कामवासना डॉट नेट

-Advertisement-

फादर्स डे पर पापा की प्यास बुझाई - 1 
@Kamvasna 05 मई, 2023 9234

लंबी कहानी को बिना स्क्रॉल किए पढ़ने के लिए प्ले स्टोर से Easy Scroll एप डाउनलोड करें।

मैं हमेशा से ही पापा की परी रही हूँ और फिर कब मैं उनके लंड की भी परी बन गई पता ही नहीं चला। मैं दिखने में स्मार्ट हूँ और मेरा फिगर भी काफी सेक्सी है। मैं हर रोज कॉलेज जाने से पहले पापा के गले लगती और फिर हम दोनों बाप बेटी कुछ देर तक एक दूसरे से चिपके ही रहते है और फिर पापा मेरी कमर में हाथ डालकर खड़े हो जाते और हम कुछ देर तक बातें करते। ये हमारा रोज का काम था। तब मम्मी किचन में होती और पापा अपने कमरे में होते तो हम ज्यादा देर एक दुसरे से चिपके रहते और मम्मी के सामने हम बस गले लगते ही अलग हो जाते। 

 

मेरे पापा काफी अच्छे इंसान है और हमेशा सभी से अच्छे से पेश आते है। इसलिए मैंने इस सब पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। फिर कई बार गले लगते टाइम पापा के हाथ मेरी कमर की जगह मेरी गाँड पर चले जाते और पापा मुझे पकड़कर ऊपर उठा लेते तो मेरी गाँड उनकी हाथों के ठीक ऊपर होती। फिर पापा मुझे नीचे उतार देते और मेरी कमर पकड़कर खड़े हो जाते। फिर वो मेरी गालों पर किस भी कर देते और मैं भी उन्हे किस कर देती। मैं इसे पहले पापा का प्यार समझ रही थी लेकिन मैं गलत थी। वो मुझे काफी पसंद करने लगे थे। फिर मैंने सोचा के इसमें गलत क्या है। आखिर वो मेरे पापा ही तो है और वो भी मुझे काफी पसंद है। हम बाप बेटी एक दूसरे से काफी खुलकर बातें करते थे और हम काफी अच्छे दोस्त बन गए थे। 

 

 

वो मेरा काफी ख्याल रखते और मैं भी उनका ख्याल रखती। फिर इसी तरह चल रहा था। एक बार पापा मुझे कॉलेज छोड़ने गए तो उस दिन हम एक दूसरे से गले नहीं लगे थे। जिस कारण पापा थोड़े थोड़े उदास लग रहे थे। फिर जब मेरा कॉलेज आ गया तो मैं कार से उतरकर कॉलेज जाने लगी और तब मैंने पापा को देखा तो पापा उदास लग रहे थे और मुझे उनके उदास होने का कारण समझ में नहीं आ रहा था। फिर मुझे अचानक याद आया के आज हम एक दूसरे से गले नहीं मिले शायद इसलिए पापा उदास है। फिर मैं थोड़ी दूर जाकर वापिस मुड़ी और वापिस आकर कार में बैठ गई। तब हम कॉलेज के बिल्कुल सामने खड़े थे। फिर मैंने पापा से थोड़ा आगे चलने के लिए कहा जहां काफी पेड़ पौधे थे और वहाँ कोई आता जाता भी नहीं था। फिर वहाँ पहुंचकर हम दोनों बाप बेटी कार से उतरकर पेड़ों के पीछे चले गए। तब मुझे ऐसा लग रहा था जैसे के मैं अपने बॉयफ्रेंड के साथ हूँ। फिर पेड़ों के पीछे जाते ही मैं पापा से चिपक गई और फिर पापा ने भी मुझे पूरा कसकर पकड़ लिया। 

 

