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मेरी बीवी और मेरे नौकर - 3 
@Kamvasna 05 मई, 2023 5684

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मैं और रिया सलमा के घर पर मजे कर रहे थे और उधर सपना गोपीनाथ के साथ पता नहीं किसके घर पर थी और सास घर पर नौकरों के साथ मजे कर रही थी। सलमा के घर पर मैं सलमा और उसकी दोनो बेटियों की जमकर चुदाई करता और फिर रिया भी सलमा के बेटे अब्बास से चुदवाने लगी। हम सब दिन रात नंगे ही रहते। सलमा की बेटियों ने रिया को एक अलमारी दिखाई जिसमे काफी सारे डिलडो और कंडोम के डिब्बे थे। फिर रिया और सलमा की दोनो बेटियां तो डिलडो वगैरह से खेलती रहती। कुछ डिलडो तो काफी मोटे और लंबे थे। जिन्हें सलमा अपनी चुत में आसानी से ले लेती थी। सलमा मुझसे काफी प्यार करती थी। हम एक दूसरे से काफी बातें करते। मैंने सलमा को सपना की चुदाई के कारनामो के बारे में बताया तो वो तो सुनती ही रह गई। फिर वो बोली के शरीफ घरों की औरतें तो हम से भी आगे निकल गई। ये सुनकर मैं और सलमा हँसने लगे। फिर मैंने सलमा से कभी घर पर आने के लिए कहा तो उसने कहा के जरूर आऊंगी।
हम सब एक परिवार की तरह रहने लग गए थे। जैसे हम सालों से ऐसे ही रह रहे हो। सलमा रिया को भी अपनी बेटी की तरह ही समझ रही थी। फिर सलमा ने रिया को अपने ग्राहकों से चुदवाने के लिए पूछा तो फिर मैंने कहा के उसने अभी चुदाई करना शुरू किया है। गाँड तो अभी भी नहीं मारी है। ये सुनकर फिर सलमा बोली के फिर तो उसे थोड़ा और खुलने दो। मुझे भी सलमा के साथ उसके घर पर रहकर काफी मजा आ रहा था। सलमा के साथ रहकर मुझे पता लगा के गांव के काफी लोग उसके पास आते है। बड़े बूढों के अलावा 15 से 20 साल के लड़के भी आते है। फिर उनसे सलमा और उसकी दोनो बेटियां घर मे ही बने एक कमरे में चुदवाती। फिर मैंने रिया से पूछा के वो भी किसी से चुदवाना चाहती है क्या। फिर रिया ने कहा के अगर वो सिर्फ मेरी चुत मारे तो चुदवा लुंगी। फिर मैंने पूछा के तुम्हे अगर किसी ने पहचान लिया तो। फिर रिया ने कहा के मैं अपना मुँह ढक लुंगी।
 
फिर मैंने जब फिर से इसके बारे में सलमा से बात की तो वो बोली के कौन किसकी शक्ल याद रखता है और वैसे भी हर तुम्हारी बेटी को यहां किसी ने देख भी लिया तो उसे कभी विस्वास ही नहीं होगा के तुम्हारी बेटी ऐसा काम कर सकती है। सलमा की ये बात मुझे ठीक लगी और फिर मैंने रिया से खुलकर मजे लेने के लिए कहा। फिर मैंने सलमा से भी रिया को चुदवाने के लिए कह दिया। फिर उस दिन मेरे गांव का ही एक आदमी आया। उसे मैं भी जानता था। फिर सलमा ने उसके पास रिया को भेज दिया। रिया तब एक सेक्सी शार्ट ड्रेस पहनकर गई तो फिर वो तो रिया को देखता ही रह गया। फिर वो आदमी कपड़े खोलकर नंगा हो गया तो रिया उसका लण्ड पकड़कर चुसने लगी। रिया ने उसे पहले ही गाँड मारने से मना कर दिया था तो फिर वो मान गया था। फिर उसने रिया को नंगी कर दिया और फिर वो रिया के ऊपर आकर रिया की चुदाई करने लगा। उसे रिया की चुदाई करके काफी मजा आ रहा था। मैं और सलमा उनकी चुदाई खिड़की से देख रहे थे। फिर उसने रिया को घोड़ी बनाकर भी चोदा। उसने लगभग 2 घण्टे तक रिया की चुदाई की। फिर जब वो चुदाई करके बाहर निकला तो वो आदमी काफी खुश था। मैं भी रिया की उसके साथ चुदाई देखकर काफी गर्म हो गया था। फिर उसके जाने के बाद जब मैं कमरे में गया तो रिया नंगी लेटी थी तो फिर जाकर मैं रिया की चुदाई करने लगा।
 
फिर इसके बाद तो रिया ने गांव के ही कई आदमियों से चुदवाया। फिर सलमा ने पड़ोस गांव के कुछ आदमियों से भी रिया को चुदवाया। रिया दिन में पहले दो लोगो से चुदवाती थी और फिर तो वो 3 से चुदवाने लगी। फिर सलमा ने अपनी बेटियों को किसी और के साथ भेज दिया तो घर पर सिर्फ रिया और सलमा ही रह गई थी तो फिर तो सलमा हर मर्द से रिया को ही चुदवाने लगी। रिया को भी चुदवाकर काफी मजा आता था। फिर तो रिया एक दिन में 6 से 7 मर्दो से चुदवाने लगी। एक दिन तो रिया ने 10 मर्दो से चुदवाया। उस दिन रिया कमरे में नंगी ही रही और लोग आते जाते रहे। कुछ ही दिनों में रिया ने लगभग 50 मर्दो से चुदवा लिया था। हालांकि उनमें से काफी मर्दो का पानी कुछ ही देर में निकल जाता था तो ऐसी चुदाई करने में रिया को कोई दिक्कत नहीं होती थी। फिर जब सलमा की बेटियां वापिस आ गई तो फिर वो दिन में 1-2 मर्दो से ही चुदवाने लगी। सलमा अब रिया की बेटियों की तरह ही रहने लगी। वो तीनो आपस मे काफी मस्ती करती। फिर उधर सपना और गोपीनाथ वापिस आ गए थे तो फिर सपना ने मुझे फोन किया। सास ने पहले ही सपना को बता दिया था के मैं रिया को लेकर उसकी एक सहेली के घर पर गया हूँ। फिर मैं और रिया जब वापिस जाने लगे तो हमारा मन बिल्कुल भी वापिस जाने का नहीं कर रहा था।
 
सलमा और उसकी दोनो बेटियां हमसे काफी घुलमिल गई थी। लेकिन फिर मैं और रिया वापिस आ गए। वापिस आते टाइम अंधेरा हो गया था और फिर मैं और रिया मोटरसाइकिल पर वापिस जा रहे थे तो फिर गांव से बाहर निकलने के बाद रिया बिल्कुल नंगी होकर बैठ गई। फिर गांव से घर तक रिया वैसे ही नंगी ही बैठकर आई। फिर जब हम घर पहुंचे तो घर पर सपना और सास दोनो नंगी आंगन में बैठी थी। फिर रिया नंगी ही जाकर सपना के गले लग गई। फिर वो दोनो एक दूसरे के बदन को सहलाने लगी और मस्ती करने लगी। फिर मैं भी नंगा होकर उनके पास ही बैठ गया। फिर हम बातें करने लगे। फिर सपना बताने लगी के वो जब गोपीनाथ के साथ गई तो उसने क्या-क्या मस्ती की। वो एक सेठ के घर गई थी और सपना ने उन्हें खुद को गोपीनाथ की बीवी बताया था। फिर सपना बताने लगी के जब मैं और गोपीनाथ उनके घर गए तो गोपीनाथ को नंगा देखकर उस घर की औरतें तो देखते ही रह गई। फिर उन्होंने गोपीनाथ के पैर छुए। उस घर मे सेठ और उसके दो बेटे और इनकी बीवियां रहती थी। यानी कुल मिलाकर घर मे 6 लोग थे।
 
फिर गोपीनाथ ने जाते ही घर का पूरा चक्कर लगाया और फिर जाकर हॉल में सोफे पर बैठ गए। तब वहां सेठ, उसकी बीवी और दो बेटे हाथ जोड़कर खड़े थे। फिर सेठ ने गोपीनाथ से पूछा के हमारे घर मे सब कुशल मंगल तो है ना। फिर गोपीनाथ ने कहा के बहुत बड़े संकट की संभावना लग रही है। ये सुनकर सेठ और उसके घरवाले थोड़ा घबरा गए। फिर सेठ ने गोपीनाथ से कहा के आप कुछ समाधान कीजिये। फिर गोपीनाथ ने कहा के हम रोज हवन और पूजा करेंगे और तब तक करते रहेंगे जब तक कि संकट टल नहीं जाता। फिर सेठ बोला के ठीक है। फिर मैं सेठ की बीवी से पूजा वगैरह के सामान की जानकारी लेने लगी। फिर सेठ की बीवी में मुझसे पूछा के तुम्हारे पति हमेशा से ही नंगे रहते है क्या। फिर मैंने उन्हें बताया के नहीं। कुछ साल पहले उन्हें एक साधु मिले। उन्हें मेरे पति ने अपना गुरु बनाया और फिर उनके आदेश से इन्होंने वस्त्र त्याग दिए। फिर हमने काफी बातें की और मैं सेठ की बीवी और उसके बेटों की बहुओं के साथ जल्दी ही काफी घुलमिल गई। फिर उस दिन तो गोपीनाथ ने हवन और पूजा वगैरह नहीं किया। फिर हम दिनभर बातें ही करते रहे।
 
रात को गोपीनाथ और मैंने सब परिवार के साथ बैठकर खाना खाया और फिर हम दोनों को घर मे ही एक कमरा सोने के लिए दे दिया। फिर कमरे में जाते ही मैं नंगी हो गई तो गोपीनाथ ने मुझे अपनी बाहों में ले लिया और फिर वो मेरे बदन को चूमने लगा। फिर वो अपने आधे खड़े लण्ड से मेरी चुदाई करने लगा। लेकिन फिर वो तो झड़ गया। लेकिन मैं नहीं झड़ी तो फिर गोपीनाथ मेरी चुत मुँह से चुसने लगा और फिर मैं भी झड़ गई। फिर हम दोनों नंगे ही सो गए। फिर अगले दिन सुबह जल्दी ही खड़े होकर नहा धोकर मैं और गोपीनाथ कमरे से बाहर आये। तब घर के सब लोग सोए हुए थे। फिर हम घर के आगे बने गार्डन में टहलने लगे। फिर थोड़ी देर बाद ही वहां पर सेठ आ गया। फिर हम तीनों बातें करने लगे। सेठ सुबह जल्दी उठकर एक्सरसाइज वगैरह करता था। फिर हम तीनों बातें करने लगे। फिर थोड़ी देर बाद ही गोपीनाथ तो एक जगह बैठकर ध्यान करने लगा और मैं सेठ से बातें करने लगी। साथ मे हम गार्डन में टहल रहे थे। मैंने सेठ को कई बार अपने मांसल बोबे दिखाए तो सेठ की नीयत मुझ पर खराब हो गई। फिर मैंने गिरने का नाटक किया तो सेठ मुझे सहारा देकर उठाने लगा। तब उसने मेरे बदन को सहलाया। मैंने तब साड़ी पहन रखी थी और साड़ी का पल्लू नीचे गिर गया था जिस कारण मेरे सेक्सी बोबे देखकर सेठ तो देखता ही रह गया था।
 
सेठ मुझे शुरू से ही काफी सेक्सी मिजाज का लग रहा था। फिर मैंने अपनी साड़ी को ठीक किया और फिर हम दोनों फिर से बातें करने लगे। फिर इतने में सब घरवाले उठ गए तो फिर हम हवन और पूजा की तैयारियां करने लगें। फिर हवन और पूजा करने के बाद हम सबने खाना खाया। इस बीच सेठ और मैं एक दूसरे को देखकर काफी बार मुस्कुराए। फिर दोपहर को सब अपने अपने कमरों में चले गए लेकिन मैं घर मे टहलने लगी। मैं सेठ का इंतजार कर रही थी। सेठ भी मेरा इंतजार कर रहा था तो फिर सेठ मुझे लेकर घर के एक कोने में ले गया जहां कोई नहीं आता था। फिर हम वहां बैठकर बातें करने लगे और बातों ही बातों में मैंने सेठ से कहा के मेरे पति तो सारा दिन पूजा पाठ में ही लगे रहते है और मैं तो बस प्यासी ही रह जाती हूँ। फिर ये कहकर सेठ मेरा हाथ पकड़कर मेरे सामने बैठ गया और फिर मैं भी थोड़ा इमोशनल हो गई तो सेठ मुझे चुप करवाने लगा और फिर मैं उसके गले लग गई। फिर सेठ मेरी पीठ सहलाने लगा। तब मौका अच्छा था तो फिर सेठ मेरे बदन को सहलाने लगा और मैं भी उसका साथ देने लगी। फिर वो मेरे बोबो को सहलाने लगा। फिर मैं भी उसकी पेंट के ऊपर से उसका लण्ड सहलाने लगी। फिर वो इशारा समझ गया तो फिर वो मेरे कपड़े खोलने लगा और फिर उसने मुझे एकदम नंगी कर दिया। फिर वो खुद भी नंगा हो गया। वो मेरे बदन को देखता ही रह गया और फिर वो मेरे बदन को चूमने लगा। जिससे मैं फुल गर्म हो गई। फिर मैं घोड़ी बन गई तो फिर वो पीछे से मेरी चुदाई करने लगा। सेठ की उम्र देखते उसमें अभी तक काफी दम था। फिर जब हम दोनों झड़ गए तो फिर कपड़े पहनकर हम दोनों घर के अंदर चले गए। तब गोपीनाथ के पास सेठ की बीवी और उसकी दोनो बहुये बैठी थी और गोपीनाथ उन्हें ज्ञान की बातें बता रहा था।
 
फिर ये देखकर मैं भी उनके पास जाकर बैठ गई और फिर थोड़ी देर बाद सेठ भी वहां आ गया। सेठ तो मुझे देखकर काफी खुश हो रहा था। फिर शाम के टाइम गोपीनाथ तो सेठ के साथ बाहर गार्डन में चला गया और मैं सेठ की बीवी से बातें करने लगी। सेठ के बेटे दिन में ज्यादातर बाहर ही रहते थे। फिर मैं सेठ की बीवी को बताने लगी भगवान के सामने अपना सब कुछ त्याग कर देना चाहिए और फिर उनकी भक्ति करनी चाहिए। फिर सेठ की बीवी बोली के कैसे तो फिर मैं सेठ की बीवी को बताने लगी के मेरे पति ने भगवान को सब कुछ समर्पित कर दिया है। वो कपड़े भी नहीं पहनते है। इस कारण वो काफी पवित्र हो गए है और भगवान उनके हाथों से किये सब काम सफल कर देता है। ये सुनकर सेठ की बीवी काफी प्रभावित हो गई। फिर हम शाम की पूजा की तैयारी करने लगे। फिर शाम की पूजा के टाइम जब घर के सब लोग पूजा करने लगे तो सेठ तबियत सही नही होने का बहाना करके अपने कमरे में चले गया। उसने मुझे इशारे से कमरे में आने के किये कहा तो फिर मैं भी चुपके से सेठ के कमरे में चली गई। फिर हम दोनों ने कमरे में खूब चुदाई की। फिर पूजा खत्म होने से पहले मैं सेठ के कमरे से बाहर आ गई। फिर पूजा के बाद हम सबने खाना खाया। फिर सब अपने अपने कमरों में जाकर सो गए।
 
लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी तो फिर मैं घर की छत पर चली गई। मैंने तब नाइटी पहनी थी। तब वहां सेठ का बड़ा बेटा सिगरेट पी रहा था। फिर वो मुझे देखकर थोड़ा घबरा गया तो फिर मैं मुस्कुराती हुई उसके पास चली गई। फिर उसने सिगरेट बुझा दी। फिर हम दोनों बातें करने लगे। बातें करते करते मैंने अपनी नाइटी थोड़ी ऊपर से खोल दी और अपने बोबे उसे दिखाने लगी तो वो तो देखता ही रह गया। वो पहले थोड़ा शर्मा रहा था। लेकिन फिर वो थोड़ा खुलने लगा। हम दोनों तब झूले पर एक दूसरे के आमने सामने बैठे थे तो फिर मैं उसका हाथ अपने हाथों में लेकर बैठ गई और उससे बाते करने लगी। तब मेरी नाइटी तो मेरे बोबो से पूरी हट चुकी थी और मेरी ब्रा में मेरे बोबे काफी सेक्सी लग रहे थे। बातों ही बातों में सेठ का बेटा मुझ पर फिदा हो चुका था। फिर मैंने उससे पेशाब करने के लिए कहा तो फिर वो बोला के यहां तो टॉयलेट नहीं है आपको नीचे ही जाना पड़ेगा। फिर मैंने कहा के नीचे कौन जाएगा। अगर तुम्हें बुरा ना लगे तो यहीं कर लूं। फिर उसने कहा के ठीक है। फिर मैं खड़ी होकर उससे थोड़ी दूर जाकर अपनी नाइटी ऊपर उठाकर पेशाब करने लगी। तब अंधेरा था लेकिन फिर भी वो मुझे देख सकता था। फिर पेशाब करते टाइम मैंने अपनी ब्रा उतारकर वहीं साइड में रख दी और फिर पेशाब करने के बाद अपनी नाइटी के लेस बांधकर वापिस सेठ के बेटे के सामने आकर बैठ गई। तब मेरे दोनो बोबो के बीच की जगह और नीचे से मेरी टांगे नंगी देखकर वो तो देखता ही रह गया।
 
फिर मैं उसके सामने ही अपनी नाइटी में हाथ डालकर अपने एक बोबे को सहलाने लगी और फिर अपनी नंगी जांघे सहलाने लगी। ये देखकर वो तो देखता ही रह गया। वो तो गर्म तो हो चुका था पर पहल नहीं कर पा रहा था। फिर मैंने अपनी नाइटी के लेस खोल दिये और फिर मेरा पेट भी दिखने लगा। फिर वो मेरे पास आकर बैठ गया तो फिर हम लिप किस करने लगे। फिर वो मेरी कमर में हाथ डालकर मेरे बदन को सहलाने लगा। फिर मैने उसे नीचे किसी खाली कमरे में चलने के लिए कहा तो फिर वो मेरा हाथ पकड़कर मुझे नीचे ले जाने लगा और मैं वैसे ही अधनंगी हालात में उसके साथ जाने लगी। फिर वो मुझे एक कमरे में ले गया। फिर वहां मैं और वो नंगे होकर चुदाई करने लगे। उसे मेरी चुदाई करके काफी मजा आया। फिर चुदाई के बाद वो और मैं अपने अपने कमरों में चले गए। फिर कुछ दिनों तक मैं ऐसे ही कभी सेठ से तो कभी उसके बड़े बेटे से चुदाई करती रही।
 
फिर मैं घर पर साड़ी पहनती तो साड़ी में से अपने बदन को दिखाती रहती। जिससे सेठ का छोटा बेटा भी मेरे जाल में फंसने लगा। फिर एक दिन जब मै और सेठ का बड़ा बेटा छत पर थे तो मैंने उससे कहा के मुझे आज अपने दोनो छेदों में लण्ड लेने है। तो ये सुनकर वो बोला के तो दूसरा आदमी कहाँ से लाऊं। तो फिर मैंने उसे अपने भाई को बुलाने के लिए कहा तो ये सुनकर वो एक बार तो थोड़ा हैरान हुआ लेकिन फिर उसने अपने छोटे भाई को फोन करके बुला लिया। तब मैं सिर्फ ब्रा पैंटी में थी। फिर जब सेठ का छोटा बेटा आया तो वो तो मुझे देखता ही रह गया। फिर जब सेठ के बड़े बेटे ने उसे हमारे बारे में बताया तो उसने मुझे अपनी बाहों में ले लिया। वो भी मुझे पहले से ही चोदने की फिराक में था। फिर हम तीनों नीचे एक कमरे में गए और तब मैं उनके साथ नीचे सिर्फ ब्रा पैंटी में ही गई। फिर उस रात मैंने उन दोनों से एक साथ चुदवाया। फिर तो जब भी मौका मिलता मैं उन तीनों बाप बेटों में से किसी न किसी से चुदवा ही लेती।
 
फिर मेरे कहने पर एक दिन गोपीनाथ ने सेठ की बीवी से कहा के तुम्हारे बेटों पर बड़ा संकट आने वाला है तो ये सुनकर वो घबरा गई और इसका समाधान पूछने लगी तो फिर गोपीनाथ ने सेठ की बीवी से सुबह सबके उठने से पहले और शाम को सबके सोने के बाद सब कपड़े खोलकर पूरे घर के साथ चक्कर लगाने के लिए कहा और फिर तुलसी के पौधे में एक लोटा जल डालने के लिए कहा। ये सुनकर पहले तो सेठ की बीवी थोड़ी शरमाई लेकिन फिर वो मान गई। तब मैं भी वहीं थी। फिर मैंने सेठ की बीवी को सब समझा दिया। सेठ की बीवी दिखने में सुंदर थी और भरे बदन की काफी खूबसूरत औरत थी। फिर मैंने सेठ की बीवी से थोड़ा संवरकर ये सब करने के लिए कहा तो फिर सेठ की बीवी उस रात को ही सबके सोने के बाद बिल्कुल नंगी होकर और थोड़ा मेकअप वगैरह करके घर के चक्कर लगाने लगी। तभी मैं सेठ के दोनो बेटों के साथ छत पर थी। तब हम तीनों नंगे थे। फिर मैंने उन्हें उनकी नंगी मां दिखाई तो वो दोनो देखते ही रह गए। फिर मैंने उन्हें समझाया के ये सब पूजा का ही हिस्सा है। फिर वो कुछ नहीं बोले और बस देखते रहे। तब मैं उनका लण्ड सहलाती रही। उनके लण्ड तब पूरे तन चुके थे तो फिर उन्होने मेरी खूब चुदाई की। फिर उन्हें अपनी मां को नंगी देखकर थोड़ा अजीब लगता था तो फिर मैंने उन्हें उनके बाप के साथ चुदाई की बात बताई तो पहली बार तो उन्हें यकीन नही हुआ लेकिन फिर एक दिन जब मैंने उन्हें उनके बाप के साथ अपनी चुदाई का रंगारंग कार्यक्रम दिखाया तो तब जाकर उन्हें यकीन हुआ। फिर मैंने उन दोनो से कहा के तुम्हारा बाप मजे ले रहा है तो तुम्हारी माँ को भी मजे लेने का हक है।
 
ये सुनकर वो मेरी बात मान गए। फिर मैंने उन दोनों से जी भरकर अपनी नंगी मां के दर्शन करने के किये कहा तो फिर वो रोज अपनी मां को नंगी देखने लगे और फिर गर्म होकर मेरी चुदाई करते। उधर मैं सेठ की बीवी को थोड़ी और ज्यादा सेक्सी दिखाने के लिए उसे तरह तरह की बिकिनी पहनाने लगी। उनमें तो वो और भी ज्यादा सेक्सी लगती। फिर एक बार रात को सेठ की बीवी के साथ मैंने भी घर के चक्कर लगाने का सोचा। तो फिर उस रात मैं सेठ की बीवी को लेकर दूसरे कमरे में चली गई और फिर हम दोनों तैयार होने लगी। उस रात मैंने सेठ की बीवी के बालों का जुड़ा किय्या और उसके कानों में बड़ी बड़ी बालियां डाली और पैरों में हाई हील के सैंडल पहना दिए। मैं खुद भी ऐसे ही तैयार हो गई। फिर हम दोनों जब ऐसे जाने लगे तो मैं सेठ की बीवी को लेकर गोपीनाथ के पास ले गई उसके दर्शन करने। सेठ की बीवी को पहले तो शर्म आ रही थी लेकिन फिर अपने बेटों के बारे में सोचकर वो मेरे साथ आ चली गई। गोपीनाथ हम दोनों को ऐसे देखकर देखता ही रह गया। तब सेठ की बीवी तो शर्म से लाल हो चुकी थी। फिर हम दोनों ने उसका आशीर्वाद लिया। सेठ की बीवी को देखकर तो गोपीनाथ का लण्ड भी आधा खड़ा हो चुका था। ये देखकर तो सेठ की बीवी और भी शर्माने लगी। फिर हम दोनों घर के चक्कर लगाने लगी। तब मैं सेठ की बीवी की तारीफ करने लगी तो अपनी तारीफ सुनकर वो काफी हँसने लगी।
 
उधर ऊपर से सेठ के बेटों का अपनी मां का ऐसा रूप देखकर बुरा हाल हो चुका था। सेठ की बीवी मेरे साथ फिर हंस हँसकर बातें करने लगी थी और वो फिर बिना किसी शर्म के नंगी चल रही थी। सेठ काफी सेक्सी मिजाज था तो उसने अपनी बीवी की काफी चुदाई की थी। इस कारण भी सेठ की बीवी जल्दी ही इस माहौल में ढल गई थी। फिर चक्कर लगाने के बाद हम दोनों वहीं गार्डन में ही झूले पर बैठ गई। तब वहां लाइट भी जल रही थी। लेकिन मुझे और सेठ की बीवी को किसी की भी शर्म नहीं थी। फिर हम दोनों बातें करने लगी और फिर बाते करते करते मैं सेठ की बीवी के बदन को छूने लगी। फिर मैं सेठ की बीवी के पास बैठकर उसके बोबे दबाने लगी और फिर वो भी मेरे बदन को छूने लगी। ये सब देखकर तो सेठ के बेटे अपना लण्ड हिलाने लग गए थे। फिर मैंने सेठ की बीवी को अपनी चिकिनी चुत दिखाते हुए बोला के आप भी अपनी चुत के बाल साफ कर लो। फिर सेठ की बीवी टांगे खोलकर बैठ गई और फिर अपनी चुत के बाल अपने हाथ से सहलाने लगी। ये देखकर तो सेठ के बेटों के बुरा हाल था। फिर बातें करने के बाद जब मैं और सेठ की बीवी अंदर जाने लगी तो फिर हम दोनों एक दूसरे की कमर में हाथ डालकर अंदर जाने लगी।
 
फिर हम जब कमरे में चली गई तो फिर हम एक दूसरे के गले लग गई और फिर मैंने सेठ की बीवी की गाँड को सहलाने लगी। फिर सेठ की बीवी हँसने लगी। फिर वो कपड़े पहनकर अपने कमरे में सोने चली गई और फिर मैंने सेठ के बेटों को कमरे में बुला लिया और फिर हमने जमकर चुदाई की। वो बोले के उन्होंने कभी अपनी मां को ऐसे नहीं देखा था। फिर मैंने कहा के अबसे रोज देखोगे। फिर अगले दिन सुबह-सुबह जब मैं और गोपीनाथ एक दूसरे से चिपक कर सो रहे थे तो तभी सेठ की बीवी कमरे में आई। वो तब नंगी ही थी। फिर मैं और गोपीनाथ उठे तो फिर मैंने जब सेठ की बीवी की तरफ देखा तो देखती ही रह गई। सेठ की बीवी की चुत एकदम चिकिनी थी। फिर सेठ की बीवी और मैं एक दूसरे की तरफ देखकर मुस्कुराने लगी। फिर मैं और गोपीनाथ उठकर बैठ गए और वो हमारे सामने आकर बैठ गई और फिर गोपीनाथ के पैर छुए। फिर गोपीनाथ और मैं सेठ की बीवी के सामने ही एक दूसरे की कमर में हाथ डालकर बैठ गए।
 
फिर सेठ की बीवी ने मुझे अपने साथ चलने के लिए कहा तो फिर मैं बोली के मुझे नींद आ रही है मै थोड़ा और सोऊंगी। फिर मैंने गोपीनाथ के लिए कहा के ये आपके साथ चले जायेंगे। ये सुनकर वो कुछ नहीं बोली। फिर वो दोनो खड़े होकर बाहर चले गए और मैं फिर से सो गई। फिर सेठ की बीवी और गोपीनाथ ने आपस मे बातें की तो फिर सेठ की बीवी की गोपीनाथ से सब शर्म दूर हो गई। फिर चक्कर लगाकर वो तो वापिस आ गई और गोपीनाथ वहीं गार्डन में ही बैठ गया। उधर फिर सब घरवाले जाग गए और फिर मैं भी तैयार होकर बाहर चली गई। फिर गोपीनाथ तो ध्यान में बैठ गया और फिर मैं सेठ के साथ घर के पीछे जाकर चुदवाने लगी।
 
फिर चुदाई के बाद हम अंदर आ गए और फिर पूजा वगैरह करने लगे। फिर इसके बाद तो जो हुआ वो सुनकर तो किसी मुर्दे का भी लण्ड खड़ा हो जाएगा। सेठ की बीवी पर अब जवानी चढ़ गई थी तो फिर वो रोज सुबह और शाम किसी पोर्नस्टार की तरह बनकर घूमती। दिन में भी वो जब साड़ी पहने रहती तो वो अपना पल्लू थोड़ा नीचे खिसका कर रखती जिस कारण उसके बोबे दिखते रहते थे। वो अब पहले से ज्यादा खुश रहने लगी थी। अपनी मां को ऐसे देखकर सेठ के बेटे तो देखते ही रह जाते। पर उन्हें तो अब कपड़ो में भी अपनी मां नंगी ही दिखती थी। मैं और सेठ की बीवी आपस मे खुल गई थी तो फिर मैं सेठ की बीवी के बोबो को सहलाती और चुस्ती और फिर मैं उससे भी अपने बोबो को चुसवाती। इस सबमे उसे भी मजा आने लगा था। फिर एक दिन घर के 7 चक्कर पूरे करने के बाद हम दोनों गार्डन में बैठ गई और फिर मैं सेठ की बीवी की टाँगे फैलाकर उसकी चुत चुसने लगी। ये देखकर तो सेठ के बेटे देखते ही रह गए। फिर सेठ की बीवी से मैंने भी चुत चुसवाई। इस तरह हम दोनों मजे करने लगी थी। हालांकि तब सेठ की बीवी को पता नहीं था के उसकी मस्ती का ये नजारा उसके बेटे रोज देखते है।
 
लेकिन ये तो शुरुआत ही थी। फिर दोपहर को सेठ की बीवी हमारे कमरे में आ जाती और फिर कपड़े खोलकर नंगी होकर बैठ जाती। सेठ की बीवी को देखकर तो गोपीनाथ उसके सामने ही अपना लण्ड सहला देता था। ये देखकर वो मुस्कुराने लग जाती थी। फिर गोपीनाथ तो मेरे बोबे सहलाने और चुसने लग जाता। ये सब सेठ की बीवी देखती रहती पर कुछ नहीं कहती। फिर गोपीनाथ और सेठ की बीवी आपस मे बाते करते रहते और मैं सेठ के कमरे में चली जाती और फिर सेठ से खूब मस्ती करती। सेठ की बीवी अब पूरी तरह खुल चुकी थी और उधर सेठ का बड़ा बेटा अपनी मां को देखकर बहुत तड़पता था और खूब लण्ड हिलाता था। फिर एक बार उसकी इसी तड़प को और बढाने के लिए मैंने रात को सेठ की बीवी के साथ गोपीनाथ को भेज दिया। फिर जब उस रात उन दोनों भाइयों ने जब अपनी मां को गोपीनाथ के साथ देखा तो वो बुरी तरह से गर्म हो गए। सेठ की बीवी गोपीनाथ के साथ हँस हँसकर बातें कर रही थी। ये देखकर तो वो दोनो तड़प उठे। असल मे उन्हें भी तब मजा आ रहा था। फिर इतना ही नहीं जब चक्कर लगाने के बाद सेठ की बीवी तुलसी के पौधे में झुक कर पानी डालने लगी तो गोपीनाथ एकदम उसके पीछे ही खड़ा हो गया। फिर जब सेठ की बीवी पीछे की तरफ हुई तो वो गोपीनाथ से टकरा गई और फिर एकदम मुड़ी तो फिर वो गिरने को हुई तो फिर उसे गोपीनाथ ने पकड़ लिया। इस तरह अपनी मां को गोपीनाथ के हाथों में देखकर तो उन दोनों का बुरा हाल हो चुका था। फिर उन दोनों ने मेरी जमकर चुदाई की। उन्हें भी अपनी मां को नंगी देखने की आदत हो चुकी थी तो फिर मेरे कहने पर वो थोड़े दिन और रुके रहे। फिर वो खुलकर अपनी मां की चुदाई की बातें करने लगे थे। सेठ का बड़ा बेटा तो बस कह रहा था के मैं तो बस अपनी मां की चुदाई करके ही रहूंगा। फिर उसने मुझसे कुछ करने के लिए कहा तो मैंने उससे कहा के अगर तुम मेरा कहा मानोगे तो तुम्हारी माँ तुम दोनो से खुश होकर चुदवाएगी। ये सुनकर वो बोले के हम सब कुछ मानने के लिए तैयार है तो फिर मैंने कहा के तो फिर थोड़े दिन रुको और मैं कहूँ वैसा ही करो।
 
उधर मैंने सेठ की बीवी और उसके बेटों को बता दिया था के गोपीनाथ का लण्ड खड़ा नही होता है और वो सेक्स नहीं कर सकता है। ये सुनकर सेठ के बेटों की ये चिंता दूर हो गई के गोपीनाथ उनकी मां को चोद नहीं सकता है उधर सेठ की बीवी भी ये जानकर गोपीनाथ के सामने बिना किसी शर्म के रहने लगी। फिर सेठ की बीवी तो गोपीनाथ के सामने अपने बोबो को सहलाती और अपनी चुत ओर हाथ फेरती। ये देखकर फिर गोपीनाथ भी अपने आधे खड़े लण्ड को हिलाकर पानी निकालने लगा। ये देखकर सेठ की बीवी मुस्कुरा देती। फिर गोपीनाथ और सेठ की बीवी जब कमरे में होते तो गोपीनाथ सेठ की बीवी के नजदीक जाने लगा और फिर सेठ की बीवी भी उसे ऐसा करने देती। फिर गोपीनाथ सेठ की बीवी की कमर में हाथ डाल कर बैठ जाता। फिर एक बार तो सेठ की बीवी के सामने ही गोपीनाथ मेरे ऊपर चढ़कर अपने लण्ड को मेरी चुत पर रगड़ने लगा और फिर झड़ गया। फिर गोपीनाथ सेठ की बीवी को अपनी बाहों में लेने लगा और फिर सेठ की बीवी भी इसके मजे लेती। फिर एक दिन जब गोपीनाथ सेठ की बीवी के साथ चक्कर लगा रहा था तो तब उन दोनों ने एक दूसरे की कमर में हाथ डाल रखे थे और हंसते हुए बाते कर रहे थे। जब सेठ के बेटों ने अपनी खूबसूरत मां को ऐसे देखा तो वो देखते ही रह गए। फिर इतना ही नहीं सेठ की बीवी गोपीनाथ के गले लग गई और फिर गोपीनाथ उसकी गाँड सहलाने लगा और फिर उसके बोबो को भी सहलाने लगा। ये देखकर तो उन दोनों को अपनी मां पर विस्वास ही नहीं हुआ के ये उनकी ही मां है। फिर ये सब देखकर तो कोई भी गर्म हो जाता।
 
फिर एक दिन गोपीनाथ और सेठ की बीवी के साथ मैं भी नंगी होकर चली गई तो फिर गोपीनाथ ने हम दोनों से खूब मजे किये। उस रात मेरे कहने पर सेठ की बीवी गोपीनाथ के साथ हमारे कमरे में नंगी ही गोपीनाथ के साथ सो गई। फिर कमरे की खिड़की खोलकर जब मैंने ये सब सेठ के बेटों को दिखाया तो वो तो फूल गर्म हो गए। फिर सेठ का बड़ा बेटा बोला के अब मुझसे बिल्कुल नहीं रहा जाता। कल ही मैं मां की चुदाई कर दूंगा। फिर मैं उससे बोली के सब्र करो। वो खुद तुमसे चुदवाएगी। फिर वो थोड़ा शांत हुआ और फिर मेरी चुदाई करने लगा। फिर कुछ दिन बाद गोपीनाथ और मैंने सेठ की बीवी से कहा के उन्हें अब अपने बड़े बेटे के साथ घर के चक्कर लगाने होंगे वो भी नंगी होकर। तो वो पहले तो ये सुनकर थोड़ी घबराई लेकिन फिर तैयार हो गई। फिर उस रात मैंने सेठ की बीवी और उसके बड़े बेटे को एक कमरे में भेज दिया। जहां से वो नंगे होकर फिर चक्कर लगाने चले गए। अपनी मां को नंगी देखकर उसका तो लण्ड खड़ा हो चुका था। वो अपनी मां की हिलती हुई गाँड और बोबो का खूब मजे ले रहा था देखकर। उधर जब सेठ की बीवी ने अपने बेटे का लण्ड देखा तो फिर वो हँसने लगी। ये देखकर सेठ का बेटा तो और ज्यादा गर्म हो गया। फिर चक्कर लगाने के बाद वो दोनो साथ मे तुलसी के पौधे में जल डालने लगे तो उन दोनों के बदन आपस मे चिपक रहे थे। फिर वो अंदर जाने लगे तो फिर सेठ का बेटा तो अपनी मां के गले लग गया औए फिर सेठ की बीवी ने भी अपने बेटे को अपने गले से लगाकर खूब प्यार किया। ये सब मैं और सेठ का छोटा बेटा ऊपर से देख रहे थे। फिर वो दोनो घर के अंदर जाने के बाद सेठ की बीवी तो अपने बेटे के सामने ही नंगी ही गोपीनाथ के कमरे में जाकर उसके पास सो गई और फिर सेठ का बड़ा बेटा हमारे पास ऊपर आ गया। वो तब काफी खुश था। फिर हम तीनों ने खूब चुदाई की। फिर सुबह जब चक्कर लगाने की बारी आई तो फिर मैंने सेठ के बड़े बेटे को गोपीनाथ के कमरे में ही भेज दिया अपनी मां को जगाने के लिए। तब गोपीनाथ तो उसकी मां से चिपक कर सो रहा था। ये देखकर वो बहुत ज्यादा गर्म हो गया। फिर उसने अपनी मां को जगाया तो सेठ की बीवी भी अपने बेटे को सामने देखकर घबरा गई और फिर उसने अपने बेटे से कहा के ये भी पूजा का एक हिस्सा ही है। फिर ये सुनकर वो बोला के मुझे पता है।
 
फिर जब वो दोनो चक्कर लगाने चले गए। फिर शाम को जब चक्कर लगाने की बारी आई तो मैंने सेठ की बीवी से कहा के तुलसी के पौधे में जल डालते टाइम वो अपने बेटे को अपने हाथ से अपनी चुत खोलकर दिखाए। साथ मे ये उसका जन्मस्थान भी है। इससे दुगुना फायदा होगा। फिर उस दिन जब वो चक्कर लगाने गए तो सेठ का बड़ा बेटा अपना लण्ड सहलाने लगा। लेकिन जब उसकी मां उसकी तरफ देखती तो वो अपना हाथ हटा लेता। ये देखकर वो हँसने लगी और बोली के तुम्हारी बीवी तुम्हे खुश नहीं रखती है क्या। ये सुनकर वो कुछ नहीं बोला। फिर जब तुलसी के पौधे में जल डालने की बात आई तो फिर सेठ का बड़ा बेटा तो जल डालने लगा और फिर सेठ की बीवी उसके सामने अपनी चुत खोलकर बैठ गई। ये देखकर तो वो देखता ही रह गया। फिर सेठ की बीवी ने अपने बेटे से अपनी चुत गौर से देखने के लिए कहा भी। ये देखकर तो सेठ का बेटा जोर जोर से अपना लण्ड हिलाने लगा और फिर उसके लण्ड से पानी निकलने लगा। ये देखकर तो सेठ की बीवी हँसने लगी। तब सेठ का बेटा थोड़ा शर्मा गया। लेकिन फिर सेठ की बीवी ने उसे अपने गले से लगा लिया। उस दिन फिर गले लगते टाइम सेठ के बेटे ने अपनी मां की नंगी गाँड पर हाथ रख दिये तो उसने कुछ नहीं कहा। फिर वो दोनो घर के अंदर गए और फिर सेठ का बेटा अपनी मां को गोपीनाथ के कमरे में अंदर तक छोड़कर आया और उसकी मां उसके सामने ही गोपीनाथ के साथ लेट गई।
 
फिर अगले दिन सुबह की पूजा के टाइम सेठ की बीवी ने अपने बेटे को गोपीनाथ के बारे में बताया के वो कुछ नहीं कर सकता है। ये सुनकर फिर वो दोनो एक दूसरे की तरफ देखकर मुस्कुराने लगे। फिर उस दिन दोपहर को सेठ के बड़े बेटे ने अपनी मां को बुलाया और फिर वो दोनो कमरे में चले गए और फिर वो दोनो एक दूसरे के गले लग गए। फिर सेठ का बड़ा बेटा तो बेशर्मो की तरह अपना लण्ड निकालकर सहलाने लगा। ये देखकर सेठ की बीवी हँसने लगी। अब शर्म तो कुछ रही नहीं थी तो फिर सेठ की बीवी भी नंगी हो गई और फिर अपनी नंगी मां को देखकर वो जोर जोर से अपना लण्ड हिलाने लगा। फिर जब वो झड़ गया तो फिर सेठ की बीवी नंगी ही गोपीनाथ के पास चली गई। तब मैं सेठ से चुदवा रही थी। फिर गोपीनाथ भी सेठ की बीवी के बोबे और चुत चुसने लगा था। फिर एक दिन मैंने सेठ के बड़े बेटे की बजाय गोपीनाथ को सेठ की बीवी के साथ भेज दिया तो उस दिन तो गोपीनाथ ने सेठ की बीवी के बोबो और चुत को खूब चूसा। ये देखकर तो सेठ के दोनो बेटों के साथ साथ मेरा हाल भी बहुत बुरा हो चुका था। फिर हम तीनों ने जमकर चुदाई की।
 
