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लॉकडाउन मे जब घर पर चुदाई करना मुश्किल हो गया तो हम दोनों भाई बहन ने ये रास्ता निकाला 
@Kamvasna 05 मई, 2023 15747

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मैं और बहन पिछले 2 सालों से लगातार चुदाई कर रहे है। लॉकडाउन लगने से पहले पापा शॉप पर चले जाते थे और मम्मी पड़ोस में अपनी सहेली के घर चली जाती थी और हम दोनों भाई बहन मिलकर फिर मस्ती करते थे। लेकिन जब से लॉकडाउन लगा है तब से पापा मम्मी घर पर ही रहते है। जिस कारण हमें चुदाई करने का कोई मौका नहीं मिल रहा था। हम दोनों ही चुदाई के लिए काफी तरस रहे थे। फिर ऐसे ही दिन निकलने लगे। रात को हम कूलर लगाकर सब साथ ही सोते है। आगे आगे पापा सोते है, फिर मम्मी, फिर बहन और सबसे आखिर मे मैं। 

 

 

जब पापा और मम्मी सो जाते तो बहन अपनी सलवार खोलकर घुटनों तक कर देती और फिर अपनी चुत सहलाने लग जाती और मैं भी अपनी पैंट खोलकर अपना लंड सहलाने लग जाता। पापा मम्मी पास में सोये होते थे तो हम ज्यादा कुछ कर नहीं पा रहे थे। बस कई बार बहन मेरा लंड चूस देती थी और मैं उसकी चुत चाट देता था। इससे ज्यादा कुछ हो नहीं पा रहा था। फिर एक दिन रात को मुझे चुदाई की बहुत ज्यादा इच्छा होने लगी। बहन तब अपनी सलवार घुटनों तक करके अपनी चुत सहला रही थी। फिर मैंने बहन से टॉइलेट की तरफ जाने के लिए कहा तो वो अपनी सलवार को ऊपर करके खड़ी होकर टॉइलेट की तरफ जाने लगी। फिर उसके पीछे पीछे मैं भी चला गया। 

 

फिर वो मुझसे बोली क्या बात है। फिर मैंने उसे उलट करके दीवार के सहारे खड़ा कर दिया और उसकी सलवार को उसके हाथों से छुड़ा दिया तो सलवार नीचे गिर गई और फिर मैंने मेरी पैंट पूरी खोल दी और फिर अपना लंड पीछे से बहन की चुत में डाल दिया और करने लगा। बहन भी मजा लेने लगी। हम कुछ देर तक चुदाई करते रहे और फिर मैं झड़ गया तो फिर हम दोनों वापिस आकर सो गए। फिर इस प्रकार हम रोज रात को चुदाई करने लगे। लेकिन तब पापा मम्मी का उठने का डर भी लगता था तो कई बार हम नहीं कर पाते थे। 

 

फिर ऐसे ही एक रात मुझे और बहन को नींद नहीं आ रही थी और मैं और बहन अपनी चुत और लंड को सहला रहे थे। फिर मैंने से सारे कपड़े खोलकर नंगी सोने के लिए कहा। तो बहन उठकर बैठ गई और पहले पापा मम्मी की तरफ देखा तो वो सोये हुए थे। फिर बहन ने अपना कुर्ता खोल दिया और सलवार भी पैरों से निकाल दी और पूरी नंगी होकर सो गई। फिर बहन एक हाथ से अपनी चुत और एक हाथ से अपने बूब को सहलाने लगी। फिर मैंने मेरी चारपाई बहन की चारपाई के बिल्कुल साथ लगा दी और मैं भी पूरा नंगा होकर सो गया। फिर मैं बहन के बदन को सहलाने लगा और बहन भी मेरे लंड को पकड़कर सहलाने लगी। 

 

फिर कुछ देर ऐसे करने के बाद मैंने बहन को अपनी चारपाई पर आने के लिए कहा तो वो आ गई और फिर मैंने उसे अपने ऊपर सुला लिया और उसकी चुत मे लंड भी डाल दिया। फिर हम धीरे धीरे करने लगे। पास में मम्मी पापा सोये थे और हम दोनों ऐसे चुदाई कर रहे थे। फिर बहन मेरा लंड चूसने लगी और फिर मैं झड़ गया तो फिर बहन मेरा पूरा पानी पी गई और जाकर अपनी चारपाई पर लेट गई। फिर मैं उठा और बहन की चारपाई पर चला गया तो बहन ने अपने पैर फैला दिए तो मैं उसकी चुत चूसने लगा। फिर कुछ देर बाद वो भी झड़ गई तो फिर हम दोनों कपड़े पहनकर सो गए। 

 

