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लॉकडाउन के बाद मेरी और बहन की घर में मस्ती 
@Kamvasna 05 मई, 2023 9297

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हैलो दोस्तों, जैसा कि आपने पिछली कहानी "लॉकडाउन मे जब घर पर चुदाई करना मुश्किल हो गया तो हम दोनों भाई बहन ने ये रास्ता निकाला" में पढ़ा के कैसे मैंने और बहन ने 4 महीने मस्ती की और फिर घर आ गए। लेकिन घर आने के बाद हमें चुदाई करने की इतनी आजादी नहीं मिली तो हम मौका मिलने पर ही कर पाते थे। फिर किसी तरह बहन ने मम्मी को छोटे कपड़े पहनने के लिए मना लिया था तो बहन घर पर अब शॉर्ट्स में रहने लगी थी। लेकिन बहन अब भी खुश नहीं थी। क्योंकि उसे और छोटे कपड़े पहनने थे और ताकि वो ज्यादा सेक्सी दिख सके। लेकिन ऐसा मुमकिन नहीं था क्योंकि मम्मी अब भी कई बार बहन के छोटे कपड़े पहनने पर ऐतराज करती थी और ये बहन को बिल्कुल भी पसंद नहीं था। फिर बहन ने एक दिन मुझसे कहा के तुम कोई ऐसा चक्कर चलाओ ताकि मैं घर पर छोटे कपड़े पहन सकूँ और मुझे कोई कुछ ना कहे। तो फिर मैं बहन से बोला के हम मम्मी से डायरेक्ट तो कुछ नहीं कह सकते है। लेकिन अगर हम किसी तीसरे से मम्मी को ऐसी बात कहलवाए ताकि मम्मी खुद ही तुमसे छोटे कपड़े पहनने के लिए कहे तो कैसा रहेगा। फिर बहन बोली के ये कैसे होगा। 

 

 

फिर मैं बोला के यही तो सोचना है। फिर कुछ दिन ऐसे ही निकल गए। फिर एक दिन बहन की एक सहेली का बहन के पास फोन आया तो उसने बहन को बताया के उसका रिश्ता एक बहुत ही बड़े घर में हुआ है। फिर बहन ने उससे पूछा के ये सब कैसे हुआ। तो उसने बताया के एक बार मैंने अपनी फ्रेंड की बर्थ्डै पार्टी में गई थी। उस पार्टी की थीम शॉर्ट ड्रेस थी। तो वो उस पार्टी में मैं रेड कलर की शॉर्ट ड्रेस पहनकर गई। जिसमें मैं काफी सेक्सी लग रही थी। फिर वहीं मेरी मुलाकात एक लड़के से हुई। फिर उस लड़के से बातें होने लगी और फिर उसने अपने घर वालों को मेरे बारे मे बताया। फिर उसके घर वालों को मैं पसंद आ गई तो फिर उन्होंने हमारा रिश्ता पक्का कर दिया। फिर ये बात बहन ने मुझे बताई और मम्मी को भी बताई। मम्मी भी बहन का रिश्ता एक अच्छे घर में करना चाहती थी। ये बात मुझे अच्छे से पता थी। फिर मैं बहन से बोला के मुझे एक परफेक्ट रीजन मिल गया है जिससे तुम घर पर अपनी मनचाही शॉर्ट ड्रेस पहन सकती हो। फिर ये सुनकर बहन मेरा हाथ पकड़कर बोली के बस तुम मेरा ये काम कर दो फिर चाहे इसके बदले तुम मुझसे कुछ भी करवा लेना। फिर मैं बोला के ठीक है। 

 

हमारे घर के पास ही एक आंटी रहती थी। जिनका एक बॉयफ्रेंड था और इसके बारे में सिर्फ हम दोनों भाई बहन को ही पता था। क्योंकि 2-3 बार हमने उन दोनों को साथ में देखा था। फिर जब एक दिन हम आंटी के घर गए तो फिर आंटी हमसे इस बारे मे किसी को ना बताने के लिए रीक्वेस्ट करने लगी तो फिर मैंने और बहन ने उनसे कहा के हम किसी को नहीं बताएंगे। फिर उस दिन के बाद उन आंटी और हमारे बीच फ्रेंडशिप हो गई और हम एक दूसरे से काफी खुलकर बाते करने लगे। फिर मैंने बहन से कहा के हम उन आंटी से बात करेंगे और फिर वो मम्मी से बात करेंगी और फिर वो सब कुछ सेट कर देंगी। फिर एक दिन मैं और बहन उन आंटी के पास गए और उन्हे सब बात बताई और उन्हे बहन की सहेली के बारे में भी बताया। फिर हमारी सब बात सुनकर आंटी सब समझ गई। फिर आंटी बोली के मैं तुम्हारी मम्मी से ऐसा कहूँगी के आज कल के लड़कों को सेक्सी लड़कियाँ पसंद आती है। अगर लड़की दिखने में सेक्सी होगी तो उसे कोई भी पसंद कर लेगा और इसके अलावा भी मैं तुम्हारी मम्मी से कोई झूठी कहानी सुनाकर उन्हे इम्प्रेस कर दूँगी। ताकि वो फिर तुम्हारे शॉर्ट ड्रेस पहनने पर तुम्हें कुछ ना कह सके। बल्कि आगे से वो तुम्हें शॉर्ट ड्रेस पहनने के लिए कहेंगी। आंटी की बात सुनकर बहन काफी खुश हुई। फिर हम घर आ गए। 

 

फिर इसके कुछ दिन बाद जब एक मम्मी किसी काम से उन आंटी के घर गई तो आंटी को मौका मिल गया मम्मी को बात कहने का। फिर आंटी ने पहले इधर उधर की बातें की और फिर आंटी ने बहन के रिश्ते वगेरह के बारे में पूछा तो फिर मम्मी ने कहा के नहीं किया अभी तक। फिर आंटी मुद्दे की बात पर बात आ गई और फिर मम्मी से कहने लगी के आज कल बड़े घर के लड़कों को मॉडर्न लड़कियाँ ज्यादा पसंद आती है जो छोटे कपड़े पहने और आज के ट्रेंड के हिसाब से चले। फिर आंटी कहने लगी के मेरे रिश्तेदार की एक लड़की थी। उनका परिवार तो इतना अमीर नहीं था। वो लड़की शहर में रहकर पढ़ती थी और खूब फैशन वगेरह करती थी। फिर उसे एक बड़े घर के लड़के ने पसंद कर लिया और फिर उनकी शादी हो गई। आज वो अपनी जिंदगी कैफ ऐशों आराम से जी रही है। फिर ये बात सुनकर मम्मी को बहन की सहेली की याद आ गई तो मम्मी बोली के हाँ मेरी बेटी की सहेली का भी ऐसे ही एक अच्छे खानदान में रिश्ता हुआ। फिर आंटी बोली के हाँ आजकल ऐसा ही हो रहा है। आप भी अपनी बेटी को ये सब सिखाइए। फिर आंटी ने आगे जो मम्मी से कहा के वो आंटी ने सिर्फ बहन को बताया था। फिर आंटी ने मम्मी से कहा के इतना ही नहीं आप बेटी को थोड़ा सेक्स के बारे में भी बताइए। क्योंकि आजकल इससे भी घर टूट रहे है। अगर अच्छा रिश्ता मिल भी गया और मियां बीवी की बीच नहीं बनी तो ऐसा रिश्ता किस काम का। उसे बताइए के मर्द को कैसे खुश रखा जाता है। 

 

अगर कल को ऐसे लड़के से रिश्ता हुआ जिसे सेक्स बहुत पसंद हो और आपको बेटी को सेक्स नहीं पसंद हो तो उनका घर किसी भी वक्त टूट सकता है। आप अपनी बेटी से एक दोस्त की तरह बात करिए। फिर वो आपकी सब बात सुनेगी और मानेगी भी। फिर आंटी कहने लगी के अगर किसी औरत का पति को सेक्स मे दिलचस्पी नहीं है तो औरत को तो बहुत मिल जाएंगे। ऐसे ही अगर मर्द बाहर किसी से सेक्स करने लगे और फिर उसकी पत्नी को ये सब पता चले तो वो अपने आप को कोसने लगती है और फिर उसकी जिंदगी नरक बन जाती है। इससे अच्छा है के उसे पहले ही सब कुछ सीखा दिया जाए ताकि वो अपने पति को घर पर ही खुश कर सकें और ताकि वो बाहर किसी से ना करें। आंटी की ये सब बात सुनकर मम्मी को सब समझ आ गया। फिर आंटी ने हम दोनों के उनके बीच हुई सब बात बताई। फिर उस दिन शाम को मम्मी ने बहन से बात की और उसे शॉर्ट ड्रेस पहनने के लिए कहा और उसे कहा के उसे जो पसंद हो वो पहन सकती है। मम्मी के मुँह से ये बात सुनकर बहन काफी खुश हुई लेकिन उसने मम्मी के सामने अपनी खुशी को कंट्रोल कर लिया। 

 

फिर बहन आकर खुशी से मेरे गले लग गई। क्योंकि अब जैसा वो चाहती थी वैसा ही होने वाला था। फिर बहन ने अगले कुछ दिनों में ऑनलाइन अपने लिए काफी शॉर्ट ड्रेस खरीदी। फिर मम्मी ने पापा को भी ये सब बात बताई तो पापा भी मान गए और वो इस बारे में कुछ नहीं बोले। यानि अब बहन का शॉर्ट ड्रेस पहनने का रास्ता बिल्कुल साफ था। फिर पापा और मम्मी कुछ दिनों के लिए किसी रिश्तेदार के यहाँ गए तो फिर मैंने और बहन ने काफी चुदाई की। हम दोनों ही अब बहुत खुश थे तो मैंने बहन को काफी बार चोदा और बहन ने भी जमकर चुदवाया। फिर मैंने बहन से पूछा के वो किस तरह की शार्ट ड्रेस पहनने वाली है तो उसका जवाब आया के जिसमे वो ज्यादा सेक्सी लगें। फिर उसने मुझे कुछ ड्रेस दिखाई जो कि इस तरह की थी

