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मेरी बीवी और मेरे नौकर - 2 
@Kamvasna 05 मई, 2023 13288

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जैसा कि पिछली कहानी में आपने पढ़ा के मैंने और ससुर ने एक सुनसान जगह पर गाड़ी रोकी। फिर हम तीनों गाड़ी से उतरे। गाड़ी से उतरते ही मैं और ससुर अपना लण्ड बाहर निकालकर हिलाने लगे। फिर सपना हमारी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी। फिर ससुर ने अपनी बेटी से कपड़े खोलने के लिए कहा तो फिर सपना अपने कपड़े खोलकर गाड़ी में रखने लगी तो फिर पीछे से ससुर सपना की गाँड दबाने लगे। तब सपना का चिकना बदन और उसके गाँड तक लटकते लंबे बाल बहुत ज्यादा सेक्सी लग रहे थे। तब सपना सनी लिओनी से भी ज्यादा सेक्सी लग रही थी। फिर सपना जाकर अपने पापा से चिपक गई और फिर ससुर भी सपना के बदन को सहलाने लगा। फिर पीछे से मैं भी सपना से चिपक गया और सपना की गाँड की दरार में लण्ड रगड़ने लगे। फिर ससुर ने सपना को गाड़ी के सहारे उल्टा खड़ा किया और फिर पीछे से सपना की गाँड मारने लगे। वो नजारा देखने लायक था।
 
 
 
 
 
ऐसे शरेआम एक बाप अपनी बेटी की चुदाई कर रहा था। फिर कुछ देर बाद ससुर झड़ गए तो फिर मैंने सपना को अपनी बाहों में ले लिया और सपना के बदन से खेलने लगा। फिर मैंने भी सपना को गाड़ी के सहारे उल्टा खड़ा किया और उसकी चुदाई करने लगा। ससुर अपनी बेटी को चूदते हुए देखने लगे। फिर कुछ देर बाद मैं और सपना एक साथ झड़ गए और फिर ससुर भी हमारे पास आ गए और फिर वो सपना से लिप किस करने लगे। फिर लिप किस के बाद सपना नंगी ही इधर उधर घूमने लगी। ऐसे खुले में नंगी होकर चुदवाने में सपना को और हमें काफी मजा आया था। फिर सपना ने वहां पेशाब किया और फिर सपना नंगी ही कार में बैठ गई और फिर हम घर आने लगे। वहाँ से हमारा घर थोड़ा दूर था। फिर सपना कपड़े पहनने लगी तो मैंने उसे मना कर दिया और फिर सपना बिल्कुल नंगी ही बैठी रही।
 
 
 
 
 
 
मैं तब कार चला रहा था तो फिर मैंने ससुर से सपना को अपनी गोद मे बैठाने के लिए कहा। फिर ससुर ने अपनी सीट थोड़ी पीछे की और फिर सपना आगे आकर अपने पापा की गोद मे बैठ गई। फिर हम तीनों बातें करने लगे। तब ससुर का हाथ सपना की चुत पर था और वो साथ मे सपना के बोबो को भी चूस रहे थे। फिर बीच बीच मे भी सपना के बदन को सहलाकर मजे ले लेता। फिर हम घर पहुंच गए। हम घर पहुंचे तब थोड़ा थोड़ा अंधेरा हो चुका था। फिर हमने कार से सब सामान निकालकर घर मे रख दिया और जल्दी जल्दी घर का सब काम किया। मैंने और ससुर ने भी सपना की मदद की। फिर सपना ने सुहागरात के लिए बेड को फूलों से सजाया और फिर शादी के लिए बाकी तैयारियां भी की। फिर सपना नहाकर के।रे में जाकर तैयार होने लगी। थोड़ी देर बाद गोपीनाथ आ गया तो फिर वो शादी के लिए मंडप तैयार करने लगा। वो सब समान अपने साथ लेकर आया था।
 
 
 
 
 
 
 
गोपीनाथ पहली बार किसी बाप बेटी की शादी करवा रहा था तो वो भी काफी खुश था। फिर उसने हमसे कहा के शादी बिल्कुल नंगे होकर करनी होगी। पर अब किसे फर्क पड़ता था शादी चाहे जैसे भी हो। फिर मैं ये जाकर सपना को बताकर आ गया। फिर मैं और ससुर नंगे हो गए और फिर गोपीनाथ ने ससुर को मंडप लर बैठा लिया। फिर वो मंत्र पढ़ने लगा। फिर थोड़ी देर बाद गोपिनाथ ने सपना को बुलाकर लाने के लिए कहा तो फिर मैं जब सपना को बुलाने गया तो देखता ही रह गया। सपना ने तब सिर्फ सोने के जेवरात ही पहन रखे थे और कुछ नहीं पहन रखा था। सपना के शरीर पर कपड़े का नामोनिशान भी नहीं था। तब सपना ने बालों का जुड़ा बना रखा था और पैरों में हाई हील के सैंडल पहन रखे थे। उपर से सपना ने मेकअप कर रखा था तो वो और भी कयामत लग रही थी। फिर जब वो ऐसे कमरे से बाहर निकली तो ससुर और गोपिनाथ तो काफी देर तक सपना को ही देखते रहे। सपना हम तीन नंगे मर्दो के सामने बिल्कुल नंगी थी। फिर गोपीनाथ ने ससुर और सपना के फेरे करवाये और फिर ससुर ने सपना के गले मे मंगलसूत्र डाला और फिर सपना की मांग भरी। मुझे और गोपीनाथ को तो यकीन ही नहीं हो रहा था के एक बाप अपनी बेटी से शादी कर रहा है। फिर शादी के बाद सपना ने हम सभी का मुँह मीठा करवाया।
 
 
 
 
 
 
 
फिर सपना ने हम सबको खाना खिलाया और फिर खाना खाने के बाद सपना ने हम तीनों मर्दो को एक एक ग्लास दूध पीने के लिए दिया। उसमें सपना ने सेक्स पावर बढ़ाने वाली दवाई पहले ही मिला दी थी। जिसका असर जल्दी ही होने लगा। फिर हम सब मर्द तो बाहर बैठकर बातें करते रहे और सपना अंदर बेड पर जाकर बैठ गई। फिर गोपीनाथ ने कहा के वो भी सुहागरात देखना चाहता है तो फिर ससुर ने उससे कहा के ठीक है। फिर कुछ देर बाद हम तीनों मर्द अंदर कमरे में गए तो सपना कमरे में बेड पर नंगी बैठी थी। फिर ससुर तो सपना के पास बेड पर चले गए और मैं और गोपीनाथ वहीं पास में बैठकर देखने लगे। फिर ससुर सपना के बदन को सहलाने लगे और किस करने लगे। गोपीनाथ के लिए तो ये सब नया था तो वो बहुत ध्यान से देख रहा था। फिर कुछ देर की चुमाचाटी के बाद सपना अपने पापा का लण्ड चुसने लगी। फिर जब ससुर का लण्ड पूरा खड़ा हो गया तो फिर ससुर ने सपना की चुत में अपना पूरा लण्ड अंदर डाल दिया और फिर लण्ड अंदर बाहर करने लगे। अपनी बेटी की ऐसी चुदाई करते देख गोपीनाथ तो देखता ही रह गया। कमरे में ससुर और सपना की ही सिस्कारियाँ गूंज रही थी। फिर ससुर सपना को घोड़ी बनाकर चोदने लगे और साथ मे सपना की बड़ी बड़ी गाँड पर थप्पड़ मारने लगे। ये देखकर तो गोपीनाथ भी अपना लण्ड हिलाने लगा। फिर मैंने देखा के गोपीनाथ का लण्ड आधा खड़ा हो चुका था। ये शायद सपना द्वारा दूध में मिलाए गए पाउडर का कमाल था। फिर कुछ देर की चुदाई के बाद ससुर और सपना झड़ गए और फिर वो दोनो एक दुसरे के साथ चिपक कर लेट गये।
 
 
 
 
 
 
 
सपना और ससुर की चुदाई देखकर मेरा भी बुरा हाल हो चुका था। फिर मैंने गोपीनाथ से कहा के मैं भी सपना की चुदाई कर सकता हूँ क्या। फिर गोपीनाथ बोला के हाँ क्यों नहीं। तुम भी तो उसके पति ही हो। फिर गोपीनाथ के इतना कहते ही मैं भी जाकर सपना से चिपक कर लेट गया। फिर सपना मेरे और ससुर का लण्ड हिलाने लगी। फिर जब सपना ने गोपीनाथ का आधा खड़ा लण्ड देखा तो फिर सपना हमसे हंसते हुए कहने लगी के ये उस देसी वेद के दिये हुए चूर्ण का कमाल है। फिर मैं सपना की चुदाई करने लगा। फिर ससुर का भी लण्ड खड़ा हो गया तो फिर वो भी मेरे साथ ही सपना की चुदाई करने लगे। मैं और ससुर दोनो मिलकर सपना की चुत और गाँड मार रहे थे। फिर ससुर तो सपना की गाँड पर और मैं सपना के मुंह और बोबो पर थप्पड़ मारने लगा। जिससे कि सपना को दुगुना मजा आने लगा तो फिर मैं और ससुर कस कसकर थप्पड़ मारने लगे। जिससे कि सपना का पेशाब और लैट्रिन बेड पर ही निकल गया। लेकिन फिर भी मैं और ससुर सपना की चुदाई करते रहे। सपना में आज दूध में चूर्ण कुछ ज्यादा ही मिला दिया था। जिस कारण मेरे और ससुर का लण्ड लोहे की रॉड जैसा एकदम सख्त खड़ा था। झड़ने के बाद भी हमारे लण्ड काफी देर तक खड़े रहते और हम सपना कि चुदाई करते रहते। इस तरह उस रात मैंने और ससुर ने सपना को बहुत बार चोदा। फिर थक थककर हम सो गए।
 
 
 
 
 
 
 
गोपीनाथ भी वहीं सो गया। फिर सुबह हम सब 10 बजे उठे। फिर उठकर घर का सब काम वगैरह किया। इतने में दोपहर हो गई तो। फिर मैं और ससुर तो तब आंगन में ही चारपाई पर लेटे थे और फिर सपना नहाकर तैयार होकर आई। तो हम सपना को देखते ही रह गए। तब सपना ने गले मे केवल मंगलसूत्र डाल रखा था और कमर में सोने की चैन और पैरों में पायजेब और हाई हील सैंडल पहन रखे थे और मांग में सिंदूर भर रखा था। सपना ने हाथों में कंगन और चूड़े वगैरह पहन रखे थे और वो पूरी नंगी थी। सपना तब किसी नई नवेली दुल्हन से कम नहीं लग रही थी। जब सपना ऐसे हमारे सामने आई तो मेरा और ससुर का तो लण्ड खड़ा हो गया। फिर मैं और ससुर सपना की वहीं चुदाई करने लगे। हम तीनों शाम तक चुदाई करते रहे। फिर शाम को सब काम जल्दी खत्म करके हम तीनों जल्दी ही कमरे में घुस गए और चुदाई करने लगे। फिर उस रात भी हमने काफी चुदाई की। इस प्रकार कई दिनों तक हम ऐसे ही चुदाई करते रहे। फिर तो ससुर सपना को कहीं भी चोदने लग जाते। सपना और ससुर जब गोपीनाथ को खाना देने जाते तो ससुर उसके सामने ही सपना को घोड़ी बनाकर चोद देते। मैं भी जब खेत से घर जाता तो ससुर को सपना की चुदाई करते हुए ही पाता और रात को भी जब जिसका मन करता सपना की चुदाई करने लग जाता। अब सपना अपने बाप से ही चुद चुकी थी तो फिर वो अब क्या शर्म करती। फिर एक बार जब गोपीनाथ हमारे घर पर आया तो तब सपना उससे चिपक कर खड़ी हो गई और फिर वो भी सपना की गाँड सहलाने लगा और सपना के बोबो को चुसने लगा। ससुर को भी अपनी बेटी को उसके साथ देखकर काफी मजा आया। फिर सपना ने उससे अपनी चुत भी चटवाई।
 
 
 
 
 
 
 
 
फिर उस रात हम तीनों मर्द सपना के साथ सोए और सपना के साथ काफी मस्ती की। गोपीनाथ ने भी अपने आधे खड़े लण्ड से सपना की चुदाई की। फिर तो गोपीनाथ कई बार रात को हमारे साथ ही सो जाता और फिर हम खूब मस्ती करते। फिर ससुर को कोई जरूरी काम आ गया तो उन्हें जाना पड़ा। उनका जाने का बिल्कुल भी मन नहीं कर रहा था पर उन्हें जाना पड़ा। फिर मैं और सपना ही रह गए तो फिर हम दोनों बस ऐसे ही मस्ती करते रहते। फिर ऐसे हुआ कि नरेश और सोनम को किसी शादी में जाना था और सब बच्चे भी उनके साथ जा रहे थे तो घर पर सास ससुर ही रहने वाले थे। तो फिर मैं और सपना सास ससुर के पास कुछ दिन रहने के लिए चले गए। हमारे जाने से ससुर भी खुश हो गए। हमारे जाते ही उसी दिन मौका देखकर ससुर और सपना ने चुदाई कर ली। लेकिन अब घर पर सास थी तो उनसे ये सब छुपाकर करना था। इसलिए बहुत ध्यान से करना पड़ता था। सपना तो चुद चुद कर अब पूरी बेशर्म हो चुकी थी। उसे अब कपड़े पहनना बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता था। लेकिन फिर भी मजबूरी में सपना कपड़े पहन लेती थी। वो ऐसे कपड़े पहनती जिसमे से की उसके आधे से ज्यादा बोबे दिखते रहते। सपना को ऐसे देखकर सास भी उसे कुछ नहीं कहती। मेरी और सपना की शादी को काफी साल हो चुके थे और मेरी सास और मैं आपस मे बातें कर लेते थे। हमारा माँ बेटे जैसा ही रिश्ता था। मैं घर पर कहीं पर भी घूम सकता था।
 
 
 
 
 
 
 
मैं जब भी सपना को लेने आता तो मैं और सपना घर के किसी कोने में छुपकर मिलते और फिर मैं सपना के बदन को सहलाता और हम खूब मस्ती करते। ऐसे करते हुए मेरी सास ने हम दोनों को कई बार गलती से देख भी लिया था। लेकिन वो कहती क्या। फिर ऐसे करते करते सपना मुझसे चुदवा भी लेती। इसका भी सास को पता था। मैं हमेशा सपना के साथ मस्ती मजाक करता रहता और सपना को हंसाता रहता। हमे खुश देखकर सास भी काफी खुश होती। फिर तो कई बार सास के सामने भी मैं सपना से मस्ती मजाक करता रहता। उधर सपना भी अपनी मम्मी के सामने कपड़े वगैरह बदलने में क्या शर्माती। वो दोनो मां बेटी भी एक दूसरे से खुली हुई थी और आपस मे सब बातें कर लेती थी। लेकिन सपना को तो इस बार बिना कपड़ो के या कम कपड़ो में रहना था। पर समझ मे नहीं आ रहा था के वो कैसे रहे। रात को सपना और सास घर के अंदर कमरे में एक साथ सोती और मैं और ससुर बाहर वाले कमरे में सोते। फिर रात को सास के सो जाने के बाद सपना हमारे कमरे में आ जाती और फिर हम तीनों मिलकर खूब मस्ती करते। फिर सपना वापिस जाकर सो जाती। सास जब सपना को बिस्तर पर नहीं पाती तो वो सोचती के सपना मुझसे मिलने ही गई होगी और फिर ये सोचकर सास सो जाती।
 
 
 
 
 
 
 
फिर एक दिन रात को चुदाई के बाद सपना अपने कपड़े हाथ मे लेकर नंगी ही अंदर जाकर सो गई। फिर जब सुबह सास ने सपना को नंगी सोते हुए देखा तो फिर सपना ने सास से कह दिया के उसे रात को कपड़ो में नींद नहीं आती। फिर ये सुनकर वो दोनो मां बेटी एक दूसरे को देखकर मुस्कुराने लगी। फिर सास ने सपना से कुछ नहीं कहा। फिर उस दिन के बाद से तो सपना हर रात अपनी मम्मी के साथ नंगी ही सोने लगी। वैसे तो सास और सपना एक दूसरे से लगभग हर तरह की बातें कर लेते थे। पर फिर भी एक दूसरे से ज्यादा खुली हुई नहीं थी। रात को सपना अपनी मम्मी से चिपक कर सोती। सपना काफी शरारती थी तो फिर सपना जिद करके अपनी मम्मी से दूध पिलाने ले लिए कहा तो फिर सास ने भी अपने बोबो को बाहर निकाल दिया और फिर उस रात सपना ने अपनी मम्मी के खूब बोबे चूसे। इस तरह सपना ने धीरे धीरे अपनी मम्मी से मस्ती करना शुरू कर दिया था। फिर अगले दिन सास ने सपना से घर की सफाई करने के लिए कहा। फिर वो दोनो माँ बेटी घर की सफाई में जुट गई। फिर वो सफाई करते करते नरेश और सोनम के कमरे तक पहुंच गए।
 
 
 
 
 
 
 
उस दिन मैं और ससुर काम से कहीं बाहर गए थे तो घर पर वो दोनो माँ बेटी अकेली ही थी। फिर सफाई करते करते सपना ने सोनम की अलमारी से नकली रबड़ के लण्ड यानी डिल्डो को किसी बहाने से नीचे गिरा दिया। फिर जब सास की नजर उस पर पड़ी तो फिर सास उसे हाथ मे लेकर देखने लगी। फिर सास ने सपना से पूछा के ये क्या है। उसे देखकर सास को भी कुछ कुछ अंदाजा हो गया था पर सास फिर भी उसके बारे में ज्यादा जानना चाहती थी। फिर सपना उसे अपनी मम्मी के हाथ से लेकर मुस्कुराते हुए उसे सहलाने लगी और ये बोली के जब औरत का करने का बहुत ज्यादा मन करता हो और कोई आदमी ना हो तो औरत इससे खुद को खुश कर लेती है। ये सुनकर सास भी मुस्कुराने लगी। फिर सास बोली के है भगवान आजकल क्या क्या चीजे आने लगी है। फिर सोनम ने सपना की अलमारी से वाइब्रेटर निकालकर अपनी मम्मी को दिखाया और उसके बारे में सब कुछ बताया। फिर सास वाइब्रेटर के बारे में जानकर काफी हैरान हुई। फिर सपना वाइब्रेटर और डिल्डो और साथ मे सोनम की अलमारी से कुछ सेक्सी शार्ट ड्रेस लेकर नीचे आ गई। फिर सब साफ सफाई करने के बाद सपना और सास नहाकर आंगन में बैठकर बातें करने लगी।
 
 
 
 
 
 
 
सास डिल्डो को लेकर काफी उत्सुक थी और वो सपना से ज्यादा उसी के बारे में पूछ रही थी। फिर सपना सास को डिल्डो के बारे में सब बता भी रही थी। फिर सपना ने सास से कहा के रात को मैं आपको इसके बारे में सब बताऊंगी। फिर शाम को जब मैं और ससुर आये तब सास पड़ोस में किसी के यहां गई हुई थी तो फिर तब पहले तो ससुर ने सपना की चुदाई बाहर वाले कमरे में की और फिर मैंने सपना की चुदाई घर के अंदर वाले कमरे में की और तभी सास आ गई थी तो वो आकर आंगन में बैठ गई और आंगन में सपना की सिसकारियों की आवाजें साफ सुनाई दे रही थी। फिर चुदाई के बाद जब हम दोनों कमरे से बाहर निकलें तो सास को देखकर मैं और सपना बिल्कुल भी शर्मिंदा नहीं हुए क्योंकि सपना मेरी बीवी थी और वैसे भी सास पहले से सब जानती थी। फिर मैं और सपना सास से बातें करने लगे। फिर उस दिन रात को मैं और ससुर खाना खाकर जल्दी ही सो गए।
 
 
 
 
 
 
फिर सास और सपना भी सब काम करके कमरे में चली गई। कमरे में जाते ही सपना तो नंगी हो गई और फिर सपना अपनी मम्मी को सेक्सी शार्ट ड्रेस पहनकर दिखाने लगी। जिसमे सपना काफी सेक्सी लग रही थी। सपना को ऐसे देखकर सास देखती ही रह गई थी। फिर सपना नंगी होकर बिस्तर में चली गई और फिर उस डिल्डो को अपने मुँह में लेकर चुसने लगी और फिर उसे अपनी चुत में डालकर अंदर बाहर करने लगी। ये देखकर तो सास और भी ज्यादा दंग रह गई। फिर कुछ देर बाद सपना उल्टी होकर लेट गई और फिर डिल्डो को अपनी गाँड में डालने लगी। ये देखकर सास ने सपना से पूछा के तुम पीछे भी डलवाती हो तो फिर सपना ने कहा के वो सब जगह डाल देते है। फिर सपना अपनी मम्मी के सामने ही डिल्डो से मजे लेने लगी। फिर सपना ने वापिस डिल्डो अपनी चुत में डाल लिया और कुछ देर बाद झड़ गई और फिर वैसे ही लेटी रही। फिर सास में सपना की चुत से डिल्डो को बाहर निकाला और उसे एक कपड़े से पोंछकर देखने लगी।
 
 
मेरी सेक्सी सास
 
फिर सपना ने अपनी मम्मी से कहा के ऐसे हाथ मे लेने से मजा नहीं आएगा। ये सुनकर सास और सपना एक दुसरे की तरफ देखकर मुस्कुराने लगी। फिर सपना ने पहले अपनी मम्मी का कुर्ता खुलवाया और फिर सलवार भी खुलवा दी। फिर सपना अपनी मम्मी की चुत सहलाकर देखने लगी। फिर सपना ने अपनी मम्मी की गाँड में उंगली डाली तो सास की गाँड टाइट ही थी। फिर सपना ने अपनी मम्मी से पूछा के पापा ने कभी पीछे से नहीं किया। फिर सास बोली के एक दो बार किया था लेकिन मुझे काफी दर्द होता था तो फिर उन्होंने नहीं किया। फिर सपना उठकर अपनी मम्मी के ऊपर आ गई और फिर प्यार से अपनी मम्मी के गालों पर किस करने लगी और फिर बोबे चुसने लगी। सास भी अपनी बेटी को प्यार करने लगी। फिर उस रात वो दोनो एक दूसरे की बाहों में बाहें डालकर सो गई।
 
 
 
 
 
 
फिर अगले दिन सुबह उठने के बाद मैं आंगन में आकर चाय पीने लगा और फिर मैंने और सास ने काफी बातें की। फिर सास तो बाहर काम करने चली गई और फिर मैं सपना से मस्ती करने लगा। फिर सपना ने मुझे कल जो कुछ हुआ उसके बारे में बताया। पर मुझे ये सुनकर कुछ ज्यादा हैरानी नहीं हुई। फिर मैंने कमरे में जब वाइब्रेटर देखा तो फिर मैंने वो वाइब्रेटर लेकर सपना की चुत में डाल दिया और फिर सपना के मजे लेने लगा। फिर सपना ने इसके बारे में अपनी मम्मी को भी बता दिया फिर वो भी सपना को देखकर मुस्कुराने लगती। मैं जब वाइब्रेटर की स्पीड कम ज्यादा करता तो सपना का मुंह देखने वाला होता। मैं जब वाइब्रेटर की स्पीड बढ़ा देता तो सपना सब काम छोड़कर आंख बंद करके बस मजे लेने लग जाती और फिर जब में स्पीड कम करता तो फिर वो काम करने लग जाती। मैं सास के सामने ही उनकी बेटी के मजे ले रहा था और सास खुद भी मजे ले रही थी ये देखकर।
 
 
 
 
 
 
इस सब के कारण सपना काफी गर्म हो गई थी तो फिर सपना अपनी मम्मी के सामने ही मेरा हाथ पकड़कर कमरे में ले गई और फिर हम चुदाई करने लगे। फिर हम दोनों जब चुदाई के बाद कमरे से बाहर निकले तो तब सास खाना बना रही थी तो फिर सपना ने मुझे खाना डालकर दिया तो फिर मैं वहीं आंगन में बैठकर खाना खाने लगा। खाना खाने के बाद सपना बाहर वाले कमरे में ससुर को खाना देने गई तो फिर ससुर ने भी सपना की चुदाई की। इस तरह घर का माहौल खुलता जा रहा था। फिर मैं और सपना सास के सामने ही एक दूसरे से मस्ती करने लगते। कई बार तो मैं सपना के बोबो को भी दबा देता और सपना भी ऐसे सूट पहनती जिसमें से उसके आधे से ज्यादा बोबे दिखाई देते रहते। सास के सामने ही मैं और सपना एक दूसरे की कमर में हाथ डालकर घूमते रहते और फर सपना ने तो मेरी गाल पर किस भी कर देती।
 
 
 
 
 
 
 
ये सब देखकर सास हंसने लग जाती। फिर जब सास थोड़ी बहुत इधर उधर होती तो मैं सपना के बोबो को चुसने लग जाता। फिर जब सास आ जाती तो सपना उनके सामने ही अपने बोबो को वापिस अंदर कर लेती। फिर रात को जब सपना मेरे पास आती तो वो बिल्कुल नंगी ही अपनी मम्मी के पास से मेरे पास आ जाती और फिर मैं और ससुर जमकर चुदाई करते। उधर सास डिल्डो से खेलती रहती। एक बार सपना ने सास को डिल्डो अपनी चुत में लेते देख लिया तो फिर सास थोड़ी शर्मिंदा हुई लेकिन फिर सपना ने कहा के ये हम दोनों के बीच की बात है मैं इसके बारे में किसी से नहीं कहूँगी। फिर सपना ने सास की चुत में वाइब्रेटर डालकर चलाया तो फिर सास को बहुत मजा आया। सास की उम्र हो चुकी थी तो सास को अब चुदाई में तो ज्यादा रुचि नहीं रही थी पर उन्हें अपनी चुत में डिल्डो और वाइब्रेटर डालना काफी अच्छा लगता था। फिर सपना ने जब पहली बार अपनी मम्मी के सामने सेक्सी शार्ट ड्रेस पहनी तो सास तो देखती ही रह गई। फिर सपना ने वो सेक्सी ड्रेस अपनी मम्मी को भी पहनाई तो वो भी काफी सेक्सी लग रही थी। सपना और सास अब काफी खुल चुकी थी। फिर जब एक दिन मैं घर के अंदर गया तो तब सपना अपनी मां के सामने ही सेक्सी शार्ट ड्रेस पहनकर मेरे सामने आकर खड़ी हो गई।
 