फिर अगले दिन शाम को जब सेठ का बड़ा बेटा अपनी मां को बुलाने गया तो तब गोपीनाथ सेठ की बीवी के ऊपर चढ़ा हुआ था और वो दोनो मजे कर रहे थे। फिर ये सब देखकर सेठ का बेटा वहीं रुक गया। फिर सेठ की बीवी ने जब अपने बेटे को देखा तो वो थोड़ी शर्मिंदा हुई। फिर जब गोपीनाथ का पानी निकल गया तो फिर वो साइड हट गया और फिर सेठ की बीवी उठकर कमरे से बाहर आ गई। फिर उस दिन वो दोनो एक दूसरे से कुछ नहीं बोले और फिर तुलसी के पौधे में जल डालने के बाद सेठ का बेटा जाकर अपनी मां के बोबो को चुसने लगा तो फिर सेठ की बीवी भी उसे अपने बोबे चुसवाने लगी। उस दिन तो उसने अपनी मां के जमकर बोबो और गाँड को सहलाया। फिर जब सेठ के बेटे के लण्ड से पानी निकलने लगा तो सारा पानी उसकी मां पर गिरने लगा। फिर सेठ की बीवी अपने शरीर से पानी पोंछने लगी और साथ मे मुस्कुराने भी लगी। फिर सेठ की बीवी वापिस जाकर गोपीनाथ के पास लेट गई। फिर मैंने सेठ की बीवी को मेरी और सेठ की चुदाई के बारे में बताया तो वो बोली के वो तो है ही ऐसे। अब सेठ की बीवी को गोपीनाथ और अपने बेटे के साथ मजा आने लगा था तो फिर वो मुझसे बोली के तूम उन्हें सम्भालो और ध्यान रखना के उन्हें कुछ भी पता ना चले। फिर मैंने कहा के आप फिक्र मत करो। फिर तो सेठ की बीवी लगभग गोपीनाथ के साथ कमरे में नंगी ही रहती और सुबह, दोपहर और शाम अपने बेटे के साथ भी मस्ती करती। उधर मैं सेठ के साथ सोने लगी और उनसे मस्ती करने लगी।
 
सेठ के बड़े बेटे के कोई बच्चा नहीं हो रहा था तो उसकी बीवी थोड़ी परेशान सी ही रहती थी। लेकिन उसके छोटे बेटे की बीवी बातूनी थी तो फिर हम दोनों आपस मे काफी बातें करती। फिर सेठ का छोटा बेटा भी लगभग हमारे साथ ही होता और हम तीनों की काफी गहरी दोस्ती हो गई। फिर हम तीनों शॉपिंग वगैरह करने और कभी कभी बाहर घूमने साथ ही चले जाते। फिर सेठ का छोटा बेटा मुझे अपनी बीवी के सामने ही चोदना चाहता था तो फिर हमने एक प्लान बनाया। फिर मैं सेठ के छोटे बेटे की बीवी के साथ रहने लगी और फिर हम आपस मे सब तरह की बातें करने लगे। फिर मैं उसके बदन को सहलाने लगी और उससे मस्ती करने लगी और फिर वो भी मेरा साथ देने लगी। फिर एक दिन हम दोनों ने नंगी होकर एक दूसरे से खूब मस्ती की। जिसमे उसे काफी मजा आया। फिर तो हम लगभग रोज ही ऐसा ही करने लगी। फिर एक दिन जब हम दोनों नंगी होकर मस्ती कर रही थी तो फिर तभी सेठ का छोटा बेटा हमारे कमरे में आ गया। जिसे मैंने ही बुलाया था। फिर वो भी नंगा होकर हमारे पास आ गया और फिर उसने हम दोनों की चुदाई की। इससे उसकी बीवी नाराज नहीं हुई। फिर तो हम तीनों मिलकर चुदाई करने लगे। उधर अब सेठ का बड़ा बेटा भी अपनी मां की चुत चाटने लगा और अपनी मां के बदन को खूब चाटता और फिर अपना लण्ड अपनी मां के बदन पर सहलाकर झड़ जाता। उधर सेठ की बीवी भी अब काफी हद तक खुल चुकी थी। एक बार रात को जब सेठ का बड़ा बेटा अपनी मां को लेने गोपीनाथ के कमरे में गया तो सेठ की बीवी घोड़ी बनी हुई थी और गोपीनाथ अपना लण्ड उसकी गाँड में मसल रहा था। ये नजारा देखकर तो वो देखता ही रह गया। फिर सेठ की बीवी गोपीनाथ के झड़ने के बाद कमरे से बाहर आ गई और अपने बेटे की तरफ देखकर बेशर्मो की तरह हँसने लगी। फिर उस दिन सेठ के बड़े बेटे ने भी अपनी मां को घोड़ी बनाकर खूब गाँड चाटि।
 
सेठ की बीवी को भी अब पूरा यकीन हो चुका था के उसका बेटा अब कभी भी उसकी चुदाई कर सकता है तो वो भी इसके लिए तैयार थी। फिर वो दिन आ ही गया और फिर एक दिन रात को चक्कर लगाने के बाद सेठ के बड़े बेटे ने गार्डन में ही अपनी मां की चूत में लण्ड डाल ही दिया। मैंने और सेठ के छोटे बेटे ने उसकी बीवी को भी सब कुछ बता दिया था तो फिर हम तीनों तब ऊपर छत पर खड़े होकर उनकी चुदाई देख रहे थे। सेठ के छोटे बेटे की बीवी ये सब देखकर तो देखती ही रह गई थी। फिर तो सेठ का बड़ा बेटा सुबह, दोपहर और शाम को अपनी मां की चुदाई करने लगा। फिर एक दिन गोपीनाथ और मैंने सेठ की बीवी और उसके बड़े बेटे को अपने कमरे में बुलाया और फिर हम सब नंगे हो गए। फिर गोपीनाथ तो सेठ की बीवी के बदन को सहलाने लगा और सेठ का बेटा मेरे बदन को सहलाने लगा। फिर तो सेठ के बेटे ने पहले मेरी और फिर अपनी मां की चुदाई की। इसके बाद तो फिर सेठ का बड़ा बेटा भी अपनी मां के साथ गोपीनाथ के साथ नंगा ही सोने लगा और फिर वो तीनो खूब चुदाई करते। उधर फिर मेरे कहने पर सेठ की बीवी की छोटी बहु अपनी सास के कभी गले लग जाती तो कभी सास के बदन को सहला देती। उसका ये सब व्यवहार देखकर सेठ की बीवी को कुछ समझ नहीं आया। फिर मैंने सेठ की बीवी से कहा के आप अपनी इस बहु को भी अपनी तरफ कर लीजिए ताकि आप और ज्यादा खुलकर मस्ती कर सके। सेठ की बीवी मेरी बात समझ गई तो फिर वो भी अपनी छोटी बहू से चिपकने लगी। पहले तो वो दोनो कपड़ो के ऊपर से ही एक दूसरे के बदन को सहलाती और दबाती लेकिन फिर एक दिन मौका देखकर उन्होंने नंगी होकर एक दूसरे के साथ खूब मस्ती की। फिर उसने जब अपनी सास यानी सेठ की बीवी से सेठ के बड़े बेटे से मस्ती करने वाली बात कही तो पहले तो ये बात सुनकर सेठ की बीवी थोड़ी हैरान हो गई। फिर उसने कहा के उसने उन दोनों को एक दिन घर के बाहर नंगे घूमते हुए देख लिया था तो ये सुनकर सेठ की बीवी मुस्कुराने लगी।
 
फिर तो सेठ की बीवी अपनी छोटी बहू के सामने ही नंगी होकर गोपीनाथ के कमरे में चली जाती और खूब मस्ती करती। उधर सेठ के छोटे बेटे से भी अब रहा नहीं जा रहा था। अब सेठ की बीवी ब्लाउज वगैरह ऐसे पहनती के उसमें से उसके बोबे दिखते रहते थे। सेठ की बीवी की अब सब शर्म चली गई थी। तब अपनी मां को ऐसे देखकर सेठ के छोटे बेटे से रहा नहीं जाता तो फिर वो भी अपनी मां से गले लगता तो अपनी मां के बदन को सहलाने लग जाता। इस पर सेठ की बीवी उसे कुछ नहीं कहती। फिर तो वो अपनी मां के बोबो को भी साड़ी के ऊपर से दबा देता और सेठ की बीवी उसकी तरफ देखकर बस मुस्कुरा देती। फिर तो सेठ का बेटा खुलकर अपनी मां के बदन से खेलने लगा। फिर एक दिन जब सेठ की बीवी गोपीनाथ के कमरे से नंगी बाहर निकली तो तब सेठ का छोटा बेटा वहीं खड़ा था। फिर सेठ की बीवी उसे देखकर थोड़ी घबरा गई। फिर वो अपनी मां का हाथ पकड़कर दूसरे कमरे में ले गया और फिर अपनी मां के बदन को चूमने लगा। फिर सेठ की बीवी भी उसका साथ देने लगी। फिर उस दिन सेठ के छोटे बेटे ने अपनी मां के बदन के हर हिस्से को चूमा। लेकिन फिर शाम की पूजा का टाइम हो गया तो फिर सेठ की बीवी कपड़े पहनकर बाहर आ गई। लेकिन पूजा के टाइम सेठ के छोटे बेटे की निगाह अपनी मां पर ही थी। फिर खाने वगैरह के बाद उस दिन मैंने गोपीनाथ को जानबूझकर सेठ की बीवी के साथ भेज दिया। जब सेठ की बीवी, गोपीनाथ और सेठ का बड़ा बेटा तीनो घर के चक्कर लगाने के लिए बाहर निकले तो तब सेठ का छोटा बेटा वहीं छिपकर उन्हें देख रहा था और तब सेठ की बीवी को किसी तरह इसका पता चल गया था। फिर वो थोड़ी शर्माने लगी और फिर घर के चक्कर लगाते टाइम गोपीनाथ और सेठ के बड़े बेटे ने सेठ की बीवी के खूब मजे लिए। पर सेठ की बीवी को पता था के उसका छोटा बेटा देख रहा है तो वो ज्यादा खुलकर मजे नहीं ले पाई।
 
 
फिर अगले दिन सुबह जब सेठ की बीवी गोपीनाथ के कमरे से बाहर निकली तो सेठ का छोटा बेटा वहीं खड़ा था। फिर वो अपनी मां को लेकर दूसरे कमरे में ले गया और फिर उसने अपनी मां की काफी देर तक चुदाई की और सेठ की बीवी ने भी उसका पूरा साथ दिया। इस तरह फिर इसका पता सेठ के बड़े बेटे को चल गया तो फिर कुछ दिन बाद ही सेठ की बीवी के सामने उसके दोनो बेटे नंगे खड़े थे। फिर उस दिन सेठ की बीवी ने उनसे एक साथ चुदवाया। फिर तो सेठ का छोटा बेटा भी गोपीनाथ के सामने ही अपनी मां को चोदने लगा और सेठ की बीवी फिर अपने दोनो बेटों और गोपीनाथ के साथ खूब मजे करने लगी। गोपीनाथ सेठ की बीवी के बदन को उसके दोनो बेटों के सामने खूब सहलाता और दबाता और फिर वो दोनो बेटे मिलकर अपनी मां की चुदाई करते। फिर तो सेठ की बीवी अपने दोनो बेटों के साथ नंगी होकर घर के चक्कर लगाती और फिर वो खूब मस्ती करते। उधर सेठ की बीवी की छोटी बहू अपने जेठ से और अपनी सास से मजाक मजाक में मजे करने के लिए कहती रहती। फिर जब उसे अपने पति का पता चला तो फिर तो वो उन तीनों मां बेटे के साथ खूब मस्ती मजाक करती। फिर तो सेठ की बीवी अपने दोनो बेटों के सामने ही अपनी छोटी बहू के बदन को सहलाने लग जाती। फिर सेठ का छोटा बेटा भी अपनी बीवी से मस्ती करने लगता। उधर फिर मैं भी उनमें शामिल हो गई। फिर मैं, सेठ की बीवी और उसके दोनो बेटे और गोपीनाथ आपस मे मजे करने लगे। फिर एक दिन सेठ की बीवी अपनी छोटी बहू को कमरे में ले आई। तब कमरे में हम सब नंगे थे। फिर सबके सामने मैंने और सेठ की बीवी ने उसे नंगी कर लिया और फिर हम आपस मे मस्ती करने लगे। फिर सेठ की बीवी की छोटी बहू की सब शर्म चली गई तो फिर वो भी खुलकर मस्ती करने लगी। फिर सेठ के छोटे बेटे ने अपनी बीवी की सबके सामने चुदाई की। फिर तो सेठ के बड़े बेटे ने भी अपने छोटे भाई की बीवी की चुदाई की। इस तरह अब घर मे सेठ और सेठ के बड़े बेटे की बीवी को छोड़कर हम सब आपस मे मिलकर मस्ती करते थे।
 
 
सेठ के बड़े बेटे की बीवी ज्यादतर अपने कमरे में ही रहती और उदास रहती। फिर मैंने सेठ की बीवी से सब बात पूछी तो फिर उन्होंने बताया के उनका बड़ा बेटा जांच करवाने के लिए तैयार ही नही है। वो कहता है के मुझमें कोई कमी नहीं है। फिर उन्होंने मुझसे उसे समझाने के लिए कहा तो फिर मैंने कहा के मैं उसे समझा भी दूंगी तो भी लंबा मेडिकल प्रॉसेस चलेगा औए फिर उसमें भी कोई सफलता मिलेगी या नहीं। ये भी पता नहीं। फिर सेठ की बीवी बोली के तो फिर क्या करे। फिर मैंने कहा के उसकी चुदाई आपके पति या छोटे बेटे से करवा देते है तो उसे बच्चा हो जाएगा और किसी को पता भी नहीं चलेगा। फिर सेठ की बोली के क्या वो मान जाएगी। फिर मैंने कहा के मैं मना लुंगी उसे। फिर जब ये बात सेठ के बड़े बेटे को बताई तो उसे तो कोई दिक्कत नहीं थी। फिर मैं सेठ की बीवी की बड़ी बहू से बात करने गई। वो तब कमरे में लेटी थी। फिर मुझे देखकर वो उठकर बैठ गई। फिर हम बातें करने लगी। वो डिप्रेशन में रहती थी और ज्यादा हंसती बोलती नहीं थी। फिर उसकी बातों से मुझे पता लग गया के वो बच्चे के लिए कुछ भी कर सकती है। फिर उसने मुझसे कहा के आप मेरे लिए कुछ पूजा वगैरह कर दो ताकि मेरे बच्चा हो जाये। फिर मैंने कहा के बच्चे तो जैसे पैदा होते है वैसे ही होंगे। अकेली पूजा करने से क्या होगा। फिर रोने लगी और मुझसे बोली के मुझे बस एक बच्चा चाहिए। चाहे इसके लिए मुझे कुछ भी करना पड़े मैं करूंगी। फिर मैंने उसे चुप करवाया और फिर मैंने उससे कहा के ये एक मेडिकल प्रॉब्लम है और तुम्हारे पति अपनी जांच करवाने के लिए बिल्कुल भी राजी नहीं है। अगर वो तैयार भी हो जाये फिर भी क्या गारण्टी है के बच्चा हो ही जायेगा। फिर वो बोली के तो क्या करे। फिर मैंने उससे कहा के पुराने टाइम में जब किसी के बच्चा नहीं होता था तो वो औरत घर के ही किसी दूसरे मर्द से बच्चा पैदा कर लेती थी और इसमें कोई बुराई नहीं है और इसे गलत भी नहीं माना गया है। फिर ये सुनकर वो बोली के मेरे पति इसके लिए नहीं मानेंगे। फिर मैंने कहा के उन्हें छोड़ो तुम बताओ। फिर वो बोली के ठीक है। फिर मैंने उससे कहा के तुम अपने ससुर से कर लो। वैसे भी वो बुजुर्ग है और तुम्हे अपनी बेटी की तरह ही मानते है। फिर मेरी बात सुनकर वो शर्माने लगी और कुछ नहीं बोली। फिर मैंने उससे कहा के तुम शर्माओ मत। बच्चा तुम्हे चाहिए तो ये तुम्हे करना ही पड़ेगा। तुम्हारे पति को मैं मना लुंगी। फिर वो बोली के ठीक है।
 
 
फिर मैंने बाहर आकर ये बाकी सब को बताया तो सब काफी खुश हुए। उधर सेठ से भी मैंने इस बारे में बात कर ली तो वो भी काफी खुश हुए। उधर फिर सेठ की छोटी बहू को सेठ की और बड़ी बहू की शादी करवाने का आईडिया आया तो फिर मैंने सोचा के हां ये सही रहेगा। फिर मैंने साथ ही सेठ की बीवी की भी बड़े बेटे से शादी करवाने का सोचा। फिर हम सबने मिलकर इस पर विचार किया तो सब मान गए। फिर मैंने बड़ी बहू को उसकी उसके ससुर के साथ शादी करवाने के बारे में बताया तो वो कुछ नहीं बोली। उधर फिर मैंने उसे उसके पति और उसकी सास की शादी के बारे में बताया और कहा के इससे सब संकट चल जाएंगे। ये बात मैंने सेठ को भी बताई तो अब उसे क्या फर्क पड़ने वाला था। उधर फिर हम सब शादी की तैयारियां करने लगे। हमने घर को पूरा सजाया और फिर शादी के लिए बहुत शॉपिंग भी की। हमने सेठ की बीवी और बड़ी बहू के किये सेक्सी लहंगे लिए और सेठ और बड़े बेटे के लिए सिर्फ धोती ली। फिर हमने घर में दो मंडप लगाए और मैंने और छोटी बहू ने मिलकर दो कमरों को सुहागरात के लिए सजाया। सब लोग इससे काफी खुश थे। फिर शादी वाले दिन बड़ी बहू को और सेठ की बीवी को मैं और छोटी बहू तैयार करने लगी। हम दोनों ने पहले तो उन्हें बाथरूम में ले जाकर उन दोनों को नंगी करके उनके बदन पर उबटन लगाने लगी। उबटन लगाते वक्त मेरे और छोटी बहू के कपड़े खराब हो गए तो फिर हम भी नंगी हो गई। फिर उबटन लगाते टाइम हमने बड़ी बहू के काफी मजे लिए। हमने उसके बदन को खूब सहलाया जिससे वो गर्म हो गई और फिर उसकी चुत से पानी बहने लगा। तब ये देखकर छोटी बहू ने उससे कहा के अभी गर्म मत हो वरना ससुर जी ठंडे ही रह जाएंगे। उधर फिर सेठ की बीवी से मैंने कहा के आपके बेटे को आप पसंद तो आ जाओगी क्या। इस प्रकार की बातें करके हम उन दोनों के मजे ले रही थी।
 
 
फिर हमने उन दोनों की चुत के बाल साफ कर दिये और फिर नहाने के बाद बड़ी बहू बाथरूम से बाहर आकर अपने बदन को निहारने लगी। वो तब काफी सेक्सी लग रही थी। फिर मैं और छोटी बहू उन दोनों को तैयार करने लगी। उनके लिए लहंगा चोली लेकर आये थे। जिसे पहनने के बाद वो काफी सेक्सी लग रही थी। फिर मैं देखने के लिए गई के सेठ और उनका बड़ा बेटा तैयार हुआ के नहीं। फिर मैं जैसे ही सेठ के कमरे में गई तो देखा के वहां वो तीनो बाप बेटे थे और वो तीनो के तीनों नंगे थे। ये देखकर तो मैं देखती ही रह गई। फिर सेठ ने मुझे अंदर कमरे में खींच लिया और अपने दोनो बेटों के सामने ही अपनी बाहों में ले लिया। ये देखकर मैं थोड़ी हैरान हो गई। फिर मैं सेठ के छोटे बेटे को एक साइड में ले जाकर पूछने लगी के ये कैसे हुआ तो फिर वो बताने लगा के पापा ने कहा के अब हमें एक दूसरे की बीवियों के मजे लेने है तो शर्माना कैसा। हम खुलकर मजे करेंगे। ये सुनकर मैं काफी खुश हो गई। फिर वो तीनो मेरे बदन को सहलाने लगे। तब वहां मैंने वियाग्रा की टेबलेट देखी तो फिर सेठ के छोटे बेटे ने बताया के पापा और भाई ने वियाग्रा ले लिया है ताकि फुल मजे कर सके। सेठ और उनका बड़ा बेटा सिर्फ धोती पहनने वाले थे और उसमें उनका खड़ा लण्ड साफ दिखाई देने वाला था। ये सब सोचकर फिर मैंने भी कुछ सोचा और फिर मैं वापिस अपने कमरे में आ गई। जहां सेठ की बीवी और बड़ी बहू तैयार थी। फिर मैंने ये सब बात सेठ की बीवी और छोटी बहू को बताई तो फिर सेठ की बीवी बोली के फिर हम क्या करें। तो फिर मैंने कहा के आप दोनो भी सेक्सी बनकर जाना। फिर वो बोली के कैसे तो फिर मैंने और छोटी बहू ने सेठ की बीवी और बड़ी बहू की चोली को उतारकर उन्हें सिर्फ ब्रा पहना दी और फिर नीचे एक ट्रांसपेरेंट कपड़ा धोती की तरह बांध दिया। जिसमें से उनका बदन दिख रहा था। फिर ऐसे बाहर जाने में बड़ी बहू को शर्म आ रही थी। लेकिन फिर सेठ की बीवी ने अपनी ब्रा उतारकर सिर्फ एक ट्रांसपेरेंट कपड़ा बांध लिया और फिर उसमें से उनके बोबे बिल्कुल साफ दिख रहे थे। फिर उधर मैंने और छोटी बहू ने भी ऊपर ब्रा पहन ली और साड़ी बांध ली।
 
 
उधर फिर सेठ का छोटा बेटा हमे बुलाने आ गया था तो फिर मैं और छोटी बहू उन दोनों दुल्हनों को लेकर कमरे से बाहर गई तो सब हमें देखते ही रह गए। सेठ की बीवी तो तब घर मे मौजूद सभी मर्दो से मस्ती कर चुकी थी तो फिर वो तो अब बिल्कुल खुल चुकी थी पर बड़ी बहू शर्मा रही थी। उधर सेठ और बड़ा बेटा तो अपनी दोनो दुल्हनों को देखकर गर्म हो गए। उनके लण्ड उनकी धोती में ही पूरे खड़े हो गए और धोती को फाड़कर बाहर आने को तैयार हो गए। फिर दोनो दुल्हन और दूल्हे मंडप में बैठ गए तो गोपीनाथ उनकी शादी करवाने लगा। तब गर्मी के दिन थे और हवन वगैरह से गर्मी और भी ज्यादा बढ़ गई थी तो हम सब पसीने से भीग गए थे। फिर मैं और छोटी बहू दोनो दुल्हनों का पसीना पोंछने लगे। मैं बड़ी बहू का पसीना पोंछने लगी तो मैंने तो उसकी ब्रा में हाथ डालकर पसीना पोंछने लगी और फिर सबके सामने ही उसकी ब्रा सेट करने लगी और उसके बोबो को ब्रा से थोड़ा और बाहर निकाल दिया। तब तो वो शर्म से बिल्कुल पानी पानी हो चुकी थी। फिर ऐसे ही छोटी बहू जब सेठ की बीवी का पसीना पोंछने लगी तो उसने अपनी सास के बोबो से कपड़ा काफी नीचे तक कर दिया जिससे कि सेठ की बीवी के बोबो के निप्पल तक दिखने लगे। लेकिन फिर भी वो वैसे ही बैठी रही। ये देखकर उधर सेठ और बड़ा बेटा अपना लण्ड सहलाने लगे। फिर थोड़ी देर बाद जब फेरे लेने के लिए खड़े हुए तो फिर सेठ और बड़े बेटे ने अपनी धोती खोलकर एक बार तो आगे से पूरी ओपन कर दी जिससे कि उनके लण्ड सबको दिख गए और फिर ये देखकर हम सब मुस्कुराने लगे। फिर उन दोनो ने अपनी धोती फिर से बांध ली। फिर वो सब फेरे लेने लगे तो सेठ और बड़ा बेटा तो बड़ी बहू और सेठ की बीवी से पीछे से बिल्कुल चिपक कर चल रहे थे। जिससे उन दोनों के खड़े लण्ड सेठ की बीवी और बड़ी बहू की गाँड के टच हो रहे थे। तब तो बेचारी बड़ी बहू शर्म से लाल हो चुकी थी। फिर इतना ही नहीं सेठ तो फिर बड़ी बहू की कमर को पकड़कर चलने लगे। उधर चलते चलते सेठ की बीवी तो अपने बड़े बेटे का लण्ड धोती के ऊपर से ही सहलाने लगी। इस प्रकार वो सब मस्ती से फेरे ले रहे थे। तब फेरे लेते टाइम सेठ की बीवी के बोबे तो बिल्कुल नंगे हो चुके थे। लेकिन वो फिर ऐसे ही फेरे लेती रही। उधर सेठ भी कुछ कम नहीं था उसने बड़ी बहू के नीचे बांधे हुए कपड़े की गांठ खोल दी। जिससे कि कपड़ा खुलकर पूरा नीचे गिर गया और बड़ी बहू नीचे से पूरी नंगी हो गई। तब बड़ी बहू को इसका पता थोड़ी देर बाद चला तब तक वो थोड़ा आगे निकल गई थी। फिर वो बेचारी अपनी चुत पर हाथ रखकर खड़ी हो गई और तब सेठ उसके साथ खड़े होकर उसकी गाँड सहलाने लगे।
 
 
फिर मैंने जाकर फिर से उसका कपड़ा बांधा। 7 फेरे तो कब के पूरे हो चुके थे लेकिन फिर भी वो सब घूमते रहे। फिर थोड़ी देर बाद वो बैठ गए और फिर सेठ और बड़े बेटे ने बड़ी बहू और सेठ की बीवी की मांग में सिंदूर भरा और फिर मंगलसूत्र बांधा। अब वो एक दूसरे के पति पत्नी बन चुके थे तो फिर सेठ और बड़ा बेटा तो अपनी अपनी बीवियों को लेकर कमरे में जाने लगे। लेकिन फिर उन्हें हमने रोका और फिर छोटी बहू ने फ़ोटो वगैरह खींचने के लिए कहा। तो फिर पहले तो बड़ा बेटा अपनी मां के साथ फोटो खिंचवाने लगा। तब बड़े बेटे ने तो अपनी मां को अपनी बाहों में ले लिया था और फिर उसके बोबे भी सहलाने लगा था। फिर उनके साथ मैं, छोटी बहू और छोटे बेटे ने भी खड़े होकर फ़ोटो खिंचवाई। तब बड़े बेटे ने तो अपने छोटे भाई की बीवी की कमर में हाथ डालकर और उसे अपनी बाहों में लेकर फ़ोटो खिंचवाई और उधर छोटे बेटे ने भी अपनी मां को बाहों में लेकर फ़ोटो खिंचवाई। फिर बड़ा बेटा तो शरेआम अपनी मां के किस करने लगा। ये सब देखकर तो सब और भी ज्यादा गर्म हो गए थे। पर अभी सेठ और बड़ी बहू की बारी बाकी थी।
 
 
फिर सेठ अपनी नई बीवी यानी अपनी ही बड़ी बहू के साथ फोटो खिंचवाने लगे। सेठ बड़ी बहू को अपनी बाहों में लेकर तो कभी उसकी कमर को पकड़कर फ़ोटो खिंचवाने लगे। फिर सेठ भी सबके सामने अपनी ही बड़ी बहु के बोबो को दबाने लगे। फिर इस बार सेठ ने चालाकी से बड़ी बहू की ब्रा के हुक खोल दिये। जिससे ब्रा ढीली होकर आगे की और लटक गई और फिर बड़ी बहू के बोबे दिखने लगे। फिर सेठ खुद ही ब्रा के हुक लगाने लगे। फिर छोटा बेटा और छोटी बहू फ़ोटो खिंचवाने गए तो फिर छोटी बहू तो सेठ की तरफ खड़ी हो गई और छोटा बेटा बड़ी बहू की तरफ़। फिर छोटा बेटा तो अपनी भाभी के साथ खुलकर फ़ोटो खिंचवाने लगा। वो कभी उसकी कमर में हाथ डालता तो कभी अपनी बाहों में लेता। उधर सेठ भी अपनी छोटी बहू की कमर में हाथ डालकर फ़ोटो खिंचवाई। उधर फिर छोटी बहू ने अपने ससुर को एक गिफ्ट दिया। फिर जब सेठ ने वो गिफ्ट खोला तो उसमें एक बड़ा सा डिलडो था। डिलडो देखकर सेठ के तो होश उड़ गए। फिर छोटी बहू हँसकर अपने ससुर से कहने लगी के जब आप थक जाओ तो ये काम मे ले लेना। ये सुनकर सब हँसने लगे। फिर सेठ ने वो बड़ी बहू को दे दिया। बड़ी बहू को वो रबड़ का लण्ड हाथ मे पकड़ने से काफी शर्म आ रही थी। सबको ऐसे मस्ती मजाक करने में मजा आ रहा था तो फिर ससुर ने बड़ी बहू को अपनी गोद मे उठा लिया और फिर ऐसे ही फ़ोटो खिंचवाने लगे। फिर कुछ देर बाद जब सेठ ने उसे नीचे उतारा तो फिर सेठ की धोती खुल गई और सेठ पूरे नंगे हो गए। फिर सेठ अपनी धोती उठाने के बजाय अपना लण्ड सहलाने लगे।
 
 
ये देखकर हम सब हँसने लगे। फिर बड़ी बहू ने धोती उठाई और फिर बांधने लगी। फिर तब सबको भूख लग चुकी थी तो फिर हम सब एक कमरे में चले गए और ऐसी ऑन करके बैठ गए। फिर मैं और छोटी बहू बड़ी बहू और सेठ की बहू को लेकर दूसरे कमरे में लेकर गई और फिर बड़ी बहू को तो बिकिनी पहनाई जिसमे उसकी सारी गाँड दिख रही थी और बस चुत ही छुपी हुई थी। उधर सेठ की बीवी ने भी एक ऐसी ही बिकिनी पहन ली। फिर उन दोनों को लेकर जैसे ही हम कमरे में गए तो देखा के सेठ और उसके दोनो बेटे बिल्कुल नंगे थे। फिर हमें देखकर सेठ ने अपने लण्ड पर धोती डाल ली। सेठ तब बेड पर सोया था। फिर सेठ ने बड़ी बहू का हाथ पकड़कर अपने पास बैठा लिया और फिर उसका हाथ पकड़कर धोती के नीचे से अपने लण्ड पर रख लिया। अब बेचारी बड़ी बहू क्या करती वो फिर अपने ससुर और नए पति का लण्ड हिलाने लगी। उधर बड़े बेटे ने भी अपनी मां को अपनी बाहों में ले लिया और फिर वो बोबे चुसने लगा। फिर मैंने और छोटी बहू ने सबको खाना खिलाया। खाना खाने के बाद सेठ तो वहीं पर बड़ी बहू से रोमांस करने लगे। उधर बड़े बेटे ने भी अपनी मां के दोनो बोबो को बाहर निकालकर चुसने लगा था।
 
 
फिर हमने पहले बड़ी बहू और सेठ को उनके कमरे में भेज दिया। उनके साथ मैं और छोटी बहू गई। फिर हमने बड़ी बहू को नंगी करके बेड पर सुला दिया और उसके बोबो और चुत को फूलों से ढक दिया। फिर जब सेठ ने ये सब देखा तो फिर तो वो बड़ी बहू पर टूट पड़ा और हमारे सामने ही बड़ी बहू को उठाकर उसके बोबो को सहलाने लगा। फिर मैं और छोटी बहू वहां से आ गए। उधर फिर जैसे ही हम बड़े बेटे और उसकी मां वाले कमरे में पहुंचे तो देखा के बड़ा बेटा अपनी मां की चुदाई कर रहा था और सेठ का छोटा बेटा वहीं खड़े होकर अपना लण्ड हिला रहा था। गोपीनाथ भी वहीं था। फिर मैं और छोटी बहू भी नंगी होकर उन्हें देखने लगी। फिर हम सब चुदाई करने लगे। तब दोपहर के 4 ही बजे थे। फिर शाम को मैं और छोटी बहू बिकिनी पहनकर सेठ के कमरे में गई तो देखा के सेठ तो बड़ी बहू को घोड़ी बनाकर चोद रहा था। फिर हमें देखकर वो बाथरूम में चला गया। फिर हम बड़ी बहू के पास गए तो वो हमें बताने लगी के सेठ तो उन्हें कई घण्टो से लगातार चोद रहा है। फिर मैंने कहा के ये तो अच्छा है तभी तो तुम जल्दी से प्रैग्नेंट होओगी। फिर सेठ बाथरूम से बाहर नंगा ही आ गया और फिर हमारे सामने अपना लण्ड हिलाने लगा। फिर मैं और छोटी बहू बिस्तर से खड़ी हो गई और फिर सेठ फिर से बड़ी बहू की चुदाई करने लगा। जिससे बड़ी बहू की सिस्कारियाँ पूरे कमरे में गूंजने लगी। फिर मैं और छोटी बहू वहां से आ गए। फिर रात को हम सेठ और बड़ी बहू का खाना उनके कमरे में ही दे आये थे। तब सेठ बड़ी बहू की चुत में डिलडो अंदर बाहर कर रहे थे। तब फिर मैंने सेठ को गर्म करने के लिए छोटी बहू की ब्रा खोलकर उसे ऊपर से नंगी कर दिया तो ये देखकर ससुर गर्म हो गए और फिर वो अपना लण्ड डालकर बड़ी बहू की चुदाई करने लगे। फिर हम हंसती हुई वहां से आ गई।
 
 
उधर सेठ की बीवी की भी उसके दोनों बेटे मिलकर खूब चुदाई कर रहे थे। फिर अगले दिन सुबह सेठ बड़ी बहू के साथ अपने कमरे से बाहर आये तो तब सेठ ने अंडरवियर और बड़ी बहू ने एक सेक्सी सी बिकिनी पहन रखी थी। उधर सेठ की बीवी ने नेट वाली ब्रा पैंटी पहन रखी थी और मैंने और छोटी बहू ने भी बिकिनी ही पहन रखी थी। फिर बड़ी बहू ने उबासी लेनी शुरू कर दी तो फिर मैंने हंसते हुए कहा के लगता है रात सेठ ने सोने नहीं दिया। ये सुनकर सब हँसने लगे। उधर फिर छोटी बहू ने सेठ की बीवी से पूछा के आपका क्या हाल रहा। फिर सेठ की बीवी ने मुंह बिगाड़ते हुए कहा के पता नहीं इन्होंने इसे क्या खाकर पैदा किया था। जो कि रुका ही नहीं रात भर। तब हम डाइनिंग टेबल पर बैठकर नाश्ता कर रहे थे। फिर सेठ तो वहीं बड़ी बहू की पैंटी में हाथ डालकर उसकी चुत सहलाने लगा। उधर फिर बड़े बेटे ने दूध लाने के लिए कहा तो फिर सेठ की बीवी अपने बोबो को बाहर निकालते हुए बोली के ले पीले। फिर उधर सेठ ने भी बड़ी बहू की ब्रा के हुक खोल दिये और फिर वो भी बोबे चुसने लगे। बड़ी बहू कुछ नहीं बोली और बस ऐसे ही बैठे रही। इतना ही नहीं फिर सेठ ने तो बड़ी बहू की पैंटी खोलकर नीचे पैरों तक खिसका दी। फिर सेठ ने बड़ी बहु की ब्रा को कंधों से नीचे कर दिया और फिर बड़ी बहू के बोबे एकदम साफ दिखने लगे। ये सब देखकर तो सब गर्म हो गए। फिर सेठ ने अपना अंडरवियर नीचे कर दिया और फिर बड़ी बहू से अपना लण्ड सहलवाने लगे। उधर फिर सेठ की बीवी ने भी अपनी ब्रा पूरी खोल दी थी। फिर सेठ ने बड़ी बहू को हम सबके सामने खड़ा किया और फिर उसे डाइनिंग टेबल पर झुकाया और फिर पीछे जाकर उसकी चुदाई करने लगे। ये देखकर तो सब देखते ही रह गए। फिर तो बड़ा बेटा भी अपनी मां की पैंटी खोलकर चुत चाटने लगा। ये देखकर छोटा बेटा बेटा भी अपनी मां के बदन को चूमने लगा। फिर उधर मैं और छोटी बहू भी एक दूसरे से चिपक कर मस्ती करने लगी।
 
 
फिर बड़ी बहू की चुदाई के बाद सेठ बड़ी बहू को नंगी ही लेकर कमरे में चले गए और उधर सेठ के दोनो बेटे अपनी मां को लेकर कमरे में चले गए और चुदाई करने लगे। फिर तो हम घर पर सब अधनंगे से ही रहने लगे और खूब मजे करने लगे। फिर 2-3 दिन की चुदाई के बाद बड़ी बहू को महसूस हुआ के जैसे वो प्रेग्नेंट हो गई है। फिर मैंने चेक किया तो वो प्रेग्नेंट तो हो चुकी थी लेकिन फिर मैंने उससे कहा दिया के वो प्रेग्नेंट नहीं हुई है। फिर मैंने सेठ के छोटे बेटे को बड़ी बहू की चुदाई करने के लिए कहा तो फिर उसने अपनी भाभी की कुछ दिनों तक काफी चुदाई की। उधर मैं और छोटी बहू सेठ से मजे करते रहे। फिर कुछ दिनों बाद जब मैंने फिर से चेक किया और बड़ी बहू को बताया के वो प्रेग्नेंट हो चुकी है। ये सुनकर तो वो बहुत खुश हुई। फिर तो घर पर सब खुल्लम खुल्ला होने लगा। फिर तो हम सब मिलकर एक साथ चुदाई करने लगे। फिर सेठ को अपने बिजनेस में काफी फायदा हुआ तो हम सब और भी ज्यादा खुश हुए। फिर तो सेठ भी अपने बेटों के साथ मिलकर अपनी बीवी और अपनी दोनो बहुओं की चुदाई करता। अब घर मे वो तीनो नंगी ही रहती थी। फिर मैं और गोपीनाथ वापिस आ गए।
 
 
इस प्रकार सपना के मुंह से ये सब बातें सुनकर मेरा तो लण्ड खड़ा हो चुका था और बीच मे कई बार मैंने सपना की चुदाई भी की थी। फिर रात हो चुकी थी तो उन नौकरों ने खाना वगैरह बना लिया था। फिर खाना खाकर सपना तो उन पांचों नौकरों के साथ दूसरे कमरे में चली गई और मैं, सास और रिया दूसरे कमरे में लेट गए। फिर मैंने सास को सलमा के घर हुई रिया की चुदाई के बारे में बताया तो वो तो सुनकर काफी हैरान हुई। फिर वो बोली के इसने तो अपनी मां को भी पीछे छोड़ दिया है। ये सुनकर हम तीनों हँसने लगे। फिर मैं दूसरे कमरे में जाकर उन दोनों पुराने नौकरों को बुलाकर ले आया। फिर हम तीनों रिया और सास की चुदाई करने लगे और फिर साथ ही सो गए। फिर अगली सुबह हम सब उठकर काम वगैरह करने लगे। उस दिन रिया को स्कूल जाना था तो फिर मैं एक पुराने नौकर को साथ लेकर मोटरसाइकिल पर रिया को स्कूल छोड़ने जाने लगा। रिया भी हम दोनों के बीच बिल्कुल नंगी होकर बैठी थी। नौकर मोटरसाइकिल चला रहा था तो फिर रिया तो उस नौकर का लण्ड हिलाने लगी और फिर मैं भी रिया के बदन को सहलाने लगा। तब गर्मियों के दिन थे और सुबह सुबह का टाइम था तो सड़क एक दम खाली पड़ी थी। अगर सड़क पर कोई होता तो भी हमे कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ता था। फिर उस दिन हमारी मोटरसाइकिल में पेट्रोल खत्म हो गया और मोटरसाइकिल बंद हो गई। फिर हम तीनों मोटरसाइकिल से उतर गए। फिर पहले तो हमने सोचा के कुछ और प्रॉब्लम हो गई होगी और फिर हम वहीं सड़क पर ही देखने लगे। उधर तब रिया सड़क पर एकदम नंगी खड़ी थी। फिर कुछ देर बाद जब हमने पेट्रोल देखा तो टंकी पेट्रोल नहीं था। वहां से रिया का स्कूल भी दूर था। फिर रिया को नंगी घूमता देख मेरा और नौकर का लण्ड खड़ा हो गया। तो फिर मैं वहीं सड़क पर ही लेट गया और रिया मेरे लण्ड पर बैठकर ऊपर नीचे होने लगी। तब नौकर ध्यान रख रहा था के कहीं कोई आ न जाये। फिर मैं झड़ गया तो फिर रिया घोड़ी बनकर नौकर से चुदवाने लगी। चुदाई के बाद मैंने नौकर को पास के ही गांव से पेट्रोल लाने के लिए भेज दिया और मैं रिया को लेकर पास ही बने एक कमरे में चला गया। वो कमरा बिल्कुल सड़क के पास ही था। उस पर ना कोई छत थी और ना ही कोई गेट था। फिर उस कमरे में जाकर रिया ने अपना बैग एक कोने में टांग दिया और फिर मैं भी कपड़े खोलकर पूरा नंगा हो गया। फिर हम दोनों एक दूसरे से मस्ती करने लगे।
 
