कामवासना डॉट नेट

-Advertisement-

मेरी मदमस्त मम्मी - 2 
@Kamvasna 05 मई, 2023 110152

लंबी कहानी को बिना स्क्रॉल किए पढ़ने के लिए प्ले स्टोर से Easy Scroll एप डाउनलोड करें।

इस कहानी के पिछले भाग मेरी मदमस्त मम्मी - 1 में आपने पढ़ा के कैसे मैं और मम्मी घर पर नंगे रहकर मस्ती कर रहे थे। मम्मी तो अब पापा के सामने नंगी ही रहने लगी थे और पापा की गैर मौजूदगी में मैं भी मम्मी के बदन के खूब मजे ले लेता था। 
 
मेरी मम्मी इतनी मस्त थी के मम्मी को देखकर मेरा हाथ हमेशा लंड पर ही रहने लगा था। अब मम्मी घर पर हरदम नंगी रहने लगी थी तो जब मैं उसे नंगी घुमते हुए देखता तो मेरा हाथ अपने आप मेरे लण्ड पर चला जाता। तब तो और ज्यादा मुसीबत हो जाती जब पापा आंगन में ही बैठे होते। क्योंकि तब मैं पापा के सामने अपने लंड को बाहर निकालकर नहीं हिला सकता था। एक बार सुबह का टाइम था पापा चाय वगैरह पीकर फिर से सो गए थे और मम्मी वहीं काम कर रही थी। 
 
 
पापा को सोया देखकर मैंने अपना लंड बाहर निकाला और सहलाने लगा। कुछ देर तो मैं सहलाता रहा और फिर जब मेरा पानी निकलने वाला हुआ तो मुझे समझ नहीं आया के मैं क्या करूं। तब मम्मी झाड़ू लगा रही थी और मम्मी झुकी हुई थी जिस कारन मम्मी की गांड बहार की और निकली हुई थी। फिर मैं उठा और जाकर मम्मी के पीछे खड़ा हो गया और सारा पानी मम्मी की गांड पर डाल दिया। तब मम्मी ने झाड़ू लगाना बंद कर दिया था और वो वैसे ही झुक कर खड़ी रही। फिर मेरे झड़ने के बाद मम्मी ने अपनी गांड देखी और फिर मेरी तरफ मुस्कुराने लगी और वो फिर से झाड़ू लगाने लगी। मम्मी ने अपनी गांड भी साफ़ नहीं की और वो वैसे ही घूमती रही पापा के सामने भी। 
 
 
फिर जब मम्मी नहाने गई तब ही मम्मी ने अपनी गांड पर लगा मेरा पानी साफ़ किया। ऐसा नहीं था के सिर्फ मेरा ही ऐसा हाल था। मम्मी भी सारा दिन अपनी चुत सहलाती रहती और साथ में अपने बोबो और गांड को भी सहलाती रहती। जब मैं और पापा साथ में होते तब भी मम्मी हमारे सामने अपनी चुत पर हाथ फेरती रहती। ये देखकर पापा ने एक बार भी मम्मी को नहीं कहा के वो अपने जवान बेटे के सामने ये क्या कर रही है। एक बार तो पापा मम्मी कुछ बात कर रहे थे तो मम्मी पापा के पास आकर खड़ी हो गई और अपना एक पैर चारपाई पर रखकर अपनी चुत सहलाने लगी। पापा और मैं दोनों मम्मी को ऐसा करते हुए देखने लगे पर बोला कोई भी नहीं। मम्मी तो अब रंडी से भी ज्यादा बेशरम हो चली थी। मम्मी भी चाहती थी के पापा जल्दी से चले जाए ताकि फिर वो मेरे लंड के साथ खेले। 
 
 
मम्मी पापा से रोज पूछती भी थी के वो कब जायेंगे। फिर पापा कह देते के बस थोड़े दिन बाद जाऊंगा। ये सुन सुन कर मम्मी तंग आ चुकी थी। मम्मी जिस तरह घर पर नंगी रहती और वो अब ज्यादातर मेरे कमरे में आने जाने लगी थी। तो ये सब देखकर पापा ने शायद आईडिया लगा लिया था के मम्मी मुझसे चुद चुकी है। पर सच्चाई तो मैं और मम्मी ही जानते थे। अब मम्मी की सहनशक्ति भी खत्म होने लगी थी तो वो काम करते करते बिच में मुझे लेकर मेरे कमरे में चली जाती। उस वक्त पापा भी वहीं बैठे होते थे। फिर कमरे में जाते ही मम्मी मुझसे लिपट जाती और फिर मैं भी मम्मी के बदन को मसलने लग जाता। फिर मैं मम्मी की चुत चूसकर मम्मी को शांत करता और फिर मम्मी भी मेरे खड़े लंड को चूसकर शांत करती। फिर जब हम कमरे से निकलते तो मम्मी के बाल बिखरे होते और वो अपने मुंह को पोंछती रहती। ये देखकर कोई भी आराम से पता लगा सकता था के कमरे में क्या हुआ था। पर पापा ये सब देखकर भी चुप थे। 
 
 
ये देखकर फिर मुझमें भी थोड़ी हिम्मत आ गई। पापा साथ होते फिर भी मैं मम्मी को अच्छे से देखता रहता और अपने लंड को खुजाता रहता। गर्मी का टाइम था तो मैं फिर सिर्फ एक छोटी सी अंडरवियर में ही रहने लगा। जिसमें से मेरा खड़ा लंड साफ़ दिखाई दे जाता था। जब पापा इधर उधर होते तो मैं अंडरवियर खोलकर लंड मम्मी के मुंह में दे देता। मम्मी भी मेरा अंडरवियर नीचे करके मेरे लंड को चूसने लग जाती या फिर अपने दोनों बोबो के बिच डालकर सहलाने लग जाती। 
 
 
मम्मी अब काफी बेशर्म भी हो चुकी थी। एक बार पापा ने मम्मी से किसी चीज के बारे में पूछा के वो कहाँ है। मैं भी वहीं पर था। मम्मी तब घर का काम कर रही थी और मम्मी को थोड़ा गुस्सा भी आया हुआ था। फिर मम्मी पापा की तरफ पीठ करके खड़ी हो गई और फिर पीछे मुड़कर अपनी गाँड की तरफ इशारा करके बोली के मेरी गाँड में है लो निकाल लो। इतना कहकर मम्मी थोड़ा झुक कर अपनी गाँड पीछे की तरफ निकालकर खड़ी हो गई। फिर मम्मी कुछ देर ऐसे ही खड़ी रही। फिर पापा को भी थोड़ा गुस्सा आ गया और फिर वो अपने कमरे में चले गए। मम्मी भी फिर से अपने काम मे लग गई। इसके अलावा भी कभी कभी मम्मी पापा को गन्दी गन्दी गालियां निकालती। गालियां निकालते हुए मम्मी काफी खूबसूरत लगती थी। 
 
 
मम्मी को लन्ड बहुत अच्छा लगता था। वो मेरे लण्ड को काफी देर तक सहलाती रहती और चुस्ती रहती। फिर एक दिन मुझसे मम्मी ने कहा के मुझे लन्ड कच्चा चबाने का मन करता है। फिर मैं मम्मी से बोला के मेरा मत चबा जाना। फिर मम्मी हंसकर बोली के अरे तुम्हारा नही खाऊँगी पर किसी का तो जरूर खाऊँगी। उस दिन के बाद से मुझे थोड़ा डर लगने लगा था के कहीं मम्मी मेरा लण्ड ही ना चबा जाए जोश में आकर। 
 
 
मैं मम्मी की जितनी तारीफ करूँ उतनी कम है। मम्मी नंगी रहती और मेकअप वगैरह भी करके रखती थी। जिस कारण मम्मी की सुंदरता और भी बढ़ जाती। मम्मी को ऐसे देखकर तो कोई भी मर्द मम्मी के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाए। फिर एक बार मैंने मम्मी से कह भी दिया था के मैं आपके लिए कुछ भी कर सकता हूँ। मैं आपका गुलाम हूँ। फिर ये बात सुनकर मम्मी मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी और फिर मेरे सामने अपनी चुत कर दी तो फिर मैं मम्मी की चुत चाटने लगा। फिर तो मैं मम्मी की चुत और गाँड कभी भी चूसना शुरू कर देता। मम्मी पेशाब करके आती तब भी मैं मम्मी की चुत चाटना शुरू कर देता। जिस कारण मेरे मुँह में थोड़ा मम्मी का पेशाब भी चला जाता। लेकिन वो पेशाब भी मुझे अमृत के समान लगता था। 
 
फिर एक बार सुबह लैट्रिन करने के बाद मम्मी बिना गाँड धोए ही आ गई। फिर तभी मैं मम्मी की गाँड चौड़ी करके गाँड चाटने लगा। फिर जब मेरे मुँह में मम्मी का गू गया तो मैंने मुंह नहीं हटाया और गाँड चाटता ही रहा और चाट चाट कर साफ कर दी। तब मैं इतना गर्म हो चुका था के पूछो मत। फिर मैंने मम्मी से रोज गू खिलाने के लिए कहा तो फिर मम्मी ने हंसकर पूछा के तुम्हे इतना अच्छा लगा तो फिर मैं बोला के तुम सारी की सारी ही मुझे बहुत अच्छी लगती हो तो तुम्हारा गू क्या चीज है। 
 
 
जब पापा नही होते तो मम्मी आंगन में ही एक कोने में  ही एक कोने में बैठकर पेशाब कर लेती थी। लेकिन फिर मम्मी थोड़ा झुक कर पेशाब करने लगी। जब मम्मी ऐसे पेशाब करती तो मैं मम्मी की पेशाब की धार के आगे अपना मुँह कर देता और मम्मी का पेशाब पीने लगता। मम्मी भी मुझे अपना पेशाब पिलाकर काफी खुश होती। लेकिन जब पापा आंगन में  बैठे होते तो मम्मी पेशाब करने पीछे की तरफ जाती तो मम्मी मुझे इशारे से बुला लेती और फिर मैं भी मम्मी के पीछे पीछे चला जाता और फिर मम्मी मेरे मुंह मे पेशाब करती। फिर कई बार मैंने भी मम्मी को अपने पेशाब से नहलाया। 
 