 
 
 
 
 
 
 
सपना को सास के सामने ऐसे देखकर मैं देखता ही रह गया। फिर मैंने सपना से कहा के ये क्या पहना है। फिर सपना मुझसे बोली के जब मुझे शर्म नहीं आ रही तो आपको क्यों शर्म आ रही है। फिर वो दोनो मां बेटी हंसने लगी। फिर इसके बाद तो सपना का मन करता वो ड्रेस पहन लेती। एक बार तो सपना ने ट्रांसपेरेंट ड्रेस पहनी। जिसमे से सपना का पूरा बदन दिख रहा था। तब मैं तो सपना को देखता ही रह गया था। फिर सपना तो ऐसी ड्रेस पहनकर अपनी मम्मी के सामने ही मेरी बाहों में आ जाती और फिर कभी वो मेरी गोद मे आकर बैठ जाती। अब सपना को भला किसकी शर्म थी। सपना को ऐसे देखकर मैं भी खुद को नहीं रोक पाता और फिर उसकी जमकर चुदाई करता। फिर मैं भी सारी शर्म भूलकर सास के सामने ही सपना की गाल पर किस कर देता और उसके बोबो और गाँड को दबा देता। सास के इधर उधर होते ही मैं तुरंत सपना पर चढ़ जाता और सपना से मस्ती करने लगता। इस कारण सास अब तो कई बार मुझे और सपना को नँगा देख चुकी थी। लेकिन मैं और सपना तो अब बेशर्म हो चुके थे तो हम फिर से मस्ती करने लग जाते।
 
 
 
 
 
 
 
सपना अपनी मम्मी और मेरे सामने तो पता नहीं कितनी बार नंगी हो चुकी थी। इस कारण एक बार जब मैं और सपना आंगन में मस्ती कर रहे थे तो तब सपना पूरी नंगी थी। फिर जब सास आई तो सपना मेरे पास से खड़ी होकर बिना अपने बदन को छुपाए आराम से कमरे में गई और फिर बस एक ब्रा पैंटी पहनकर ही आ गई। अब सास को भी सपना के कपड़े पहनने या ना पहनने से कोई खास फर्क नहीं पड़ता था। सास मुझे और सपना को चुदाई करते हुए काफी बार देख चुकी थी। सपना भी मेरे लण्ड पर बैठकर खूब उछल कूद करती और मुझे खूब मजे देती। मुझे और सपना को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता था के सास हमे देख रही है या नहीं। अब जब मैं, सपना और सास एक साथ बैठकर बातें कर रहे होते तो मैं सास के सामने ही सपना से काफी मस्ती करता। सास भी हमे कुछ नहीं कहती और बस हंसती रहती। एक बार मैंने सास से कहा के अगर आपकी बेटी ना होती तो मेरा पता नहीं क्या होता। ये सुनकर सपना ने मुझे अपने गले से लगा लिया। फिर सपना ने अपना एक बूब बाहर निकाल लिया तो फिर मैं सपना का बूब चुसने लगा और सपना अपनी मम्मी के सामने बेशर्मो की तरह अपना बूब चुसवाती रही।
 
 
 
 
 
 
उधर एक बार सास अपनी चुत में डिल्डो अंदर बाहर कर रही थी तो तभी सपना कमरे में आ गई। फिर अपनी बेटी को देखकर सास थोड़ी शर्मा गई। ये देखकर सपना ने अपनी मम्मी से हँसकर कहा के मुझसे शर्माने की जरूरत नहीं है मजे लो। फिर सपना खुद अपनी मम्मी की चुत से डिल्डो अंदर बाहर करने लगी। फिर इसके बाद सास ने भी सपना की चुत में डिल्डो डालकर अंदर बाहर किया। फिर अगले दिन उन्होंने 69 पोजीशन में एक दूसरे की चुत चाटकर मजे किये। फिर तो वो दोनो मां बेटी रोज ही मस्ती करने लगे थे। फिर एक बार सपना ने अपनी मम्मी से लिप किस किया और अपनी मम्मी के पूरे बदन को चूमा और फिर अपनी चुत से चुत रगड़ी। उस दिन सास को काफी मजा आया। फिर सास ने भी सपना के बदन को चूमा और उससे लिप किस किया। इस सब के बाद फिर सास ने सपना को बताया के मुझे इतना मजा तो कभी तुम्हारे पापा के साथ भी नहीं आया। फिर तो सास और सपना भी खूब मस्ती करने लगे। फिर एक बार सपना ने सास की चुत में वाइब्रेटर डाल दिया और सास के मजे लेने लगी। ये बात सपना ने मुझे भी बता दी थी। फिर जब सास काम कर रही थी तो सपना ने वाइब्रेटर की फुल स्पीड कर दी जिस कारण सास की गाँड हिलने लगी। इसमे सास को भी काफी मजा आ रहा था।
 
 
 
 
 
मैं भी तब वहीं था तो सास को पता था के वाइब्रेटर वाली बात मुझे भी पता है। फिर अगले दिन सास ने सपना की चुत में वाइब्रेटर लगाया और फिर वो सपना के मजे लेने लगी। फिर तो हर दिन किसी न किसी की चुत में वाइब्रेटर जरूर होता। एक बार वाइब्रेटर सास की चुत में था और रिमोट मेरे हाथ मे था तो फिर मैं वाइब्रेटर की स्पीड कम ज्यादा करने लगा। तब मुझे ये बात पता नहीं थी के वाइब्रेटर किसकी चुत में लगा है। फिर जब सास ने मेरे हाथ मे रिमोट देखा तो फिर वो मुझे भी क्या कहती। लेकिन थोड़ी देर बाद मुझे भी पता चल गया था के वाइब्रेटर सास की चुत में है लेकिन फिर भी मैं वाइब्रेटर की स्पीड कम ज्यादा करता रहा। फिर कुछ देर बाद सास मेरे पास आई और बोली के दामाद जी मत कीजिये ना। तब सपना भी वहीं थी। फिर सपना ने हंसते हुए मेरे हाथ से रिमोट लिया और फिर स्पीड फुल कर दी तब तो सास का और भी बुरा हाल हो गया। इस प्रकार सपना मेरे सामने ही अपनी मम्मी के मजे लेती रही। फिर सास कुछ देर तो वहीं खड़ी रही लेकिन फिर वो अंदर कमरे में चली गई और सलवार खोलकर वाइब्रेटर बाहर निकाल दिया और फिर डिल्डो लेकर अपनी चुत में अंदर बाहर करने लगी। फिर सपना भी अंदर चली गई और फिर वो अपनी मम्मी की मदद करने लगी।
 
 
 
 
 
 
फिर वो दोनो मां बेटी एक दूसरे से मस्ती करने लगी। मैं उन दोनों को कमरे के बाहर खड़ा होकर खिड़की से देखने लगा। वो दोनो माँ बेटी बिल्कुल नंगी होकर मस्ती कर रही थी। फिर जब उनका हो गया तो मैंने सपना को इशारे से बाहर बुलाया तो फिर सपना नंगी ही उठकर आ गई। उन दोनों को देखकर मैं तो पहले से ही गर्म था। फिर मैं आंगन में ही सपना को घोड़ी बनाकर चोदने लगा। तब मुझे काफी मजा आ रहा था और मैं आंखें बंद करके सपना की गाँड में लण्ड पेल रहा था। लेकिन फिर मुझे बर्तनों की आवाज सुनाई दी तो देखा के सास चूल्हे के पास बैठकर खाना बना रही थी। ये देखकर मैं नहीं रुका और सपना की गाँड मारता रहा। सपना भी सिस्कारियाँ ले रही थी। उस दिन तो मैंने बिल्कुल खुलेआम सपना की सास के सामने चुदाई कर रहा था। फिर मैं जब झड़ गया तो मैंने अपना अंडरवियर पहन लिया और बैठ गया। फिर सपना तो ऐसे ही नंगी घूमने लगी। फिर सपना ने मुझे खाना लाकर दिया और फिर मैं खाना खाने लगा। सास ने भी सपना को कपड़े पहनने के लिए बिल्कुल भी नहीं कहा और वो आपस मे और दिनों जैसे नॉर्मल ही बातें कर रही थी।
 
 
 
 
 
 
फिर खाना खाकर मैं आंगन में ही लेटकर आराम करने लगा। भरपूर चुदाई के बाद भरपेट खाना खाने के बाद मुझे नींद आ गई। कुछ देर सोने के बाद जब मैं उठा तो देखा के सपना तब भी नंगी घूम रही थी। फिर मैंने उठकर उसे अपनी बाहों में ले लिया और उसके बोबो को सहलाने लगा। फिर तभी वहां सास आ गई तो तब भी मैंने सपना को नहीं छोड़ा और उसके बोबो को सहलाता रहा। ये देखकर भी सास बिल्कुल नहीं शरमाई और वो वहीं घूमती रही। अब सास ने भी शर्माना छोड़ दिया था। तब ससुर 2-3 दिनों के लिए काम से बाहर गए हुए थे और घर पर हम तीनों ही थे। फिर सास ने हम सब के लिए चाय बनाई और फिर हम साथ बैठकर चाय पीने लगे। तब सपना को मस्ती सूझ रही थी तो फिर उसने अपनी मम्मी के सामने ही मेरे अंडरवियर में हाथ डालकर मेरे लण्ड को पकड़ लिया और सहलाने लगी। सास पहले तो ये सब देखती रही और फिर वो उठकर वहां से चली गई। उनके जाते ही सपना ने मेरा अंडरवियर नीचे कर दिया। फिर वो मेरा लण्ड चुसने लगी। हालांकि सास अंदर कमरे में खड़ी होकर हमे देख रही थी। पर अब किसको फर्क पड़ता था। फिर मैं और सपना चुदाई करने लगे। चुदाई के टाइम मैंने सपना को काफी गन्दी गन्दी गालियां निकाली। सपना को तो इसकी आदत थी पर मैं भूल गया था के सास भी वहीं है। फिर चुदाई के बाद मैं अंडरवियर पहनकर लेट गया और सपना मेरे साथ ही लेटी थी। फिर मैंने सपना से कहा के मैं ऐसे ही गाली बक रहा था और तुम्हारी मम्मी यहीं खड़ी थी।
 
 
 
 
 
 
 
फिर तभी अंदर से आवाज आई के दामाद जी असली मर्द के मुँह से गाली निकल ही जाती हैं। ये सुनकर सपना हँसने लगी। पहले तो मैं भी थोड़ा हैरान हुआ लेकिन फिर सास हमारे पास ही आकर बैठ गई और बातें करने लगी। तब सपना तो अपनी मम्मी के सामने ही अपनी चुत सहलाने लगी और कभी कभी मेरा लण्ड भी अंडरवियर के ऊपर से सहला देती। सपना तो पूरी मस्त रंडी थी। फिर वो अपनी मम्मी के सामने ही कभी अपनी गाँड हिलाती तो कभी अपने बोबो को हिलाती। फिर शाम हो गई तो सपना और सास दोनो काम करने लगी। सपना तो नंगी ही घूम रही थी और पूरे मजे ले रही थी। फिर सपना ने मुझसे कहा के आज आप हमारे साथ ही सो जाना। फिर मैंने कहा के ठीक है। फिर खाना वगैरह खाने के बाद मैं कमरे में बेड पर जाकर लेट गया और फिर कुछ देर बाद सपना और सास भी आ गई। फिर सपना आकर मेरे साथ लेट गई और सास बेड पर दूसरी तरफ बैठी थी। उस कमरे में एक ही बेड था और मैं आज उन दोनों माँ बेटी के साथ सोने वाला था। फिर पता नहीं सपना के दिमाग मे क्या आया उसने मेरे हाथ पीछे करके हथकड़ी लगा दी और फिर मुझसे बोली के आप रोज मेरे मजे लेते हो आज मैं आपके मजे लूँगी। फिर सपना ने मेरे ऊपर से रजाई हटाई और फिर मेरा अंडरवियर नीचे खींच दिया।
 
 
 
 
 
 
 
 
जिससे मैं सास के सामने नंगा हो गया। ये देखकर वो दोनो माँ बेटी हंसने लगी। फिर मैं दूसरी तरफ मुँह करके लेट गया और सपना से अंडरवियर ऊपर करने के लिए गिड़गिड़ाने लगा पर सपना ने अंडरवियर पूरा ही निकालकर फेंक दिया। फिर सपना मेरी गाँड सहलाने लगी। फिर सपना मुझसे बोली के अगर आप मुझसे सच्चा प्यार करते हो तो जो मैं कर रही हूँ मुझे करने दो। वरना मैं आपके हाथ अभी खोल देती हूँ। फिर मैं कुछ नहीं बोला और जो सपना कहने लगी वो करने लगी। फिर सपना ने मुझे घोड़ा बनाया और फिर मेरी गाँड में उंगली करने लगी। फिर सपना बोली के आपने मेरी गाँड मारकर काफी मजे लिए है। आज मैं भी मजे लेना चाहती हूं। फिर सपना डिल्डो पर तेल लगाने लगी। फिर मैं सपना से कहने लगा के प्लीज मत डालना। लेकिन सपना कहाँ मानने वाली थी। फिर मैं सास से कहने लगा के आप समझाओ ना सपना को। फिर सास ने सपना से डिल्डो नहीं डालने के लिए कहा। फिर सपना ने डिल्डो तो सास को पकड़ा दिया और फिर मेरी गाँड में वाइब्रेटर डाल दिया और फिर मजे लेने लगी। पहली बार मुझे पता चला के वाइब्रेटर डालने से क्या होता है। फिर मैं सपना से बार बार मुझे छोड़ने के लिए कहने लगा। लेकिन सपना मेरी बात कहां मानने वाली थी। फिर मैंने सास से कहा तो फिर बेचारी सास मेरे लिए सपना से मुझे छोड़ने के लिए कहने लगी। पर सपना लर कुछ असर नहीं हो रहा था।
 
 
 
 
 
 
 
तब तक सपना और सास के सामने मेरी पीठ ही थी। उन्हें मेरा लण्ड नहीं दिख रहा था। फिर सपना ने मुझे अपनी तरफ घूमने के लिए कहा तो मैं नहीं घुमा। फिर सपना ने मुझे धमकी देकर कहा के अगर नहीं घूमे तो मैं आपकी गाँड मार मारकर लाल कर दूंगी। फिर मैं घुमा तो वो दोनो मां बेटी मेरे खड़े लण्ड को देखकर एक दूसरे की तरफ मुस्कुराने लगी। फिर सपना मेरे पास आई और मेरे सिर को बालों से पकड़कर कहने लगी के मम्मी मर्दो को ऐसे अपना गुलाम बनाकर रखना चाहिए। फिर मैं सपना से बोला के मैं तो तुम्हारा गुलाम ही हूँ। फिर इतने में मेरी सास मेरा अंडरवियर लेकर हमारे पास आई और फिर सपना से कहने लगी के अब बस कर दामाद जी को छोड़ दे और ये अंडरवियर पहनने दे। फिर सपना गुस्से से मेरी तरफ देखती हुई बोली के अंडरवियर पहनना है तो फिर मैंने ना में सिर हिला दिया। सच बताऊं तो मुझे भी अब इसमें मजा आ रहा था। फिर सपना ने मुझे ले जाकर बेड पर बैठा दिया और फिर वो दोनो माँ बेटी रजाई में लेट गई। फिर सपना अपने पैरों से मेरे लण्ड को सहलाने लगी। फिर सपना ने रजाई में ही सास की सलवार खोलकर डिल्डो सास की चुत में डाल दिया और अंदर बाहर करने लगी। तब सास का मुँह देखने वाला था। फिर सपना रजाई साइड में करके घोड़ी बन गई तो फिर मैं सपना की गाँड चाटने लगा।
 
 
 
 
 
 
 
सास के ऊपर अभी भी रजाई थी पर एक साइड से मुझे सास की सलवार नीचे घुटनो तक खिसकी हुई दिख रही थी। फिर मैं पीछे से सपना की गाँड मारने लगा और उधर सास डिल्डो से मजे ले रही थी। तब कमरा हम तीनों की सिसकारियों से गूंज रहा था। फिर मेरे झड़ने के बाद मैं तो आंखें बंद करके दूसरी तरफ करवट लेकर लेट गया और फिर उधर सपना अपनी मम्मी के ऊपर गई और फिर चुत से चुत रगड़ने लगी। जिससे सास की मादक सिस्कारियाँ निकलने लगी। फिर मैंने जब उनकी तरफ करवट ली तो देखा के सास पूरी नंगी थी और सपना अपनी मम्मी के ऊपर चढ़ी हुई थी। सास के ऊपर रजाई थी इस कारण सास पूरी तो नहीं दिख रही थी पर उनका कुर्ता और सलवार साइड में पड़ा था। फिर जब सास झड़ गई तो सपना हमारे बीच मे आकर लेट गई और फिर मैंने सपना से हथकड़ी खोलने के लिए कहा तो सपना मुस्कुराते हुए बोली के आप एक सांड और हम दोनों माँ बेटी कमसिन कली एक कमरे में। ना बाबा ना मैं तो नहीं खोलूंगी। सपना की बात सुनकर सास हँसने लगी। फिर सपना उठकर मेरे ऊपर आकर लेट गई और बोली के आपकी बाकी सब इच्छा पूरी कर दूंगी पर ये इच्छा पूरी नहीं कर सकती।
 
 
 
 
 
 
 
 
 
हथकड़ी खोलने के बाद आप हम दोनों माँ बेटियों को घोड़ी बनाकर क्या क्या करोगे क्या पता। सपना को तब ये सब बोलने में बिल्कुल भी शर्म नहीं आ रही थी। पता नहीं ये बातें कहने का सपना का क्या मकसद था। तब सास ने अपने आपको रजाई से ढक रखा था पर फिर भी सास के बोबो के उभार दिख रहे थे। फिर सपना वापिस अपनी मम्मी के पास चली गई और चिपक कर लेट गई और मेरे ऊपर से रजाई हटा दी। तब वो दोनो मुझे ही देख रही थी। फिर सपना ने सास से कहा के आप मेरे पति की तरफ इतना गौर से क्या देख रही हो। फिर सास हँसकर बोली के कुछ नहीं देख रही। डर सपना ने अपनी मम्मी से कहा के आप मेरे पति पर बुरी नजर मत डालिये। ये सुनकर सास हँसने लगी। सपना की ऐसी बातों बातों पर हमें साथ मे बहुत हंसी आ रही थी और साथ मे हम गर्म भी हो रहे थे। फिर सपना उठी और रजाई में अंदर जाकर सास की चुत चाटने लगी। जिससे की सास को बहुत मजा आने लगा। इसी बीच रजाई एक दो बार सास की कमर तक चली गई और सास के बोबे दिखने लगे। फिर सास जब झड़ी तो वो मेरी तरफ देखती रही। फिर सास ने अपना मुँह दूसरी तरफ कर लिया। फिर सपना अपना मुंह पोंछते हुए अपनी मम्मी के पास आकर लेट गई। फिर सपना ने अपने ऊपर से रजाई हटाई और फिर मेरी तरफ चुत चुसने का इशारा किया। फिर मैं उठकर जाकर रजाई में घुस गया और सपना की चुत चुसने लगा।
 
 
 
 
 
 
 
 
फिर चुत चुसने के बाद जब मैं उठा तो मेरे उठने से रजाई भी उपर उठ गई और सास पूरी नंगी हो गई। फिर मैं घुटनो के बल खड़ा हो गया और फिर सपना मेरा लण्ड चुसने लगी। सास भी हमे गौर से देख रही थी। तब सास भी उठकर बैठ गई थी और हमे देखकर शायद वो भी अपनी चुत में उंगली कर रही थी। फिर मैं सास की तरफ देखने लगा तो।फिर कुछ देर तो सास मुझे देखती रही और फिर मैंने आंखें बंद कर ली। फिर मैं जब झड़ा तो सपना मेरा सारा पानी पी गई और फिर मैं उनके साथ ही रजाई में लेट गया। तब सपना बीच मे थी और सपना मेरी तरफ करवट लेकर सोई थी और सास एकदम सपना के पीछे से चिपक कर लेटी थी। तब तक सपना ने मेरी हथकड़ियां नहीं खोली थी। फिर सास थोड़ी उठकर सपना से मेरी हथकड़ियां खोलने के लिए कहने लगी। तब मुझे सास के बोबे दिख रहे थे। सास को भी ये पता था पर सास ने छुपाने की कोशिश नहीं कि। फिर सपना उठी और मेरी हथकड़ियां खोल दी। फिर हथकड़ि खोलने के बाद मैंने पहले सपना के मुँह को चूमा और फिर सपना के माथे पर किस किया। फिर मैंने सास के माथे पर भी किस कर दिया। तब मुझे उन दोनों माँ बेटियों पर बहुत प्यार आ रहा था। फिर सास ने अपना एक हाथ बाहर निकाला और मेरे मुँह पर फेरने लगी। फिर वो मेरे हाथों को देखने लगी। हाथों की कलाइयां पर हथकड़ी के निशान पड़ गए थे।
 
 
 
 
 
 
 
फिर सास ने सपना से मेरी हाथों की कलाइयों पर क्रीम लगाने के लिए कहा तो फिर सपना ने उठकर क्रीम लगाई। तब सास के बोबे आधे से ज्यादा दिख रहे थे। फिर मैं सपना की कमर में हाथ डालने लगा तो पीछे से सास भी चिपक कर सो रही थी। जिससे मेरा हाथ सास के लगा तो फिर मैंने सास की कमर को भी पकड़ कर अपनी तरफ खींचने लगा और फिर हम एक दूसरे से चिपक कर लेट गए। फिर मैं सास से कहने लगा के आपकी बेटी से शादी करके मैं तो निहाल हो गया। फिर सास बोली के मेरी बेटी को आप जैसा पति मिला ये हमारे लिए बहुत बड़ी बात है। फिर मैं जब अपने हाथ से सपना की पीठ सहलाने लगा तो मेरा हाथ सास के बोबो पर लग गया। लेकिन तब भी सास पीछे नहीं हुई। तब मेरे हाथ पर सास के बोबे टच हो रहे थे।
 
 
 
 
 
 
 
फिर कुछ देर तो हम ऐसे ही लेटे रहे और फिर सपना उठकर बैठ गई और फिर वो मेरे ऊपर चढ़कर बैठ गई। तब मेरे और सपना के ऊपर से रजाई हट गई थी और सास के ऊपर से भी रजाई हट गई थी जिस कारण सास के बोबे साफ नजर आने लग गए थे। फिर मैं सपना के बोबो को पकड़कर सहलाने लगा। उधर सास हम दोनों को देखकर मुस्कुरा रही थी। तब उन दोनों नंगी मां बेटी के साथ नंगा होकर सोने में मुझे काफी मजा आ रहा था। फिर सपना मेरे ऊपर लेट गई और मैं सपना की गाँड सहलाने लगा। फिर मैं सपना से बोला के तुम कितनी सेक्सी हो। फिर सपना हँसकर अपनी मम्मी के ऊपर से रजाई साइड करते हुए बोली के मैं अपनी मम्मी पर गई हूँ। तब सपना ने अपनी मम्मी के ऊपर से पूरी रजाई हटा दी थी और फिर सास शर्माकर दूसरी तरफ मुंह करके लेट गई। तब पीछे से सास की गाँड देखकर मैं तो देखता ही रह गया। फिर सपना अपनी मम्मी की गाँड सहलाने लगी।
 
 
 
 
 
 
 
फिर सपना अपनी मम्मी के ऊपर चली गई और फिर सास मेरी तरफ करवट लेकर लेट गई तो सपना अपनी मम्मी के पीछे लेट गई और फिर उनके दोनो बोबो को पकड़कर मेरे सामने ही सहलाने लगी। सास बेचारी सिर्फ मुस्कुराती रही और कुछ नहीं बोली। फिर सपना अपनी मम्मी की चुत सहलाने लगी तो सास हंसने लगी पर उन्होंने सपना का हाथ अपनी चुत से नहीं हटाया। फिर सपना ने डिल्डो लेकर मेरे सामने ही अपनी मम्मी की चुत में डाल दिया। फिर सपना ने जब अपनी मम्मी के मुंह मे अपनी उंगली डाली तो सास सपना की उंगली चुसने लगी। फिर सपना ने डिल्डो चुत से निकालकर सास के मुंह मे दे दिया तो फिर सास डिल्डो को चुसने लगी। फिर कुछ देर चुसने के बाद सास ने डिल्डो खुद ही अपनी चुत में डालकर अंदर बाहर करने लगी। ये देखकर मैं और सपना हंसने लगे। फिर शायद सास झड़ गई तो वो शांत हो गई। फिर मैं सास के नजदीक गया और सास की गालों पर किस करने लगा और फिर सपना भी अपनी मम्मी को किस करने लगी।
 
 
 
 
 
 
 
फिर किस करने के बाद मैं सास के पास ही सीधा होकर लेट गया और सपना अपनी मम्मी के ऊपर चढ़ कर बैठ गई। फिर वो अपनी मम्मी से बोली के असली लंड से मजे करोगी। ये सुनकर सास शर्माकर हँसने लगी। फिर सपना अपनी मम्मी के मजे लेने लगी। फिर सपना ने कहा के किसी को कुछ पता नहीं चलेगा। घर की बात घर मे ही रहेगी। फिर सपना सास से लिप किस करने लगी और फिर सास के दोनो बोबो के बीच अपना सिर रखकर लेट गई। फिर सपना अपनी मम्मी से नीचे उतरी और फिर वो दोनो एक दूसरे की तरफ करवट लेकर लेट गई। जिससे कि सास की मेरी तरफ पीठ हो गई। फिर सपना सास की गाँड पर हाथ फेरने लगी। सास की बड़ी गाँड को देखकर तो मेरे मुंह मे पानी आ गया। फिर मैंने सपना की तरफ देखा तो सपना ने हँसकर मेरी तरफ आंख मार दी। फिर मैं सास से पीछे से चिपक कर लेट गया और सास की कमर में हाथ डाल लिया। तब मुझे इतना मजा आ रहा था के पूछो मत। तब सास ने भी ज्यादा कुछ नहीं किया और वैसे ही लेटी रही। तब मेरा लंड सास की गदराई गाँड की दरार में था। फिर सपना अपनी मम्मी के बदन ओर हाथ फेरते हुए बोली के अपनी इस जवानी को क्यों बर्बाद कर रही हो। किसी को तो इसके मजे ले लेने दो। सपना अपनी मम्मी से काफी गन्दी बातें कर रही थी। तब रात काफी हो चुकी थी तो फिर सास ने हमसे सोने के लिए कहा। फिर सपना उठकर मेरी दूसरी तरफ आकर लेट गई और फिर मैं सीधा होकर लेट गया तो फिर सास भी मेरी तरफ मुँह करके मेरे हाथ को पकड़कर लेट गई।
 