 

 

 

 

 

 

 

 

 

फिर मैं बोला के तुम ऐसी ड्रेस पहनोगी तो पापा क्या कहेंगे तुम्हे शर्म नहीं आएगी। फिर बहन ने मुझसे कहा के तुम्हे लगता है क्या मुझे शर्म आएगी। फिर मैं बोला के नहीं। ये सुनकर बहन और मैं हँसने लगे। फिर बहन ने शार्ट ड्रेस पहनना शुरू कर दी तो फिर जब पापा और मम्मी वापिस आये तो बहन को देखकर एक बार तो वो थोड़ा असहज हुए। लेकिन फिर जल्दी ही सब सामान्य हो गया। बहन के शार्ट ड्रेस पहनने से हमें घर पर चुदाई करने में भी काफी आसानी हो गई। क्योंकि बहन को अब ज्यादा कपड़े खोलने नहीं पड़ते थे। ज्यादा से ज्यादा बस दो ही कपड़े होते। फिर बहन ने फिट रहने के लिए सुबह सुबह एक्सरसाइज करना भी शुरू कर दिया। एक्सरसाइज़ के टाइम बहन ऐसे कपड़े पहनती

 

 

 

फिर दिनों दिन बहन की शार्ट ड्रेस और शार्ट होती गई और बहन को ऐसे देखकर मेरा लंड बस खड़ा ही रहने लगा। रात में हम कूलर लगाकर सोते तो मम्मी पापा के सोने के बाद बहन अपने कपड़े उतारकर अपने तकिए के नीचे रख देती और फिर वो नंगी होकर ही लेट जाती। फिर बहन को ऐसे देखकर कई बार तो मैं उसकी चुदाई वहीं करने लग जाता और कई बार उसे छत पर ले जाता और फिर हम दोनों काफी देर तक चुदाई करते रहते। बहन ने अपने लिए काफी ड्रेस ले ली थी। तो फिर दिन में बहन मम्मी को पहनकर दिखाती। बहन को उन ड्रेस में देखकर मम्मी का भी बहन की तरह ही वो ड्रेस पहनने का मन करने लगा तो फिर एक दिन मम्मी ने बहन की एक शार्ट ड्रेस पहनकर देखी तो फिर बहन ने मम्मी की काफी तारीफ की। जिस कारण मम्मी ने और भी कई ड्रेस चेंज करके देखी। फिर तो मम्मी और बहन दिन भर यही करती रहती। ड्रेस चेंज करते टाइम वो एक दूसरे के सामने नंगी ही रहती। वैसे भी बहन पहले भी कई बार मम्मी के सामने नंगी हुई हैं। बहन मुझे शाम को सब बताती के आज उन्होने क्या किया। फिर कई दिन ऐसे ही निकल गए। फिर अब शुरू होती है असली कहानी। फिर एक दिन मम्मी और बहन दोनों कमरे में बंद अलग अलग ड्रेस चेंज करके देख रही थी। 

 

फिर मम्मी ने बहन से पूछा के उसने कभी सेक्स किया है। फिर बहन बोली के नहीं। ये सुनकर मम्मी काफी खुश हुई। फिर मम्मी बोली एक लड़के के साथ तेरी फ्रेंडशिप थी ना। फिर बहन बोली के वो कितनी पुरानी बात और वो सिर्फ मेरा फ्रेंड ही था और कुछ नहीं। फिर मम्मी को आंटी ने जो ज्ञान की बात बताई थी वो ही बहन को बताने लगी। मम्मी बहन से बोली के शादी के बाद अपने मर्द को खुश करना औरता का पहला फर्ज होता है। तूझे पता तो है ना सेक्स कैसे करते है। फिर बहन बोली के आजकल नेट पर सब होता है। फिर मम्मी बोली के वो कैसे। फिर बहन ने अपने फोन में एक सेक्स वीडियो चलाकर मम्मी को दिखाने लगी। वो 10 मिनट की वीडियो उन दोनों माँ बेटी ने पूरी देखी। वो वीडियो देखते देखते ही उन दोनों के हाथ अपनी चुत को सहलाने लगे। फिर बहन तो आंखें बंद करके अपनी चुत में उंगली करने लगी और मम्मी उसे देखने लगी। फिर मम्मी ने बहन की चुत पर हाथ रखा तो फिर बहन ने अपना हाथ हटा लिया और फिर मम्मी बहन की चुत सहलाने लगी। फिर बहन मम्मी से गले लग गई तो फिर मम्मी बहन की पीठ सहलाने लगी।

 

इससे अगले दिन जब मैं और पापा दुकान पर चले गए तो फिर वो दोनों नंगी हो गई और बेड पर लेट गई। फिर बहन ने मम्मी से कहा के आपसे एक बात पुछु अगर आप बुरा ना मानो तो। फिर मम्मी बोली के हां पूछ। फिर बहन ने पुछा के आप और पापा अभी तक सेक्स करते हो। फिर मम्मी बोली के नहीं अब तो बस कभी कभी ही करते हैं वो भी मैं तुम्हारे पापा से कहती हूँ तब। फिर बहन ने मम्मी की चुत पर अपना हाथ रखा तो फिर मम्मी ने अपने पैर फैला लिए। बहन काफी देर तक मम्मी की चुत सहलाती रही। फिर बहन बोली के मैं और भाई यहां से निकले हैं ना। फिर मम्मी मुस्कुराकर बोली के हां। फिर बहन मम्मी का फोन देखने लगी तो फिर उसने ब्राउज़र की हिस्ट्री देखी तो उसमें काफी सारी पोर्न वीडियो के लिंक थे। फिर ये देखकर बहन मम्मी की तरफ देखकर मुस्कुराने लगी तो फिर मम्मी ने अपना फोन बहन के हाथों से ले लिया। 

 

फिर बहन ने मम्मी से कहा के आपको सेक्स बहुत पसंद है हैं ना। फिर मम्मी बोली के हां लेकिन अब तेरे पापा तो करते नहीं है तो बस उंगली से ही काम चलाती हूँ। फिर बहन बोली के आप मेरे साथ करोगी। फिर इतना कहकर बहन मम्मी से लिप किस करने लगी। फिर मम्मी भी बहन का साथ देने लगी। फिर बहन मम्मी के दोनों पैरों के बीच जाकर मम्मी की चुत चुसने लगी तो मम्मी को काफी मजा आने लगा। फिर थोड़ी देर बाद मम्मी झड़ गई। फिर झड़ने के बाद बहन ने मम्मी से बोला के आपको अच्छा नहीं लगा हो तो सॉरी। फिर ये सुनकर मम्मी ने बहन के मुँह को पकड़कर उसके होठों पर किस कर दिया। फिर बहन सीधी होकर लेट गए और अपनी चुत में उंगली करने लगी। फिर ये देखकर मम्मी ने बहन की उंगलियों को उसकी चुत से निकाला और फिर खुद उसकी चुत को चुसने लगी। फिर जब बहन झड़ गई तो फिर बहन मम्मी से चिपक कर सो गई और मम्मी भी बहन की प्यार से पीठ सहलाने लगी। 

 

फिर ये सब मुझे बहन ने बताया तो मैं सुनकर हैरान हो गया। पर एक तरह से अच्छा ही हुआ। क्योंकि अब मम्मी बहन को ज्यादा कुछ नहीं कह सकती थी। फिर वो रोज ही दिन में ऐसा करने लगी और हमारे जाने के बाद वो घर पर नंगी ही रहती। फिर कई बार रात को भी वो कर लेती। एक बार रात को मुझे जाग आई तो मैंने देखा के मम्मी और बहन अपनी चारपाई पर नहीं थी। फिर मैंने बहन की चारपाई पर उसके कपड़े देखे। फिर थोड़ी देर बाद वो दोनों कमरे से निकली तो मैं सोने का नाटक करने लगा तो फिर बहन चारपाई पर आकर अपने कपड़े पहनकर सो गई।और मम्मी भी अपनी चारपाई पर जाकर सो गई। फिर अगले दिन मैंने सुभ सुबह जब बहन से इस बारे में पूछा तो बहन बोली के कल रात ही किया था। फिर इसके बाद मम्मी और बहन की मस्ती दिन के साथ साथ रात मैं भी चलने लगी। फिर मैं बहन से बोला के तुमने मेरा टाइम भी मम्मी को दे दिया। फिर बहन बोली के मैं क्या करूं। मम्मी का मन करता है तो वो मुझे ले जाती है। मैं तुमसे सुबह सुबह या शाम को कर लिया करूँगी। फिर मैं बहन से बोला के मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ। तुम शादी के बाद चली जाओगी तो मेरा क्या होगा। फिर ये सुनकर बहन ने मुझे अपने गले लगा लिया और बोली के मैं शादी के बाद भी मुझसे करने के लिए नहीं रोकूँगी और वैसे भी अभी मेरी शादी नहीं हो रही हैं। फिर हम दोनों काफी देर एक दूसरे से गले लगे रहे। 

 

फिर सब ऐसे ही चलता रहा। पापा को पथरी की प्रॉब्लम चल रही थी तो फिर पापा और मम्मी 15 दिनों के लिए हरिद्वार चले गए। वहां एक वैद्य है जो कि पथरी की प्रॉब्लम को जड़ से खत्म कर देता है। फिर पापा मम्मी के जाने के बाद मैं और बहन ही रह गए। फिर मैं बहन से बोला के तुम मेरी बीवी बनोगी। तो फिर बहन बोली के वो कैसे। फिर मैंने बहन से कहा के पापा मम्मी के आने तक तुम मेरी बीवी बनकर रहो। फिर हम हर दिन सुहागरात मनाएंगे। फिर बहन बोली के ठीक है। फिर मैंने बहन को घर मे बने पूजाघर में ले जाकर मंगलसूत्र पहनाया और उसकी सिंदूर से मांग भरी और फिर उसे कमरे में ले जाकर चोदने लगा। चुदाई के बाद जब मैंने बहन को देखा तो उसके बाल खुले हुए थे और उसकी मांग भरी हुई थी और उसके गले मे मंगलसूत्र लटक रहा था। तब बहन काफी सेक्सी लग रही थी। फिर मेरा बहन को छोड़कर जाने का दिल नहीं कर रहा था तो फिर मैंने दुकान का काम एक दुकान पर काम करने वाले एक आदमी को देखने के लिए कहा और मैं घर पर रहकर ही बहन की चुदाई करने लगा। बहन भी अपने पति के लिए पत्नी जो जो करती है वो करने लगीं। फिर उसने मेरे लिये एक दिन का करवाचौथ का व्रत भी रखा। हालांकि तब करवाचौथ नहीं था। फिर शाम को व्रत खोलकर मैंने अपने हाथों से बहन को खाना खिलाया और फिर हम रात भर चुदाई करते रहे। 