तभी वहां पर 3 आदमी आ गए और वहीं कमरे से थोड़ी दूर बैठ गए और बातें करने लगे और अंदर मैं और रिया मस्ती कर रहे थे। हमे उनका बिल्कुल भी डर नहीं था। फिर रिया ने मेरा लण्ड चुस्कर खड़ा कर दिया तो फिर हम चुदाई करने लगे। फिर चुदाई के बाद भी हम दोनों काफी देर तक नंगे ही एक दूसरे से चिपके रहे। फिर मैं और रिया कपड़े पहनकर जब कमरे से बाहर आये तो उन्होंने हमें देख लिया। फिर हम वहीं पर बैठकर नौकर का इंतजार करने लगे। तब हमने अपने मुंह ढक रखे थे। फिर हम दोनों को कमरे से निकलता देख वो तीनो सब कुछ समझ गए थे। फिर वो तीनो हमारे पास आये और हमसे बातें करने लगे। उन तीनों की उम्र 50 साल से तो ज्यादा ही थी। फिर उन तीनों ने मुझे एक साइड में बुलाया और फिर मुझसे कहा के हमे भी मजे करवादो। फिर मैंने कहा के मैं लड़की से पूछ लेता हूँ। फिर मैं रिया के पास आया और उसे सब कुछ बताया। फिर हम दोनों को भी मस्ती चढ़ गई तो फिर रिया को लेकर मैं कमरे में चला गया। ये देखकर वो तीनो काफी खुश हुए और फिर कमरे में आ गए। तब रिया ने स्कूल की ड्रेस पहन रखी थी तो फिर वो अपनी ड्रेस खोलकर पूरी नंगी हो गई पर उसने अपने मुंह का कपड़ा नहीं हटाया। रिया को नंगी देखकर वो तीनो देखते ही रह गए। फिर वो तीनो भी नंगे हो गए और रिया के बदन को सहलाने लगे। फिर रिया उनके लण्ड हिलाने लगी। फिर रिया घोड़ी बन गई तो फिर वो तीनो एक एक करके रिया की चुदाई करने लगे। तब मैं उनकी चुदाई देखने लगा। तभी नौकर भी पेट्रोल लेकर वहीं आ गया। फिर उसे देखकर वो तीनो आदमी थोड़ा डर गए तो फिर मैंने उससे कहा के वो हमारे साथ ही है। फिर नौकर भी गर्म हो गया और मेरा भी लण्ड खड़ा हो चुका था तो फिर मैंने और नौकर ने भी रिया की एक बार और चुदाई की।
 
 
फिर चुदाई के बाद मैं, रिया और नौकर कपड़े पहनकर मोटरसाइकिल पर बैठकर वहां से आ गए। फिर ऐसी चुदाई के बाद मेरा मन फिर से रिया की चुदाई करने के लिए करने लगा। पर उसे स्कूल भी जाना था। फिर इसके बारे में मैंने रिया से बात की तो फिर रिया ने कहा के स्कूल में कई लड़के लड़कियां ऐसे है जो स्कूल में पढ़ने नहीं आते है बस एग्जाम देने ही आते है। ये सुनकर मैंने सोचा के बन गई बात। फिर उस दिन मैं रिया के साथ ही स्कूल गया और स्कूल के हेडमास्टर को ऐसे ही कोई झूठी कहानी सुनाई तो फिर वो मान गया और फिर उसने कहा के रिया घर पर रहकर ही पढ़ सकती है। बस थोड़े पैसे ज्यादा लगेगें। फिर मैंने उससे कहा के मैं पैसे देने के लिए तैयार हूँ। फिर वो हैडमास्टर मान गया तो फिर मैं रिया को वापिस अपने साथ लाने लगा तो फिर वो हेडमास्टर बोला के आज तो कम से कम पढ़ लेने दीजिए तो फिर मैंने उससे कहा के वो घर पर ही पढ़ लेगी। इतना कहकर मैं रिया को लेकर स्कूल से बाहर आ गया। तब मैं और रिया काफी खुश हुए। फिर नौकर के साथ मोटरसाइकिल पर चढकर हम स्कूल से थोड़ा दूर आ गए। फिर हम एक जगह रुक गए तो फिर रिया तो अपनी ड्रेस खोलकर सड़क पर ही पूरी नंगी हो गई और फिर उसने अपनी ड्रेस अपने स्कूल के बैग में डाल दी और फिर रिया को देखकर मैं और नौकर अपना लण्ड बाहर निकालकर हिलाने लगे। ये देखकर रिया मुस्कुराने लगी। फिर हम तीनों झाड़ियों के पीछे चले गए और फिर मैं और नौकर नंगे होकर रिया की चुदाई करने लगे। फिर चुदाई के बाद हम तीनों लेट गए और सोचने लगे के अब क्या किय्या जाए। फिर मैंने रिया से कहा के हम इसके बारे में घर पर किसी को नहीं बताएंगे और रोज स्कूल के बहाने बाहर आकर मजे करेंगे। रिया को भी ये बात काफी अच्छी लगी। फिर मैंने उस भेड़ बकरियां चराने वाले आदमी को फोन किया तो फिर वो बोला के मेरे साथ मेरे दो साथी है आप आ जाओ। फिर उसकी बात सुनकर मैंने और नौकर ने कपड़े पहने और फिर रिया को नंगी ही मोटरसाइकिल पर बैठकर वहां जाने लगे। फिर कुछ ही देर में हम उसके पास पहुंच गए। फिर जब उसके दोनो साथियों ने रिया को नंगी देखा तो वो देखते ही रह गए।
 
 
फिर रिया और हम अब वहां बने कमरे में चले गए हमऔर फिर रिया जाकर खटिया पर लेट गई। उधर मैं, नौकर और वो तीनो मर्द नंगे हो गए। फिर एक-एक करके बारी-बारी से हम रिया की चुदाई करने लगे। हम पांच मर्द थे और बारी बारी से कर रहे थे तो जब पांचवा मर्द करता तब तक पहले मर्द का फिर से खड़ा हो जाता। इस प्रकार हम सबने 2-3 बार रिया की चुदाई की। फिर चुदाई के बाद हम सब कमरे से बाहर आकर घूमने लगे। रिया मेमनों से खेलने लगी। फिर भेड़ बकरियां चराने वाले आदमी के एक साथी ने बताया के वो तो अब तक भेड़ बकरियों की चुदाई करके ही जिंदगी काट रहे थे। ये सुनकर रिया हँसने लगी। फिर रिया उन भेड़ बकरियों के बीच घोड़ी बनकर घूमने लगी। तो फिर एक आदमी रिया की चुदाई करने लगा और हम बाकी सब भेड़ बकरियों की चुदाई करने लगे। मुझे तो मजा आ गया था उनकी चुदाई करके। वहां आसपास खेत ही खेत थे और वहां से थोड़ी ही दूर एक मिट्टी का पहाड़ था तो फिर हम सब नंगे ही उस पहाड़ पर चले गए। वो पहाड़ ज्यादा तो ऊंचा नहीं था पर फिर भी उस पर चढ़कर आसपास का नजारा काफी अच्छा दिखाई देता था। फिर हम सब वहां जाकर बैठ गए और फिर हम सब मर्द अपना लण्ड हिलाने लगे। फिर रिया बारी बारी से सब के लण्ड पर बैठकर चुदने लगी। फिर हम सब मर्द झड़ने वाले हुए तो हमने सारा पानी रिया के मुंह और बोबो पर निकाल दिया। फिर हम सब वहां से वापिस आ गए और आकर फिर नहाने लगे। फिर नहाने के बाद भी हम सबने रिया की काफी चुदाई की। फिर मैंने रिया से कहा के हम अब से स्कूल जाने की बजाय यहीं आ जाया करेंगे और खूब मस्ती किया करेंगे।
 
 
फिर जब शाम होने को हुई तो फिर मैं, नौकर और रिया घर चले गए। जब घर गए तो देखा के सपना और सास आंगन में नौकरों के साथ लेटी थी और मजे कर रही थी। फिर रिया जाकर सपना के पास बैठ गई और फिर वो सपना के बोबो और चुत को चुसने लगी। उधर नौकर भी सपना के बदन को सहला रहा था। फिर सपना गर्म हो चुकी थी तो फिर वो रिया को नीचे लेटाकर खुद ऊपर आ गई और फिर रिया के बदन को चूमने लगी। उधर फिर सास भी उनके पास चली गई। फिर वो तीनो औरतें एक दूसरे से मस्ती करने लगी और हम सब मर्द खड़े खड़े उन्हें देखने लगे। रिया सपना और सास को घोड़ी बनाकर उनकी मोटी मोटी गाँड में मुंह डालकर उनकी चुत और गाँड को चाटने लगी। जिससे उन दोनों को बहुत मजा आ रहा था। फिर रिया भी उनके बराबर जाकर घोड़ी बन गई और फिर वो तीनो हम सब मर्दो को चुदाई करने का इशारा करने लगी तो ये देखकर तो बाकी के नौकर तो सपना और सास की चुदाई करने लगे और मैं रिया की चुदाई करने लगा। फिर रिया ने चुपके से एक नए वाले नौकर को अपने पास बुलाया और फिर मुझे साइड होने के लिए कहा तो फिर मैं अपना लण्ड निकालकर साइड में खड़ा हो गया तो फिर रिया उसे अपनी चुत खोलकर दिखाने लगी तो वो देखता ही रह गया। फिर रिया ने उसका लण्ड पकड़कर अपनी चुत में डाल लिया और फिर वो चुदाई करने लगा। उधर दोनो नए नौकर सपना और सास की चुदाई कर रहे थे। सपना तो चुदाई में पूरी मगन थी। फिर जब सास को इसका पता चला तो वो हँसने लगी। फिर थोड़ी देर बाद रिया ने दूसरे नए वाले नौकर को बुलाया और फिर उससे भी चुदाई करवाई और फिर तीसरे से भी चुदाई करवाई। फिर उन दोनों पुराने नौकरों से भी चुदाई करवाई। इस तरह रिया की चुदाई करके वो सब नौकर काफी खुश हो गए। फिर जब सब झड़ गए तो फिर एक नौकर तो जाकर खाना बनाने लगा और फिर सपना और सास दो नौकरों को लेकर पीछे की तरफ चली गई और भैंसों का दूध निकालने लगी। फिर दो नौकर वहीं रह गए तो फिर रिया और मैं उन दोनों को लेकर छत पर चले गए। वो दोनो नए वाले नौकर थे तो फिर उन दोनों से चिपकने लगी और फिर वो दोनो भी रिया के बदन को सहलाने लगे। फिर कुछ देर बाद जो नौकर नीचे खाना बना रहा था वो भी ऊपर आ गया। वो भी नए वाला ही नौकर था। फिर तो रिया उन तीनों के साथ मस्ती करने लगी।
 
 
तब उन तीनों के लण्ड फिर से खड़े हो चुके थे तो रिया ने उनके लण्ड हिलाकर उनका पानी निकाल दिया। फिर रात को खाना वगैरह खाने के बाद मैंने पुराने नौकरों को तो सपना और सास के पास भेज दिया और तीनों नए नौकरों को अपने पास बुला लिया। फिर मैंने उन तीनों नौकरों के साथ मिलकर रिया की काफी चुदाई की। रिया ने भी घोड़ी बनकर हमसे खूब चुदवाया। इस तरह फिर तो सब नौकर और मैं मिलकर रिया की चुदाई करते। रिया अब और भी ज्यादा सेक्सी हो गई थी। उसका बदन भरने लगा था और वो खुद भी अपने बदन का काफी ध्यान रखती थी। फिर अगले दिन जब स्कूल जाने की बारी आई तो मैं हर दिन बदल बदल कर नौकरों को अपने साथ ले जाता और फिर भेड़ बकरियां चराने वालो के पास चला जाता। फिर वहां हम दिन भर खूब मस्ती करते। हमारा मन रिया की चुदाई से भरता ही नही था तो हम दिन भर बस चुदाई ही करते रहते। फिर कई बार हम आसपास की जगहों पर नंगे ही घूमने चले जाते और फिर वहां भी चुदाई करते। उधर सपना अब मंदिर में लगभग गोपीनाथ कद साथ ही रहती थी तो सब उसे गोपीनाथ की बीवी समझने लगे थे और सपना सबको बताती भी यही थी। फिर सपना ने धीरे धीरे लोगो को अपने हुस्न के जाल में फंसाना शुरू कर दिया। फिर वो सेठ और उसके लड़के भी कई बार सपना से मिलने आ जाते और फिर मंदिर में ही सपना उनसे चुदवा लेती। फिर उनके अलावा भी सपना ने 5-10 लोगो को पटा लिया था और फिर सपना उनसे चुदाई भी करवाने लगी। वो सब लोग सपना के गुलाम बन गए थे और बस सपना की चुदाई ही करना चाहते थे। फिर सपना कभी-कभी उन सबको एक साथ बुला लेती और फिर उनके सामने नंगी होकर पूजा वगैरह करती और फिर उन सबसे चुदवाती। इस तरह गोपीनाथ के साथ-साथ सपना भी मशहूर हो गई थी। फिर इसके बारे में मैंने सपना के भाई नरेश को बताया और फिर उसे मैंने बुला लिया। फिर नरेश को मैंने गोपीनाथ से मिलवाया और फिर नरेश को सपना ने सेठ के घर जो हुआ उसके बारे में बताया तो ये सब सुनकर नरेश बहुत गर्म हो गया और फिर वो तो सपना को वहीं नंगी करके चोदने लगा। सपना अब लगभग मंदिर में ही रहती थी तो नरेश भी मंदिर में भी रहा और वो घर पर नहीं आया। फिर सपना तो नरेश के सामने ही लोगो से चुदवाती तो फिर ये देखकर नरेश काफी गर्म हो जाता और फिर वो भी सबके सामने सपना की चुदाई करता।
 
 
सपना सबके सामने थोड़े सेक्सी कपड़े पहनती तो सबका मन बस सपना की चुदाई का ही करता रहता। फिर उनमें से सपना लोगो को चुन लेती और फिर उनके साथ मस्ती करती। इस तरह सपना अब हर दिन नए लोगो से चुदवाने लगी थी। कई लोग सपना के एकदम नजदीक थे तो फिर उनसे सपना बाकी सब पर कंट्रोल रखती थी। फिर नरेश कुछ दिन रहकर चला गया और फिर हमने ससुर को बुला लिया तो फिर ससुर भी ये सब देखकर काफी गर्म हो गए और फिर वो भी कुछ दिन रहकर सपना की खूब चुदाई करते और फिर चले जाते। इसके अलावा ससुर तो सपना को अपने साथ ले जाकर भी सपना की खूब चुदाई करते। ससुर सपना को अपने चुदाई के शौकीन दोस्तो के पास ले जाते और फिर वो सब अलग अलग तरह से सपना की चुदाई करते। उधर फिर मैंने और रिया ने सास को स्कूल वाली बात बता दी और ये भी बता दिया था के वो स्कूल के बहाने उनके पास जाकर मस्ती करती है। फिर वो कुछ नहीं बोली। फिर रिया घर से मेकअप वगैरह करके और थोड़ा सज सवँरकर जाने लगी तो ये देखकर सपना ने भी उसे कुछ नहीं कहा। फिर कई बार जब मुझे कुछ काम होता तो मैं सपना को दो नौकरों के साथ भेज देता और उन्हें उसका ध्यान रखने के लिए कह देता। फिर रिया जब शाम को आती तो वो मुझे सब बताती के उसने आज कैसे कैसे मस्ती की। फिर तो छुट्टी वाले दिन मैं रिया को लेकर सलमा के पास चला जाता। फिर वहां रिया अब्बास से और सलमा के ग्राहकों से रिया खूब चुदवाती। हमारे गांव में मेरे कई जानने वाले भी रिया की चुदाई कर चुके थे। फिर एक दिन मैं रिया के साथ सपना को भी सलमा के घर ले गया। वो दोनो एक दूसरे से मिलकर काफी खुश हुई। सपना को भी सलमा के बारे में पहले से पता था और सलमा को भी मैंने सलमा के बारे में बता दिया था। फिर वो दोनो जल्द ही दोस्त बन गई और उन्होंने एक दूसरे से खूब बातें की। फिर वहां रिया ने सपना के सामने ही अब्बास से चुदवाया तो सपना ने कुछ नहीं कहा। फिर मैंने भी सपना के सामने सलमा की दोनो बेटियों और फिर सलमा और सपना की भी एक साथ चुदाई की। फिर सलमा के कुछ ग्राहक आये हुए थे तो फिर सलमा ने उनसे सपना को चुदवाया। उनसे चुदवाकर सपना काफी खुश हुई। फिर सलमा ने सपना से कहा के एक दिन मैं तुम दोनो मां बेटियों को एक साथ अपने ग्राहकों से चुदवाउंगी ये सुनकर हम सब हँसने लगे। फिर ये बात सुनकर सपना को पता नहीं क्या हुआ फिर सपना ने सलमा से कहा के रिया वैसे भी अपने पापा और तुम्हारे बेटे से चुदवा चुकी है। अब क्या फर्क पड़ता है, चाहे कितने भी लण्ड अंदर जाए। उधर सपना एक दो बार सलमा और उसकी बेटियों को एक साथ चुदवाते हुए देख चुकी थी तो फिर उसका मन भी ऐसा करने के लिए करने लगा था।
 
 
फिर इसके बारे में सपना ने जब रिया से पूछा तो वो भी झट से तैयार हो गई। फिर क्या था एक दिन सपना और रिया तैयार होकर कमरे में चली गई। तब उन दोनों ने सेक्सी शार्ट ड्रेस पहन रखी थी। तब उन दोनों ने इतना ज्यादा मेकअप कर रखा था के उन दोनों को कोई नहीं पहचान सकता था। फिर थोड़ी देर बाद सलमा ने दो मर्दो को कमरे में भेज दिया। वो दोनो मर्द थोड़े बॉडीबिल्डर टाइप के ही थे। फिर अंदर जाते ही वो दोनो सपना और रिया के बदन को सहलाने लगे और मस्ती करने लगे। फिर वो चारो नंगे हो गए तो फिर सपना और रिया उन दोनों का लण्ड चुसने लगी। फिर वो दोनो सपना और रिया की चुदाई करने लगे। सपना ने जब रिया को चुदते देखा तो वो काफी गर्म हो गई। फिर एक राउंड के बाद सपना रिया की चुत सहलाने लगी और उधर एक मर्द का लण्ड सहलाने लगी। फिर सपना ने अपने हाथों से उस मर्द का लण्ड रिया की चुत में डाल दिया और फिर वो रिया की चुदाई करने लगा। कमरे से सपना और रिया की सिसकारियों की आवाजें आ रही थी। फिर चुदाई के बाद जब वो दोनो मर्द कमरे से बाहर निकले तो फिर मैं और सलमा कमरे में गए तो फिर वो दोनो हमे देखकर मुस्कुराने लगी। फिर सलमा ने दो और मर्दो को अंदर भेज दिया तो फिर उन्होंने भी उन दोनों मां बेटी की काफी चुदाई की। इस तरह शाम तक सलमा ने लगभग 10 मर्दो को सपना और रिया के कमरे में भेजा। उस दिन सपना को काफी मजा आया और रिया ने भी काफी मजे किये। फिर शाम को हम आने लगे तो फिर सपना ने सलमा से कुछ दिनों बाद फिर आने के लिए कहा। तब अंधेरा हो चुका था और हम सलमा के घर से चलने के लिए तैयार थे तो फिर मैंने सपना से कहा के आज इतने मर्दो से चुद चुकी हो और अभी भी कपड़े पहनकर चलोगी क्या। फिर इतना सुनते ही सपना ने अपने कपड़े खोल दिये और बस ब्रा पैंटी में ही रह गई। फिर मैंने कहा के ये भी खोल दो। आज मैं तुम दोनो मां बेटी को घर पर नंगी ही लेकर जाऊंगा। ये सुनकर सपना, सलमा और रिया हँसने लगी। फिर सपना और रिया बिल्कुल नंगी होकर बैठ गई और फिर मैं उन दोनों को बैठाकर गांव के बीच मे से लाने लगा। हालांकि तब सपना ने अपने पीछे एक कपड़ा लपेट लिया था। वो अगर बिल्कुल नंगी होकर बैठ जाती तो सबको वहीं पता चल जाता।
 
 
फिर गांव से बाहर निकलते ही सपना ने वो कपड़ा हटा दिया और फिर वो एकदम नंगी होकर बैठ गई। फिर घर तक वो नंगी ही गई। फिर जब हम घर पहुंचे तो सपना और रिया के चेहरे पर एक अलग ही स्माइल थी। फिर जब सास ने उन्हें ऐसे देखा तो फिर सास ने इसका कारण पूछा। तो फिर सपना ने सास को सब कुछ बता दिया। सास भी ये सब सुनकर गर्म हो गई के वो दोनो आज एक रंडी के घर गैर मर्दो से चुदकर आई है। फिर सास बोली के तुम दोनो तो रंडियों से भी आगे निकल गई हो। ये सुनकर वो तीनो मां बेटी ही हँसने लगी। फिर रात को खाना वगैरह खाने के बाद हम सब एक कमरे में चले गए और फिर सपना ने उन पांचों नौकरों से कहा के अब तुम लोग रिया की चुदाई कर सकते हो। पर सपना को कहां पता था के रिया उन सबसे पहले ही चुदवा चुकी है। लेकिन खैर फिर भी ये सुनकर वो सब काफी खुश हुए। फिर नौकर समेत हम 6 मर्द थे उस कमरे में तो फिर हम दो-दो मर्द मिलकर उन तीनों मां बेटियों की चुदाई करने लगे। फिर रात भर हम सब मर्दो ने मिलकर बदल-बदल कर उन तीनों मां बेटियों की काफी चुदाई की। फिर सुबह हम सब थोड़ी देरी से ही उठे। फिर एक नौकर चाय बनाने लगा और हम सब आकर आंगन में बैठ गए। तब रिया और सपना एक साथ बैठी थी और उनके पास ही एक नौकर बैठा था जिसका लण्ड खड़ा था तो फिर रिया खड़ी होकर उसकी गोद मे बैठने लगी तो फिर सपना ने नौकर को लण्ड रिया की चुत की सीध में कर दिया और फिर नौकर का पूरा लण्ड रिया की चुत में चला गया। फिर इतने में चाय आ गई तो फिर रिया ने उसके लण्ड पर बैठे बैठे ही चाय पी। फिर चाय पीने के बाद रिया खड़ी हो गई तो इतने में उस नौकर के लण्ड से पानी निकलने लगा। ये देखकर रिया और सपना हँसने लगी। फिर सपना उसका लण्ड मुँह में लेकर चुसने लगी। इस तरह फिर तो रिया का जब मन करता तब वो किसी भी नौकर से चुदवा लेती। सब नौकर मिलकर सपना के सामने ही रिया की काफी चुदाई करते।
 
 

 

अब सपना को रिया की चुदाई से कोई दिक्कत नहीं थी तो फिर मैंने और रिया ने सपना को भेड़ बकरियां चराने वालो से चुदाई के बारे में भी बता दिया तो फिर वो क्या कहती। फिर तो रिया और सपना दोनो एक साथ मेकअप वगैरह करके तैयार होती और फिर सपना तो मंदिर चली जाती और रिया मेरे साथ उन भेड़ बकरियां चराने वालो के पास। अब स्कूल जाने का नाटक नहीं करना पड़ता था तो रिया स्कूल बैग भी नहीं ले जाती थी। बस अपने एक जोड़ी कपड़े ले जाती थी ताकि कहीं जरूरत पड़ जाए तो पहन लें। इस प्रकार सपना और रिया तो बाहर जाकर मजे करती और सास घर पर ही नौकरों से चुदवाती। इस तरह हम सभी खूब मजे करते। रिया की अभी तक गाँड की चुदाई नहीं हुई थी और चुदाई के टाइम सब उसकी गाँड चुदाई करना चाहते थे तो फिर रिया ने इसके बारे में सपना से बात की तो फिर सपना बोली के वैसे तो तुम्हारी पहली चुदाई तुम्हारे 16 वें जन्मदिन के दिन होने वाली थी। लेकिन अब तुम इतने लोगो से चुदाई करवा चुकी हो तो गाँड भी मरवा लो। वरना कोई तुम्हारी गाँड फाड़ देगा। इससे अच्छा तुम पहले ही गाँड मरवाकर गाँड के छेद को बड़ा कर लो। फिर ये सुनकर रिया काफी खुश हुई। फिर एक दिन रिया की चुदाई करते टाइम मैंने रिया की गाँड में लण्ड डाल दिया। तब रिया को काफी दर्द हुआ। तब वहां पर सपना और सास थी तो उन्होंने रिया को संभाल लिया। फिर मैं पूरा लण्ड अंदर तक डालकर रिया की चुदाई करने लगा। फिर बाद में रिया को भी मजा आने लगा था। लेकिन फिर दर्द के कारण रिया को बुखार हो गई और फिर उसकी चाल भी बिगड़ गई। कुछ दिन तो उससे चला भी नहीं गया था लेकिन फिर भी हर दिन मैं रिया की गाँड मारता रहा। फिर जब रिया की गाँड का छेद थोड़ा खुल गया तो फिर इसके बाद तो सभी नौकरों ने भी रिया की गाँड की चुदाई की।

 

फिर रिया को भी गाँड मरवाने में मजा आने लगा तो फिर तो हम दो दो मर्द मिलकर एक साथ रिया की चुदाई करते। जिसमें रिया को भी काफी मजा आता। फिर तो रिया ने भेड़ बकरियां चराने वालो से भी अपनी गाँड मरवाई। इस प्रकार फिर रिया अब एक दम औरत बन चुकी थी और वो अब खूब जमकर चुदवाती। सलमा के पास गए हुए हमें काफी दिन हो चुके थे तो फिर इस बार मैं उन तीनों मां बेटी को एक साथ ले जाना चाहता था तो फिर मैंने पहले एक कार खरीद ली ताकि उसमें बैठकर हम सब एक साथ कहीं भी जा सके। फिर मैंने हमारे आने के बारे में सलमा को पहले ही बता दिया था तो फिर सलमा काफी खुश हुई और उसने सब इंतजाम कर लिए। उसने अपने ग्राहकों को भी आने के लिए कह दिया। ताकि उन तीनों मां बेटी की जमकर चुदाई की का सके। उधर सास भी काफी खुश थी और वो भी जमकर मस्ती करने के मूड में थी। फिर वो तीनों माँ बेटी सलमा के घर जाने के लिए तैयार हो गई तो फिर मैंने उन्हे नंगी होकर ही कार में बैठने के लिए कहा तो उन्होंने ऐसा ही किया। तब सपना आगे और सास, रिया पीछे बैठ गई। कार के शीशे काले थे तो बाहर से कोई अंदर कुछ भी नहीं देख सकता था। यहाँ तक की मैंने आगे वाला कार का शीशे पर भी काली फिल्म चढ़वा रखी थी तो किसी को भी कुछ भी दिखाई देने वाला नहीं था। वो तीनों माँ बेटी बिल्कुल नंगी थी और उनके पास पहनने के लिए और जरूरत पड़ने पर अपने आपको छुपाने के लिए कोई भी कपड़ा नहीं था।

 

फिर जब हम गाँव जाने लगे तो रास्ते में काफी लोग आ जा रहे थे उन्हे देखकर वो तीनों माँ बेटी काफी खुश हो रही थी और वो अंदर बैठी बैठी उनकी तरफ काफी गंदे गंदे इशारे कर रही थी और खूब हंस रही थी। इस प्रकार वो तीनों मस्ती कर रही थी। तब सुबह के 10 बज रहे थे और गर्मियों के दिन थे। फिर जब हम गाँव के एक दम नजदीक पहुँच गए तो फिर मैंने एक जगह कार रोक दी। तब मैंने आसपास देखा तो कोई नहीं था। फिर मैंने उन तीनों माँ बेटी से कहा के वो बाहर निकलकर जो कुछ भी करना चाहती है कर सकती है। ये सुनकर पहले सपना कार से उतरकर कार के पास ही खड़ी हो गई और फिर सास और रिया भी कार से उतर गई। उन तीनों को कार से नंगी ही बाहर देखकर मैं काफी गरम हो चुका था। उधर सपना चलकर कार के आगे जाकर खड़ी हो गई और फिर डांस करने लगी। फिर उधर सास और रिया सपना को देखकर हंसने लगी। फिर वो भी सड़क पर घूमने लगी। फिर उन तीनों ने सड़क के किनारे बैठकर पेशाब भी किया। फिर मैं भी नंगा हो गया और फिर बीच रास्ते वो तीनों मेरा लंड सहलाने लगी और फिर रिया तो मेरा लंड चूसने लगी। फिर मैं रिया को ले जाकर कार में पीछे की तरफ बैठ गया और फिर सपना और सास भी कार में आकर बैठ गई। फिर कार बंद करके मैंने रिया को अपनी गोद में बैठा लिया और फिर रिया मेरा लंड अपनी चुत मे लेकर ऊपर नीचे होने लगी। तब वहाँ से पास से लोग गुजर रहे थे और अंदर हम चुदाई कर रहे थे।

 

फिर चुदाई के बाद मैं आगे आकर बैठ गया और फिर हम सब नंगे बैठकर ही जाने लगे। फिर जब कार गाँव के बीच से गुजर रही थी तो सपना तो अपने दोनों बोबो को हाथ मे पकड़कर लोगों को ऐसे दिखाने लगी के जैसे वो सच में देख रहे हो। तब हम सबको काफी मजा आ रहा था। फिर हम ऐसे मजे करते करते सलमा के घर पहुँच गए। फिर तब सलमा के घर कोई नहीं था तो फिर हम सब कार से नंगे ही उतरकर घर में चले गए। सलमा को हम सब को देखकर काफी खुश हुई। फिर सलमा और उसकी दोनों बेटियाँ नंगी हो गई। अब घर में सलमा, सपना और सास तीन बड़ी उम्र की औरतें और सलाम की दोनों बेटियाँ और रिया तीन जवान लड़कियाँ थी और मैं और सलमा का बेटा अब्बास बस दो ही मर्द थे। फिर सलमा ने सास और सपना से काफी बातें की और उधर रिया सबके सामने ही अब्बास के लंड हो सहलाने लगी। फिर सलमा तो सास के साथ मस्ती करने लगी और फिर सास भी सलमा के बदन को सहलाने लगी। उधर सपना रिया और अब्बास के पास चली गई तो फिर अब्बास उन दोनों के बदन को सहलाने लगा और फिर उन दोनों को घोड़ी बनाकर बारी बारी से चोदने लगा। उधर मैं भी सलमा की दोनों बेटियों से मस्ती करने लगा। फिर सास भी रिया और सपना के पास जाकर घोड़ी बन गई तो फिर अब्बास सास की भी चुत और गाँड मारने लगा और उधर फिर मैंने भी सलमा और उसकी दोनों बेटियों को घोड़ी बनाकर चोदने लगा था। फिर चुदाई के बाद हम फिर से बातें करने बैठ गए।

 

फिर सलमा ने बताया के वो अपनी दोनों बेटियों को अब्बास के साथ किसी बड़े आदमी के यहाँ भेज रही है और अब आने वाले ग्राहकों को उन तीनों माँ बेटियों को ही संभालना है। ये सुनकर वो तीनों माँ बेटी मुस्कुराने लगी। फिर अब्बास और सलमा की दोनों बेटियाँ तो चले गए और अब सिर्फ घर पर हम लोग ही रह गए थे। फिर सलमा और मैं तो दूसरे कमरे में चले गए और फिर सलमा किसी को फोन करने लगी। उधर वो तीनो मां बेटी अपना मेकअप वगैरह करके तैयार होने लगी। फिर सलमा के फोन करने के कुछ देर बाद ही पहले एक लड़का आया और फिर उसे सलमा ने उन तीनों मां बेटी वाले कमरे में भेज दिया। फिर हमने देखा के वो लड़का सपना को साथ लेकर दूसरे कमरे में चला गया और फिर वो चुदाई करने लगे। चुदाई के बाद वो दोनो कमरे से बाहर निकले और फिर सपना तो वापिस दूसरे कमरे में चली गई और वो लड़का सलमा को पैसे देकर चला गया। फिर इसी प्रकार एक के बाद एक सलमा के ग्राहक आने लगे। फिर वो उन तीनों मां बेटियों वाले कमरे में उनमें से किसी एक या दो को या तीनो को ही लेकर दूसरे कमरे में जाकर खूब चुदाई करते। कभी कभी तीन लोग आते तो वो एक साथ उन तीनों मां बेटियों की चुदाई करते। ऐसे चुदाई करवाने में सास को भी काफी मजा आ रहा था। फिर शाम होते होते 50 लोग आ चुके थे और उन तीनों मां बेटियों की चुदाई कर चुके थे। फिर शाम हो गई तो फिर सलमा के ग्राहक आने बंद हो गए और फिर हम सब खाना वगैरह खाकर बातें करने लगे। फिर वो चारों औरतें एक दूसरे से मस्ती करने लगी तो फिर मैं भी बारी बारी से उन सबकी चुदाई करने लगा। फिर हम सब सो गए।

 

अगले दिन फिर सुबह ही हम सब नहा धोकर तैयार हो गए और वो तीनो मां बेटियां तो मेकअप वगैरह करके एक दम सेक्सी बन गई। फिर तब एक एक बार मैंने उन तीनों की चुदाई की। फिर सलमा के ग्राहक आने लगे तो फिर वही सिलसिला चालू हो गया। उस दिन शाम होते होते लगभग 100 लोग आ चुके थे और सबने मिलकर उन तीनों मां बेटियों की खूब चुदाई की। उन तीनों को चुदाई करने में काफी मजा आता था तो वो तीनो मजे से चुदवाती। इतना ही नहीं सपना तो नंगी ही कमरे से बाहर निकलकर पूरे घर मे घूम लेती। तब सलमा के पास उसके ग्राहक बैठे होते तो वो तो सपना को देखकर देखते ही रह जाते। इस तरह रिया और सास भी नंगी ही इधर उधर घूमती रहती। सलमा की काफी ऊपर तक पहुंच थी तो उसे रोकने वाला कोई नहीं था। इस कारण उसका धंधा शरेआम ही चलता रहता था। फिर कुछ दिन और यही सिलसिला चलता रहा और इन दिनों में उन तीनों मां बेटियों ने पता नहीं कितनी बार चुदाई करवाई थी। वो तीनो अब पूरी रंडी बन चुकी थी और उनमें लेशमात्र भी शर्म नहीं बची थी। वो तीनो अभी तक नंगी ही थी उन्होंने कपड़े पहने ही नहीं थे। सपना और रिया के साथ साथ सास भी दिखने में कुछ कम सेक्सी नहीं लगती थी। फिर सलमा के ग्राहक आना कम हो गए तो फिर वो तीनो मां बेटी उनसे चुदवा लेती। लेकिन अब इसमें मजा आना कम हो गया तो फिर एक दिन रात को हम सब बैठे बात कर रहे थे फिर सपना ने गांव घूमने की इच्छा जताई तो फिर मैं बोला इस टाइम तो फिर वो बोली के हां। हम नंगे ही घूमने जाएंगे। सपना की ये बात सुनकर मैं भी गर्म होने लगा। फिर उधर सलमा को तो नींद आ रही थी तो वो तो सो गई और फिर उन तीनों मां बेटी को लेकर मैं उनके साथ गांव में घूमने जाने को तैयार हो गया। तब हमने तीन बुर्के भी ले लिए ताकि अगर कोई जरूरत पड़े तो वो तीनो मां बेटी पहन सके। फिर हम चारो सलमा के घर से निकलकर गांव की गलियों में चलने लगे। तब वो तीनो मां बेटी एकदम नंगी बिना किसी शर्म और डर के चल रही थी। उन्हें देखकर फिर तो मैं भी नंगा हो गया। आसपास लोगो के घर वो तीनो मां बेटी बिल्कुल नंगी। फिर चलते चलते हम गांव में एक खुली जगह में आ गए। जहां आसपास काफी घर थे। तब रात काफी हो चुकी थी और सब सोए हुए थे। फिर हम वहां घूमने लगे। हम सब काफी सावधानी भी रख रहे थे ताकि हमें कोई देख न ले। फिर सपना बोली के काश मैं दिन में भी ऐसे नंगी होकर घूम पाती। ये सुनकर फिर सास बोली के अगर दिन में नंगी घूमोगी तो सब तुम्हारी चुत और गाँड फाड़ कर रख देंगे। फिर ये सुनकर हम सब धीरे धीरे हँसने लगे। मैं गर्म हो चुका था तो फिर गांव में अलग अलग पर मैंने उन तीनों की चुदाई की। फिर हम सब वापिस आ गए। फिर अगले दिन हमने ये सब सलमा को बताया तो सलमा ने बताया के वो तो दिन में भी नंगी रह चुकी है सबके सामने। फिर सपना ने उससे पूछा के कैसे तो फिर सलमा बताने लगी के एक बार गांव के लोगो ने मेरी शिकायत कर दी थी और घर पर पुलिस आ गई थी तो फिर मैं तो अपने सब कपड़े फाड़कर घर से बाहर चली गई। तब सब लोग इकठ्ठा हो गए थे। फिर मैं गली में घूमकर सबको गन्दी गन्दी गालियां देने लगी।

 

फिर इसके बाद कभी किसी ने मुझे कुछ नहीं कहा। सलमा की बात सुनकर सपना काफी गर्म हो गई और वो बोली के काश मैं भी ऐसा कुछ कर पाती। फिर सलमा हँसकर बोली के मेरी जानकारी में कुछ ऐसी जगह है जहां आये दिन ये सब होता रहता है अगर तुम चाहती हो तो वहां जाकर तुम अपनी इच्छा पूरी कर सकती हो। फिर ये सुनकर तो सपना काफी खुश हुई। फिर सपना ने कहा के तुम मुझे वहां ले जा सकती हो तो फिर सलमा ने कहा के हां एक बार अब्बास और मेरी दोनो बेटियां आ जाये फिर हम वहां चलेंगे। ये सुनकर तो सपना काफी खुश हो गई। उधर सास भी ये सुनकर गर्म हो चुकी थी और वो भी ऐसे करना चाहती थी। सलमा ने अभी तक किसी से शादी नहीं कि थी और उसके तीनो बच्चे भी पता नहीं किसके थे। फिर सलमा ने सपना और सास से मुझसे शादी करने के बारे में पूछा तो वो दोनो काफी खुश हुई और बोली के अब तो हम एक परिवार जैसे ही है। फिर सलमा ने कहा मुझे किसी से शादी करने की बहुत इच्छा है। फिर सपना ने कहा के तो फिर करलो अपनी इच्छा पूरी। फिर मैंने मस्जिद के एक मौलवी से बात की और फिर हमने कुछ दिन बाद शादी का दिन रख दिया। फिर अब्बास और सलमा की दोनो बेटियां आ गई तो फिर जब उन्हें ये पता चला के उनकी अम्मी मुझसे शादी कर रही है तो फिर वो भी काफी खुश हुई। फिर हम सब शादी की तैयारियां करने लगे। शादी के लिए सलमा की दोनो बेटियां और रिया ने अपने लिए सेक्सी सूट सिलवाये। जो कि एकदम टाइट थे और उनमें से उनके बोबो के उभार दिख रहे थे। उधर सास और सपना ने भी अपने लिए सूट सिलवाये लेकिन वो ट्रांसपेरेंट थे। जिसमे से उनका बदन थोड़ा थोड़ा दिखाई दे रहा था। रही बात सलमा की तो सलमा ने अपने लिए लहंगा लिया। जिसमे से उसके बोबे काफी हद तक दिखाई दे रहे थे। उधर मैंने और अब्बास ने सिंपल कुर्ते पायजामे सिलवाये। सलमा थोड़ी सी ज्यादा मोटी है पर दिखने में काफी सेक्सी लगती है। शादी हमने घर पर ही रखी थी तो फिर मौलवी घर पर ही आ गया। घर पर पहले से ही हमने सब तैयारियां कर रखी थी। मौलवी को पता था के सलमा एक रंडी है तो उसने सलमा की बेटियों और सास और सपना के कपड़ो पर कुछ ज्यादा ऐतराज नहीं किया। फिर मौलवी के सामने मैंने और सलमा ने एक दूसरे से तीन बार कबूल है कबूल है कहा और फिर हमारी शादी हो गई।

 

मौलवी तो जब से आया था तब से वो सब औरतों को ही देखे जा रहा था। ये बात सपना जान चुकी थी तो फिर सपना उसे लेकर कमरे में चली गई तो फिर तो मौलवी सपना पर टूट पड़ा और सपना की खूब चुदाई की। सपना को चोदकर मौलवी काफी खुश हुआ और फिर वो चला गया। हमने शादी दोपहर बाद कि थी और फिर शाम हो गई तो फिर रिया और सलमा की दोनो बेटियों ने मिलकर हमारी सुहागरात के लिए एक कमरा तैयार किया। फिर खाना वगैरह खाकर मैं और सलमा अपने कमरे में चले गए। फिर मैं और सलमा चुदाई करने लगे। सलमा उस दिन काफी खुश थी। फिर लगभग आधी रात तक हमने चुदाई की और फिर हम सो गए। फिर अगले दिन सुबह ही सपना हमारे कमरे में आ गई और फिर वो भी हमारे साथ नंगी होकर लेट गई। फिर हम तीनों उठकर बैठ गए तो फिर सास भी कमरे में आ गई। फिर सास ने हम तीनों को सदा खुश रहने का आशीर्वाद दिया। फिर मैंने एक साथ सपना और सलमा की चुदाई की। फिर चुदाई के बाद सपना ने सलमा को अपनी सबके सामने नंगी होने की इच्छा के बारे में फिर से बताया तो फिर सलमा ने कहा के मेरी जानकारी में एक औरत है वो भी गांव में रहती है और धंधा करती है। उस गांव के लोग आए दिन पुलिस को बुलाये रखते है और रोज तमाशा होता रहता है। हम वहां चलेंगे। ये सुनकर सपना काफी खुश हुई।

 