 
 
 
 
 
 
उन दोनों माँ बेटी के बीच नंगा सोने में एक अलग ही मजा आ रहा था। फिर मैं सास की तरफ मुँह करके लेट गया और फिर सास से चिपक गया जिससे कि सास के दोनो बूब मेरी छाती में धंस गए और फिर सास ने अपना मुँह मेरी छाती से लगाकर लेट गई। पीछे से सपना मुझसे चिपक कर लेटी थी तो उन दोनों माँ बेटियों के नरम नरम बोबो के एहसास से काफी अच्छा लग रहा था। फिर मैंने सास के माथे पर किस किया तो फिर सास अपना एक हाथ मेरी कमर में डालकर सो गई। फिर मैं भी अपना एक हाथ सास की नंगी पीठ पर रखकर सो गया। मैंने तब सास से बिल्कुल भी बदतमीजी करने की कोशिश नहीं कि। फिर सुबह सुबह जब मुझे जाग आई तो सास ने मुझसे मुस्कुराकर कहा के आप सो जाइये। मैं कुछ देर बाद आपको उठा दूँगी। फिर मैं सपना की तरफ करवट लेकर सो गया। फिर काफी देर बाद सास ने मुझे और सपना को उठाया और फिर मैं और सपना उठकर नंगे ही बाहर आकर चूल्हे के पास बैठ गए। तब दिन काफी चढ़ चुका था और सास ने अकेले ही घर का सब काम कर लिया था। फिर हम सब चाय पीने लगे। चाय पीने के बाद सपना तो अंगड़ाई लेती हुई बाहर चली गई और फिर चूल्हे के पास मैं और सास ही रह गए। सास ने तो तब कपड़े पहन रखे थे। फिर मैं अपना लंड सहलाते हुए बोला के सपना ने तो मुझे कल आपके सामने नँगा कर दिया।
 
 
 
 
 
 
 
तब सास मेरे पास ही बैठी थी तो फिर सास ने कहा के आपको बुरा लगा हो तो उसकी तरफ से मैं माफी मांगती हूँ। फिर सास बोली के आप तो मर्द हो। मर्द को नंगा होने में कैसी शर्म। ये कहकर सास और मैं एक दूसरे की तरफ देखकर हंसने लगे। फिर मैं और सास बातें करने लगे। सास मेरे साथ काफी हंस हँसकर बातें कर रहे थे। बातें करते टाइम कभी कभी हमारी नजरें भी एक दूसरे से मिल जाती। फिर तभी सपना आ गई और फिर सपना ने जब हमे ऐसे बातें करते हुए देखा तो वो बोली के पटा लिया क्या मेरी मम्मी को। फिर मैंने सास की तरफ देखते हुए बोला के अब सास मेरी सिर्फ सास नहीं बल्कि दोस्त है। फिर मैंने सास की कमर में हाथ डाल लिया और सास की गालों पर किस भी कर दिया। जिससे सास हँसने लगी। फिर सपना भी हमारे पास बैठ गई और बातें करने लगी। फिर सपना ने अपनी मम्मी से कहा के अभी पापा तो घर पर है नहीं। इसलिए तुम खुलकर मजे लो। फिर सास ने पुछा के कैसे। फिर सपना ने कहा के तुम्हारे जो मन मे आये वो करो। जो मन करे वो पहनो या नंगी ही रहो। हम खुलकर रहेंगे और मौज मस्ती करेंगे। दारू सारू की पार्टी करेंगे और गंदे गंदे गानों पर डांस करेंगे। पापा नहीं आते तब तक हम ऐसे ही मस्ती करते रहेंगे। ये सुनकर मैं और सास एक दूसरे की तरफ देखकर मुस्कुराने लगे।
 
 
 
 
 
फिर सपना ने अपनी मम्मी से कहा के मैं तुम्हें अपना पति उधार देती हूँ तुम इनके साथ साथ जैसे चाहो वैसे मजे करो। ये सुनकर हम हँसने लगे। फिर सपना ने अपनी मम्मी से कहा के कभी किसी और मर्द से मजे किये है। ये सुनकर सास थोड़ी हैरान होकर बोली के नहीं नहीं मैंने तुम्हारे पापा के सिवा किसी से नहीं किया है। फिर ये सुनकर सपना बोली के तो अपनी इस भरी जवानी को बर्बाद मत करो और अपने दामाद के साथ खुलकर मजे लो। ये सुनकर सास थोड़ा शर्माकर हंसने लगी। फिर मैंने सपना से कहा के अपनी मम्मी को भी अपना जैसा ही बनाओगी क्या। फिर ये सुनकर सास ने मुझसे पूछा के अपने जैसा मतलब। फिर मैं और सपना एक दूसरे की तरफ देखकर मुस्कुराने लगे। फिर मैं सास से कहने लगा के आप अपनी बेटी को जानती नहीं हो। ये अभी तक 2-3 मर्दो के साथ मजे कर चुकी है। ये सुनकर तो सास के पैरों तले जमीन खिसक गई और बोली के क्या। फिर मैंने कहा के हां। फिर सास बोली के आपके सामने ही। मैंने कहा के हाँ। हम दोनों आपस मे चुदाई कर कर के बोर हो चुके थे। फिर हमने सोचा के कुछ नया किया जाए। फिर सपना ने खेत मे काम करने वाले मजदूर को पटाया और फिर मेरे सामने ही उससे चुदवाया। फिर उस मजदूर के साथ मिलकर मैंने भी सपना की कई बार चुदाई की।
 
 
 
 
 
 
 
फिर एक दो और मजदूर आ गए तो फिर हम चार पांच जनों ने मिलकर सपना की एक साथ चुदाई की। ये सुनकर सास काफी हैरान हो गई। हालांकि ये मैंने झूठ ही बोल दिया था पर सास को कहां पता चलने वाला था। अपनी बेटी की ऐसी करामात सुनकर सास को जोर का झटका लगा। सास को पता लग चुका था के उनकी बेटी एक नम्बर की रंडी और चूदक्कड़ औरत है। ये सुनकर सास थोड़ी थोड़ी गर्म भी हो चुकी थी। अब सास अपनी बेटी से कहती भी क्या। फिर इतने में सपना बोल पड़ी के आपने भी तो कई औरतो के साथ मजे किये है मुझ अकेली को क्यों बदनाम कर रहे हो। अपनी बेटी की बात सुनकर फिर सास मेरी तरफ देखने लगी। अब सास को हम दोनों की सच्चाई का पता चल चुका था। फिर मैंने सास से कहा के औरतें तो चुदने के लिए ही बनी होती है और मर्द चोदने के लिए। फिर सपना बोली के और नहीं तो क्या। इसलिए खुलकर मजे लो और ऐश करो। पर सास के लिए इन सब पर यकीन कर पाना थोड़ा मुश्किल हो रहा था। मेरी और सपना की बातें सुनकर अब सास को भी लगने लगा था के उसे भी मजे करने चाहिए।
 
 
 
 
 
 
 
फिर मैंने सास से कहा के अगर आपका कुछ भी करने का मन नहीं कर रहा है तो कोई बात नहीं है। हम आप पर दबाव नहीं डालेंगे। फिर सास बोली के ऐसी बात नहीं है। फिर मैंने कहा के तो आपका मन कर रहा है कुछ करने का। ये सुनकर सास हँसकर बोली के नहीं। फिर सास मेरे गले लगकर हँसने लगी। तब हम चूल्हे के पास नीचे ही बैठे थे तो फिर मैंने सास को खड़ा करके अपनी गोद मे बैठाने लगा तो सास बहुत आसानी से मेरी गोद मे आकर बैठ गई। फिर मैं सास से मस्ती मजाक करने लगा तो सास खूब हँसने लगी। फिर मैंने सास की गालों पर कई बार किस भी किये और सास से भी किस करवाये। फिर मैंने एक बार सास के होंठो पर भी किस कर दिया जिससे सास हँसने लगी। सास भी मेरे गले मे हाथ डालकर बैठी थी और इस सब का मजा ले रही थी।
 
 
 
सपना भी हमें ऐसे मस्ती करते देख हँसने लगी। फिर मैंने अपने हाथ सास की गाँड और बोबो पर रखे पर सास ने कुछ नहीं कहा। पहले तो मैंने सास को अपने एक पैर पर बैठा रखा था लेकिन फिर मैंने सास को उठाकर अपनी तरफ मुँह करके बैठा लिया और पीछे से सास की गाँड को अपने दोनों हाथों में भरकर दबाने लगा और आगे से सास के बोबो के बीच अपना मुँह डाल दिया। फिर कुछ देर तक ऐसे करने के बाद मैंने सास को घुमाया और फिर सास को मेरी गोद मे फिर से बैठा लिया। अबकी बार सास की मेरी तरफ पीठ थी। सास ने अपने दोनों पैर फैला रखे थे उनकी दोनों पैरों के बीच मे मेरा खड़ा लंड दिखाई दे रहा था। फिर मैं सास के दोनों बोबो को हाथ मे लेकर सहलाने लगा। फिर मैं सास की गर्दन की पर किस करने लगा तो सास ने मुझे बिल्कुल भी नहीं रोका। हमें ऐसे देखकर सपना अपनी मम्मी से मेरे बारे में कहने लगी के तुम इन्हे जानती नहीं हो ये किसी भी औरत को चुदाई के लिए चुटकियों मे तैयार कर लेते है। अपनी बेटी की बात सुनकर सास हंसने लगी।
 
 
 
फिर मैं अपने खड़े लंड को सहलाने लगा तो मेरे लंड के आसपास ही सास की टाँगे थी और सास की चुत मेरे लंड के एकदम पास थी तो फिर मैं अपने लंड के साथ साथ सास की चुत भी सहलाने लगा। अब सास पूरी मेरे कंट्रोल मे थी। मैं उनसे जैसे चाहे वैसे कर सकता था। सास ने नीचे पैंटी वगैरह नहीं पहन रखी थी तो सलवार के ऊपर से ही मुझे सास की चुत का एहसास हो रहा था। तब दोपहर से भी ज्यादा टाइम हो चुका था। फिर सपना ने सास से खाना बनाने के लिए कहा तो फिर मैंने सपना से कहा के हमेशा खाना मम्मी ही बनाती है। आज खाना तुम बनाओ। ये सुनकर सास बोली के हाँ आपने सही कहा। फिर ये सुनकर सपना उठकर खाना बनाने लगी और मैं और सास वैसे ही बैठे रहे। मैंने तब एक हाथ से सास के बोबो को सहला रहा था और दूसरे हाथ से सास की चुत और साथ में सास की गर्दन को चूम रहा था। साथ मे हम बातें भी कर रहे थे। फिर जब एक बार सास ने मेरी तरफ मुड़कर पीछे की तरफ देखा तो मैंने तपाक से सास के होंठों पर किस कर दिया। जिससे की सास शर्माकर मुस्कुराने लगी।
 
 
 
हमारे सामने ही सपना खाना बना रही थी। मैं तब काफी गरम हो चुका था और फिर सास की चुत पर लंड को रगड़ने लगा था। फिर मेरे लंड से पानी की पिचकारियाँ निकलने लगी तो सास मेरे लंड को देखने लगी। मेरे लंड से पिचकारियाँ निकलते देख सपना भागकर आई और मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी। फिर लंड चूसने के बाद सपना सलवार के ऊपर से ही अपनी मम्मी कि चुत पर चूमने लगी। फिर चूमने के बाद सपना अपनी मम्मी की सलवार का नाड़ा खोलने लगी। तब वो दोनो मां बेटी एक दूसरे को देखकर मुस्कुरा रही थी। फिर जैसे ही सपना ने अपनी मम्मी का नाड़ा खोला तो सास की बालों से भरी चुत दिखाई देने लगी। तभी खाना जलने लगा तो सपना सब वैसे ही छोड़कर वापिस चली गई और मैं और सास वैसे ही बैठे रहे। तब सास की चुत दिख रही थी और मैं सास के बोबो को सहला रहा था। फिर सपना नहीं आई तो मैं सास की सलवार ऊपर करके नाड़ा फिर से बांध दिया और फिर सास से पेशाब करके आने के लिए बोला तो फिर वो मेरे ऊपर से खड़ी हुई और फिर हम दोनों पेशाब करने के लिए जाने लगे।
 
 
 
जब हम टॉयलेट के पास पहुंचे तो सास टॉयलेट में घुस गई और सास के पीछे पीछे मैं भी टॉयलेट में चला गया। वो गांव का टॉयलेट था जो कि ज्यादा बड़ा नहीं था। फिर हम दोनों एक दूसरे के आमने सामने खड़े हो गए और फिर सास अपने हाथों से अपनी सलवार खोलने लगी और फिर सलवार खोलकर बैठकर पेशाब करने लगी। तब मैं बिल्कुल सास के सामने खड़ा था और मेरा लंड सास के मुंह से कुछ ही दूरी पर था। सास की नंगी गाँड देखकर मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा। जब सास ने ऊपर की तरफ देखा तो वो मेरे आधे खड़े लंड को देखकर मुस्कुराने लगी। तब मुझे भी जोरों से पेशाब आ रहा था। फिर जब सास पेशाब करके खड़ी हुई तो मैंने सास की कमर में हाथ डालकर उन्हें साइड में किया और फिर मैं पेशाब करने लगा। तब सास की सलवार सास के पैरों में पड़ी थी और सास झुक कर सलवार नहीं उठा सकती थी। क्योंकि टॉयलेट छोटा था और मैं तब पेशाब कर रहा था। अगर तब सास झुकती तो सास पर मेरा पेशाब गिर जाता। फिर जब मैंने पेशाब कर लिया तो फिर सास ने झुक कर अपनी सलवार ऊपर उठाई और फिर मेरे आगे आकर बांधने लगी तो तभी मेरा लंड सास की सलवार में फस गया। फिर जब सास ने पीछे मुड़कर देखा तो मेरे लंड में सास की सलवार अटकी हुई थी। फिर ये देखकर सास ने कुछ नहीं किया। तब तक मेरा लंड पूरा खड़ा हो चुका था।
 
 
 
 
फिर मैं थोड़ा आगे की और हुआ तो लंड सास की दरार के बीच चला गया। तब सास दोनो हाथों से अपनी सलवार पकड़े खड़ी थी। फिर मैंने सास के दोनो हाथ पकड़कर सामने की दीवार पर रख दिये और फिर सास की गाँड को अपने लंड से सहलाने लगा। तब मैंने सास का कुर्ता पूरा ऊपर की ओर उठा दिया था और फिर कुर्ते में हाथ डालकर सास के नंगे बोबो को सहलाने लगा। फिर कुछ देर ऐसे करने के बाद मैं नीचे बैठा और सास की नरम नरम गाँड पर अपना चेहरा मसलने लगा। तब मैंने सास की गाँड पर काफी किस किये और सास के गाँड के छेद को भी देखा। फिर कुछ देर ऐसे करने के बाद मैंने सास की सलवार ऊपर उठाई और फिर नाड़ा बांधने लगा। फिर सास बोली के क्या हुआ। पसंद नहीं आई क्या। फिर मैंने कहा के पसंद तो बहुत है। अगर अभी कर लेंगे तो रात को क्या करेंगे। फिर मैंने सास को अपनी तरफ घुमाकर अपने से चिपका लिया और फिर सास बोली के आपने दो बार मेरी खुली सलवार का नाड़ा बांध दिया। कोई और होता तो ऐसा नहीं करता। फिर मैं सास से बोला के मैं कोई और नहीं हूँ। फिर मैंने कहा के मैं पहले औरत को काफी तड़पाता हूँ ताकि वो खुद आकर मेरा लंड पकड़ ले। तब मुझे चुदाई करने में मजा आता है। ये सुनकर सास मुस्कुराने लगी।
 
 
 
फिर हम दोनों टॉयलेट से निकलकर अंदर जाने लगे और मैं साथ मे सास की गाँड सहलाने लगा। फिर हम जब अंदर आंगन में गए तो सपना खाना बना चुकी थी और फिर हम सब बैठकर खाना खाने लगे। खाना खाते वक्त हमने काफी बातें और मस्ती की। सपना ने मुझे खाना अपने बोबो और चुत पर रखकर खिलाया तो फिर मैंने भी अपने लंड पर खाना लगाकर सपना को चुसवाया। हमारी ऐसी मस्ती देखकर सास को भी काफी मजा आ रहा था। तब सास और सपना मेरे सामने बैठी थी और मैं दूसरी तरफ बैठा था। फिर मैं घुटनों के बल खड़ा हुआ और सपना के आगे जाकर खड़ा हो गया फिर सपना मेरे खड़े लंड को चूसने लगी। पास मैं बैठी सास ये सब गौर से देख रही थी। फिर कुछ देर लंड चूसने के बाद सपना सास से लिप किस करने लगी। सपना के मुँह से सास को भी मेरे लंड का स्वाद आने लगा था। फिर सपना अपनी मम्मी के सामने ही मेरे खड़े लंड को हाथ मे लेकर सहलाने लगी। सास भी मेरे लंड को बहुत गौर से देख रही थी। सपना भी काफी शरारती हो गई थी तो फिर वो अपनी मम्मी के पीछे गई और फिर अपनी मम्मी के दोनों बोबो को अपने हाथों मे लेकर सहलाने लगी। सपना को ऐसे करता देख सास सपना की तरफ देखकर मुस्कुराने लगी और फिर कुछ नहीं बोली।
 
 
लेकिन सपना यहीं तक नहीं रुकी फिर वो अपनी मम्मी के दोनों बोबो को बाहर निकालकर सहलाने लगी। फिर सपना अपनी मम्मी के साइड मे आकर बैठ गई और सास के बोबो को मुँह मे लेकर चूसने लगी। फिर मैं सास की दूसरी साइड जाकर बैठ गया और फिर मैं भी सास के बोबो को चूसने लगा। थोड़ी देर चूसने के बाद सपना अपनी मम्मी की गोद में जाकर बैठ गई और फिर उन्हे अपने बोबे चुसवाने लगी। सास भी अपनी बेटी के बोबो को बड़े चाव से चूस रही थी। फिर सपना ने अपने और अपनी मम्मी के बोबो पर खाना लगाया और फिर मुझे खिलाने लगी। वो आपस मे भी एक दूसरे को ऐसे ही खिला रही थी। फिर सपना ने अपनी मम्मी के सूट को पकड़कर ऊपर की और खींचने लगी और फिर सास ने अपने हाथ ऊपर की और कर दिए और फिर सपना ने अपनी मम्मी को ऊपर से नंगी कर दिया। फिर सपना ने अपनी मम्मी के सलवार के नाड़े को सलवार से बाहर निकाला और खींचकर खोल दिया। फिर सलवार ढीली हो गया तो फिर सपना अपनी मम्मी की चुत में उंगली करने लगी। तब सास की चुत मुझे बिल्कुल साफ दिख रही थी। सास की चुत पर बाल ही बाल ही थे।
 
 
फिर सपना ने अपनी मम्मी को पीछे की सीधा लेटाया और फिर सलवार खोलने लगी तो फिर अपनी सहमति देते हुए सास ने भी अपने दोनों पैर ऊपर की तरफ उठा दिए फिर सपना ने सास की सलवार निकालकर फेंक दी। तब वो दोनों माँ बेटी एक दम नंगी बहुत मस्त लग रही थी। फिर सपना ने जब सास को उल्टा लेटाया तो सास की नंगी गोरी गाँड देखकर मेरा लंड तो झटके मारने लगा। फिर सपना अपनी मम्मी की गाँड सहलाने लगी। फिर सपना ने सास को उठाया और फिर वो दोनों घुटनों के बल एक दूसरे की कमर में हाथ डालकर खड़ी हो गई। सपना का शरीर भी काफी भरा हुआ था पर वो सास से थोड़ी पतली थी। फिर मैंने उन दोनों से कहा के कौन किसकी माँ और कौन किसकी बेटी है इसका कुछ भी पता नहीं चल रहा है। मेरी बात सुनकर वो दोनों माँ बेटी हंसने लगी। फिर सपना और सास दोनों नीचे उतरकर खड़ी हो गई और फिर सपना ने मुझे सास के साथ खड़ा होने के लिए कहा तो फिर मैं जाकर सास के साथ खड़ा हो गया।
 
 
तब मैं सास से थोड़ा दूर खड़ा था तो फिर सपना ने हम दोनों चिपक कर खड़ा होने के लिए कहा तो फिर मैंने झट से सास की कमर में हाथ डालकर सास को अपने से चिपका लिया। फिर सपना हमे देखकर बोली के आप दोनो को देखकर कोई नहीं कह सकता के आप दोनो सास दामाद हो। ये सुनकर सास हँसने लगी। तब मेरा लण्ड खड़ा था तो फिर मैंने सास से मेरा लण्ड पकड़ने के लिए कहा तो फिर सास ने शर्माते हुए अपना हाथ मेरे लण्ड पर रख लिया। सास के हाथ का स्पर्श पाकर तो मेरा लण्ड और ज्यादा कड़क हो गया। फिर सास ने भी अपने हाथ की पकड़ मेरे लण्ड पर मजबूत कर दी। ये देखकर सपना मुस्कुराने लगी। फिर सास से मैंने लण्ड हिलाने के लिए कहा तो सास फिर मेरा लण्ड हिलाने लगी। तब मैं फुल गर्म था और बस कभी भी झड़ सकता था। ये देखकर सपना मेरे सामने आकर बैठ गई और फिर अपनी मम्मी से जल्दी जल्दी लण्ड हिलाने के लिए बोली तो फिर सास ने वैसे ही किया। फिर जब मेरे लण्ड से पानी निकलने लगा तो सपना ने अपना मुंह खोला दिया और फिर सास मेरा लण्ड का पानी सपना ले मुँह में डालने लगी। जब तक कि मेरे लण्ड से पानी की आखिर बून्द ना निकल गई सास मेरे लण्ड को सहलाती रही और निचोड़ती रही।
 
 
फिर सपना उठी और अपनी मम्मी से किस करने लगी और साथ मे मेरे लण्ड का पानी अपनी मम्मी के मुँह में डालने लगी। मेरा पानी का स्वाद चखकर सास अपने होंठो पर जीभ फेरने लगी। फिर हम तीनों एक दूसरे के गले लगकर एक दूसरे के बदन को सहलाने लगे। फिर सास और सपना ने मिलकर हमने जहां बैठकर खाना खाया था वहां की सफाई की। क्योंकि वहां काफी खाना गिरा हुआ था। फिर हम तीनों भी बाथरूम में जाकर नहाए। हम तीनों ने एक दूसरे के बदन को रगड़कर साफ किया और फिर कमरे में बिस्तर पर जाकर लेट गए। तब सास और सपना मुझसे चिपक कर लेटी हुई थी। सास की बॉडी और चुत पर बाल थे तो ये देखकर सपना अपनी मम्मी से बोली के आपकी वैक्सिंग करवानी पड़ेगी। फिर मैं बोला के तो करवा लेते है। तुम अपनी उस ब्यूटी पार्लर वाली फ्रेंड को फोन करके पूछ लो। फिर जब सपना ने उससे फोन करके पूछा तो वो बोली के वो आज बिल्कुल फ्री है। तब शाम होने में टाइम पड़ा था तो फिर मैंने कहा के चलते है। साथ मे हम शाम की पार्टी के लिए भी समान ले आएंगे। फिर सपना ने उस ब्युटी पार्लर वाली को बोल दिया के हम आ रहे है।
 
 
फिर उन दोनों माँ बेटी ने घर का कुछ जरूरी काम किया और फिर वो तैयार होने लगी। सपना ने अपनी मम्मी को एक शार्ट ड्रेस पहनाई और खुद ने भी वैसी ही ड्रेस पहनी। वो ड्रेस घुटनो से ऊपर तक थी और उसमें से उन दोनों के बड़े बड़े बोबे काफी सेक्सी लग रहे थे। सास पहली बार ऐसी ड्रेस पहनकर बाहर जा रही थी तो उन्हें थोड़ा अजीब सा लग रहा था। फिर मैंने सास से कहा के आपकी बेटी तो नंगी ही जाती है आपने कम से कम इतने कपड़े पहने तो है। ये सुनकर सास हँसने लगी। तब उन दोनों ने मेकअप किया था और बाल खुले छोड़ रखे थे और पैरों में हाई हील सैंडल पहने थे। तब वो दोनो पूरी रंडी लग रही थी।
 
 
फिर सपना ने अपनी मम्मी को कार में आगे वाली सीट पर बैठाया और खुद पीछे बैठ गई। फिर सास बोली के लोग हमें ऐसे देखेंगे तो क्या कहेंगे। फिर सपना बोली के इन्होंने गाड़ी के शीशों पर फ़िल्म चढ़वा रखी है। इस कारण कोई हमें नहीं देख पायेगा। मैं तो आराम से नंगी होकर आती जाती हूँ। फिक्र मत करो हमें कोई नहीं देख सकता। अपनी बेटी की बात सुनकर सास को थोड़ी तसल्ली तो हुई लेकिन फिर भी सास थोड़ा डर रही थी। फिर सपना ने कहा के बयूटी पार्लर में तो आपको पूरी नंगी ही रहना पड़ेगा। इसलिए सब डर और शर्म को भूल जाओ। यर सुनकर सास मुस्कुराने लगी। फिर मैं उन दोनों को लेकर बयूटी पार्लर चला गया। उस ब्यूटी पार्लर के पास कुछ दुकाने है। पर वहां ज्यादा लोग आते जाते नहीं है। फिर जब सास और सपना दोनो कार से उतरकर जाने लगी तो लोग उन्हें देखते ही रह गए। सास को भी तब छोटे कपड़ो में काफी शर्म आई लेकिन वो कर भी क्या सकती थी। फिर अंदर जाते ही वो दोनो नंगी होकर कुर्सी पर बैठ गई। फिर पहले तो सपना ने अपने आइब्रो वगैरह बनवाये और फिर वो सास की वैक्सिंग करने लगी।
 