 

इस प्रकार मम्मी पापा के आने तक हमने काफी मजे किये। फिर पापा मम्मी आ गए तो मम्मी थोड़ी बीमार हो गई थी और गर्मी भी काफी रहने लगी थी तो हमने घर पर एयर कंडीशनर लगा लिया और हम एक ही कमरे में साथ ही सोने लगे। मैं पापा और बहन तो बेड पर सोते और मम्मी एक दूसरे छोटे बेड पर अलग ही सोती। एयर कंडीशनर से हम सबको ठंड लगने लग जाती थी तो हम रजाई लेकर सोते थे। हमारा बेड दीवार के साथ लगा हुआ था तो मैं दीवार की तरफ सोता, फिर बहन सोती और फिर पापा सोते। फिर सबके सो जाने के बाद बहन अपनी ड्रेस निकाल देती और मैं भी नंगा हो जाता। फिर हम एक दूसरे से चिपक कर सोते और फिर मूड बनने पर कर भी लेते। मम्मी बीमार थी तो अब रात को मम्मी बहन से नहीं करती थी तो सारी रात हम फुल मजे करते। फिर एक दिन रात को हम चुदाई के बाद लेटे थे। हमने नींद नहीं आ रही थी। तो फिर बहन मेरी रजाई से निकलकर पापा की रजाई में जाकर लेट गई। तब कमरे में लाइट जल रही थी। फिर बहन पापा से चिपकर सो गई और कुछ देर ऐसे ही सोई रही। पापा अब लगभग हर रात नींद की गोली लेकर सोते थे तो कोई डर वाली बात नहीं थी। 

 

फिर बहन ने रजाई मे ही पापा की लूँगी में हाथ डालकर पापा का लंड पकड़ लिया। फिर बहन ने लूँगी खोल ली और फिर अंदरवियर भी खोल दिया और फिर लंड सहलाने लगी। फिर बहन ने एक तरफ से रजाई साइड मे कर दी तो मैंने बहन के हाथ ने पापा का लंड देखा। फिर वो कुछ देर सहलाती रही। लेकिन कुछ फरक नहीं पड़ा। पापा का लंड खड़ा नहीं हुआ। फिर उसने पापा का अंडरवियर और लूँगी वापिस बांध कर मेरी रजाई में आ आई। फिर मैंने बहन को सोते टाइम मगलसूत्र पहनने के लिए बोला तो फिर बहन मंगलसूत्र पहनकर सोने लगी। फिर पहले तो हम मम्मी पापा के सोने के बाद नंगे होते थे लेकिन फिर बहन तो रजाई अपने ऊपर लेकर तभी नंगी हो जाती और मम्मी पापा से बातें करती रहती। फिर मम्मी बहन से कोई काम कहती तो बहन तो नंगी होती तो वो रजाई से कैसे बाहर निकलती तो फिर वो मुझे वो काम कह देती तो फिर मैं वो काम कर देता। बहन के पास नेट वाली सेक्सी ड्रेस भी थी। 

 

 

फिर एक दिन रात को बहन नेट वाली ड्रेस साथ में लेकर सो गई। फिर उसने रजाई में ही वो ड्रेस पहन ली। फिर मम्मी पापा के सोने के बाद वो रजाई से बाहर निकल कर कमरे में घूमने लगी और मैं रजाई साइड में करके अपने लंड को सहलाने लगा। फिर बहन आकर मेरे लंड पर बैठ गई और फिर हम करने लगे। फिर करने के बाद वापिस से अपनी पहले वाली ड्रेस पहनकर सो गई। मैं लगभग हर रात को बहन की गाँड में लंड डालकर सोता था। फिर बहन अपनी गाँड आगे पीछे करके मेरे लंड को सहलाती रहती और फिर मैं झड़ जाता। ऐसा कुछ दिनों तक चलता रहा। फिर मम्मी ठीक हो गई तो फिर बहन और मम्मी रात को करने लगे। वो कभी रात को नहीं करते तो मैं बहन से कर लेता। मम्मी और बहन आपस में काफी हद तक खुल गई थी और वो आपस में हर तरह की बातें कर लेती थी। फिर वो पॉर्न विडिओ भी देखने लगी थी। जिन्हे देखकर मम्मी और वो काफी गरम हो जाती थी। फिर वो या तो एक दूसरे की चुत चूसती या फिर बैगन लेकर करती। फिर एक दिन मम्मी बहन से बोली के तेरी शादी के बाद तू तो अपने पति से खूब सेक्स करेगी। तेरे जाने के बाद मुझे तो बस बैगन से ही करना होगा। फिर बहन बोली के आपका कोई बॉयफ्रेंड रहा है। फिर मम्मी बोली के नहीं। शादी के पहले तो नहीं और शादी के बाद तेरे पापा से करने लगी और अब मैं बॉयफ्रेंड बनाने का सोच भी नहीं सकती। अब तो बस ऐसे ही जिंदगी काटनी है। 

 

फिर बहन बोली के इस घर में आपके अलावा एक और है जो ऐसी ही जिंदगी काट रहा है। फिर मम्मी ने पूछा के कौन है वो। फिर बहन ने कहा के भाई। फिर मम्मी ने पूछा के क्यों उसे क्या हुआ। फिर बहन एक झूठी कहानी मम्मी को सुनाने लगी। बहन कहने लगी के भाई की एक गर्लफ्रेंड थी। भाई उससे बहुत प्यार करता था। लेकीन वो उसे छोड़कर किसी और के साथ चली गई। जिस कारण भाई अब काफी अपसेट रहता है। फिर बहन बोली के अब आप दोनों की हालत एक जैसी ही है। अच्छा होगा के आप दोनों एक दूसरे का सहारा बन जाए। फिर ये सुनकर मम्मी बोली के क्या मतलब है तेरा फिर बहन मम्मी से बोली के आप भाई की गर्लफ्रेंड बन जाओ। फिर ये सुनकर मम्मी हंसने लगी और बोली के मुझ जैसी बूढ़ी को वो क्यों अपनी गर्लफ्रेंड बनाएगा। फिर मैं मम्मी से बोली के आप इतनी बूढ़ी भी नहीं हुई हो। आपको वो जरूर अपनी गर्लफ्रेंड बना लेगा और इसमें आपका ही फायदा है। फिर मम्मी बोली के वो कैसे। फिर बहन बोली के भाई अब उसी लड़की के बारे में सोचता रहता है। अगर वो कुछ दिन और ऐसे सोचता रहेगा तो वो फिर शराब पीने लग जाएगा और देवदास बन जाएगा। अगर आप उसकी गर्लफ्रेंड बन जाओगी तो फिर उसका ध्यान आपकी तरफ हो जाएगा। और तो और कल को उसकी शादी होगी और कोई ऐसी वैसी लड़की आ गई तो भाई पहले ही आपके वश मे होगा तो वो कुछ नहीं कर पाएगी। ये सब सुनकर मम्मी सोच मे पड़ गई। फिर बहन ने मम्मी से कहा के आपको रोज रोज बैगन डालने से भी छुटकारा मिल जाएगा। 

 

ये सुनकर मम्मी अपनी चुत सहलाने लगी। फिर मम्मी बोली के वो मेरा बेटा है। बेटे के साथ कैसे होगा। फिर बहन बोली के आजकल सब हो जाता है। फिर बहन ने मम्मी को मॉम सन वाली पॉर्न विडिओ दिखाई तो विडिओ देखकर मम्मी देखती ही रह गई। फिर बहन ने मम्मी को माँ बेटे की सेक्स स्टोरीज भी पढ़ने के लिए दी तो मम्मी कई दिनों तक वो ही पढ़ती रही। फिर बहन ने मुझे कहा के मैं शादी करके चली जाऊँगी तब भी तुम मजे कर पाओगे। फिर मैं बोला के क्यों तुम्हारी कोई दूसरी बहन भी है क्या। फिर बहन बोली के तुम हमेशा बहन के बारे में ही सोचते रहना। मम्मी के बारे में मत सोचना। फिर मैंने कहा के मम्मी के बारे में कैसे। फिर बहन ने मुझे सारी बात बताई। फिर बहन ने मुझे मम्मी की एक नंगी फोटो दिखाई तो वो फोटो मैं देखता ही रह गया। मम्मी के मोटे मोटे बोबे और गाँड देखकर मैं तो हिल गया। फिर मेरा तो मम्मी को देखने का नजरिया ही बदल गया। उस दिन के बाद से मेरा ध्यान या तो मम्मी की गाँड पर होता या बोबो पर। फिर बहन बोली के फोटो देखकर मूठ मार सकते हो। फिर उसी रात मैंने काफी टाइम बाद मम्मी की नंगी फोटो देखकर मूठ मारी। फिर कुछ दिन बाद मम्मी सेक्स स्टोरी वगेरह पढ़कर बहन से बोली के ये सब तो ठीक है। लेकिन कल को किसी को पता चल गया तो। फिर बहन बोली के आप बताने वाली हो क्या किसी को। तो मम्मी बोली के मैं क्यों बताऊँगी। फिर बहन बोली के भाई भी इतना भोला नहीं है जो किसी को बताएगा। 

 