 
ऐसे ही फिर मम्मी को सुबह लैट्रिन आती तो मम्मी किचन से एक थाली लेकर फिर उसमें अपनी लैट्रिन कर लेती और पेशाब को एक अलग गिलास वगैरह में डाल लेती। फिर मम्मी मुझे किचन में बुला लेती। फिर मैं पहले तो मम्मी की गया गाँड चाटकर साफ करता और फिर मैं चम्मच से मम्मी की लैट्रिन खाता और फिर साथ में मम्मी का पेशाब पीता। मम्मी मुझे ऐसे लैट्रिन खाते और खुद का पेशाब पीते देखकर बहुत खुश होती। कई बार तो मम्मी खुद अपने हाथों से अपना लैट्रिन खिलाती और पेशाब पिलाती। फिर एक बार मैंने मम्मी को खुद का लैट्रिन खिलाया और पेशाब पिलाया तो उन्हें भी अच्छा लगने लगा। फिर हम दोनों माँ बेटे मिलकर मम्मी का लैट्रिन और पेशाब खाने पीने लगे। 
 
 
फिर मम्मी ने मुझे मेरा लैट्रिन खिलाने और पेशाब पिलाने के लिए कहा तो फिर मैंने भी मम्मी को बर्तन में अपना लैट्रिन और पेशाब डालकर दे दिया। फिर हम दोनों एक दुसरे के सामने बैठकर लैट्रिन और पेशाब खाने पीने लगे। मम्मी को भी इसमें अब खूब मजा आने लगा था। फिर एक बार मम्मी किचन में आटा गूंथ रही थी और मैं भी तब वहीं बैठा था। फिर आटे में पानी डालना था तो मम्मी ने मुझसे पानी लाने के लिए कहा। फिर तभी मम्मी ने कहा के तू मुझे पानी ला दे। फिर मैं जल्दी से आटा गूंथकर पेशाब करने जाऊंगी। फिर मैं बोला के तो दोनों काम एक साथ कर लो। फिर मम्मी बोली के वो कैसे। फिर मैंने मम्मी की चुत की तरफ इशारा किया तो वो समझ गई और फिर हंसने लगी। 
 
 
फिर मम्मी आटे के ऊपर उकड़ू बैठ गई और फिर पेशाब करने लगी। फिर जितनी जरूरत थी पानी की उतना पेशाब किया और फिर बाकी का पेशाब दुज़रे बर्तन में डाल लिया। फिर मम्मी आटा गूंथने लगी। फिर मम्मी मुस्कुराकर बोली के देखते है रोटियां कैसे बनती है। फिर जब मम्मी ने रोटियां बनाई तो रोटियां अच्छी बन रही थी। फिर मम्मी ने सब्जी भी अपने पेशाब से ही बनाई। फिर मम्मी ने जब पापा को खाना खिलाया तो पापा को भी कुछ खास पता नहीं लगा और उन्होंने कुछ भी नहीं कहा। फिर हमने भी खाना खाया तो हमे भी कुछ फर्क नहीं लगा। फिर मम्मी काफी खुश हुई और बोली के अब मुझे बार बार पानी के लिए कहीं जाना नहीं पड़ेगा। फिर मम्मी को जब भी पानी चाहिए होता तो उससे थोड़ी देर पहले मम्मी खूब पानी पी लेती और फिर जब भी पानी चाहिए होता तो फिर अपनी चुत से पानी ले लेती। 
 
 
फिर तो खाने पीने की हर चीज में मम्मी अपने पेशाब को ही काम मे लेने लगी। मम्मी पापा को दवाई वगैरह भी अपने पेशाब के साथ ही देने लगी। पापा को कुछ भी पता नही चलता के पानी है या पेशाब। अब मम्मी को जब भी पेशाब आता तो मम्मी टॉयलेट नहीं जाती बल्कि जो भी बर्तन पास पड़ा होता उसे ही अपनी चुत के आगे लगाकर उसे पेशाब से भर देती। सुबह जब मैं उठता तो मम्मी अपने ताजा पेशाब का एक लौटा भरकर मुझे दे देती। फिर उसी से मैं मुंह वगैरह धोता और फिर वो ही पीता।  मुझे अब वो ही चीज खानी अच्छी लगती थी जो कि मम्मी कि चुत से निकली हो या गाँड से। पेशाब तो ठीक था जो कि ज्यादा पानी पीने पर आ जाता था लेकिन लैट्रिन नहीं आता था तो फिर मैंने इसका भी इलाज ढूंढ लिया था। मैं खाना खाने से पहले मम्मी को घोड़ी बनाकर मम्मी की गाँड में सब्जी और रोटी मिलाकर डाल देता। मम्मी की गाँड का छेद बड़ा था जिससे मैं लगभग सारा खाना ही मम्मी की गाँड में डाल देता। फिर सब डाल देने के बाद मैं गाँड के छेद को किसी तरह बंद कर देता। 
 
 
फिर मम्मी उठकर काम करने लग जाती। मम्मी से जितनी देर खाने को अंदर रखा जाता उतनी देर अंदर रखती और फिर जब प्रेशर बढ़ जाता तो मम्मी किचन में जाकर सारा खाना किसी 
बर्तन को अपनी गाँड के नीचे रखकर उसमे डाल देती। फिर वो ही खाना हम खाते। पहले तो मम्मी ज्यादा देर तक खाना अंदर नहीं रख पाती थी लेकिन फिर धीरे धीरे मम्मी को इसकी आदत पड़ गई तो फिर मम्मी ज्यादा देर तक खाना अंदर रखने लगी। मम्मी की गाँड अब हमारा टिफ़िन बन गई थी। 
 
 
अब मम्मी को भी समझ मे आ चुका था के एक आदमी औरत का इतना ज्यादा गुलाम बन सकता है के वो उसकी लैट्रिन भी खा सकता है और पेशाब भी पी सकता है। मम्मी का पेशाब पीकर मुझे नशा सा चढ़ जाता था और फिर मैं बस मम्मी के सपनो में ही खोया रहता। अब मेरा और मम्मी का सब्र का बांध टूटा जा रहा था। मैंने मम्मी से कहा के अब मेरा खुद पर कंट्रोल नहीं रहा मैं तुम्हे कभी भी घोड़ी बनाकर चोदना शुरू कर सकता हूँ। फिर मम्मी बोली के मैं भी तुझसे चुदवाने के लिए बिल्कुल तैयार बैठी हूँ। एक बार तुम्हारे पापा को चले जाने दो। उनके जाने के बाद मैं बस तुम्हारी हूँ। मम्मी ने मुझे प्यार से समझाया। 
 
 
फिर सब इसी तरह चलता रहा। फिर कुछ दिन के बाद पापा चले गए। पापा को पहले एक रिश्तेदार के यहां जाना था और फिर पापा को कुछ लोगो से पैसे लेने जाना था। इस कारण पापा को वापिस आने में काफी दिन लगने वाले थे। फिर मम्मी ने पापा को तैयार करके जल्दी से भेज दिया। मम्मी पापा को मैन गेट तक छोड़कर वापिस आई तो फिर आते ही मैंने मम्मी को पकड़ लिया और बाहों में ले लिया। फिर मैंने किसी तरफ मम्मी को अपनी बाहों में उठाकर ले जाकर बेड पर पटक दिया। फिर मैंने सीधे ही अपना लंड मम्मी की चुत में डाल दिया और करने लगा। फिर कुछ देर करने के बाद मैंने मम्मी को घोड़ी बनने के लिए कहा तो फिर मम्मी जल्दी से घोड़ी बन गई तो फिर मैं मम्मी की गाँड मारने लगा। मम्मी की गाँड मारते टाइम मुझे बहुत मजा आ रहा था। फिर मैं कुछ देर बाद ही झड़ गया और सारा पानी मम्मी की गाँड में डाल दिया। 
 
 
फिर झड़ने के बाद मैं मम्मी से लिप किस करने लगा और अपना लंड मम्मी की चुत पर रगड़ने लगा। थोड़ी देर बाद जब मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया तो फिर मैं मम्मी को चोदने लगा। इस तरह मैं लगातार मम्मी को चोदता रहा और फिर थक गया। फिर मम्मी हंसकर बोली के एक साथ इतनी ज्यादा चुदाई मत करो वरना तुम कमजोर हो जाओगे। फिर मैं सो गया कुछ देर के लिए। फिर मैं उठा तो देखा के मम्मी सोई हुई थी। मम्मी के बदन का साइज काफी बड़ा था। मम्मी को चोदने के लिए तो एक हाथी के साइज के बदन वाले आदमी की जरूरत थी। फिर मैं मम्मी के बदन को सहलाने लगा तो फिर मम्मी जाग गई। फिर मैंने मम्मी से कहा के तुम एक आदमी से खुश होने वाली नहीं हो। तुम्हे खुश करने के लिए या तो 3-4 आदमी चाहिए या एक ऐसा मर्द चाहिए जो कि काफी हट्टा कट्टा हो। मेरी बात सुनकर मम्मी मुस्कुराकर बोली के तो आखिर तू मेरे मन की बात जान ही गया। मैं भी तुझसे यही कहने वाली थी। 
 
 
फिर मम्मी बोली के एक बार तू मुझे जी भर के चोद ले। फिर बाकी बाद में देखेंगे। फिर मेरा लंड सहलाने लगी तो मेरा लंड खड़ा हो गया और फिर मैं मम्मी की चुदाई करने लगा। मम्मी भी मेरा साथ देने लगी और सिस्कारियाँ लेने लगी। फिर इस बार हम दोनो साथ मे झड़े तो मम्मी बोली के मजा आ गया। कई दिन बाद लंड से चुदी हूँ। अगर तुम्हारे पापा कुछ दिन और नही जाते तो मैं तो उनके सामने ही तुझसे चुदवा लेती। मम्मी की बात सुनकर मैं बोला के हां सही कहा मेरा भी यही हाल था। मैं भी तुम्हे चोदने के लिए तैयार बैठा था। फिर शाम होने वाली थी तो मैंने और मम्मी ने मिलकर घर का सब काम किया और फिर आंगन में चारपाई ढालकर मैं मम्मी को चोदने लगा। फिर 2 बार चोदने के बाद रात हो गई तो फिर हमने खाना खाया और हम फिर से चुदाई करने लगे। 
 