 
कुछ देर तो मैं उन्हें देखता रहा और फिर मैं मार्केट चला गया और कुछ बियर और दारू की बोतलें ले आया। आज रात को मुझे दोनो मां बेटियों को चोदना था तो मुझे बहुत जोश चाहिए था। इसलिए मैंने वियाग्रा की टेबलेट भी ले ली थी। बाकी सब मस्ती का सामान तो घर पर था ही। फिर मैं जब वापिस बयूटी पार्लर गया तो देखा के सपना और वो बयूटी पार्लर वाली दोनो सास के बदन को चमकाने में लगी हुई थी। उन्होंने सास के बालों की थोड़ी कटिंग कर दी थी और बाल थोड़े सीधे भी कर दिए थे। फिर मुझे देखकर सपना नंगी ही मेरे पास आकर खड़ी हो गई और फिर मुझसे कहने लगी के आज मम्मी तो मुझसे भी ज्यादा सेक्सी लग रही है। जब मैंने सास की बिना बालों वाली चुत देखी तो देखता ही रह गया। क्योंकि सास की चुत किसी जवान लड़की जैसी ही लग रही थी। फिर सपना मुझसे कहने लगी के ये ब्यूटी पार्लर वाली मुझसे कहती के आपको कस्टमर चाहिए तो मुझे बता दो। आप जैसी औरत के लिए तो लोग तैयार बैठे है। वो सपना और सास को कॉल गर्ल समझ रही थी। फिर मैंने सपना से पूछा के फिर तुमने क्या कहा। फिर सपना बोली के अभी तो मैने उसे मना कर दिया। अगर हमें आगे ऐसी कोई जरूरत पड़ेगी तो हम इसे कह देंगे। फिर हम दोनों ऐसे ही बातें करते रहे। फिर सपना वापिस उनके पास चली गई। कुछ टाइम बाद जब सास पूरी तैयार होकर खड़ी हुई तो सच बताऊं तो क्या लग रही थी वो। सास के सामने एक बार तो मुझे सपना भी फीकी लगने लगी थी। तब वो दोनो मां बेटी बिल्कुल नंगी इधर उधर घूम रही थी। उस ब्यूटी पार्लर वाली ने तो सास का पूरा लुक ही चेंज कर दिया था। अपने आपको जब सास ने शीशे में देखा तो उन्हें भी अब अपने आप पर कॉन्फिडेंस आ गया था। फिर वो दोनो अपनी ड्रेस पहनकर जब ब्यूटी पार्लर से निकली तो सास को तब जरा भी डर और शर्म नहीं थी। फिर मैं उन दोनों को लेकर वापिस आने लगा। तब तक थोड़ा बहुत अंधेरा होने लगा था। फिर तब सपना खुद भी नंगी हो गई और सास से भी नंगी होने के लिए कहा तो सास ने भी बेहिचक अपनी ड्रेस खोल दी। सास को नंगी देखकर तो मैं देखते ही जा रहा था। फिर मैंने एक जगह गाड़ी रोकी और फिर सास को गौर से ऊपर से नीचे तक जी भर कर देखने लगा। फिर सास हँसकर बोली के दामाद जी घर पर जाकर आराम से देख लेना। आज मैं सिर्फ आपकी ही हूँ। फिर सास की बात सुनकर मैं फिर से गाड़ी चलाने लगा। फिर सपना ने सास से कहा के ये तुम्हारे अब दामाद नहीं रहे। तुम अब मेरी सौतन और इनकी रखैल हो। फिर सास बोली के तो मैं इन्हें क्या बुलाऊँ। फिर सपना बोली के तुम अब इन्हें एजी ओजी कहकर ही बुलाओ। सास को भी ये बात ठीक लगी। फिर वो बोली के हां सही कह रही हो। फिर हम ऐसे ही बातें करते करते घर पहुंच गए। मैंने कार घर के अंदर ही ले जाकर खड़ी कर दी तो फिर वो दोनो नंगी ही कार से उतरकर अंदर चली गई। फिर हम सब पार्टी के लिए तैयारियां करने लगे।
 
 
 
सास अब काफी खुश दिखाई दे रही थी। वो जल्दी जल्दी घर का काम निपटा रही थी और सपना और मैं एक कमरे में पार्टी की तैयारियां कर रहे थे। हमने कमरे में एक म्यूजिक सिस्टम लगाया और बेड पर बिस्तर वगैरह को ढंग से लगाया। फिर हमने एक कोने में एक टेबल पर बियर और दारू की बोतलें रखी और ग्लास रखें। सपना ने कुछ नमकीन भी लाकर रख दी। फिर सपना और सास दूसरे कमरे में जाकर तैयार होने लगी और मैं भी फिर से नहा धोकर तैयार हो गया। फिर जब वो दोनो मां बेटी तैयार होकर आई तो सास तो बिल्कुल मॉडर्न लग रही थी। सास ने एक रेड ड्रेस पहन रखा था और बाल खुले और पैरों में हाई हील सैंडल। उधर सपना ने एक सेक्सी ब्रा पैंटी पहनी थी। फिर मैं उन दोनों के पास गया और उनकी कमर में हाथ डालकर उन्हें टेबल तक ले आया। फिर मैंने उन दोनों को पेग बनाकर दिए। फिर हम पीने लगे। हम तीनों ने बियर की एक एक बोतल खाली कर दी थी और फिर व्हिस्की के पेग चलने लगे।
 
 
फिर सपना ने म्यूजिक सिस्टम ऑन कर दिया और हम तीनों डांस करने लगे। तब वो दोनो मां बेटी नशे में झूम रही थी। फिर मैंने उन दोनों को नंगी कर दिया और उनके ऊपर बियर डालने लगा। फिर मैं उन दोनों के बदन को चाटने लगा। डांस करते करते मैं उन दोनों के बदन को सहलाने लगा और वो भी इसके मजे ले रही थी। उन दोनों को डांस करना आता था तो वो दोनो अपनी गाँड और बोबे हिला हिलाकर ऐसे डांस कर रही थी के देखने वाला देखता ही रह जाये। फिर डांस करते करते हम थक गए तो फिर मैं दोनो को लेकर बेड पर चला गया। तब सास तो फूल नशे में थी पर सपना थोड़ी बहुत होश में थी। नंगी सास को देखकर मैं खुद को रोक नहीं पाया और मैं सास की चुत चाटने लगा। फिर सपना बिस्तर पर ही सास की चुत पर बियर डालने लगी तो मैं सास की चुत के सहारे बियर पीने लगा।
 
 
फिर मैंने सास के पूरे बदन को चूमा और जब सास की चुत में लण्ड डाला तो मजा ही आ गया। सपना सास की चुत में मेरे अंदर बाहर होते हुए लण्ड को चूमने लगी। फिर मैं सास की चुत में ही झड़ गया। तब सास होश में नहीं थी तो मैंने सास की गाँड नहीं मारी। फिर सपना ने मेरा लण्ड चूसकर फिर से खड़ा कर दिया तो फिर मैं और सपना चुदाई करने लगे। सपना जल्दी ही झड़ गई लेकिन मैं नहीं झड़ा तो फिर मैं जब फिर से सास की चुदाई करने लगा तो सास बोली के मुझे पेशाब आ रहा है। उधर सपना को भी पेशाब आ रहा था तो फिर मैंने उन दोनों से बिस्तर पर ही पेशाब करने के लिए कहा तो फिर वो बिस्तर पर ही पेशाब करने लगी। पेशाब करने के बाद मैं सास की चुदाई करने लगा। फिर जब मैं सास की चुत में ही झड़ गया और ऐसे ही सो गया। हम तीनों बिस्तर में ऐसे ही सो गए। रात को जब मेरे पेशाब आया तो मैंने भी बिस्तर पर ही कर दिया।
 
 
फिर अगले दिन हम तीनों लेट ही उठे। पहले मैं और सास उठे। सास ने जब बिस्तर और कमरे की हालत देखी तो देखती ही रह गई। उन्हें ऐसे मस्ती करने में काफी मजा आया था। फिर हम दोनों लिप किस करने लगे। तब मेरा लण्ड खड़ा था तो फिर वो मेरा लण्ड पकड़कर सहलाने लगी। फिर वो मेरा लण्ड चुसने लगी। कुछ देर चुसने के बाद मैंने सास को घोड़ी बनने के लिए कहा तो फिर सास मेरे सामने घोड़ी बन गई और मैं पीछे से सास की चुत मारने लगा। सास की बड़ी बड़ी नरम गाँड को पकड़कर चुत मारने में बहुत मजा आ रहा था। हमारी चुदाई से बेड पूरा हिल रहा था जिस कारण सपना को जाग आ गई तो उसने जब अपनी मम्मी को घोड़ी बनकर मुझसे चुदवाते हुए देखा तो वो देखती ही रह गई। फिर जब मैं झड़ा तो मैंने अपने पानी से सास की चुत भर दी। फिर मैं और सास एक दूसरे से चिपक गए। फिर मैंने सास से कहा के अभी तो गाँड की सील खोलना बाकी है। ये सुनकर सास मुस्कुराने लगी।
 
 
फिर हम तीनों जब कमरे से बाहर निकले तो धूप निकल चुकी थी। फिर हमने चाय वगैरह पी। फिर हम तीनों साथ मे ही फ्रेश होने गए। हम तीनों साथ मे टॉयलेट में तो नहीं जा सकते थे तो हम टॉयलेट के बाहर बैठकर ही फ्रेश होने लगे। फ्रेश होने के बाद हम तीनों अंदर आँगन मे आने लगे तो मैं उन दोनों की कमर मे हाथ डालकर चलने लगा। तब उन दोनों के बदन से बियर और पेशाब की बदबू आ रही थी। फिर सास बोली के आज तो रगड़ रगड़ के नहाना पड़ेगा। फिर पहले तो उन दोनों माँ बेटी ने मिलकर घर का सब काम किया और कमरे को धोकर साफ कर दिया और फिर वो दोनों आँगन मे ही बैठकर नहाने लगी। तब वो दोनों एक दूसरे के बदन को खूब रगड़ रही थी। वो दोनों अच्छे से नहाई और फिर उनके बाद मैं भी नहा लिया। फिर मैंने सास से कहा के हम दोनों आज दिन में ही सुहाग दिन मनाएंगे इसलिए आप दुल्हन की तरह तैयार हो जाओ। ये सुनकर सास ने मुसकुराते हुए हाँ कहा। फिर सपना सास को तैयार करने लगी। सास ने वो ही लहंगा चोली पहना जो उन्होंने अपनी शादी पर पहना था।
 
 
फिर सास जब पूरी तैयार हो गई तो मैंने सास की मांग मे सिंदूर भर दिया और गले में मंगलसूत्र बांध दिया। तब सास किसी नई नवेली दुल्हन से कम नहीं लग रही थी। फिर सपना ने सास को कमरे में बेड पर बैठा दिया और एक दूध का ग्लास भी रख दिया जिसमें वियाग्रा की गोली पीसकर मिलाई हुई थी। फिर जब मैं कमरे के अंदर गया तो सास घूँघट निकाले बैठी थी और फिर मैं जब सास के पास गया और सास का घूँघट उठाया तो सास के चेहरे को देखकर ऐसा लगा जैसे की वो कभी बूढ़ी होगी ही नहीं। फिर सास ने मुझे अपने हाथों से दूध पिलाया और फिर हम एक दुसरे से किस करने लगे। मैंने सास के सब कपड़े निकालकर सास को नंगी कर दिया। मुझे बस अब सास की गाँड मारनी थी तो मैंने सास को घोड़ी बनाया और फिर अपने लंड और सास की गाँड मे तेल लगाकर लंड सास की गाँड मे डालने लगा। जिससे सास को दर्द होने लगा। लेकिन मैं नहीं रुका और पूरा लंड अंदर डाल दिया। सास थोड़ा चीखने चिल्लाने लगी। लेकिन मैंने इसकी परवाह नहीं की।
 
 
अपनी मम्मी की चीख सुनकर सपना ने कमरे का गेट खोलकर देखा और फिर हंसने लगी। मैं लगातार सास की गाँड मार रहा था। करीब 3-4 घंटों मे मैंने सास की सिर्फ गाँड मारी। सास की चुत से लगातार पानी निकल रहा था। ये देखकर फिर मैंने सास की चुत भी मारी। फिर जब हम दोनों कमरे से बाहर आए तो सास मुश्किल से ही चल पा रही थी। ये देखकर सपना हंसने लगी। फिर उस दिन सब काम सपना ने ही किया। फिर उस दिन रात को भी मैंने सास की गाँड मारी। उस रात मैंने उन दोनों माँ बेटियों की एक साथ चुदाई की और उन्हे दो दो बार चोदा। अब सास को भी खूब मजा आने लगा था तो हर दम मुझसे चिपकी ही रहने लगी। फिर उससे अगले दिन ससुर आ गए तो सास सलवार सूट मे रहने लगी और सपना शॉर्ट्स मे रहती। ससुर ने जब सास का बदला बदला रूप देखा तो सपना ने कह दिया के वो सास को अपने साथ ब्यूटी पार्लर ले गई थी। लेकिन ससुर ने ज्यादा कुछ सास की तरफ ध्यान नहीं दिया। उनका सारा ध्यान तो सपना की तरफ था। फिर रात को सपना अपने पापा के साथ सो गई और मैं सास के साथ। फिर उस रात मैंने और ससुर ने सपना और सास की काफी चुदाई की।
 
 
सास ने भी कुछ ज्यादा ध्यान नहीं दिया के सपना अपने पापा के साथ क्यों सोई है। इसी तरह फिर दिन में भी मौका मिलने पर मैं और सास चुदाई कर लेते और सपना भी अपने पापा से चुदवा लेती। शाम को मैं और ससुर बाहर वाले कमरे मे बैठकर खाना खाते। तब सास खाना बनाती और सपना हमें खाना देने आती। अब सास नंगी होने पर भी सपना को ज्यादा कुछ नहीं कहती थी। फिर शाम को सपना नंगी होकर हमें खाना देने आती और अपनी मम्मी से कह देती के वो खाना कमरे के बाहर ही मुझे पकड़ा कर आ जाती है वो कमरे मे नहीं जाती है। लेकिन होता इसका उलटा था। सपना हमें कमरे के अंदर तक खाना देने आती और कई बार तो खाना खाते खाते ससुर सपना की चुदाई भी कर देते। फिर खाना खाने के बाद सपना ससुर के साथ उनके कमरे मे सो जाती और मैं अंदर आकर सास के साथ सो जाता। फिर दिन में ससुर सपना को लेकर खेतों में चले जाते और उधर घर पर मैं और सास अकेले होते तो हम खूब चुदाई करते।
 
 
अभी नरेश, सोनम और बच्चों के आने में टाइम था और खेत में काफी काम पड़ा था तो फिर मैं और सपना वापिस आ गए और फिर मैंने और सपना ने आते टाइम सास से कहा के हम उन्हे और रिया को कुछ दिनों के बाद अपने पास बुला लेंगे। ये सुनकर सास काफी खुश हुई। फिर मैं और सपना वापिस अपने घर आ गए। फिर सपना ने मुझसे कहा के आपने मेरी मम्मी को कह तो दिया के मैं नौकरों से मजे करती हूँ। लेकिन हमारे पास तो एक भी नौकर नहीं है। ये सुनकर मैं समझ गया के अब सपना का क्या मन है। फिर मैं बोला के तो नौकर रख लेते है। वैसे भी अब खेत में काफी काम है जो की मुझ अकेले से नहीं होगा। फिर इधर उधर पुछने पर मुझे 2 आदमी मिले। फिर उन्होंने मुझसे कहा के पैसे कितने मिलेंगे। फिर मैंने उनसे कहा के मैं तुम्हें ऐसी चीज दूंगा के तुम पैसे भूल जाओगे। वो दोनों आदमी शरीर से हट्टे कट्टे थे। फिर उन्होंने पूछा के ऐसा क्या दोगे। फिर मैंने उनसे कहा के मेरे पास एक औरत है जो चुदाई में काफी मजा देती है। तुम एक बार उसे चोद लोगे तो सब कुछ भूल जाओगे। फिर ये सुनकर वो बोले के ऐसी बात है तो हम बिना पैसे के काम करने के लिए तैयार है।
 
 
फिर मैं उन दोनों को लेकर अपने घर आ गया। फिर मैं उन दोनों को लेकर खेत पर चला गया और सपना से हमारे लिए खाना लाने के लिए कहा। जब सपना हमारे लिए खाना लेकर आई तो सपना ने सिर्फ चोली घाघरा पहना था जिसमे से सपना के बड़े बड़े बोबे साफ दिख रहे थे। सपना को ऐसे देखकर तो उन दोनों के होश उड़ गए। तब वो दोनों तो सपना को ही देखे जा रहे थे। फिर खाना खाने के बाद सपना भी हमारे साथ काम करवाने लगी। सपना को देख देखकर वो दोनों गरम हो चुके थे लेकिन उनकी हिम्मत नहीं हो रही थी सपना से कुछ करने की। फिर मुझे लगा के मुझे ही कुछ करना पड़ेगा। फिर मैं सपना के पास गया और सपना के घाघरे का नाड़ा खोल दिया तो सपना नीचे से नंगी हो गई। सपना को नीचे से नंगी देखकर वो दोनों देखते ही रह गए। फिर मैंने सपना की चोली भी खोल दी और सपना पूरी नंगी हो चुकी थी। तब सपना उन दोनों को देखकर मुस्कुरा रही थी। फिर मैं भी कपड़े खोलकर नंगा हो गया और उनके सामने ही सपना की चुदाई करने लगा। हमें चुदाई करता देख फिर वो दोनों भी नंगे हो गए और फिर सपना उन दोनों के लंड हिलाने लगी।
 
 
तब वो दोनों काफी ज्यादा गरम हो चुके थे लंड हिलाते हिलाते ही उनका पानी निकल गया। लेकिन सपना ने उन दोनों के लंड चुसकर फिर से खड़े कर दिए। फिर बारी बारी से उन्होंने सपना की चुदाई की। सपना की चुदाई करके वो दोनों काफी खुश हुए। फिर चुदाई के बाद सपना कपड़े पहनकर वापिस चली गई। शाम को जब हम घर गए तो सपना ने हम तीनों के लिए खाना वगेरह बना रखा था और उन दोनों के लिए घर के पीछे की साइड मे बने कमरे में बिस्तर लगा रखे थे। फिर मैं और सपना खाना खाकर फिर उन दोनों के लिए खाना लेकर पीछे उनके कमरे मे चले गए। फिर वो दोनों खाना खाने लगे तो तब सपना नंगी होकर रजाई में घुस गई। फिर खाना के बाद वो दोनों और मैं भी नंगा हो गया और फिर हम तीनों सपना के बदन को सहलाने लगे। फिर हम तीनों एक साथ सपना की चुदाई करने लगे। जब कोई झड़ जाता तो वो अपना लंड सपना के मुँह में डाल डेटा और फिर सपना उसका लंड चूसकर फिर से खड़ा कर देती। इस प्रकार हम कई घंटों तक सपना की चुदाई करते रहे। फिर चुदाई के बाद मैं और सपना वापिस आकर सो जाते। अब सपना और हम सब काफी खुश थे।
 
 
फिर कुछ दिनों के बाद मुझे एक आदमी और मिला और फिर मैंने उसे भी अपने यहाँ काम पर रख लिया। फिर वो भी सपना की चुदाई करने लगा। फिर हम चारों मिलकर सपना की खूब चुदाई करते। सपना भी पूरी चुदक्कड़ थी उसे कहाँ कुछ फर्क पड़ने वाला था। वो तीनों खेत के साथ साथ गाय भैंसों का भी काम कर देते। दूध वगैरह निकाल देते थे। इस प्रकार अब सपना के तो दो ही काम रह चुके थे वो थे एक तो हम सबके लिए खाना बनाना और दूसरा हम सबसे चुदवाना। सपना ने उन सबको अपने प्यार के जाल में ऐसे फसा लिया था के वो सपना के कहने पर कुछ भी कर सकते थे। वो तीनों सपना की हर बात मानते थे। मैं भी अब खेत का लगभग सारा काम उन तीनों से ही करवाता। फिर मैंने सपना से पूछा के नरेश को बुला लें क्या। फिर सपना ने कहा के बुला लो। फिर मैंने नरेश को फोन करके उसे उसकी बहन की उन तीनों नौकरों के साथ मस्ती के बारें में बताया तो ये सुनकर नरेश सुनता ही रह गया। फिर वो उस दिन शाम को ही मेरे पास आ गया। तब सपना घर के पीछे की तरफ उन तीनों नौकरों के साथ गाय भैंसों का काम देख रही थी। फिर मैं नरेश को छत पर लेजाकर उसे पीछे का नजारा दिखने लगा तो नरेश देखता ही रह गया।
 
 
तब सपना उन तीनों नौकरों के सामने बिल्कुल नंगी घूम रही थी और वो तीनों नौकर भी नंगे ही थे। सपना उन तीनों के साथ हंस हँसकर बातें कर रही थी और वो तीनों भी सपना के बदन को सहला और दबा रहे थे। फिर सपना घोड़ी बनकर उन तीनों से चुदवाने लगी। ये देखकर तो नरेश अपना लंड बाहर निकालकर हिलाने लगा। फिर चुदवाने के बाद सपना दूध से भरी बाल्टी लेकर घर में आने लगी तो हम तीनों भी छत से उतरकर नीचे चले गए। फिर सपना ने जब नरेश को देखा तो वो काफी खुश हुई। लेकिन नरेश काफी गरम था तो वो अपनी बहन के बोबो को चूसने लगा और फिर उसे ले जाकर चारपाई पर लेटा दिया और फिर चुत मारने लगा। फिर नरेश झड़ने लगा तो उसने अपना सारा पानी सपना की चुत पर निकाल दिया। फिर वो सपना से लिप किस करने लगा। फिर सपना ने नरेश से कहा के आज रात को मेरे साथ चलना। हम सब मिलकर खूब चुदाई करेंगे। ये सुनकर नरेश गरम हो गया के वो आज अपनी बहन को तीन गैर मर्दों के साथ चोदने वाला है। फिर सपना ने खाना वगैरह बनाया और फिर रात को खाना लेकर सपना और मैं और नरेश तीनों पीछे की तरफ चले गए।
 
 
पीछे जाते ही सपना तब नंगी ही थी तो दो नौकर आकर सपना के बोबो को चूसने लगे। नरेश के बारे मे सपना ने उन सबसे कहा के ये मेरा पुराना आशिक है। फिर उन तीनों के खाना खाने के बाद हम पांचों मर्द सपना पर टूट पड़े। नरेश ने जब सपना को हम सबके साथ ऐसे मस्ती करते देखा तो वो भी बहुत गरम हो गया और फिर उसने भी सपना की बहुत चुदाई की। चुदाई के बाद मैं, सपना और नरेश वापिस आ गए। वापिस आने के बाद फिर नरेश ने सपना को और चोदा। फिर अगले दिन सुबह सुबह हम तीनों ही पीछे की तरफ गए तो तब वो तीनों नौकर काम कर रहे थे। फिर सपना उनमे से एक नौकर को पकड़कर चारपाई पर लेटा लिया और फिर उसके ऊपर चढ़कर उससे चुदने लगी। फिर चुदाई के बाद वो उसके साथ चारपाई पर ही बैठ गई। फिर बाकी वो दोनों नौकर भी वहीं आ गए। फिर सपना अपने दोनों हाथों से बाकी दो नौकरों के लंड हिलाने लगी। वो दोनों सपना की साइड मे सपना की कमर में हाथ डालकर बैठे थे। ये देखकर नरेश गरम हो चुका था तो फिर वो सपना के सामने जाकर खड़ा हो गया और फिर सपना के दोनों बोबो के बीच अपना लंड डालकर सहलाने लगा। फिर सपना नरेश का लंड मुँह में लेकर चूसने लगी। इस तरह फिर सब झड़ गए तो फिर हम तीनों वापिस घर में आ गए।
 
 
नरेश तो रुकना चाहता था लेकिन उसे काफी काम थे तो वो चला गया। फिर ये सब जाकर नरेश ने सोनम को बताया तो सोनम ने फिर सपना को फोन किया और उससे पूछने लगी के आप ये सब कैसे कर लेती है। आपको शर्म नहीं आती। फिर सपना ने सोनम से कहा के तू भी एक बार चुदवाकर देख तेरी सब शर्म चली जाएगी। फिर सोनम बोली के ना बाबा ना मैं नहीं करवा सकती। मुझे गैर मर्दों से चुदवाने में डर लगता है। फिर सपना ने कहा के तुम्हारी मर्जी। फिर सपना ने सोनम से कहा के मम्मी और रिया को कुछ दिनों के लिए मेरे पास भेज दो। फिर सोनम बोली के मैं उनसे कह देती हूँ वो दोनों आ जाएंगे। फिर उस दिन ही बिना बताए ससुर आ गए। उस दिन खेत मे कुछ काम नहीं था तो वो तीनो मजदूर खेत नहीं गए थे और घर की पिछली साइड बैठे थे। मैं भी वहीं था। तब हम सब नंगे बैठे थे और सपना भी नंगी हमारे बीच बैठी थी और अपने पैरों और हाथों से हमारे लण्ड सहला रहे थे। जब ससुर घर पर आए तो उन्हें घर मे कोई नहीं दिखा तो वो तब घर के पीछे की तरफ आये और जब उन्होंने अपनी बेटी को ऐसे गैर मर्दों के साथ नंगी देखा तो वो देखते ही रह गए। फिर सपना लेट गई तो वो तीनो सपना के बोबो और चुत को चाटने लगे। ससुर थोड़ा छिपकर ये सब देख रहे थे। फिर मैंने ससुर को देख लिया और सपना को बताया तो फिर सपना ने उन तीनों को अपने ऊपर से हटाया और फिर मैं और सपना घर की तरफ आने लगे। हमे आता देख ससुर भी घर मे चले गए।
 
 
 