अगर आप दोनों ही किसी को नहीं बताओगे तो फिर किसी को पता कैसे चलेगा। फिर मम्मी बोली के हाँ ये तो है। फिर बहन बोली के आप किसी दूसरे मर्द से कर नहीं रही हो और इसके लिए आपको कहीं जाना भी नहीं होगा। पापा के साथ आपका इतना ही टाइम लिखा है। अब आप भाई पर ध्यान दो। ताकि वो उस लड़की का चक्कर छोड़ कर अपनी जिंदगी पर ध्यान दे सके। फिर मम्मी बहन से बोली मैं कहाँ से शुरू करूँ। फिर बहन ने कहा के आप भाई से बात करना शुरू करो। आप उसका ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करो। वो भी इतना भोला ही नहीं। वो अपने आप समझ जाएगा। सब कुछ आपको करने की जरूरत नहीं है। फिर मम्मी बोली के तो उससे बात करना कब से शुरू करूँ। फिर बहन बोली के आज से ही। फिर इसके बारे में बहन ने मुझे पहले ही बता दिया था। मैं उन दिनों दुकान के काम से प्रेशर से परेशान रहता था तो मम्मी को ऐसा लगा के जैसे मैं उस लड़की के बारे मे ही सोच रहा हूँ। फिर मैं रात को खाना खाने के बाद अपने कमरे में जाकर कुछ टाइम लेटा रहता और फिर एयर कन्डिशनर वाले कमरे मे जाकर सो जाता। फिर एक दिन मम्मी मेरे पास आई और मेरे पास बैठकर बात करने लगी। फिर उन्होंने मेरा हाथ अपने हाथ मे लेकर कहा के तुम ज्यादा उस लड़की के बारे मे मत सोचो। आगे तुम्हारी पूरी जिंदगी पड़ी है। पता नहीं कितनी लड़कियाँ आएगी और कितनी जाएगी। फिर हम ऐसे ही कुछ देर बातें करते रहे। 

 

फिर मम्मी ने मुझसे छत पर चलने के लिए पूछा तो मैंने कहा के चलो। फिर हम दोनों एक दूसरे का हाथ पकड़े पकड़े छत पर चले गए। छत पर जाने के बाद मम्मी मुझसे बोली के मैं तुम्हारी दोस्त की तरह हूँ। तुम मुझसे कोई भी बात कर सकते हो। फिर मम्मी मेरे गले लग गई और मुस्कुराने लगी। तब मेरा मम्मी से लिप किस करने का मन कर रहा था लेकिन मैंने मम्मी की गालों पर किस कर दिया और फिर मम्मी ने भी मेरी दोनों गालों पर किस कर दिया। फिर मम्मी ने मुहसे पूछा के तुम्हें मुझसे बात करके कैसा लगा तो मैं बोल के बहुत अच्छा लगा। फिर मम्मी ने पूछा के तो कल मुझसे यहीं मिलना चाहोगे। तो फिर मैंने कहा के हाँ। फिर हम दोनों एक दूसरे को देखकर मुस्कुराने लगे और फिर हम नीचे जाकर सो गए। फिर अगले दिन मम्मी ने बहन को सारी बात बताई तो फिर बहन मम्मी से बोली के बस लगी रहो आप। फिर अगले दिन मै खाना खाते ही छत पर जाने लगा तो तभी मैंने मम्मी को देखा तो मम्मी ने मेरी तरफ इशारा करके कहा के बस थोड़ा सा काम करके आती हूँ। फिर मैंने भी मम्मी से कहा के आराम से आ जाना। फिर मुझे ऊपर गए 10 मिनट ही हुए थे के फिर मम्मी भी आ गई और मुझसे चिपकर बैठ गई। फिर हम बातें करने लगे। फिर मम्मी मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछने लगी। उन्होंने पूछा के तुम्हारी कितनी गर्लफ्रेंड रही है। फिर मैंने कहा के दो। फिर मम्मी हँसकर बोली के सच बताओ। फिर मैं बोला के सच में दो ही रही है। फिर इसी तरह हम बातें करते रहे। फिर मम्मी ने मुझसे कहा के मेरा कोई भी बॉयफ्रेंड नहीं रहा है। तुम मेरे बॉयफ्रेंड बनोगे। फिलहाल तुम्हारी गर्लफ्रेंड की जगह भी खाली है।

 

फिर मैं बोला के आप मम्मी। फिर मम्मी के बोली के हाँ मैं। फिक्र मत करो तुम्हें पछताना नहीं पड़ेगा मुझे गर्लफ्रेंड बनाकर। फिर मैं बोला के ठीक है। फिर मम्मी बोली के ठीक है तो फिर सबसे पहले कुछ बातें साफ कर लेते है। पहली बात तो ये के जब हम अकेले होंगे तो तुम मुझे मम्मी कहकर नहीं बुलाओगे और ना ही मैं तुम्हें बेटा कहूँगी। तुम मुझे मेरे नाम से ही पुकारोगे। मम्मी का नाम कोमल है। दूसरी बात अगर हममे से किसी ने एक दूसरे को मम्मी और बेटा कहा तो उसे इसकी सजा मिलेगी और ये सजा कुछ भी हो सकती है। तीसरी बात तुम मुझे अपनी गर्लफ्रेंड की तरह ही ट्रीट करोगे और मैं भी तुमसे अपने बॉयफ्रेंड की तरह ही मिलूँगी। चौथी बात अब से हमारी नई जिंदगी की शुरुआत हो रही है तो हम अपनी पिछली जिंदगी को भूल जाते है। फिर ये बाते सुनकर मैंने मम्मी को ओके कहा। मेरी मम्मी दिखने मे भरे बदन की है और चेहरा भी सुंदर है। मम्मी काफी हंसमुख भी है। फिर हम बातें वगेरह करके नीचे जाने लगे तो फिर मैंने मम्मी को अपना सीने से लगा और फिर मम्मी से कहा के गुड नाइट कोमल। तो मम्मी ने भी मुझे गुड नाइट कहा। फिर हम एक दूसरे की कमर मे हाथ डाले डाले नीचे आए और फिर आकर लेट गए। तब तक पापा और बहन दोनों सो चुके थे। फिर अगले दिन मैं दुकान पर चला गया। फिर मैं दिन में दुकान से टाइम निकालकर मार्केट गया और मम्मी को गिफ्ट देने के लिए एक गोल्ड की चेन लेकर आया। 

 

फिर उस दिन शाम को मैं और मम्मी छत पर मिले तो मैंने मम्मी को वो चैन दी और फिर अपने हाथों से मम्मी को वो चेन उनके गले में पहनाई। वो चेन मम्मी को काफी पसंद आई और वो काफी खुश हुई। फिर हम एक दूसरे के सामने देखने लगे। फिर मैं अपना मुंह मम्मी के मुँह के पास ले गया तो फिर मम्मी ने अपनी आँखें बंद कर दी और मैं मम्मी को देखता रहा। फिर मैंने अपने होंठ मम्मी के होंठों पर रख दिए और फिर हम लिप किस करने लगे। मैं लगभग 5 मिनट तक मम्मी से लिप किस करता रहा। मम्मी भी मेरा साथ देती रही। फिर मैंने मम्मी के होंठों से अपने होंठ हटा लिए तो मम्मी मेरे लगे से लग गई। फिर मम्मी और मैं एक दूसरे से थोड़े शर्माने लगे लेकिन फिर कुछ ही देर में हम बातें करने लगे तो सब नॉर्मल हो गया। फिर मम्मी ने मुझसे कहा के बेटा मैं ये सबके समाने नहीं पहन सकती। अगर तुम्हारे पापा ने देख लिया तो वो सौ तरह के सवाल पूछेंगे। फिर मैं मम्मी से बोला के तो मैं आपको ऐसी क्या चीज लाकर दूँ जो सबको दिखाई ना दे। फिर मैं मम्मी के बोबो की तरह देखने लगा। फिर मैंने मम्मी से उनका साइज़ पूछा तो मम्मी ने बता दिया। फिर मैंने मम्मी से कहा के आपने मुझे बेटा भी बोल दिया तो अब आपको वो ही करना पड़ेगा जो मैं कहूँगा। फिर मम्मी बोली के क्या करना पड़ेगा। फिर मैं मम्मी से बोला के आपके लिए कल मैं जो भी लेकर आऊँगा वो आपको पहनकर दिखाना पड़ेगा। फिर मम्मी हँसकर बोली के ठीक है। फिर हम नीचे आकर लेट गए। लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी। फिर मैंने मम्मी को बिकीनी का स्टिकर भेजा और साथ में ये स्टिकर  😍 भेज दिया। फिर मम्मी ने रिप्लाइ दिया के कल देख लेना। फिर मम्मी ने फिर एक मैसेज भेजा के अगर अभी देखना चाहते हो तो मैं अपनी दूसरी ब्रा पैंटी पहनकर आ जाती हूँ। फिर मैंने कहा के नहीं मैं कल तक का इंतजार कर लूँगा। फिर हम सो गए। 

 

अगले दिन मैं फिर से मार्केट गया और मम्मी के लिए के बिकीनी लेकर आया। वो बिकीनी दिखने मे ऐसी थी। 

 

 

 

हालांकि मम्मी का फिगर इस लड़की जैसा नहीं था लेकिन फिर भी मम्मी को ऐसी बिकीनी में देखकर मैं काफी गरम हो गया था। फिर मम्मी ने बहन को भी ये बात बता दी के मैं मम्मी के लिए ब्रा पैंटी या बिकीनी लाने वाला हूँ। फिर बहन ने मम्मी से कहा के मैं आपको तैयार कर दूँगी। फिर आप भाई के सामने जाओगी तो भाई के तो होश उड़ जाएंगे। ये सुनकर मम्मी हंसने लगी। फिर शाम को जब मैं घर पर आया तो मैं अपने कमरे में गया और साथ में मम्मी को इशारा करके बुलाया। फिर मम्मी मेरे कमरे मे आ गई तो मैंने मम्मी को कमर में हाथ डालकर अपने से चिपका लिया और फिर मम्मी से कहा के कोमल जान आज ये पहनकर आना। फिर मैंने मम्मी को वो बिकीनी दी। फिर मम्मी को उस बिकीनी के ऊपर एक लड़की का फोटो था जिसमें वो वही बिकीनी पहने थी। तो मम्मी को आइडिया हो गया था के बिकीनी कैसी है। फिर मैंने मम्मी से कहा के तुम नीचे से ही यही बिकीनी पहनकर ऊपर आना। फिर मम्मी बोली के ठीक है। फिर मैं मम्मी को अपनी बाहों में लेकर खड़ा था और मम्मी के हाथ में बिकीनी का पैकेट था तो तभी बहन वहाँ आ गई और हमें देखकर वो हंसने लगी। फिर वो चली गई तो मम्मी ने बताया के उस सब पता है। फिर मैंने थोड़ा ऐक्टिंग करते हुए कहा के क्या। फिर मम्मी बोली के हाँ। फिर मम्मी ने कहा के ये बात सिर्फ हम तीनों ही जानते है। फिर मैंने मम्मी के सामने ऐसी ऐक्टिंग की ताकि मम्मी को लगे के मुझे पता नहीं था। 