 
झड़ जाने के बाद भी मैं मम्मी के ऊपर चढ़ा रहा और मम्मी के बदन के हर अंग को चाटता और चूसता रहा। इसी बीच जब मेरा लंड फिर से खड़ा हो जाता तो मैं फिर से मम्मी कि चुदाई करने लग जाता। इस तरह मैं आधी रात तक मम्मी के मजे लेता रहा और फिर सो गया। अगली सुबह उठने के बाद मैंने मम्मी को कुछ काम नहीं करने दिया और हम बस चारपाई पर ही लेटे रहे और चुदाई करते रहे। फिर धूप आ गई तो फिर हम कमरे में चले गए। मैं मम्मी के हर अंग को खूब सारा चूसना चाहता था। इसी चक्कर मे मैं मम्मी का होंठ खा गया जिससे खून आने लगा। फिर मम्मी का निप्पल को दांतों से काट लिया। फिर मम्मी की गाँड को भी मुंह मे भरकर खाने की कोशिश करने लगा। इन सबसे मम्मी को काफी दर्द हुआ। फिर मम्मी बोली के ये मेरे लिए कोई नई बात नहीं है। 
 
 
फिर मम्मी मेरा लंड चुसने लगी और फिर पूरा लंड मुंह मे लेकर अपना मुँह बन्द करने लगी जिससे कि मुझे मम्मी के दांत चुभने लगे। मुझे दर्द होता देख मम्मी ने लण्ड बाहर निकाल लिया और फिर दोनो हाथों से लंड को सहलाते हुए बोली के मेरा मन लंड खाने का बहुत ज्यादा कर रहा है। फिर मैं मम्मी से बोला के मैं तुम्हे किसी और का लंड खिला दूंगा। तुम मेरा लंड मत खाना। फिर ये सुनकर मम्मी हंसने लगी और फिर से मेरा लंड चुसने लगी। फिर वो मेरे लंड पर आकर बैठ गई और ऊपर नीचे होने लगीं। ऐसे मम्मी काफी देर तक चुदती रही। फिर वो थक गई तो फिर मैं घोड़ी बनाकर मम्मी को चोदने लगा और झड़ गया। 
 
 
ऐसे करते करते हमे दोपहर हो गई। फिर मम्मी ने खाना खाया और फिर हम सो गए। फिर उठने के बाद हम फिर से चुदाई करने लगे। इस प्रकार हम खाते, चुदाई करते और सो जाते। इसके अलावा और कुछ नहीं करते। घर की सफाई भी नहीं कि थी जिस कारण काफी कचरा इकट्ठा हो गया था। लेकिन हमें इसकी कोई परवाह नहीं थी। फिर 10-15 दिन तक यही चलता रहा। फिर जाकर मुझ पर से चुदाई का भूत उतरा और फिर हमने घर की साफ सफाई और बाकी के काम किये। चुदाई तो फिर भी हम कर लेते थे लेकिन पहले जितनी नहीं। चुदाई से ज्यादा मुझे मम्मी को नंगी घूमती देखने में और दूसरे मर्दो से चुदता देखने मे बहुत मजा आता था। 
 
 
फिर कुछ दिन यूं ही निकल जाने के बाद मम्मी ने मुझसे दुसरे मर्दो से चुदवाने के लिए बोला। फिर मैं बोला के तुम्हे चोदने वाले मर्द कहाँ से आएंगे। फिर मम्मी बोली के चोदने वालो की कमी थोड़े ही है। फिर मैं मम्मी से बोला के लेकिन फिर भी मर्दो को तुम्हारे बारे में कैसे पता चलेगा और तुम उनसे चुदवाओगी कहाँ। फिर मम्मी बोली के इसके लिए मेरे पास एक जबरदस्त आईडिया है। जिससे मुझे चोदने वाले काफी मर्द भी मिलेंगे और साथ मे हम खूब पैसा भी कमाएंगे। मम्मी की बात सुनकर मैं बोला के वो कैसे। फिर मम्मी बोली के हमारे शहर के बाहर एक हाईवे है। उस पर दिन रात काफी लोग आते जाते है। उस हाईवे के आसपास कई जगह काफी जंगल है। तुम हाईवे के किनारे एक छोटी सी बीड़ी, गुटखा की दुकान खोल लेना और मेरे लिए उस जंगल में एक छोटी सी झोपड़ी बना देना। 
 
 
फिर तुम्हारे पास जो भी कोई गुटखा, बीड़ी लेने के लिए रुके तो तुम उनसे पूछना के उन्हें मजे करने है। अगर वो कहे के करने है तो तुम उनसे पैसे लेकर मेरे पास भेज देना। फिर आगे मैं अपने आप सम्भाल लूँगी। इस तरह मैं मजे भी कर लूंगी और हम बहुत सारा पैसा भी कमाएंगे। मम्मी के ये बात सुनकर मैं बहुत खुश हुआ। फिर मम्मी बोली के कल हम उस हाईवे पर जाएंगे और कोई अच्छी सी जगह देखकर आएंगे। फिर मैं बोला के ठीक है। फिर अगले दिन जल्दी खाना वगैरह खाकर हम दोनों ने कपड़े पहने। तब हमारे पास एक पुरानी मोटरसाइकिल थी तो मैं उसी पर मम्मी को पीछे बैठाकर ले गया। फिर हम जल्द ही उस हाईवे पर पहुंच गए। हाईवे पर थोड़ी दूर चलने के बाद हम एक जगह रुके और फिर हमने बाइक सड़क किनारे खड़ी कर दी। वहां कई दूर में काफी सारे पेड़ पौधे थे जो कि एक जंगल की तरह ही था। 
 
 
फिर हम उस जंगल मे चले गए। जंगल मे थोड़ा अंदर जाने के बाद एक खाली जगह दिखाई दी। फिर मम्मी बोली के हम यहां पर ही एक झोंपड़ी बना लेंगे। पेड़ पौधे काफी घने थे तो वहां बनाई हुई झोंपडी हाईवे से भी किसी को दिखाई नहीं देगी। फिर मम्मी बोली के कल हम कुल्हाड़ी वगैरह लेकर आएंगे और यहां झोंपडी बना देंगे। फिर हम वहां से वापिस हाईवे की तरफ आने लगे तो देखा के वहाँ हाईवे के किनारे एक कार खड़ी थी और दो आदमी उतरकर पेशाब कर रहे थे। फिर उन्होंने जब मुझे और मम्मी को जंगल मे से आते हुए देखा तो उन्होंने सोचा के शायद हम मजे करके आ रहे है। उन दोनों ने हमें देखकर भी अपने लंड अंदर नहीं किये और वैसे ही पेशाब करते रहे। हम दोनों उनके पास से गुजरे थे तो मम्मी ने भी बिना किसी शर्म के उनके लंड देख रही थी।
 
 
फिर जब हम अपनी बाइक के पास पहुंचे तो उनमें से एक आदमी में मुझे आवाज दी। फिर मैं जब उनके पास गया तो फिर उसने मुझसे जो कहा वो सुनकर मैं तो हैरान रह गया। उसने मुझसे सीधे ही कहा के हमें चुत चाहिए। फिर उन्होने मम्मी की तरफ इशारा करके कहा के तुम उससे बात करके हमें बताओ। मुझे पता था के मम्मी तो तैयार ही बैठी है। फिर मैं बोला के पैसे कितने दोगे। फिर वो आदमी बोला के अगर वो हमें खुश कर देगी के तो हम मुंह मांगे पैसे देंगे। फिर मैं बोला के ठीक है मैं बात करके आता हूँ। फिर जब मैं मम्मी के पास गया और सारी बात बताई तो मम्मी बहुत खुश हुई। मम्मी बोली के हमें तो पहले ही दिन ग्राहक मिल गए। चल तू ले चल मुझे उनके पास। फिर मैं मम्मी को लेकर जंगल मे ले जाने लगा और उन दोनों को भी पीछे पीछे आने के लिए बोला। फिर अंदर जंगल मे जाकर हम सब एक जगह ठहर गए। 
 
 
फिर वो दोनो मम्मी के पास आये और मम्मी के बदन को दबाने और सहलाने लगे। फिर वो मम्मी के कपड़े खोलने लगे तो फिर मम्मी भी उनकी पेंट की ज़िप खोलकर उन दोनों के लन्ड बाहर निकालकर हिलाने लगी। फिर उन्होंने मम्मी को नंगी कर दिया और फिर मम्मी ने भी उन दोनों के कपड़े खोल दिये। अब वो तीनो एक दम नंगे थे। फिर उनमें से एक आदमी ने कंडोम पहना और फिर वो मम्मी को नीचे लेटाकर चोदने लगा। उसी वक्त दूसरा आदमी मम्मी से अपना लन्ड चुसवाने लगा। फिर मम्मी घोड़ी बनकर उनसे चुदवाने लगी और वो दोनों बारी बारी से मम्मी की चुदाई करने लगे। मम्मी उनका पूरा साथ दे रही थी। फिर मम्मी उनमे से एक के ऊपर बैठकर उसका लंड चुत में लेकर चुदवाने लगी। उसी वक्त मम्मी घोड़ी बनकर उस दुसरे आदमी का लंड भी अपनी चुत में ले लिया। इस तरह मम्मी उन दोनों से एक साथ चुदवाने लगी।
 
 
जिससे मम्मी को और उन दोनों आदमियों को काफी मजा आ रहा था। वहां उन तीनों की ही सिस्कारियों की आवाजें सुनाई दे रही थी। लगभग एक घंटे तक उन दोनों से चुदवाने के बाद वो दोनों झड़ गए। फिर उन्होंने अपना कंडोम निकालकर वहीं फेंक दिया। वो दोनों काफी खुश हुए थे। फिर उन्होंने मम्मी 5 हजार रुपये दिए और मुझसे मेरा मोबाइल नंबर भी लिया और फिर मुझसे बोले के जब फोन करे तो इसे लेकर आ जाना। फिर वो दोनों कपड़े पहनकर चले गए। मम्मी तब तक नंगी ही थी और उन पैसों को देखकर खुश हो रही थी। उनकी चुदाई देखकर मैं भी काफी गर्म हो चूका था तो फिर मैं मम्मी को घोड़ी बनाकर चोदने लगा और कुछ देर में ही झड़ गया। फिर मम्मी मुझे वो पैसे देते हुए बोली के तू इससे अपनी दुकान के लिए सामान ले आना। हम दोनों ही तब बहुत खुश थे। 
 