फिर हम लगभग रोज़ रात को ऐसे नंगे होकर मस्ती करने लगे। कभी पापा मम्मी पेशाब करने के लिए उठते थे तो हम कंबल ऊपर ले लेते और फिर उनके पेशाब करके आकर सोने के बाद हम ऊपर से कंबल हटा देते। इस प्रकार हम कई दिनों तक करते रहे। लेकिन हम खुलकर मजे नहीं ले पा रहे थे। 

 

हमारी आयरन स्टोर की शॉप है तो पापा के पास लोगों के सामान लेने के लिए फोन आते रहते थे। फिर जब किसी को ज्यादा सामान लेना होता तो पापा चले जाते थे वरना नहीं जाते थे। हमारी शॉप के ऊपर एक कमरा भी था जो की हमने हमारे ही रहने के लिए बनाया था। फिर मैंने एक प्लान बनाया। मैंने पापा से कहा के पापा मैं दुकान के ऊपर बने कमरे मे रहने चले जाता हूँ। जिसे सामान चाहिए होगा मैं दे दूंगा। मैं दुकान पर कई बार बैठता था तो मुझे सब पता है। फिर पापा मान गए और साथ में काफी खुश भी हुए। फिर हम बातें कर ही रहे थे और पास में मम्मी और बहन भी बैठी थी। फिर बहन ने मम्मी से कहा के मम्मी मैं भी इसके साथ चली जाती हूँ। साथ में हम खाने का सामान भी ले जाएंगे और मैं इसे खाना बना दिया करूंगी और दिन मे मैं अपनी सहेली के घर चली जाया करूंगी। यहाँ मैं घर पर बहुत बोर हो जाती हूँ।  

 

बहन की एक पक्की सहेली थी जिसके साथ बहन की काफी बनती थी और उसका घर वहाँ से नजदीक मे ही था। फिर मम्मी ने भी हाँ कर दी और फिर हम जाने की तैयारी करने लगे। हम अगले दिन जाने वाले थे तो उस रात हम काफी खुश थे। उस रात को भी हम नंगे होकर सोये और मैंने उस रात बहन की चारपाई पर जाकर बहन की चुदाई भी कर दी। मैंने पहले बहन के ऊपर आकर चुदाई की और फिर बहन को घोड़ी बनाकर पीछे से किया। पास मे मम्मी सोई थी लेकिन अब हमें पहले जितना डर नहीं लगता था। फिर सुबह मुझे जल्दी जाग आ गई तो मैं बहन के बूब के एक हाथ से सहलाना लगा। फिर बहन भी जाग गई और मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी। तब तक पापा मम्मी नहीं उठे थे तो पेशाब करने जाने के लिए खड़ी हुई और फिर मेरी पैंट के ऊपर से ही मेरे लंड को सहलाने लगी। 

 

फिर मैंने लंड पैंट से बाहर निकाल लिया तो बहन मेरे पास खड़ी खड़ी मेरा लंड सहलाती रही और फिर पेशाब करने चली गई। फिर हम सब उठ गए और मैंने खाने पीने का सब सामान कार मे रखा और फिर सुबह जल्दी ही हम हमारी दुकान पर चले गए। हमारी दुकान बाजार से थोड़ा हटकर है। दुकान के साथ ही हमारा एक बड़ा सा स्टोररूम है और दुकान के पीछे काफी जगह खाली पड़ी है। फिर हम दुकान पर पहुँच गए तो मैंने कार अंदर खड़ी कर दी और फिर हम सब सामान लेकर ऊपर कमरे मे चले गए। फिर मैंने बहन को पकड़ लिया और उसके बदन को सहलाने लगा। फिर हम दोनों नंगे गए और फिर हमने एक बार चुदाई की। फिर चुदाई के बाद मैं नंगा ही बेड पर लेटा रहा और बहन सामान सेट करने लगी। फिर कुछ सामान कार में रह गया था तो फिर बहन ने मुझसे लाने के लिए कहा तो फिर मैंने उससे कहा के तुम ही ले आओ। फिर वो बोली के मैंने कुछ पहना हुआ नहीं है मैं कैसे जाऊँ। 

 