 

मम्मी उस दिन काफी खुश थी और सब काम जल्दी जल्दी कर रही थी। फिर बहन मेरे पास आई और बोली के तुम आज ही मम्मी से करोगे क्या। फिर मैं बोला के अभी पता नहीं। फिर बहन बोली के तुम पहली बार कर रहे हो और ऊपर ठीक से नहीं होगा। इससे अच्छा तुम कल दुकान मत जाना और फिर दिन में कमरे में अच्छे से कर लेना। आज सिर्फ चूमा चाटी कर लेना और मम्मी से कह देना के आज कोंडोम नहीं है तो सेक्स नहीं करेंगे। मुझे भी बहन की ये बात सही लगी तो मैं बोला के हाँ ऐसा ही करेंगे। फिर खाना खाने के बाद मैं तो ऊपर चला गया और फिर मम्मी का इंतजार करने लगा। फिर काफी देर हो गई तो मैंने मम्मी को फोन किया तो बहन ने फोन उठाकर कहा के आ रही है अभी मम्मी। फिर कुछ देर बाद मम्मी आ गई और आकर मेरे सामने खड़ी हो गई। मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा था के मम्मी मेरे सामने बिकीनी में खड़ी है। फिर मम्मी घूम घूमकर मुझे अपने बदन के दर्शन करवाने लगी। मम्मी ने तब बालों का जुड़ा कर रखा था और कानों में बड़ी बड़ी बालिया थी और पैरों में हाई हील के सेंडल पहन रखे थे। मेकअप वगेरह भी कर रखा था तो मम्मी काफी सेक्सी लग रही थी। फिर मैं उठा और जाकर मम्मी को अपनी बाँहों में ले लिया और फिर मम्मी से लिप किस करने लगा। फिर मैंने बिकीनी मे से ही मम्मी के बोबे बाहर निकाल लिए और चूसने लगा। फिर मैंने मम्मी की पैंटी की डोरी खोल दी तो फिर पैंटी मम्मी के कदमों में जा पड़ी। मम्मी की शैव की हुई चिकनी चुत देखकर मैं पागल हो गया। फिर मैं मम्मी को लेकर कुर्सी की तरफ जाने लगा तो मम्मी बोली के रुको। फिर मम्मी एक साइड से गद्दा लाकर फर्श पर लगा दिया। फिर मैंने पूछा के ये कहाँ से आया तो मम्मी बोली के ये मैंने दिन में ही यहाँ रख दिया। 

 

ये सुनकर मैं और गरम हो गया। फिर मैं मम्मी के पास गया तो मम्मी घुटनों के बल बैठ गई और मेरे अंडरवियर को उतारकर मेरे लंड को सहलाने लगी और फिर चूसने लगी। फिर मैंने अपनी टी-शर्ट उतार दी और फिर अपने अंडरवियर को भी अपने पैरों से निकालकर अलग कर दिया। फिर मैंने मम्मी की ब्रा की डोरी खोलकर ब्रा को उतार दिया। अब हम दोनों पूरे नंगे हो चुके थे। मम्मी मेरा लंड चूसे जा रही थी। फिर मैंने मम्मी को लेटाया और मम्मी की चुत और गाँड चाटने लगा। फिर मम्मी और मैं बहुत ज्यादा गरम हो गए तो फिर मैं अपना लंड मम्मी की चुत पर लगाकर सहलाने लगा। मम्मी बुरी तरह तड़पने लगी और फिर मुझसे बोली के अब जल्दी से अंदर डाल दे। फिर मैंने देर ना करते हुए लंड मम्मी की चुत में डाल दिया तो मम्मी को एक बार काफी दर्द हुआ और मम्मी काफी आवाज करने लगी। लेकिन फिर मैंने मम्मी के मुँह पर अपना मुँह पर रख दिया तो मम्मी की आवाज मेरे मुँह में ही दबकर रह गई और मैं धक्के लगाते रहा। फिर कुछ ही देर मे मम्मी सिसकारियाँ लेने लगी। फिर मम्मी ने मुझसे पूछा के कोंडोम लाया है क्या। फिर मैंने कहा के नहीं। फिर मम्मी बोली के तो कल मुझे पिल ला देना। फिर मैं बोला के ठीक है। फिर मैं मम्मी की चुत मारता रहा और फिर हम एक साथ ही झड़ गए और मैंने सारा पानी मम्मी की चुत में डाल दिया। फिर मैं कुछ देर मम्मी के ऊपर ही लेटा रहा और फिर मैं साइड मे होकर सो गया। हम दोनों काफी बुरी तरह से हाँफ रहे थे। फिर मम्मी मेरी छाती पर सिर रखकर मुझसे चिपकर सो गई। 

 

फिर हम शांत हुए तो फिर मम्मी मेरा लंड सहलाने लगी। फिर मेरा लंड आधा खड़ा हो गया तो फिर मम्मी जाकर मेरा लंड चूसने लगी और पूरा खड़ा कर दिया। फिर मैंने मम्मी को घोड़ी बनाया तो मम्मी बोली के गाँड मे मत डालना। फिर मैं बोला के नहीं डालूँगा। फिर मैं पीछे से मम्मी की चुत में डालकर करने लगा। मम्मी की गाँड तब मेरे हर एक झटके के साथ काफी हिल रही थी। ये देखकर मैं काफी गरम हो गया और फिर मैं मम्मी की कमर पकड़कर जोर जोर से धक्के लगाने लगा और फिर मैं झड़ गया। फिर मैं लेट गया और मम्मी मेरे ऊपर आकर लेट गई। फिर मम्मी मुझसे लिप किस करने लगी और फिर मेरे पूरे बदन को चूमने लगी। फिर मैंने मम्मी को नीचे सुला लिया और फिर मम्मी के बदन को चूमने लगा। फिर मैंने अपना लंड मम्मी के बोबो के बीच डाल दिया तो फिर मम्मी अपने बोबो से मेरे लंड को सहलाने लगी। फिर मैं काफी गरम हो गया तो फिर मैं मम्मी को चोदने लगा। इस प्रकार मैंने उस रात मम्मी को पाँच बार चोदा। फिर हम वहीं सो गए। फिर सुबह सुबह 4 बजे बहन ऊपर आई और हमे उठाने लगी। फिर उसने नीचे जाकर सोने के लिए कहा। फिर उसने मुझे अपना अंडरवियर दिया तो मैं अंडरवियर पहनने लगा और फिर उसने बाकी के मेरे कपड़े और मम्मी की बिकीनी उठा ली और फिर हम नीचे आने लगे। मम्मी तब नंगी ही थी। फिर नीचे आकर मम्मी दूसरे कमरे मे जाकर कपड़े पहनने लगी और बहन ने मुझे मेरी टि-शर्ट और हाफ पैंट दे दी तो फिर वो मैं कमरे से बाहर खड़े होकर पहनने लगा और फिर मैं अंदर जाकर लेट गया। फिर कुछ देर बाद मम्मी और बहन आई। मम्मी ने तब कपड़े पहन लिए थे। फिर वो दोनों भी आकर लेट गए। 

 

फिर मम्मी तो सुबह जल्दी उठ गई क्योंकि पापा को दुकान जाना था। फिर मैंने पापा से कहा के आज मैं नहीं आउँगा तो पापा बोले के ठीक है। फिर पापा तो चले गए और मैं फिर से सो गया। फिर 11 बजे के लगभग मम्मी मुझे उठाने आई और साथ मे चाय लेकर आई। फिर मैं उठा तो मम्मी ने रात वाली ही बिकीनी पहन रखी थी। फिर मम्मी को बिकीनी में देखकर मैंने मम्मी को बिस्तर पर खींच लिया और अपनी गोद में बैठा लिया। फिर तभी वहाँ बहन भी आ गई और उसने भी बिकीनी पहन रखी थी। उसे बिकीनी में देखकर मैं कुछ समझ नहीं पाया। फिर मम्मी ने मुझसे कहा के इसे भी बिकीनी पहननी थी तो फिर मैं बोली के अब तेरी माँ भी बिकीनी में घूम रही है तो तू भी पहन ले। अगर तुम्हें पसंद नहीं है तो ये नहीं पहनेगी। फिर मैं बोला के अगर इसे पसंद है तो पहन ले। मुझे कोई दिक्कत नहीं है। फिर ये सुनकर बहन काफी खुश हुई और फिर वो मेरे पास बिस्तर पर आई और मुझे अपने गले से लगा लिया और फिर वो वहीं बैठ गई। दोनों माँ बेटी मेरे सामने बिकीनी मे बैठी थी ये देखकर मेरा लंड खड़ा होना शुरू हो गया था। फिर मम्मी खड़ी होकर जाने लगी और बोली के जल्दी से घर का काम कर लेती हूँ। फिर ये सुनकर बहन बोली के हाँ हाँ जल्दी से काम करके आराम कर लेना रात को काफी मेहनत की है। ये सुनकर मम्मी हंसने लगी और फिर वहाँ से चली गई। फिर मम्मी के जाने के बाद मैं चाय पीकर बहन के साथ घर के पीछे की तरफ चला गया और फिर बहन मेरे से चिपक गई। फिर मैं भी गरम हो गया तो फिर मैं बहन को वहीं घोड़ी बनाकर चोदने लगा। फिर चुदाई के बाद बहन अपनी बिकीनी वापिस पहनकर एक्सरसाइज़ करने लगी और मैं वहाँ से आ गया। 