 
फिर मम्मी बोली के चले या यहीं रुक कर इंतजार करे। क्या पता कुछ और लोग भी आ जाये। फिर मैं बोला के कुछ देर देख लेते है। फिर मम्मी कुछ देर तो नंगी ही जंगल मे इधर उधर घूमती रही। फिर वो बोली के यहां कोई नहीं आएगा चलो बाहर जाकर बैठते है। फिर मम्मी ने कपड़े पहने और फिर हम जंगल से बाहर आने लगे। आते टाइम मुझे उन दोनों आदमियों के कंडोम पड़े दिखाई दिए। जिन्हें पहनकर उन्होंने मम्मी को चोदा था। फिर मैंने वो उठा लिए। फिर मम्मी बोली के इनका क्या करेगा। फिर मैंने कहा के ये तुम्हारी मेरे द्वारा करवाई गई पहली चुदाई की निशानी है। जिन्हें मैं संभालकर रखूंगा। फिर मम्मी हंसकर बोली के कुछ दिनों में ऐसी निशानियों के ढेर लगने वाले है। फिर वो दोनों कंडोम मैंने अपनी पेंट की जेब में डाल लिए और फिर हम दोनों हाईवे की किनारे बैठ गए। 
 
 
हम काफी देर बैठे रहे लेकिन कोई नही रुका। फिर मम्मी ने चलने के लिए कहा तो फिर हम वापिस आने लगे। रास्ते मे आते टाइम हम बाते कर रहे थे। मम्मी कह रही थी के एक बार काम सेट होने के बाद हम यहीं रहा करेंगे। मैं दिन रात मर्दो से चुदवाया करूंगी और नंगी ही रहा करूंगी। तुम्हारे पापा आ जाएंगे तो मैं उसे सब बता दूँगी। अब मुझे उससे डर नहीं लगता। मैं उसके सामने तुझसे चुदवा भी लूँगी। फिर देखते है वो क्या करता है। फिर मम्मी मुझसे कहने लगी के तू आज बाजार जाकर सब सामान ले आना। फिर कल हम यहां आकर झोंपडी वगैरह बना लेंगे और कल से ही काम शुरू कर देंगे। फिर बातें करते करते हम घर आ गए। मम्मी को घर छोड़कर मैं बाजार सामान लाने के लिए जाने लगा तो फिर मम्मी ने मुझसे बहुत सारे कंडोम भी लाने के लिए बोला। 
 
 
फिर मैं बाजार जाकर सब सामान ले आया। मम्मी बहुत खुश थी तो रात को मम्मी ने मुझसे खूब चुदवाया। अगले दिन सुबह जल्दी ही हम सब सामान लेकर कल वाली जगह पर ही पहुंच गए। फिर सब सामान लेकर हम जंगल के अंदर चले गए। वहाँ जाते ही मम्मी ने अपने सब कपड़े खोल दिये। मम्मी बोली के अगर कोई आएगा और मुझे नंगी देखेगा तो मैं उससे चुदवा लूँगी। अब तो वैसे भी नंगी ही रहना है। फिर मैं कुल्हाड़ी लेकर झोंपड़ी के लिए छोटे पेड़ पौधे काटने लगा। झोंपडी के लिए जगह बनाने के बाद फिर मैं और मम्मी झोंपड़ी बनाने लगे। झोंपड़ी बनने के बाद मम्मी ने झोंपड़ी के अंदर बिस्तर वगैरह लगाया और एक कोने में कंडोम रख लिए। फिर मम्मी बोली के यहां तो सब काम हो गया है। अब तो बाहर जाकर हाईवे की किनारे अपनी दुकान सेट कर ले और कोई मुझे चोदने आये तो मुझे मिसकॉल दे देना। 
 
 
मैंने वैसे ही किया। हाईवे के किनारे मैं सब सामान एक कपड़े पर रखकर बैठ गया। हमने दोपहर से पहले ये सब काम कर लिया था और अभी भी हमारे पास पूरा दिन पड़ा था। फिर कुछ देर बाद मेरे पास मम्मी का फोन आया और बोली के भेज ना किसी को। फिर मैं बोला के किसको भेजूं कोई रुक ही नहीं रहा है। फिर मम्मी बोली के मै अपनी चुत सहला रही हूँ और गर्म हो गई हूँ। कोशिश करके किसी को जल्दी भेज या एक बार तू ही आजा। फिर मैं बोला के भेजता हूँ। फिर मैंने फोन काट दिया और फिर तभी एक ट्रक आकर रुका। फिर उससे दो आदमी उतरकर मेरे पास आये और फिर मुझसे सिगरेट खरीदकर पीने लगे। मैंने जो सामान रख रखा था उसके नीचे अखबार था और उस पर एक लड़की की फ़ोटो थी जो कि कोई हीरोइन थी और उसने बिकिनी पहन रखी थी। फिर वो देखकर उनमे से एक आदमी अपना लंड खुजलाने लगा। 
 
 
उसे लंड खुजलाते देख फिर मैंने उससे कहा के मजे करने है। फिर वो बोला के कोई जुगाड़ हो सकता है क्या। फिर मैं बोला के हाँ जुगाड़ है तो। 1000 रुपये लगेंगे। फिर वो बोला के पैसों तुम मांगो उतने देने के लिए तैयार हूं। बस मजा आना चाहिए। मैं बोला के फुल मजा आएगा। फिर उसने मुझे 1000 रुपये निकालकर दे दिए। फिर मैं बोला के दो लोगो के दो हजार लगेंगे। फिर वो बोला के ये नहीं करेगा। सिर्फ मैं ही करूंगा। फिर मैंने उससे रुपये लिए और फिर उसे जंगल के अंदर जाने को कहा। जंगल के अंदर मैंने पहले ही निशानी कर दी थी रास्ते की। ताकी किसी को आने जाने में कोई तकलीफ ना हो। फिर मैंने मम्मी को मिसकॉल दे दी। फिर वो ट्रक ड्राइवर जंगल मे चला गया। वो काफी हट्टा कट्टा था। आज मम्मी को काफी मजा आने वाला था। 
 
 
फिर मैं और वो दूसरा आदमी बातें करने लगे। फिर मैंने उस अखबार को ऊपर रख लिया ताकि जो भी कोई उस फ़ोटो को गौर से देखे तो मैं उसे पूछ सकूं के उसे मजे लेने है या नहीं। फिर करीब एक घंटा हो गया तो तब मैंने मम्मी की फोन किया। तब मम्मी चुद रही थी तो वो सिस्कारियाँ ले रही थी। फिर वो बोली के कोई और ग्राहक है क्या। मैं बोला के नहीं है अभी तक तो। फिर मम्मी बोली के कोई दूसरा ग्राहक हो तो बता देना मैं इसे वापिस भेज दूँगी। इतनी देर मैं इसी से चुदवा लेती हूँ। फिर मम्मी बिना फोन कट किये ही फोन साइड में रख दिया तो फिर मुझे उन दोनों की सिसकारियों की आवाजें सुनाई देने लगी। फिर कुछ देर तो मैं सुनता रहा और फिर मैंने फोन कट कर दिया। 
 
 
फिर इसके लगभग एक घंटे बाद वो आदमी मुझे वापिस आता हुआ दिखाई दिया। फिर वो जब मेरे पास आया तो वो बोला के मजा आ गया। क्या मस्त औरत है। मैं जब भी यहां जे जाऊंगा तो उसे जरूर चोदकर जाऊंगा। फिर वो दोनों चले गए तो फिर मैंने मम्मी को फोन किया तो फिर मम्मी बोली के मजा आ गया। तू ऐसे ही मर्द भेजना अब से। फिर मैं बोला के कोशिश करूंगा। फिर थोड़ी देर बाद ही एक कार रुकी। फिर वो मुझसे गुटखा खरीदकर खाने लगे। फिर बातों ही बातों में मैंने उनसे पूछा तो फिर वो भी तैयार हो गए। फिर उनसे पैसे लेकर मैंने उन्हें जंगल मे भेज दिया और साथ मे मम्मी को भी फोन कर दिया के अबकी बार दो है। मम्मी बोली के ठीक है आने दो। फिर कुछ देर बाद एक और गाड़ी वाला आया। फिर मैंने उससे भी पूछा तो फिर वो तैयार हो गया और मैंने उससे पैसे ले लिए। फिर मैंने उससे इंतजार करने के लिए कहा। जो पहले दो आदमी गए थे उन्हें डेढ़ घंटे के करीब टाइम होने वाला था। फिर मैंने मम्मी को फोन किया और बोला के एक आदमी इंतजार कर रहा है। फिर मम्मी बोली के 10 मिनट बाद उसे भेज देना। 
 
 
कुछ देर बाद जब मुझे वो पहले गए दो आदमी आते हुए दिखाई दिए तो फिर मैंने उसे भेज दिया। इस तरह शाम तक इसी तरह चलता रहा। रात को 7-8 बजे तक मम्मी लगातार चुद रही थी और मम्मी ने करीब 15 मर्दो से चुदवा लिया था। शाम के टाइम काफी लोग मेरे पास आये थे। मेरा सारा सामान भी बिक चुका था। फिर मैंने दुकान बंद कर दी और फिर मम्मी के पास गया तो देखा के मम्मी पैर फैलाये लेटी थी। मैंने मम्मी से पूछा के थक गई क्या। फिर मम्मी बोली के थकी तो नहीं पर सारा दिन पैर उपर की तरफ करके रखे तो पैर दर्द करने लग गए है। फिर मैंने झोंपडी के दुज़रे कोने की तरफ देखा तो वहां यूज़ किये हुए कंडोम पड़े थे। फिर मम्मी बोली के मैंने तुम्हारे लिए इन सब कंडोम को इकट्ठा किया है। फिर मैं वो सब कंडोम हाथ मे लेकर देखने लगा। 
 