फिर मैं बोला के फिर क्या हुआ। कार अंदर ही खड़ी है तुम्हें बाहर नहीं जाना है और अब वैसे भी यहाँ मेरे अलावा और कौन है। फिर उसने मुझसे मुस्कुराकर पूछा के तो ऐसे ही चली जाऊँ। फिर मैं बोला के हाँ। फिर बहन ऐसे ही नीचे जाने लगी और फिर मैं भी कमरे से बाहर आ गया और बहन को नीचे जाते हुए देखने लगा। बहन ना तो ज्यादा पतली थी और ना ही ज्यादा मोटी थी। बहन का बदन भरा हुआ था और वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी। फिर बहन नीचे गई और फिर कार से सामान लिया और फिर वापिस आने लगी तो उसका अंग अंग बहुत सेक्सी लग रहा था। फिर वो जब ऊपर आई तो फिर मैं उसे उठाकर कमरे मे ले गया और फिर मैंने उसे घोड़ी बनाकर चोदा। फिर मैंने उसे कहा के तुम अब नंगी रहना जब तक रह सको। फिर वो ये सुनकर मुस्कुराने लगी। 

 

उस दिन दुकान पर कोई सामान लेने नहीं आया तो हमने दिन भर चुदाई ही की। फिर पापा का फोन आया तो तब हम दोनों नंगे ही सोये थे और बहन मेरा लंड सहला रही थी। फिर मैंने पापा से बात की और फिर बात करने के बाद बहन की फिर से चुदाई की। इस प्रकार हमारे दिन मजे से कटने लगे। कोई सामान लेने आता तो कपड़े पहनकर मैं नीचे जाकर उसे सामान दे आता। फिर एक बार मम्मी का फोन आया हुआ था तो मेरा लंड बहन की चुत मे था और फिर बहन ने जब तक मम्मी से बात की तब तक मेरा लंड चुत मे ही रहा और धीरे धीरे धक्के लगाता रहा। दुकान के पीछे काफी खुली जगह थी तो फिर मैं और बहन नंगे ही पीछे की तरह घूम घूमकर आए और फिर दुकान मे चले गए। फिर वहाँ भी मैंने बहन की चुदाई की। फिर मैं और बहन घूम घूमकर चुदाई करने लगे और मैंने लगभग हर जगह बहन की चुदाई की। 

 

अब हमें किसी का कोई डर नहीं था। बहन को शॉर्ट ड्रेस पहनने का काफी शौक है। लेकिन घर पर मम्मी पापा की वजह से वो नहीं पहन पाती थी। तो फिर बहन ने अपने लिए कुछ बिकीनी और शॉर्ट ड्रेस अनलाइन ऑर्डर की और फिर वो ही पहने रहती। बहन को उन ड्रेस में देखकर तो मैं बिल्कुल पागल हो जाता। फिर मैं बहन की खूब चुदाई करता। बहन को अपना फोटो शूट करवाने का काफी शौक था तो मैंने बहन ने बिकीनी और उन शॉर्ट ड्रेस में मुझसे अपनी काफी फोटो खिंचवाई। बहन की शर्म अब बिल्कुल चली गई थी। हम काफी अलग अलग पोज में चुदाई करते और खूब मजे करते। फिर एक बार पापा आए और मेरे साथ दुकान पर बैठकर हिसाब किताब देखने लगे। बहन मुझे दिन में 2 बजे चाय देने आती थी वो भी नंगी ही। लेकिन उस दिन पापा आए थे ये बात बहन को पता नहीं थी और फिर वो चाय लेकर आने लगी और फिर जैसे ही दुकान में घुसी तो उसने पापा को देख लिया और फिर अपने मुँह के आगे हाथ लगाकर हंसने लगी और वापिस दुकान से निकल गई। 

 

मुझे भी बहन को बताने का बिल्कुल भी मौका नहीं मिला था। फिर बहन वापिस ऊपर गई और फिर कपड़े पहनकर आई और फिर मैंने बहन को फोन करके पापा के आने के बारे मे बताया तो फिर बहन हम दोनों के लिए चाय लेकर आई। फिर वो चाय देकर वापिस चली गई और मैं और पापा शाम तक काम करते रहे। फिर रात हो गई और मौसम भी खराब हो गया तो फिर हमने पापा से हमारे पास ही रुकने के लिए बोला तो फिर पापा ने मम्मी को फोन करके बोल दिया और फिर बहन ने खाना वगेरह बना लिया और फिर हमने खाना खा लिया। कमरे मे एक ही बेड था तो बेड पर पापा और बहन सो गए और मैं नीचे ही सो गया। उस दिन मौसम काफी खराब था और लाइट भी चली गई और बाहर आंधी चल रही थी। फिर पापा तो अपना कुर्ता उतारकर और नींद की गोली लेकर सो गए। पापा को नींद नहीं आती थी तो वो अक्सर नींद की गोली ले लेते है। पापा तो सो गए लेकिन मुझे और बहन को नींद नहीं आ रही थी। 

 