जब हम घर मे गए तो ससुर सपना से लिप किस करने लगे और फिर उसे घोड़ी बनाकर चोदने लगे। चुदाई के बाद ससुर ने जब उन तीनों के बारे में पूछा तो सपना ने उन्हें सब कुछ बताया। लेकिन फिर भी ससुर ने उसे कुछ नहीं कहा। फिर सपना अपने पापा को लेकर उन मजदूरों के पास गई और उन्हें पापा को भी अपना पुराना आशिक बताया। फिर सपना ने पापा के सामने ही उनसे चुदवाने लगी। फिर ससुर खुद भी उनके साथ सपना की चुदाई करने लगे। हम शाम तक चुदाई करते रहे। फिर जब हम वापिस घर आये तो ससुर बोले के आज तो मजा आ गया। औरत हो तो तुम्हारे जैसी हो। फिर ससुर ने सपना से कहा के जब तुमने दूसरे मर्दो से चुदवाना शुरू कर दिया है तो मेरा भी एक काम कर दो। फिर सपना ने कहा के बताइए क्या काम करना है। फिर ससुर बोले के मेरे कुछ दोस्त है उन्हें तुम्हारे जैसी ही कोई औरत चाहिए जो खुलकर मजे ले। ये सुनकर सपना बोली के बताइए कब चलना है। अपनी बेटी के मुंह से ये सुनकर ससुर काफी खुश हुए। फिर वो अपनी बेटी की चुदाई करने लगे। फिर ससुर ने बताया के मेरे तीन चार दोस्त है मैं उन्हें कह देता हूँ और फिर हम चलेंगे। फिर ससुर उस दिन शाम को ही चले गए। फिर मैंने सपना से कहा के मैंने पता नही क्या पुण्य किये थे जो मुझे तुम्हारे जैसी बीवी मिली। ये सुनकर सपना हँसने लगी।
 
 
 
फिर सपना बोली के पापा के साथ हम दोनों चलेंगे और खूब मजे करेंगे। मैं बोला के ठीक है। खेत और घर से निकलकर भी हमे बाहर की दुनिया देखनी चाहिए। तब सपना बोली के और नहीं तो क्या। सपना अब खेत हो या घर हरदम नंगी ही रहती। अब दिन में तो ज्यादा सर्दी नहीं पड़ती थी और रात को भी सामान्य ही ठंड पड़ती थी। जब हम गोपीनाथ से मिलने जाते तो भी सपना मंदिर के पीछे से नंगी ही अंदर चली जाती। गोपीनाथ को भी हमने सपना और तीनों नौकरों के साथ भाई और अपने पापा के साथ मिलकर सपना ने जो चुदाई की उसके बारे में बता दिया था। फिर सपना ने गोपीनाथ से कहा के अब तो बना लो मुझे अपनी दासी। फिर ये सुनकर गोपीनाथ हँसने लगा और बोला के जब तुम मेरी दासी बन जाओगी तो सब तुम्हारे ही भगत हो जाएंगे। ये सुनकर हम हँसने लगे।
 
 
 
फिर सपना बोली के अब मुझे किसी की शर्म नहीं है। मुझे नंगी रहने में कोई ऐतराज नहीं है। पर अगर मैं नंगी रहूंगी शरेआम तो ये दुनियावाले काफी कुछ कहेंगे। इसलिए हमें ऐसा कुछ सोचना होगा जिससे कि मैं नंगी भी रह लूं और कोई कुछ बोले भी ना। फिर गोपीनाथ बोला के अभी कुछ दिन पहले एक सेठ मुझे अपने घर ले गया था। उसके घर मैं बिल्कुल नंगा ही गया और उसके घर की औरतों के सामने भी मैं नंगा ही रहा। अब आगे से जब भी मैं किसी और के घर जाऊंगा तो साथ मे तुम्हे भी ले जाऊंगा। फिर तुम उस घर मे नंगी रहो तो कोई कुछ नहीं कहने वाला होगा। ये सुनकर सपना काफी खुश हुई। फिर सपना और मैंने गोपीनाथ को सास के बारे में बताया तो ये सुनकर गोपीनाथ बिल्कुल हैरान नहीं हुआ। फिर वो हँसकर बोला के जब तुम इतनी सेक्सी हो तो तुम्हारी माँ का सेक्सी होना तो सामान्य ही बात है। ये सुनकर हम सब हँसने लगे। फिर सपना बोली के मेरी मम्मी आ रही है। मैं उनसे आपको जरूर मिलवाऊंगी।
 
 
 
फिर एक या दो दिन बाद ही सास और रिया आ गई। जब सास आई तो सपना एकदम नंगी थी। सपना को नंगी देखकर सास बोली के तू रिया के सामने भी नंगी ही रहती है क्या। फिर सपना ने कहा के हाँ। रिया अब सयानी हो गई है और फिर पता नहीं कब चुदाई करनी पड़ जाए तो कौन बार कपड़े खोले और पहने। इससे अच्छा तो कपड़े पहनूँ ही ना। फिर इतने में रिया भी कपड़े चेंज करके आई और वो सिर्फ ब्रा पैंटी में थी। रिया को देखकर सास देखती ही रह गई। फिर सपना ने सास से कहा के आप भी कपड़े चेंज कर लो या नंगी रहना है तो नंगी ही रह लो। पर सास फिर ब्रा पैंटी पहनकर ही आ गई। फिर सपना ने हम सबके लिए चाय बनाई। फिर चाय पीने के बाद सपना घर के पीछे उन तीनों नौकरों को चाय देने चली गई तो फिर मैं रिया और सास को लेकर छत पर चला गया। तब सपना उन तीनों के साथ नंगी खड़ी थी और उनसे हंस हँसकर बातें कर रही थी। फिर मैंने रिया से कहा के ये देखो तुम्हारी मम्मी के तीन तीन बॉयफ्रेंड है। ये सुनकर रिया हँसने लगी। जब सास ने अपनी बेटी को गैर मर्दो के साथ देखा तो सा देखती ही रह गई। फिर वो तीनो सपना के बदन को सहलाने लगे और सपना भी उन तीनों के लण्ड को सहलाने लगी बारी बारी से।
 
 
ये देखकर तो सास गर्म हो गई। फिर मैंने सास की कमर में हाथ डालकर सास की ब्रा खोल दी और फिर सास के बोबो को सहलाने लगा। ये देखकर रिया हँसकर बोली के नानी आपने पापा को अपना बॉयफ्रेंड बना लिया है क्या। ये सुनकर सास मुस्कुराने लगी। फिर मैंने सास से धीरे से कहा के रिया के सामने चुदाई कर सकते है। फिर ये सुनकर सास मेरी और रिया की तरफ देखने लगी। फिर मैंने वहीं सास को दीवार के शेयर खड़ा किया और फिर सास की पैंटी नीचे की और फिर मैं सास की चुदाई करने लगा। उधर सपना भी अब घोड़ी बनकर उन तीनों से चुदवाने लगी थी। रिया ये सब देख रही थी। फिर रिया भी अपनी पैंटी नीचे करके उंगली करने लगी थी।
 
 
थोड़ी देर बाद जब मैं झड़ गया तो फिर मैं और सास नीचे देखने लगे तो तब सपना उनमें से एक लण्ड चूस रही थी और बाकी दोनो के लण्ड हिला रही थी। फिर सास ने रिया को देखा तो तब रिया अपनी चुत को सहला रही थी। फिर मैंने सास से कहा के रिया अपनी मम्मी से भी ज्यादा बड़ी चुदक्कड़ बनेगी। ये सुनकर सास मुस्कुराने लगी और फिर हम लिप किस करने लगे। फिर सास ने रिया की ब्रा पैंटी खोलकर उसे पूरी नंगी कर दिया और फिर रिया सास के बड़े बड़े बोबो को सहलाने लगी और सास भी रिया के बदन को सहलाने लगी। फिर वो दोनो लिप किस करने लगी। फिर हम नीचे आने लगे तो सास अपनी और रिया की ब्रा पैंटी उठाने लगी। फिर मैंने सास से कहा के पड़ी रहने दो यहां कोई नहीं आने वाला है। सुबह जब सपना झाड़ू लगाएगी तो अपने आप उठा लेगी। लेकिन फिर भी सास ने उठा ली। फिर हम तीनों नीचे जाने लगे। तब मैंने सास और रिया की कमर में हाथ डाल रखा था। फिर जब हम सीढ़ियों से उतर रहे थे तो तब सपना भी पीछे से आ गई। जब उसने सास और रिया को नंगी देखा तो वो सब समझ गई। तब वो तीनो मां बेटी एक दूसरे को देखकर मुस्कुराने लगी। फिर सास और रिया भागकर सपना के पास गई और सपना के गले से लग गई। तब सपना के बाल बिखरे हुए थे और कहीं कहीं लण्ड का पानी भी लगा था। फिर सास और रिया सपना के बाल वगैरह सही करने लगी और सास सपना के बदन को सहलाने लगी। तब रिया अपनी मम्मी सपना से बोली के आपके बॉयफ्रेंड तो काफी मस्त है। ये सुनकर सपना हँसकर बोली के तू फिक्र मत कर कुछ सालों में तू भी 10-10 बॉयफ्रेंड रखने वाली है। मेरे तो तीन ही है। ये सुनकर हम सब हँसने लगे।
 
 
फिर हम सब आंगन में बैठकर बातें करने लगे। फिर सास रिया की चुत पर हाथ फेरते हुए बोली के इसकी सील खोल दी क्या। फिर सपना ने कहा के नहीं। अभी ये 15 साल की है। इसके 16 वें जन्मदिन पर ये इसकी चुदाई करके सील खोलेंगे और वैसे भी पता नहीं दोनो बाप बेटी का। मेरे पीछे से इन दोनों ने चुदाई कर ली हो। फिर इतने में रिया बोली के नहीं मम्मी पापा सिर्फ एक इंच अंदर ही लण्ड डालते है। पूरा कभी नहीं डाला। ये सुनकर हम सब हँसने लगे। फिर मैंने और सपना ने सास को गोपीनाथ के बारे में बताया तो फिर सास उसके बारे में जानकर काफी हैरान हुई। फिर सपना ने अपनी मम्मी से हँसकर पूछा के आप भी उसकी चेली बनोगी क्या। फिर सास बोली के ना बाबा तू ही बन। फिर सास ने सपना से पूछा के तू यहां कभी कपड़े नहीं पहनती क्या। फिर सपना बोली के नहीं। जब से मैं आपके पास से आई हूँ तब से मैंने मेरे कपड़ो के हाथ भी नहीं लगाया है। ये सुनकर सास बोली के फिर तो तुम्हारे मजे है। फिर सपना सास से बोली के आप भी मेरे पास रहो और फिर देखो हम कैसे कैसे मजे करते है। फिर सास बोली के तू फिक्र मत कर अब मैं यहां से जल्दी से नहीं जाने वाली हूँ। ये सुनकर हम हँसने लगे।
 
 
 
फिर काफी देर तक हम इसी तरह बातें करते रहे। फिर शाम होने लगी तो सपना तो पीछे की तरफ चली गई और फिर मैं सास और रिया के लेकर खेत मे चला गया। फिर सास बोली के अगर उन तीनों ने हमें देख लिया तो। फिर मैं बोला के वो तीनों अब सपना को छोड़कर कहीं नहीं जाने वाले है। आप आराम से घूमो। फिर सास बेफिक्र होकर पूरे खेत मे घूमने लगी। फिर मैं सास और रिया को लेकर मंदिर के पास गया और फिर उन्हें दिखाने लगा। तब मंदिर में कई लोग बैठे थे। फिर ये देखकर सास बोली के इसने तो काफी लोगो को मूर्ख बना रखा है। फिर मैं सास से बोला के आपको दर्शन करवाकर लाऊं क्या। फिर सास ने तब मना कर दिया और बोली के मैं सपना के साथ चली जाऊंगी।
 
 
फिर जब हम वापिस घर आने लगे तो तो रास्ते मे पानी की डिग्गी थी और ट्यूबवेल से पानी चल रहा था। उसे देखकर रिया और सास डिग्गी में नहाने लगी। फिर मैं भी उनके साथ नहाने लगा। तब सास बोली के ऐसे खुले में नंगी होकर नहाने में बहुत मजा आ रहा है। फिर सास के सामने ही मैं रिया से अपना लण्ड चुसवाने लगा और जब लण्ड फुल खड़ा हो गया तो फिर मैं पानी मे ही सास की चुदाई करने लगा। मैं सास की काफी देर तक चुदाई करता रहा। फिर मैं झड़ा नहीं था तो फिर सास के सामने ही मैं रिया की चुत में लण्ड डालने लगा। तब मैंने रिया की चुत में आधा लण्ड डाल दिया और अंदर बाहर करने लगा। फिर तब रिया ने सास से कहा के आप मम्मी को मत बताना के मैं पापा का आधा लण्ड ले चुकी हूँ। ये सुनकर सास हंसती हुई बोली के नहीं बताऊंगी। फिर मैं झड़ने वाला हुआ तो वो दोनो बारी बारी से मेरा लण्ड चुसने लगी और फिर मेरा सारा पानी पी गई।
 
 
फिर हम तीनो घर आ गए तो देखा के तब सपना किचन में थी और उसके बदन पर गोबर ही गोबर लगा हुआ था। उसे ऐसे देखकर सास ने पूछा के ये क्या हुआ। फिर सपना ने बताया के आज हमने गोबर में चुदाई की। अपने बदन पर गोबर लगाकर आज मैंने उन सबसे चटवाया। ये सुनकर रिया हँसने लगी। फिर सास ने हैरान होकर पूछा के क्या वो गोबर खा गए। फिर सपना बोली के मम्मी गोबर तो क्या वो मेरे कहने पर किसी को मार भी सकते है। वो तीनो मेरे पक्के आशिक है। ये सुनकर सास हँसने लगी। फिर सपना ने हम सबसे कहा के आज रात को हम मंदिर चलेंगे। तो आप सब नहाकर तैयार हो जाओ। फिर सास और सपना ने मिलकर खाना वगैरह बनाया और फिर वो दोनो तैयार होने लगी और मैं जाकर उन तीनों नौकरों को खाना दे आया। फिर वो तीनो तैयार हो गई। तब वो तीनो बिल्कुल नंगी थी और मेकअप वगैरह कर रखा था और कुछ ज्वैलरी भी पहन रखी थी। तब वो तीनों बहुत सेक्सी लग रही थी।
 
 
फिर थोड़ा अंधेरा हो गया तो हम चारो मंदिर जाने लगे। फिर मंदिर के पीछे से हम मंदिर में घुस गए और कमरे में चले गए। तब गोपीनाथ कमरे में ही था और हमें देखकर खड़ा हो गया। फिर जाते ही सपना तो गोपीनाथ के गले लग गई और फिर गोपीनाथ ने सास को देखा तो वो समझ गया के ये सपना की मां है। फिर वो सास को देखकर बोला के धन्य है आप जो आपकी कोख से ऐसी बेटी ने जन्म लिया। ये सुनकर सास मुस्कुराने लगी। फिर गोपीनाथ सास से बोला के मैं आप जैसी महान औरत की चुत को चूमना चाहता हूँ। फिर वो सास के सामने नीचे बैठ गया तो फिर सास मेरी तरफ देखने लगी। फिर मैंने सास से इशारे में किस करवाने के लिए कहा तो फिर सास अपने पैर खोलकर खड़ी हो गई और फिर गोपीनाथ सास की चुत को चूमने लगा। फिर चूमने के बाद वो सपना के पास जाकर बैठ गया और फिर सपना के बोबो को सहलाने लगा। फिर मैं सास और रिया को लेकर उनके सामने लेट गए।
 
 
मंदिर में जो भी चढ़ावा आता तो वो गोपीनाथ हमें ही देता था। फिर इस बार गोपीनाथ ने अपने किसी भगत से सोने का हार चढ़ाने के लिए कहा और फिर वो हार गोपीनाथ ने सपना को दे दिया। ये देखकर तो सास भी हैरान हो गई। हार पाकर सपना भी काफी खुश हुई। फिर गोपीनाथ ने सपना को कुछ पैसे भी दिए। फिर वो दोनो हमारे सामने चिपक कर लेट गए और फिर वो सपना के बदन को चूमने चाटने लगा। फिर सपना भी उसके ऊपर आकर उसके बदन और उसके लण्ड को चुसने लगी। फिर जब उसका लण्ड थोड़ा सा खड़ा हुआ तो फिर सपना उसके लण्ड पर चुत रगड़ने लगी। फिर उधर मैंने भी सास को अपने ऊपर चढ़ा लिया और फिर सास मेरे लण्ड पर उछलने लगी। फिर उधर सपना और गोपीनाथ झड़ गए तो वो लेटकर हमार चुदाई देखने लगे। फिर हम भी झड़ गए तो फिर सास मेरे ऊपर से नीचे उतरकर मेरी साइड में लेट गई। फिर हम बातें करने लगे।
 
 
फिर सपना ने सास से गोपीनाथ के लिए कहा के ये मेरे धार्मिक पति है। जब सांसारिक मोह माया से मेरा मन भर जाएगा तो तब मैं भी इनके साथ नंगी ही रहा करूंगी। ये सुनकर हम सब हँसने लगे। अब सास भी गोपीनाथ से खुलकर बातें करने लगी थी। गोपीनाथ भी सास का दीवाना हो चुका था। फिर वो और सपना सास को लेकर मंदिर दिखाने चले गये और उधर मैं रिया की चुदाई करने लगा। फिर रिया की चुदाई करने के बाद जब हम दोनों उनके पीछे गए तो देखा के मंदिर के आगे सास घोड़ी बनी हुई थी और गोपीनाथ सास की गाँड में मुँह डालकर सास की नरम नरम गाँड के मजे ले रहा था। ये देखकर मैं देखता ही रह गया। फिर तब सपना अपनी मम्मी से बोली के हम दोनों मां बेटी मिलकर उन तीनों नौकरों से मस्ती से चुदवाएंगी। तब देखना कितना मजा आता है। ये सुनकर सास मुस्कुराने लगी। फिर सास बैठ गई और फिर वो गोपीनाथ के लण्ड को छूकर देखने लगी। फिर गोपीनाथ बोला के ज्यादा नशे करने और हिलाने के कारण अब ऐसा हो गया है।
 
 
फिर सास और गोपीनाथ ने काफी बातें की। फिर सास ने उससे अपने बोबे भी चुस्वाये। अब सास को भी ऐसे मजा आने लगा था। हमें बातें करते करते काफी रात हो चुकी थी। फिर हम जाकर कमरे में सो गए। तब गोपीनाथ तो सास के बोबो में अपना मुंह देकर सो गया और मैं सपना और रिया के साथ सोया। जब हम सुबह उठे तो देखा के गोपीनाथ और सास तो उठ चुके थे। वो दोनो तब कमरे में नहीं थे। फिर थोड़ी देर बाद सास कमरे में आई। सास ने तब सूट पहन रखा था जो कि सपना का ही एक सूट था जो कि मंदिर में ही पड़ा था। फिर सास ने बताया के वो और गोपीनाथ सुबह जल्दी ही उठ गए थे और फिर नहा धोकर पूजा करने चले गए। फिर सास ने वो सूट उतारकर वहीं छोड़ दिया और फिर मंदिर की पिछली साइड से हम घर आने लगे। तब सास कहने लगी के मैं तो अब रोज सुबह शाम मंदिर आया करूंगी। मुझे तो आज बहुत मजा आया। फिर ये सुनकर हम सब हँसने लगे। फिर सास बोली के वैसे भी उसका लण्ड खड़ा नहीं होता है तो वो क्या ही कर लेगा। तब दिन थोड़ा चढ़ चुका था तो फिर सास सपना से बोली के वो तीनो उठ गए होंगे। फिर सपना बोली के वो तब ही उठते है जब मैं उन्हें उठाती हूँ। फिर घर पहुंचकर सपना ने सबके लिए चाय बनाई और फिर वो उन तीनों के लिए चाय लेकर पीछे की तरफ चली गई। फिर रिया तो जाकर अंदर कमरे में सो गई और मैं और सास छत पर जाकर टहलने लगे। जब हमने पीछे की तरफ देखा तो सपना और वो तीनो मिलकर पशुओं का काम कर रहे थे। फिर मैं और सास रोमांस करने लगे। फिर सास मुझसे बोली के अच्छा हुआ जो आपने और सपना ने मिलकर मुझे अपने साथ मिला लिया। वरना मैं तो वही जिंदगी जीती रहती। फिर मैं और सास किस करने लगे और फिर मैं सास को घोड़ी बनाकर चोदने लगा। जिसमे हमे काफी मजा आ रहा था। फिर चुदाई के बाद सास मेरे गले लग गई। फिर मैंने सास से पूछा के वो उन तीनों से चुदना चाहती है क्या। तो फिर सास मुझसे बोली के आप बताइए चुदना है या नहीं। फिर मैं बोला के आपकी मर्जी है। फिर मैं बोला के मैं आप दोनो मां बेटी को उन तीनों के साथ मिलकर चोदना चाहता हूँ। फिर सास हँसकर बोली के तो चलें। फिर मैं बोला के अभी नहीं सपना को आ जाने दो। फिर चलेंगे। फिर हमने फिर से पीछे देखा तो सपना उन तीनों से एक साथ चुदवा रही थी। ये देखकर सास बोली के हाय राम ये तो तीनों से एक साथ चुद रही है। फिर मैं बोला के आप भी चुदने लग जाओगी।
 
 
फिर मैं और सास कुछ देर तो सपना की चुदाई देखते रहे और फिर हम नीचे आ गए। फिर सास खाना बनाने लगी। जब थोड़ी देर बाद सपना आई तो फिर मैंने सपना को इशारे से कमरे में बुलाया तो फिर मैं और सपना कमरे में चले गए। जब हम कमरे में गए तो देखा के रिया बेड पर नंगी उल्टी होकर सोई थी। फिर सपना ने रिया को उठाया तो रिया खड़ी होकर बाहर चली गई। फिर मैंने सपना से कहा के तुम्हारी मम्मी उन तीनों नौकरों से चुदने के लिए तैयार है। ये सुनकर सपना काफी खुश हुई। फिर मैंने सपना से कहा के तुम्हारे पापा तुम्हे लेने के लिए कभी भी आ सकते है। अगर मैं भी तुम्हारे साथ चलता हूँ तो पीछे घर पर रिया और तुम्हारी मम्मी ही रह जायेगी। रिया को तो फिर भी हम तुम्हारे मायके छोड़ देंगे पर अगर तुम्हारी मम्मी घर पर अकेली रह जाती है तो वो तीनो तुम्हारी मम्मी को चोद चोदकर बुरा हाल कर देंगे। फिर ये सब सुनकर सपना बोली के अरे हां ये तो मैंने सोचा ही नहीं। फिर सपना बोली के अगर आप मेरे साथ चलोगे तो हम रिया को मेरे मायके और सास को मंदिर में छोड़ देंगे और अगर आप यहीं रहोगे तो आप उन तीनों के साथ मिलकर मेरी मम्मी की खूब चुदाई करना। ये सुनकर मैंने सोचा कि सपना की तो मैंने काफी चुदाई कर ली है पर सास की नहीं। यही अच्छा मौका है सास के साथ मजे करने का। फिर मैंने सपना से कहा के तो तुम अकेली ही चले जाना मैं यही पर रहूंगा। फिर सपना मुस्कुराती हुई बोली के वैसे भी आप मेरे साथ आकर क्या करोगे। वहां सब पापा के दोस्त बूढ़े ही होंगे। वहां से आकर मैं आपको सब कुछ बता दूँगी के हमने कैसे कैसे मस्ती की। फिर मैं बोला के ठीक है। फिर मैं और सपना लिप किस करने लगे।
 
 
फिर हम कमरे से बाहर आये तो देखा के सास ने खाना बना लिया था। फिर सपना ने सास से कहा के उन तीनों के साथ आपको भी मजे करने है क्या। फिर सास हँसकर बोली के क्यों तू अकेली ही मजे कर सकती है क्या मैं नहीं कर सकती। ये सुनकर मैं और सपना हँसने लगे। फिर सपना बोली के तो चलो आप तैयार हो जाओ। फिर हम चलेंगे उनके पास। फिर सास बोली के अभी। तो फिर सपना अपनी मम्मी की तरफ आँख मारते हुए बोली के जब मजे लेने का मौका सामने हो तो उसका जल्द जल्द से फायदा उठा लेना चाहिए। ये सुनकर सास मुस्कुराती हुई नहाने चली गई। फिर सपना भी अपनी मम्मी के साथ नहाने चली गई। फिर वो दोनो एक साथ नहाई और एक दूसरे को खूब रगड़ रगड़ कर नहलाया। फिर वो दोनो तैयार होने लगी। फिर जब वो दोनो तैयार हो गई तो कयामत लग रही थी। उन दोनों को देखकर रिया ने पुछा के वो दोनो कहाँ जा रही है। फिर सपना ने अपनी मम्मी की तरफ देखकर कहा के बेटा तुम्हारी नानी को मेरे बोयफ़्रेंडस के साथ मजे करवाने ले जा रही हूँ। फिर रिया मासूम सा चेहरा बनाकर पूछा के आप मुझे कब अपने बोयफ़्रेंडस से मजे करवाओगी। तो ये सुनकर सपना और सास दोनो हँसने लगी। फिर सपना ने रिया से कहा के अभी तुम्हारी मजे करने के लिए बहुत उम्र पड़ी है।
 
 
 
फिर सपना और सास ने हाथ मे खाना लिया और फिर हम तीनों घर के पीछे की तरफ जाने लगे। सास को थोड़ा डर लग रहा था। फिर सपना ने कहा के डरो मत और खूब मजे करो। फिर हम जैसे ही उन तीनो के पास पहुंचे तो वो सास को देखकर देखते ही रह गए। फिर सपना ने उन तीनों से कहा के ये मेरी सहेली है। मैं कुछ दिनों के लिए बाहर जाऊंगी तो मेरे पीछे से ये तुम्हारा ख्याल रखेगी। फिर वो तीनो सास के पास आकर सास के बदन को सहलाने लगे। फिर वो सास के बदन को चूमने लगे और उनमें से एक ने सास के मुंह में लण्ड डाल दिया तो फिर सास उसका लण्ड चुसने लगी। उधर एक आदमी सपना की चुत चाटने लगा। फिर दो आदमी सास की चुदाई करने लगें। उन दोनों ने सास की चुत और गाँड दोनो में एक साथ लण्ड डाल कर करने लगे। उधर मैं और एक दूसरा आदमी सपना से ही वैसे ही करने लगे। दो मर्दो से एक साथ चुदवाकर सास को काफी मजा आ रहा था। फिर हम दो दो मर्द मिलकर उन दोनों माँ बेटी की चुदाई करते रहे। फिर उन तीनों ने एक साथ मिलकर सास की चुदाई की। तब सास के तीनों छेदों में तीन लण्ड थे। इस तरह हम चारों मर्द मिलकर उन दोनों माँ बेटी की 3-4 घण्टो तक चुदाई करते रहे।
 