 
फिर मैंने वो सब कंडोम लेकर एक लिफाफे में डाल लिए और फिर मम्मी ने कपड़े पहन लिए तो फिर मैं मम्मी को लेकर वापिस घर आने लगा। आते टाइम मैंने बाजार से कल के लिए और सामान ले लिया और फिर हम घर आ गए। घर आकर मम्मी ने खाना बनाया और खाना खाकर हम कमरे में आ गए। कमरे में आने के बाद मैंने वो सारे कंडोम बेड पर फैला दिए और फिर मम्मी को उन पर लेटा दिया। फिर मैंने बारी बारी से सब कंडोम खोलकर उनमें भरा उन मर्दो का पानी मम्मी के बदन पर डाल दिया और फिर मसलने लगा। मेरा लंड खड़ा हो गया था तो फिर मैं मम्मी की चुदाई करने लगा और फिर अपना पानी भी मम्मी के ऊपर डाल दिया। मैंने मम्मी के अंग अंग पर वो पानी डालकर मसल दिया था। जिससे मम्मी के बदन से थोड़ी दुर्गन्ध आने लगी थी। लेकिन फिर हम ऐसे ही सो गए। 
 
 
अगले दिन सुबह मम्मी 5 बजे ही उठ गई और फिर मुझे भी उठा दिया। मम्मी ने पहले खाना बनाया और फिर खुद नहाकर तैयार हुई। आज मम्मी ने अच्छे से मेकअप वगैरह किया। तब मम्मी बहुत सेक्सी लग रही थी। फिर हम दोनों मोटरसाइकिल पर बैठकर हमारी कल वाली जगह पर ही आ गए। अभी थोड़ा बहुत अँधेरा था तो मैं जाकर मम्मी के साथ झोंपड़ी में ही बैठ गया। मम्मी तब पूरी नंगी हो चूकी थी और अपने मेकअप वगैरह को सही कर रही थी। फिर मम्मी ने कंडोम के एक पैकेट से काफी सारे कंडोम निकालकर बिस्तर पर  रख लिए ताकि बाद में टाइम बर्बाद ना हो। फिर मम्मी मुझसे बोली के आज मुझे कम से कम 20 मर्दो से चुदना है। मम्मी को देखकर मेरा लंड बहुत देर से खड़ा था तो फिर मैंने लंड बाहर निकाल लिया और फिर सहलाने लगा। ये देखकर मम्मी मेरे लंड को मुंह में लेकर चूसने लगी। फिर थोड़ी देर चूसने के बाद मैं झड़ गया तो फिर मम्मी मेरा सारा पानी पी गई। लंड चूसने से मम्मी की थोड़ी लिपस्टिक खराब हो गई थी  मम्मी ने फिर से सही कर ली। 
 
 
फिर मेरा मन भी शांत हो गया। 7 बजने वाले थे और दिन निकल चूका था तो मैं जाकर हाईवे के किनारे बैठ गया और लोगो का इंतजार करने लगा। आज मैं सेक्सी लड़कियों की काफी तस्वीरें लेकर आया था और वो सब तस्वीरें वहीं सामान के साथ रख दी थी और एक कोने में छोटे छोटे अक्षरों में लिख भी दिया था के अगर चूत चाहिए तो बताओ। तभी वहां एक कार वाला आया। फिर उसने मुझसे टॉफ़ी ली और फिर जब उसने उन सेक्सी लड़कियों की फोटो देखी तो फिर उसने पूछा के चूत कहाँ मिलेगी। फिर मैंने उसे कहा के पहले एक हजार रूपये जमा कराओ फिर जंगल में चले जाओ। उसने जल्दी से  मुझे रूपये दिए  और फिर वो जंगल में जाने लगा। फिर मैंने मम्मी को भी फोन कर दिया। इस तरह फिर कई और आदमी आये और वो सब भी चुत चोदना चाहते थे। फिर एक एक करके मैं उन सब को मम्मी के पास भेजने लगा। लेकिन फिर कई आदमी ऐसे थे जो की मिलकर चुदाई करना चाहते थे। ये हमारे लिए अच्छा था क्योंकि मम्मी उन सबको एक घंटे में ही उनको संतुष्ट कर देती थी। इसमें मम्मी को थोड़ा ज्यादा काम करना पड़ता था। लेकिन ऐसे हमारे कम समय में ही ज्यादा पैसे बन रहे थे। 
 
 
फिर देखते ही देखते मम्मी ने दोपहर तक 20 मर्दो से चुदवा  लिया था। मुझे भूख लग चुकी थी और मैंने सोचा मम्मी को भी भूख लग गई होगी और साथ में मम्मी थोड़ा आराम भी कर लेगी तो फिर मैंने आगे बुकिंग करना बंद कर दिया। फिर जो तीन आदमी लास्ट में मम्मी को चोदने गए थे तो वो वापिस आ गए तो फिर दुकान बंद करके मैं मम्मी के पास चला गया। मैंने जाकर देखा तो मम्मी का मेकअप बिलकुल बिखरा हुआ था और बाल भी बिखरे हुए थे। मम्मी तब उलटी लेटी हुई थी। मम्मी की ये हालत देखकर मेरा लंड भी खड़ा हो गया था। फिर मैं भी नंगा हो गया और फिर मम्मी के ऊपर लेटकर मम्मी की गांड में लंड डालकर करने लगा। फिर मैंने सामने देखा तो सामने 40 से 50 कंडोम पड़े थे। इतने कंडोम देखकर मैंने मम्मी से पूछा तो मम्मी बोली के आज लगभग काफी मर्दो ने दो बार किया था। कुछ ने तो तीन बार भी किया था। फिर कुछ देर बाद जब मैं झड़ने वाला हुआ था तो फिर मैंने मम्मी को घोड़ी बना लिया और करने लगा। फिर कुछ तेज झटको के साथ मैं झड़ गया और फिर मम्मी सीधी बैठ गई। फिर हमने खाना खाया और खाना खाकर आराम करने लगे। 
 
 
फिर मम्मी बोली के अब मैं बहुत खुश हूँ। जैसा मैं चाहती थी बिलकुल वैसा ही हो रहा है। फिर कुछ देर आराम करने के बाद मम्मी उठी और फिर से अपना मेकअप वगैरह किया और अपने बाल वगैरह सही किये। मम्मी चुदने के लिए अब फिर से तैयार थी।  फिर वही सिलसिला दुबारा चल पड़ा। शाम होते होते मम्मी ने 20 और मर्दो से चुदवा लिया। फिर मम्मी का मेरे पास फोन आया के आज फिफ्टी मारके ही जायेंगे। फिर थोड़ी रात और हुई तो काफी मर्द आ गए। फिर लगभग 20 और मर्दो ने मम्मी को चोद दिया। इस प्रकार उस दिन मम्मी ने 60 मर्दों से चुदवाया। लेकिन ये तो सिर्फ शुरुआत थी। उस दिन हमने 60 हजार रुपया कमाया। फिर दुकान बंद करके मैं मम्मी के पास जाने लगा और सोचने लगा के आज तो मम्मी को उठाकर ही ले जाना पड़ेगा। लेकिन जैसे ही मैं झोंपड़ी पहुंचा तो मम्मी घर जाने के लिए तैयार हो रही थी। फिर मैंने मम्मी से पूछा के मम्मी तुमने आज 60 मर्दो से चुदवाया है तो तुम्हारे चूत और गांड में दर्द नहीं हो रहा है। तब मम्मी हंसकर बोली के बेटा मेरी चुत और गांड बहुत मजबूत है। 
 
 
बस लगातार घोड़ी बने रहने से हाथ और पैर दर्द करने लग जाते है। लेकिन कुछ दिन बाद इसकी भी आदत हो जाएगी तो फिर वो भी दर्द नहीं करेंगे। इस तरह मम्मी हर दिन कम से कम 40 मर्दो से तो चुदवा ही लेती। जिस कारण हम हर दिन 40 हजार रूपये कमा रहे थे। हमारे पास फिर काफी लोग आने लगे। फिर एक दिन एक सड़क छाप गुंडा टाइप आदमी आया। उसने पैसे दिए और फिर वो मम्मी को चोदने चला गया। फिर वो ही आदमी कुछ दिनों बाद फिर से आ गया। फिर वो मुझसे ऐसे ही बातें करने लगा के कितना कमा लेते हो। फिर मैं बोला के बस खर्चा निकल रहा है। फिर वो बोला के तुम लोग दिन के दस बीस हजार रूपये तक तो कमा ही लेते हो यानि महीने के लाख रूपये। फिर मैंने उससे कहा के तुमसे क्या।  हम चाहे कितने ही कमाए। फिर वो बोला के नहीं मैं तो सिर्फ बात ही कर रहा हूँ। फिर वो चला गया। फिर जब उस दिन रात को हम वापिस घर आने लगे तो थोड़ा दूर चलने के बाद एक आदमी ने हम पर हमला कर दिया। वो लाठी से मुझे और मम्मी को पीटने लगा। उसने मुंह ढक रखा था तो हमें उसका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था। फिर मैं और मम्मी दौड़कर जंगल में जाकर छुप गए। 
 
 
फिर वो जैसे  ही जंगल में आया तो अँधेरा होने के कारन वैसे भी कुछ दिखाई नहीं दे रहा था तो इसी बात का फायदा उठाकर मैंने उसे पकड़ा लिया। फिर मैंने मम्मी को आवाज दी तो वो भी वहां आ गई। फिर मम्मी लाठी लेकर उसे पीटने लगी। फिर मैंने भी उसे पीटा। फिर जब उसके चेहरे से नकाब हटाकर मैंने देखा तो देखता ही रह गया। क्योंकि ये वो ही आदमी था जो की आज दिन में मुझसे बातें कर रहा था और वो पहले भी आ चूका था। फिर मैंने मम्मी को सब बात बताई तो वो सब समझ गई। फिर मम्मी ने उसे नंगा करने के लिए कहा तो मैंने उसे नंगा कर दिया और एक पेड़ से बांध दिया। फिर मम्मी उससे कहने लगी मैं अपना बदन बेचकर ये पैसे कमाती हूँ और तू इन्हे ही लूटना चाहता था। फिर वो माफ़ी मांगने लगा और बोला के मुझसे गलती हो गई। आइंदा से मैं ऐसा काम नहीं करूंगा। फिर मम्मी ने अपने पैर से उसके लंड पर मारा तो वो जोर जोर से चिल्लाने लगा। फिर मम्मी अपने कपड़े खोलने लगी और फिर नंगी होकर उसके समाने बैठ गई और फिर उसके लंड को अपने हाथ से सहलाने लगी। ये सब देखकर मुझे पहले तो कुछ समझ नहीं आया के मम्मी क्या करना चाहती है। 
 
