिर हमने वहां काफी मजे किये। हमने वहां बदल बदल कर चुदाई के काफी मजे लिए। माम्मी ने भी अपने बेटे से चुदवाया। हम सबने वहां मसाज वगैरह भी करवाई। हम वहां कुछ दिन रहे और फिर वापिस आ गए। फिर एक बार पापा नानी को लेकर उसके मंदिर में गए तो फिर वहीं नानी ने पंडित से कई बार चुदवाया। पंडित नानी की चुदाई करके काफी खुश हुआ। फिर तो पापा या मैं नानी को लेकर उस मंदिर में जाते और फिर वहां खूब मजे करते। उधर रिया प्रेग्नेंट हो चुकी थी तो फिर उसने एक लड़के को जन्म दिया। तब तो हम सबकी खुशी को कोई ठिकाना ही नहीं रहा।

 

इस तरह आगे की जिंदगी में भी हम सब इसी तरह मस्ती करते रहे।

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  • @Sahil88

    9 महीने पहले

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