 

मम्मी तब किचन में थी। तो फिर मैं किचन में चला गया और मम्मी के पीछे खड़ा होकर मम्मी के बोबो को सहलाने लगा और ब्रा निकाल दी। फिर मम्मी बोली के मैं जल्दी से काम कर लेती हूँ तू भी नहा ले। फिर करेंगे हम। फिर इतने में बहन वहाँ आ गई तो मम्मी वैसे ही खाना बनती रही। फिर बहन मम्मी से बात करके वापिस चली गई। फिर मुझे सब पता था लेकिन फिर भी मैंने मम्मी से पूछा के आप बहन के सामने कब से नंगी रहने लगी हो। फिर मम्मी ने मुझे सब बताया के कैसे मम्मी ने और बहन ने एक दूसरे से किया था। फिर ये सुनकर मैंने हैरान होने की ऐक्टिंग की। फिर मम्मी ने मुझसे कहा के वो अब जवान हो गई है तू भी उसका ध्यान रखा कर। वो अभी कुंवारी है। उसे मैं बता रही हूँ के कैसे शादी के बाद अपने पति को खुश रखना है। फिर मैं बोला के चलो अच्छा है हमें बहन से कुछ भी छुपने की जरूरत नहीं है। फिर मम्मी बोली के हाँ। फिर मैं नहाने चला गया और फिर बहन भी नहा ली। फिर मैंने नहाकर सिर्फ हाफ पैंट पहन लि और बहन ने फिर से एक बिकीनी पहन ली। फिर मम्मी नहाकर आई तो वो नंगी ही आ गई। मम्मी को नंगी देखकर हममे से किसी ने मम्मी से कुछ नहीं कहा। फिर खाना खाने के बाद मैं और मम्मी तो कमरे में आ गए और बहन बर्तन वगेरह साफ करने लगी। कमरे मे आते ही मैं मम्मी कर ऊपर आकर मम्मी की चुत मे डालकर करने लगा। तभी वहाँ बहन भी आ गई और आकर बैठ गई और अपने फोन मे लग गई तो मैंने हमारे ऊपर एक कंबल ले लिया और मैं लगातार मम्मी से करता रहा। फिर मैं झड़ गया तो फिर मैं और मम्मी कंबल ओढ़कर सो गए। 

 

हम एक दूसरे से बात करने लगे और बहन भी हमसे बातें करने लगी। फिर मैंने पीछे से मम्मी की गाँड मे उंगली डाल दी और फिर मम्मी से गाँड मे करने के लिए कहने लगा तो मम्मी बोली के नहीं मुझे दर्द होगा। फिर मैं बोला के नहीं होगा। फिर मैंने कहा के तुम मेरे लिए इतना दर्द नहीं सहन नहीं कर सकती तो फिर मम्मी मान गई। फिर मम्मी ने बहन से तेल वाली बोतल मँगवाई और फिर बहन जब तेल वाली बोतल ले आई तो फिर मम्मी ने मुझसे कहा के तेल लगाकर करना कुछ तो दर्द कम होगा। फिर बहन मम्मी से कहने लगी के रात को कोंडोम लगाकर किया था या ऐसे ही। फिर मम्मी बोली के ऐसे ही किया था। फिर मम्मी ने कहा के तु मुझे बाजार से पिल ला देना शाम को। फिर मैं बोला के ठीक है। फिर मम्मी घोड़ी बन गई तो मैंने पहले मम्मी की गाँड मे तेल लगाया और फिर अपने लंड पर लगाने लगा। बहन तब वहीं खड़ी थी। उसे ना तो मम्मी ने जाने के लिए कहा और ना ही मैंने और ना ही वो खुद गई। फिर मैंने अपने लंड पर काफी सारा तेल लगाया और फिर लंड मम्मी के गाँड के छेद पर लगा दिया और फिर अंदर डालने लगा तो मम्मी को दर्द होने लगा और मम्मी आगे की और होने लगी तो मैंने मम्मी को कसकर पकड़ लिया और फिर मैंने आधा लंड मम्मी की गाँड में डाल दिया तो मम्मी की आँखों में आँसु आ गए। फिर ये देखकर बहन मम्मी के मुँह क पास बैठ गई और मम्मी के आँसू पोंछने लगी और फिर मुझसे कहने लगी के आराम से डाल मम्मी को दर्द हो रहा है। फिर मैंने पूरा लंड अंदर डाल दिया। जिससे मम्मी जोर से चिल्लाई और रोने लगी। फिर बहन ने मम्मी के मुँह को अपनी छाती से लगा लिया और मम्मी को चुप करवाने लगी और मैं लगातार मम्मी की गांड मारता रहा। 

 

फिर मैं झड़ने लगा तो सारा पानी मम्मी की गाँड मे डाल दिया और फिर लंड बाहर निकालकर मम्मी और बहन के सामने ही अपने लंड को हाथ से सहलाने लगा। फिर मम्मी लेट गई और बहन भी मम्मी के साथ लेट गई। फिर बहन ने मुझसे बाजार जाकर पिल, कोंडोम और पेनकिलर लाने के लिए कहा तो फिर मैं मार्केट चला गया और ये सब ले आया। फिर आया तो देखा के मम्मी उलटी लेटी हुई है और बहन मम्मी के गाँड के छेद की सिकाई कर रही है। फिर मैंने मम्मी को पेनकिलर दी और साथ में पिल भी दी। मैंने कोंडोम वहीं छोड़ दिए तो फिर बहन कोंडोम उठाकर देखने लगी। फिर मम्मी ने जब बहन को देखा तो मम्मी बोली के तुम्हें पता है कोंडोम कैसे लगाते है। फिर बहन बोली के नहीं। फिर मम्मी ने एक कोंडोम निकालने के लिए कहा तो बहन ने  एक कोंडोम निकाल लिया। फिर बहन ने निकालकर मम्मी को दे दिया तो फिर मम्मी ने कोंडोम को अपनी बीच वाली उंगली पर लगाकर पूरा नीचे तक कर दिया। फिर मम्मी बहन से कहने लगी इसकी चिकिनी साइड ऊपर रहनी चाहिए। ये देखकर बहन मुस्कुराने लगी। फिर पेनकिलर से कुछ ही देर में मम्मी का दर्द दूर हो गया तो फिर मम्मी उठकर पेशाब करने जाने लगी। लेकिन गाँड का छेद सूज गया था और चलते टाइम दर्द भी हो रहा था तो फिर बहन मम्मी को सहारा देकर टॉइलेट ले गई और फिर वापिस लेकर आई और फिर लाकर बेड पर सुला दिया। फिर मैं जाकर मम्मी के साथ रजाई में लेट गया और बहन भी मम्मी की दूसरी साइड लेट गई। फिर हम सब सो गए। 

 

फिर दोपहर बाद मुझे जाग आई तो मैं मम्मी की चुत सहलाने लगा। फिर मम्मी को भी जाग आ गई तो फिर वो एक हाथ से मेरे लंड को सहलाने लगी। फिर मैं मम्मी के ऊपर आ गया और फिर मम्मी की चुत में डालकर करने लगा। फिर मम्मी सिसकारियाँ लेने लगी तो फिर बहन भी जाग गई। फिर बहन मम्मी की चुत से मेरा लंड अंदर बाहर होता हुआ देखने लगी। हमे देखकर बहन भी हमारे सामने ही अपनी चुत सहलाने लगी। फिर मैं झड़ने वाला हुआ तो मैंने मम्मी से कोंडोम लगाने के लिये कहा तो फिर मम्मी ने एक कोंडोम निकाला और फिर मेरे लंड पर अपने हाथों से चढ़ाया और फिर मैंने लंड वापिस मम्मी की चुत मे डालकर करने लगा और फिर मैं झड़ गया। फिर झड़ने के बाद मैंने लंड बाहर निकाला तो फिर मम्मी ने मेरे लंड पर से कोंडोम निकाला और उसे गांठ मारकर बहन को दे दिया और उसे बाहर डालकर आने के लिए कहा तो फिर बहन अपनी चुत सहलाती हुई गई और फिर डालकर वापिस आ गई। बहन को चुत सहलाता देख मम्मी उठी और फिर बहन के पैरों के बीच जाकर उसकी पैंटी को साइड करके उसकी चूत चाटने लगी और फिर कुछ देर बाद ही बहन भी झड़ गई तो फिर मम्मी उसकी चुत पर पैंटी किए बगैर ही लेट गई और बहन ऐसे ही पैर फैलाए लेटी रही और उसकी चुत साफ दिखने लगी। फिर शाम को पापा आने वाले हुए तो हम सबने कपड़े पहन लिए और तब तक मम्मी की गाँड की सुजन भी कम हो गई थी तो फिर मम्मी की चाल भी थोड़ी सही हो गई। 

 