 
लेकिन फिर मम्मी उसके लंड को चाटने लगी और मुझे देखकर मुस्कुराने लगी। ये देखकर मैं समझ गया के मम्मी क्या करना चाहती है। फिर मम्मी उसका लंड चूसने लगी जिससे की उसका लंड खड़ा हो गया। फिर मम्मी उसका लंड पूरा अपने मुंह में लेकर चूसने लगी। फिर उस आदमी को भी मजा आने लगा। फिर अचानक कुछ देर बाद वो आदमी चिल्लाने लगा तो मैंने देखा के मम्मी ने गोटो समेत उसका लंड मुंह में ले रखा था और अपने दांत लंड के बिलकुल जड़ में चुभो रखे था। फिर देखते ही देखते मम्मी उसके लंड को अपने दांतो से काटने लगी। जिससे उसे दर्द होने लगा तो वो जोर जोर से चिल्लाने लगा। लेकिन वहां आसपास सुनने वाला कोई नहीं था। मम्मी को अच्छे से पता था के लन्ड में कोई हड्डी तो होती नहीं है तो फिर वो और जोर से उसके लंड को काटने लगी। मम्मी के दांत काफी मजबूत थे। मैंने मोबाइल की टोर्च जला रखी थी तो मैं ये सब देख पा रहा था। फिर अचानक मम्मी ऊपर उठी तो मम्मी के मुँह में उसका कटा हुआ लंड था। ज्यादा दर्द के कारण वो आदमी तो पहले ही बेहोश हो चुका था। फिर जब मैंने उसकी लण्ड वाली जगह देखी तो वहां से सिर्फ खून ही खून आ रहा था। फिर मम्मी ने उसके लंड को अपने मुंह से बाहर निकाला और फिर खाने लगी। तब मम्मी मुझे चामुंडा माता से कम नहीं लग रही थी। मम्मी को देखकर मुझे डर भी लग रहा था और साथ मे मैं गर्म भी हो रहा था। 
 
 
उसके लंड का खून मम्मी के बोबो पर भी पड़ रहा था। फिर देखते ही देखते कुछ ही देर में मम्मी उसका पूरा लंड खा गई। फिर मम्मी ने डकार भी ली। लंड खाने के बाद मम्मी के मुंह और बोबो पर खून ही खून लगा था। लेकिन तब मम्मी काफी क्यूट लग रही थी। फिर वहाँ पास में ही एक छोटा नाला था पानी का। फिर मैं मम्मी को उस नाले पर ले गया और फिर मम्मी ने खुद को साफ किया और फिर कपड़े पहने। फिर हम वापिस आने लगे तो मैं बोला के इसका क्या करें। फिर मम्मी बोली के इसे ले जाकर सड़क के किनारे रख देते है और फिर इमरजेंसी फ़ोन से कॉल कर देंगे तो कोई न कोई इसे उठाकर ले जाएगा। फिर हमने ऐसा ही किया। फिर हम मोटरसाइकिल पर बैठकर घर आने लगे। फिर मम्मी मुझसे बोली के लंड खाने की मेरी बहुत तमन्ना थी जो कि आज जाकर पूरी हुई है। फिर मैं मम्मी से बोला के तुम कहीं जो तुम्हें चोदने आते है उनका लंड मत खा जाना। वरना हमारा धंधा चौपट हो जाएगा। फिर मम्मी मुझसे बोली के मैं इतनी भी पागल नहीं हूँ। 
 
 
फिर उस दिन हम घर पहुंचकर खाना वगैरह खाकर लेट गए। फिर मैं मम्मी के बदन को सहलाने लगा। फिर मम्मी ने मुझसे तेल से मालिश करने के लिए कहा तो फिर मैं तेल गरम करके लाया और मम्मी की मालिश करने लगा। मालिश करवाते करवाते ही मम्मी को नींद आ गई। फिर मैं मम्मी की चुत देखने लगा जो की इन्हीं दिनों में 100 मर्दो के लंड खा चुकी थी। मैं गर्म हो गया तो फिर मैं मम्मी के ऊपर आकर मम्मी की चूत में अपना लंड अंदर बाहर करने लगा और ऐसे करते हुए देखने लगा। फिर मैं सोचना लगा के मम्मी के नसीब में ही लंड लेना लिखा है जो की रात को भी उन्हें चैन से सोने नहीं दे रहा है। मम्मी की चुत पहले से ज्यादा खुल चुकी थी और बड़ी भी हो गई थी। फिर मैं धीरे धीरे से लंड अंदर बाहर करने लगा और फिर झड़ने लगा तो मैंने लंड बाहर निकाल लिया और फिर मम्मी की चुत पर सारा पानी छोड़ दिया। फिर मैं भी सो गया। 
 
 
अगले दिन हम फिर से सुबह जल्दी उठकर अपने काम पर चले गए और फिर मम्मी की चुदाई का दौर शुरू हो गया जो की रात को ही जाकर रूका। फिर रात को जब मैं अपनी दुकान बंद करके मम्मी के पास गया तो तब मम्मी कंडोम से पानी निकालकर एक बोतल में डाल रही थी और बोतल पानी से आधी भर गई थी। मम्मी शायद सुबह से ही लोगो के लण्ड का पानी इकट्ठा कर रही थी। फिर सारे कंडोम से पानी निकालने के बाद मम्मी ने बोतल मुँह के लगाई और फिर पीने लगी। मम्मी ने कई घूंट लिए और फिर कहने लगी के बहुत अच्छा स्वाद है इसका। फिर मम्मी ने कपड़े पहनें और मैंने सारे कंडोम इकट्ठा किये और फिर हम घर आने लगे। आते टाइम हमे कल वाली घटना याद आई। हमे सुबह आते टाइम भी वो आदमी शरीर के किनारे पड़ा हुआ नहीं दिखाई दिया था। फिर मम्मी बोली के उसे ले गए होंगे। फिर मैं बोला के कहीं वो हमारे बारे में किसी को बता ना दे। फिर मम्मी बोली के जो होगा देख लेंगे। 
 
 
फिर ऐसे करते करते दिन निकलने लगे। मम्मी एक दिन कभी 50 मर्दो से चुदवाती तो क़भी 60-70 मर्दो से भी चुदवा लेती। एक बार तो मम्मी ने पूरे 100 मर्दो से चुदवाया। उस दिन मम्मी लगभग आधी रात तक चुदवाती रही थी। फिर हम घर आये तब तक हमे रात के 2 बज गए थे। फिर हम आते ही सो गए और फिर सुबह 7 बजे के लगभग उठकर तैयार होकर चले गए और फिर मम्मी 8 बजे से फिर से चुदवाना शुरू कर दिया। मेरे पास घर पर कंडोम का ढेर लग गया था। उन्हें देखकर मुझे तो यकीन नहीं हो रहा था के मम्मी इतनी बार चुद चुकी है। मम्मी को चुदाई बहुत ज्यादा पसंद है तो वो बहुत मजे से चुदवाती है। फिर मैंने उन सब कंडोम को जला दिया। मम्मी की सुबह से लेकर शाम तक खूब कसरत होती थी। कोई मम्मी को घोड़ी बनाकर चोदता तो कोई कैसे ही चोदता। जिस कारण मम्मी का वजन काफी कम हो गया था। मम्मी पतली हो गई थी। पर मम्मी के बोबे और गाँड का साइज उतना ही था। जिस कारण मम्मी और ज्यादा सेक्सी हो गई थी। दिनों दिन मम्मी को चोदने वालो की संख्या बढ़ती जा रही थी। जो एक बार मम्मी की चुदाई कर लेता वो 4-5 दिन बाद फिर से मम्मी को चोदने आ जाता था। मम्मी भी पूरा मन लगाकर चुदाई करवाती और चोदने वाले को पूरा खुश कर देती। 
 
 
जिस कारण ही लोग दोबारा, तिबारा मम्मी को चोदने आ जाते थे। फिर उसी हिसाब से मैंने और मम्मी ने भी टाइम थोड़ा बढ़ा दिया। अब हम सुबह 7 बजे से लेकर रात को 12-1 बजे तक लगे रहते। मम्मी को देखकर ही लोगो के लण्ड खड़े हो जाते और फिर वो सीधा ही मम्मी की चुत मारने लग जाते और जल्दी ही झड़ जाते। पहले मैं एक एक मर्द को बारी बारी से भेजता था लेकिन फिर मैं एडवांस में ही दो मर्दो को भेजने लगा। ताकि जब उनकी बारी आये तब तक वो मम्मी को चुदता देखकर ही गर्म हो जाये। अब ऐसी स्थिति हो गई थी के एक मर्द मम्मी को चोद रहा होता और पास में दो मर्द कंडोम चढ़ाए तैयार खड़े रहते। इस तरह मम्मी लगभग 10 मिनट में एक आदमी से चुदवा लेती थी। फिर कुछ मर्द ऐसे भी आते जिन्हें की सिर्फ चुदाई देखनी होती थी। तो फिर मैं उनसे 200 रुपये लेता और चुदाई देखने के लिए उन्हें मम्मी के पास भेज देता। इस तरह अब मम्मी के पास 5-6 मर्द खड़े रहते। उनमे से कुछ चोदने वाले होते और कुछ देखने वाले। 
 
 
कुछ मर्दो को अकेले में करना होता तो मम्मी झोंपडी के आगे पर्दा कर देती। सभी मर्द मम्मी की काफी मसल मसल कर चुदाई करते। मम्मी को भी इसमें बहुत मजा आता। कुछ मर्द तो मम्मी को इतना पसंद करने लगे थे के वो मम्मी से शादी करना चाहते थे। लेकिन मम्मी ने उन्हें मना कर दिया। फिर मम्मी बहुत मेहनत करने लगी और फिर जितना हो सके उतने लोगो से चुदवाने लगी। मम्मी की अब आदत बन चुकी थी। फिर एक दिन मेंरे पास पापा का फोन आया और वो बोले के मैं 5 तारीख को आ रहा हूँ। 5 तारीख आने में अभी 6-7 दिन पड़े थे। फिर मैंने मम्मी को बताया तो मम्मी बोली के इन दिनों जितना हो सके उतने मर्दो से मुझे चुदवाना है। फिर तुम्हारे पापा के आने के बाद हम कुछ दिन काम नहीं करेंगे। फिर पापा के आने तक मम्मी ने हर दिन लगभग 100 मर्दो से चुदवाया। अब हमारे पास करीब 20 लाख के करीब रुपये इकट्ठे हो चुके थे। 
 