मैं नीचे सोया था तो मैंने भी अपना कुर्ता खोल दिया और फिर मैंने पैंट भी खोल दी और मैं पूरा नंगा होकर सो गया। फिर बहन ने भी अपने सब कपड़े खोल दिए और वो भी नंगी होकर लेट गई। फिर मैं पानी पीने खड़ा हुआ तो मैंने देखा के बहन पापा के साथ एक बेड पर बिल्कुल नंगी होकर सोई है। फिर मैं ये सब देखकर गरम हो गया और अपना लंड हिलाने लगा। बहन पहले पापा से थोड़ी दूर सोई थी तो फिर मैंने उसे पापा से चिपकर सोने के लिए कहा तो फिर उसे भी मस्ती चढ़ने लगी तो फिर पापा से पीछे से चिपक कर लेट गई। मुझे और बहन को पता था के पापा अब जल्दी से उठने वाले नहीं है तो फिर बहन पापा को पीछे से कसकर पकड़कर लेट गई और फिर मैं बहन के पीछे जाकर लेट गया और अपना लंड बहन की गाँड मे डाल दिया और धीरे धीरे करने लगा। फिर हम ज्यादा गरम हो गए तो फिर हम नीचे आ गए और बहन मेरे लंड पर बैठकर ऊपर नीचे होने लगी और फिर हम झड़ गए। फिर बहन वापिस बेड पर जाकर लेट गई। 

 

इस बार पापा का मुँह बहन की तरह था तो बहन फिर से पापा से चिपक कर सो गई और उसके बोबे पापा की छाती से लगने लगे। फिर वो पापा से एक दम चिपक कर लेट गई। फिर उसने पापा के एक हाथ अपनी कमर पर रख लिया और अपना एक हाथ भी पापा भी कमर में डाल लिया। ये देखकर तो मैं फिर से गरम हो गया। बहन भी गरम हो चुकी थी। फिर बहन ने अपने बूब का निपल पापा के होंठों पर रख दिया और होंठों पर मसलने लगी। बहन को जरा भी डर नहीं लग रहा था। पापा अक्सर रात को लूँगी पहनकर सोते है। फिर कुछ देर बाद पापा सीधे होकर सोये तो पापा की लूँगी खुल गई तो बहन ने पापा की पूरी लूँगी की गांठ खोल दी और फिर उसने पापा के अंडरवियर का नाड़ा भी खोल दिया और पापा के लंड को पकड़कर बाहर निकाल लिया। तब पापा का लंड खड़ा नहीं था। फिर बहन मुझसे धीरे से बोली के देख हम इससे जन्मे है। मैं तब बहन के बिल्कुल पास में ही खड़ा था तो फिर बहन ने एक हाथ से मेरा लंड पकड़ लिया और दूसरे हाथ से पापा के लंड को पकड़ लिया और फिर सहलाने लगी। 

 

फिर बहन ने पापा के लंड को वापिस अंदर डालकर अंडरवियर का नाड़ा बांध दिया और फिर लूँगी भी बांध दी। फिर बहन और मैं बेड पर ही लेट गए और हम दोनों एक दूसरे के लंड और चुत को सहलाने लगे। तब मैं काफी ज्यादा गरम हो गया था और इतने मे बाहर बारिश भी होने लगी थी। फिर मैंने बहन को बाहर चलने के लिए कहा तो फिर बहन और मैं कमरे से बाहर आ गए और फिर बाहर आते ही मैंने बहन को पकड़ लिया और उसे चोदने लगा। बारिश की ठंडी ठंडी बूंदे हमारे बदन को छू रही थी तो हमें एक अलग ही एहसास हो रहा था। मैं बहन को कमरे के बाहर ही चोद रहा था। फिर हम दोनों झड़ गए तो फिर हम नीचे दुकान मे चले गए। फिर मैंने बहन से कहा के तुम बहुत सेक्सी हो। ये सुनकर बहन हंसने लगी। फिर मैंने बहन को दो बार और चोदा और फिर हम वापिस आकर सो गए। 

 

फिर अगले दिन पापा तो चले गए लेकिन हम 4 महीने तक वहीं रहे। इन चार महीनों में हमने इतनी मस्ती की के पूछो मत। बहन अब बिल्कुल बेशर्म हो चुकी थी तो उसे किसी के सामने भी नंगी होने में कोई परहेज नहीं था। फिर घर पर भी बहन ने मम्मी को छोटे कपड़े पहनने के लिए मना लिया था तो बहन अब घर पर शॉर्ट्स में रहने लगी थी। अगर आप जानना चाहते है के हम दोनों भाई बहन ने और क्या क्या मस्ती की तो कमेन्ट करें। 50 कमेन्ट होने पर मैं आपको ऐसी ऐसी बातें बताऊँगा के आप अपना लंड हिलाने पर मजबूर हो जाएंगे। तो जल्दी से कमेन्ट करें। धन्यवाद। 

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