फिर शाम को खाना वगेरह खाकर हम लेट गए। मम्मी और बहन एक साथ सोई थी और मैं और पापा बेड पर सोये थे।  फिर मैं और मम्मी व्हाट्सप्प पर बात करने लगे। मम्मी मुझे अपनी नंगी सेल्फ़ी फोटो भेजने लगी। फिर मैंने भी फोन रजाई मे ले जाकर अपने खड़े लंड की फोटो खींचकर भेज दी तो फिर मम्मी और बहन मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी। फिर मम्मी ने मुझे अपने पास बुलाया तो फिर मैंने मम्मी से कहा के पापा के सोने के बाद आऊँगा। तब पापा का मुँह दूसरी तरफ था। फिर मम्मी बोली के तेरे पापा सो गए है। उन्हे मैंने आज दो नींद की गोली दी है तो वो अब सुबह ही उठेंगे। फिर मैंने गर्दन उठाकर पापा की तरफ देखा तो पापा सच मे सो गए थे। फिर मैंने मम्मी और बहन की और देखा तो उनकी रजाई उनकी कमर तक थी और उन दोनों के बोबे दिख रहे थे। वो दोनों एक दम नंगी सोई थी। फिर मैंने भी अपने सब कपड़े खोल दिए और फिर नंगा होकर बेड से उतरकर मम्मी के पास जाकर लेट गया। फिर जाते ही मम्मी ने बहन के सामने ही मेरा लंड पकड़कर सहलाने लगी। बहन भी ऊपर से नीचे तक बिल्कुल नंगी थी। फिर मम्मी कहने लगी के तेरी बहन ने मेरी किस्मत ही खोल दी। उसने ही मुझे तुझसे करने के लिए कहा था। फिर मम्मी बहन से कहने लगी के तुझे क्या चाहिए बोल। मैं तुझे जो मांगेगी वो देने के लिए तैयार हूँ। फिर बहन बोली के बस आप खुश रहो समझो मुझे सब कुछ मिल गया। फिर ये सुनकर मम्मी ने बहन के माथे पर किस किया और फिर मम्मी मेरी तरफ करवट लेकर लेट गई और फिर बहन भी मम्मी के पीछे से चिपक कर लेट गई। फिर मम्मी ने हमारे ऊपर से रजाई हटा दी और फिर मेरे लंड को हाथ मे लेकर गौर से देखने लगी। साथ में बहन भी देख रही थी। मम्मी मेरे लंड के पीछे बिल्कुल पागल हो चुकी थी। उन्हे बस मेरे लंड के सिवा कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। 

 

फिर मम्मी को पेशाब आने लगा तो फिर मम्मी उठकर पेशाब करने चली गई और बहन मेरे से लगकर लेट गई। फिर मम्मी के जाने के बाद बहन मेरा लंड सहलाने लगी और मम्मी के आने तक सहलाती रही। फिर मैं बहन के बूब चूसने लगा। फिर तभी मम्मी आ गई और मम्मी ने मुझे बहन के बूब चूसते हुए देख लिया तो फिर मम्मी कहने लगी के अरे क्यों इसके चूस चूस कर बड़े कर रहा है। आगे ही काफी बड़े हो गए है। फिर मम्मी ऐसा कहती हुई बेड पर आकर लेट गई। इस बार मम्मी दूसरी साइड लेट गई थी इस कारण बहन हमारे बीच मे आ गई। फिर मम्मी बहन की चुत सहलाने लगी। फिर बहन गरम होने लगी तो फिर मम्मी बहन की चुत चूसने लगी। फिर मैं बहन के बोबे दबाने लगा और चूसने लगा। कई देर चूसने के बाद भी बहन नहीं झड़ी तो फिर मम्मी ने चूसना छोड़ दिया और कहने लगी के आज तू कब झड़ेगी। ये सुनकर बहन हंसने लगी। फिर मैं बहन की चुत में उंगली डालकर करने लगा तो बहन को मजा आने लगा और वो सिसकारियाँ लेने लगी। फिर मैं मम्मी से बोला के कोमल तुम ऊपर जाकर बिस्तर तैयार करो मैं आता हूँ अभी। फिर मम्मी खड़ी होकर ऊपर जाने लगी। फिर मैं बहन के ऊपर आकर उसकी चुत चूसने लगा और फिर लंड डालकर उसकी चुत मारने लगा। जिस कारण बहन काफी गरम हो गई और वो झड़ गई। फिर मैं बहन से बोला के तुम सो जाओ अब मैं और मम्मी चुदाई करके आते है। फिर ये कहकर मैं अपना लंड सहलाता हुआ ऊपर चला गया। 

 

फिर ऊपर जाते ही मैं दोनों हाथों से मम्मी के बोबो को दबाने लगा और उनके बदन को मसलने लगा। मम्मी को भी मजा आने लगा। फिर मैंने अपना लंड मम्मी की चुत में डाल दिया और करने लगा। फिर कुछ देर चुत मे करने के बाद घोड़ी बनाकर गाँड मे करने लगा। फिर मैं झड़ने लगा तो मैंने सारा पानी गांड मे डाल दिया। फिर मम्मी मेरे से चिपकर कर मेरा लंड पकड़कर लेट गई। अब मम्मी मेरी पूरी गुलाम थी तो फिर मेरे मन में मम्मी को अलग अलग पोज में चोदने का ख्याल आया। फिर मम्मी ने चूसकर मेरा लंड खड़ा कर दिया तो फिर मैंने मम्मी को दीवार के सहारे खड़ा किया और चोदने लगा। फिर मैंने मम्मी को अपनी गोद मे उठा लिया और फिर खड़े खड़े ही उनकी चुत मे डालकर करने लगा। मैंने पूरी छत पर कोई ऐसी जगह नहीं छोड़ी जहां मैंने मम्मी से ना किया हो। गर्मी का टाइम था तो मैं और मम्मी पूरा पसीने से भीग गए। फिर चुदाई के बाद मम्मी बोली के मजा आ गया आज तो। तुम मुझे, मैं मरूँ ना तब तक ऐसे ही चोदते रहना। फिर मैं बोला के ठीक है। फिर मम्मी मेरे गले से लग गई और उनके बोबे मेरी छाती में धंस गए। फिर हम दोनों नीचे आए तो मम्मी ने नहाकर सोने के लिए कहा। फिर मैं और साथ में नहाए और एक दूसरे को खूब रगड़ रगड़ कर नहलाया। फिर हम नहाकर कमरे में आए तो देखा के बहन नंगी ही सोई हुई थी। फिर मम्मी ने उसे उठाया और फिर उसे उसके कपड़े दिए तो वो अपने कपड़े पहनने लगी और पहनकर सो गई और फिर मम्मी अपने कपड़े लेकर मेरे पास आ गई और फिर मेरे और पापा के बीच में सो गई। 

 

पास मे पापा सोये थे और इधर मैं मम्मी के बोबे सहलाने लगा और फिन उनकी चुत में उंगली करने लगा। मम्मी ने रजाई ओढ़ रखी थी जिसके उनके आधे बोबे रजाई से बाहर थे और आधे रजाई के अंदर। तब मम्मी बहुत सेक्सी लग रही थी। फिर मुझसे रहा नहीं गया तो फिर मैं खड़ा हो गया और मम्मी के दोनों बोबो के बीच अपना लंड डाल दिया तो फिर मम्मी अपने दोनों बोबो को अपने हाथों से पकड़कर अपने बोबो से मेरे लंड को सहलाने लगी। तब पापा का मुँह हमारी तरह ही था तो मम्मी बार बार पापा की तरफ देख रही थी और मुस्कुरा रही थी और साथ मैं मेरा लंड सहला रही थी। फिर मैं फुल गरम हो गया तो फिर मैंने मम्मी को करवट लेकर सुलाया और फिर पीछे से उनकी गाँड मे डालकर धक्के मारने लगा। हर एक धक्के के साथ  उनके बोबे हिल रहे थे। पहले मम्मी पापा से थोड़ी दूर सोई थी। फिर मैंने मम्मी को पापा के बिल्कुल पास जाकर सोने के लिए कहा तो फिर मम्मी पास जाकर लेट गई। तब मम्मी के बोबे पापा के इतने पास थे अगर वो आँख खोले तो उन्हे सबसे पहले मम्मी के बोबे ही दिखाई दे। फिर मैं फिर से मम्मी की गाँड मे लंड डालकर करने लगा। तब हम दोनों बिल्कुल नंगे थे। हमने अपने ऊपर की रजाई उतार दी थी। फिर मैं मम्मी के ऊपर आकर मम्मी की चुत मारने लगा और फिर झड़ने लगा के तो मैं लंड बाहर निकालकर झड़ने लगा। जिससे की मेरे लंड की पिचकारी मम्मी के मुँह तक चली गई। फिर उन्होंने अपने कपड़ों से अपने पेट को अपने बोबो को और अपने मुँह को पोंछा और फिर वो कपड़े पहनने लगी और फिर मैंने भी कपड़े पहन लिए। तब रात के 2 बज रहे थे। फिर हम सो गए। 

 

फिर अगले दिन से मैं वापिस दुकान पर जाने लगा। फिर मैं हफ्ते में कोई बहाना मारकर छुट्टी मार लेता और फिर घर पर रहकर मम्मी की चुदाई करता। मम्मी भी अब मेरे साथ काफी खुल चुकी थी। फिर मम्मी ने मुझसे पूछा के तुम्हें अपने बाप के सामने उसकी बीवी को चोदने में ज्यादा मजा आता है क्या। फिर मैंने कहा के हाँ। फिर बहन एक दो के लिए अपनी सहेली के यहाँ रहने चली गई। तो फिर उस दिन शाम को मम्मी ने पापा को तीन नींद की गोलियां दे दी। जिस कारण पापा गहरी नींद में सो गए। फिर मम्मी ने पापा को हिलाकर देखा तो पापा को गहरी  नींद आई हुई थी। फिर मम्मी ने पापा के ऊपर से रजाई हटाकर पापा की लूँगी और अंडरवियर खोल दी और फिर किसी तरह पापा का कुर्ता भी उतार दिया। फिर मम्मी नंगी होकर पापा के ऊपर जाकर घोड़ी बन गई और फिर मम्मी ने मुझसे चुदाई करने के लिए कहा तो फिर मैं मम्मी की चुदाई करने लगा। मम्मी के बड़े बड़े बोबे पापा के मुँह पर लटक रहे थे और मेरे धक्कों के साथ हिल रहे थे। फिर मम्मी पापा का लंड चूसने लगी और मैं मम्मी को चोदता रहा। फिर मम्मी पापा के एक साइड में करवट लेकर सो गई और पापा को भी अपनी तरफ करवट लेकर सुला लिया और फिर उन्हे अपने से चिपका लिया और अपना एक पैर उनके ऊपर रख दिया। मम्मी के बोबो के बीच में पापा का मुँह था। फिर मैं जाकर मम्मी से पीछे से चिपक गया और मम्मी की गाँड मे डालकर करने लगा। तब ऐसा लग रहा था जैसे पापा ने मम्मी की चुत में लंड डाल रखा है और मैंने मम्मी की गाँड में। ऐसे पोज में चोदकर मुझे काफी मजा आया। 

 