फिर पापा ने मेरी गालों पर किस करने लगे और करते ही रहे। मैंने भी पापा को किस करने दिए और मैंने भी उनका पूरा साथ दिया। फिर पापा ने उस दिन मुझसे पहली बार कहा के वो मुझे काफी पसंद करते है। फिर मैंने भी पापा को आई लव यू कहा और फिर हम एक दूसरे के चेहरे को देखने लगे। हम लगभग आधे घंटे तक एकदूसरे से चिपके रहे और फिर हम एक दूसरे से अलग हुए और फिर हम कार में आकर बैठ गए और फिर पापा मुझे कॉलेज में छोड़कर चले गए। फिर उस दिन के बाद से हम रोजाना ऐसे ही मिलने लगे। मुझे चुदाई के बारे में सब कुछ पता था और मेरी कई फ़्रेंड्स अपने बॉयफ्रेंड से चुदवा भी चुकी थी और मैं भी कोई बॉयफ्रेंड कि तलाश में ही थी तब। हम कुछ फ़्रेंड्स काफी क्लोज़ थी तो हम मजाक मजाक में एक दूसरे के बूब और गाँड सहला देती थी और फिर काफी हँसती थी। तब हम गरम हो जाती और हमारी चुत से पानी निकलने लग जाता था। फिर हम टॉइलेट में जाकर उंगली करके झड़ जाती। घर पर भी कई बार मैं उंगली करती और चूत में बैगन, खीरा जो भी मिलता डाल लेती। मैं अपनी फ़्रेंड्स के साथ मिलकर पॉर्न विडिओ भी देखती थी। इस सब के कारण मैं काफी खुल गई थी और मुझे भी अब बस एक लंड चाहिए था। 

 

फिर एक दिन पापा ने मुझसे बॉयफ्रेंड के बारे में पूछा तो मैंने कहा के नहीं है। ये सुनकर पापा खुश हो गए। मुझे भी पापा के साथ टाइम स्पेन्ड करना अब काफी अच्छा लगता था। जिस कारण मैं कोई न कोई बहाना ढूंढकर पापा के साथ ही रहती। मेरी मम्मी काफी गुस्से वाली है। जिस कारण मम्मी और पापा के बीच अनबन चलती ही रहती। पापा शांत स्वभाव के है इस कारण वो कुछ नहीं बोलते है जिस कारण ज्यादा लड़ाई नहीं होती है। फिर पापा ने मुझे बताया के मम्मी कभी उनके प्यार को समझ ही नहीं पाई और उनके बीच कभी भी प्यार जैसा कुछ था ही नहीं। ये सुनकर मैं समझ गई के पापा जिंदगी भर अकेले से रहे है और अब उन्हे मेरे साथ रहना अच्छा लगता है। ये सब जानकर मैं भी पापा पर जी भरकर अपना प्यार लुटाने लगी। फिर एक बार जब पापा मुझे कॉलेज छोड़ने गए तो मैंने उस दिन टी-शर्ट और जीन पहन रखे थे और मैं उनमें काफी सेक्सी लग रही थी। हालांकि उस दिन हमने घर पर एक दूसरे से गले मिले थे लेकिन फिर भी पापा ने कार लेजाकर एक सुनसान जगह पर खड़ी कर दी। फिर हम दोनों कार से उतरकर पेड़ों के पीछे चले गए। 

 

वहाँ जाते ही पापा ने मुझे कमरे से कमर पकड़कर ऊपर उठा लिया और मुझे कसकर पकड़ लिया। पापा ने मुझे पीछे से पकड़ा था जिस कारण मेरी टी-शर्ट में से मेरी ब्रा का उभार दिखने लगा था। फिर पापा ने अपने हाथ मेरी टी-शर्ट में डाल दिए और मेरी नंगी कमर को सहलाने लगे और सहलाते सहलाते मेरी अपने हाथ ऊपर सरकाने लगे। फिर मैंने सोचा के शायद पापा मेरी टी-शर्ट खोलना चाहते हो। ये सोचकर मैंने खुद ही अपनी टी-शर्ट ऊपर करके खोल दी और फिर टी-शर्ट जमीन पर डाल दी। तब मैं ब्लैक कलर की ब्रा पहन रखी थी। जिसमे मेरे गौरे गौरे बूब चमक रहे थे। पापा मुझे देखते ही रह गए और फिर उन्होंने मुझे खुद से चिपका लिया और मेरी कमर और मेरी पीठ को सहलाने लगे। फिर पापा ने मुझे के पेड़ के सहारे खड़ा कर लिया और फिर मेरे बूब को ब्रा के ऊपर से ही चूमने लगे और चूमते चूमते मेरी गर्दन तक आ गए। फिर उन्होंने मुझे उल्टा खड़ा किया और फिर मेरी पीठ को भी चूमने लगे। जिस कारण मैं काफी ज्यादा गरम हो गई और अपनी जीन का बटन खोलकर अपना हाथ अंदर डालकर अपनी चुत सहलाने लगी।