 
फिर जब हम वहां से वापिस आये तो सास काफी खुश थी। फिर वापिस आकर हम लेट गए और बातें करने लगे। फिर सास बोली के आज मुझे काफी मजा आया। तब सास थोड़ी थक गई थी तो फिर वो सो गई। रिया भी तब सास के साथ बेड पर सो गई। फिर तभी सपना के पास ससुर का फोन आया तो फिर सपना और मैं बाहर जाकर बात करने लगे। फिर ससुर ने सपना से कल चलने के लिए कहा। फिर सपना ने अपने पापा से पूछा के जाना कहाँ है और कितने आदमी होंगे। फिर ससुर ने बताया के शहर से थोड़ा दूर मेरे दोस्त का फार्म हाउस है। वहां पर जाना है। वहां मैं और मेरे 3-4 दोस्त होंगे। उनके साथ मिलकर मुझे तुम्हारी चुदाई करके मजे लेने है। ये सुनकर सपना हंसकर बोली के मैं आपको और आपके दोस्तों को ऐसे मजे दूँगी के आप बाकी सब औरतों को भूल जाएंगे। ससुर को ध्यान था के सास भी यहां आई है तो फिर ससुर ने सपना से कहा के तुम तैयार होकर दामाद जी के साथ सड़क तक आ जाना। वहां से मैं तुम्हें ले जाऊंगा। अगर घर पर आऊंगा तो तुम्हारी मम्मी को पता चल जाएगा। फिर सपना बोली के ठीक है। फिर सपना ने फोन काट दिया। फिर सपना ने मुझसे पूछा के मम्मी को क्या कहेंगे। फिर मैंने कहा के तुम कह देना के तुम्हे उस ब्यूटी पार्लर वाली ने बुलाया है। किसी से मिलवाने के लिए। ये सुनकर सपना मुस्कुराकर बोली के हाँ सही कहा।
 
 
 
फिर सपना और मैं वापिस कमरे में आ गए और फिर हम दोनों एक दूसरे के साथ चिपक कर सो गए। थोड़ी देर सोने के बाद हम सब उठ गए तो फिर सपना ने अपनी मम्मी से कहा के मेरे पास उस ब्यूटी पार्लर वाली का फोन आया था। उसे किसी औरत की जरूरत है। उसके बॉयफ्रेंड के दोस्तो को मजे करने है। फिर ये सुनकर सास ने सपना से कहा के चली जा पर ध्यान रखना किसी को तुम्हारे बारे में कुछ पता ना चले। फिर ये सुनकर सपना मुस्कुराकर अपनी मम्मी के गले लग जाती है और कहती है के आप फिक्र मत करो। उस दिन बरसात का मौसम बन गया था तो फिर मैं, सास और सपना को लेकर उन तीनों नौकरों के साथ खेत मे चला गया। फिर वहां हम सब मस्ती करने लगे। चुदाई तो हम काफी कर चुके थे लेकिन फिर भी हम सब मर्दो के लण्ड उन दोनों माँ बेटियों को देखकर खड़े हो गए थे। फिर हम खेत मे इधर उधर भागने लगे और फिर सास और सपना को पकड़ने का खेल खेलने लगे। फिर हम कबड्डी खेलने लगे। जिसमे हम सपना और सास को पकड़ लेते और फिर उनकी चुत और गाँड में लण्ड डाल देते। तब वो दोनो मां बेटी एक तरफ और हम चारो मर्द एक तरफ थे। जब उनमें से कोई भी हमारी तरफ आती तो हम उसे पकड़कर उसके बदन को सहलाने लग जाते और फिर चुदाई भी कर लेते।
 
 
सास थोड़ी ज्यादा उम्र की थी तो हम सास से तो ज्यादा जोर आजमाइश नहीं करते पर हम सपना को नहीं छोड़ते थे। जब वो हमारे पाले में आती तो हम सब मर्द उसके ऊपर गिर जाते और उसे दबोच लेते। तब बरसात भी आने लगी थी और हम सब कीचड़ में हो गए थे। कबड्डी खेलते समय तो हम सबका हंस हँसकर पेट दुखने लगा था। फिर अंधेरा होने लगा तो हम सब एक साथ डिग्गी में नहाए और फिर हम घर आ गए। फिर उस दिन सास ने उन सबके साथ घर पर ही सोने का प्लान बनाया तो फिर हमने रिया को खाना खिलाकर फिर मंदिर में गोपीनाथ के पास भेज दिया। इस बहाने गोपीनाथ और रिया भी मजे के लेंगे। फिर मैं जाकर उन तीनों को घर पर बुलाकर ले आया। तब सास खाना बना रही थी और सपना हम सब को खाना परोस रही थी। फिर खाना खाने के बाद हम चारो मर्द तो कमरे में चले गए और फिर कुछ देर बाद सपना और सास कमरे में आ गई। फिर हम सब एक साथ बेड पर ही लेट गए और सपना और सास को अपने ऊपर लेटा लिया। फिर हम सब बारी बारी से सपना और सास की चुदाई करने लगे। सास भी बिना थके हमारा साथ दे रही थी। हम उन दोनों मां बेटी की लगभग हर पोज में चुदाई कर चुके थे। फिर चुदाई कर कर के जब हम सबका मन भर गया तो फिर हम बेड पर एक साथ ही सो गए।
 
 
 
अगले दिन सुबह सुबह सास जल्दी उठ गई तो फिर उन्होंने मुझे उठाया और फिर हम दोनों कमरे से बाहर आ गए। फिर सास और मैं नंगे ही मंदिर जाने लगे। जब हम मंदिर पहुंचे तो देखा के कमरे में रिया नंगी लेटी थी। तब गोपीनाथ तो मंदिर में था। फिर सास ने रिया से पूछा के रात कितने मजे किये। फिर रिया बोली के उसने मेरा पानी निकाल दिया और उसने मेरा। अब इससे ज्यादा और मजे क्या करेंगे। पर घर से ही तो अच्छा था। ये सुनकर सास हँसने लगी। फिर कुछ देर बाद गोपीनाथ आया तो फिर वो सास के बदन को सहलाने लगा। फिर सास घोड़ी बन गई तो फिर गोपीनाथ सास की गाँड में अपना मुरझाया हुआ लण्ड डालकर करने लगा। फिर जब वो झड़ा तो उसका सारा पानी सास की गाँड पर लग गया। तब रिया उल्टी होकर लेटी थी तो तब मैंने उसकी गाँड देखी तो उसकी गाँड पर भी पानी लगा हुआ था। फिर उसे देखकर मैं समझ गया गोपीनाथ ने रिया के साथ भी ऐसा ही किया है। फिर हम चारो बातें करने लगे। फिर रिया ने उठकर कमरे का थोड़ा सा गेट खोलकर देखा तो बाहर काफी लोग खड़े थे। फिर रिया बोली के अगर में इस हालत में बाहर चली जाऊं तो फिर क्या होगा। फिर सास बोली के ऐसा सोचना भी मत। फिर सब मजा सजा में बदल जायेगा। फिर गोपीनाथ बोला के सही कहा। फिर रिया कमरे का गेट बंद करके आकर हमारे पास बैठ गई। फिर रिया ने मुझसे कहा के पापा आप सब तो घर पर आपस मे मजे कर लेते हो और मैं ऐसे ही रह जाती हूँ तो अब से मैं रात को मंदिर में सोया करूंगी। फिर ये सुनकर मैं बोला के ठीक है। फिर गोपीनाथ हमारे सामने ही रिया की चुत सहलाने लगा और रिया उसका लण्ड।
 
 
 
फिर मुझसे नहीं रह गया तो मैंने रिया को लेटाया और फिर उसकी चुत में लण्ड डालकर करने लगा। उस दिन मैं कुछ ज्यादा ही गर्म था तो मैंने पूरा लण्ड ही रिया की चुत में पेल दिया। जिससे कि रिया को दर्द हुआ। फिर जब मैंने लण्ड बाहर निकाला तो देखा के मेरा लण्ड खून से भर गया था। ये देखकर हम सब समझ गए थे के रिया की सील टूट चुकी है। लेकिन फिर मैं करता ही रहा। उस दिन रिया को भी काफी मजा आया। फिर रिया बोली के कोई बात नहीं पापा एक न एक दिन ये तो होना ही था। फिर सास ने मेरे लण्ड से और रिया की चुत से खून को पोंछा और फिर हम तीनों घर जाने लगे। हमें मंदिर आये हुए काफी टाइम हो चुका था। फिर जब हम घर पहुंचे तो घर के अंदर कोई नहीं था। वो सब शायद घर के पीछे जा चुके थे। फिर मैं और सास भी घर के पीछे चले गए। तब सपना भैंस का दूध निकाल रही थी। सपना हमेशा किसी चीज पर बैठकर ही दूध निकालती है तो उस दिन एक नौकर लेटा था और सपना उसके लण्ड पर बैठकर दूध निकाल रही थी। जब सपना दूध निकालकर खड़ी हुई तो फिर उस नौकर का लंड सपना की चुत से बाहर निकल गया और फिर उसके लंड से पिचकारियां चलने लगी। ये देखकर सपना और सास हँसने लगी।
 
 
 
कई दिनों से सिर्फ चुदाई ही चुदाई चल रही थी और खेत मे बिल्कुल भी काम नहीं हुआ था। फिर उस दिन मैंने उन तीनों को खेत मे भेज दिया। फिर मैं, सपना और सास तीनो घर पर आ गए। उस दिन सपना को ससुर के साथ जाना था तो फिर सपना तैयार होने लगी। सपना अच्छे से नहाई और फिर अपनी चुत और गाँड को भी अच्छे से साफ किया। फिर नहाकर सपना ने एक शार्ट ड्रेस पहना। जो कि काफी शार्ट था। उस ड्रेस में सपना की पीठ लगभग नंगी थी और सपना के बोबे भी आधे से ज्यादा दिख रहे थे। नीचे से भी ड्रेस काफी छोटी थी जिस कारण सपना जब सपना चलती तो उसकी गाँड थोड़ी थोड़ी दिखाई देती। सपना ने तब कान में बड़ी बड़ी बालियां और पैरों में हाई हील सैंडल पहने थे। सपना तब इतनी सेक्सी लग रही थी। जितनी कि वो नंगी होकर भी नहीं लगती। सपना को ऐसे देखकर मुझसे नहीं रहा गया तो फिर मैं सपना की चुदाई करने लगा।
 
 
 
फिर चुदाई के बाद सपना को मैंने बाइक पर बैठाया और फिर मैं उसे सड़क तक छोड़ने के लिए ले जाने लगा। मुझे पता था के ससुर भी सपना को ऐसे देखकर नहीं रह पाएंगे तो फिर मैं सपना को सड़क से कुछ दूर किसी सुनसान जगह पर ले जाने लगे। ये पहली बार था जब सपना को खूलेआम ऐसे कपड़ो में मैं उसे कहीं ले जा रहा था। तब सपना और मुझे दोनो को किसी की शर्म और डर नहीं था। बल्कि मैं तो ये चाहता था के सपना ऐसे ही सेक्सी बनकर लोगो के सामने रहे। सड़क पर आने जाने वाले लोग भी सपना को एक नजर देखते तो देखते ही रह जाते। फिर कुछ चलने के बाद मैंने सड़क पर ही बाइक रोकी और फिर सपना को लेकर अंदर झाड़ियों में चला गया। फिर मैंने ससुर को फोन करके बताया के सड़क पर मेरी बाइक खड़ी है वहां गाड़ी रोक कर आप झड़ियो के पीछे आ जाना। फिर थोड़ी देर बाद ससुर भी आ गए और जब ससुर ने सपना को देखा तो वो देखते ही रह गए। फिर सपना को भी पता था के उसकी चुदाई होने वाली है तो उसने अपनी ड्रेस पहले ही निकालकर झड़ियो पर रख दी और फिर ससुर सपना के बदन को चूमने लगे। फिर वो दोनो चुदाई करने लगे। उन्हें देखकर मेरा भी लण्ड खड़ा हो गया तो फिर मैंने एक बार और सपना की चुदाई की। फिर चुदाई के बाद सपना ने अपनी ड्रेस फिर से पहनी और फिर वो ससुर के साथ गाड़ी में बैठकर चली गई।
 
 
 
फिर मैं बाइक लेकर घर पर आ गया। तब सास और रिया दोनो सपना की अलमारी का सामान देख रहे थे। सास तो सपना की ड्रेस देखकर देखती ही रह गई थी। पर सास थोड़ी मोटी थी तो उन्हें वो ड्रेस काफी टाइट आ रही थी। पर सपना की ब्रा पैंटी सास के फिट आ रही थी। फिर सास ने एक सेक्सी सी ब्रा पैंटी पहनी और सपना की तरह ही पूरी तैयार हो गई। तब सास भी एक दम मस्त लग रही थी। फिर सास ने ऐसे रहकर ही घर का सब काम किया और फिर हम दोनों खेत मे चले गए और रिया घर पर अकेली रह गई। फिर खेत मे जाते ही जब उन तीनों ने सास को ऐसे देखा तो वो भी सास को देखकर पागल हो गए। फिर वो सास की चुदाई करने लगे। फिर चुदाई के बाद वो सब फिर से काम मे लग गए। फिर दोपहर को मैं सास को वहीं छोड़कर घर आ गया। मुझे तब रिया की चुदाई करने का काफी मन कर रहा था। जब मैं घर पहुंचा तो देखा के रिया अपनी चुत में उँगली कर रही थी। हम दोनों एक दूसरे को देखकर काफी खुश हुए। फिर मैंने और रिया ने जमकर चुदाई की। जिससे रिया काफी खुश हुई। फिर चुदाई के बाद मैं वापिस खेत चला गया। शाम तक खेत मे काम करने के बाद हम वापिस घर आ गए। फिर खाना वगैरह खाकर मैंने रिया को बाहर वाले कमरे में रुकने के लिए कहा। फिर वो तीनो जब घर पर आए तो वो खाना खाकर कमरे में चले गये और फिर जब सास कमरे में जाने लगी तो फिर मैंने सास से कहा के आज आप अकेली ही इन्हें सम्भालो मैं रिया के साथ मंदिर जा रहा हूँ। फिर सास मुस्कुराकर बोली के आप जाओ मैं सब सम्भाल लुंगी। वैसे भी इन्होंने आज पूरे दिन खेत मे काम किया है तो ये जल्दी सो जाएंगे।
 
 
 
फिर मैं रिया को लेकर मंदिर जाने लगा। रिया ने तब बिकिनी पहन रखी थी। फिर हम जब मंदिर में पहुंचे तो तब गोपीनाथ अकेला ही था। फिर मैंने रिया से पहले गोपीनाथ से करने के लिए कहा। तो फिर रिया और गोपीनाथ मेरे सामने करने लगे। गोपीनाथ मेरे सामने ही मेरी जवान बेटी के बदन को चूम रहा था ने और मैं उन्हें देखकर अपना लण्ड सहला रहा था। फिर गोपीनाथ ने रिया की बिकिनी खोलकर रिया के बोबो को चुसने लगे और फिर उसकी चुत चाटने लगा तो रिया काफी ज्यादा गर्म हो गई। फिर मुझसे भी नहीं रहा गया तो फिर मैं जाकर रिया की चुत में लण्ड डालकर करने लगा। फिर मुझे सपना का ख्याल आया के ना जाने वो आज कितने मर्दो से चुद रही होगी। फिर काफी देर की चुदाई के बाद जब मैं झड़ने लगा तो रिया की चुत से लण्ड बाहर निकालने का मेरा बिल्कुल भी मन नहीं हुआ। मैंने सारा पानी चुत में ही छोड़ दिया। फिर इसके बाद गोपीनाथ ने रिया के बदन को सहलाकर फिर से उसे गर्म कर दिया तो इस बार रिया मेरे लण्ड पर बैठकर उछलने लगी। फिर मैंने रिया को घोड़ी बनाकर पीछे से भी चोदा। रिया को ऐसे चुदता देखकर गोपीनाथ बोला के ये भी बिल्कुल अपनी मम्मी और नानी पर ही गई है। ये सुनकर रिया मुस्कुराने लगी। फिर उस रात हमने काफी चुदाई की। फिर सुबह जल्दी ही हम मंदिर से वापिस आ गए लेकिन तब तक वो तीनो नौकर पीछे की तरफ नहीं गए थे तो फिर मैं और सपना बाहर वाले कमरे में चले गये और फिर वहां हमने फिर से चुदाई की। जब वो सब चले गए तो फिर हम घर के अंदर गए और फिर मैंने सपना को गर्भ निरोधक टेबलेट दी। फिर मैं भी पीछे चला गया। मुझे देखकर सास ने हंसते हुए पूछा के रात कितने मजे किये अपनी बेटी के साथ। फिर मैं बोला के काफी किये। फिर मैंने सास से पूछा के और आपने तो सास ने कहा के कमबख्त आधी रात तके करते रहे। फिर कहीं जाकर सोए। ये सुनकर मैं और सास हँसने लगे।
 
 
फिर उन तीनों नौकरों को तो मैंने खेत भेज दिया और फिर घर पर सास और रिया चुदने के लिए तैयार हुई तो फिर मैंने उन दोनों को एक साथ चोदा। फिर मैं और सास तो खेत मे चले गये और रिया सो गई। फिर शाम को मैंने शाम को ससुर को फोन करके सपना के बारे में पूछा तो ससुर ने कहा के उनके दोस्तों को सपना काफी पसंद आई इसलिए वो एक रात और उसे रखेंगे। फिर मैंने ससुर से पूछा के आप कितने लोग हो वहां तो फिर ससुर ने बताया के हम छः लोग है और 2-3 नौकर है। सपना ने उनसे भी चुदवाया लिया है। हम 8-9 मर्दो के साथ सपना कल से नंगी ही रह रही है और सब मिलकर सपना की चुदाई कर रहे है। मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा के सपना मेरी बेटी है। फिर इतना सब सुनकर मैं फिर से गर्म हो गया। फिर उस दिन रात को भी मैं सपना को लेकर मंदिर चला गया और फिर वहां हमने काफी चुदाई की। उधर सास ने भी उन तीनों से काफी बार चुदवाया। इस प्रकार इन दोनों रातों को उन तीनों माँ बेटियों की काफी चुदाई हुई।
 
 
 
फिर अगले दिन ससुर सपना को लेकर आये तो मैं सपना को लाने गया। जब ससुर की कार आई तो मैंने देखा के सपना उसमें बिल्कुल नंगी बैठी थी। फिर मैं भी उनके साथ कार में बैठ गया। फिर मैंने देखा के सपना के बदन पर थोड़े निशान थे। फिर सपना बताने के लगी के उसके जाते ही सबने उसे नंगी कर लिया और फिर उसकी चुदाई करने लगे। फिर पूरी रात चुदाई के बाद उसने कुछ देर आराम किया और फिर दिन में वो पूरे फार्म हाउस में नंगी ही घूमती रही। उसने कहा के मैंने तो नौकरों को भी नहीं छोड़ा। फिर उस रात भी मेरी धमाकेदार चुदाई हुई। पापा और पापा के सब दोस्त नंगे और साथ मे नौकर भी और फिर वो मेरी दो दो के ग्रुप में चुदाई करने लगे। वो मुझसे काफी खुश हुए और फिर उन्होंने तो मुझे अगली बार भी आने के लिए कहा है। फिर मैं बोला के वो सब तो ठीक है पर अब चलोगी कैसे। फिर सपना हँसकर बोली के मैं तो नंगी ही जाने के लिए तैयार हूं। फिर मैं बोला के क्या मतलब। तो सपना ने कहा के मेरी ड्रेस वहीं पर रह गई है।
 
 
 
मैं बोला के फिर घर कैसे जाएंगे। फिर ससुर बोले के आप सपना को बाइक पर पीछे बैठा लेना। सपना के बाल काफी लंबे है तो पीछे से तो किसी को पता चलेगा नहीं और आगे से ये आपके साथ चिपक कर बैठ जाएगी तो फिर आगे से भी किसी को नहीं पता चलेगा। जब घर पहुंचो तो किसी तरह घर के अंदर से कोई सूट लाकर सपना को दे देना और फिर सपना उसे पहनकर अंदर चली जायेगी। तब मुझे बिल्कुल भी यकीन नहीं हुआ के एक बाप अपनी बेटी के लिए ऐसी बात कह रहा है। लेकिन और कोई चारा नहीं था तो फिर हमने वैसे ही किया। जब सड़क पर कोई आता जाता दिखाई नहीं दिया तो फिर सपना नंगी ही कार से उतरकर खड़ी हो गई। फिर मैं और ससुर भी खड़े हो गए। फिर मैं सड़क पर खड़े खड़े ही सपना की चुत को देखने लगा और फिर पीछे से सपना की गाँड में उंगली डालकर देखने लगा। फिर सपना हँसकर बोली के 8-9 मर्दो से 2 दिन तक चुदकर आई हूँ तो थोड़ी तो ढीली होगी ही। फिर सपना जल्दी से मेरे साथ बाइक पर बैठ गई और फिर मैं बाइक भगाकर घर ले जाने लगा। फिर सपना बोली के आराम से चलो। किसी को नहीं पता चलने वाला यहां। फिर मैं थोड़ा आराम से चलने लगा। सपना तो बिल्कुल रिलेक्स होकर बैठी थी। फिर जब हम सड़क से उतरकर घर की तरफ जाने लगे तो सपना एक तरफ पैर करके बैठ गई। रास्ते मे वो तीनो नौकर खेत मे काम कर रहे थे तो फिर सपना ने उन्हें देखकर हाथ हिलाया। वो तीनो भी सपना को देखकर काफी खुश हुए।
 
 
 
फिर जब हम घर पहुंचे तो तब सास और रिया भी सपना को देखकर खुश हुई। फिर जब सास ने सपना से उसके कपड़ो के बारे में पूछा तो सपना ने कहा के अब मुझे किसकी शर्म है जो मैं कपड़े पहनूँ। ऐसे कहकर सपना ने बात गोलमोल कर दी। फिर मैं सपना को लेकर कमरे में चला गया और फिर उसकी चुत में लण्ड डालकर करने लगा। तब मुझे बिल्कुल भी एहसास नहीं हो रहा था। फिर मैंने सपना से कहा के चुत तो काफी खुल गई है। फिर मैंने सपना की गाँड में डाला तो गाँड भी पूरी खुली हुई थी। फिर सास ने सपना से पूछा के कितने लोग थे। तो फिर सपना ने ऐसे ही झूठ बोल दिया सास से के हट्टे कट्टे 4 लोग थे। 2 दिन तक पता नहीं कितनी बार चोदा मुझे। पर मजा बहुत आया। फिर सपना ने हमसे पूछा के हमने क्या क्या किया तो फिर सास ने मेरी और रिया की चुदाई की बात छुपाते हुए सपना से कहा के मैंने दामाद जी से और उन तीनों नौकरों से काफी चुदवाया। फिर जब मैंने सास की तरफ देखा तो सास मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी।
 
 
 
तब मैं सपना की गाँड में लण्ड डाले लेटा था। सपना थकी हुई थी तो फिर वो तो सो गई और फिर मैं अपना खड़ा लण्ड बाहर निकालकर सास को लेकर दूसरे कमरे में ले गया और फिर लण्ड सास की चुत में डालकर सास से थैंक्यू कहा। फिर सास हँसकर बोली के थैंक्यू की कोई बात नहीं आप बस खुलकर मजे करो। फिर इतना सुनकर मैं सास की चुत में करने लगा खड़े खड़े ही। फिर इतने में रिया वहाँ आ गई तो फिर सास ने कहा के आप दोनो मजे करो मुझे बाहर काम है। फिर सास वहां से चली गई। फिर मैं रिया को पकड़कर तीसरी बार रिया की चुत में लण्ड डाला और फिर झड़ने लगा तो रिया ने चूसकर मेरे लण्ड को साफ कर दिया। इस प्रकार सपना से छिपकर मैं और रिया चुदाई करने लगे। जब कभी हम सपना के सामने चुदाई करते और सपना हमें देख रही होती तो मैं आधा लण्ड ही रिया की चुत में डालता वरना पूरा ही डालकर चुदाई करता।
 
 
 
फिर जब सपना सोकर उठी तो फिर वो खुद अपनी चुत सहलाकर देखने लगी। फिर सास बोली के तुम अभी जवान हो कुछ दिनों में ये अपने आप ही टाइट हो जाएगी। फिर उस रात रिया और सपना दोनो मंदिर में जाकर सो गई और घर पर मैंने उन तीन नौकरों के साथ सास की चुदाई की। सपना ने गोपीनाथ को भी बताया के वो कहाँ गई थी। इतने मर्दो से चुदवाने के बाद भी सपना को ज्यादा कुछ फर्क नहीं पड़ा था। इसका मतलब ये हुआ कि सपना एक साथ 10 मर्दो से चुदवा सकती है। फिर सब कुछ पहले की तरह चलने लगा। कुछ दिनों बाद रिया अपने ननिहाल चली गई तो फिर रिया को मैंने काफी समझाया के किसी से कुछ नहीं कहे और ना ही वो किसी और से चुदवाये। वैसे रिया भी समझ चुकी थी किसके साथ मजे करने है और किसके साथ नहीं। फिर घर पर हम तीनो ही रह गए थे तो फिर सपना और सास का जहां मन करता वो उन नौकरों से वहां चुदवाती। सास और सपना ने उन तीनों को पूरा निचोड़ लिया था। फिर एक नौकर बीमार रहने लगा तो वैसे ही चला गया और फिर बाकी दो भी चले गए। उन्हें मैंने एक रुपया भी नहीं दिया और साथ मे खेत का काम करवाया और सपना और सास ने उनसे काफी मजे भी किये। इस तरह इसमे हम काफी फायदे में रहे।
 