फिर करने के बाद मैं, मम्मी और पापा एक रजाई में ही नंगे सो गए। फिर कुछ देर बाद मम्मी ने वापिस पापा को कपड़े पहना दिए और फिर मम्मी मुझसे चिपक कर सो गई। फिर  हमें जोरों की नींद आने लगी तो फिर हम भी कपड़े पहनकर सो गए। फिर अगले दिन पापा के दुकान पर जाने के बाद मम्मी मुझसे बोली के हो गई तेरी इच्छा पूरी। फिर मैं मम्मी से बोला के कोमल तुम बहुत सेक्सी हो। तुम्हें चोदकर मेरा मन कभी भरता ही नहीं। फिर ये सुनकर मम्मी हंसने लगी। फिर मैंने मम्मी से कहा के आज मैं तुम्हें डिनर पर ले जाऊंगा। फिर दिन में हम मार्केट गए और मम्मी के लिए डिनर पर पहनकर जाने के लिए एक ड्रेस लेकर आए। वो ड्रेस मम्मी के घुटनों के काफी ऊपर तक थी और ऊपर से भी मम्मी के बोबो के उभार उसमें काफी दिख रहे थे। फिर शाम को पापा के आने के बाद मम्मी ने खाना वगेरह बना दिया और फिर मम्मी ने पापा से कहा के हम मंदिर में जागरण में जा रहे है तो फिर पापा बोले के जाओ। फिर कमरे से निकलने के बाद मम्मी ने वो लाई हुई ड्रेस पहनी। मम्मी उसमें काफी सेक्सी लग रही थी। फिर हम घर से बाहर निकले और फिर कार में बैठकर एक बढ़िया होटल में चले गए। फिर वहाँ हमने डिनर किया। मम्मी पहली बार ऐसे कपड़ों में बाहर आई थी तो मम्मी को काफी अच्छा लग रहा था। 

 

फिर मैंने मम्मी को पूरा होटल दिखाया। फिर मैंने मम्मी से कहा के कमरा बुक करके मस्ती करें यहाँ रात भर। फिर मम्मी बोली के आज नहीं फिर कभी। फिर हम वापिस घर आने लगे तो रास्ते में एक गोल गप्पे वाला खड़ा था। फिर मम्मी ने गोल गप्पे खिलाने के लिए कहा तो फिर मैंने मम्मी के बोबो की तरह इशारा करके कहा के मैं तो तुम्हारे इन दोनों गोल गप्पों को रोज खाता हूँ। फिर मम्मी बोली के तुम खाते हो आज मुझे भी खिला दो। फिर मैंने साइड में कार रोकी और फिर हम दोनों गोल गप्पे वाले के पास चले गए। वो मम्मी को देखकर देखता ही रह गया। फिर मम्मी गोल गप्पे खाने लगी। मम्मी ने 20-25 गोल गप्पे खा गई। एक गोल गप्पा मम्मी खा रही थी तो मम्मी के हाथ से छूट गया और जाकर मम्मी के बोबो पर गिर गया। जिससे मम्मी की सारी ड्रेस खराब हो गई और मम्मी के बोबो पर  गोल गप्पे का पानी लग गया। फिर मम्मी गोल गप्पे वाले के सामने ही अपनी ड्रेस नीची करके देखने लगी के जिससे उसे मम्मी के आधे से ज्यादा बोबे दिख गए और वो आँखें फाड़ फाड़ कर देखने लगा। फिर मैंने उसे पैसे दिए और फिर मम्मी से बोला के चलो घर पर साफ कर लेना। फिर मम्मी ऐसे ही कार में बैठ गई। फिर हम घर आने लगे। फिर घर थोड़ी दूर ही रहा था के के फिर मम्मी ने अपनी ड्रेस खोल दी और पूरी नंगी होकर कार में बैठ गई। फिर हम घर पहुंचे तो फिर मम्मी नंगी ही कार से उतरकर गेट खोल दिए और फिर मैं कार अंदर ले गया। फिर मम्मी ने कार से अपनी ड्रेस निकाली और फिर अंदर चली गई और जाकर नहाने लगी। 

 

फिर नहाने के बाद मम्मी ने पहनने वाले कपड़े अपने हाथ में लिए और फिर नंगी ही कमरे मे चली गई और जाकर लेट गई। तब पापा सोये हुए थे। फिर मैं भी जाकर नंगा ही सो गया। फिर मम्मी मेरे ऊपर आकर मेरे लंड पर बैठ गई और फिर ऊपर नीचे होकर करने लगी। फिर मम्मी झड़ गई तो फिर मैं भी झड़ गया और फिर हम कपड़े पहनकर लेट गए। फिर मैं और मम्मी एक दूसरे की तरफ देखने लगे और फिर मम्मी मुझसे लिप किस करने लगी और काफी देर तक करती रही। फिर हम सो गए। सुबह पापा तो जल्दी तैयार होकर दुकान पर चले गए तो उनके जाने के बाद मम्मी नंगी होकर घर में घूमने लगी। मम्मी को नंगी देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया तो फिर मैं मम्मी को मैं हाल में रखे सोफ़े पर लेटाकर चोदने लगा और कुछ देर बाद हम झड़ गए तो मम्मी फिर से काम करने लगी और मैं सोफ़े पर बैठकर मम्मी को देखने लगा और अपना लंड सहलाकर फिर से खड़ा करने लगा। तभी अचानक डोर बेल बजी तो मम्मी ने देखा के बहन आई है तो मम्मी ने नंगी ही जाकर गेट खोल दिया। मम्मी को नंगी देखकर बहन खुश हो गई और फिर अंदर आ गई। फिर उसने मुझे नंगा देखा तो वो बोली के लगता है आप दोनों ने मेरे पीछे से काफी मस्ती की है। ये सुनकर हम सब हंसने लगे। फिर बहन अपने कमरे में चली गई और मम्मी किचन में खाना बनाने लगी। फिर मैं भी बहन के कमरे में चला गया तो देखा के बहन कमरे में बेड पर नंगी सोई है। फिर मैं जाकर बहन के ऊपर लेट गया और अपना लंड का सुपाड़ा उसकी चुत पर रगड़ने लगा तो वो गरम हो गई। 

 

मैं भी गरम हो चुका था तो फिर मैं उसकी चुत मारने लगा और फिर उसे घोड़ी बनाकर चोदने लगा। बहन चुदते हुए बोली के भाई मैंने आपको काफी मिस किया था। फिर मैं बोला के मैंने भी। फिर मैं बहन की चुदाई करता रहा और फिर बहन कई बार झड़ गई। लेकिन मेरा झड़ने का कोई मूड नहीं था तो फिर मैंने बिना झड़े ही लंड बाहर निकाल लिया। फिर बहन खड़ी हुई और कमरे से बाहर चली गई। मैं कुछ देर तक बेड पर ही लेटा रहा और अपना लंड सहलाता रहा। फिर मैं जब बाहर आया तो देखा के बहन मम्मी से पीछे से चिपकी हुई और वो दोनों माँ बेटी बातें कर रही है। फिर मैं भी उनके पास चला और खड़ा होकर अपना लंड सहलाने लगा। वो दोनों माँ बेटी बिल्कुल नंगी एक दूसरे से चिपकी हुई बातें कर रही थी। ये देखकर मैं काफी गरम हो गया। फिर मैं उनके पास गया और मम्मी को अपनी गोदी में उठाकर सेल्फ पर बैठा दिया और फिर मम्मी को घोड़ी बनने के लिए कहा। तो फिर मम्मी घोड़ी बन गई तो मैं मम्मी की गाँड चाटने लगा। फिर थोड़ी देर गाँड चाटने के बाद मैंने मम्मी को सीधा किया और फिर उनकी चुत में लंड डालकर करने लगा। मम्मी की सिसकारियाँ पूरे किचन में गूंजने लगी और बहन पास खड़ी खड़ी हमें देख रही थी। फिर काफी देर चुदाई के बाद मैं मम्मी की चुत में ही झड़ गया और मम्मी से अलग हो गया। 

 

मैं और मम्मी हाँफ रहे थे। फिर ये देखकर बहन बोली के भाई आप काफी रोमांटिक हो। आपकी जिस भी लड़की से शादी होगी वो बहुत लकी होगी। ये सुनकर मैं और मम्मी मुस्कुराने लगी। फिर बहन ने मुझसे पूछा के तुम्हें कोई लड़की पसंद है क्या। फिर मैंने मम्मी की तरफ इशारा कर दिया। ये देखकर मम्मी हंसने लगी। फिर बहन के दिमाग में पता नहीं क्या विचार आया और उसने हमसे कहा के आप दोनों शादी कर लो। ये सुनकर मैं और मम्मी एक दूसरे की तरफ देखने लगे। फिर बहन बोली के जब तक भाई की शादी नहीं होती तब तक मम्मी आप भाई की बीवी बनकर रहना। आप दोनों मंदिर में जाकर शादी कर लो। फिर बहन मुझसे बोली के फिर आप मम्मी को हनीमून पर लेकर जाना और वहाँ खूब मस्ती करना। फिर बहन मम्मी से बोली के आप फिर असल में भाई की बीवी होगी और दिखावे के लिए आप पापा की बीवी होगी। ये सुनकर मम्मी को भी अच्छा लगा तो फिर मम्मी बहन से बोली के ये सब होगा कैसे। अगर किसी को पता चल गया तो। फिर बहन बोली के सब हो जाएगा। किसी को कुछ पता नहीं चलेगा। आप एक बार शादी करने के लिए तैयार तो हो जाओ। फिर मम्मी हँसकर बोली के इसमें पूछने वाली क्या बात है। मैं तो हमेशा से ही मेरे बेटा जैसा पति चाहती थी और फिर अपने पति के साथ बाहर घूमना चाहती थी। ये सुनकर बहन बोली के ये हुई ना बात। 

 

मेरी और मम्मी की शादी कैसे हुई और फिर हमने क्या क्या किया ये सब अगले भाग में बताऊँगा। तब तक के लिए आप से इजाजत लेता हूँ। आपको ये कहानी कैसी लगी। मुझे कमेन्ट में जरूर बताइएगा। 

 

अगला भाग : मम्मी से शादी और फिर शादी के बाद हमारी मस्ती

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