 

फिर जब पापा ने मुझे अपनी तरफ घुमाया और मुझे अपनी चुत सहलाते देखा तो फिर वो भी अपना लंड अपनी पैंट से बाहर निकालकर हिलाने लगे। चुत सहलाते टाइम मेरी जीन नीचे खिसक गई थी जिस कारण मेरी पैंटी साफ दीखने लगी थी और मैं अपनी चुत सहलाये जा रही थी। पापा मुझे देखकर अपना लंड हिला रहे थे। फिर पहले मैं झड़ गई तो मैंने अपना हाथ पैंटी से बाहर निकाला जो की मेरे पानी से सना हुआ था। फिर मैंने अपना हाथ अपनी पैंटी पर मसलकर साफ किया और फिर दोनों हाथ पीछे करके खड़ी हो गई। तब मेरी जीन मेरे घुटनों तक सरक चुकी थी। फिर पापा मेरी तरफ पीठ करके खड़े हो गए और अपना लंड हिलाते रहे। फिर पापा झड़ने लगे तो वो जोर जोर से आहे भरने लगे। ये सुनकर मैंने आँखें खोल ली तो मुझे पापा का लंड तो नहीं दिख रहा था लेकिन उनके लंड से निकलता हुआ पानी जरूर दिख रहा था। फिर पापा जब पूरे तरीके से झड़ गए तो फिर वो अपने लंड को अपनी पैंट में डालने लगे और फिर मैंने भी जीन ऊंची करके बटन बंद कर लिया और टी-शर्ट उठाकर पहनने लगी। 

 

फिर हम दोनों जाकर कार मैं बैठ गए और फिर पापा मुझे कॉलेज छोड़कर घर जाने लगे तो इसी बीच हमने थोड़ी बहुत बातचीत की। फिर मैं सारा दिन कॉलेज में सुबह जो हुआ उसी के बारे में सोचती रही और टॉइलेट में जाकर कई बार उंगली भी की। फिर शाम को जब कॉलेज से वापिस आई तो सबसे पहले जाकर पापा से मिली और उनसे हमेशा की तरह ही बातें करने लगी। जैसे के कुछ हुआ ही न हो। फिर उस दिन के बाद पापा मौका मिलने पर मेरे बोबो को सहला देते और मेरी गाँड भी दबा देते। मैं भी उन्हे कुछ नहीं कहती बस हंस देती। रात को हम सब एक साथ ही सोते थे। मैं पापा और भाई बेड पर सोते और मम्मी अलग सोती थी। मैं और पापा पास में सोते थे। फिर एक दिन रात को मेरी आँख खुली खुली तो देखा के पापा अपना लंड हिला रहे है और उनके फोन चालू था जिसमें की मेरी फोटो का स्लाईडशो चल रहा था। उस दिन मैंने पहली बार पापा का लंड देखा था। फिर जब पापा झड़ने लगे तो उनका पानी हवा में उछलने लगा और कमरे में यहाँ वहाँ गिरने लगा। हम रात को पास पास ही सोते तो पापा मुझसे चिपकर सोते और अपना हाथ मेरी कमर में डाल देते और मेरी गाँड को अपने लंड के सामने सेट करके सो जाते। उनका खड़ा लंड कई बार मेरी गाँड पर मुझे महसूस होता और हम सारी रात ऐसे ही लेटे रहते। 

 