 
फिर मम्मी वो सब पैसे बेड पर बिछाकर उनके ऊपर सोती। फिर जब पापा आये तो जब उन्होंने इतना रुपया देखा तो वो काफी खुश हुए। फिर उन्होने मम्मी को देखा तो देखते ही रह गए। क्योंकि मम्मी अब पहले जैसी मोटी नहीं रही थी। ये देखकर उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था। फिर पापा ने रुपयों के बारे में पूछा तो मम्मी ने सीधे ही बता दिया के ये मेरी चुत और गाँड की कमाई है। ये सुनकर पापा कुछ समझे नहीं तो फिर मम्मी ने उन्हें पूरी बात बताई। पापा ने इतना रुपया पहली बार देखा था तो फिर वो रुपये गिनने लगे। तब मैं वहीं पर खड़ा था तो मम्मी ने मुझे अपने पास बेड पर बुलाया और फिर मेरा अंडरवियर नीचे करके पापा के सामने ही मेरा लंड हिलाने लगी। जब पापा ने ये देखा तो फिर पापा ने कुछ नहीं कहा। फिर मैने मम्मी को पापा के सामने खूब चोदा और मम्मी ने भी मेरा पूरा साथ दिया। 
 
 
पापा के सामने मुझे मम्मी की चुदाई करने में बहुत मजा आया। फिर उस दिन रात को भी हम साथ मे सोये और मैंने मम्मी को खूब चोदा। फिर मम्मी ने मुझसे पूछा के तुम मुझसे शादी करोगे। फिर ये सुनकर मैं थोड़ा हैरान हुआ। लेकिन फिर मैंने हां कर दी। फिर मैंने पूछा के पापा क्या कहेंगे। फिर मम्मी बोली के अब मेरा उससे कोई रिश्ता नहीं रहा है। मैं उनसे तलाक लेकर तुमसे शादी करूंगी। मम्मी की ये बात सुनकर तो मेरा लंड और भी ज्यादा सख्त हो गया। फिर हमने कई बार और चुदाई की। फिर अगले दिन मम्मी ने पापा को ये सब बताया तो फिर पापा भी बोले के अब हमारे बीच बचा ही क्या है। फिर हमने तलाक के कागज तैयार करवाये और मम्मी ने फिर सच मे पापा से तलाक ले लिया। फिर मैंने और मम्मी ने कोर्ट मैरिज कर ली। फिर हमारी सुहागरात के टाइम मम्मी ने मुझे हमारी जिंदगी की आगे की प्लानिंग बताई। मम्मी बोली के मैं तुमसे बच्चा पैदा करूंगी। अगर वो लड़की हुई तो ठीक अगर लड़का हुआ तो हम एक बच्चा और पैदा करेंगे। वो तो जरूर लड़की होगी ही। 
 
 
अभी मेरी उम्र 40 साल की है। मैं ज्यादा से ज्यादा 15 साल और चुदाई कर पाऊंगी। फिर इतने टाइम में हमारी लड़की बड़ी हो जाएगी तो फिर हम उसे भी इस काम मे पूरा ट्रेंड कर देंगे। अब हम यहां नहीं रहेंगे बल्कि शहर में रहेंगे और एक नई जिंदगी की शरुआत करेंगे। मम्मी की ऐसी प्लानिंग सुनकर तो मैं गर्म हो गया। फिर उस रात हमने कई बार चुदाई की। अब मम्मी मेरी बीवी बन चुकी थी मुझे तो यकीन ही नही हो रहा था। इतनी सेक्सी औरत मेरी बीवी थी तो मैं मम्मी को पलंग से उतरने ही नहीं देता था। फिर 4-5 दिन में ही मम्मी प्रेग्नेंट हो गई। फिर मम्मी के कहे अनुसार हमने एक नया घर ले लिया और फिर हम उसमे रहने लगे। वहां आसपास रहने वाले लोगो को हमने यही बताया के मम्मी मेरी बीवी है और पापा मम्मी के ससुर है। फिर मम्मी पापा को पापा जी कहने लगी थी कहीं किसी को शक ना हो। पापा भी मम्मी को बेटी कहकर बुलाने लगे थे। 
 
 
फिर मम्मी ने मुझे बॉडी वगैरह बनाने के लिए कहा। क्योंकि मम्मी अभी भी मुझसे थोड़ी बड़ी लगती थी। मम्मी का मानना था के अगर मैं भी अपना थोड़ा वजन बढ़ा लूंगा तो फिर हम बिल्कुल परफेक्ट पति पत्नी लगेंगे। फिर मैंने ऐसे ही किया। मैंने एक जिम जॉइन कर लिया और अपनी बॉडी पर ध्यान देने लगा। फिर कुछ ही महीनों में फर्क दिखना शुरू हो गया। उधर मम्मी का भी डिलीवरी का टाइम नजदीक आ रहा था। फिर आखिरकार जब मम्मी को डिलीवरी हुई तो हमें लड़की हुई। ये जानकर सबसे ज्यादा मैं और मम्मी खुश हुए। फिर हम हमारी बेटी के साथ बिजी रहने लगे और फिर टाइम बहुत तेजी से निकलने लगा। फिर मम्मी चोदने के लिए फिर से तैयार हो गई तो फिर मैं पहले की तरह ही मम्मी की चुदाई करने लगे। जिम वगैरह जाने से मेरी एक साल में ही अच्छी बॉडी बन गई थी। जिस कारण मम्मी मुझसे अब और भी ज्यादा प्यार करने लगी थी। 
 
 
फिर यूं हुआ कि बेटी के जन्म के 3-4 महीने बाद ही मम्मी फिर से प्रेग्नेंट हो गई। फिर हम डॉक्टर के पास गए तो वो बोली के मम्मी की चुत काफी मजबूत है। मम्मी चाहे तो हर साल एक बच्चा पैदा कर सकती है। हालांकि ये डॉक्टर ने अपनी डॉक्टरी भाषा मे बताया था लेकिन इसका मतलब यही निकल रहा था। फिर मम्मी बोली के चलो लगे हाथों एक बच्चा और कर ही लेते है। अगर ये लड़का हो जाये तो बहुत अच्छा होगा। उधर पापा हमारी बेटी का ख्याल रखते और इधर मैं मम्मी यानी अपनी बीवी का। फिर लगभग 9 महीने बाद हमारे लड़का हुआ। इस प्रकार हमारी जिंदगी खुशियों से भर गई थी। फिर रिकवर होने के बाद मम्मी ने एक साल तक हमारे बेटा और बेटी का पूरा ख्याल रखा और साथ मे वो भी एक्सरसाइज वगैरह करती रही। 
 
सच बताऊं तो दो बच्चों और इतनी उम्र होने के बाद मम्मी 30 से ज्यादा की नहीं लगती थी। अब मुझे और मम्मी को देखकर कोई नहीं कह सकता था के हम माँ बेटे है। जिम वगैरह जाने से अब मैं भी एक मर्द लगने लगा था। अब मम्मी की चुत लंड मांगने लगी थी। जिस कारण पहले की तरह ही मैं मम्मी की चुदाई करने लगा। लेकिन ऐसी चुदाई से अब मम्मी का मन नहीं भरने वाला था। मम्मी को पहले की तरह मर्दो से चुदाई करवानी थी। फिर एक दिन मैं मम्मी को लेकर उस पहले वाली जगह पर गए और जाकर झोंपडी वगैरह देखी तो देखा के झोंपडी थोड़ी टूट चुकी थी और बाकी सब पहले जैसा ही था। फिर हमारी पहले की यादें ताजा हो गई। फिर मम्मी ने मुझसे वो झोंपड़ी दुबारा बनाकर काम फिर से शुरू करने के लिए कहा। फिर मैंने कहा के मैं कुछ दिनों में सब सेट कर दूंगा। 
 
 
फिर अगले दिन मैं कुछ काम से मार्केट गया। कार में पार्किंग में लगाकर मैं माल से सामान लेने चला गया। फिर जब मैं वापिस आया तो देखा के मेरी कार के पास एक और कार खड़ी थी। उसमें एक आदमी बैठा था और वो काफी टेंशन में था। फिर मैंने उससे वैसे ही पूछ लिया के क्या हुआ भाई। फिर वो बोला के क्या बताउं भाई। मेरा बोस बहुत बड़ा ठरकी है। उसे चोदने के लिए हमेशा एक नई लड़की चाहिए। उसका मन किसी से भरता ही नही है। अब मैं रोज रोज नई नई लड़की कहाँ से लाऊँ। फिर मैने उससे कहा के मेरे पास एक लड़की है जो कि तुम्हारे बॉस को बहुत पसंद आएगी और तुम्हे रोज रोज कोई नई लड़की ढूंढने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। मेरी बात सुनकर वो आदमी काफी खुश हुआ और बोला के कहाँ है लड़की। फिर मैंने उसे जल्दी से फोन में मम्मी की फ़ोटो निकालकर दिखाई तो वो मम्मी की फ़ोटो को देखता ही रह गया। फिर फ़ोटो देखकर वो बोला के लड़की तो बहुत मस्त है। फिर मैंने उससे पूछा के पैसे कितने मिलेंगे। फिर वो आदमी बोला के अगर ये लड़की बोस को पसंद आ गई तो बॉस इसे पैसों से तौल देंगे। 
 
 
फिर ये सुनकर मैंने उससे कहा के तुम्हारा बॉस कोई बहुत बड़ा आदमी है क्या। फिर वो आदमी बोला के अरे वो यहां का MLA है और साथ मे मंत्री भी है। ये सुनकर मैं काफी हैरान हुआ। फिर उस आदमी ने कहा के मंत्री जी के पास काफी मेहमान आते रहते है तो मंत्री जी इसे उनसे भी चुदवाएंगे। फिर बाद में मत कहना के बताया नहीं। फिर मैं बोला के आप खूब पैसे देना वो मंत्री जी के सामने हर दम नंगी रहेगी और चाहे कितनो से ही चुदवा लेना। वो कभी मना नहीं करेगी। मेरी बात सुनकर वो आदमी बोला के ये तो बहुत अच्छी बात है। फिर वो बोला के कल मंत्री जी अपने फार्म हाउस पर होंगे तो तुम कल इसे लेकर फार्म हाउस आ जाना। वहीं हम आपकी उनसे मुलाकात करवा दूंगा। मैं बोला के ठीक है। मैं बात करते करते उनकी कार में जाकर बैठ गया था। फिर मैं वापिस अपनी कार में आया और फिर घर चला गया। मैं काफी खुश था। 
 