फिर कुछ दिन बाद ही सलमा सब काम अपने बेटे अब्बास और अपनी दोनो बेटियों को सौंपकर वहां जाने के लिए तैयार हो गई तो फिर मैं कार में उन तीनो मां बेटियों और सलमा को बैठाकर वहां ले जाने लगा। तब रिया आगे बैठी थी और वो तीनो औरतें कार में पीछे बैठी थी और वो सब एक दम नंगी थी। फिर जब हम गांव में से जा रहे थे तो सलमा को ऐसे कार में नंगी होकर बैठकर जाने में काफी मजा आ रहा था। फिर रास्ते मे एक सुनसान सी जगह पर मैंने कार रोकी और फिर हम सब कार से उतरकर बाहर घूमने लगे। बाहर ऐसे नंगे होकर घूमने में सपना के साथ साथ सलमा को भी काफी मजा आ रहा था। फिर वो बोली के नंगी होकर रहने में बहुत मजा आता है। फिर वहां मैंने सलमा और सपना की चुदाई की और हम फिर से कार में बैठकर जाने लगे। फिर उन चारो ने बुरका पहन लिया था क्योंकि सड़क पर अक्सर पुलिस वाले खड़े रहते है। फिर हम दोपहर बाद सलमा की उस दोस्त के घर पहुंच गए। सलमा ने उसे हमारे आने के बारे में सब कुछ पहले से ही बता दिया था। फिर उसने हम सबका का अच्छे तरीके से स्वागत किया। वो सलमा की दोस्त लंबी चौड़ी औरत थी और उसकी उम्र भी 55-60 साल की थी। उसके दो बेटे और दो बेटियां थी। उसकी दोनो बेटियों के भी आगे एक एक लड़का और एक एक लड़की थी। उसके दोनो बेटों में से एक बेटा तो काफी लंबा चौड़ा और थोड़ा खूंखार टाइप का था और दूसरा लड़का भी थोड़ा बॉडीबिल्डर टाइप का था। फिर सलमा की दोस्त बताने लगी के उसके बड़े बेटे से सब लोग डरते है और उसने कुछ आदमियों को तो पीट पीटकर ही मार दिया था। फिर हम ऐसे ही बातें करने लगे और फिर सलमा ने अपनी दोस्त से हमारा परिचय करवाया। सलमा की दोस्त का घर थोड़े खुले में था और आसपास काफी घर थे। फिर हम सब आपस मे थोड़ा खुल गए तो फिर सलमा और सलमा की दोस्त नंगी हो गई और फिर तो वो तीनो मां बेटी भी नंगी हो गई। उधर फिर सलमा की दोस्त की दोनो बेटियां भी नंगी हो चुकी थी। फिर सलमा के दोस्त का बड़ा बेटा आकर सपना से चिपक गया तो फिर सपना तो उसका बड़ा सा लण्ड हिलाने लगी। उधर फिर उसने सास की भी कमर में हाथ डाल लिया। उधर छोटा बेटा रिया से चिपक गया और फिर रिया भी उससे मस्ती करने लगी। फिर मैं सलमा की दोस्त के पास जाकर बैठ गया और उसके बदन को सहलाने लगा और फिर उसकी दोनो बेटियों के भी खूब बदन सहलाये।

 

फिर तो हम सब वहीं चुदाई करने लगे। उधर सलमा की दोस्त के दोनो बेटों ने उन तीनों मां बेटियों की चुदाई की और इधर मैंने भी सलमा की दोस्त और उसकी दोनो बेटियों की चुदाई की। फिर चुदाई के बाद हम सब बैठकर बातें करने लगे। तब सपना तो सलमा की दोस्त के बड़े बेटे के साथ बैठी थी और रिया छोटे बेटे के साथ और मैं सलमा की दोस्त की दोनो बेटियों के साथ बैठा था। फिर मैंने सलमा की दोस्त के दोनो बेटों से भी बातें की और फिर हम आपस मे थोड़ा खुल गए। उनके घर मे काफी कमरे थे और पीछे काफी खुली जगह पड़ी थी। फिर सपना को पेशाब आने लगा तो पहले तो उसने घर के अंदर ही टॉयलेट था उसमें पेशाब कर लिया लेकिन फिर उसने पूछा के घर के पीछे कोई टॉयलेट बना है क्या तो फिर सलमा की दोस्त की बेटी ने कहा के हां तो फिर सलमा की दोस्त की बेटी सपना को लेकर उस टॉयलेट में ले गई। तब सपना एक दम नंगी थी और सलमा की दोस्त की बेटी ने तो कपड़े पहन लिए थे। फिर सपना तो बिना किसी शर्म और डर के नंगी ही बाहर चली गई। तब वहां आसपास के घरों के कुछ लोग अपनी छतों पर चढ़े हुए थे तो जब उन्होंने सपना को देखा तो देखते ही रह गए। फिर जब सपना पेशाब करके वापिस आई तो और जब इसका पता सलमा की दोस्त को चला तो वो बोली के तुम तो रंडियों से भी गई गुजरी हो। ये सुनकर हम सब हँसने लगे। फिर सलमा ने अपनी दोस्त को पूरी बात बताई और उससे कहा के वो तो यहां आई ही इसलिए है। फिर सलमा की दोस्त बोली के एक बार पुलिस आई थी तब उसने भी नंगी होकर उन्हें काफी गालियां दी थी तब तो वो फिर कुछ टाइम के लिए नहीं आई थी। लेकिन अब फिर से परेशान करने लग गए है। लगता है अब फिर से वही सब करना पड़ेगा। फिर ये सुनकर सपना और हम सब खुश हो गए।

 

फिर शाम हो गई तो फिर सपना रिया को लेकर घर के पीछे की तरफ चली गई। तब वो दोनो एक दम नंगी थी। उन्हें देखकर सब अपनी छतों पर चढ़ गए। फिर उन सबके सामने सपना और रिया काफी देर तक वहीं घूमती रही। फिर रात को खाना वगैरह खाने के बाद मैं तो सलमा की दोस्त के बेटों के सामने ही उनकी मां को घोड़ी बनाकर चोदने लगा और फिर उधर उसके दोनो बेटों ने पहले सलमा और सास की चुदाई की और फिर वो सपना और रिया की चुदाई करने लगे। फिर मेरे कहने पर सलमा की दोस्त को मैंने उसके दोनो बेटों के साथ मिलकर चोदा। तब सलमा की दोस्त तो अपनी चुत, गाँड और मुंह मे एक साथ लण्ड लेकर काफी खुश हुई। फिर सलमा की दोस्त ने तो अपने दोनो बेटों के लण्ड एक साथ अपनी चुत में लेकर भी चुदवाया। उसने पहले ऐसे कभी नहीं चुदवाया था। जिस कारण उसे काफी मजा आया। उधर उसके दोनो बेटों को भी किसी औरत की ऐसे एक साथ चुदाई करके काफी मजा आया। फिर उन दोनों ने फिर एक साथ सपना की भी चुदाई की। फिर चुदाई करके हम सब नंगे ही सो गए। फिर सुबह सुबह ही जब सपना पेशाब करने बाहर वाले टॉयलेट में गई तो लोग अपनी छतों पर पहले से ही छिपकर बैठे थे और देख रहे थे। फिर तो रिया और सास भी नंगी ही पेशाब करने चली गई। फिर लगभग 10 बजे सपना सलमा की दोस्त के बड़े बेटे को नंगा करके ले गई और फिर सबके सामने ही सपना उससे चुदवाने लगी। ये देखकर तो सब देखते ही रह गए। लेकिन ये तो अभी शुरुआत थी। फिर सपना ने रिया को सलमा के दोस्त के छोटे बेटे के साथ भेजा। तो उन्होंने भी सबके सामने चुदाई की। फिर तो और ज्यादा लोग ये सब देखने लगे। फिर सपना के कहने पर सलमा की दोस्त और मुझे पीछे की तरफ भेज दिया। फिर तो मैंने सबके सामने उसके बदन को खूब सहलाया और फिर चुदाई भी की।

 

ऐसे करके सलमा की दोस्त को भी काफी मजा आया। फिर लगभग शाम के टाइम सलमा की दोस्त के दोनो बेटों अपनी बहनों को लेकर पीछे की तरफ चले गए और फिर बो सबके सामने अपनी बहन के बदन को सहलाने लगे। फिर उन दोनों बहनों ने अपने भाइयों के लण्ड चूसे। फिर तो उन्होंने सबके सामने चुदाई भी की। फिर तो सब औरतें नहाना धोना और पेशाब करना सब कुछ सबके सामने ही करते और सब उन्हें देखकर मजे लेते। फिर तो सलमा की दोस्त ने सबके सामने अपने बेटों से भी चुदवाया। फिर ये सब देखकर तो सब के होश उड़ गए। ये सब देखकर मजे लेने वाले तो मजे लेते रहे और विरोध करने वाले और ज्यादा विरोध करने लगे। फिर तो सलमा की दोस्त घर के आगे भी नंगी घूमने लगी और आते जाते लोग उसे देखते। फिर उसके साथ साथ सास भी चली जाती। फिर इसके बाद तो सपना भी पूरी नंगी होकर घर के आगे की तरफ चली जाती और जब उसे कोई देखता तो वो अपने बोबो और चुत को सहलाने लग जाती। फिर इतना ही नहीं रिया सेक्सी सी ब्रा पैंटी पहनकर घूमती रहती और फिर वो भी कई बार एकदम नंगी हो जाती। उधर सलमा की दोस्त की दोनो बेटियां भी कभी ब्रा पैंटी में तो कभी नंगी ही घूमती रहती। फिर इस सब का असर ये हुआ के फिर गांव के लगभग लोग ही सब औरतों की चुदाई के लिए हमसे गुप चुप तरीके से सम्पर्क करने लगे तो फिर कोई तो छुप छुप कर घर ही आ जाते और फिर वो सलमा की दोस्त और उसकी दोनो बेटियों के साथ साथ सपना, सास और रिया की भी चुदाई कर लेते।

 

उधर सपना की दोस्त के बेटे अपनी बहनों को गांव में अपने किसी दोस्त के घर या खेत वगैरह में ले जाते और फिर वहां वो सब मिलकर उनकी खूब चुदाई करते। फिर उनके साथ कई बार सपना और रिया भी जा चुकी थी। गांव में कई बड़े लोग थे जो सामने नहीं आना चाहते थे तो फिर वो भी किसी न किसी तरह सम्पर्क करके चुदाई के लिए पूछ लेते थे और फिर वो भी चुदाई का मजा लेते। फिर तो जब कभी भी मैं या सलमा के दोस्त के दोनो बेटे औरतों को चुदाई के लिए बाहर ले जाते तो उन्हें बस नंगी ही ले जाते थे। फिर तो कई बार सलमा की दोस्त की दोनो बेटियों की या रिया या सपना की चुदाई बीच रास्ते मे ही करने लग जाते थे। इस तरह हम सब मिलकर चुदाई का खूब मजा ले रहे थे। पर ये तो अभी शुरुआत ही थी। फिर तो सलमा के दोस्त के दोनो बेटे अपने दोस्तों के सामने ही अपनी मां के बदन को सहलाते और फिर उनके सामने ही अपनी मां की खूब चुदाई करते। इसी तरह वो अपनी बहनों से खूब मजे करते। फिर ये सब देखकर उनके दोस्त भी अपनी मां और बहन पर ट्राई करने लगे। जिनमे से कुछ तो सफल हो गए तो फिर वो तो अपने घर पर ही मस्ती करने लगे। पर कुछ बेचारे ऐसे ही लण्ड मसलते ही रह गए।

 

फिर तो गांव का सरपंच भी आकर चुदाई करने लगा। सरपंच सलमा की दोस्त की दोनो बेटियों और रिया की चुदाई करता और सरपंच का बेटा जिसकी अभी शादी नहीं हुई थी तो वो सपना की चुदाई करता। सरपंच के घर पर उससे सब डरते थे तो फिर वो तो किसी एक को अपने घर ले जाता और खूब चुदाई करता। उधर फिर सरपंच का बेटा का भी सपना को अपने घर ले जाकर चुदाई करता। सरपंच की बीवी उन दोनों को कुछ नहीं कह पाती थी। फिर सरपंच तो अपनी बीवी के सामने ही सलमा की दोस्त की जवान बेटियों या रिया के साथ मस्ती करता और उधर सरपंच का बेटा सपना से। सरपंच का बेटा तो अपनी मां के सामने ही सपना के बोबो को खूब सहलाता और फिर किस भी करता। वो सपना का पूरा गुलाम बन चुका था तो फिर सपना उससे चुदवाती तो उसे बेटा बेटा कहती और उसे ऐसे एहसास करवाती जैसे के वो अपनी मां की ही चुदाई कर रहा हो। फिर इसका नतीजा ये हुआ के वो फिर अपनी मां के बोबो को दबाने लगा और वो भी सरपंच के सामने। अब बेचारी सरपंच की बीवी भी क्या करती। फिर तो जब कई बार सरपंच नशे में होता तो वो अपनी बीवी की सलवार खोलकर उसे घोड़ी बनाकर चोदने लग जाता। फिर इतना ही नहीं सरपंच का बेटा तो फिर अपनी मां के सामने ही सपना को नंगी रखता और उससे मस्ती करता रहता। फिर तो सरपंच का बेटा अपनी मां के दोनो बोबो को बाहर निकालकर सहलाने लगा। सरपंच का बेटा शरीर से काफी तगड़ा था। उधर सरपंच खुद भी अपने बेटे के सामने ही अपनी बीवी की गाँड को सहलाता रहता और फिर घोड़ी बनाकर चोद भी देता। फिर एक दिन तो सरपंच के बेटे ने अपनी मां का कुर्ता खोलकर उसके बोबो को दबाने और चुसने लगा और फिर सलवार भी खोल दी। फिर तो वो अपनी नंगी मां को देखकर पागल हो गया और फिर चुत चाटने लगा। जिससे वो भी गर्म हो गई थी। फिर वहां सरपंच भी आ गया तो फिर वो अपनी बीवी को नंगी देखकर उसे घोड़ी बनाकर चोदने लगा। तब अपनी नंगी मां को चुदता देखकर सरपंच का बेटा और ज्यादा गर्म हो गया तो फिर वो भी अपनी मां की गाँड को सहलाने लगा। फिर चुदाई के बाद सरपंच का बेटा अपनी मां के बदन को सहलाने लगा।

 

फिर सरपंच का बेटा अपनी मां को कमरे में ले गया और फिर वो काफी देर तक अपनी मां की चुदाई करता रहा। फिर तो सरपंच की बीवी खुद भी अपने बेटे की दीवानी हो गई और फिर वो उसका लण्ड चुस्ती और फिर खूब चुदवाती। फिर तो मेरे कहने पर सरपंच और उसके बेटे ने उसकी एक साथ भी चुदाई की। फिर सरपंच की बीवी के साथ सपना और रिया ने भी लेस्बियन सेक्स किया। जिसमें उसे भी बहुत मजा आया। फिर सरपंच की बीवी को सपना ने मुझसे भी चुदवाया वो भी सरपंच और उसके बेटे के सामने ही। वो काफी मस्त औरत थी। अब सरपंच तो हमारे खिलाफ करवाई करने से रहा। लेकिन फिर भी गांव में कई लोग थे जो कि हमारे खिलाफ थे और सलमा की दोस्त को गांव से निकालना चाहते थे। गांव की औरतें अपने पतियों को सलमा की दोस्त के घर से दूर रहने के लिए कहती। लेकिन वो तो खिंचे चले आते और आसपास के घरों के मर्द तो हमेशा छत पर ही रहते। फिर इस सब से परेशान होकर पड़ोस की औरतें सलमा की दोस्त से झगड़ा करने लगी। फिर सलमा की दोस्त तो नंगी ही घर से बाहर निकलकर जोर जोर से बोलने लगी। फिर उसके पीछे पीछे सपना और सास भी चली गई। फिर वो तीनो पड़ोस की औरतों से झगड़ा करने लगी और साथ मे इतनी गन्दी गन्दी गालियां देने लगी के पूछो मत। फिर सलमा की दोस्त, सपना और सास लड़ते लड़ते घर से थोड़ा दूर चली गई और फिर खुले में खड़ी होकर लड़ने लगी। हालांकि वो सिर्फ बातों से ही लड़ रही थी।

 

उन तीनों को नंगी देखकर कुछ आदमी तो अपना लण्ड हिलाने लगे थे। फिर उधर सपना भी अपने बोबो को सहलाने लगी। फिर तो वो तीनो अपनी चुत और झुक कर गाँड के छेद को दिखाते हुए कहने लगी के हमारी चुत और गाँड में दम है तभी तुम्हारे पति हमारे पास आते है। सलमा की दोस्त के घर के आगे काफी खुली जगह है और एक लंबी सड़क है। फिर तो वो तीनो उस सड़क पर नंगी ही चलकर घर से काफी दूर चली गई। सड़क के असपास लोगो के घर थे तो सब उन्हें देख रहे थे। उधर घर पर रिया और सलमा की दोस्त की दोनो बेटियां और उसके दोनो बेटे और मैं भी घर के अंदर ही खड़े होकर ये सब देख रहे थे। तब फिर मैं सलमा की दोस्त की एक बेटी के बदन को सहलाने लगा और फिर उसे वहीं पर चोदने लगा। उधर फिर वो दोनो भी रिया और दूसरी लड़की की चुदाई करने लगे। तब हम सब एक दम नंगे हो गए थे। फिर चुदाई के बाद तो रिया और सलमा की दोस्त की दोनो बेटियां थोड़ा सा घर से बाहर निकलकर एक दम नंगी खड़ी हो गई। फिर वो वहीं खड़ी होकर बिना किसी शर्म और डर के बातें करने लगी। फिर उधर सलमा भी वहीं खड़ी थी तो फिर हम तीनों मर्द मिलकर सलमा की चुदाई करने लगे। फिर कुछ देर बाद सलमा की दोस्त, सास और सपना वापिस आ गई। फिर रिया और बाकी दोनो लड़कियां भी अंदर आ गई। फिर इस सब ड्रामे के बाद तो सब लोग एकदम शांत हो गए। अब किसी में हिम्मत नहीं थी के वो सलमा की दोस्त और हमे कुछ कह सके। फिर तो जब भी कोई औरत सलमा के दोस्त के बेटों के साथ या मेरे साथ कहीं बाहर जाती तो वो बिल्कुल नंगी ही जाती और साथ मे मैं कार के शीशे नीचे करके रखता तो सब लोग उन्हें कार में नंगी बैठे हुए को देखते। एक बार मैं और सलमा की दोस्त का छोटा बेटा सपना, रिया और सलमा की दोस्त की एक बेटी के साथ कहीं जा रहे थे तो फिर रास्ते मे हमे पुलिस मिल गई। फिर चेकिंग के दौरान उन्होंने हमारे साथ उन तीनों को नंगी देखा तो फिर वो भी गर्म हो गए। वो पुलिस वाले सलमा की दोस्त के छोटे बेटे को जानते थे तो फिर उसने पुलिस वालों से सेटिंग कर ली और फिर चुदाई का प्रोग्राम बन गया।

 

तब वहां सिर्फ पुलिस के 4 लोग और हम ही थे। फिर पुलिस वालों ने हमे थाने में आने के लिए कहा तो फिर सपना ने पुलिस की गाड़ी में बैठकर जाने की इच्छा जताई तो फिर वो मान गए। फिर वो तीनो कार से उतरकर जाकर पुलिस की जीप में बैठ गई। उन तीनों को देखकर हम सब के लण्ड खड़े हो चुके थे। फिर हम सब लोग पुलिस थाने चले गए। वहां कुछ पुलिसवाले और थे और जेल में बंद कुछ मुजरिम भी थे। वो थाना थोड़ी सुनसान सी जगह पर था। तब वहां कोई और बाहर के लोग नहीं थे। फिर तो सपना, रिया और वो लड़की तीनो जीप से उतरकर थाने में चली गई। फिर पहले तो सब उन्हें देखते रहे और फिर थानेदार रिया की चुदाई करने लगा तो उधर बाकी पुलिसवाले भी सपना और उस लड़की की चुदाई करने लगे। फिर मैं और सलमा की दोस्त का छोटा बेटा भी नंगे हो गए और चुदाई करने लगे। तब थाने में लगभग 10 तो पुलिसवाले थे और 4-5 मुजरिम थे। वो कोई छोटे मोटे मामले में अंदर थे तो फिर उन्हें भी जेल से बाहर निकाल लिया और सब के सब नंगे होकर उन तीनों की चुदाई करने लगे। फिर थाने में जेल के अंदर और थाने के बाहर भी घूम घूमकर सबने काफी चुदाई की। वो दिन भर चुदाई करते रहे और साथ मे हम दोनों ने भी चुदाई की। फिर वो सब पुलिसवाले काफी खुश हुए तो फिर उनसे हमने सलमा की दोस्त के लिए बात की तो फिर उन्होंने कहा के कोई कुछ कहे तो हमे बता देना। ये सुनकर हम काफी खुश हुए।

 

फिर जब हमने घर पर आकर ये सब सलमा और उसकी दोस्त को बताया तो वो सब काफी खुश हुए। फिर अगली बार सलमा की दोस्त का बेटा अपनी मां, दोनो बहनों और सलमा को लेकर गए और उनसे खूब चुदाई करवाई। इस प्रकार अब पुलिसवाले भी हमारे साथ हो गए थे। फिर गांव के कुछ लोग सलमा के दोस्त की शिकायत लेकर पुलिसवालो के पास गए तो उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया। फिर तो हम और ज्यादा खुल गए। अब गांव का कोई भी आदमी घर पर आता तो सब औरतें उनके सामने नंगी ही रहती। अब गांव का माहौल बदलने लगा था।

 

सरपंच की एक बड़ी बेटी भी थी जो कि शादीशुदा थी। फिर वो जब आई तो सरपंच का बेटा तो उसके सामने ही अपनी मां के बोबो को दबाने लगा। ये देखकर वो थोड़ी हैरान हो गई। लेकिन फिर सरपंच खुद अपनी बेटी से चिपक गया और उसके बदन को सहलाने लगा। सरपंच की बेटी को तब कुछ समझ नहीं आ रहा था। लेकिन फिर सरपंच के सहलाने से वो गर्म हो गई तो फिर सरपंच ने उसे नंगी कर दिया। उधर सरपंच का बेटा भी अपनी मां को नंगी कर चुका था। फिर सरपंच अपनी बेटी के बदन को चूमने लगा और फिर उसकी चुदाई करने लगा। जिससे कि उसे बहुत मजा आने लगा। जब उसने अपनी मां को अपने भाई से चुदते देखा तो वो और ज्यादा गर्म हो गई। फिर चुदाई के बाद सरपंच की बेटी सब समझ गई और उसकी मां ने उसे सब कुछ बता दिया। फिर तो सरपंच के बेटे ने भी अपनी बड़ी बहन की चुदाई की। फिर वो चारो मिलकर मस्ती करने लगे। उधर फिर सरपंच और उसका बेटा सपना और रिया को अपने घर ले जाते रहते थे तो फिर उनकी दोस्ती सरपंच की बेटी से हो गई। फिर सरपंच की बेटी काफी खुल गई और फिर वो भी घर पर नंगी ही रहने लगी। सरपंच की बेटी और बीवी दोनो को दूसरे मर्द से चुदने का मन करता था। तो फिर सरपंच की बीवी को तो मैं चोद चुका था और फिर मैंने उसकी बेटी की भी चुदाई कर दी। उधर सरपंच की बेटी और बीवी आपस मे भी एक दूसरे के ऊपर चढ़कर चुत से चुत रगड़ती और खूब मजे लेती। सरपंच तो रिया और अपनी बेटी की चुदाई करता और मैं और सरपंच का बेटा सपना और सरपंच की बीवी की चुदाई करते। हम सब साथ मिलकर भी खूब चुदाई करते। सरपंच का बेटा तो सपना को बहुत पसंद करने लगा था और वो उससे ही शादी करना चाहता था। लेकिन फिर सपना ने उसे समझाया के मैं तो अब ज्यादा से ज्यादा 10 साल तक और तुम्हे मजे दे पाऊंगी। इसलिए तुम किसी जवान लड़की से शादी कर लो और फिर साथ मे मेरी जैसी औरतों से भी मस्ती करते रहना। फिर सरपंच के बेटे को बात समझ मे आ गई तो फिर वो सपना की चुदाई करके खूब मजे लेता। अब मेरा, रिया और सपना का ज्यादा टाइम सरपंच के घर ही बीतता। सरपंच का घर काफी बड़ा था तो हम सब पहले कमरों में चुदाई करते थे लेकिन फिर तो हम घर मे घूम घूम कर चुदाई करने लगे।

 

इतना ही नहीं जब रात हो जाती तो फिर मैं और सरपंच का बेटा सरपंच की बीवी और बेटी को लेकर घर से बाहर गली में चले जाते और नंगे घूमते रहते। ऐसे नंगे होकर घूमने में उन दोनों को खूब मजा आता। फिर मैं और सरपंच का बेटा मिलकर उन दोनो मां बेटी की चुदाई भी कर देते। उधर फिर सपना और रिया भी हमारे साथ आने लगी। सपना तो अब बिल्कुल बेशर्म हो चुकी थी वो तो अब दिन में भी नंगी होकर लोगो के सामने चली जाती थी। एक बार हम पुलिस थाने जा रहे थे तो फिर गांव में मैंने एक जगह कार रोकी। तब वहां गांव के ही 10-15 लोग थे तो फिर सपना कार से उतरकर खड़ी हो गई और फिर सब लोग सपना को देखकर देखते ही रह गए। फिर इसी तरह शाम का टाइम था और थोड़ा-थोड़ा अंधेरा हो चुका था तो फिर सरपंच के घर से थोड़ी दूर कुछ लोग घर से बाहर बैठकर बातें कर रहे थे तो फिर तब हम सब तो थोड़ा दूर खड़े हो गए और सपना उनके पास नंगी ही चली गई। सपना को देखकर वो सब गर्म हो गए। फिर सपना ने उनसे कहा के कुछ करोगे भी या देखते ही रहोगे। फिर क्या था सपना फिर कमरे में चली गई और जाकर घोड़ी बन गई फिर वो सब लोग एक एक करके सपना की चुदाई करने लगे। फिर चुदाई के बाद सपना वहां से आई तो उसकी गाँड से उन सबके लण्ड का पानी बह रहा था। वो 10 लोग थे। ये सब देखकर तो सरपंच की बीवी और बेटी काफी प्रभावित हुई। उनको भी अब ऐसे ही अपनी भी चुदाई करवानी थी। तो फिर उन्होंने ये बात सपना से कही और फिर सपना ने सरपंच के बेटे और सरपंच को इस बारे में बताया और उन्हें इसके लिए मना लिया। वो सरपंच की बीवी और बेटी थी तो उन्हें मजे भी करने थे और किसी को पता भी नहीं लगने देना चाहती थी तो फिर मैंने सलमा की दोस्त के बेटों के साथ मिलकर प्रोग्राम फिक्स किया। तब मैं, सलमा की दोस्त के दो बेटे और सरपंच का बेटा हम चार लोग हो गए और फिर सलमा के दोस्त के बेटों ने अपने दो दोस्तो को और बुला लिया। इस तरह हम 6 लोग हो गए। गांव में ही सरपंच का एक और घर था जो की पुराना था और उसमें फिलहाल कोई नहीं रहता था। फिर हमने वहां मिलकर चुदाई का प्लान बनाया। फिर शाम हो गई और थोड़ा थोड़ा अंधेरा हो गया तो फिर मैं और सरपंच का बेटा उन दोनों मां बेटियों को लेकर उस दूसरे घर पर जाने लगे। तब वो दोनो मां बेटी बिल्कुल नंगी थी। आज उन दोनों की ताबड़तोड़ चुदाई होने वाली थी ये सोचकर ही वो दोनो गर्म हो रही थी और अपनी चुत सहला रही थी।

 

उन दोनों को ऐसे नंगी होकर जाने में मजा आ रहा था। फिर मैं और सरपंच का बेटा भी उनके बदन को सहलाकर मजे ले रहे थे। फिर रास्ते में एक जगह 2-3 आदमी खड़े होकर बातें कर रहे थे। वो सरपंच के बेटे के दोस्त थे। फिर उन्होंने जब हमें देखा तो वो उन दोनों मां बेटी को देखते ही रह गए। हालांकि तब अंधेरा था तो वो उन दोनों माँ बेटी को बिल्कुल साफ तो नहीं देख सकते थे। फिर सरपंच का बेटा अपने उन दोस्तो से मिला और बातें करने लगा। तब मैं और वो दोनो मां बेटी वहीं खड़ी हो गई और उनकी बातें सुनने लगी। फिर सरपंच के बेटे ने तो अपने दोस्तों को बता दिया के वो उसकी मां और बहन है। ये सुनकर वो उन दोनों को ध्यान से देखने लगे। वो सब उसके खास दोस्त थे और वो उसके घर भी आते जाते रहते थे तो सरपंच के बेटे की मां और बहन भी उन्हें जानती थी। लेकिन वो दोनो बिल्कुल नहीं शरमाई और उन्हें देखकर बस मुस्कुराने लगी। फिर हम फिर से चलने लगे और सरपंच के बेटे के दोस्त उन दोनों मां बेटी को देखते ही रहे। फिर सरपंच की बीवी ने अपने बेटे से पूछा के उसने उन्हें ये सब क्यों बताया। तो फिर वो बोला के माँ कुछ नहीं होगा वो किसी को नहीं बताएंगे। फिर इतने में हम उस घर पर पहुंच गए। जहां पहले से सलमा की दोस्त के दोनो बेटे और उनके दो दोस्त बिल्कुल नंगे थे। फिर मैं और सरपंच का बेटा भी नंगा हो गया। फिर सरपंच का बेटा अपनी बहन की कमर में हाथ डालकर खड़ा हो गया और उधर मैं उसकी मां की। फिर हम दोनों उनके बदन को सहलाने लगे। फिर वो चारो भी हमारे नजदीक आ गए और फिर वो सब भी उन दोनों के बदन को सहलाने लगे।

 

तब हम सब बहुत ज्यादा गर्म हो चुके थे तो फिर वो दोनो मां बेटी हम सबके लण्ड चुसने लगी। फिर सरपंच का बेटा तो सबके सामने ही अपनी बहन की चुत में लण्ड डालकर चुदाई करने लगा। ये देखकर तो हम बाकी सब बहुत ज्यादा गर्म हो गए। फिर उधर सरपंच की बीवी घोड़ी बन गई तो फिर वो अपनी मां की गाँड मारने लगा। इसके बाद तो हम दो दो मर्द मिलकर उन दोनों की चुदाई करने लगे। जिससे उन दोनों मां बेटी को काफी मजा आ रहा था। फिर रात भर हम सब मर्दो ने मिलकर उन दोनों की काफी चुदाई की। फिर सुबह जाकर हम सब कुछ देर के लिए सो गए। फिर सुबह हो गई तो वो दोनो मां बेटी हम सबके लण्ड फिर से हिलाने लगी तो फिर सबने मिलकर उनकी फिर से चुदाई की। दिन निकल चुका था और उन दोनों मां बेटी के पास पहनने के लिए कुछ भी नहीं था। तो फिर वो अब घर कैसे जाती। सलमा के दोस्त के बेटे जीप लेकर आये थे तो और वो जीप पीछे से खुली थी। तो फिर किसी तरह हमने उन दोनों मां बेटी को जीप में बैठाया और फिर हम सब बैठ गए। वो जीप में नीचे बैठी तो फिर हम उन दोनों के बदन को सहलाने लगे। फिर वो दोनो भी हमारे लंडो को सहलाने लगी। तब जीप गांव के बीच मे से जा रही थी और वो दोनो मस्ती कर रही थी। फिर मैं, सरपंच का बेटा और वो दोनो मां बेटी घर से थोड़ा दूर ही उतर गए। तब वहां पर कोई नहीं था। फिर वहां से वो दोनो मां बेटी बिल्कुल नंगी ही घर गई। वो दोनो उस दिन काफी खुश थी। उधर सरपंच ने भी सपना और रिया की काफी चुदाई की। फिर नहा धोकर वो दोनो मां बेटी और सपना और रिया मेकअप वगैरह करके तैयार हो गई।

 

फिर तभी सरपंच के बेटे के रात वाले दोस्त आ गए तो तब सरपंच का बेटा नंगा ही था तो फिर वो उनके साथ बाहर वाले कमरे में जाकर बैठ गया। फिर कुछ देर बाद सरपंच की बेटी अपने भाई और उसके दोस्तों के लिए चाय पानी लेकर नंगी ही चली गई और फिर पीछे पीछे मैं भी चला गया। सरपंच के बेटे के दोस्त तो उसे नंगी देखकर देखते ही रह गए। फिर वो सबको चाय देकर वहीं बैठ गई। सरपंच का बेटा उनके सामने ही अपनी बहन के बदन को सहलाने लगा। ये देखकर तो वो सब गर्म हो गए। फिर उसकी बहन भी अपने भाई का लण्ड पकड़कर सहलाने लगी। फिर ये देखकर तो वो सब देखते ही रह गए। फिर सरपंच के बेटे के एक दोस्त ने उसकी बहन के एक बोबे को सहलाने लगा तो फिर उसकी बहन ने उसका हाथ हटा दिया और उससे कहा के तुम्हारे बहन नहीं है क्या। फिर सरपंच का बेटा तो सबके सामने ही अपनी बहन की चुदाई करने लगा और फिर चुदाई के बाद उसने अपनी बहन के बदन को खूब सहलाया। ये सब देखकर उसके दोस्त भी अपना लण्ड बाहर निकालकर सहलाने लगे। फिर जब उन सबके लण्ड से पानी निकलने लगा तो ये देखकर वो हँसने लगी। फिर सरपंच की बेटी ने अपने भाई के दोस्तो को नंगा होने के लिए कहा तो वो सब कपड़े खोलकर नंगे हो गए। मैं भी वहीं पर था तो फिर मैं भी नंगा हो गया था। फिर सरपंच की बेटी मेरे पा आकर मुझसे चिपकने लगी तो फिर मैं भी उसे बाहों में लेकर उसके बदन को सहलाने लगा। फिर हम दोनों वहीं चारपाई पर एक साथ लेट गए और फिर मैं उसकी चुत को सहलाने लगा। फिर वो मेरा लण्ड पकड़कर सहलाने लगी। इसी तरह हम मस्ती कर रहे थे। तब सरपंच की बेटी मेरे और अपने भाई समेत उसके तीन दोस्तो के सामने उस कमरे में नंगी थी। फिर सरपंच की बेटी अपने भाई का लण्ड सहलाने लगी और फिर वो घोड़ी बन गई तो फिर मैंने और सरपंच के बेटे ने उसकी एक साथ चुदाई की ये देखकर तो सरपंच के बेटे के दोस्त देखते ही रह गए। फिर ये सब देखकर उन तीनो ने भी अपना लण्ड खूब हिलाया। फिर उन तीनों ने सरपंच की बेटी पर अपने लण्ड का पानी डाल दिया तो फिर वो उन सब का पानी चाटने लगी।

 

फिर सरपंच के बेटे के दोस्त अपने दोस्त से पूछने लगे उसने कैसे अपनी बहन को पटाया तो फिर ये सुनकर सरपंच की बेटी हँसने लगी और फिर बोली के ये तो मम्मी को चोद रहा था फिर मेरा मन किया तो फिर मैंने भी चुदवा लिया। फिर उसने अपने भाई के दोस्तो से कहा तुम फिक्र मत करो मैं तुम्हारी पूरी सहायता करूंगी। ये सुनकर वो तीनो काफी खुश हुए। उधर फिर थोड़ी देर बाद सरपंच की बीवी कमरे में आई वो भी बिल्कुल नंगी थी। फिर उसे देखकर तो उसके दोस्त देखते ही रह गए। क्योंकि रात के अंधेरे में उन्हें कुछ खास दिखा नहीं था। फिर सरपंच का बेटा अपनी मां को गोद मे बैठाकर उसके बदन को सहलाने लगा। फिर जब वो दोनो गर्म हो गए तो फिर सरपंच का बेटा अपनी मां को चोदने लगा। फिर ये देखकर तो उसके दोस्तों का बुरा हाल हो गया। फिर मैंने सरपंच की बेटी से कहा के ये बेचारे आज तड़प तड़प कर ऐसे ही मर जायेंगे। इनका कुछ करो। तो फिर सरपंच की बेटी उनके पास गई और फिर उनके लण्ड को सहलाने लगी। उसके हाथ का स्पर्श पाते ही वो तीनो के तीनों तब ही झड़ गए। फिर इसके बाद तो सरपंच के बेटे के वो दोस्त रोजाना घर पर आने लगे। तब सरपंच तो सपना और रिया के साथ एक कमरे में होता तो फिर हम सब घर मे नंगे घूमते। फिर सरपंच की बेटी तो अपने भाई के दोस्तो के साथ थोड़ा चिपकती और उन्हें गर्म कर देती। इतना ही नहीं फिर हम सरपंच के बेटी को लेकर खेत वगैरह में चले जाते और वहां खूब मस्ती करते। फिर सरपंच की बेटी अपने भाई के दोस्त के घर गई और उसकी बहन से काफी बातें की। फिर वो दोनो आपस मे खुल गई तो फिर सरपंच की बेटी उससे चुदाई की बातें करने लगी और वो कपड़ो के ऊपर से ही उसके बदन को सहलाने लगी। जिससे वो गर्म हो गई। फिर एक दिन तो सरपंच की बेटी और वो दोनो नंगी होकर एक दूसरे के बदन को चाटने लगी और खूब मस्ती की। फिर उस दिन सरपंच की बेटी ने अपने भाई के दोस्त को इस बारे में बताया तो वो काफी खुश हुआ। फिर उस रात ही जब सरपंच के बेटे का वो दोस्त अपनी बहन के साथ सोया और उसके बदन को सहलाया तो वो कुछ नहीं बोली। फिर उस दिन हिम्मत करके उसने अपनी बहन की चुदाई कर दी। उस रात उन दोनों ने काफी चुदाई की। फिर अगले दिन सुबह घर आकर उसने हमें सब कुछ बताया। फिर तो सुबह शाम मौका मिलने पर वो अपनी बहन की चुदाई करने लगा।

 

फिर दूसरी तरफ सरपंच के बेटे के एक दोस्त की मां सरपंच की बीवी को जानती थी तो फिर सरपंच की बीवी उससे बातें करने लगी और चुदाई की बातें करने लगी। फिर सरपंच की बीवी ने उसे अपने बेटे से चुदाई करने की सलाह दी। पर वो डरती थी। उधर फिर सरपंच की बीवी ने ये बात अपने बेटे के दोस्त को बताई और उसे अपनी मां की चुदाई करने के लिए कहा। तो फिर वो अपने घर गया और घर पर जाते ही वो अपनी मां से चिपक गया। फिर वो अपनी मां को नंगी करके उसके बदन को चूमने लगा। उधर उसकी मां भी उसका साथ देने लगी। फिर उसने अपनी मां की चुदाई करनी शुरू की तो फिर उन्होंने काफी मजे किये। फिर वो दोनो रात को साथ ही सोने लगे और खूब चुदाई करते। फिर एक दिन चुदाई करते हुए उन्हें सरपंच के बेटे के दोस्त के बाप ने देख लिया तो फिर वो कुछ नहीं बोला। फिर तो वो दोनो मां बेटे खुलकर चुदाई करने लगे। उधर सरपंच के बेटे के तीसरे दोस्त के घर उसकी बहन रहती थी जिसका की तलाक का केस चल रहा था। फिर उसे एक दिन उसके भाई ने चुत में उंगली करते हुए पकड़ लिया। तो फिर ये देखकर उसने अपनी बहन की चुदाई कर दी। उसकी मां नहीं थी और बस उसकी बहन ही घर का सब काम वगैरह करती थी तो फिर एक दिन दोनो को उसके बाप ने देख लिया तो फिर उसका बाप भी अपनी बेटी की चुदाई करने लगा। फिर तो वो तीनो मिलकर खूब चुदाई करते। इतना ही नहीं उसकी बहन के पहले एक लड़की थी और वो फिर से प्रेग्नेंट हो गई और उसने एक लड़के को जन्म दिया। सब जानते थे के वो बच्चा किसका है। फिर वो कभी अपने ससुराल नहीं गई और बस जिंदगी भर अपने बाप और भाई से ही चुदवाती रही। वो फिर अपने भाई की ही बीवी बनकर रहने लगी थी। सब गांववालों को सब पता था पर फिर भी कोई कुछ नहीं बोला। कोई चाहे कुछ भी कहे ये अपने घर की बात थी। वैसे भी उसे कोई लड़की मिलने वाली नहीं थी क्योंकि वो गरीब घर का लड़का था तो अब उसकी बहन ही उसकी बीवी बन चुकी थी।

 

 

इस तरह फिर तो देखते ही देखते पूरे गांव में किसी न किसी आदमी और औरत ने अपने घर मे चुदाई जरूर कर ली थी। चाहे बहु ने अपने ससुर से और बेटे ने अपनी मां और बहन से और बाप ने अपनी बेटी से। सरपंच अपनी बेटी की चुदाई के बारे में अपने दोस्तों के साथ बात करता तो फिर तो उसके दोस्त भी अपनी बेटी से चुदाई का मौका ढूंढने लगे। उधर फिर सरपंच की बेटी भी अपने पापा के कहने पर उसके दोस्तों के सामने सेक्सी बनकर जाती और फिर सरपंच ने तो अपने दोस्तों के सामने ही अपनी बेटी के बदन को सहला भी देते थे। बस फिर क्या था इतना देखने के बाद तो फिर उन सबने अपनी बेटी की चुदाई कर ली और इसमें सरपंच और उसकी बेटी ने भी उनकी थोड़ी बहुत मदद की थी। इस तरह गांव में लगभग सभी लोग मजा करते थे अपने घरों में। फिर एक दिन सरपंच के बेटे ने अपने दोस्तों से अपनी अपनी बहन को एक खेत मे लाने के लिए कहा तो फिर मैं भी रिया को लेकर चला गया। सरपंच के बेटे के एक दोस्त की बहन नहीं थी तो फिर वो अपनी मां को लेकर आ गया। फिर हम सब इकट्ठा हुए तो फिर पहले मैं, रिया, सरपंच का बेटा और उसकी बहन नंगे हो गए और फिर वो बाकी सब भी नंगे हो गए। फिर हम एक दूसरे से अदला बदली करके सब औरतों के बदन को सहलाने लगे। फिर हम चुदाई करने लगे। जिसमे हम सब को काफी मजा आया। फिर सबको इसका चस्का लग गया तो फिर उन दोस्तो की बहने एक दूसरे के घर चली जाती और फिर कुछ दिन उनके साथ ही रहती और फिर खूब मजे करती। इस तरह सरपंच के बेटे ने अपने दोस्तों के साथ अपनी मां की अदला बदली करके भी चुदाई करने लगा। इस सबका किसी को पता नहीं लगता और सब घर मे रहकर खूब मजे करते।