 
 
सास को हमारे पास आए हुए अब लगभग कई महीने हो चुके थे। उन तीनों नौकरों के जाने के बाद मैं उन दोनों मां बेटी को एक साथ कई दिन चोदता रहा। फिर सास बोली के मेरा यहाँ काफी दिन रहना ठीक नहीं है। मैं एक बार के लिए चली जाती हूँ और फिर बाद में आ जाऊँगी। मुझे और सपना को भी लगा की अगर सास ज्यादा दिन तक यहाँ रहेगी तो नरेश और बाकी सब को भी शक हो जाएगा। फिर सास भी चली गई। फिर मैं और सपना ही रह गए। सपना की चुदाई के बारे में सास, ससुर और नरेश और सोनम सबको पता था। लेकिन उन्हे आपस मे बिल्कुल भी पता नहीं था। ना ही मैंने और सपना ने उन्हे बताया। सपना ने कहा था के अगर बहुत जरूरी होगा तो हम सबको सब कुछ बता देंगे। वरना जैसा चल रहा है चलने देते है।
 
 
फिर कभी कभी नरेश और ससुर तो आ जाते थे और सपना की खूब चुदाई करते। कभी कभी नरेश सोनम को भी ले आता तो मैं सोनम की चुदाई कर लेता। उधर सास और रिया मौका मिलने पर एक दूसरे के साथ मस्ती कर लेते। रिया लगभग हर संडे को हमसे मिलने आ ही जाती थी। तब हम चुदाई कर लेते। पर जब कभी वो नहीं आ पाती तो मैं सीधा रिया के स्कूल चले जाता तो जो की मेरे यहाँ से ज्यादा दूर नहीं था। फिर मैं रिया को स्कूल से लेकर उसे सड़क किनारे झाड़ियों में ले जाता और फिर वहाँ हम नंगे होकर खूब चुदाई करते। रिया अब काफी सेक्सी हो चुकी थी। ऐसे चोरी छुपे चुदाई करने में मुझे और रिया को काफी मजा आता था।
 
 
मेरी बेटी रिया
 
 
रिया अभी जवान और खूबसूरत थी। उसकी चुत भी काफी टाइट थी। रिया का फिगर काफी सेक्सी था। रिया की चुदाई से मेरा मन भरता ही नहीं था और रिया का भी यही हाल था। रिया को चोदने के लिए मुझे कोई जगह नहीं मिल रही थी तो मैं रिया को सड़क किनारे झाड़ियों के पीछे ले जाकर ही चोदता था। पहले तो रिया के स्कूल की छुट्टी के बाद हम चुदाई करते थे लेकिन फिर हफ्ते मे एक दिन रिया अपने स्कूल से बँक मार लेती और फिर हम दोनों पूरे दिन चुदाई करते। रिया फिलहाल 15 साल और 6 महीने की हो चुकी थी और उसे 16 साल की होने में अभी 6 महीने ही बाकी थे। फिर इसी तरह 6 महीनों तक मैं और रिया चुदाई करते रहे। उधर दूसरी तरफ सपना ने चुत टाइट करने की दवाएं वगैरह ली और एक्सर्साइज़ वगैरह करने से सपना की चुत फिर से टाइट हो गई। फिर मैंने खेत पर काम करने के लिए इस बार तीन और नए आदमी रख लिए। फिर सपना उनसे चुदवाने लगी। फिर कुछ दिन बाद ही मेरे पास वो पहले वाले दो नौकर आए। वो कहने लगे के हमें काम पर रख लो। फिर मैंने उनसे कहा के मैंने थोड़े दिन पहले ही 3 नए नौकर रख लिए है। फिर वो गिड़गिड़ाने लगे और बोले के कैसे भी करके हमें काम पर रख लो।
 
 
 
फिर मैंने सपना से इस बारे में पूछा तो वो बोली के रख लो। इस प्रकार फिर 5 नौकर हो गए और फिर वो सब सपना की चुदाई करते। फिर इस बार मैंने उन नौकरों को बता दिया के सपना के मेरी बीवी है और वो पहले वाले उन दो नौकरों को बताया के वो पहले जो दूसरी औरत थी वो मेरी सास थी। ये सुनकर वो सब थोड़ा हैरान हो गए। लेकिन उन्हे तो सिर्फ चुदाई से मतलब था चाहे कोई भी हो। सपना भी उनसे खुलकर चुदवाती। फिर फसल कटाई का टाइम आया तो फसल काटने के लिए बाहर से कुछ आदमी आए हुए थे। वो तीन आदमी थे। फिर सपना ने उन तीनों से भी चुदवाया। वो तीन आदमी करीब 3-4 दिन तक मेरे खेत मे रहे और फिर उन सब ने मिलकर साथ मे फसल की कटाई की और साथ मे सपना की चुदाई की वो भी बिल्कुल फ्री। गर्मी के दिन आ गए थे तो फिर अब हम सब मिलकर छत पर सोते और फिर रात भर सपना की चुदाई करते। हमारे लाइट भी कम ही रहती थी तो फिर जब लाइट चली जाती तो अंधेरे में हम सब तरह तरह के खेल खेलते। हम आधी रात को खेत में घूमने निकल पड़ते और खूब मस्ती करते। इस बार एक दो नौकर थे जो की खाना भी बनाना जानते थे तो फिर खाना भी वो बनाने लगे और गाय भैंसों का भी सब काम वो ही करते। सपना तो कभी कभार बस दूध वगैरह ही निकालती थी बाकी कोई काम नहीं करती थी।
 
 
 
अब हम सब 6 मर्द हो चुके थे तो कुछ खेत का काम करते और कुछ सपना की चुदाई करते। सपना के साथ साथ वो सब नौकर भी दिन रात नंगे रहकर ही सब काम करते। फिर जब नरेश और ससुर आते तो फिर भी उन पांचों नौकरों के साथ मिलकर सपना की खूब चुदाई करते। अब सपना तो अपने उन पांचों नौकरों के साथ मस्त रहती और मैं टाइम निकालकर रिया के पास चला जाता और फिर हम चुदाई करते। फिर मैंने रिया को भी बताया के इस बार पाँच नौकर रखे है तो फिर रिया ने सपना को फोन करके कहा के उसे भी उसके 16 वें जन्मदिन के बाद कम से कम 2-3 बॉयफ्रेंड बनाने की छूट मिलनी चाहिए। फिर सपना ने उसे कहा के हाँ तुम बना लेना 2-3 बॉयफ्रेंड। पर ध्यान रखना के कहीं वो तुम्हारी शादी से पहले ही तुम्हारी चुत का भोंसड़ा ना बना दे। फिर ये सुनकर रिया काफी खुश हुई और बोली के नहीं मम्मी ऐसा कुछ नहीं होगा।
 
 
 
अब रिया को हरी झंडी मिल चुकी थी। फिर ये सब बात रिया ने अपनी नानी को भी बताई तो उनकी चुत मे भी कुलबुलाने लगी। फिर एक बार जब घर पर रिया और सास के अलावा कोई नहीं था तो सास ने मुझे घर पर बुलाया और फिर दिन में मैंने उन दोनों को कई बार चोदा। फिर शाम को सबके आने से पहले मैं वहाँ से आ गया। फिर सास ने सपना से फोन करके कहा के अकेली ही मजे ले रही हो मुझे भूल गई क्या। फिर क्या था सपना ने सास को बुला लिया और फिर सास ने अपने साथ रिया को भी लाने का प्रोग्राम फिट कर दिया। फिर जब सपना ने कहा के रिया स्कूल कैसे जाएगी तो फिर सास ने कहा दामाद जी रिया को बाइक पर स्कूल छोड़ आया करेंगे। फिर जैसे तैसे करके रिया भी सास के साथ आ गई। जब इस बार सास और रिया आई तो उन सब नौकरों को पता था के सास सपना की मम्मी है और रिया सपना की बेटी है। इस बार हमने रिया को नौकरों से छुपाया नहीं। सपना ने रिया के लिए सबको साफ साफ बोल दिया था के इसके 16 वें जन्मदिन पर इसके पापा इसकी सील तोड़ेंगे। फिर ये चाहे उससे कर सकती है। अगर इससे पहले किसी ने रिया को चोदने की कोशिश की तो मैं तो उसे जान से मार दूँगी। ये सुनकर उन पहले वाले दोनों नौकरों ने उन तीन नए नौकरों से मेरे कहने पर झूठ बोल दिया के इन्होंने पहले भी एक आदमी को मार दिया था। ये सुनकर वो तीनों थोड़ा डर गए।
 
 
 
फिर वो सब सास और सपना की चुदाई करते रहते और रिया उन सबके बीच नंगी होकर घूमती रहती। फिर रिया जब उन सबके सामने मेरा लंड हिलाती और चुस्ती तो वो सब देखते ही रह जाते। फिर वो सब भी रिया को नंगी देखकर अपना लंड हिलाते और झड़ जाते। ये देखकर रिया को काफी मजा आता। फिर रिया का मन करता तो वो उन नौकरों में से किसी का भी लंड पकड़कर हिलाने लग जाती और उसका पानी निकाल देती। रिया भी उन नौकरों के साथ फिर काफी घूम मिल गई थी और वो नौकरों के साथ उनकी कमर में हाथ डालकर घूमती रहती। वो रिया के बदन को भी सहला देते और बोबो को भी दबा देते थे। पर रिया को चोदने की कोई हिम्मत नहीं करता था। वो सब रिया को देखकर कहते के क्या मस्त माल है। फिर उन सबके सामने मैं रिया की चुत पर अपना लंड रगड़ता और फिर लंड रिया की चुत में भी डाल देता। ये देखकर तो उन सब नौकरों के लंड फटने को तैयार हो जाते। क्योंकि इतनी सेक्सी लड़की को चोदने का मन किसका नहीं करता।
 
 
 
रिया को देखकर वो सब गर्म हो जाते और फिर वो सपना और सास की जमकर चुदाई करते। फिर रिया को मैं रोज स्कूल छोड़ने और लाने लगा। फिर स्कूल जाने से पहले और रिया के स्कूल से आने के बाद मैं और रिया चुदाई करते। फिर एक दिन मैंने रिया से नंगी ही स्कूल जाने के लिए कहा। ये सुनकर रिया बोली के नंगी कैसे। फिर मैंने रिया से कहा के तुम अपने कपड़े अपने बेग में डाल लेना और फिर नंगी होकर बाइक पर मेरे पीछे बैठ जाना। फिर जब हम स्कूल पहुंचने वाले हो तब तुम कपड़े पहनकर स्कूल चली जाना। ऐसे एक बार तेरी मम्मी ने भी किया था।  ये आइडिया रिया को काफी पसंद आया। फिर तब हम स्कूल से वापिस आ रहे थे तो तब फिर सड़क के किनारे बाइक रोक कर हमने पहले चुदाई की और फिर रिया ने सब कपड़े अपने बैग में ही डाल लिए और फिर वो पूरी नंगी ही मेरे पीछे बैठ गई और हम ऐसे ही घर गए। फिर अगले दिन रिया ने अपनी मम्मी से उसका सब सामान उसके बैग में डालने के लिए कहा। फिर सपना ने उसे कपड़े पहनने के लिए कहा तो फिर रिया ने कपड़े भी बैग में डालने के लिए कहा। फिर रिया ने कहा के मैं कपड़े स्कूल के पास जाकर पहन लुंगी। फिर सपना ने कुछ नहीं कहा और रिया का सारा सामान उसके बेग में डाल दिया।
 
 
 
फिर रिया बिल्कुल नंगी मेरे पीछे बैठ गई और फिर मैं उसे स्कूल छोड़ने जाने लगा। मुझे तो तब यकीन ही नहीं हो रहा था के रिया मेरे साथ बाइक पर बिल्कुल नंगी बैठी है। फिर जब हम स्कूल पहुंचने वाले हुए तो तब मैंने बाइक रोकी और फिर मैं और रिया झड़ियो के पीछे चले गये। फिर चुदाई के बाद रिया ने कपड़े पहने और फिर वो स्कूल चली गई। जब रिया स्कूल से वापिस आई तो तब रिया ने अपने कपड़े खोलकर बैग में डाल दिये और फिर वो मेरे साथ नंगी ही बैठकर आई। फिर तो रोज रिया ऐसे ही करने लगी।
 
 
 
फिर एक दिन मैंने रिया से कहकर उसके स्कूल में ही चुदाई का प्रोग्राम बनाया। रिया का स्कूल कुछ ज्यादा खास बड़ा नहीं था। स्कूल के कमरों के गेट तक नहीं थे और स्कूल की छुट्टी के बाद जल्दी ही सारा स्कूल खाली हो जाता। स्कूल थोड़ा शहर और गांव से दूर है तो स्कूल की छुट्टी के बाद वहां कोई आता जाता नहीं है। फिर मैंने रिया से स्कूल की छुट्टी होने के बाद उसकी क्लास में ही बैठे रहने के लिए कहा। फिर जब स्कूल की छुट्टी हुई तो रिया ने वैसे ही किया। वो अपनी क्लास में ही बैठी रही। उधर मैं स्कूल से थोड़ा दूर खड़ा होकर इंतजार कर रहा था सबके जाने। तब गर्मी थी तो सब अपने अपने घर जल्दी ही चले जाते। फिर जब चले गए तो मैं स्कूल के अंदर गया और फिर बाइक खड़ी करके मैंने सारे स्कूल में अच्छे से देखा के कोई है तो नहीं। पर वहां कोई नहीं था।
 
 
 
फिर मैं रिया की क्लास की तरफ जाने लगा तो तब रिया नंगी ही अपनी क्लास के बाहर आकर खड़ी हो गई तो फिर मैं जल्दी से उसकी क्लास में चला गया। फिर रिया मुझसे कहने लगी के मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा के मैं अपनी कलस में नंगी खड़ी हूँ। फिर मैं भी नंगा हो गया और फिर रिया से चिपक गया। फिर रिया मेरा लण्ड चुसने लगी। फिर मैं रिया की चुदाई करने लगा। उस दिन क्लास में चुदाई करके हमें काफी मजा आया। फिर चुदाई के बाद रिया स्कूल में नंगी ही घूमने लगी और फिर वो नंगी ही मेरे साथ घर आ गई। ये बात हमने किसी को भी नहीं बताई और फिर काफी बार हमने स्कूल में चुदाई की। इधर रिया के साथ तो मैं मजे कर रहा था पर उधर सपना भी हमारे बेटे के साथ मजे करती।
 
 
 
सपना काफी तेज और चालाक है। वो अपने हुस्न और चतुराई से किसी से भी कोई भी काम करवा सकती है। सपना लगभग हमेशा ही बेटे के सामने अधनंगी तो कभी पूरी नंगी भी रही है। सपना कई बार बेटे के साथ अलग कमरे में सोती है और उसके साथ मस्ती करती है। इसका पता बेटे को भी नहीं चला उसकी मम्मी उसके साथ मस्ती कर रही हैं। सपना बेटे के साथ नंगी सोती और फिर बेटे को भी नंगा कर लेती। फिर वो बेटे से अपने बोबो को सहलवाती और चुसवाती भी थी। सपना बेटे से लिप किस करती और फिर बेटा भी अपनी मम्मी से प्यार से किस करता। हालांकि जब बेटा छोटा था तो उसे पता नहीं था तो वो सबके सामने ही सपना के बोबो को दबाने लग जाता और सपना के होंठों पर किस कर देता। लेकिन फिर सपना ने उसे समझाया के ये काम वो तब ही करे जब वो दोनो अकेले हो। फिर बेटा समझ गया तो फिर वो सबके सामने से बिल्कुल शरीफ बनकर रहता और फिर जब उसे सपना अकेली मिल जाती तो तब वो सपना से लिपट जाता और फिर सपना भी अपने बेटे से खूब प्यार करती। फिर सपना जब बेटे के साथ सोती तो फिर वो अपने कपड़े भी बेटे से ही खुलवाती। बेटा पहले सपना का कुर्ता खोलता और फिर सपना की सलवार का नाड़ा खोलकर सलवार को नीची कर देता। फिर बेटा अपनी मम्मी के ब्रा के हुक खोलता और फिर ब्रा खोलकर उसे फेंक देता और फिर वो सपना की पैंटी भी खोल देता। इस तरह सपना ने उसे पूरी ट्रेनिंग दे दी थी।
 
 
 
बेटा जब सपना की कोई बात नहीं मानता तो सपना उससे रूठ जाती और कई बार तो थोड़ी रोने की एक्टिंग करती और फिर जब बेटा ये देखता तो वो अपनी मम्मी को चुप करवाता और फिर वो सपना की सारी बात मान लेता। इस तरह से सपना बेटे को कंट्रोल में रखती थी। सपना जब नंगी होती तो बेटा सपना के बदन के साथ खेलता रहता। बेटा सपना के बोबो और चुत को सहलाता और फिर सपना की नरम नरम गाँड पर मुँह रखकर सो जाता।
 
 
 
 
 
फिर कई बार सपना उसके सामने घोड़ी बन जाती तो बेटा अपनी मम्मी की पीठ पर चढ़ जाता और अपनी मम्मी की खूब सवारी करता। तब बेटा 7-8 साल का था और उसका लण्ड खड़ा होना शुरू नहीं हुआ था। फिर सपना उसके लण्ड पर अपनी चुत रखकर रगड़ने लग जाती। बेटा तब सपना का हर कहा मानता और ज्यादा शरारत भी नहीं करता था। तब सोनम का बेटा भी लगभग हमारे बेटे जितनी उम्र का ही था और वो काफी शरारत करता था। सोनम उसे काफी कहती भी लेकिन वो मानता ही नहीं था। फिर सोनम ने सपना से पूछा के आप अपने बेटे को कैसे कंट्रोल में रखती है। तब सपना नरेश से और सोनम मुझसे चुद चुकी थी। फिर सोनम ने कहा के मैं तुम्हे दिखा सकती हूँ बता नहीं सकती। फिर सोनम बोली के ठीक है।
 
 
 
 
फिर जब एक दिन घर पर कोई नहीं था तो फिर सपना ने सोनम को एक कमरे में छुपकर खड़े होने को कहा तो सोनम छुप गई। फिर सपना बेटे को उस कमरे में लेकर आई और फिर बेटा सपना से लिप किस करने लगा और सपना के बोबो को दबाने लगा। फिर सपना ने बेटे को बिस्तर पर भेज दिया तो बेटा अपने सब कपड़े खोलकर बिस्तर पर बैठ गया। फिर सपना सोनम की तरफ आंख मारते हुए बिस्तर पर चली गई। सोनम पहले तो कुछ समझ नहीं पाई। लेकिन जैसे ही सपना के बिस्तर पर जाते ही बेटा सपना के कपड़े खोलने लगा। पहले उसने सपना का कुर्ता उतारा और फिर सलवार का नाड़ा ढीला कर दिया। फिर सपना ने सलवार और पैंटी भी अपने बेटे स्व खुलवाई। फिर बेटे ने सपना की ब्रा के हुक खोलकर ब्रा को भी खोलकर साइड में रख दी। ये सब देखकर सोनम हँसने लगी। फिर सपना बेटे से थोड़ी नाराज होकर बात करने लगी तो बेटा अपनी मम्मी को मनाने लगा और फिर वो सपना से लिप किस करने लगा और साथ मे सपना के बोबो को दबाने लगा। फिर सपना उल्टी लेट गई तो फिर बेटा सपना की गाँड से खेलने लगा। इस तरह सपना सोनम के सामने ही अपने बेटे के साथ मस्ती करती रही। फिर सपना ने बेटे के हाथ मे एक कंडोम दे दिया तो बेटा उसे फुलाने लगा। ये देखकर तो सोनम की हंसी निकल गई। फिर बेटा इधर उधर देखने लगा तो फिर सपना ने कहा के बेटा मैं ही हंसी थी।
 
 
 
फिर थोड़ी देर बाद सपना ने बेटे को कपड़े पहनाकर बाहर भेज दिया। फिर सोनम बाहर निकलकर आई और आकर सपना के साथ बेड पर लेट गई। फिर सपना ने सोनम से कहा के बेटे के साथ उसकी बीवी बनकर रहो तब जाकर वो कहना मानते है। सोनम अब सब समझ चुकी थी। फिर सपना ने सोनम को भी नंगी कर लिया और फिर वो दोनो मस्ती करने लगी। फिर ये तरकीब सोनम ने अपने बेटे पर भी प्रयोग की तो फिर धीरे धीरे उसका बेटा भी सुधर गया।
 
 
 
 
बेटा जब छोटा था तब तो उसे समझ कम थी। लेकिन जब बेटा बड़ा हुआ और थोड़ा समझदार हुआ तो उसे फिर अपनी मम्मी के सामने शर्म आने लगी। फिर बेटा अपनी मम्मी के सामने नंगा होने में कतराने लगा। सपना भी ये बात जानती थी के उसे शर्म आ रही है। बेटा तब 10-11 साल का हो चुका1 था। फिर जब एक दिन घर पर कोई नहीं था तो सपना बेटे के पास जाकर कहने लगी के तू मुझे अब पसंद नहीं करता। मैं तो अब बूढ़ी हो गई हूं। फिर सपना रोने लगी। फिर बेटा अपनी मम्मी को चुप कराने लगा और कहने लगा के मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ। आप मुझे बहुत पसंद हो। फिर ये कहकर बेटे ने सपना को अपने गले लगा लिया और फिर सपना की गाल पर किस करने लगा। फिर सपना ने अपने बेटे के होंठो पर होंठ रख दिये और उसे किस करने लगी। फिर बेटा भी सपना की कमर में हाथ डालकर सपना का साथ देने लगा। फिर सपना अपने बेटे को लेकर बेड पर चली गई और फिर वो बेटे से चिपक कर लेट गई। फिर कुछ देर बाद सपना उठकर बैठ गई और अपने हाथ ऊपर कर लिए। ये देखकर बेटा समझ गया के क्या करना हैं। फिर वो उठा और सपना के कुर्ते को ऊपर उठाकर उतार दिया। तब सपना ने ब्रा पैंटी नहीं पहन रखी थी। फिर सपना ने अपनी सलवार का नाड़ा भी बेटे से खुलवाया। फिर जब नाड़ा खुला तो सलवार नीचे खिसक गई और फिर बेटे को सपना की चुत दिखने लगी। फिर सपना ने पूरी सलवार खोलकर साइड में रख दी। फिर सपना अपने बेटे के कपड़े खोलने लगी तो बेटा शर्माने लगा। फिर जब सपना बेटे का अंडरवियर खोलने लगी तो बेटे को शर्म आने लगी। फिर सपना उससे बोली के मुझसे कैसा शर्माना। मैं तेरी माँ होकर भी तेरे सामने नंगी हूँ और तू शर्मा रहा है। फिर ऐसा कहकर सपना ने बेटे का अंडरवियर खोल दिया। तब बेटे का लण्ड खड़ा था। ये देखकर सपना थोड़ी मुस्कुराई। फिर सपना बेटे से चिपक कर बोली के मैं तुझे बहुत प्यार करती हूँ। फिर बेटा भी सपना की पीठ सहलाते हुए बोला के मैं भी आपसे बहुत प्यार करता हूँ।
 
 
 
फिर सपना लेट गई और अपने बेटे को अपने ऊपर आने के लिए कहा तो फिर बेटा अपनी मम्मी के ऊपर चढ़ गया और फिर सपना के तरबूज जितने बड़े बोबो को चुसने लगा। फिर सपना बेटे का मुंह अपने बोबो में डालकर सो गई और फिर बेटा भी सो गया। कई बार जब सपना करवट लेकर सोती तो बेटा पीछे से सपना से चिपक कर सो जाता और उसका लण्ड सपना की गाँड की दरार में चला जाता। फिर सपना अपनी गाँड से उसका लण्ड सहलाने लग जाती। सपना बेटे से हर बात पूछ लेती। सपना उससे पूछती के उसे कोई लड़की पसंद है क्या या सपना उसके लण्ड के बारे में भी पूछ लेती। जिससे कई बार तो बेटा शर्मा जाता।
 
 
 
फिर एक बार सपना और बेटा दोनो नंगे सोए थे और तब बेटा सपना से पीछे से चिपक कर सो रहा था। तब बेटे के लण्ड से पानी निकल गया। फिर जब सपना उठी तो उसने जब पीछे हाथ लगाकर देखा तो तभी बेटा भी उठ गया। फिर वो कहने लगा के मम्मी मैंने कुछ नहीं किया। फिर उसे देखकर सपना उसका भोलापन देखकर मुस्कुराने लगी। फिर एक कपड़ा लेकर सपना ने अपनी गाँड और फिर उसका लण्ड पोंछ दिया। फिर सपना कई बार उसका लण्ड पकड़कर सहलाने लग जाती। सपना चाहे तो उससे चुदवा सकती थी। पर सपना जानती थी के अगर वो अभी उससे चुदवाने लग जायेगी तो फिर वो कमजोर हो जाएगा। फिर सपना ने सोचा के वो अपने बेटे से उसके 18 वें जन्मदिन पर चुदवाएगी। अभी उसके 18 साल का होने में काफी टाइम पड़ा था तो फिर सपना ने उसके साथ नंगी सोना बंद कर दिया पर वो उससे प्यार वैसे ही करती हैं। अब बेटा फिलहाल 13 साल का है और 5 साल पड़े है तो सपना अभी उसके सामने ज्यादा ओपन नहीं होती। फिर मैंने तब सास से कर लिया तो फिर सपना के कहने पर सास हमारे बेटे और सोनम के बेटे के लिए ताकत वाले लड्डू बनाकर उन दोनों को खिलाती है। ताकि 18 के होते होते वो ताकतवर बन जाये।
 
 
 