 
फिर मैंने जाते ही सब बात मम्मी यानी मेरी बीवी को बताई तो वो भी बहुत खुश हुई। फिर वो बोली के रोज रोज किसी ऐरे गैरे मर्दो से चुदने से तो अच्छा है के मंत्री से ही चुदा जाए। मंत्री के पास तो बहुत पैसे होते है। जितना हम एक साल में कमाएंगे सड़क किनारे उतना तो वो हमें एक महीने में दे देगा। फिर मैं मम्मी से बोला के तुम तैयार हो जाओ कल हमे उससे मिलने जाना है। कल तुम उसे पूरा खुश कर देना। फिर मम्मी मुस्कुराकर बोली के कल में उसे इतना खुश कर दूंगी के वो फिर किसी और से खुश होगा ही नहीं और सीधा मेरे पास ही आएगा। फिर मम्मी ब्यूटी पार्लर गई और अपने बदन के सब बाल हटवाकर आई और साथ मे बालों की थोड़ी कटिंग भी करवाकर आई। मम्मी तब बहुत सेक्सी लग रही थी के मैंने मम्मी को वहीं घोड़ी बनाकर चोदने लगा। फिर उस दिन रात को भी हमने कई बार चुदाई की। 
 
 
फिर अगले दिन मन्त्री से मिलने जाने के लिए मम्मी ने एक सेक्सी सी साड़ी पहनी और मेकअप वगैरह किया। मम्मी तब इतनी सेक्सी लग रही थी के मम्मी को देखकर तो पापा भी अपना कमजोर लंड पकड़कर हिलाने लगे थे। फिर वो कहने लगे के भगवान थोड़ी देर के लिए मेरे लंड में जान डाल दे ताकि मैं इस औरत को चोद सकूं। पापा की बात सुनकर मैं और मम्मी हंसने लगे। पापा के लण्ड में जान आये या ना आये लेकिन मेरा लंड जरूर खड़ा हो चुका था। फिर मम्मी अपनी साड़ी ऊंची उठाकर घोड़ी बन गई तो फिर मैं मम्मी की गाँड मारने लगा और फिर गाँड में ही झड़ गया। फिर मम्मी ने अपनी गाँड से मेरा सारा पानी निकाला और फिर गाँड अंदर तक कपड़ा डालकर साफ की और फिर अपनी गाँड और चुत पर सेंट छिड़का। फिर मैं मम्मी को देखकर बोला कि आज तो मंत्री को बहुत ज्यादा मजा आने वाला है। ये सुनकर मम्मी मुस्कुराने लगी। 
 
 
फिर मैं मम्मी को लेकर मैं मंत्री के फार्म हाउस चला गया। जहां वो कल वाला आदमी हमे मिला। उसने भी जब मम्मी को देखा तो वो भी देखता ही रह गया। वो असल मे मंत्री का पीए था। फिर वो हमें मिलवाने के लिए मंत्री के पास ले जाने लगा तो हमे दूर से आता देखकर ही मंत्री खड़ा हो गया और फिर वो सीधा जाकर मम्मी से मिला। मम्मी भी उससे हंसकर गले मिली। फिर मंत्री ने मम्मी की इतनी तारीफ की के पूछो मत। फिर वो दोनों बातें करने लगे। थोड़ी देर बातें करने के बाद मंत्री मम्मी को लेकर अंदर चला गया। फिर पीए मुझे फार्म हाउस दिखाने लगा। उस फार्म हाउस पर मंत्री में दो गार्ड, दो माली, दो रसोइए और एक ड्राइवर रखा था। वो सब हर दम उस फार्म हाउस पर ही रहते थे। फिर हम घर के अंदर गए तो देखा के घर अंदर से काफी आलीशान था। फिर हम जैसे ही मंत्री के बेडरूम की तरफ गए तो देखा के बेडरूम में काफी बड़ा बेड था जिस पर मंत्री मम्मी की चुदाई कर रहा था। फिर हम कुछ देर तो उन्हें देखते रहे और फिर हम बाकी का घर देखने लगे। 
 
 
फिर हम बाकी का घर देखकर आये तभी मंत्री मम्मी के साथ अपने बेडरूम से बाहर निकलता है और हॉल में आकर बैठ जाता है। तब मम्मी एक दम नंगी थी और मंत्री ने अंडरवियर पहन रखा था। मंत्री बहुत खुश था। शायद उसको मम्मी के साथ चुदाई करके बहुत मजा आया था। फिर पिए ने मुझे मंत्री से मिलवाया। फिर मंत्री मुझसे कहने लगा के तुम इतनी सेक्सी औरत को कहाँ  लाये। फिर मैं मंत्री को क्या बताता के ये मेरी मम्मी है। फिर मैंने मंत्री से कह दिया के बस ऐसे ही फ्रेंड बन गई और फिर आपकी सेवा करने के लिए इसे यहाँ ले आया। ये बात सुनकर मंत्री काफी खुश हुआ। फिर मंत्री ने मुझे अपने यहाँ नौकरी करने के लिए कहा। फिर मैंने पूछा के मुझे क्या करना होगा।  फिर मंत्री ने मम्मी की तरफ इशारा करते हुए कहा के ये मेरी जान है अब तुम हर वक्त इसके साथ रहना और इसे मैं जहाँ कहीं भी बुलाऊँ तुम इसे लेकर हाजिर हो जाना। ये सुनकर मैं काफी खुश हुआ। क्योंकि मुझे अब हर वक्त मम्मी के साथ ही रहना होगा। मम्मी का पुराना नाम शांति था। फिर मैंने मम्मी  तो फिर मैंने मम्मी का नया नाम नीतू रख दिया और फिर इसी नाम से सब डॉक्यूमेंट वगैरह बनवाये। मम्मी भी काफी खुश हुई ये सुनकर के मंत्री ने मुझे अपने साथ नौकरी पर रख लिया है। 
 
 
फिर नीतू ने मंत्री से कुछ पैसे मांगे तो फिर मंत्री बोला के तुमने मुझे आज बहुत मजे दिए है। तुम्हे मैं इतने पैसे दूंगा के तुम गिन नहीं पाओगी। फिर इस बात पर हम सब हंसने लगे। फिर मंत्री ने अपने पिए से मम्मी के अकाउंट में 10 लाख रूपये ट्रांसफर करने के लिए कहा। फिर पिए ने मम्मी से अकाउंट नंबर माँगा तो फिर मम्मी ने मेरी तरफ इशारा करके कहा के इससे ले लो। फिर मैंने उसे अकाउंट नंबर दे दिया और फिर कुछ ही देर में उसने रूपये ट्रांसफर कर दिए। फिर मंत्री वहीं हमारे सामने ही मम्मी के बोबो को चूसने लगा और मम्मी की चूत सहलाने लगा। जिससे मम्मी भी गर्म होने लगी। ये देखकर मैं और पिए भी गर्म होने लगे। फिर मंत्री मम्मी के चिकने बदन को चूमने लगा और फिर हमारे सामने ही मम्मी की चुदाई करने लगा। उन दोनों की चुदाई देखकर पिए अपना लंड बाहर निकालकर हिलाने लगा। फिर उसे देखकर मैं भी अपना लंड हिलने लगा। फिर मंत्री झड़ गया तो और फिर हमें लंड हिलाते हुए देखा तो फिर मंत्री ने हमारी तरफ इशारा करके मम्मी से मजे लेने के लिए कहा। 
 
 
फिर मंत्री तो अपना अंडरवियर ऊपर करके वहीं सोफे पर बैठ गया और फिर पिए अपनी पेंट खोलता हुआ मम्मी के पीछे गया और फिर मम्मी की गांड में लंड डालकर करने लगा। उसने कुछ देर तक मम्मी की चुदाई की और फिर वो झड़ गया। फिर वो वापिस मेरे पास आकर खड़ा हो गया। फिर पिए और मंत्री ने मेरी तरफ इशारा करके मुझे भी मजे लेने के  लिए कहा  तो फिर मैं भी जाकर मम्मी की चुदाई करने लगा। मैंने मम्मी को काफी देर तक चोदा और फिर गांड में ही झड़ गया। झड़ने के बाद मम्मी हंसती हुई मंत्री के पास जाकर बैठ गई। फिर मंत्री बोला के चलो नीतू डार्लिंग तुम्हे अपना फार्महाउस दिखाकर लाता हूँ। फिर वो मम्मी की कमर  में हाथ डालकर मम्मी को नंगी ही बाहर ले जाता है। मैं और पिए भी उनके पीछे पीछे चलने लगते है। बाहर मंत्री के सब नौकर थे जो की मम्मी को नंगी देखकर मस्त हो रहे थे। मम्मी भी काफी इठलाकर चल रही थी। उस वक्त मम्मी उस फार्म हाउस पर हम 8 मर्दो के सामने नंगी घूम रही थी। फिर सारा फार्म हाउस घूमने के बाद मम्मी को देखकर हम सब फिर से गर्म हो चूके थे। फिर हम मंत्री के बैडरूम में चले गए और वहां जाकर हम तीनो ने मम्मी की मस्त चुदाई की। 
 
 
उस दिन मंत्री के कुछ मेहमान आने वाले थे। फिर उन मेहमानो के साथ हम सब ने मिलकर क्या क्या मस्ती की। ये अगली कहानी में बताऊंगा। आपको कहानी लगी प्लीज कमेंट करके जरूर बताएं।  
संबधित कहानियां
विधवा मम्मी ने अपने बेटे से चुदकर अपनी प्यास बुझाई
विधवा मम्मी ने अपने बेटे से चुदकर...
जिसकी मम्मी ऐसी हो उसे और क्या चाहिए
जिसकी मम्मी ऐसी हो उसे और क्या...
मम्मी पोंछा लगा रही थी तो बेटे ने ये कर दिया
मम्मी पोंछा लगा रही थी तो बेटे...

कमेंट्स


कमेन्ट करने के लिए लॉगइन करें या जॉइन करें

लॉगइन करें  या   जॉइन करें
  • अभी कोई कमेन्ट नहीं किया गया है!