 

 

फिर एक दिन मेरे मन मे रिया की शादी सरपंच के बेटे से करवाने का ख्याल आया। फिर इसके बारे में जब मैंने सपना को बताया तो वो भी मेरी बात से सहमत हो गई। फिर वो बोली के अभी रिया तो 16 की भी नहीं हुई है। कुछ टाइम अभी और देखते है और फिर हम सरपंच से रिश्ते की बात करेंगे। अगर अभी बात की तो वो दोनो बाप बेटे मुझे और रिया को जाने ही नहीं देंगे। फिर मैंने कहा के ठीक है। सरपंच की बेटी को ससुराल आये हुए काफी दिन हो चुके थे तो फिर उसे लेने के लिए उसका पति आया। फिर सरपंच के बेटे ने और मैंने उससे पहले सलमा की दोस्त की दोनो बेटियों को चुदवाया। वो भी आशिक मिजाज था तो उसे बहुत मजा आया। फिर उससे हमने सपना को चुदवाया तो फिर वो भी सपना का कायल हो गया और फिर तो वो बस सपना से ही चिपका रहने लगा। इस बात का फायदा उठाकर हमने एक दिन सरपंच की बेटी को उसके कमरे में भेज दिया तब वो सपना की चुदाई में मस्त था। फिर अपनी बीवी को देखकर वो घबरा गया और फिर ये देखकर उसकी बीवी मुस्कुराने लगी। फिर सरपंच की बेटी ने उसे दूसरी औरतों को चोदने की इजाजत दे दी और साथ मे अपने लिए भी दूसरे मर्दो से चुदवाने की इजाजत मांग ली। तो फिर उसने इजाजत दे भी दी। फिर तो उसी के सामने मैंने और सरपंच के बेटे ने सरपंच की बेटी की चुदाई की और उसने सपना की चुदाई की। फिर हम सब मिलकर चुदाई करने लगे। फिर एक दिन सरपंच की बीवी बिकुल नंगी होकर वहां आ गई तो उसे देखकर तो वो देखता ही रह गया। फिर सरपंच की बीवी ने अपने जवाईं से हंस हँसकर काफी बातें की। फिर हमने उसे सरपंच और रिया की चुदाई दिखाई तो वो देखता ही रह गया। फिर तो उसके सामने ही सरपंच की बेटी ने भी अपने पापा से चुदवाया। ये सब देखकर तो उसका दिमाग खराब हो गया। तो फिर तो उसने सरपंच की बीवी और रिया की भी चुदाई कर दी। फिर धीरे धीरे हमने उसे सब बातें बताई तो ये सब सुनकर वो काफी खुश हुआ। फिर वो काफी दिन तक हमारे साथ ही रहा और फिर हमने साथ मे काफी मजे किये। फिर तो सरपंच के सामने ही खुलकर उनका जवाईं अपनी बीवी और सास की चुदाई करने लगा। फिर तो सरपंच, सरपंच का बेटा और उनका जवाईं तीनो ने मिलकर एक साथ सरपंच की बीवी और बेटी की चुदाई की। फिर सरपंच की बेटी और उनका जवाईं चले गए। उधर हमें आये हुए भी काफी दिन हो चुके थे तो फिर मैं, रिया, सपना, सास और सलमा वापिस आने लगे।

 

 

फिर हमने रिया और सरपंच के बेटे की रिश्ते की बात सास को बताई तो फिर सास और सलमा दोनो ने कहा के ये बहुत बढ़िया रिश्ता होगा। फिर सलमा बोली के रिया अब खुल चुकी है तो इसकी शादी करने में ही भलाई है। शादी के बाद ये जैसे चाहे वैसे मजे करे। इसे रोकने टोकने वाला नहीं होगा। फिर सपना ने कहा के सही कहा। फिर हम ऐसे ही बाते करते करते वापिस आ रहे थे। वो सब औरतें नंगी ही बैठी थी। फिर एक जगह मैंने पेशाब वगैरह करने के लिए गाड़ी रोकी तो वो सबकी सब नंगी ही कार से उतरकर सड़क पर खड़ी हो गई। तब वहां से एक ट्रक गुजरा तो उसका ड्राइवर फिर कुछ दूर ट्रक रोक कर उन्हें देखने लगा। फिर मैंने उसे जाने का इशारा किया तो फिर वो चला गया। फिर हम सबने पेशाब किया और हम सब कार में बैठकर फिर से चल पड़े। अब रिया, सास और सपना और ज्यादा खुल चुकी थी। अब उनकी शर्म बिल्कुल खत्म हो चुकी थी। फिर रास्ते मे एक जगह छोटी नहर दिखाई दी। वहां पर कुछ आदमी नहा भी रहे थे। फिर सपना ने नहाने के लिए बोला और साथ मे वो अपनी चुत भी सहलाने लगी। फिर मैंने वहां गाड़ी रोकी और फिर वहां जो नहा रहे थे उनसे बात की। तब वहां 5 लोग थे। मैंने उन्हें सब बात बताई तो फिर वो सब मस्ती करने के लिए तैयार हो गए। फिर जब सब औरतें गाड़ी से उतरी तो फिर तो उन्हें देखकर देखते ही रह गए। फिर सपना ने उन सबसे नंगा होने के लिए कहा तो वो हो गए। फिर हम सब पानी मे जाकर नहाने लगे। वो सब आदमी उन सबके बदन को सहलाने लगे। फिर वो सब तो सपना, सलमा और सास की चुदाई करने लगे और मै रिया की चुदाई करने लगा। तब हममें से किसी को भी शर्म नहीं आ रही थी। फिर नहाकर और चुदाई करके हम गाड़ी में बैठकर फिर से चल दिये। फिर हम शाम होने तक गांव पहुंच गए और फिर सलमा के घर चले गए। फिर रात को हमने सलमा के घर पर ही रुक गए। फिर हम पिछले दिनों जो भी मस्ती की उस बारे में बातें करने लगे। सलमा को भी ऐसे मस्ती करके बहुत मजा आया था। फिर वो बोली के अब से मैं और मेरी दोनो बेटियां भी नंगी ही रहेंगी। फिर सपना बोली के मैं अपनी बेटियों और बेटे को लेकर अपनी दोस्त के पास जाऊंगी और वहां खूब मस्ती करूंगी।

 

 

फिर ऐसे ही बातें करते करते हम गर्म हो गए तो फिर मैं और अब्बास लेट गए तो फिर वो सब औरतें बारी बारी से हमारे ऊपर आकर हमारा लण्ड लेकर चुदने लगी। फिर हम सब झड़ गए तो फिर हम सो गए। फिर अगले दिन सुबह-सुबह ही मुझे, सलमा, सपना और सास को जल्दी जाग आ गई तो फिर मैं सलमा को लेकर घर से बाहर आ गया। फिर मैंने सलमा से कहा के तुम्हे आज अपने दो पड़ोसियों के सामने नंगा ही रहना है। इसके लिए सलमा भी तैयार थी। फिर हम इधर उधर घूमने लगे। तब थोड़ा दिन निकल चुका था। फिर मैं सलमा की वहीं दीवार के सहारे खड़ा करके चुदाई करने लगा तो फिर तभी आसपास के घरों से दो तीन आदमी निकले और वो हमें देखने लगे। फिर मैं झड़ गया तो फिर सलमा उनकी तरफ देखती हुई घर के अंदर चली गई और मै भी चला गया। फिर उस दिन सलमा और उसकी दोनो बेटियां नंगी ही रही। उधर फिर मैं सपना, रिया और सास को लेकर अपने घर चला गया।

 

 

घर आने के बाद उन सब नौकरों ने उन तीनों मां बेटियों की चुदाई की और फिर हम सब गोपीनाथ से मिले और उसे भी सब कुछ बताया। उधर सपना की चुदाई करने के लिए ससुर के मेरे पास कई दिनों से फोन आ रहे थे तो फिर मैंने उनसे झूठ कह दिया था के हम सब मेरे दोस्त से मिलने गए है। फिर मैंने उन्हें फोन करके मेरे आने के बारे में बता दिया तो फिर उन्होंने अगले दिन आने के लिए कहा। अब इतना कुछ हो चुका था और अब हम सभी खुलकर मस्ती करना चाहते थे तो फिर मैंने सपना से बात करके सास को ससुर और नरेश और सोनम के बारे में सब बता दिया। फिर सब पता चलने के बाद सास बेचारी अब क्या कहती। फिर मैंने सास को सपना और ससुर की चुदाई के कुछ फ़ोटो दिखाए। जिन्हें देखकर तो सास देखती ही रह गई और गर्म हो गई। फिर सास की मैंने चुदाई की। सास को इससे कोई एतराज नहीं था। फिर अगले दिन सुबह सुबह ही ससुर का फोन आ गया तो फिर सपना मेकअप वगैरह करके तैयार हो गई और फिर ये देखकर सास अपनी चुत सहलाने लगी। फिर सपना मेरे साथ मोटरसाइकिल पर नंगी ही बैठ गई। फिर मैं सपना को लेकर हमारे पास ही के एक खेत में ले गया। ससुर तो सपना को देखकर काफी खुश हुए और फिर वो सपना के बदन को सहलाने और दबाने लगे। फिर वो सपना की चुदाई करने लगे। काफी दिनों बाद सपना की चुदाई करके वो काफी ज्यादा खुश हुए। फिर मुझे यही मौका ठीक लगा तो फिर मैंने उनसे बोला के अब आपको सास से छुप छुप कर चुदाई करने की कोई जरूरत नहीं है। ये सुनकर ससुर हम दोनों की तरफ देखने लगे तो फिर मैंने ससुर से कहा के मैंने सास को पटाकर उनकी चुदाई कर दी है। पहले तो ये सबकर ससुर को यकीन नहीं हुआ। लेकिन फिर मैंने ससुर को सास और मेरे चुदाई के फोटो दिखाए। जिन्हें देखकर तो ससुर देखते ही रह गए। फिर उन्होंने पूछा के ये सब कैसे हुआ तो फिर मैंने उन्हें बताया के उन्होंने सपना की नौकरों के साथ चुदाई देख ली थी। फिर सपना ने सास को समझाकर मुझसे चुदवा दिया। फिर ये सुनकर तो ससुर खुशी से उछल पड़े।

 

फिर सपना ने अपने पापा से घर चलने के लिए कहा ताकि सब शर्म आज ही दूर की जा सके। तो फिर ससुर मान गए। फिर मैं मोटरसाइकिल लेकर घर आने लगा और उधर सपना अपने पापा के साथ कार में बैठकर घर आने लगी। फिर पहले घर पहुंचकर मैंने सब नौकरों को खेत मे भेज दिया और फिर सास को पूरी बात बताई। तब सास थोड़ी शर्मा रही थी तो मैंने कहा के आज ही मौका है। फिर जैसे चाहे वैसे मस्ती करना। उधर मैंने रिया को मंदिर में भेज दिया। फिर इतने में ससुर और सपना आ गए तो फिर ससुर बाहर वाले कमरे में बैठ गए। फिर सपना घर के अंदर आ गई। फिर हम दोनों सास को लेकर कमरे में चले गए। तब सास और मै नंगे ही थे। सास को नंगी देखकर ससुर देखते ही रह गए। फिर हम चारो नंगे बैठकर बातें करने लगे। तब सपना ससुर के साथ बैठी थी और मै सास के साथ। फिर सपना अपने पापा के लण्ड को सहलाने लगी और मैं सास के बदन को। फिर जब ससुर गर्म हो गए तो फिर वो तो सपना की चुदाई करने लगे। ये देखकर सास भी गर्म हो गई तो फिर वो भी मुझसे चुदवाने लगी। फिर चुदाई के बाद सबकी शर्म दूर हो गई। फिर तो सपना के कहने पर ससुर ने हमारे सामने ही सास की चुदाई की। फिर मैंने और ससुर ने एक साथ पहले सपना की और फिर सास की चुदाई की। हम सब दिन भर चुदाई करते रहे। उधर फिर रिया मंदिर से आ गई तो उसने छोटे छोटे कपड़े ही पहन रखे थे। फिर ससुर उसे भी देखते ही रह गए। फिर उसके सामने ही हम सब नंगे ही घूम रहे थे तो फिर सपना ने ससुर से कहा के ये अभी तैयार हो रही है। फिर ससुर को भी उसके सामने नंगा रहने में कोई शर्म नहीं आई। फिर मैंने सब नौकरों को भी खेत से बुला लिया। फिर शाम हो चुकी थी तो फिर मैं, ससुर आंगन में नंगे बैठे थे। वहीं पर सास भी बैठी थी। तीन नौकर भी हमारे पास ही बैठे थे और सपना और रिया दो नौकरों के साथ किचन में थी।

 

फिर हमारे पास बैठे नौकर एक एक करके नहाने लगे तो फिर सपना ने भी रिया से नहाने के लिए कहा तो फिर रिया तो बिल्कुल नंगी होकर नहाने लगी। ये देखकर ससुर देखते ही रह गए। फिर सपना अपने पापा से कहने लगी के सब नौकर उससे डरते है तो वो कोई भी रिया के हाथ नहीं लगा सकते है। फिर रिया ने नहाने के बाद सपना से पूछा के वो क्या पहनें तो फिर सपना ने उसे नंगी ही रहने के लिए कह दिया। फिर शाम को खाना वगैरह खाने के बाद हम सब छत पर सोने के लिए चले गए और रिया को आंगन में ही सोने के लिए कह दिया। उसे सपना ने चुपके से कुछ देर बाद ऊपर आने के लिए कह दिया था। फिर ऊपर जाते ही हम सब चुदाई करने लगे। फिर थोड़ी देर बाद रिया छत पर आ गई तो फिर वो एक नौकर को साइड में लेकर उससे चुदवाने लगी। इसके बारे में ससुर को बिल्कुल भी पता नहीं लगा। वहां अंधेरा था और सब चुदाई में मग्न थे तो फिर रिया वहीं हमारे पास आ गई। तब सपना और सास घोड़ी बनी हुई थी। तो फिर जब ससुर सपना की चुदाई कर रहे थे तो फिर रिया सास की जगह जाकर घोड़ी बन गई और सास पीछे की तरफ हो गई। एसक ससुर को जरा भी पता नहीं चला। फिर ससुर सपना के बाद रिया के पीछे जाकर खड़े हो गए और फिर रिया की गाँड में लण्ड चुदाई करने लगे। तब ससुर को कुछ भी पता नहीं चला। ये देखकर हम सब मुस्कुराने लगे। फिर ससुर रिया की गाँड में ही झड़ गए और फिर साइड में होकर लेट गए। वो थक गए थे तो फिर वो सो गए।

इसके बाद तो मैंने और नौकरों ने मिलकर उन तीनों मां बेटियों की खूब चुदाई की। फिर चुदाई के बाद हम वहीं सो गए। फिर सुबह जब उठे तो तब ससुर सपना से चिपक कर सो रहे थे और सास नौकरों के साथ और रिया मेरे साथ थी। फिर ससुर रिया को देखकर बोले के ये कब आई। फिर मैंने कहा के रात को आ गई थी। तब ससुर फिर सपना के बदन से खेलने गए और सपना को अपनी बाहों में ले लिया। फिर मैंने भी रिया को अपनी बाहों में ले लिया और उसके बदन को सहलाने लगा। फिर इतना ही नहीं रिया मेरा लण्ड पकड़कर सहलाने लगी। ये देखकर ससुर देखते ही रह गए। फिर ससुर तो सपना की चुदाई करने लगे और उधर सास भी नौकरों से चुदने लगी। फिर रिया ने ससुर के सामने ही एक दो नौकरों के भी लण्ड हिलाए तो फिर ये देखकर तो ससुर का भी रिया से अपना लण्ड हिलवाने का मन करने लगा। फिर ससुर के ये मन की बात सपना ने भांप ली तो फिर सपना ने रिया को अपने पास बुलाकर उसके हाथ मे अपने पापा का लण्ड थमा दिया। फिर जब रिया अपने नाना का लण्ड हिलाने लगी तो फिर वो तो आंखें बंद करके मजा लेने लगे और फिर जब वो झड़ने लगे तो फिर रिया उनका लण्ड चुसने लगी। जिससे ससुर बहुत खुश हुए। फिर इसके बाद ससुर सपना की तरफ देखकर मुस्कुराने लगे। फिर ससुर ने रिया की कमर में हाथ डालकर उसे अपने साथ खड़ा कर लिया। फिर एक नौकर जाकर चाय बना लाया तो फिर चाय पीकर हम सब नीचे आ गए और फिर सब नौकर तो काम मे लग गए और बाकी हम इधर उधर घूमने लगे। फिर मैं रिया के बोबो को सहलाने लगा तो रिया गर्म हो गई और उसकी चुत से पानी निकलने लगा। फिर मैं तो रिया की चुत में लण्ड डालकर करने लगा। ये देखकर ससुर देखते ही रह गए। फिर सपना अपने पापा से बोली के रिया भी जवान हो गई है और पूरे मजे लेती है। फिर थोड़ी देर चुदाई के बाद मैंने अपना लण्ड बाहर निकाल लिया और फिर रिया ससुर की तरफ देखकर अपनी चुत सहलाने लगी। फिर ससुर ये इशारा समझ गए तो फिर वो रिया की चुदाई करने लगे। रिया की चुदाई करके उन्हें काफी मजा आया। आज वो बहुत खुश थे।

 

फिर हम सब नंगे ही घर के पीछे की तरफ चले गए जहां नौकर काम कर रहे थे। फिर सास और सपना तो दूध वगैरह निकालने लगी और मैं, रिया और ससुर वहीं पर बैठ गए। फिर दूध निकालते टाइम एक एक नौकर नीचे लेटा था और सास और सपना उनका लण्ड गाँड में लेकर बैठी थी और दूध निकाल रही थी। फिर मैं और ससुर भी रिया के बदन को सहलाने लगे थे। उधर दूध निकालने के बाद नौकर खड़े खड़े ही सास और सपना की चुदाई करने लगे। फिर इतना ही नहीं सास और सपना ने अपने शरीर पर गाय का गोबर लगाकर मसलने लगी। लेकिन नौकर फिर भी उनके बदन को चूम रहे थे। फिर वो वैसे ही चुदाई करने लगे। उधर फिर रिया मेरा और ससुर का लण्ड एक साथ पकड़कर हिलाने लगी तो फिर मैं और ससुर गर्म हो गए तो फिर हम भी रिया की एक साथ चुदाई करने लगे। फिर सास और सपना की गोबर मस्ती देखकर मै, रिया और ससुर भी उनके पास चले गए। फिर हम सब एक दूसरे के शरीर पर गोबर मलने लगे और साथ मे चुदाई भी करने लगे। फिर रिया भी नौकरों से चिपक चिपक कर उनके लण्ड सहलाने लगी। फिर वो नौकरों से चुदने लगी और उधर ससुर तो सपना से मस्ती करने में व्यस्त थे। फिर जब हम सब झड़ गए तो फिर हम खेत मे लगे ट्यूबवेल के आगे जाकर नहाने लगे। उन तीनों मां बेटियों के बदन को हम सब मर्दो ने खूब रगड़ा। नहाते टाइम भी हम सब मर्दो ने उनकी चुदाई कर दी थी। फिर वापिस आने के बाद रिया ससुर के साथ लेट गई और सपना एक नौकर के साथ और सास मेरे साथ। फिर सपना और मै सास और ससुर को वो बातें बताने लगे जो कि उन्हें नहीं पता थी। जब सास को पता लगा के सपना ससुर के दोस्तो के साथ भी मजे कर चुकी है तो ये सुनकर वो गर्म हो गई। उधर फिर सपना ने ससुर को बताया के वो कैसे एक सेठ के घर गई और वहां मजे करके आई। इतना ही नहीं वो अब मंदिर में आने वाले लोगो से भी मजे करने के बारे में भी बताया। फिर हमने ससुर को सलमा की दोस्त के गांव जो जो किया उसके बारे में बताया तो तब तो उनका लण्ड फटने को तैयार हो गया और फिर उन्होंने जल्दी से अपना लण्ड रिया की चुत में घुसा दिया और फिर तब ही झड़ गए। रिया की चुत से उनका पानी निकलने लगा।

 

फिर वो खुद ही रिया की चुत चाटकर अपना पानी साफ करने लगे। फिर हम सबको भूख लग गई तो फिर हम सबने खाना खाया। फिर थोड़ी देर आराम करने के बाद लगभग दोपहर के बाद हम सभी मंदिर में चले गए। मंदिर में जाने से पहले सपना ने अपने कुछ चाहने वालों को फोन कर दिया था। फिर मंदिर पहुंचने के बाद हम गोपीनाथ से मिले। हम सबको साथ देखकर गोपीनाथ को सब माजरा समझ मे आ गया। तब मंदिर में सपना के भगतो के अलावा कोई नहीं था और वो 5-7 मर्द थे। तब वो पांचों नौकर भी हमारे साथ थे। फिर सपना अपने आशिकों से मिलने चली गई तो फिर पीछे पीछे मै और ससुर भी चले गए। तब सपना के आसपास 5-7 आदमी खड़े थे तो फिर सपना तो उनके सामने ही कपड़े खोलकर नंगी हो गई और उन सबसे हंस हँसकर बातें करने लगी। फिर वो ऐसे ही पूरे मंदिर में घूमने लगी। उधर फिर वो सब नौकर भी वहीं थे। सपना को नंगी देखकर कुछ मर्द तो अपना लण्ड भी सहला रहे थे। फिर घूमते घूमते सपना तो उन सबके साथ मंदिर के बाहर तक चली गई। फिर तभी मंदिर में कुछ लोग आए तो फिर जो मर्द सपना के साथ थे वो सपना के चारो तरफ घेरा डालकर खड़े हो गए और ताकि किसी को सपना ना दिख सके। फिर वो सब कमरे की तरफ जाने लगे तो सपना भी उनकी आड़ लेकर चलने लगी। फिर वो सब और मै और ससुर भी कमरे में चले गए। तब उस कमरे में कुल मिलाकर हम 10 आदमी थे। फिर कमरे में जाते ही सब मर्द नंगे हो गए और फिर सब सपना के बदन को सहलाने लगे और दबाने लगे। फिर हम दो दो मर्द मिलकर सपना की चुदाई करने लगे और हम शाम तक चुदाई ही करते रहे। सपना की हमने काफी चुदाई की लेकिन फिर भी हममें से कोई संतुष्ट नहीं हुआ था। फिर उधर शाम की पूजा का टाइम हो गया तो फिर हम सब कपड़े पहनकर मंदिर में आ गए। तब सपना ने चोली घाघरा पहना जिसमे उसकी पीठ लगभग नंगी ही थी। अब लगभग सभी मर्दो को सपना के बारे में पता लग चुका था और सब सपना के बारे में गन्दी बातें करने लगे थे। फिर इससे हमें क्या। फिर पूजा खत्म होने के बाद सपना और हम सब घर आने लगे। ये सब देखकर ससुर बहुत ज्यादा खुश हुए। घर गए तो खाना तैयार था तो फिर खाना वगैरह खाकर हम सब छत पर चले गए।

 

फिर हमने ससुर और सास को सोनम और नरेश के बारे में भी बता दिया। ये जानकर ससुर और सास को जरा भी हैरानी नहीं हुई। फिर सपना अपने पापा से कहने लगी के एक बार भाई और भाभी भी हमारी तरफ हो जाये तो फिर तो आप सोनम की भी चुदाई कर सकते हो। ये सुनकर ससुर बहुत खुश हुए। फिर ससुर बोले तो तुम उन्हें ये सब कैसे बताओगी। फिर सपना बोली के बस आप देखते जाओ। फिर सपना ने अपनी मम्मी यानी मेरी सास से कहा के हम वहां चलते है और कुछ दिन वहां रहकर वहां का भी सारा प्रोग्राम फिट कर देंगे। फिर सास बोली के मुझे भी यहां आए हुए काफी टाइम हो गया है। फिर सपना बोली के तो हम कल ही चलते है। फिर ससुर, सास और सपना का जाना तय हो गया। फिर बातें वगैरह करने के बाद हम सब चुदाई करने लगे और फिर सो गए। अगले दिन उठकर वो तीनो तैयार होकर जाने लगे। तब सपना और सास बिल्कुल नंगी होकर ससुर की कार में पीछे की तरफ बैठ गई। ससुर की कार के शीशे काले नहीं थे फिर भी वो नंगी ही बैठ गई और अपने कपड़े साथ ले लिए। फिर वो ऐसे ही चले गए। उनके जाने के बाद हम सब रिया की चुदाई करने लगे। फिर वहां जो कुछ भी हुआ उसके बारे में मुझे बाद में सास और सपना ने बताया। फिर सपना और सास यहां से तो नंगी ही बैठकर गई और फिर अपने मायके पहुंचने से पहले उन्होंने एक जगह गाड़ी रोकी। वहां ससुर ने उन दोनों की चुदाई की और फिर उन्होंने कपड़े पहन लिए और फिर वो घर पर चले गए। सास और सपना को देखकर नरेश और सोनम काफी खुश हुए।

 

 

फिर उन सबने मिलकर पहले तो इधर उधर की काफी बातें की। सपना हमारे बेटे से भी मिली। फिर नरेश सपना को लेकर छत पर चल गया और फिर सपना की चुदाई करने लगा। फिर चुदाई के बाद जब वो दोनो नीचे आये तो सास उन्हें देखकर सब समझ गई थी। लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा। फिर सपना तो सास के सामने ही सोनम से हंसी मजाक करने लगी और उसके बोबो वगैरह को दबाने लगी। सोनम पहले तो सास से शर्माने लगी लेकिन फिर वो भी मजे लेने लगी। उधर फिर सपना सोनम के सामने ही सास से भी मस्ती करने लगी तो फिर ये देखकर सोनम भी थोड़ी खुल गई। तब दोपहर का टाइम था तो ससुर और नरेश तो बाहर थे और दोनो बच्चे स्कूल वगैरह गए हुए थे। फिर इस बात का पूरा फायदा उठाते हुए सपना तो नहाकर बस टॉवल में ही आ गई। फिर सपना के कहने पर सोनम ने भी ऐसे ही किया और फिर सास भी नहाने के बाद बस तौलिए में बाहर आ गई। फिर वो तीनो बैठकर बातें करने लगी। पहले सास ने अपना टॉवल खोलकर अपने बोबो को देखने लगी तो फिर सोनम और सपना ने भी अपना टॉवल खोल दिया। फिर सपना तो अपनी चुत सहलाने लगी। फिर जब सोनम ने सास की चिकिनी चुत देखी तो वो देखकर हँसने लगी। फिर सपना सास की चुत पर हाथ फेरते हुए बोली के खुजली हो रही थी तो मैंने ही बाल काटे थे। उधर फिर सोनम भी अपनी चुत पर हाथ फेरने लगी। उसकी चुत पर थोड़े थोड़े बाल थे। फिर बातें करते करते वो तीनो खुलने लगी। फिर सपना ने सोनम से पूछा के भाई तुम्हारी चुत कितनी बार मारते है। फिर सोनम ने भी इसका खुलकर जवाब दिया और बोली के बस पूछो ही मत। घोड़ी बनाये ही रखते है।

 

ये सुनकर वो तीनो हँसने लगी। फिर सोनम ने सपना से पूछा तो फिर बीच मे ही सास बोल पड़ी और कहने लगी के जवाईं जी इस पर चढ़े ही रहते है। जब वो इसे लेने आते थे तो भी यहां इसकी चुदाई जरूर करते थे। ये सुनकर सोनम थोड़ी हैरान हुई और फिर वो हँसने लगी। फिर उधर सपना ने अपनी मम्मी से पूछा के पापा आपकी कितनी बार लेते है तो ये सुनकर तो सोनम सुनती ही रह गई। फिर सास ने जवाब देते हुए कहा के बूढ़े होने पर भी वो तो नहीं रुक रहे है और बस मौका मिलने पर चढ़ जाते है ऊपर। ये जवाब सुनकर तो वो सब ही हँसने लगी। वो तीनो तब बेड पर बैठी थी तो फिर सपना सास और सोनम के बदन को सहलाने लगी। फिर वो तीनो आपस मे ही एक दूसरे की चुत सहलाने लगी। फिर सपना सोनम के ऊपर चढ़कर उसके बदन को चूमने लगी तो फिर वो गर्म हो गई तो फिर वो भी सपना के ऊपर आकर उसके बदन को चूमने लगी। फिर वो दोनो सास के बदन को चूमने लगी। फिर वो तीनो ही एक दूसरे की चुत चाटने लगी। जिससे वो तीनो काफी गर्म हो गई। फिर सपना सोनम की चुत पर अपनी चुत रखकर रगड़ने लगी। जिससे वो और भी गर्म हो गई। वो तीनो तब बहुत गर्म हो चुकी थी तो फिर सपना बोली के काश कोई मर्द होता तो मै उससे चुदवा लेती। ये कहकर वो अपनी चुत सहलाने लगी। फिर तो सास और सोनम भी अपनी चुत सहलाने लगी। फिर सोनम अचानक उठी और फिर नंगी ही कमरे से बाहर निकलकर ऊपर चली गई। फिर वो जब वापिस आई तो उसके हाथ मे डिल्डो थे। जिसमें से एक बड़ा और मोटा था और बाकी 2 छोटे थे। फिर बड़ा वाला लेकर सपना ने उसे अपनी चुत में डाल लिया और अंदर बाहर करने लगी। उधर सास और सोनम भी डिल्डो अपनी चुत में डालकर अंदर बाहर करने लगी। तब उन तीनों की सिसकारियों से पूरा कमरा गूंज रहा था।

 

फिर सपना अपनी चुत से बड़ा वाला डिल्डो निकालकर सोनम की चुत में डाल दिया और फिर अंदर बाहर करने लगी। फिर सपना ने सास की चुत में भी डाल दिया। इस तरह फिर वो तीनो एक दूसरे की चुत में डिल्डो डालकर अंदर बाहर करने लगी और फिर झड़ गई। झड़ने के बाद वो तीनो एक दूसरे की तरफ देखकर हँसने लगी। फिर वो तीनो नंगी ही घर मे घूमने लगी। फिर सपना ने सोनम से कहा के वो सास को भी खोलना चाहती है ताकि फिर सब मिलकर मजे कर सके। ये सुनकर फिर सोनम काफी खुश हुई और फिर वो भी सपना का साथ देने लगी। फिर सोनम के पास काफी सेक्सी और छोटे कपड़े थे तो फिर सपना के कहने पर सोनम ने शार्ट जीन और शार्ट टॉप पहन लिया। जिसमे वो काफी सेक्सी लग रही थी। फिर सपना ने सास को एक ट्रांसपेरेंट सूट पहनाया जिसमे से सास का बदन साफ दिख रहा था उधर फिर सपना ने खुद भी एक स्पोर्ट्स ब्रा और शार्ट पेंट पहन ली। फिर पहले नरेश और दोनो लड़के आये तो नरेश तो उन तीनों को देखकर देखता ही रह गया। फिर सोनम और सपना ने नरेश को सब समझा दिया तो फिर नरेश भी सब समझ गया। मेरा और नरेश का बेटा अब 13-14 साल के हो चुके थे तो फिर सोनम ने उन दोनों को कमरे में ले जाकर उन्हें नंगा कर दिया। फिर वो नंगे ही घूमने लगे। फिर सोनम ने सबके लिए चाय बनाई तो फिर सब चाय पीने लगे। तभी सोनम का बेटा सोनम से चिपक कर दूध पीने के लिए कहने लगा तो फिर सोनम ने वहीं अपना टॉप नीचे करके एक बूब निकालकर उसे दूध पिलाने लगी। तभी फिर सपना भी अपने दोनो बोबे बाहर निकालकर हमारे बेटे को दूध पिलाने लगी। ये देखकर नरेश और सास पहले तो कुछ देर देखते रहे लेकिन फिर सास ने अपना कुर्ता ऊपर उठाते हुए नरेश से बोली के आजा बेटा तू भी दूध पी ले।

 

ये देखकर नरेश बहुत खुश हुआ और फिर वो तो अपनी मम्मी के बोबो को चुसने लगा। फिर चाय पीकर सोनम तो घर का काम करने लगी और फिर सपना दोनो लड़को के साथ वहीं लेट गई और वो दोनो उसके बोबे चुसने लगे। तब नरेश ने कपड़े पहन रखे थे तो फिर सोनम ने नरेश से कपड़े खोलकर देने के लिए कहा ताकि वो धो सके। फिर ये सुनकर जब नरेश ने सोनम की तरफ देखा तो सोनम मुस्कुराने लगी और फिर नरेश सब समझ गया और फिर उसने कपड़े खोलकर दे दिए और फिर नरेश बस अंडरवियर में रह गया। फिर वो सास से वहीं चिपक कर लेट गया और सास के नंगे पेट और बोबो को सहलाने लगा। उधर सपना ने तो अपनी ब्रा पूरी खोल दी और फिर वो खुलकर अपने बोबे चुसवाने लगी। नरेश का लण्ड अंडरवियर में खड़ा हो चुका था। फिर सपना अपनी मम्मी से कहती है के आप भी कुर्ता खोल दो। वैसे भी कुर्ता टाइट है तो आपके चुभ रहा होगा। ये सुनकर फिर सास उठकर बैठ गई और बोली के हां चुभ तो रहा है। फिर सास ने अपना कुर्ता उतार दिया और ये देखकर तो नरेश देखता ही रह गया। फिर वो बहुत खुश हुआ और अपनी मम्मी के बोबो को चुसने लगा और चूमने लगा। सास भी उसका पूरा साथ दे रही थी। तब नरेश काफी गर्म हो चुका था। फिर सपना और सास खड़ी होकर घर का काम करने लगी। नरेश सपना को देखकर अपने अंडरवियर में हाथ डालकर लण्ड सहला रहा था। तब सपना बिना ब्रा के ऊपर से बिल्कुल नंगी ही थी। फिर ये देखकर सपना ने नरेश को कमरे में बुलाया और फिर कमरे में ही जाते ही दोनो नंगे होकर चुदाई करने लगे। फिर चुदाई के बाद सपना ने नरेश से ससुर को भी पटाने के लिए कहा तो फिर नरेश बोला के तुम उन्हें पटा लोगी। फिर सपना ने कहा के घास डालके देखती हूँ। पट गए तो फिर तो सब मिलकर मस्ती किया करेंगे। फिर नरेश ये सुनकर खुश हो गया। फिर नरेश और सपना कमरे से बाहर आ गए और फिर सपना ने तो सबके सामने नरेश से अपने बोबे चुसने के लिए कहा लेकिन नरेश शर्मा रहा था तो फिर सपना उससे जाकर चिपक गई और फिर उसे अपने बोबे चुसवाने लगी। उधर फिर नरेश भी सपना के बोबो को चुसने लगा।

 

फिर तो नरेश ने सपना को अपनी बाहों में ले लिया और फिर वो आपस मे मस्ती मजाक करने लगे। फिर शाम हो गई तो फिर ससुर भी घर पर आ गए।फिर सपना तो वैसे ही छोटे कपड़ो में ससुर के सामने चली गई तो ये देखकर सोनम थोड़ी हैरान हुई तो फिर नरेश ने सोनम को सब समझा दिया। फिर सपना ने भी सोनम से ससुर के सामने छोटे कपड़ो में रहने के लिए कहा तो एक बार तो सोनम ने मना कर दिया लेकिन फिर सपना ने उससे कहा के एक बार कोशिश तो करके देखो फिर देखो कितना मजा आता है। फिर सोनम मान गई। फिर थोड़ा अंधेरा होने के बाद ससुर तो दारू पीने लगे। फिर सपना ने सोनम से ब्रा पैंटी पहनकर और सिर पर चुन्नी लेकर बाहर जाने के लिए कहा। चुन्नी एक कपड़ा होता है जो कि सूट और सलवार के साथ होता है। हालांकि तब ज्यादा अंधेरा नहीं हुआ था तो फिर सोनम ने वैसा ही किया और फिर वो वैसे ही ससुर के सामने घूमने लगी। उसने चुन्नी से अपना चेहरा छुपा रखा था लेकिन बाकी शरीर दिख रहा था। इसके बारे में सपना ने ससुर को पहले ही बता दिया था तो फिर वो भी बस सोनम को देखकर मजे लेते रहे। फिर सोनम को भी ऐसे मजा आने लगा। उधर फिर सपना ने भी एक सेक्सी सी ब्रा पैंटी पहन ली और फिर वो ऐसे ही अपने पापा के पास चली गई। नरेश तो ये सब देखकर देखता ही रह गया। फिर उधर सास ने भी नहाकर सिर्फ एक टॉवल लपेट कर ही घूमने लगी। फिर सपना अब ज्यादा टाइम खराब नहीं करना चाहती थी तो फिर तो सपना ससुर की चारपाई पर घोड़ी बन गई और ससुर उसकी चुदाई करने लगे। ये देखकर तो सोनम और नरेश देखते ही रह गए। फिर सपना जब ससुर से चुदकर आई तो फिर नरेश सपना से चिपक गया। फिर सपना ने नरेश से कहा के जाकर मम्मी से चिपको। फिर नरेश ने वैसा ही किया। वो मम्मी के पास जाकर उनके बोबो को चुसने लगा और मम्मी खुशी खुशी चुसवाने लगी।

 

खाना वगैरह खाने के बाद फिर सपना ने नरेश से कहा के वो मम्मी की चुदाई कर सकता है। मम्मी उसे कुछ नहीं कहेगी। फिर ये सुनकर नरेश काफी खुश हो गया। आज मम्मी की अपने बेटे के साथ सुहागरात थी तो फिर सपना और सोनम ने मिलकर मम्मी का थोड़ा मेकओवर किया तो सास और भी ज्यादा सेक्सी लगने लगी। इतना ही नहीं सास के कानों में बड़ी बड़ी बालियां और पैरों में हाई हील सैंडल पहनाए और टॉवल खोलकर सिर्फ एक पैंटी पहनाई जो कि थोंग टाइप की थी और उसमें से सास की गाँड पूरी दिख रही थी। फिर जब नरेश ने अपनी मम्मी को ऐसे देखा तो वो फुल गर्म हो गया। फिर फिर सपना, सोनम सास को लेकर ऊपर चली गई और पीछे पीछे नरेश भी चला गया। फिर पहले तो वो चारो कमरे में बैठ गए और बातें करने लगे। फिर बातों ही बातों में सपना ने नरेश से आज तैयार होने के लिए कहा। फिर सोनम ने कहा के ये बेड टूटने वाला है। फिर सपना ने कहा के आज तो टूट ही जायेगा। इस तरह वो डबल मीनिंग बातें करके मजे ले रहे थे। फिर तभी नरेश वियाग्रा की टेबलेट लेने लगा तो फिर सपना बोली के आज तो डबल डोज ही ले लो कहीं बीच मे जवाब न दे जाना। फिर ये सुनकर नरेश ने वियाग्रा की दो टेबलेट ले ली। फिर सपना ने नरेश को सास के पास बैठा दिया और फिर उनकी आपस की शर्म खत्म करने के लिए उनसे गन्दी गन्दी बातें करने लगी। सपना नरेश से कहने लगी के आज रात तो जमकर दूध पीना और अपने जन्म स्थान को खूब अच्छी तरह देखना। फिर नरेश सास से चिपक कर बैठ गया और फिर सास के दोनो हाथों को अपने हाथों में ले लिया। फिर नरेश अपनी मम्मी के बोबो को दबाने लगा। फिर वो तो सास को अपनी बाहों में लेकर बैठ गया। उधर सास भी अपने बेटे का साथ दे रही थी। फिर सपना कि बातों से नरेश गर्म हो चुका था तो फिर वो अपनी मम्मी की गालों पर किस करने लगा।

 

फिर इतना ही नहीं जब लिप किस करने की बात आई तो फिर तो नरेश सपना और सोनम के सामने ही सास से लिप किस करने लगा। फिर थोड़ी देर लिप किस करने के बाद वो दोनो एक दूसरे की तरफ देखकर हँसने लगे। फिर सपना ने नरेश से सास की मांग में सिंदूर भरवाया और फिर मंगलसूत्र भी पहनावाया। ये देखकर सोनम भी देखती रह गई। फिर काफी रात हो चुकी थी तो फिर सपना और सोनम वहां से आ गई और फिर वो नीचे चली गई। तब तक दोनो लड़के सोए नहीं थे और फोन में गेम खेल रहे थे। फिर सपना और सोनम ने उनसे फोन लेकर उनसे अपने बोबे चुस्वाने लगी और फिर थोड़ी देर बाद ही वो सो गए। फिर सोनम ने सपना से कहा के वो भी ससुर से अपनी मांग भरवाकर और मंगलसूत्र पहनकर चुदना चाहती है। ये सुनकर सपना काफी खुश हुई। फिर वो बोली के तो अभी चली जाओ। फिर वो हँसकर बोली के नहीं अभी तो नहीं। फिर सपना ने कहा के ऐसे कामो में देरी नहीं करते। उन दोनों को नींद नहीं आ रही थी तो फिर वो दोनो काफी देर बातें करती रही। फिर वो गर्म हो गई तो फिर वो दोनो एक साथ लेटकर एक दूसरे के बदन को चूमने लगी और फिर चुत चुसने लगी और फिर थोड़ी देर बाद झड़ गई तो फिर वो सो गई। फिर अगले दिन जब ससुर नहीं जागे तब तक तो सोनम नंगी ही सब काम करती रही। फिर ससुर जाग गए तो उसने ब्रा पैंटी पहन ली और फिर चुन्नी से अपना मुँह छिपाकर काम करने लगी। ससुर भी उसे देखकर अपना लण्ड सहलाने लगे। फिर वो बाहर घूमने चले गए। फिर सोनम और सपना चाय वगैरह लेकर ऊपर चली गई। तब सपना नंगी ही थी। फिर जब वो दोनो कमरे में गई तो फिर उन्होंने देखा के नरेश सास को घोड़ी बनाकर चोद रहा था। फिर वो दोनो वहीं खड़ी होकर उनकी चुदाई देखने लगी। सोनम तो उनकी चुदाई देखकर गर्म हो गई। तब सास के बाल बिखरे हुए थे और कमरे की हालत भी अस्त व्यस्त थी। फिर जब नरेश झड़ गया तो फिर वो नंगा ही बेड पर लेट गया और सास उल्टी ही बेड पर लेट गई तो फिर सास की चुत से नरेश का पानी बाहर आने लगा।