 
रिया अब काफी खुल गई थी तो अब रिया को भी अपनी मम्मी की तरह नंगी होने में किसी की शर्म नहीं आती थी। एक बार ऐसा हुआ कि मैं सुबह सुबह रिया को स्कूल लेकर चला गया और रिया मेरे साथ नंगी बैठकर ही स्कूल गई। फिर स्कूल जाने से पहले जब रिया कपड़े पहनने झड़ियो के पीछे गई तो उसने देखा के बैग में कपड़े नहीं थे। शायद सपना उस दिन कपड़े रखने भूल गई थी। फिर रिया मुझसे बोली के अब क्या करे। फिर मैं बोला के 4-5 घण्टों की बात है। यहीं रहकर चुदाई करते है। आज स्कूल कैंसल। तो ये सुनकर रिया मुस्कुराने लगी। फिर मैं रिया को चोदने लगा। तब रिया की सेक्सी सिस्कारियाँ निकल रही थी। मैं और रिया तो तब चुदाई में मस्त थे। तो फिर वहां एक आदमी आ गया जो कि भेड़ बकरियां चराने वाला था। फिर उसे देखकर भी हम नहीं रुके और करते रहे। फिर करने के बाद मैंने लण्ड का पानी रिया की चुत पर छोड़ दिया। फिर रिया खड़ी हुई तो रिया को देखकर वो देखता ही रह गया। फिर उसने मुझसे कहा के मुझे भी लेनी है इसकी।
 
 
 
तब हमारे पास कोई रास्ता नहीं था तो मैंने उससे कहा के तुम्हारे पास कोई जगह है क्या। फिर वो बोला के यहीं पास ही में एक कमरा है। फिर मैंने कहा के चलो वहां चलते है। फिर हम वहां जाने लगे तो रिया बोली के इसके बारे में मम्मी को नहीं बताएंगे। फिर मैं बोला के हाँ। तब रिया नंगी ही थी तो रिया को नंगी देखकर वो बोला के इसके कपड़े कहाँ है। फिर मैं बोला के ये कपड़े नहीं पहनती है। फिर हम खेतो से होकर उसके कमरे तक पहुंच गए। फिर कमरे में गए तो वहां एक चारपाई थी और उस पर बिस्तर लगा हुआ था। फिर सपना जाकर उस पर लेट गई और मैं भी नंगा हो गया। फिर वो आदमी भी नंगा हो गया। फिर रिया उससे अपनी चुत चटवाने लगीं। फिर चुत चटवाने के बाद रिया ने उसका लण्ड अपनी चुत में ले लिया। आज पहली बार रिया मेरे सामने किसी गैर मर्द से चुदवा रही थी। रिया को उससे चुदता देख मैं काफी गर्म हो गया। फिर कुछ देर बाद जब वो आदमी झड़ा तो फिर मैं सपना को घोड़ी बनाकर करने लगा।
 
 
 
 
फिर मेरे झड़ने के बाद सपना हम दोनों के बीच लेट गई। सपना ने फिर से हमारे लण्ड सहलाकर खड़े कर दिए तो इस बार उस आदमी ने सपना को घोड़ी बनाकर चोदा। फिर मैंने भी सपना को चोदा। तभी मेरे पास सपना का कॉल आया और बोली के आप आये नहीं तो फिर मैंने उससे कहा दिया के मुझे कुछ काम था तो मैं शहर चला गया। तब सपना ने रिया के कपड़ो के बारे में कुछ भी जिक्र नहीं किया। फिर थोड़ी देर बाद बाहर बारिश होने लगी और अंदर कमरे में हम रिया की चुदाई करने लगे। तब बहुत मजा आ रहा था। फिर जब उस आदमी ने रिया की गाँड में लण्ड डालने की कोशिश की तो रिया ने उसे साफ मना कर दिया। फिर वो रिया की चुत ही मारने लगा। रिया भी उससे चुदवाकर काफी खुश थी। फिर रिया की स्कूल की छुट्टी का टाइम हुआ तो तब बारिश भी रुक चुकी थी और फिर मैं रिया को लेकर घर जाने लगा। फिर मैंने और रिया से कहा के हम कल और आएंगे। फिर जब हम घर गए तो किसी ने भी रिया के कपड़ो के बारे में जिक्र नहीं किया। फिर अगले दिन रिया ने याद करके अपने कपड़े रखे और फिर मैं उसे स्कूल छोड़कर आ गया। फिर रिया के स्कूल की छुट्टी के बाद मैं रिया को लेकर उस आदमी के पास चला गया और फिर सपना को कॉल करके कह दिया के रिया अपनी सहेली से मिलने गई है। फिर वहाँ 3-4 घण्टो तक मैंने और उस आदमी ने मिलकर रिया की चुदाई की।
 
 
 
 
फिर हम शाम को घर गए। फिर तो हर दिन रिया हम दोनों मर्दो से चुदकर स्कूल जाने लगी और फिर स्कूल से आने के बाद चुदती। रिया को दूसरे मर्द से चुदता देखकर मैं काफी गर्म हो जाता था। लेकिन घर पर तो सपना ने उन सबको नौकरों को सपना की चुदाई करने से मना किया था। फिर मैंने रिया से पूछा के वो चुदना चाहती है क्या नौकरों से। तो फिर रिया ने कहा के हाँ। फिर मैं बोला के अगर तुम एक नौकर से चुदवाओगी तो फिर सब से चुदवाना पड़ेगा। फिर रिया ने कहा के मैं उन दोनो पुराने नौकरों से चुदवा लुंगी और मेरे 16 वें जन्मदिन पर उन्हें अपना बॉयफ्रेंड बना लुंगी। वो तीन नए नौकर तो मम्मी और नानी को चोदकर ही खुश है। फिर मैंने कहा के हाँ। फिर एक दिन रिया की स्कूल की छुट्टी वाले दिन मैं और रिया उन दो पुराने नौकरों के साथ खेत मे चले गए। फिर उनके सामने मैं रिया को घोड़ी बनाकर चोदने लगा तो फिर वो दोनो भी हमें देखकर अपना लण्ड हिलाने लगें। फिर मैंने और रिया ने उनसे चुदाई करने के लिए कहा और हमने कहा के हम किसी को नहीं बताएंगे। वो तब फुल गर्म थे तो फिर वो बारी बारी से सपना की चुदाई करने लगें। रिया की उनसे चुदाई होते देख मैं काफी गर्म हो गया और फिर मैंने भी रिया की कसकर चुदाई की।
 
 
 
 
फिर रिया ने जब उन दोनों को बताया के वो अपने 16 वें जन्मदिन पर उन दोनों को अपना बॉयफ्रेंड बनाएगी तो ये सुनकर वो काफी खुश हुए। रिया के जन्मदिन में अभी बस 2 महीने के लगभग टाइम रह गया था। फिर मौका देखकर रिया उन दोनों नौकरों से चुदवा लेती और मैं भी रिया की चुदाई कर लेता।
 
 
 
 
अब मुझे खेत का कोई काम नहीं था तो फिर मैं रिया को स्कूल लेकर जाता और फिर छुट्टी के बाद ही उसे लेकर घर आता था। एक दिन मुझे कुछ सामान लेकर आना था तो उस दिन मैं रिया को स्कूल छोड़ने गया तो एक नौकर को साथ ले गया। वो नौकर उन पुराने वाले नौकरों में से ही एक था। फिर उस दिन वो नौकर तो बाइक चलाने लगा और मैं पीछे बैठ गया और रिया को बीच मे बैठा लिया। रिया तब नंगी थी तो फिर मैं रिया से मस्ती करणे लगा। फिर मैंने रिया को अपने लंड पर बैठा लिया और फिर रिया स्कूल तक मेरे लंड पर ही बैठी रही।  फिर जब रिया का स्कूल आने वाला हुआ तो मैंने नौकर से बाइक रुकवाई और फिर हम सब उतरकर झड़ियो के पीछे चले गये। वहां वो भेड़ बकरियां चराने वाला आदमी पहले ही खड़ा था तो फिर वो नौकर उसे देखकर थोड़ा हैरान हो गया। फिर हमने उसे सारी बात बताई। फिर हम तीनों मर्द कपड़े खोलकर नंगे हो गए और रिया तो नंगी थी ही। फिर उस दिन रिया हम तीनों मर्दों से चुदवाकर स्कूल गई। रिया के स्कूल जाने के बाद मैं और नौकर मार्केट चले गए। फिर हम मार्केट से सामान लेकर जल्दी ही वापिस आ गए और स्कूल के नजदीक ही आकर बैठ गए। वहीं वो तीसरा आदमी भी अपनी भेड़ बकरियाँ चरा रहा था। हम सब तब नंगे होकर बैठे थे। फिर वो नौकर और वो आदमी रिया को सोचकर अपना लंड हिलाने लगे।
 
 
 
वो साथ में रिया के बारे में बातें कर रहे थे। रिया वाकई में काफी सेक्सी लड़की थी। फिर मेरा भी लंड खड़ा हो गया। फिर थोड़ी देर बाद स्कूल में घंटी बजी और स्कूल में आधी छुट्टी हुई। फिर मेरे मन में एक आइडिया और फिर मैं कपड़े पहनकर स्कूल में चला गया। फिर मैंने रिया को ढूंढा और फिर उससे कहा के तुम्हारी बहुत याद आ रही है थोड़ी देर मेरे साथ चलो। ये सुनकर वो समझ गई और फिर वो मुसकुराती हुई मेरे साथ आ गई। उसके आने के बाद मैं नंगा हुआ और फिर रिया हम तीनों मर्दों को नंगा देखकर वो भी नंगी हो गई। फिर रिया घोड़ी बन गई तो पहले उस आदमी ने रिया की चुदाई की और फिर नौकर ने और सबसे आखिर में मैंने रिया की चुदाई की। फिर चुदाई के बाद रिया हमारे साथ नंगी ही लेटकर आराम करने लगी। फिर थोड़ी देर बाद जब स्कूल की घंटी बजी तो रिया कपड़े पहनकर चली गई। फिर उस दिन स्कूल की छुट्टी के बाद जब रिया आई तो फिर हम उस लेकर उस आदमी के कमरे पर चले गए। फिर वहाँ जाकर हम सब नंगे हो गए और चुदाई करने लगे। फिर चुदाई के बाद हम घर आने लगे तो उस दिन रिया के साथ मैं भी नंगा ही बाइक पर बैठकर घर आया। उस दिन मुझे काफी मजा आया।
 
 
 
इस तरह रिया अब मेरे अलावा तीन और मर्दों से चुदवा रही थी। जब सास हमारे पास रहने आती तो ससुर घर पर आते ही नहीं। वो सिर्फ सपना को ही चोदने आते थे। फिर मैं सपना को ससुर से चुदवाने के लिए सड़क पर ले जाता और फिर ससुर सपना को झाड़ियों के पीछे ले जाकर जमकर चोदते। जैसे कि वो किसी रंडी को चोद रहे हो। फिर कई बार मैं भी ससुर के साथ सपना की चुदाई करता। सपना ससुर से चुदने के लिए मेरे साथ एक दम नंगी ही जाती थी। फिर चुदाई के बाद जब सड़क पर कोई आता हुआ नहीं दिखाई देता तो फिर सपना सड़क पर नंगी घूमने लग जाती। सपना को सरेआम नंगी घूमते देख तो मुर्दे का भी लण्ड खड़ा हो जाये।
ससुर सपना को चोदने के लिए हफ्ते में कम से कम एक बार तो जरूर आ जाते थे और कई बार तो 2-3 बार भी आ जाते थे। फिर सड़क किनारे दिन भर सपना की चुदाई करने में काफी दिक्कत होती थी तो फिर ससुर सपना को मंदिर में चोदने लगें। पर मंदिर में भी खुलकर नहि हो पाता था। इस कारण फिर ससुर ने मुझसे आसपास कोई जगह ढूंढने के लिए कहा। जहां वो आराम से चुदाई कर सके।
 
 
 
फिर मेरे खेतो से थोड़ा दूर एक पुराना घर था जो कि काफी सालों से खाली पड़ा था। फिर ससुर वहां सपना की चुदाई करने लगे। वो घूम घूम कर अच्छे से सपना को चोदते। फिर जब भी ससुर को सपना की चुदाई करनी होती तो फिर ससुर वहां आकर सपना को फोन कर देते और फिर सपना वहां चली जाती और अपने पापा से खूब चुदवाती। फिर वो अपने साथ कई बार नौकरों को भी ले जाती। जब वे सपना को अपने पापा से चुदते हुए देखते तो हैरान हो जाते। फिर सपना वहीं अपने पापा के सामने ही नौकरों से भी चुदवा लेती। उधर मैंने सास को रिया की उन दो नौकरों के साथ चुदाई के बारे में बता दिया था तो फिर उन्होंने कुछ नहीं कहा बल्कि वो इसमे हमारा साथ देने लगी। फिर रिया ने एक बार तो सास के सामने ही उन दोनों नौकरों से चुदवा लिया था। सास उन तीन नए नौकरों और सपना का ध्यान भटका कर रखती। कई बार जब सास और सपना उन पांचों नौकरों के साथ चुदवा रही होती तो फिर सास उन दोनों पुराने नौकरों को लेकर मेरे और रिया के पास आ जाती। फिर हम सब मिलकर चुदाई करते और उधर सपना उन तीनों नौकरों से चुदवाती। सपना का अब नए नए मर्दो से चुदने का काफी मन करने लगा था तो फिर सपना ने अपने पापा से कहा के वो अपने दोस्तों से कहे। पर ससुर के दोस्त काफी बड़े बड़े आदमी थे तो और वो सब तब अपने अपने काम मे बिजी थे।
 
 
 
 
फिर एक दिन गोपीनाथ घर पर आया और फिर वो बताने लगा के उसे एक आदमी ने अपने घर पर बुलाया है। वो आदमी एक बड़ा सेठ था और उसके घर पर वो और उसके दो बेटे रहते थे और साथ मे उनकी बीवियां थी। यानी वो कुल 6 लोग थे। फिर गोपीनाथ ने सपना को अपने साथ चलने के लिए कहा तो सपना तो तैयार ही बैठी थी। फिर सपना गोपीनाथ के साथ उसकी बीवी बनकर जाने के लिए तैयार हो गई। इसके लिए सपना ने स्पेशल कपड़े सिलवाये। कपड़े थोड़े सेक्सी भी थे और थोड़े साध्वी जैसे भी थे। फिर वो सेठ सपना और गोपीनाथ को लेने के लिए एक बड़ी सी कार में आया और फिर वो दोनो चले गए। सपना के जाने के बाद फिर सास उन तीनों नौकरों को अपने साथ रखती और उधर मैं उन दोनों नौकरों के साथ मिलकर रिया की चुदाई करता। चुदाई करते टाइम हम रिया के बोबो को ज्यादा नहीं सहलाते और ना ही चूसते ताकि रिया के बोबे बड़े ना हो जाये। सपना और सास के बोबे खींच खींच कर इतने लंबे कर दिए है के जब सास घोड़ी बनती है तो तब सास के बोबे तो जमीन से लगने लगते है। सपना के बोबे भी काफी बड़े हो गए है पहले की तुलना में।
 
 
 
 
मुझे और रिया को हमेशा नए तरीके से चुदाई करने में बहुत मजा आता है तो फिर एक दिन रिया के स्कूल की छुट्टी के बाद रिया अपनी क्लास में ही रही और जब सब चले गए तो तब रिया कपड़े खोलकर नंगी हो गई। रिया की क्लास ऊपर थी तो फिर जब रिया नंगी होकर अपनी क्लास से बाहर आई तो फिर हमने उसे देख लिया। फिर मैं, एक नौकर और एक वो आदमी तीनो नंगे ही स्कूल में जाने लगे। तब रिया भी सीढ़ियों से नीचे उतरकर हमारी तरफ आ रही थी। तब वो काफी ज्यादा सेक्सी लग रही थी। फिर रिया उन दोनों मर्दो के साथ कमर में हाथ डालकर हंसती हुई वापिस ऊपर जाने लगी। उन्होंने भी रिया की कमर में हाथ डाल रखा था। फिर क्लास में जाने के बाद हम तीनों तो बेंच पर बैठ गए और फिर हमारे सामने खड़ी होकर हमें चुदाई का पाठ पढ़ाने लगी। उसने ब्लैकबोर्ड पर लण्ड और चुत के फोटो बनाये और फिर हमें सीखाने लगी के चुदाई कैसे करते है। ये सब देखकर तो हम तीनों के लण्ड लोहे जीतने कड़क हो चुके थे। फिर प्रैक्टिकल करने की बारी आई तो फिर हमने पहले रिया को बेंच पर लेटाया और फिर उससे चुदाई करने लगे और फिर कभी घोड़ी बनाकर किया तो कभी दीवार के सहारे खड़ा करके खड़े खड़े किया। हमें टाइम की बिल्कुल भी चिंता नहीं थी तो क्योंकि सपना तो थी नहीं। फिर क्लास में चुदाई करने के बाद हम चारो नीचे मैदान में चले गए। फिर वहाँ रिया भागने लगी और हम तीनों रिया को पकड़ने लगे। फिर रिया को जो कोई भी पकड़ता तो फिर रिया उससे चुदवाती। इस प्रकार कई बार तो रिया को हम तीनों ही पकड़ लेते और फिर मैदान में ही रिया की घोड़ी बनाकर चुदाई करने लगते। इस तरह हम शाम तक स्कूल में मस्ती करते रहे।
 
 
 
 
फिर अंधेरा होने लगा तो हम चारों नंगे ही एक साथ बाइक पर बैठकर घर जाने लगे। फिर उस भेड़ बकरियां चराने वाले आदमी को तो उसके कमरे पर छोड़ा और फिर हम तीनों नंगे ही घर गए। उस दिन की मस्ती में हमें काफी मजा आया। रिया का स्कूल बच्चों पर कुछ खास ध्यान नहीं देता था और रिया की झूठी बीमारी का बहाना लगाकर मैंने रिया को स्कूल के होमवर्क से छूट दिलवा दी थी। वैसे भी स्कूल वालों को सिर्फ अपने पैसों से ही मतलब था। जिस कारण रिया सारा दिन बस मस्ती करती और एग्जाम होता तो वो थोड़ा बहुत पढ़ लेती और पास हो जाती थी। अब गोपीनाथ भी नहीं था तो मंदिर में सुबह शाम सास पूजा वगैरह करने लगी। सास अक्सर मंदिर में जाती रहती थी तो सब सास को थोड़ा बहुत जानने लग गए थे। वो सास को काफी धार्मिक महिला मानते थे। पर उन बेचारों को सच्चाई कहाँ पता थी। फिर मेरे मन में एक शरारत करने का विचार आया। मंदिर में आरती वगैरह करने के बाद कुछ समय के लिए पर्दा रखा जाता। इसकी मान्यता ये है कि उस टाइम पर्दा करने पर भगवान प्रसाद ला भोग लगाते है। पर्दा बस 5 मिनट तक किय्या जाता है। ये चलन ज्यादा गांव के मंदिरों में ही देखने को मिलता है। हमारे मंदिर में भगवान की मूर्ति एक कमरे में रखी गई थी और फिर पूजा के बाद कमरे के गेट पर ही पर्दा लगा दिया जाता था। जिससे मंदिर के अंदर कुछ भी दिखाई नहीं देता था और बाहर जो भगत खड़े रहते वो आंखें बंद कर लेते थे।
 
 
 
 
फिर जब पर्दा किया जाता उस टाइम मेरे मन में सास को चोदने का विचार आया। सास सलवार सूट पहनती थी और नीचे पैंटी नहीं पहनती थी। फिर अगले दिन मैं सबके आने से पहले ही मूर्ति वाले कमरे में चला और एक कोने में खड़ा हो गया। फिर जब सास आरती करने आई तो मैं नंगा हो गया और अपना लण्ड हिलाने लगा। सास मुझे देखकर थोड़ी बहुत मुस्कुरा देती। बाहर कई लोग खड़े थे और अंदर में नंगा खड़ा था। फिर आरती के बाद जैसे ही सास ने पर्दा लगाया तो फिर मैं जल्दी से सास के पास आ गया और सास को बाहों में भर लिया। फिर मैंने सास की सलवार का नाड़ा खोला तो सलवार नीचे गिर गई। फिर पीछे से मैं सास की गाँड मारने लगा। ये सब देखकर सास धीरे धीरे हँसने लगी। फिर 2-3 मिनट तक मैं सास की चुदाई करता रहा और फिर मैं वापिस पहले की जगह आकर खड़ा हो गया। फिर सास ने अपनी सलवार पहनी और फिर उन्होंने पर्दा हटाया। फिर वो बाहर जाकर सबको प्रसाद देने लगी तो सब लोग जाने लगे।
 
 
 
 
सबके जाने के बाद जब सास फिर से उस कमरे में आई तो मैंने सास से इशारों में घोड़ी बनने के लिए कहा तो फिर वो हँसकर मेरे पास आई और फिर घोड़ी बन गई। फिर मैं सास की चुदाई करने लगा। फिर चुदाई के बाद मैं नंगा ही वहां से बाहर आ गया और पीछे की तरफ बने कमरे में चला गया। उधर सास सलवार पहनकर बाहर आकर बैठ गई। सास काफी अच्छी थी वो मेरा हर कहा मानती थी। सास को भी ऐसे मंदिर में चुदाई करके काफी मजा आया था। अब सपना थी नहीं तो फिर रिया ने मुझसे कहा के हम भी कहीं बाहर चलकर रहते है और मस्ती करते है। फिर मैं बोला के हम कहाँ जाएंगे। फिर वो बोली के आप चलो तो सही कोई न कोई तो जुगाड़ हो ही जायेगा। फिर मैंने कहा के तो हम उस भेड़ बकरियां चराने वाले आदमी के पास चलते है और फिर बाद में देखेंगे क्या करना है। फिर रिया बोली के हाँ वहीं चलते है।
 
 
 
 
फिर हमने सास से कहा तो सास ने कहा के तुम लोग जाओ मैं यहां सब सम्भाल लुंगी। फिर रिया ने स्कूल बैग में अपनी कुछ ब्रा पैंटी और कपड़े रखे। फिर रिया ने एक सेक्सी सी ब्रा पैंटी पहनी और फिर वो वैसे ही मेरे पीछे बाइक पर बैठ गई और फिर हम रिया के स्कूल की तरफ जाने लगे। तब सुबह का ही टाइम था। फिर मैंने रिया को स्कूल के पास झड़ियो के पीछे उतारा और मैं खुद रिया के स्कूल में चला गया और फिर जाकर कहा के रिया बीमार हो गई है तो वो कुछ दिन स्कूल नहीं आएगी। फिर वो बोले के ठीक है। फिर मैं वापिस आया तो फिर मैं रिया को लेकर उस आदमी के पास चला गया। फिर मैंने उससे कहा के अब हम कुछ दिन उसके पास ही रहेंगे और खूब मस्ती करेंगे। ये सुनकर वो काफी
खुश हुआ। वो रिया को ब्रा पैंटी में देखकर काफी गर्म हो गया और फिर उसने अपने हाथों से रिया की ब्रा पैंटी खोली और फिर वो रिया की चुदाई करने लगा। फिर मैंने भी रिया की चुदाई की। फिर उस पूरे दिन हम दोनों मिलकर रिया को चोदते रहे। लेकिन फिर हम बोर हो गए। फिर उस दिन रात को भी बस हम चुदाई करते रहे।
 
 
 
 
फिर अगले दिन मैं रिया से बोला के यहां मजा नहीं आ रहा है। फिर रिया बोली के तो फिर कहाँ जाएं हम। मेरे गांव में ही मेरी कुछ औरतों के साथ चक्कर चल रहा था। फिर उनमें से एक औरत जो कि मुसलमान थी उसकी नाम सलमा था। उसकी मैंने काफी बार चुदाई की थी और वो भी मुझसे काफी अच्छे से चुदवाती थी। वो मेरी गर्लफ्रैंड की तरह ही थी और मुझसे पैसे वगैरह भी नहीं लेती थी। वो काफी चुदक्कड़ औरत थी। फिर मैंने रिया को भी उसके बारे में सब कुछ बताया और फिर मैं रिया को लेकर  वहाँ चला गया। मुझे देखकर वो काफी खुश हुई। उसके घर पर तब वो उसका एक लड़का जो कि 18-20 साल का था और उसकी दो बेटियां थी जो कि उसके लड़के से बड़ी थी। उसका पति नहीं था। असल मे उसकी शादी भी नहीं हुई थी और वो बच्चे भी पता नहीं किसकी औलाद थी। फिर उसने मुझे जब रिया के बारे में पूछा तो मैंने उससे कहा के अगर किसी को ना  बताओ तो बताऊं। फिर वो बोली के मेरे पास काफी लोगो के राज दफन है। तुम फिक्र मत करो और वैसे भी हम एक दूसरे को अच्छी तरह जानते है तो मैं किसी को क्यों बताऊंगी। फिर मैंने उसे बताया के ये मेरी बेटी है और मैं इसकी चुदाई कर चुका हूँ। फिर ये सुनकर वो बोली के इसमे क्या है। मैं और मेरी बेटियां भी मेरे बेटे से चुदवा चुकी है। मेरी बेटियां भी असल मे मेरी तरह रंडी ही है और दिखावे के लिए ही मैंने उनकी शादी कर रखी है। असल मे उन्हें लोग अपने साथ लेकर जाते है और फिर चोदकर छोड़ जाते है।
 
 
 
फिर मैं सलमा से बोला के अब से कुछ दिन तक हम तुम्हारे ही घर रहेंगे और मस्ती करेंगे। ये सुनकर सलमा काफी खुश हुई। फिर सलमा ने हमें अपनी दोनो बेटियों से मिलवाया। जो कि काफी खूबसूरत थी। फिर सलमा ने रिया को उन दोनों के साथ भेज दिया और फिर रिया उनके साथ चली गई। फिर मैं और सलमा चुदाई करने लगे। तभी सलमा का बेटा अब्बास वहां आ गया। लेकिन फिर भी हम चुदाई करते रहे। फिर मैंने अब्बास को भी हमारे साथ आकर चुदाई करने के लिए कहा तो फिर हम दोनों मिलकर सलमा की चुदाई करने लगे। सलमा का बेटा अब्बास शरीर से तो काफी तगड़ा था पर वो गूंगा था जन्म से ही। फिर सलमा मुझसे बोली के काश मेरा भी तुम्हारे जैसा कोई शौहर होता तो मजा आ जाता। फिर मैंने सलमा से कहा के अभी मैं तुम्हारे घर पर ही रहने वाला हूँ तो मुझे अपना शौहर ही समझो। ये सुनकर सलमा काफी खुश हुई। फिर सलमा बोली के ठीक है तो मैं आज से तुम्हारी बेगम हूँ।
 
कहानी के अगले भाग में बताऊँगा के हमने कैसे-कैसे मजे किए...
 
 
कहानी आगे जारी रहेगी...
 
 
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