 

ये देखकर सोनम बहुत गर्म हो गई। फिर सपना ने सास से पूछा के रात भर चुदाई ही कर रहे थे क्या। फिर सास ने कहा के नहीं कुछ देर सोए थे। सुबह फिर वापिस लग गए। फिर सपना नरेश का लण्ड सहलाते हुए पूछा के कितनी बार ली मम्मी की तो तो फिर नरेश ने सपना को खींचकर अपने ऊपर लेटा लिया और बोला के गिनती तो नहीं कि बहुत बार ली पर मन अभी तक नहीं भरा। कमरे का कोई कोना नहीं छोड़ा फिर भी अब और करने का मन कर रहा है। ये सुनकर सब हँसने लगे। फिर हम सब चाय पीने लगे। फिर चाय पीने के बाद नरेश मम्मी की फिर से चुदाई करने लगा। फिर मैं बोली के नीचे कब तक आओगे तो फिर नरेश बोला के खाना ऊपर ही भेज देना। फिर सपना अपने भाई के सामने घोड़ी बन गई तो फिर नरेश सास की चुत से लण्ड निकालकर कुछ देर सपना की चुदाई करने लगा। ये देखकर फिर सोनम भी अपनी ब्रा पैंटी खोलकर नंगी हो गई और फिर वो भी घोड़ी बन गई तो फिर तो नरेश बारी बारी से हम सबकी चुदाई करने लगा। फिर सोनम झड़ गई तो फिर हम दोनों तो नीचे आ गई और नरेश फिर से मम्मी की चुदाई करने लगा। उधर फिर ससुर भी आ चुके थे तो फिर सोनम तो उनके सामने ब्रा पैंटी में घूमने लगी पर सपना नंगी ही रही। फिर वो घर के अंदर आ गए और जब उन्होंने नरेश और सास का पूछा तो सपना ने उन्हें सब कुछ बता दिया। फिर ये सुनकर वो गर्म हो गए तो फिर वो कमरे में जाकर सपना की चुदाई करने लगे।

 

तब तक दोनो लड़के स्कूल जा चुके थे तो फिर अब पहले सपना को अपने भाई और पापा की आपस की शर्म दूर करनी थी तो फिर दोपहर बाद सपना पापा और भाई को लेकर शहर की तरफ जाने लगे। तब सपना एक शार्ट ड्रेस पहनी जिसमे वो बहुत होट लग रही थी। फिर वो तीनों बाते करते करते जा रहे थे। शहर जाने का तो सिर्फ बहाना था। सपना को देखकर वो दोनो गर्म हो चुके थे। फिर एक सुनसान सी जगह पर सपना ने गाड़ी रुकवाई और फिर वो तीनो गाड़ी से उतरकर सड़क से थोड़ा दूर चले गए। फिर वहां जाकर सपना पेशाब करने लगी तो वो दोनो फिर सपना को देखने लगे। फिर सपना ने उन्हें भी पेशाब करने के लिए कहा तो फिर वो दोनो भी अपना लण्ड निकालकर वहीं पेशाब करने लगे। फिर पेशाब करने के बाद सपना ने अपनी ड्रेस उतारकर वहीं पर फेंक दी और फिर वो सड़क से और दूर जाने लगी। ये देखकर फिर ससुर और नरेश भी उसके पीछे पीछे चलने लगे। फिर कुछ दूर जाने के बाद सपना उनके सामने खड़ी होकर अपने बोबो और चुत को सहलाने लगी। ये देखकर अब वो दोनो कब तक रूकते। फिर वो दोनो जाकर सपना से चिपक गए। फिर दोनो ने अपने कपड़े खोल भी दिए। फिर सपना अपने भाई को नीचे लेटाकर उसका लण्ड अपनी चुत में ले लिया और फिर पीछे से ससुर उसकी गाँड मारने लगे। तब अपने भाई और बाप से एक साथ चुदकर सपना को बहुत मजा आ रहा था। तब ससुर और नरेश को भी बहुत मजा आ रहा था। फिर एक राउंड के बाद वो तीनो फिर से करने लगे। इस तरह अब दोनो बाप बेटे आपस मे खुल चुके थे।

 

फिर सपना ने उन दोनो से जाकर ऐसे ही सास की चुदाई करने के लिए कहा तो फिर वो दोनो मुस्कुराने लगे। फिर वो तीनो वापिस आने लगे तो आते टाइम ससुर ने नरेश को बताया के कैसे उन्होंने सपना को अपने दोस्तों के पास ले जाकर मजे किये। ऐसे ही नरेश भी सपना की चुदाई के किस्से सुनाने लगा। तब सपना गाड़ी में नंगी बैठी थी। आज तो वो बस पूरी खुल चुकी थी। जो लड़की अपने बाप और भाई से ही चुदवा उसे आखिर और किसकी शर्म आ सकती है। फिर वो वापिस गांव गए तब तक शाम हो चुकी थी और थोड़ा थोड़ा अंधेरा भी हो चुका था। फिर ससुर ने नरेश से एक ठेके पर गाड़ी रूकवाई। फिर ससुर तो दारू लेने चले गये और नरेश और सपना गाड़ी में ही बैठे रहे। तब अंधेरा था तो कोई उन्हें नही देख सकता था। फिर सपना ने नरेश से गाड़ी से बाहर निकलकर खड़े होने के लिए कहा तो पहले तो नरेश ने मना कर दिया। लेकिन नरेश को क्या पता था के उसकी बहन इस सबमे कितनी माहिर है। फिर सपना के बार बार करने पर वो मान गया तो फिर सपना गाड़ी से बाहर निकल कर खड़ी हो गई और फिर नरेश भी उसके पास जाकर खड़ा हो गया। फिर नरेश सपना के बदन को सहलाने लगा तो वो गर्म हो गया। फिर वो वहीं खड़ा खड़ा सपना के बदन को चूमने लगा। फिर वहां कुछ शराबी घूम रहे थे तो फिर एक दो शराबी वहां आकर खड़े हो गए और उन्हें देखने लगे। फिर सपना ने नरेश से उनकी तरफ ध्यान नहीं देने के लिए कहा। फिर इतने में ससुर भी वहां आ गए तो फिर वो भी सपना के बोबो को चुसने लगे। फिर नरेश गर्म हो गया तो फिर वो सपना को उल्टी खड़ी करके उसकी गाँड में अपना लण्ड डालने लगा तो फिर सपना ने उसे घर पर जाकर सास की चुदाई करने के लिए कहा तो फिर ससुर ने भी जल्दी घर पर चलने के लिए कहा। तब वहां खड़े एक शराबी ने सपना का हाथ पकड़ लिया तो फिर नरेश ने उसके थप्पड़ मार दिया और वो गिर गया। फिर सपना उसके पास गई और उसे उठाते हुए बोली के इस बेचारे को क्यों मार रहे हो। फिर सपना उससे चिपक गई और उसके हाथ को पकड़कर अपने बोबो पर रख दिया।

 

फिर वो शराबी तो सपना के बोबो को चुसने लगा। फिर सपना कुछ देर बाद गाड़ी में आकर बैठ गई और फिर वो घर जाने लगे। फिर जब घर थोड़ी ही दूर रहा तो फिर सपना ने नरेश से कहा के मुझे यहां से नंगी जाना है। फिर नरेश ने वहीं पर गाड़ी रोक दी तो फिर सपना वहीं पर उतर गई। सपना के साथ साथ ससुर भी उतर गए। फिर तब वो दोनो वहां से चलकर घर गए। अंधेरा होने के कारण किसी को कुछ दिखाई नहीं दिया। फिर घर जाने के बाद ससुर तो दारू पीने बैठ गए। उधर जब नरेश ने सोनम को ससुर के सामने ही ब्रा पैंटी में काम करते देखा तो फिर वो सोनम के बदन को सहलाकर मस्ती करने लगा। फिर मैंने सोनम और सास को सब बताया। फिर सपना, सास और नरेश तीनो नंगे होकर ससुर के पास चले गए। फिर नरेश तो सास के बदन को चूमने लगा। उधर फिर ससुर भी नंगे हो गए। फिर सपना ने ससुर का लण्ड हिलाकर खड़ा कर दिया तो फिर ससुर पहले तो सपना को ही घोड़ी बनाकर चोदने लगे और उधर नरेश सास की चुदाई कर रहा था। लेकिन फिर सपना के कहने पर ससुर औए नरेश दोनो ने एक साथ सास की चुदाई। अब सबकी शर्म जा चुकी थी। तो फिर हम सब आंगन में चले गए और सब साथ बैठकर ही खाना खाने लगे। तब सपना ने सोनम के सिर से उसकी चुन्नी उतार दी और फिर सोनम ऐसे ही घुमने लगी।

 

फिर सपना ने सोनम को ससुर के साथ बैठा दिया तो ससुर सोनम के बदन को सहलाने लगे और उसकी गाल पर किस करने लगे। फिर सोनम को शर्म आने लगी तो वो उठकर चली गई तो फिर ससुर ने भी उसके साथ ज्यादा जोर जबरदस्ती नहीं कि। फिर खाना खाने के बाद नरेश तो सास के साथ छत पर चला गया और सपना ससुर के साथ बाहर सो गई और सोनम दोनो लड़को के साथ आंगन में ही सो गई। फिर सोनम दोनो लड़को से अपने बोबो को और चुत को चुसवाने लगी। फिर सुबह मैं उठकर अंदर आ गई तो फिर मैंने उस दिन सोनम को पहनने के लिए थोंग वाली पैंटी दी। जिसमे से उसकी गाँड पूरी नंगी दिख रही थी। फिर सोनम बाहर जाकर काम करने लगी तो फिर ससुर उसे देखकर अपना लण्ड हिलाने लगे। फिर कुछ दिन ऐसे ही चलता रहा और ससुर सोनम के बदन को सहला देते और उसे अपनी बाहों में ले लेते। सपना ने ससुर से सोनम की चुदाई करने के लिए मना किया था।

 

फिर एक दिन ससुर और सोनम की सुहागरात मनाने का दिन आ गया। उस दिन सपना और बाकी सब नंगे होकर आंगन में जमा हो गए। फिर सोनम और ससुर को एक साथ बैठाया गया। फिर ससुर ने सोनम की मांग में सिंदूर भरा और फिर सोनम को मंगलसूत्र पहनाया। फिर ससुर ने सोनम की कमर में हाथ डालकर उसे अपने से चिपका लिया तो फिर सोनम भी ससुर की छाती पर हाथ रखकर मुस्कुराने लगी। सोनम ससुर से चुदवाने के लिए काफी बेकरार हो रही थी तो फिर वो ससुर का लण्ड पकड़कर सहलाने लगी। सोनम बहुत ही सेक्सी औरत थी। फिर ससुर भी सोनम के बदन को सहलाने लगे। तब फिर ससुर सबके सामने ही सोनम को चारपाई पर लेटाकर उसके बदन को चूमने लगे। फिर ससुर सोनम की चुत में लण्ड डालकर चुदाई करने लगे। तब सोनम तो ससुर से मजे लेकर चुदने लगी। तब सोनम का बेटा वहीं खड़ा था तो वो अपनी मम्मी को चुदता देखकर वो भी पास बैठकर सोनम के बोबो को सहलाने लगा। उधर नरेश अपनी मम्मी की चुदाई करने लगा। फिर सपना हमारे बेटे से अपनी चुत चटवाने लगी और बोबे चुस्वाने लगी। फिर ससुर सोनम को घोड़ी बनाकर चोदने लगे और फिर झड़ गए तो उन्होंने अपना पानी सोनम की चुत में ही छोड़ दिया। फिर सोनम अपने बेटे से अपनी चुत चटवाकर साफ करवाने लगी। फिर वो सोनम के बदन को सहलाने लगा। फिर दोपहर हो गई तो फिर ससुर सोनम को लेकर बाहर वाले कमरे में चले गए और बाकी हम सब अंदर ही सो गए। फिर अब सब कुछ सबके सामने आ गया था। फिर सभी खुलकर चुदाई करने लगे थे। अब सोनम भी काफी खुल गई थी। ससुर और नरेश मिलकर उसकी कई बार एक साथ चुदाई कर चुके थे।

 

फिर रात को भी सोनम ससुर के साथ सोती और सास नरेश के साथ छत पर। उधर सपना फिर दोनो लड़को से मजे करती। सोनम अब सारा घर का काम नंगी रहकर ही करती। फिर एक दिन नरेश ने मुझे फोन किया और फिर मुझे सब कुछ बताया। फिर उसने मुझसे कहा के आप आ जाओ आपके लिए एक माल तैयार है। वो अपनी मम्मी के लिए ऐसा कह रहा था। फिर मैंने भी उसे कहा के तुम्हारे लिए भी मैं कुछ ला रहा हूँ। उधर फिर मैं और रिया मेरे ससुराल चले गए। तब रिया ने एक सेक्सी शार्ट ड्रेस पहन रखी थी। फिर नरेश उसे देखकर देखता ही रह गया। फिर जब हम गए तो सब वहां नंगे थे। फिर मैंने और सपना ने जब नरेश और सोनम को रिया के बारे में बताया के वो भी लण्ड के मजे लेने लग गई है तो वो हैरान हो गए। लेकिन फिर रिया और मैं नंगे हो गए तो फिर नरेश तो रिया को नंगी देखता देखता ही रह गया। फिर वो रिया के पास आकर रिया के बदन को सहलाने लगा और फिर उसकी चुदाई करने लगा। उधर फिर मैं भी सोनम और सास की चुदाई करने लगा और ससुर सपना की चुदाई करने लगे। इस प्रकार चुदाई के बाद फिर हम सब बैठकर बातें करने लगे। हमने काफी बातें की। फिर नरेश तो रिया की फिर से चुदाई करने लगा। वो तो अब सास को भूल चुका था। फिर सपना भी उनके पास चली गई तो फिर नरेश उन दोनों मां बेटी को चोदने लगा।

 

फिर चुदाई के बाद रिया अपने दोनो भाइयों के साथ मस्ती करने लगी और उनके लण्ड को सहलाने लगी। फिर वो दोनो भी रिया के बदन को सहलाने लगे। इस तरह हम सब अब पूरे मजे कर रहे थे। फिर शाम को खाना वगैरह खाने के बाद हम सब आंगन में ही बिस्तर बिछाकर लेट गए। फिर नरेश तो रिया की चुदाई करने लगा, मैं सोनम की और ससुर सपना की। उधर सास अपने पोते और दोहिते के साथ मजा करने लगी। फिर क्या रात क्या दिन हम सभी बस मस्ती ही करते रहते। फिर एक दिन हम सब नरेश के खेत गए। फिर खेत जाने के बाद हम सब नंगे हो गए और फिर वहां बाजरी की फसल खड़ी थी तो फिर उस फसल के बीच मे जगह बनाकर हम सब वहां चुदाई करने लगे। मैंने, ससुर और नरेश ने सास, सपना, रिया और सोनम की कई बार चुदाई की। जिसमे सभी को बहुत मजा आया। हम खाना वगैरह साथ लेकर गए थे तो फिर हम पूरा दिन खेत मे रहे और हमने खूब चुदाई की। उधर मेरे और नरेश के बेटे के लण्ड भी खड़े होने लगे थे। फिर सपना और रिया उन्हें चोदना सिखाने लगी और फिर वो दोनो भी चुदाई करने लगे थे। सपना और रिया अपने अपने बेटे से चुदवाती और साथ मे उन्हें चुदाई करना भी सिखाती। फिर वो दोनो लड़के मिलकर रिया की भी चुदाई करने लगे थे। फिर मैंने, सपना और सास ने उन सबको पहले सलमा के बारे में बताया और फिर सलमा की दोस्त के गांव हमने जो मस्ती की उसके बारे में भी बताया। फिर सपना ने अपने पापा से सरपंच के बेटे से रिया के रिश्ते की बात भी की तो फिर ससुर बोले के रिश्ता तो अच्छा है। बाकी तो वहां जाकर ही देखना पड़ेगा। फिर सपना बोली के हां आप वहां जाकर देख लेना।

 

फिर घर पर बहुत मजे करने के बाद मैं, नरेश और ससुर सपना, रिया और सोनम को साथ लेकर मेरे घर चले गए। उधर घर पर सास उन लड़को का ख्याल रखने के लिए रह गई थी तो हमे उनकी चिंता नहीं था। फिर घर आने के बाद नौकरों के साथ मिलकर हमने उन तीनों की काफी चुदाई की। नौकर सपना और रिया की तो काफी बार चुदाई कर चुके थे तो फिर वो बस सोनम की चुदाई ज्यादा करते। सोनम भी उनसे खुलवाकर चुदवाती। फिर मैं सबको लेकर सलमा के घर चला गया। सलमा हमे देखकर काफी खुश हुई। फिर नरेश और ससुर ने तो सलमा और उसकी बेटियों की काफी चुदाई की और उधर सलमा के बेटे अब्बास ने सोनम, सपना और रिया की चुदाई की। फिर सलमा उन तीनों को अपने ग्राहकों से चुदवाने लगी तो फिर ये देखकर तो नरेश और ससुर बहुत गर्म हो गए। हमारे गांव के कुछ लोगो को नरेश और ससुर जानते थे और वो भी सलमा के पास आते थे। फिर जब उनसे वो सपना, रिया और सोनम को चुदते हुए देखते तो बहुत गर्म हो जाते। घर पर अब सलमा और उसकी बेटियां नंगी ही रहने लगी थी और सलमा ने अपने पड़ोस के कुछ लोगो से चुदवाकर उन्हें अपने पक्ष में कर लिया था। जिस कारण सलमा अब घर से बाहर कुछ दूर तक नंगी ही चली जाती थी। उधर सलमा की बेटियां भी घर के गेट पर नंगी ही खड़ी रहती और उन्हें नंगी देखने के लिए गांव के लड़के वहां आसपास ही घूमते रहते थे। रात को पड़ोस के कुछ लोग सपना के पास छुपकर आ जाते थे और फिर सपना उनसे गली में या घर पर ही चुदवाती थी। पर अपनी बेटियों को चुदवाने के पैसे लेती थी।

 

सोनम, ससुर और नरेश तो ये सब देखकर बहुत गर्म हो जाते। वो तीनो इस सब का जमकर मजा ले रहे थे। फिर सपना ने सोनम से घर से बाहर नंगी चलने के लिए कहा तो सोनम ने मना कर दिया। लेकिन फिर एक रात मैं, नरेश, ससुर सोनम, सपना और रिया को साथ लेकर घर से नंगे ही निकल गए। हम गांव की गलियों में नंगे घूमने लगे। तब पहले तो सोनम थोड़ी घबराई हुई लग रही थी लेकिन फिर उसे भी मजा आने लगा। फिर मैंने, नरेश और ससुर ने उन तीनों की गली में ही चुदाई भी की। जिससे नरेश और ससुर को भी काफी मजा आया। फिर तो सोनम भी खुल गईं। फिर तो एक दिन दिन में ही सपना भी सलमा के साथ घर के बाहर नंगी ही चली गई। तब वहां गांव के ही 5-10 आदमी खड़े थे तो फिर वो सपना को देखते ही रह गए। तब नरेश और ससुर ने ये सब देखा तो वो भी बहुत गर्म हो गए। फिर तो दिन में कई बार सपना सलमा के साथ घर से बाहर नंगी जाने लगी। सपना को पहले डर था के कोई उसे पहचान लेगा लेकिन हमारे यहां गांव में रहने वाली औरतें घूंघट निकालती है तो किसी के पहचानने का कोई डर नहीं था और दूसरी बात सपना अपने मुंह पर कुछ ज्यादा ही मेकअप करके रखती जिससे उसकी शक्ल थोड़ी अलग दिखने लगती। फिर सलमा में भी सपना से कहा के कोई तुम्हे पहचान भी लेगा तो क्या हो जाएगा। कोई तुम्हे आकर कुछ नहीं कहेगा।

 

फिर इन सब बातों के कारण सपना नंगी होकर घर से बाहर जाने लगी। सलमा के घर से थोड़ी ही दूर एक टेलर की दुकान थी। जो कि सलमा का जानकार था और मुसलमान ही था। फिर सलमा ने उसके यहां जाने का प्रोग्राम बनाया और सलमा ने उसे आने के लिए कह दिया और साथ मे दुकान में कुछ आदमी भी बुलाने के लिए कहा। फिर अगले ही दिन सपना और सलमा घर से नंगी ही निकली और फिर उस टेलर की दुकान पर जाने लगी। रास्ते मे सब लोग उन्हें देखते ही रह गए। फिर वो दोनो जब टेलर की दुकान पर पहुंची तो वहाँ पर 5-6 आदमी पहले से ही थे और लगभग इतने ही आदमी दुकान के बाहर खड़े थे। फिर टेलकर सबके सामने ही उनका नाप लेने लगा और साथ मे उनके बदन को सहलाने भी लगा। फिर सपना तो टेलर की बाहों में चली गई और टेलर सपना के बदन को सहलाने लगा। फिर ये सब देखकर वहां खड़े आदमी गर्म हो गए। फिर सलमा ने उन सबसे कहा के जो सपना की चुदाई करना चाहता है वो घर पर आ जाये।

 

फिर वो दोनो वापिस घर पर आने लगी तो उनमें से कई आदमी उनके पीछे ही आने लगी। फिर घर पर आने के बाद सपना कमरे में जाकर घोड़ी बन गई और फिर सपना की चुदाई के लिए सलमा ने उनसे सिर्फ 50 रुपये लिए। फिर उन सबने सपना की चुदाई की। फिर इसके बाद तो सपना को चोदने वालो की लाइन ही लग गई। फिर सिर्फ 50-50 रुपयों में ही कइयों ने सपना के भरपूर मजे लिए और फिर सलमा ने रेट बढाकर सीधा 5000 रुपये कर दिए तो फिर भी लोग आते रहे। इस तरह फिर तो अब सपना की सब शर्म चली गई। इतना ही नहीं एक दिन तो सपना कुछ देर के लिए अपने साथ रिया को भी बाहर लेकर चली गई। वो दोनो घर के गेट पर खड़ी रही और लोग उन्हें देखते रहे। उधर फिर तो सपना एक बार सोनम को लेकर टेलर की दुकान पर चली गई तो उस दिन तो सोनम बहुत ज्यादा गर्म हो गई। फिर ये बात धीरे धीरे पूरे गांव में फैल गई तो फिर सलमा का धंधा और भी ज्यादा बढ़ गया। अच्छी बात ये रही के किसी ने इस सबका जरा भी विरोध नहीं किया और सब बस मजा लेना चाहते थे। उधर हमारे यहां का MLA भी मुसलमान था और वो सलमा को जानता था तो कोई दिक्कत वैसे भी नहीं आने वाली थी। सपना एक साथ कई मर्दो को कमरे में बुला लेती और फिर एक साथ उनसे चुदाई करवाती। फिर एक दिन सपना के लिए एक रात का 50,000 रुपये का आफर आया। फिर सलमा ने इसके लिए सपना से बिना पूछे ही हां कर दी। सपना को किसी के घर जाकर चुदाई करवानी थी। फिर जब बाद में सलमा ने सपना को इस बारे में बताया तो फिर सपना सलमा की जबान रखने के लिए वहां जाने के लिए मान गई। वहां जाने के लिए सपना ने एक बहुत ही सेक्सी शार्ट ड्रेस पहनी। जिसमे में वो बहुत सेक्सी लग रही थी। सपना में पैरों में हाई हील सैंडल और कानों में बड़ी बड़ी बालियां और चेहरे पर मेकअप कर रखा था और बालों का जुड़ा कर रखा था। तब सपना को ऐसे देखकर मैं, नरेश, ससुर गर्म हो गए तो फिर हम तीनों ने सपना को घोड़ी बनाकर चोदा। फिर अब्बास ने भी सपना की चुदाई की।

 

फिर चुदाई के बाद सपना, मैं और नरेश कार में बैठकर जाने लगे। सलमा ने हमे जहां जाना था वहां का एड्रेस दे दिया था। फिर हम वहां जाने लगे। फिर कुछ दूर चलने के बाद मैं कार में पेट्रोल भरवाने के लिए पेट्रोल पंप चला गया। तब थोड़ा थोड़ा अंधेरा हो चुका था। फिर पेट्रोल डलवाने के बाद जब पैसों के लिए मैंने जेब मे हाथ डाला तो देखा पर्स नहीं था। फिर मैंने नरेश से पैसे देने के लिए कहा तो उसके पास थोड़े से ही पैसे थे। फिर मैंने नरेश और सपना से कहा के अब क्या किया जाए तो फिर मैं और नरेश सपना की तरफ देखने लगे। हमे ऐसे अपनी और देखकर सपना सब समझ गई। फिर मैंने गाड़ी थोड़ी साइड में ली और फिर सपना कार से बाहर निकलकर खड़ी हो गई। फिर उस पेट्रोल डालने वाले से हमने कहा के हमारे पास पैसे नहीं है। तो फिर वो सपना को देखता ही रह गया। फिर सपना उसके पास जाकर उससे चिपक कर बोली के तुम्हारे सब पैसे मैं दे दूंगी। सपना क़ो देखकर तो उसकी हालत खराब हो चुकी थी। फिर वो सपना को लेकर पेट्रोल पंप के साइड में चला गया। जहां अंधेरा था। मैं और नरेश भी वहां चले गए। फिर सपना अपनी ड्रेस निकालकर उसके सामने नंगी हो गई तो फिर वो सपना के बदन को पागलों की तरह चूमने लगा। फिर सपना उसका लण्ड हिलाकर खड़ा करने लगी। फिर जब उसका लण्ड खड़ा हो गया तो फिर वो खड़े खड़े ही सपना की चुदाई करने लगा। उसे सपना की चुदाई में काफी मजा आ रहा था और सपना भी उसका पूरा साथ दे रही थी। फिर जब वो झड़ गया तो वो काफी खुश हुआ। फिर चुदाई के बाद सपना ने अपनी ड्रेस पहनी और फिर हम कार में बैठकर जाने लगे। वो आदमी अब सपना का आशिक बन चुका था और फिर उसने कहा के आप कभी भी आकर पेट्रोल डलवा सकते है।

 

हमे कोई अंदाजा नहीं था के हम कहाँ जा रहे है और वहां कितने लोग होंगे। फिर थोड़ी देर के बाद हम उस जगह पर पहुंच गए। वो एक फार्म हाउस था। फिर हम उस फार्म हाउस के अंदर गए तो तब वहां कोई नहीं था। फिर हमें एक आदमी दिखा तो फिर हमने उसे बताया के हम कौन है तो फिर वो हमें सीधा अंदर ले गया। जहां 5-7 आदमी बैठे थे और दारू पी रहे थे। फिर हम जैसे ही वहां गए तो वो सब सपना को देखते ही रह गए। फिर एक आदमी उठकर सपना के पास आया और फिर सपना की कमर में हाथ डालकर खड़ा हो गया और फिर सपना के बदन को सहलाने लगा। फिर वो सपना की गाँड सहलाने लगा। फिर सपना में अपनी ड्रेस उतार दी तो सब सपना को नंगी देखकर देखते ही रह गए। फिर उन्होंने सपना को अपने पास बैठकर उसके हाथ से दारू पीने लगे और वो सपना को भी दारू पिलाने लगे। जब वो सब एक दम टुन्न हो गए तो फिर सब चुदाई करने लगे। नशे के कारण सब कसकर सपना की चुदाई कर रहे थे। सपना भी उन सबको खूब मजे दे रही थी। चुदाई का दौर आधी रात तक चला और फिर सब लोग सो गए। फिर सुबह सब लोग थोड़ी देरी से ही उठे। फिर उठने के बाद सब सपना की फिर से चुदाई करने लगे। फिर चुदाई के बाद एक आदमी ने हमे 50,000 रुपये दे दिए। वो सब सपना की चुदाई करके काफी खुश थे। फिर सपना में अपनी ड्रेस पहनी और फिर गाड़ी में बैठकर हम आने लगे। तब 50,000 रुपये हाथ मे लेकर सपना काफी खुश हुई और बोली के अगर कोई इतने रुपये दे तो मजे ही मजे है। एक रात के 50,000 तो महीने के 15 लाख हो गए और करना कुछ भी नहीं। फिर हम ऐसे बातें करते करते सलमा के घर चले गए। फिर सपना ने वो पैसे सलमा को दिए तो फिर सलमा ने उसमें से सिर्फ 10 हजार रखे और बाकी सपना को वापिस दे दिए। फिर वो पैसे लेकर सपना काफी खुश हुई।

 

फिर सपना ने सलमा से कहा के अगर इतने ज्यादा पैसे दे तो फिर तो चुदाई करवाने में कोई हर्ज नहीं है। ये सुनकर सलमा बोली के तभी तो मैं ये काम करती हूँ। फिर सलमा ने कहा के मेरी दोनो बेटियों को प्रेग्नेंट करना है ताकि मेरा धंधा आगे बढ़ सके। तो फिर सलमा ने मेरी और नरेश की तरफ देखा तो हम काफी खुश हुए। फिर सलमा ने हम दोनो को अपनी बेटियों को प्रेग्नेंट करने के लिए कहा। फिर सलमा बोली के जब वो प्रेग्नेंट हो जाएगी तो तब सारा धंधा सपना, रिया और सोनम को ही करना होगा। ये सुनकर मैं और नरेश काफी गर्म हो गए। फिर सपना इसके लिए खुशी खुशी मान गई। फिर मैं और नरेश सलमा की बेटियों की चुदाई करने लगे और वो जल्दी ही प्रैग्नेंट भी हो गई। ये सब सुनकर हम सब काफी खुश हुए। उधर फिर कुछ महीने तक सलमा की दोनो बेटियां चुदवाती रही लेकिन फिर उन्होंने चुदवाना बंद कर दिया तो फिर उन दोनो को लेकर मैंने नरेश और ससुर के साथ उन्हें मेरे घर भेज दिया। जहां वो दोनो उनकी गाँड वगैरह मार लेते और उनका ख्याल रखते। फिर उधर सपना, सोनम और रिया सलमा के ग्राहकों से चुदवाने लगी। फिर उधर हमने मेरे और नरेश के लड़के को कुछ टाइम के लिए नरेश के ससुराल भेज दिया और फिर सास को भी बुला लिया। फिर वो चारों मिलकर लोगो से चुदवाने लगी। फिर नरेश तो अपनी मां को चुदता देखकर काफी गर्म हो जाता और फिर वो अपनी मां की खूब चुदाई करता। इतना ही नहीं सपना फिर सास को भी घर से बाहर नंगी लेकर गई तो ये देखकर नरेश का तो बुरा हाल हो गया। अपनी माँ  और बहन को ऐसे सबके सामने सरेआम नंगी देखकर नरेश तो देखता ही रह गया। इतना ही नहीं फिर एक दिन मैंने नरेश को भी उनके साथ भेज दिया। तब नरेश ने अपना मुँह ढक रखा था। फिर सपना तो सबके सामने ही नरेश का लण्ड सहलाने लगी और फिर नरेश भी सपना के बदन को सहलाने लगा। ये देखकर तो लोग सपना के बारे में सोचने लगे ये बहुत बड़ी रंडी है और इसमें बहुत आग है। फिर सलमा सपना के रेट घटाती बढ़ाती रहती। एक बार तो उसने सपना की चुदाई फ्री कर दी। फिर जब ये खबर पूरे गांव में फैल गई तो फिर सपना को चोदने वालो की भीड़ इकट्ठी हो गई। फिर उस दिन तो सपना पूरे दिन घोड़ी बनकर सबसे चुदवाती रही। कुछ लोग शर्म के कारण दिन में नहीं आ पाते थे तो फिर वो रात को आते थे तो जिस कारण फिर तो रात को भी सपना उनसे चुदवाती। जवान तो क्या बड़े बूढ़े भी सपना के दीवाने हो चुके थे। सपना की नंगी तस्वीरे और वीडियो हर किसी के फोन में पहुंच चुकी थी।

 

सपना अब हमारे गांव की पोर्न स्टार बन चुकी थी। हालांकि सपना का पूरा सच कोई नहीं जानता था के वो कहाँ की है और कौन है। उसके मां बाप कौन है। उधर नरेश के दोस्त नरेश के सामने ही सपना की नंगी फ़ोटो और वीडियो को देखकर अपना लण्ड हिलाते और खूब मजे करते। फिर नरेश के मन मे एक आईडिया आया और उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर सपना की चुदाई का प्लान बनाया तो फिर उसने अपने दोस्तो को इस बारे में बताया तो वो काफी खुश हुए। हालांकि नरेश के कुछ दोस्त सपना को जानते भी थे। लेकिन उसे यकीन था के वो सपना को पहचान नहीं पाएंगे। उधर फिर नरेश ने सपना से भी बात कर ली तो वो भी मान गई। सपना भी नरेश के कुछ दोस्तो को जानती थी वो कई बार घर भी आ चुके थे। लेकिन फिर भी सपना उनसे चुदवाने के किये राजी हो गई। फिर चुदाई के लिए नरेश ने सबको अपने घर पर ही बुला लिया। उधर फिर नरेश ने मुझे भी बुला लिया। फिर हम सब नरेश के घर इकट्ठा हुए तो नरेश के दोस्त मुझे देखकर थोड़ा हैरान हुए। क्योंकि नरेश के कुछ दोस्त मुझे जानते थे और मुझसे मिल भी चुके थे। लेकिन फिर नरेश के दोस्त बोले सपना है ही ऐसी उसके लिए तो कोई अपनी जान भी दे दे। हम 5-7 लोग हो गए थे। जब नरेश के दोस्तो ने उससे नरेश के घरवालों के बारे में पूछा तो उसने कहा दिया के वो सब हरिद्वार गंगा नहाने के लिए गए है। पर असल मे तो वो सलमा के घर लोगो के लण्ड के पानी से नहा रहे थे। फिर हम सब मिलकर सपना की नंगी फ़ोटो और वीडियो देखने लगे। उधर मैंने सलमा के बेटे अब्बास से सपना को लाने के लिए कह दिया था। फिर अब्बास सुबह 11 बजे के लगभग सपना को लेकर नरेश के घर आ गया। तब सपना ने एक शार्ट ड्रेस पहन रखी थी और वो पूरी तैयार होकर आई थी।

 

फिर सपना और अब्बास घर के अंदर आये तब हम सब एक कमरे में थे। तब कोई नंगा था तो किसी ने कपड़े पहन रखे थे। फिर सपना के आने पर जब हम कमरे से बाहर आये तो सब सपना को देखते ही रह गए। पहले तो सपना की फ़ोटो वीडियो देखकर सब काफी गन्दी गन्दी बातें कर रहे थे लेकिन फिर सपना को देखकर सब चुप हो गए। फिर अब्बास तो चला गया और फिर हमने सपना को कमरे के अंदर बैठा दिया और फिर हम आपस मे बातें करने लगे। फिर सपना को देखकर तो नरेश का एक दोस्त अपना लण्ड निकालकर हिलाने लगा। उसे देखकर सपना मुस्कुराने लगी और कुछ नहीं बोली। फिर सपना ने चाय पीने के लिए कहा तो फिर नरेश का एक दोस्त चाय बनाने चला गया। नरेश का लण्ड तो तब पूरा खड़ा था क्योंकि सपना उसके दोस्तों के सामने बैठी थी। फिर चाय पीते पीते हमने आपस मे काफी बाते की। सपना हिंदी में बोलकर बातें कर रही थी ताकि किसी को कुछ शक ना हो। सपना काफी मजाकिया अंदाज में बातें कर रही थी और खूब हंस रही थी, जिससे माहौल काफी हद तक हल्का हो गया। फिर नरेश सपना के पास गया और उसके बदन को सहलाने लगा। फिर नरेश ने सपना को अपने हाथों से नंगी कर दिया और फिर सपना के बोबो को चुसने लगा। ये सब देखकर हम सब गर्म हो गए और फिर हम सब भी नंगे हो गए। फिर नरेश तो सबके सामने ही सपना की चुत में लण्ड डालकर चुदाई करने लगा। फिर उसने कंडोम पहन लिया और फिर वो फिर से सपना की चुत मारने लगा और फिर झड़ गया। इसके बाद तो बारी बारी से सबने सपना की चुत मारी।

 

फिर सपना को घोड़ी बनाकर गाँड मारने लगे। उस कमरे में सपना, सास और सोनम की एक बड़ी फ़ोटो लगी थी। जो कि थोड़ी पुरानी थी। लेकिन अगर कोई ध्यान से देखें तो सपना को पहचान सकता था। लेकिन सब चुदाई में मग्न थे उस तरफ किसी का ध्यान गया ही नहीं। फिर उस पूरे दिन हमने चुदाई के खूब मजे लिए। नरेश के दोस्तो के सामने मैंने और नरेश ने सपना की एक साथ मिलकर चुदाई की। फिर तो नरेश के दोस्तो ने भी दो दो के जोड़े में सपना की चुदाई की। हम सब सपना की अलग अलग पोज में चुदाई कर रहे थे। फिर जब शाम हो गई तो फिर हम सब आंगन में आ गए और फिर से चुदाई करने लगे। फिर शाम तक सबने सपना की कई बार चुदाई कर ली थी। फिर खाना खाने की बारी आई तो फिर सपना ने सबसे कहा के चलो बाहर किसी होटल में चलकर खाना खाकर आते है। साथ मे थोड़ा घूम भी आएंगे। फिर सबने सपना की बात मान ली। तो फिर हम सब मर्दो ने तो कपड़े पहन लिए और फिर सपना ने नरेश से कोई दूसरी ड्रेस पहनने के लिए कहा तो फिर नरेश सपना को सोनम के कमरे में ले गया। फिर सपना ने सोनम की अलमारी से एक सेक्सी सी शार्ट ड्रेस निकालकर पहन ली। जो कि ब्लैक कलर की थी और नेट वाली थी। जिसमें सपना बहुत ज्यादा सेक्सी लग रही थी। फिर सब सपना को देखकर गर्म हो गए तो फिर सपना की सबने एक एक बार चुदाई की। फिर चुदाई के बाद हम सब 2 गाड़ियों में बैठकर होटल पर जाने लगे। एक होटल गांव से थोड़ा ही दूर था। वो होटल कम ढाबा ज्यादा था तो फिर हम सब वहीं पर चले गए। फिर वहां जाने के बाद जब हम सब उस ढाबे में खाना खाने गए तो सब सपना को देखते ही रह गए। उस ढाबे में ज्यादातर ट्रक ड्राइवर ही आते थे तो तब उस ढाबे पर लगभग 30-40 मर्द ही थे और काफी ट्रक खड़े थे।

 

फिर हम सब खाना खाने लगे। फिर खाना खाने के बाद हमारे पास उस ढाबे का मालिक आया और फिर उसने सपना को एक साइड में बुलाया तो फिर मैं और नरेश भी उसके साथ चले गए। फिर उस ढाबे वाले ने सपना से कहा के अगर आप बुरा ना मानो तो आप यहां सबके सामने डांस कर सकती हो क्या। इससे मेरा ढाबे का नाम हो जाएगा और मुझे बहुत फायदा होगा। इसके लिए मैं कुछ पैसे आपको भी दे दूंगा। तो फिर इतने में नरेश के कुछ दोस्त भी वहां आ गए थे तो फिर सपना ने मेरे और नरेश के कहने पर हाँ कर दी। फिर वहां उस ढाबे के सामने ही सपना सरेआम सबके सामने डांस करने लगी। सपना को बहुत अच्छा डांस करना आता था तो फिर सपना का डांस देखकर तो सब देखते ही रह गए। फिर वहां कुछ मर्द नहाकर सिर्फ अंडरवियर में ही बैठे थे तो फिर वो भी सपना के साथ डांस करने लगे तो फिर सपना भी उनके साथ चिपक चिपक कर डांस करने लगी। वहां तब एक आदमी था जो कि दिखने में खली जैसा। वो खूब लंबा चौड़ा था और शायद सपना को वो पसंद आ गया था तो फिर सपना उससे काफी चिपक चिपक कर डांस कर रही थी। ये सब देखकर बाकी के मर्द थोड़ा गुस्सा हो गए और फिर वो सपना को उससे छिनने लगे तो उसने उनको मारकर भगा दिया। फिर सपना ने उसके अंडरवियर के ऊपर से ही उसका लण्ड सहलाकर उसे इशारा दे दिया था।

 

फिर वो आदमी सबके सामने ही सपना को अपने साथ ले गया। फिर मैं नरेश और उसके दोस्त भी उनके पीछे पीछे चले गए तो फिर हमें देखकर वो आदमी हमे दूर भगाने लगा तो फिर सपना ने कहा के ये सब मेरे साथ है तो तब फिर वो शांत हो गया। फिर वो अपने ट्रक में जाकर सपना की चुदाई करने लगा। हम सब ये देखने लगे। उनकी चुदाई देखकर तो हम सब गर्म हो चुके थे। सपना उससे अलग अलग पोज में काफी देर तक चुदवाती रही। फिर चुदाई के बाद सपना उसके ट्रक से नंगी ही नीचे उतरी और फिर सपना को ऐसे देखकर नरेश के दोस्तो में उसे अपनी बाहों में ले लिया। फिर जब नरेश ने सपना की चुत को सहलाया तो उसकी चुत से उस आदमी का पानी निकल रहा था और फिर जब नरेश ने अपना हाथ ऊपर किया तो उसके हाथ पर लगा पानी देखकर सपना मुस्कुराने लगी। फिर हम सब वहां से सपना को नंगी ही लेकर जाने लगे और चुदाई के लिए कोई जगह ढूंढने लगे लेकिन फिर हमें वहां उस ढाबे के सिवा कोई जगह नहीं मिली। फिर हम सब सपना को लेकर ढाबे के पीछे चले गए और फिर उस ढाबे के मालिक को बुलाकर सपना की चुदाई के लिए जगह देने के लिए कहा तो फिर वो ढाबा वाला भी सपना को नंगी देखता ही रह गया। फिर उसने भी चुदाई की इच्छा जताई तो फिर सबने सपना से बिना पूछे ही हाँ कर दी। फिर वो हमें ढाबे के पीछे बने एक कमरे में ले गया और वहां हम सब नंगे होकर चुदाई करने लगे। फिर उस ढाबे वाले के अलावा ढाबे पर काम करने वाले कुछ लोगो ने भी सपना की चुदाई की। यानी कुल मिलाकर 11 लोगो ने सपना कि चुदाई की। फिर वहीं पीछे की तरफ ही टॉयलेट वगैरह बने हुए थे तो फिर कुछ और लोगो को भी सपना की चुदाई के बारे में पता चल गया तो फिर वो भी सपना की चुदाई के लिए जिद करने लगे तो फिर सपना ने उनसे भी चुदवाने के लिए हां कर दी। फिर सपना उन सबसे बाहर ही जाकर चुदवाने लगी। तब वहां 25-30 लोग इकट्ठे हो चुके थे और उनमें से आधे से ज्यादा नंगे थे। तब सपना घोड़ी बनी हुई थी और सब चुदाई किये जा रहे थे।

 

तब आधी रात से ज्यादा का ही टाइम हो चुका था तो फिर सपना ने फिर चुदाई के लिए मना कर दिया और फिर हम सब सपना को अपने साथ लेकर घर पर आ गए। आज की ऐसी चुदाई देखकर नरेश के कुछ दोस्त तो बेचारे सदमे में ही चले गए थे। अगर उन्हें ये पता चल जाता के सपना मेरी बीवी और नरेश की बहन है तो वो तो मर ही जाते। फिर घर जाने के बाद सपना अच्छी तरह से नहाई और अपनी चुत और गाँड अच्छी तरह से धोई। फिर हम सब जाकर छत पर लेट गए। तब नरेश के सब दोस्त सो चुके थे और सपना नंगी ही नरेश के साथ लेटी थी। तब नरेश काफी खुश था और वो सपना की गालों पर किस करने लगा। फिर वो दोनो लिप किस करने लगे और सो गए। फिर सुबह जब हम उठे तो दिन काफी निकल चुका था और धूप भी निकल चुकी थी। लेकिन हम तो धूप में ही सोए हुए थे। फिर हम सब एक एक करके उठे और फिर जब सपना उठकर नीचे जाने लगी तो फिर सब सपना को देखते ही रह गए। फिर नीचे जाकर नरेश का एक दोस्त तो चाय बनाने लगा और बाकी हम सब सपना की चुदाई करने लगे। रात को नहाने के बाद तो सपना का मेकअप भी उतर चुका था तो सब फिर भी नहीं पहचान पाए थे सपना को। अगर पहचान भी जाते तो क्या होता कोई यकीन भी नहीं कर सकता था के सपना ऐसा भी कर सकती है तो कोई डर वाली बात नहीं थी।

 

फिर हम बातें करने लगे। नरेश के कुछ दोस्त शादीशुदा थे और कुछ कुंवारे थे तो फिर सपना उन शादीशुदा नरेश के दोस्तो से कहने लगी के अगर अपनी बीवी से मजे करने है तो अलग अलग जगह जाकर चुदाई करो। फिर देखना चुदाई का मजा कितना बढ़ जाएगा। उनकी अलग अलग तरिके से चुदाई करो। फिर ये सुनकर सबको ये बात सही लगी। फिर सपना ने उनसे कहा के अपने दोस्तों के सामने अपनी बीवी को थोड़ा खोलो और अगर आपकी बीवी मान जाए तो उसे किसी दूसरे मर्द से भी चुदवाओ। ऐसी बातें सुनकर सब फिर से गर्म हो गए। फिर हम घर मे इधर उधर घूमने लगे और फिर घूम घूम कर ही चुदाई करने लगे। फिर दोपहर हो गई तो नरेश का एक दोस्त घर पर ही होटल से खाना ले आया। फिर खाना खाकर सब फिर से सपना की चुदाई करने लग गए। फिर शाम तक बस चुदाई ही करते रहे। फिर शाम हुई तो कल रात ढाबे वाली चुदाई देखकर सबको मजा आया था तो आज फिर हम सबने वहां जाकर चुदाई का प्रोग्राम बनाया। फिर जब हम रात को वहां गए तो सपना वहां बिल्कुल नंगी ही गई। उसने पहले खूब मेकअप वगैरह किया और एक शार्ट ड्रेस ले ली पहनी नहीं। फिर ढाबे में पहुंचकर सपना ढाबे के पीछे से अंदर चली गई। ढाबे का मालिक भी सपना को फिर से देखकर काफी खुश हुआ। फिर पहले तो हम सब नंगे हो गए और सपना की चुदाई करने लगे। फिर सब सपना को अपनी बाहों में लेकर मजे लेने लगे। फिर उस रात हम सब बहुत ज्यादा गर्म हो गए तो फिर सपना ने सबके सामने नंगी ही जाने का मन बनाया। फिर जब सपना सबके सामने बिल्कुल नंगी गई तो सबके होश उड़ गए। फिर वहां लगभग 40-50 मर्द तो उनमें से ज्यादातर ने सपना के बदन को सहलाया। इतना ही नहीं फिर तो नरेश ने हिम्मत करके सबके सामने ही खड़े खड़े ही सपना की चुदाई करने लगा। फिर इसके बाद तो सब थोड़ी थोड़ी देर के लिए सपना की चुदाई करने लगे। तब सपना एक दम खुल्लम खुल्ला नंगी घूम रही थी। फिर सपना ने डांस भी किया। कुछ ने सपना को देखकर अपना लण्ड भी हिलाया।

 

फिर सपना वापिस ढाबे में पीछे की तरफ आ गई और फिर घोड़ी बन गई तो सब बारी बारी से सपना की चुदाई करने लगे। तब पता नहीं कितने लोगों ने सपना की चुत और गाँड में लण्ड डाला। इतने मर्दो के बीच सपना बिल्कुल नंगी लोगो से चुद रही थी। उधर नरेश भी सबके सामने सपना के बदन को सहला रहा था। उसे तब काफी मजा आ रहा था। फिर वहां खूब मस्ती करने के बाद हम वहां से आ गए। सपना हमारे साथ नंगी ही गई थी और नंगी ही वापिस आई थी। फिर वापिस आने के बाद सपना नहाने गई तो फिर हम सब सपना के साथ नहाने चले गए। फिर हमने सपना को रगड़कर नहलाया और फिर हम कमरे में आकर चुदाई करने लगे। इस तरह हम सब खूब मस्ती कर रहे थे। सपना को भी खूब मजा आ रहा था तो फिर उसने हमारे साथ कुछ दिन और रहने का मन बनाया। फिर घर पर चुदाई करके हम बोर हो गए थे तो फिर हम सब नरेश के खेत जाने का प्रोग्राम बनाया। तो फिर हम सब ट्रेक्टर ट्रॉली लेकर खेत गए। तब नरेश का एक दोस्त तो ट्रेक्टर चला रहा था और हम बाकी सब ट्रॉली में लेटे थे। तब सपना पूरी नंगी थी। फिर जब हम गांव से बाहर निकले तो सपना तो फिर नंगी ही खड़ी हो गई। आसपास खेत ही खेत थे तो देखने वाला कोई नहीं था तो फिर नरेश भी सपना के साथ खड़ा हो गया। फिर इतना ही नहीं एक जगह ट्रेक्टर रोककर सपना जाकर ट्रेक्टर पर नंगी ही बैठ गई। फिर नरेश ट्रेक्टर चलाने लगा तो उसने सपना को अपनी गोद मे बैठा लिया और फिर अपना लण्ड उसकी गाँड में डाल दिया। फिर खेत आने तक वो ऐसे ही बैठे रहे। फिर खेत आने पर सपना ट्रेक्टर से उतरकर इधर उधर भागने लगी और खूब खुश हुई। सपना को देखकर हम सब गर्म हो गए थे तो फिर हम सपना की चुदाई करने लगे।

 

फिर हम सब वहां पानी मे एक साथ नहाए और खूब चुदाई की। फिर उन सबके सामने मैंने और नरेश की एक साथ चुदाई की। पूरा दिन हम खेत मे रहे और खूब चुदाई की। फिर शाम को आते टाइम हमने ट्रॉली को हरे चारे से भर लिया और फिर नरेश सपना और मै उसमें नंगे ही लेट गए। तब नरेश के सब दोस्त ट्रेक्टर पर बैठे थे। तब थोड़ा थोड़ा अंधेरा हो चुका था तो फिर हम तीनों हरे चारे पर लेटे लेटे मस्ती करने लगी। फिर जब घर आने वाला हुआ तो सपना बैठ गई और हम दोनो के लण्ड हिलाने लगी। फिर नरेश में सपना को घोड़ी बना लिया और चोदने लगा। तब हम गांव के बीच मे से जा रहे थे और नरेश सपना की चुदाई कर रहा था। फिर घर पहुंचने के बाद तो सबने सपना की चुदाई की। इतना ही नहीं फिर अगले दिन दोपहर होने वाली थी और हम सब कमरे में बैठे थे तो फिर सपना को पेशाब आने लगा तो फिर हमने कहा के यहीं कर लो। लेकिन फिर सपना ने कहा के मुझे बाहर करके आना है। ये सुनकर सब थोड़ा हैरान हो गए। घर के सामने ही खाली जगह पड़ी थी और वो सब नरेश की ही थी और वहां टॉयलेट भी बना था। फिर सपना तो घर से नंगी ही निकलकर गली क्रॉस करके टॉयलेट में चली गई। ये सब देखकर नरेश के दोस्त तो देखते ही रह गए। फिर नरेश भी नंगा ही सपना के पीछे पीछे चला गया।

 

फिर वो टॉयलेट में जाकर सपना के पीछे खड़ा हो गया और फिर वो खड़े खड़े ही सपना की चुदाई करने लगा। टॉयलेट की दीवार ज्यादा ऊंची नहीं थी तो फिर वो दोनो हम सबको दिखाई दे रहे थे। नरेश ऐसे खुलेआम अपनी ही बहन की चुदाई कर रहा था। फिर कुछ देर बाद वो वापिस आने लगे तो तब सपना नरेश का लण्ड सहलाते हुए चल रही थी और खूब हंस रही थी। फिर नरेश ने सपना को अपनी बाहों में लेकर उसके बदन को सहलाने लगा। उन दोनों को ऐसे मस्ती करते देख हम सब गर्म हो गए थे। तब वहां आसपास कोई नहीं था और सब अपने घरों में थे तो फिर वो दोनो तो बाहर ही खड़े रहे और अंदर आने का नाम ही नहीं ले रहे थे। फिर मैं भी नंगा ही बाहर उनके पास चला गया और फिर मैं और नरेश सपना की कमर में हाथ डालकर खड़े हो गए। फिर इतना ही नहीं नरेश तो फिर वहीं सपना को दीवार के सहारे खड़ा करके सपना की चुदाई करने लगा। फिर उधर सपना मेरा लण्ड चुसने लगी। फिर ये सब देखकर तो नरेश के एक दो दोस्त भी बाहर आ गए और फिर सपना जाकर उनसे चिपक गई और उनकी बाहों में चली गई। हम सबको पता था के तब वहां कोई आने वाला नहीं है तो फिर तो सपना नरेश के दो दोस्तों को लेकर फिर से टॉयलेट में चली गई और फिर वो तीनो एक साथ ही टॉयलेट में घुस गए और फिर वो वहीं सपना के बदन को सहलाने लगे और चुदाई करने लगे। फिर इसके बाद तो हम सभी ने बारी बारी से जाकर सपना की टॉयलेट में चुदाई की। बाहर धूप थी तो हम सब पसीने से लथपथ हो गए थे। फिर हम वापिस कमरे में आ गए। सबको ऐसे टॉयलेट में चुदाई करके बहुत मजा आया।

 

फिर सपना ने एक कदम आगे और बढ़ाते हुए हम सबसे बोली के अगर मैं नंगी ही यहां से चलकर जाऊं तो गांव में कहां तक जा सकती हूँ। तो ये सुनकर तो सबके होश उड़ गए। लेकिन हम सब जानते थे के घर के एक साइड कुछ दूर तक सिर्फ खाली जगह ही पड़ी थी और फिर एक चौराहा था। तो सपना उस और नंगी जा सकती थी। फिर नरेश ने ये बात सबके सामने रखी तो फिर सपना ने कहा के ठीक है। मैं दोपहर बाद वहां तक नंगी ही जाऊंगी। ये सुनकर तो सब गर्म हो गए और फिर हम चुदाई करने लगे। फिर सपना चुदाई के बाद तैयार होने चली गई। वो पहले नहाई और फिर खूब सारा मेकअप किया और फिर गले मे एक सोने की चैन कानो में झुमके और पैरों में हाई हील सैंडल पहने और बाल खुले छोड़ लिए। तब सपना बहुत ज्यादा सेक्सी लग रही थी। तब सब सपना की चुदाई करना चाहते थे तो फिर सपना ने मना कर दिया और बोली के बाद में कर लेना। फिर सपना घर से नंगी निकलकर गली में चलने लगी और हम सब भी गली में आ गए। सपना सरेआम गली में नंगी बहुत ही ज्यादा सेक्सी लग रही थी। फिर सपना ने गली में ही खड़ी होकर काफी सेक्सी पोज बनाकर फ़ोटो भी खिंचवाए। फिर सपना काफी दूर तक नंगी ही चलकर गई और फिर वापिस आने लगी तो फिर हम सब सपना को घेरकर खड़े हो गए और सपना की चुदाई करने लगे। तभी गली में एक ट्रेक्टर आने लगे तो फिर सपना नीचे बैठ गई और हम सब झुंड बनाकर ऐसे खड़े हो गए जिससे सपना हम सबके पीछे छुप गई। फिर इसका फायदा उठाकर तो हमने सपना की वहीं चुदाई की। फिर चुदाई के बाद भी सपना वहीं घूमने लगी। फिर जब भी कोई गली में आता तो फिर सपना आकर हमारे पीछे छुप जाती। इस प्रकार शाम तक हम ऐसा ही करते रहे। कोई हमे देखकर सोचता के हम सब बातें कर रहे है साथ खड़े होकर पर असलियत तो कुछ और ही थी।

 

इस प्रकार सपना काफी देर तक घर के बाहर नंगी ही रही। ये सब करके सभी को खूब मजा आया। इस तरह फिर तो हम अलग अलग आईडिया लगाने लगे मस्ती करने के। इतना ही नहीं फिर एक दिन सपना ने नरेश के सब शादीशुदा दोस्तो से अपनी अपनी बीवी की फ़ोटो दिखाने के लिए कहा तो फिर जब सबने फ़ोटो दिखाई तो फिर सपना बारी बारी से पूछने लगी के इसकी चुदाई कौन करना चाहता है। फिर किसी ने कुछ नहीं बोला तो फिर सपना ने कहा के यार हम लोग तो सिर्फ मस्ती कर रहे है। फिर सपना खुद उनके बोबो और गाँड की तारीफ करने लगी तो फिर धीरे धीरे सब अपने दोस्त की बीवी की तारीफ करने लगे। फिर धीरे धीरे सब गन्दी बाते करने लगे। फिर जिसकी बीवी की गन्दी बाते करते तो उसके पति से पूछते के तुम्हे कैसा लग रहा है तो पहले तो किसी ने ज्यादा कुछ नहीं कहा। फिर सपना ने नरेश के दोस्तो से कहा के अगर मेरी जगह तुम्हारी बीवी तुम्हारे दोस्तो के बीच नंगी होती तो क्या होता। ये सुनकर और सोचकर ही नरेश के एक दोस्त का लण्ड खड़ा हो गया। ये देखकर सपना उसका लण्ड सहलाते हुए बोली के बस ऐसे ही सोचकर मजे लेते रहो। फिर इतना ही नहीं फिर सपना तो नरेश के जो दोस्त कुंवारे थे उनसे उनकी बहन और मां की फ़ोटो मांगी। तो फिर सपना ने उनके बारे में ही ऐसा ही बोला। फिर सपना ने नरेश के दोस्तो से कहा के हम लड़कियां भी लड़को से कुछ ज्यादा अलग नहीं है। फिर सपना बताने लगी के एक बार मैंने अपने पापा मम्मी की चुदाई देखी तो मेरा अपने पापा से चुदवाने का मन हुआ था और मेरा भाई जिम करता था तो उसकी बॉडी देखकर तो फिर मैं उसे लाइन देने के लिए उसके सामने छोटे कपड़े पहने। पर उसे अपने दोस्त की बहन पसंद थी तो फिर उसके कहने पर मैंने उसके दोस्त को पटाया और फिर मेरे भाई ने उसकी बहन को। फिर मैंने उसके दोस्त से चुदवाया और उसकी बहन ने मेरे भाई से। फिर एक दिन मैंने अपने भाई से भी चुदवा लिया। ये सुनकर तो सबके लण्ड खड़े हो चुके थे। फिर सपना बोली के चलो एक खेल खेलते है। मैं बारी बारी से तुम सबकी मां, बहन और बीवी बनूगी और फिर सबसे चुदवाऊंगी।

 

फिर सपना पहले नरेश के एक दोस्त की बीवी बनी और फिर सपना और वो दोस्त कपड़े पहनकर आ गए। फिर उधर हम सब भी कपड़े पहनकर उन दोनों के पास गए और सपना को उसकी बीवी का नाम लेकर ही बुलाने लगे और बातें करने लगे। फिर बातें करते करते हम सपना से गन्दी बातें करने लगे और फिर उसके बदन को सहलाने लगे। फिर तो हम उसकी चुदाई करने लगे और चुदाई करते करते नरेश के उस दोस्त की बीवी का नाम लेने लगे। फिर ये सब करके हम सब को बहुत मजा आया। फिर इज़के बाद वैसे ही सपना नरेश के दूसरे दोस्त की बीवी बनी और फिर हमने उसकी भी ऐसे ही चुदाई की। इसके बाद सपना नरेश के एक दोस्त की बहन बनी और जब हमने सपना को उसकी बहन मानकर चुदाई की तो फिर नरेश का वो दोस्त खुद ही जोश में आकर सपना को अपनी बहन के नाम से बुलाकर सपना की खूब चुदाई की। फिर सपना नरेश के एक दोस्त की मां बनी तो सब आंटी आंटी कहकर सपना के ऊपर चढ़ गए और उधर नरेश का वो दोस्त सपना को अपनी मम्मी कहकर चोदने लगा। इस प्रकार ऐसे चुदाई करके सभी को बहुत मजा आया। फिर सपना ने सबसे कहा के तुम किसी के बारे में कितना भी गंदा सोच सकते हो सोचो। फिर देखना तुम्हे कितना मजा आता है।

 

इस तरह फिर सब सपना की बात अच्छी तरह समझ गए थे। फिर नरेश के पास सोनम की एक नंगी फ़ोटो थी तो फिर नरेश वो फ़ोटो हम सबको दिखाने लगे। नरेश के दोस्त तो सोनम की नंगी फ़ोटो देखकर देखते ही रह गए। फिर इतना ही नरेश के एक दोस्त के पास भी उसकी बीवी की नंगी फ़ोटो थी तो फिर उसने भी वो सबको दिखाई। फिर सपना ने सबसे कहा के फोटो देखकर चाहे मजा लो पर कभी किसी की इज्जत मत उछालना। ये सुनकर सब थोड़ा और खुल गए। सपना का जादू उन सब पर चल गया था। नरेश के दोस्त और हम सब मिलकर सपना की दिन रात चुदाई कर रहे थे। सपना भी दिल खोलकर उन सबसे चुदवा रही थी। अब सबको ऐसे अलग अलग तरीके से चुदाई करने का चस्का लग गया था। फिर हम सब चुदाई के अलग अलग तरीके ढूंढते और फिर वैसे ही चुदाई करते। एक बार दिन में हमने सपना को घर की छत पर नंगी खड़ी कर दिया और हम सब नीचे बैठ गए। तब सपना को कमर तक नंगी कोई भी देख सकता था। हमने सपना को छत पर तब तक खड़ा करके रखा तब तक के कोई सपना को देख नहीं लेता। फिर जब भी कोई सपना को देखने लगता तो सपना झट से नीचे बैठ जाती। कोई कुछ देख पाता इससे पहले ही सपना नीचे बैठ जाती थी। फिर सपना की हम छत पर ही चुदाई करते। सपना फिर कपड़े सुखाने के बहाने छत पर नंगी ही घूमती रहती। फिर इतना ही नहीं नरेश ने सपना को घर की छत पर बनी पानी वाली टंकी पर चढ़कर चुदाई करने का प्लान बनाया तो फिर पहले दिन में सपना बिल्कुल नंगी पानी वाली टंकी पर चढ़ी। तब सपना को कोई भी देख सकता था। लेकिन पता नहीं किसी ने देखा भी या नहीं। फिर पीछे से नरेश भी बिल्कुल नंगा पानी वाली टँकी पर चढ़ गया। फिर ऊपर चढ़ने के बाद नरेश ने सपना को घोड़ी बनाया और चोदने लगा। तब सपना भी सिस्कारियाँ ले लेकर चुद रही थी।

 

फिर नरेश लेट गया तो फिर सपना नरेश के ऊपर चढ़कर ऊपर नीचे होने लगी। तब नरेश और सपना ने इधर उधर देखा तो कोई भी लोग अपनी छत पर नहीं थे। फिर कई देर की चुदाई के बाद वो दोनो वापिस नीचे उतर गए। इस तरह ऐसे चुदाई करने में उन दोनों को बहुत मजा आया था। फिर नीचे आने के बाद हम बाकी सब तो वहीं सपना की चुदाई करने लगे। सरेआम ऐसे छत पर हम सब से चुदने में सपना को भी काफी मजा आ रहा था। फिर चुदाई के बाद तो सपना बिना किसी शर्म और डर के छत पर घूमने लगी। अब तो जितना हो सके सपना नंगी ही रहती। घर के हर कोने में अब हम सपना की चुदाई कर चुके थे। इस तरह 6-7 दिन मस्ती करने के बाद सपना ने जाने के लिए कहा। क्योंकि उधर स्कूल में रिया के एग्जाम शुरू होने वाले थे। फिर सपना को लेने अब्बास आया तो फिर जाते जाते हम सबने सपना की खूब चुदाई की। फिर सपना ने नरेश के दोस्तो से कहा के वैसे तो इसके लिए मैं पैसे लेती हूँ पर तुम सब मुझे बहुत पसंद आये, इसलिए मैं तुम लोगो से पैसा नहीं लुंगी और मन किया तो फिर आऊंगी। ये सुनकर तो नरेश के दोस्त काफी खुश हो गए। फिर सपना के जाने के बाद हम सब आपस मे खुलकर बातें करने लगे। अब हम सबका यही विचार हो गया था के औरत मजे लेने की चीज है और उसके जितने मजे लिए कई उतने कम है। फिर मैं तो उन सबके सामने ही नरेश की बहन के बारे में गन्दी गन्दी बातें करने लगा। जैसे के वो बहुत अच्छा चुदवाती है वगैरह वगैरह। फिर नरेश भी सोनम के बारे में ऐसी ही बातें करने लगा। फिर तो नरेश के बाकी दोस्त भी ऐसे ही बोलने लगे। अब सबके विचार बदल गए थे। फिर खूब सारी बातें करने के बाद मैं और नरेश सलमा के घर चले गए। नरेश सपना से काफी खुश था तो फिर जाते ही उसने सपना को अपने गले से लगा लिया और फिर सपना की चुदाई भी की। सपना की चुदाई के बारे में हमने सास, रिया और सोनम को भी बताया। तो वो भी काफी खुश हुई। अब सलमा के घर काफी लोग आने लगे थे तो सपना, सास, रिया और सलमा तैयार होकर सुबह ही अलग अलग कमरों में चली जाती और फिर खूब चुदवाती। वो चारो कम से कम 10 मर्दो से तो एक दिन में चुदवा ही लेती थी। पर कभी कभी इससे ज्यादा भी। फिर मेरा और नरेश का मन करता तो फिर बीच मे हम भी उनकी चुदाई कर लेते थे। फिर मैंने रिया के स्कूल में एग्जाम का पूछा तो एग्जाम कुछ दिन में ही शुरू होने वाले थे। फिर मैं और नरेश रिया को लेकर स्कूल चले गए और फिर प्रिंसिपल से मिले ताकि रिया बिना एग्जाम दिए ही पास हो सके। तब रिया ने एक सेक्सी सी ड्रेस पहनी थी और वो उसमें काफी सेक्सी लग रही थी।

 

प्रिंसिपल की उम्र लगभग 50 साल थी तो फिर रिया को देखकर उसकी नियत खराब होनी ही थी। फिर इसी चीज का मैंने फायदा उठाने का सोचा। मैंने सोचा साथ मे मस्ती हो जाएगी और साथ मे काम भी बन जायेगा। रिया ने शार्ट ड्रेस पहन रखी थी जिसमें उसकी जांघे और बोबो के उभार दिख रहे थे। फिर वहां बैठे बैठे ही मैं और नरेश तो रिया की जांघे सहलाने लगे थे और फिर रिया भी हम दोनो के लण्ड सहला दे रही थी। फिर टॉयलेट गई तो फिर हम सब रिया को जाते हुए देखने लगे। फिर हम सब बातें करने लगे और बातों ही बातों में हम खुल गए और फिर मैंने प्रिंसिपल से उसके बारे में पूछा तो उसने बताया के वो दूसरे शहर से है और यहां स्कूल के पास में ही एक मकान में अकेला रहता है। फिर मैंने सोचा के बात बन गई तो फिर मैंने प्रिंसिपल के हाव भाव देखकर उसे सामने से ही रिया के साथ चुदाई करने के बदले उसे पास करने का प्रस्ताव रख दिया तो फिर वो ठरकी प्रिंसिपल भी झट से मान गया। फिर जब रिया वापिस आई तो अब प्रिंसिपल उसे अलग नजर से ही देख रहा था। उधर रिया ने भी अपनी ड्रेस कुछ इस तरह से सेट कर ली थी के उसके बोबो के निप्पल थोड़े थोड़े दिख रहे थे। फिर हम सब आपस मे हँस हँसकर बातें करने लगे। रिया भी हमारे साथ काफी खुलकर बातें कर रही थी।

 

फिर पहले मैं और फिर नरेश रिया की कमर में हाथ डालकर उससे बातें करने लगे तो ये प्रिंसिपल देखता ही रह गया। फिर हम खड़े हो गए तो फिर रिया तो प्रिंसिपल के सामने ही मेरे और नरेश के लण्ड पेंट के ऊपर से ही सहलाने लगी। ये देखकर तो प्रिंसिपल देखता ही रह गया। फिर तब स्कूल की छुट्टी हो चुकी थी और हम सबके पास बहुत टाइम था। फिर रिया चलकर प्रिंसिपल के पास गई तो फिर प्रिंसिपल ने रिया को अपनी बाहों में ले लिया और फिर उसकी कमर में हाथ डालकर उसे गौर से देखना लगा। फिर धीरे धीरे वो रिया के बदन को सहलाने लगा। फिर रिया ने प्रिंसिपल की पेंट के हुक खोल दिये और फिर उसका अंडरवियर नीचे करके उसका लण्ड पकड़ लिया और सहलाने लगी। उधर फिर रिया ने अपने हाथ ऊंचे कर दिए तो फिर ये देखकर प्रिंसिपल ने रिया की ड्रेस पकड़कर ऊपर खींचने लगा और फिर रिया की ड्रेस निकाल दी। नीचे रिया ने सेक्सी बिकिनी पहन रखी थी तो रिया को देखकर प्रिंसिपल के तो होश उड़ गए। फिर उधर मैं और नरेश पूरे नंगे हो गए और फिर हम भी प्रिंसिपल और रिया के पास चले गए तो फिर रिया हमारा लण्ड चुसने लगी। उधर इतने में प्रिंसिपल भी पूरा नंगा हो गया तो फिर रिया उसका लंड भी चुसने लगी। फिर मैंने और नरेश ने रिया की ब्रा और पैंटी खोलकर उसे पूरी नंगी कर लिया और फिर उसके बदन को चूमने लगे। फिर हम खड़े खड़े ही रिया की चुदाई करने लगे। उधर फिर प्रिंसिपल की बारी आई तो फिर वो भी रिया की चुदाई करने लगा। फिर रिया की मै और नरेश एक साथ चुदाई करने लगे तो फिर ये देखकर प्रिंसिपल देखता ही रह गया। फिर पीछे से नरेश कर रहा था और फिर वो साइड हट गया तो फिर प्रिंसिपल रिया की गाँड मारने लगा। इस तरह कुछ देर करने के बाद हम सब झड़ गए तो फिर रिया वॉशरूम में चली गई। फिर प्रिंसिपल ने मुझसे रिया के बारे में पूछा तो मैंने उसे कहा के वो एक बड़े नेता ही बेटी है और हम दोनो उसके बॉडीगार्ड है।

 

फिर जब रिया वापिस आई तो फिर हम तीनों फिर से रिया की चुदाई करने लगे। फिर कुछ देर ऐसे ही चुदाई करने के बाद फिर प्रिंसिपल ने हम सबको अपने घर चलने के लिए कहा तो फिर हम तीनों भी उसके साथ घर जाने के लिए उसके ऑफिस से निकले। तब स्कूल का स्टाफ वहीं था तो फिर सब रिया को देख रहे थे। फिर हम प्रिंसिपल के साथ उसकी कार में बैठकर उसके घर चले गए। वो घर उसके किसी दोस्त का था और फिलहाल वो अकेला ही रहता था। दो नौकर रखे थे वो सब काम कर देते थे। फिर घर जाने के बाद हम सब एक कमरे में चले गए और फिर वहां बेड पर हम सबने फिर से रिया की चुदाई की। फिर प्रिंसिपल ने हमसे कहा के रिया को स्कूल जाकर एग्जाम लिखने होंगे चाहे वो कैसे भी लिखें मै पास करवा दूंगा। रिया के एग्जाम लगभग 15 दिन चलने वाले थे और 6 एग्जाम होने थे लेकिन हमारे पास इतने दिन रहने के लिए कपड़े वगैरह नहीं थे तो फिर प्रिंसिपल बोला के चलो कपड़े मैं दिलवा देता हूँ। तुम सब यहीं रहो और हम साथ मे खूब मजे करेंगे। फिर शाम को हम चारो शहर गए कपड़े वगैरह लेने। फिर हम एक मॉल में चले गए। फिर मॉल में जाकर रिया ने अपने लिए काफी सारी अलग अलग स्टाइल की शार्ट ड्रेस ली। फिर जब प्रिंसिपल ने कहा के तुम स्कूल में ऐसी ड्रेस पहनकर जाओगी तो फिर रिया बोली के मैं तो ऐसी ड्रेस ही पहनती हूँ। फिर मैंने और नरेश ने कहा के पहनने दो ना आपका क्या जाता है तो फिर प्रिंसिपल बोला के ठीक है। फिर रिया ने अलग अलग स्टाइल की ब्रा पैंटी और मेकअप वगैरह का भी काफी सामान लिया और पहनने के लिए हाई हील सैंडल लिए। इस तरह कुल मिलाकर रिया ने 50,000 का सामान लिया। फिर रिया साथ मे चेंज करके भी देख रही थी और वो जब चेंज करके चेंजिंग रूम से बाहर आती तो सब उसे देखते ही रह जाते। फिर एक बार तो रिया सिर्फ ब्रा पैंटी पहनकर ही आ गई तो सब उसे देखते ही रह गए। फिर ये सब देखकर हम तीनों फूल गर्म हो चुके थे। फिर हम घर गए तो घर जाते ही पहले हमने खाना खाया और फिर रिया तैयार होकर जब हमारे कमरे में आई तो हम उसे देखते ही रह गए। वो तब किसी पोर्न एक्ट्रेस से कम नहीं लग रही थी। फिर हम तीनों उसकी चुदाई करने लगे और फिर लगभग आधी रात तक हम चुदाई करते रहे। अगले दिन से रिया के एग्जाम भी शुरू थे।

 

तो फिर सुबह हम सब थोड़ा लेट उठे और उठते ही फिर रिया तैयार होने चली गई। रिया जब तैयार होकर आई तो उसने एक बहुत ही सेक्सी ड्रेस पहन रखी थी। फिर उसे देख कर हम गर्म हो गए तो फिर हम उसकी चुदाई करने लगे। फिर चुदाई के बाद हम नाश्ता करके स्कूल चले गए। जब हम स्कूल पहुंचे तो सब रिया को देखे जा रहे थे। फिर प्रिंसिपल ने सब स्टाफ वालों से कह दिया के रिया मेरी दोस्त की बेटी है और ये मुम्बई से आई है और यहां सब एग्जाम देगी। फिर रिया क्लास में जाकर बैठ गई और एग्जाम देने लगी। रिया के जो मन मे आये वो लिख रही थी और सब रिया को घूरे जा रहे थे। फिर एग्जाम के बाद प्रिंसिपल ने रिया और मुझे और नरेश को सारा स्कूल दिखाया। हालांकि स्कूल कुछ खास नहीं था और हम सब पहले भी स्कूल देख चुके थे। फिर हम सब घर आ गए और फिर घर आते ही रिया ने बिकिनी पहन ली। रिया को बिकिनी में देखकर सब नौकर तो देखते ही रह गए। फिर मैं, नरेश और प्रिंसिपल तो उन दिनों नौकरों के सामने ही रिया की चुदाई करने लगे। जिससे वो दोनो नौकर भी काफी गर्म हो गए तो फिर हमने उन दोनो नौकरों को भी शामिल कर लिया और फिर हम पांचों रिया की चुदाई करने लगे। एग्जाम एक दिन बाद था तो फिर हमने रिया की खूब चुदाई की। फिर जब दूसरा एग्जाम का दिन आया तो रिया ने ऊपर एक ब्रा पहन ली और नीचे एक जीन्स की पेंट पहन ली। फिर जब वो ऐसे स्कूल गई तो सबके तो होश उड़ गए पर कहा किसी ने कुछ भी नहीं। रिया की पूरी पीठ नंगी थी और रिया भी जानबूझकर अपने बाल आगे कर रखे थे ताकि सबको उसकी नंगी पीठ दिख सके। रिया को ऐसे देखकर तो सब मर्दो के लण्ड खड़े हो चुके थे। फिर एग्जाम होते ही रिया प्रिंसिपल के आफिस में आ गई तो फिर वहां हम तीनों ने पहले रिया की चुदाई की और फिर हम वापिस घर आ गए। घर पर हम सब नंगे ही रहते और खूब मस्ती करते। फिर तीसरे एग्जाम वाले दिन रिया ने ऊपर वैसे ही ब्रा पहनी और नीचे एक शार्ट जीन पहन ली जिससे उसकी नंगी जांघे बहुत सेक्सी लग रही थी। फिर रिया जब ऐसे स्कूल गई तो उस दिन तो रिया से किसी का ध्यान हट ही नहीं रहा था।

 

रिया भी सपना की तरह ही काफी शरारती थी तो वो एग्जाम देते टाइम अपने ब्रा के स्ट्रैप को अपने कंधे से नीचे उतार देती और उस दिन तो अपनी ब्रा के हुक खोल दिये और फिर वहीं लगाने लगी। लेकिन लग ही नहीं रहे थे। फिर वो वैसे ही वॉशरूम में गई और फिर वॉशरूम में मैंने जाकर उसकी ब्रा के हुक लगाए और फिर चुदाई भी की। रिया स्कूल में ऐसे चलती जैसे मॉडल हो। फिर उस दिन तो घर जाकर हम सबने रिया की काफी चुदाई की। वहीं शहर में एक छोटा सा सिनेमा था जहां रोज रात को गन्दी फिल्में दिखाई जाती थी तो फिर मैं, नरेश और प्रिंसिपल रिया को लेकर रात को उस सिनेमा में गए। उसमें एक जवान लड़की के कई लोग मजे ले रहे थे और वहां सब मर्द ही थे और सिर्फ एक अकेली रिया थी। फिर हम तीनों तो रिया से मजे लेने लगे। हमने रिया को पूरी नंगी कर दिया और फिर उसकी वहीं चुदाई करने लगे। हमारे आसपास बैठे लोग भी इसका मजा ले रहे थे। फिर फ़िल्म खत्म होने के बाद सब रिया को देखकर अपना लण्ड मसल रहे थे। फिर इज़के बाद जब अगले एग्जाम का दिन आया तो रिया ने नीचे शार्ट जीन और ऊपर एक टॉप पहना। अब रिया के तो पूरे स्कूल में जलवे थे। जो रिया को देखता वो बस रिया की तारीफ ही करता। फिर उस दिन एग्जाम खत्म होने के बाद जब सब चले गए तो फिर रिया नंगी होकर स्कूल में घूमने लगी और फिर हम तीनों ने स्कूल में रिया की काफी चुदाई की। अगला एग्जाम फिर अगले दिन ही था तो उस दिन तो रिया ने हद ही कर दी। उस दिन रिया ने नेट वाली ब्रा पहनी जिसमें से रिया के बोबे हल्के हल्के दिख रहे थे और नीचे स्कर्ट पहनी जो कि उसके घुटनो से काफी ऊपर तक थी। उस दिन तो रिया बहुत ज्यादा सेक्सी लग रही थी। फिर हमने रिया को बीच एग्जाम आने के लिए कहा तो फिर वॉशरूम के बहाने से प्रिंसिपल आफिस में आ गई। वहां हम तीनों ने रिया की चुदाई की और फिर चुदाई के बाद रिया फिर से एग्जाम देने चली गई। इस तरह हम खूब मजे कर रहे थे। फिर इसी तरह लास्ट वाले एग्जाम के दिन रिया ने थोड़ी ट्रांसपेरेंट ड्रेस पहनी। जिसमें से रिया का बदन दिख रहा था। फिर उस दिन तो सबके होश ही उड़ गए। फिर एग्जाम खत्म होने के बाद हम तीनों ने रिया की चुदाई की और फिर हम वापिस आने लगे। तब रास्ते मे मेरा घर पड़ता था तो फिर हम घर चले गए। जहां ससुर और सलमा की दोनो बेटियां थी। वो दोनो नंगी ही रह रही थी और उनके बच्चा होने में अभी कुछ टाइम पड़ा था। फिर मैं और नरेश उन दोनों से मिले और अपने अपने होने वाले बच्चे को पेट के ऊपर से ही प्यार किया।

 

उधर वो सभी नौकर तो सलमा के घर जाकर चुदाई कर आते थे पर आज रिया हमारे साथ ही थी तो फिर हम सबने मिलकर रिया की चुदाई की। फिर उनसे मिलकर हम सलमा के घर चले गए। फिर घर गए तो देखा के सपना तो बिल्कुल नंगी बाहर ही खड़ी थी। फिर सपना को देखकर नरेश वहीं कार से उतर गया और फिर सपना को अपनी बाहों में लेकर किस करने लगा। फिर वो भी कपड़े खोलकर नंगा हो गया और उस दिन उसने अपना मुँह भी नहीं ढका। फिर सपना उसका लण्ड सहलाने लगी। फिर नरेश सपना को लेकर टेलर की दुकान में चला गया जहां कुछ मर्द पहले से ही थे। फिर उनके सामने ही नरेश सपना की चुदाई करने लगा। तब शाम का टाइम था तो फिर वहां खड़े मर्दो से भी नरेश सपना को चुदवाने लगा। फिर उनसे चुदवाने के बाद वो घर पर आ गए। उधर घर पर सोनम और सास सलमा के ग्राहकों से चुदवा रही थी। फिर रात को मैंने और रिया ने सबको रिया के एग्जाम के बारे में बताया तो ये सुनकर सपना रिया से हँसकर बोली के तुम भी अपनी मम्मी की तरह मजे लेने सीख गई हो। ये सुनकर फिर रिया हँसने लगी। फिर अगले दिन रिया, सपना, सोनम और सास हमेशा की तरह सलमा के ग्राहकों से चुदवाने लगी। फिर नरेश ने देखा के उसकी मम्मी एक आदमी से घोड़ी बनकर चुदवा रही थी और फिर उसने चुत में ही पानी छोड़ दिया और फिर वो कपड़े पहनकर जाने लगा। फिर नरेश ने देखा के तब सास की चुत से पानी निकल रहा था। जब सास ने नरेश को अपनी तरफ देखते हुए देखा तो वो मुस्कुराने लगी और फिर अपनी चुत में उंगली डालकर उस आदमी के लण्ड का पानी चाटने लगी। ये देखकर नरेश गर्म हो गया। फिर नरेश जाकर सास की चुदाई करने लगा। फिर चुदाई के बाद सास फिर से और मर्दो से चुदवाने लगी। फिर लगभग शाम के टाइम नरेश अपनी मम्मी को लेकर घर से बाहर चला गया। तब वो दोनो नंगे थे। नरेश को अपनी मां के साथ ऐसे नंगे घूमकर काफी मजा आ रहा था। फिर वो नरेश  सास की चुत सहलाने लगा और सा भी नरेश का लण्ड सहलाने लगी। हालांकि तब कोई जानता नहीं था के वो मां बेटे है। फिर नरेश सास को टेलर की दुकान में ले जाकर गैर मर्दो के सामने चोदने लगा और फिर उनसे भी सास को चुदवाया। नरेश को अब ऐसे मजा आने लगा था। फिर इतना ही नहीं अगले दिन नरेश सपना और सास दोनो की कमर में हाथ डालकर उन्हें बाहर ले गया और फिर उनकी चुदाई की। लोगो के सामने अपनी मां बहन के साथ नंगा घूमकर नरेश को काफी मजा आता था।

 

ये सब देखकर फिर सलमा भी अपने बेटे अब्बास के साथ नंगी ही घर से बाहर जाने लगी तो ये देखकर सब देखते ही रह जाते। फिर घर के अंदर तो सलमा अपने ग्राहकों के सामने अपने बेटे से चुदवा भी लेती। फिर एक दिन तो सलमा जब अब्बास के साथ बाहर गई तो फिर पहले तो वो अब्बास का लण्ड उसकी पेंट से बाहर निकालकर सहलाने लगी और फिर वो दीवार के सहारे थोड़ी झुककर खड़ी हो गई तो फिर अब्बास सलमा की गाँड मारने लगा। ये देखकर तो सबके होश उड़ गए। फिर इसके बाद तो सलमा का जब मन होता वो सबके सामने अपने बेटे से चुदवा लेती। इस प्रकार फिर यूं ही दिन बीतते रहे और सास, सपना, सोनम और रिया चुदवाती रही। फिर मेरे और नरेश के बेटों के स्कूल लगने वाले थे तो फिर नरेश जाकर उन्हें ले आया और फिर वो तीनो सलमा के घर ही आ गए। फिर उन दोनों ने भी अपनी अपनी मम्मी सपना और सोनम की चुदाई की। उधर नरेश और अब्बास ने भी अपनी अपनी मम्मी की खूब चुदाई की और मैंने रिया की चुदाई की। उधर फिर नरेश भी सास को घर से बाहर खड़ा करके चुदाई करने लगे। फिर तो सपना ने भी अपने बेटे से चुदवाया और सोनम ने भी चुदवाया। अब तो वो चारो मां बेटे खूब मस्ती करते। उधर फिर हमारे बेटों ने रिया की और सलमा की भी चुदाई की। सलमा ये देखकर काफी खुश हुई। फिर हमारे बेटे कुछ दिन सलमा के घर ही रहे तो इन दिनों में सलमा ने कोई ग्राहक नहीं बुलाया। फिर नरेश को घर जाना था उन दोनों लड़को को लेकर तो सोनम ने तो जाने से मना कर दिया। सोनम को बहुत मजा आ रहा था तो फिर नरेश सास को अपने साथ लेकर चला गया। फिर नरेश और दोनो लड़के मिलकर सास की खूब चुदाई करते। उधर फिर सपना, सपना और रिया सलमा के ग्राहकों से चुदवाने लगी। फिर एक दिन नरेश अपने दोस्तों से मिलने गया जिनके साथ उसने सपना की चुदाई की थी तो फिर उन्हें नरेश ने सास की नंगी फ़ोटो दिखाई तो फिर उन्होंने ने भी अपनी बीवी और बहन की नंगी फ़ोटो दिखाई। नरेश के दोस्तो ने नरेश को बताया के वो भी अपनी बीवियों की अलग अलग तरीको से खूब चुदाई करते है। फिर एक दोस्त ने बताया के उसने भी अपनी बहन को लगभग पटा ही लिया है। फिर नरेश ने अपने दोस्तों से अपनी अपनी बीवी और बहन की चुदाई दिखाने के लिए कहा तो फिर पहले नरेश का एक दोस्त मान गया। फिर वो उस दोस्त के घर गए और छिपकर बैठ गए और फिर उस दोस्त ने उन सबके सामने अपनी बीवी की चुदाई की।

 

ये देखकर सब को बहुत मजा आया। फिर इसी तरह नरेश के दूसरे दोस्त ने भी अपनी बीवी की उनके सामने चुदाई की। फिर उधर नरेश ने भी फिर अपने दोस्तों को बताया के उसने अपनी मां की चुदाई कर ली है तो फिर सब दोस्त नरेश के घर आ गए और छिपकर कहीं बैठ गए फिर उनके सामने नरेश ने जब सास की चुदाई की तो वो सब तो देखते ही रह गए। नरेश ने उन सबके सामने सास की अलग अलग स्टाइल में चुदाई की। फिर ये देखकर तो नरेश के दोस्त बहुत ज्यादा गर्म हो गए। फिर नरेश के एक दोस्त ने अपनी बहन की चुदाई कर ली थी और उसने भी सबको अपनी और अपनी बहन की चुदाई दिखाई। फिर नरेश का दोस्त उसकी शादी नहीं हुई थी और ना ही उसकी कोई बहन थी बस मां थी तो फिर उसने नरेश से कहकर कुछ करने के लिए कहा। तो फिर नरेश ने अपनी मां यानी सास को अपने दोस्त की मां के पास भेजा तो फिर उन दोनों में बातें होने लगी। लेकिन पहली बार में ही उसकी मां को चुदाई के लिए नहीं कह सकते थे तो फिर सास कुछ दिनों से उसके पास चली जाती। उधर फिर नरेश का वो दोस्त भी घर आने लगा। फिर बात थोड़ी खुल गई तो फिर नरेश ने अपने उस दोस्त के सामने ही सास से कहा के ये हमारी चुदाई देख चुका है। फिर ये सुनकर सास ने थोड़ा हैरान होने का नाटक किया। लेकिन फिर वो तीनो साथ बैठकर बातें करने लगे। नरेश का दोस्त सास को अपनी मां को मनाने के तरह तरह के आईडिया देता और फिर नरेश तो अपने दोस्त के सामने ही सास के सामने ही गन्दी गन्दी बातें करने लगता। लेकिन नरेश के दोस्त को सब पता था तो फिर सास भी खुलकर बात करने लगी थी। फिर तो नरेश अपने दोस्त के सामने ही सास के बोबो को बाहर निकालकर चुसने लग जाता और बदन को सहलाने लग जाता। ये देखकर तो नरेश का दोस्त और भी गर्म हो जाता। एक दिन जब नरेश का दोस्त आया तो तब नरेश सास की चुदाई कर रहा था। फिर उसे देखकर भी वो उसके सामने ही चुदाई करते रहे और फिर ये देखकर वो अपना लण्ड हिलाने लगा। फिर ये देखकर सास ने नरेश की तरफ देखा तो फिर नरेश ने फिर सास को उस दोस्त से चुदाई करवाने के लिए कहा तो फिर सास मान गई तो फिर सास ने नरेश के उस दोस्त से कपड़े खोलने के लिए कहा तो वो पहले तो कुछ समझ ही नहीं पाया। लेकिन फिर सास उसके सामने अपनी टाँगे खोलकर लेट गई तो वो समझ गया और फिर वो नंगा होकर सास की चुत में लण्ड डालकर सास की चुदाई करने लगा। तब नरेश वहीं लेटा लेटा अपना लण्ड हिला रहा था। फिर उस दिन अपने दोस्त के साथ मिलकर सास की खूब चुदाई की।

 

फिर तो नरेश अपने उस दोस्त के साथ मिलकर रोज ही सास की चुदाई करने लगे। फिर ये बात नरेश के दोस्तो को भी पता लग गई तो फिर नरेश ने अपने सब दोस्तो को घर बुला लिया। फिर उस दिन सास ने सलवार कुर्ता पहन रखा था जिसमे से सास का बदन दिख रहा था। फिर सास उन सबको चाय पानी देने गई तो सब सास को देखते ही रह गए। फिर नरेश तो उन सबके सामने ही सास के बदन को सहलाने लगा तो ये देखकर नरेश के सब दोस्त गर्म हो गए। फिर नरेश ने पहले सास का कुर्ता खोला और फिर सलवार भी खोल दी और अपनी मां को।अपने दोस्तों के सामने नंगी कर दिया। फिर नरेश खुद भी नंगा हो गया और फिर सास को दूसरे कमरे में ले जाकर चोदने लगा। फिर नरेश के सब दोस्त भी वहीं आ गए। फिर वो भी नंगे हो गए और फिर नरेश के कहने पर वो भी सास की बारी बारी से चुदाई करने लगे। फिर सास ने नरेश के सब दोस्तो से चुदवाया जिसमे सास को भी काफी मजा आया। फिर तो नरेश और उसके दोस्तों ने जो कि लगभग 6-7 लोग थे उन्होंने सास की जमकर चुदाई की। फिर तो रात में भी वो सब आ गए और फिर रात को भी खूब चुदाई की। फिर उधर नरेश के दोस्त की मां भी मान गई थी और फिर नरेश के दोस्त ने अपनी मां की चुदाई कर ली। फिर तो वो सब अपने अपने घरों में खूब चुदाई करते। फिर उन सबका एक दूसरे की बीवी और माँ बहन की चुदाई करने का बहुत मन कर रहा था पर वो सीधे ही तो उन्हें चुदाई के लिए नहीं कह सकते थे तो फिर उन्होंने एक आईडिया लगाया। रात को वो जब अपनी अपनी बीवी और मां बहन की चुदाई करते तो वो फिर अपने किसी भी दूसरे दोस्त को बुला लेते। फिर वो अपनी अपनी बीवी और मां और बहन को गर्म कर देते और फिर चुदाई की बारी आती तो फिर अपने उस दोस्त को बुला लेते। अंधेरा होता तो कुछ पता नहीं चलता के कौन चुदाई कर रहा है और कई बार वो घोड़ी बनी हुई होती तब भी कुछ पता नहीं चलता। इस तरह फिर वो सब मिलकर एक दूसरे की बीवी, मां या बहन की चुदाई करने लगे। उनमें से एक दो दोस्त की बीवियां गैर मर्द से चुदाई के लिए मान गए थी तो फिर उन्होंने अपने पति के सामने ही उनसे चुदाई करवाई। इस तरह नरेश के सब दोस्तो की बीवियां या मां और बहन कई गैर मर्दो से चुद चुकी थी और उन्हें पता भी नहीं चला था।

 

उधर सास अब घर पर नंगी ही रहने लगी थी और फिर नरेश सास को अपने खेत मे या अपने किसी दोस्त के खेत मे ले जाकर खूब चुदाई करते। फिर सास भी सपना की तरह ही घर से बाहर नंगी ही जाने लगी। उधर सास नरेश के दोस्त की मां की पक्की सहेली बन गई थी और उसे भी पता था के सास भी अपने बेटे से चुदवाती है तो फिर वो अक्सर नरेश के घर आने लगी और उधर सास भी उसके घर चली जाती थी। फिर तब नरेश और उसका दोस्त भी साथ होते तो फिर उन्हें भी सब पता तो था ही तो फिर वो दोनो अक्सर अपने अपने बेटों को देखकर हंसती रहती। उधर फिर नरेश और उसका दोस्त भी उनके सामने गन्दी बातें करते रहते तो उनकी बातें सुनकर वो हँसने लग जाती। फिर एक बार नरेश का दोस्त औए उसकी मां नरेश के घर आये हुए थे तो फिर उस दिन तो नरेश और उसके दोस्त ने अपनी अपनी मां को अलग अलग कमरों में ले जाकर चुदाई भी कर दी थी। फिर जब वो चुदाई के बाद बाहर आये तो हँसने लगे। फिर तो हद ही हो गई। फिर नरेश और उसका दोस्त उन दोनों के सामने नंगे हो गए और अपना लंड पकड़कर सहलाने लगे। ये देखकर वो दोनो हँसने लगी। फिर सास ने नरेश के दोस्त की मां से कहा के आज तुम मेरे बेटे के साथ रह जाओ और मैं तुम्हारे घर पर चली जाती हूँ। ये सुनकर फिर नरेश और उसका दोस्त एक दूसरे की मां के साथ जाकर खड़े हो गए और फिर उन्हें अपनी बाहों में ले लिया। फिर इस पर नरेश के दोस्त की मां कुछ नहीं बोली। इसमें उसकी भी सहमति थी। फिर उस दिन सास तो नरेश के दोस्त के साथ उसके घर चली गई और नरेश के दोस्त की मां उसके साथ ही रह गई। तब शाम हो चुकी थी तो फिर नरेश की दोस्त की मां ने खाना वगैरह बनाया और फिर खाना खाने के बाद वो अपने दोस्त की मां की चुदाई करने लगा। फिर रात भर नरेश ने अपने दोस्त की मां की खूब चुदाई की। फिर अगले दिन लगभग दोपहर को जब नरेश का दोस्त और सास घर पर आए तो तब नरेश के दोस्त की मां तो नरेश के लण्ड पर बैठकर ऊपर नीचे हो रही थी। फिर ये सब देखकर तो वो गर्म हो गया। उधर नरेश के दोस्त की मां अपने बेटे को देखकर शर्मा गई थी। फिर तो नरेश का दोस्त नंगा होकर सास की भी वहीं चुदाई करने लगा। फिर उन चारों ने मिलकर जमकर चुदाई की।

 

फिर तो अक्सर वो एक दूसरे के घर जाकर एक दूसरे की मां की चुदाई करने लगे। फिर जब ये बात नरेश के बाकी दोस्तो को पता लगी तो फिर वो भी गर्म हो गए। फिर नरेश के बाकी दोस्त भी आपस मे इस तरह मजे लेने के बारे में सोचने लगे। लेकिन सबकी बीवियां इसके लिए तैयार नहीं हुई तो फिर सब मन मसोस करके रह गए। उधर नरेश और उसका अपनी अपनी मां की अदला बदली करके चुदाई के खूब मजे ले रहे थे। सास तो बेशर्म थी ही फिर सास, नरेश और उसके दोस्त ने मिलकर दोस्त की मां को भी बेशर्म बना दिया। नरेश अपने दोस्त के साथ मिलकर दोस्त की मां की चुदाई करते। फिर उन्होंने खेत मे जाकर भी चुदाई की। इसके अलावा वो उसे कई बार घर से बाहर भी नंगी ही लेकर गए। जिसमे पहले तो वो शरमाई लेकिन फिर उसे भी मजा आने लगा। एक बार वो सब नरेश के घर थे और चुदाई कर रहे थे। फिर रात हो गई तो फिर नरेश का दोस्त अपनी मां को घर बिल्कुल नंगी ही लेकर गया और रास्ते मे उसने अपनी मां के बदन को खूब सहलाकर मस्ती भी की। फिर इसके बाद तो वो दोनो अपनी अपनी मां को लेकर रात को गांव की गलियों में घूमते और फिर चुदाई भी करते। फिर ऐसे चुदाई करवाने में नरेश की दोस्त की मां को भी बहुत मजा आने लगा। इतना ही नही नरेश और उसके दोस्त की मां आपस मे भी एक दूसरे की चुत चाटकर खूब मजे करने लगी थी। अपनी मां को अपनी आंखों के सामने ऐसे मजे करते देख नरेश का दोस्त बोला के मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा है के मैं अपनी मां की चुदाई कर चुका हूँ।

 

फिर नरेश के दोस्त की मां काफी हद तक खुल चुकी थी तो फिर वो भी जमकर मजे लेने लगी थी। उधर नरेश के दोस्त को भी अपने सामने अपनी मां को नरेश से चुदवाते हुए देखने मे बहुत मजा आता था। फिर नरेश और उसके दोस्त और सास ने नरेश के दोस्त की मां को नरेश के बाकी दोस्तो से चुदवाने के लिए कहा तो पहले तो वो मना करने लगी लेकिन जब नरेश के दोस्त ने अपनी मां को बताया के उसके बाकी दोस्त उसकी रात के अंधेरे में पहले ही चुदाई कर चुके है तो ये सुनकर वो हैरान रह गई। फिर नरेश के दोस्त ने अपनी मां को सब बताई के कैसे वो सब दोस्त मिलकर एक दूसरे की बीवी, मां और बहन की चुदाई कर चुके है तो ये सुनकर वो तैयार हो गई। असल मे वो भी अब और ज्यादा लण्ड का स्वाद चखना चाहती थी। फिर नरेश ने अपने बाकी दोस्तो को इसके बारे में सब बता दिया तो वो सब भी तैयार हो गए। फिर इस बार सबने कुछ अलग तरीके से चुदाई करने के बारे में सोची। नरेश के दोस्त के बाप को गुजरे हुए काफी साल हो चुके थे तो फिर नरेश के दोस्त ने ही अपनी मां की फिर से शादी करवाने की सोची और दूल्हे उसके सब दोस्त होंगे और दुल्हन उसकी मां होगी। ये आईडिया सबको पसंद आया। नरेश के दोस्त के घर वो एयर उसकी मां ही रहते थे तो फिर सब प्रोग्राम उसके घर पर ही फिक्स किया गया। फिर सास ने जब नरेश के दोस्त की मां को बताया के वो भी नरेश के सब दोस्तो से चुदवा चुकी है तो ये सुनकर वो काफी हैरान हुई। फिर सास उसे बताने लगी के जब तुम्हारे बेटे के सब दोस्त नंगे होकर तुम्हारी चुदाई करेंगे तो तुम्हे बहुत मजा आएगा। ये सुनकर वो गर्म हो गई और उसकी चुत से पानी बहने लगा। फिर नरेश के दोस्त के घर सब इतंजाम किये गए और घर के अंदर दो कमरे सजाए गए। एक कमरा सुहागरात के लिए और दूसरा शादी के लिए। फिर नरेश और उसका दोस्त दोनो अपनी मां को ब्यूटी पार्लर के यहां लेकर गए। फिर वहां नरेश के दोस्त की मां के बदन से सब बाल हटाकर बदन पूरा चिकना कर दिया और फिर मेहंदी भी लगाई। उधर सास ने भी अपना मेकओवर करवाया।

 

फिर शाम को वो सब घर आ गए तो घर पर आ गए। घर आने के बाद सास तो नरेश के दोस्त की मां को तैयार करने लग गई और उधर नरेश और उसका दोस्त शादी की तैयारी करने लगे। फिर कुछ देर के बाद नरेश के सब दोस्त भी आ गए तो फिर वो सब भी तैयार होकर आए थे। फिर नरेश ने उन सबको धोती दे दी पहनने के लिए और खुद ने भी धोती पहन ली। फिर उन्होंने कमरे में मंडप वगैरह सजाया और फिर सब वहां बैठ गए और फिर उधर सास जब नरेश के दोस्त की मां को लेकर आई तो सब देखते ही रह गए। तब नरेश की दोस्त की मां ने लहंगा चोली पहन रखा था जिसमें वो काफी सेक्सी लग रही थी। उसने नाक में नथ और ज्वेलरी वगैरह पहन रखी थी। उसे देखकर तो सबके लण्ड खड़े हो गए। वो नरेश का दोस्त थोड़ी कम उम्र का था तो उसकी मां जवान थी अभी। फिर सास ने उसे मंडप में नरेश के सब दोस्तो के बीच बैठा दिया। फिर नरेश का एक दोस्त पंडित था तो उसने थोड़े बहुत मंत्र पढ़े जो उसे आते थे और फिर वो खड़े होकर सब के सब एक साथ फेरे लेने लगे। तब नरेश के दोस्त की मां के बोबो के उभार दिख रहे थे जिन्हें देखकर सब के सब गर्म हो रहे थे। तब कमरे में काफी गर्मी हो गई थी तो फिर नरेश और उसके दोस्तों ने अपनी अपनी धोती खोल दी और सब के सब एकदम नंगे हो गए। उन सबको नंगे देखकर नरेश के दोस्त की मां उनके लंडो को देखती ही रह गई और अपनी चुत खुजाने लगी। ये देखकर नरेश का दोस्त अपनी मां से बोला के माँ बस थोड़ी देर और रुक जाओ फिर ये सब लण्ड तुम्हारी चुत के अंदर होंगे। ये सुनकर वो मुस्कुराने लगी। फिर फेरे लेने के बाद नरेश के दोस्त ने सबकी तरफ से अपनी मां की मांग भरी और उसके गले मे मंगलसूत्र बांध दिया। फिर वो सब सुहागरात वाले कमरे में चले गए। जहां कमरा पूरा सजाया हुआ था। फिर नरेश के दोस्त की मां तो बेड पर बैठ गई और बाकी सब आसपास बैठ गए। फिर नरेश के दोस्त ने अपनी मां से कहा के तुम बताओ पहले किससे चुदना चाहोगी। फिर तब उसने अपने बेटे का ही लण्ड पकड़ लिया और साथ मे तब नरेश भी वहीं था तो फिर पहले वो दोनो नरेश के दोस्त की माँ के साथ सुहागरात मनाने लगे।

 

उन्होंने फिर पहले उसे नंगी किया और फिर नरेश के दोस्त में सबके सामने अपनी मां की चुत में लण्ड डालकर चुदाई करने लगा फिर उधर नरेश ने भी साथ मे चुदाई की। फिर उन दोनों से चुदवाने के बाद नरेश की दोस्त की मां ने इशारे से दो नरेश के दो दोस्तों को बुलाया और फिर उनसे चुदाई करवाई। फिर उनके बाद उसने बाकी बचे दोस्तो से भी चुदवाया। फिर नरेश के दोस्त की मां घोड़ी बन गई तो सब उसकी पीछे से चुदाई करने लगे बारी बारी से। फिर इसके बाद नरेश के बाकी दोस्त तो नरेश के दोस्त की मां की चुदाई करने लगे और उधर फिर नरेश और उसका दोस्त जिसकी मां की शादी थी वो दोनो सास की चुदाई करने लगे। फिर सब चुदाई करते करते पता नहीं कब सो गए। फिर सुबह सब देरी से उठे और फिर सब नंगे ही घूमने लगे। नरेश के दोस्त की मां और सास दोनो नंगी काफी सेक्सी लग रही थी तो फिर सबने मिलकर उनकी फिर से चुदाई की। फिर जब दिन चढ़ गया तो नरेश के बाकी दोस्त चले गए। फिर नरेश के दोस्त की मां और सास अपने अपने बेटे के साथ मंदिर गई। तब नरेश के दोस्त की मां एक दम नई दुल्हन की तरह सजी संवरी थी। वो सब पैदल ही मंदिर गए थे। वो मंदिर उनके गांव से कुछ दूर था। फिर मंदिर में जाने के बाद उन्होंने पूजा वगैरह की। तब दोपहर का टाइम था तो तब वहां कोई नहीं था। वो काफी पुराना मंदिर था और नई नई शादी के बाद सब वहां जाते थे। फिर नरेश का दोस्त तो वहां मंदिर के एक कोने में ही अपनी नई नवेली बीवी की चुदाई करने लगा। फिर नरेश भी सास की चुदाई करने लगा। फिर वो वापिस आने लगे तो फिर आते टाइम जब वो खेत मे आराम करने के लिए रुके तो फिर वहां भी उन्होंने चुदाई की।

 

फिर वो घर आ गए। फिर नरेश और सास तो अपने घर चले गए। फिर नरेश के सब दोस्त तो जब मन करता वो अपने दोस्त के घर जाकर उसकी मां की चुदाई कर आते। उधर वो सास की चुदाई भी करने आ जाते थे। नरेश के कुछ दोस्तों की बीवी नहीं मान रही थी तो फिर नरेश के दोस्त रात के अंधेरे में उन्हें अपने दोस्तों से चुदवाते थे। उधर नरेश के दोस्तो की एक दो बीवियां तैयार हो गई थी तो फिर नरेश के सब दोस्त उसके घर जाकर अपने दोस्त के सामने ही उसकी बीवी के बदन को सहलाकर खूब मजे लेते और फिर वो चुदाई भी करने लगे। फिर उन्हें भी मजा आने लगा तो फिर वो घर हो चाहे खेत अपने पति के दोस्तो से खूब चुदवाती। फिर उन दोनों को जब नरेश और उसके दोस्त की मां के बारे में बताया तो ये सुनकर वो काफी हैरान हुई। फिर वो दोनो नरेश और उसके दोस्त की मां से मिलने आई तो उन्होंने आपस मे काफी बातें की। अब वो चार औरतें हो गई थी जिन्हें सब आपस मे मिलकर चुदाई कर सकते थे। उधर नरेश का एक दोस्त अपनी बहन की चुदाई कर रहा था और उसे भी अपनी बहन की चुदाई अपने सब दोस्तो से करवानी थी। हालांकि गुप् चुप तरीके से तो सब उसकी चुदाई कर चुके थे। उसने अपनी बहन से अपने दोस्तों से चुदवाने के लिए कहा तो फिर वो मना करने लगी। घर पर तब वो दोनो और उनका बाप रहते थे। फिर उनका बाप दिन में तो बाहर होता और रात में दारू पीकर सो जाता और फिर वो दोनो आपस मे मस्ती करते थे। उधर उनका बाप बहुत दारू पिता था जिस कारण उसे कोई सुध नहीं रहती और कई बार नशे में तो उसका पायजामा भी खुल जाता था उसकी बेटी को उसका लण्ड दिख जाता था। पहले तो ये सब देखकर नरेश के दोस्त की बहन शर्मा जाती थी लेकिन अब उसे कोई फर्क नहीं पड़ता था क्योंकि अब तो वो दोनो भाई बहन सारा दिन नंगे रहते थे। फिर तो नरेश का दोस्त रोज रात को अपने बाप के दारू पीने के बाद उनका पायजामा खोल देता था और ऊपर भी कुछ नहीं पहना होता था तो उनका बाप पूरा नंगा हो जाता था। फिर अपने बाप को पूरा नंगा देखकर नरेश के दोस्त की बहन हँसने लग जाती थी। फिर कई बार जब लाइट चली जाती तो फिर नरेश का दोस्त खुद नंगा हो जाता और साथ मे अपनी बहन को भी नंगी कर लेता और फिर वो दोनो ऐसे ही घूमते रहते थे।

 

जिससे नरेश के दोस्त की बहन को भी मजा आने लगा था। फिर उनका बाप नशे में होता तो कई बार वो अपनी बेटी को अपने पास बैठा लेता और उससे ऐसे ही बाते करता रहता था। फिर नरेश के दोस्त की बहन भी अपने बाप के पास नंगी बैठी रहती और बातें सुनती रहती। फिर एक बार ऐसे ही वो बैठे थे तो फिर लेट आ गई तो फिर नरेश की दोस्त की बहन थोड़ी घबरा गई लेकिन फिर नरेश के दोस्त ने उसे वैसे ही बैठे रहने के लिए कहा। तब फिर अपनी बेटी को नंगी देखकर उसका बाप देखता रह गया। वो तब नशे में था तो फिर वो ज्यादा कुछ नहीं कर पाया। फिर इसके बाद तो नरेश के दोस्त की बहन की शर्म थोड़ी दूर हो गई। फिर जब उनका बाप दारू पीकर सो जाता तो फिर नरेश का दोस्त अपनी बहन को अपने बाप के साथ सुला देता और फिर उसकी बहन अपने बाप का लण्ड पकड़कर सहलाने लग जाती। फिर तो वो खुलकर ये सब करने लगी। उनका बाप दिन में भी दारू पी लेता था तो फिर तो नरेश का दोस्त और उसकी बहन दिन में भी अपने बाप के सामने नंगे ही रहने लगे। फिर नशे में वो अपने बेटी के बदन से चिपक जाता और उसके बोबो को सहलाने लग जाता। फिर ऐसे ही रात में भी वो दोनो बाप बेटी एक साथ सोने लगे थे। एक बार उसके बाप का लण्ड खड़ा हो चुका था और फिर नरेश के दोस्त की बहन भी गर्म हो चुकी थी तो फिर उसने अपने बाप का लण्ड अपनी चुत में डाल लिया और फिर वो ऊपर नीचे होने लगी। फिर इसके बाद तो उसने अपने बाप से शर्माना बिल्कुल छोड़ दिया। फिर तो वो ऐसे कपड़े पहनती जिसमे से उसका बदन दिखता रहता। अपनी बेटी को बिना नशे में ऐसे देखकर वो देखता ही रह जाता।

 

फिर तो नरेश के दोस्त की बहन भी अपने बाप को पटाने लगी। जब उसका बाप घर में अंडे आने वाला होता तो फिर वो तभी सलवार खोलकर पेशाब करने बैठ जाती और अपने बाप को अपनी चुत और गाँड के दर्शन करवाती। इसी प्रकार जब वो नहा रही होती तो अपने बाप से अपनी ब्रा पैंटी वगैरह मंगवाती। इसके कारण उसका बाप भी उस पर लट्टू हो चुका था। फिर ऐसे करते करते कई दिन हो चुके थे और नरेश की दोस्त की बहन को पता चल गया था के पहल उसे ही करनी पड़ेगी। तो फिर एक दिन नरेश की दोस्त की बहन ने अपने भाई को बाहर भेज दिया और तब उसका बाप आंगन में बैठा था तो फिर वो कपड़े बदलने एक कमरे में चली गई। फिर कुछ देर बाद ही वो नंगी ही कमरे से बाहर आ गई सांप सांप चिल्लाती हुई। फिर वो अपने बाप के सामने आकर खड़ी हो गई और कहने लगी के कमरे में सांप है। फिर उसका बाप तो अपनी नंगी जवान बेटी को देखता ही रह गया और फिर वो कमरे की तरफ भागा। फिर जब वो कमरे में गया तो उसने देखा के वहां कुछ नहीं था। फिर उसकी बेटी भी अपने बाप के पीछे पीछे ही चली गई और फिर कमरे का गेट बंद कर दिया और बोली के यहीं था सांप। फिर ये सब देखकर उसका बाप गर्म हो गया तो पायजामे में उसका लण्ड खड़ा हो चुका था। फिर वो अपने बाप के ऊपर गिर गई और वो दोनो बेड पर थे। फिर अपनी बेटी को अपने इतना पास देखकर उससे रहा नहीं गया और फिर वो अपने बेटी के बदन को चूमने लगा और सहलाने लगा। बस फिर क्या था उसकी बेटी ने भी अपने बाप का पायजामा खोलकर उसका लण्ड पकड़ लिया।

 

फिर उसका बाप उसकी चुदाई करने लगा। फिर उसने अपने बाप से घोड़ी बनकर भी चुदवाया। फिर उसने अपने बाप का लण्ड चूसा भी। इससे उसका बाप तो अपनी बेटी का गुलाम हो गया। फिर उन्होंने काफी देर तक चुदाई की। फिर उसके बाप ने अपनी बेटी से कहा के अगर तुम्हारे भाई को पता चलेगा तो क्या होगा। फिर उसकी बेटी ने मुस्कुराकर कहा के वो पहले ही उसे पटा चुकी है। तब नरेश का दोस्त कमरे के बाहर छुपकर उनकी चुदाई देख रहा था। इसका पता उसकी बहन को लग चुका था तो फिर वो खड़ी होकर बाहर गई और फिर उसे अंदर ले आई। तब उसकी पेंट आधी खुली हुई थी और उसका लण्ड खड़ा था। फिर अपने बाप के सामने ही वो दोनो भाई बहन चुदाई करने लगे। ये देखकर तो वो देखता ही रह गया। फिर नरेश के दोस्त ने अपनी बहन की अपने बाप के साथ मिलकर चुदाई की तो उन तीनों की आपस मे सब शर्म चली गई। फिर तो वो तीनो मिलकर खूब चुदाई करने लगे। फिर तो वो बस दिन रात चुदाई करते रहते। फिर नरेश के दोस्त ने अपनी बहन को अपने दोस्तों और उनकी बीवियों और मां बहन के बारे में बताया तो एक बार तो उसे यकीन नहीं हुआ। लेकिन फिर उसने बताया के उसके सब दोस्त उसकी भी चुदाई कर चुके है। इसका कुछ अहसास उसकी बहन को पहले से हो चुका था। फिर वो तो मान गई लेकिन फिर बोली के पापा को कैसे मनाएंगे। तो फिर बोला के तुम उसकी चिंता मत करो। फिर ये सब उसने अपने सब दोस्तो को बताया तो फिर नरेश और उसका दोस्त अपनी मां की उसके बाप से चुदाई करवाने के लिए तैयार हो गए। फिर नरेश का दोस्त अपने बाप को लेकर नरेश के घर आ गया वहां नरेश और उसके दोस्त की मां पहले से ही थी। फिर उन दोनों ने उससे चुदवाया और फिर उसे सब बात बताई तो फिर वो सब कुछ समझ गया। अब सब कुछ मामला सेट हो चुका था।

 

फिर नरेश के दोस्त ने अपनी बहन के साथ मिलकर एक स्पेशल प्रोग्राम बनाया। फिर उसने अपने सब दोस्तो को अपने घर बुलाया और उन्हें एक कमरे में बैठा दिया। फिर कुछ टाइम बाद नरेश के दोस्त की बहन कमरे में आई तो सब उसे देखते ही रह गए। वो तब एक सेक्सी ब्रा पैंटी में थी और उसके हाथ मे राखियां थी। फिर उसने सबसे नंगा होने के लिए कहा तो सब नंगे हो गए तो सबके लण्ड देखकर नरेश के दोस्त की बहन गर्म हो गई। फिर वो एक एक करके सबके लण्ड पर राखी बांधने लगी। फिर राखी बांधने के बाद वो सबके लण्ड सहलाने लगी और चुसने भी लगी। तब उसके बाप भाई भी वहीं थे। तब उसे भी बहुत मजा आ रहा था। फिर उसने अपनी ब्रा पैंटी अपने बाप भाई से खुलवाई और फिर वो घोड़ी बन गई तो सब उसकी गाँड और चुत मारने लगे। फिर सबने ने मिलकर उसकी खूब चुदाई की। उसके सब दोस्त और वो दोनो बाप बेटे को मिलाकर तब वो 9 लोग थे और फिर उसके दोस्त कई दिन उसके घर पर ही रहे और फिर उसकी खूब चुदाई की। फिर इसके बाद तो उसका कोई भी दोस्त आकर उसकी बहन की चुदाई कर लेता। फिर उसने अपनी बहन को अपने दोस्तों की बीवी और नरेश और उसके दोस्त की मां से भी मिलवाया। फिर वो अपनी बहन की अदला बदली करने लगा। वो अपनी बहन को अपने दोस्त के पास छोड़ आता और उसकी बीवी और मां को ले आता और फिर वो ऐसे ही चुदाई के मजे करने लगे। उसकी बहन काफी सेक्सी थी और खूब मजे से चुदवाती थी।

 

नरेश भी कई बार उसे अपने घर लाकर चोद चुका था। नरेश के एक दोस्त के घर उसके साथ उसके मां बाप भी रहते थे तो फिर उसकी बीवी सब से खेत मे या किसी और दोस्त के घर चुदवाती थी। फिर वो अपने दोस्त की बहन को ले गया और वो घर पर उसकी बीवी बनकर रहने लगी। वो सबसे घूंघट निकाल कर रखती तो किसी को कुछ पता नहीं चला और वो मजे करते रहे। फिर नरेश की दोस्त की बहन को मॉडलिंग का शौक था तो फिर वो मौका मिलने पर अपने सेक्सी सेक्सी फ़ोटो खिंचवाती। वो तो फिर गांव में भी एक दो जगह अपने फोटो खिंचवाए। उसे ऐसे देखकर सब काफी गर्म हो जाते और फिर उसकी खूब चुदाई करते। उसकी शादी की उम्र हो चुकी थी लेकिन उसे अब इसी गांव में रहना था तो फिर सब इसके बारे में सोचने लगे। फिर नरेश का दोस्त जो कि पंडित था उसने सलाह दी कि ये अपने भाई से ही शादी कर लेगी और हम सब गांव में ये अफवाह फैला देंगे के अगर इसके पति के अलावा इसका किसी ने चेहरा देखा तो उसकी किस्मत पलट जाएगी और उसे काफी नुकसान होगा और उसकी मौत भी हो सकती है। फिर कुछ सालों तक तो कोई इसका चेहरा नहीं देखेगा और फिर इतने में सब मामला सेट हो जाएगा और फिर कोई कुछ नहीं बोलेगा। ये बात सबको पसंद आई।

 

फिर हमने आगे भी काफी समझदारी और चालाकी से काम लिया। फिर नरेश के उस दोस्त के बाप ने सबको ये बता दिया के उसने अपने बच्चों का रिश्ता बदले से कर दिया है यानी के वो जिस घर से बहु लाएंगे उसी घर मे अपनी बेटी ब्याहेंगे। इससे किसी को कुछ शक नहीं होगा। हमने शादी भी बिल्कुल सिंपल तरीके से करने के बारे में सोचा। फिर इसके लिए कुछ एक आदमियों की जरूरत पड़ने वाली थी ताकि झूठमूठ का नाटक किया जा सके। फिर इसके लिए नरेश ने सपना से कहा तो उसने फिर अपने कुछ चाहने वालो को भेज दिया। वो 10-15 आदमी आये और उनमें से एक को दूल्हा बना दिया और फिर बस वरमाला का प्रोग्राम करके ही वो नरेश की दोस्त की बहन को ले गए। फिर रास्ते मे नरेश के दोस्तो ने उसकी बहन को गाड़ी से उतार लिया और उन सबको वापिस भेज दिया। फिर नरेश की दोस्त की बहन को मेरे घर छोड़ आये। अब इतना कुछ हो रहा था तो फिर सपना ने सोचा के अब सबको सच्चाई पता चल जाये तो भी क्या होगा। फिर मैं और सपना घर पर चले गए और ससुर और सलमा की दोनो बेटियों को हमने मंदिर में भेज दिया। फिर नरेश और उसके एक दो दोस्त जब नरेश के दोस्त की बहन को घर पर छोड़ने आये तो फिर वो सपना को मेरे साथ देखकर काफी खुश हुए। तब सपना ने सलवार सूट पहन रखा था और मांग में सिंदूर और मंगलसूत्र पहन रखा था। सपना को देखकर नरेश के दोस्त सब समझ गए थे लेकिन फिर भी अपनी तसल्ली के लिए उन्होंने जब सपना के बारे में मुझसे और नरेश से पूछा तो हमने उन्हें सब सच बता दिया।

 

मैंने उनसे कहा के हां ये वही सपना है और ये मेरी बीवी और नरेश की बहन है। ये सुनकर तो जैसे नरेश के दोस्तो के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। क्योंकि उन्होंने मेरे और नरेश के सामने ही सपना से बहुत मजे किये थे। उधर नरेश के दोस्त की बहन कुछ समझ नहीं पा रही थी तो फिर हम सब बैठ गए और उन सबको बताने लगे। हमने उन्हें सपना और ससुर के बारे में बताया और उनकी कुछ फोटो भी दिखाई जिसमे ससुर सपना के बोबो और गाँड को दबा रहे है और एक फोटो में तो वो सपना को घोड़ी बनाकर चोद रहे है। ये देखकर तो वो सब गर्म हो गए। इतना ही नहीं फिर सपना ने एक फोटो दिखाई जिसमे में वो गली में लोगो के सामने नंगी खड़ी थी। कुछ फोटो में तो सपना और सास दोनो नंगी थी। फिर जब उन्होंने रिया की भी नंगी फ़ोटो देखी तो वो देखते ही रह गए और बहुत गर्म हो गए। फिर नरेश के दोस्त तो सपना की चुदाई करने लगे और मै और नरेश उसकी दोस्त की बहन की चुदाई करने लगे। फिर इतना ही नहीं सपना ने फिर अपने कुछ आशिकों को बुलाया तो फिर वो 10-15 लोग घर पर ही आ गए। फिर सपना उनके सामने बिल्कुल नंगी ही रही और उनसे बातें करने लगी। तब 5 नौकरों और हमारे साथ सब मिलाकर कुल 20-25 लोग हो गए थे। सपना को ऐसे देखकर नरेश की दोस्त की बहन भी दंग रह गई थी। सपना ने अब अपनी पूरी गैंग बना ली थी। फिर सपना ने अपने आशिकों से चुदवाया और फिर उन्हें वापिस भेज दिया। फिर शाम होने वाली थी तो फिर नरेश और उसके दोस्त जाने लगे तो फिर उन्होंने सपना से भी साथ चलने के लिए कहा। तो फिर सपना ने हां कर दी। फिर सपना तो नरेश और उसके दोस्तों के साथ चली गई पीछे से मैं और नौकर मिलकर नरेश के दोस्त की बहन की चुदाई करने लगे। फिर नरेश के सब दोस्तो में बात फैल गई के सपना नरेश की बहन ही है तो फिर सब काफी खुश हुए। फिर शाम को सब डीजे लगाकर नाचने लगे और खूब मस्ती करने लगे।

 

फिर जब रात ज्यादा हो गई तो बाकी सब लोग तो सो गए लेकिन नरेश और उसके दोस्त अभी तक नाच ही रहे थे। फिर सपना को एक शैतानी सूझी। डीजे घर के बाहर चौकी पर लगा था। जो कि एकदम गली में ही था। फिर सपना पूरी नंगी होकर जाकर डीजे पर नाचने लगी। साथ मे नरेश के सब दोस्त भी थे। फिर थोड़ी देर नाचने के बाद सपना और बाकी सब छत पर चले गए और जाकर चुदाई करने लगे। फिर वहीं सास भी आई हुई थी तो फिर वो भी छत पर चली गई तो फिर सब ने मिलकर उन दोनों मां  बेटियों की काफी चुदाई की। फिर नरेश उन दोनों को लेकर घर चला गया। फिर जब मेरे और नरेश के लड़के ने सपना को देखा तो फिर उन्होंने भी सपना की चुदाई की और फिर वो सब सो गए। सुबह नरेश के सब दोस्त उसके दोस्त की बारात लेकर आने वाले थे तो फिर सब तैयारियां करने लगे।

 

आगे अगले भाग में बताऊंगा के शादी में क्या-क्या हुआ और हम सबने कैसे-कैसे मस्ती की...

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  • @Sahil88

    1 वर्ष पहले

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  • @maakadiwana

    1 वर्ष पहले

    mast kahani hai yar mujhe ye khani bhut jyada achhci lagi i love you so mcuch


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