मेरी चुत भी अब लंड चीख चीख कर मांग रही थी तो एक रात मैं पापा के लंड को पैंट के ऊपर से ही मसलने लगी। जिस कारण पापा को जाग आ गई तो पापा ने अपनी पैंट खोलकर नीचे सरका दी और फिर पापा का नंगा लंड मेरे हाथ मे आ गया और फिर मैं उसे सहलाने लगी। फिर कुछ देर बाद पापा झड़ गए। फिर मैंने अपना हाथ देखा तो उस पर पापा के लंड का पानी लगा था। फिर मैंने अपना हाथ अपने कपड़ों से पोंछ लिया और सीधी होकर लेट गई। तब पापा भी सीधे होकर लेटे हुए थे। फिर कुछ देर बाद पापा ने मेरी तरफ करवट ली और मेरी सलवार का नाड़ा खोलकर सलवार घुटनों तक सरका दी और फिर मेरी चुत सहलाने लगे। फिर चुत सहलाते सहलाते उन्होंने मेरी करवट बदल दी। अब पापा की तरफ मेरी पीठ हो गई थी तो पापा मुझसे पीछे से चिपक गए और मेरी नंगी गाँड पर पापा का लंड महसूस होने लगा। हालांकि तब तक पापा का लंड खड़ा नहीं था। फिर पापा मेरी चुत सहलाते सहलाते मेरी चुत में उंगली डाल दी तो मेरी सिसकारी निकल गई। मेरी सिसकारी सुनकर पापा ने एक हाथ से मेरा मुँह बंद कर दिया और दूसरे हाथ से लगातार मेरी चुत में उंगली करते रहे। 

 

फिर कुछ देर बाद पापा का लंड फिर खड़ा हो गया और मेरी गाँड के अंदर घुसने को बेताब होने लगा तो पापा ने अपना लंड मेरी दोनों टांगों के बीच डालकर रगड़ने लगे। पहले पापा ने मेरी चुत में एक उंगली डाली और फिर दूसरी भी डाल दी। जिसे मुझे और ज्यादा मजा आने लगा। मैं भी अपनी गाँड आगे पीछे करके पापा के लंड और चुत में उंगली का मजा ले रही थी। फिर पापा ने मेरा सूट ऊपर तक उठा दिया और मेरे दोनों बूब बाहर निकाल लिए और सहलाने लगे। मुझे तब इतना मजा आ रहा था के मैं 2-3 बार झड़ चुकी थी। फिर पापा के लंड से भी पानी निकलने लगा जो की मेरे दोनों पैरों के बीच गिरने लगा। फिर पापा ने मेरी चुत से उंगली निकाली। उनका हाथ मेरी चुत के पानी से भर गया था तो फिर वो अपना हाथ मेरे कपड़ों से पोंछने लगे और फिर वो मेरे बूब के निप्पल को मसलने लगे। जिससे मुझे थोड़ा दर्द हुआ लेकिन अभी भी पापा का हाथ मेरे मुँह पर था तो मेरी आवाज बाहर नहीं निकल पाई। फिर कुछ देर ऐसे ही मसलने के बाद वो सीधे होकर लेट गए और फिर मैं भी सीधी होकर लेट गई। मेरे बूब अभी भी बाहर थे और मेरी सलवार घुटनों तक थी। मेरा कंबल मेरे पेट से भी नीचे था जिससे मैं लगभग पूरी नंगी ही थी। फिर कुछ देर बाद पापा करवट लेकर मेरी तरफ पीठ करके लेट गए तो फिर मैं उनसे पीछे से चिपक कर लेट गई और उनकी कमर में हाथ डाल लिया। 

 

उनकी पैंट भी उनके घटनों तक थी तो पीछे से उनकी नंगी गाँड से मेरी चुत चिपकी हुई थी और फिर मैंने अपना हाथ कमर से नीचे करके उनके लंड पर ले गई और फिर उनके लंड को सहलाने लगी। उनके लंड की गोलियों को मैं अपनी मुठ्ठी में लेकर सहलाने लगी। इसी प्रकार कुछ देर तक मैं उनके लंड से खेलती रही और फिर उठकर मैंने उनकी गाल पर किस किया और फिर मैं अपनी सलवार ऊपर करके नाड़ा बांध कर लेट गई। तभी पापा ने भी अपनी पैंट ऊपर करके बांध ली और मेरी तरफ करवट लेकर लेट गए और मेरे बूब के निप्पल को अपने मुँह में लेकर चूसने लगे। जिससे मुझे मजा आने लगा तो फिर मैं खुद उनसे अपने बूब चुसवाने लगी। फिर कुछ देर चूसने के बाद पापा ने चूसना बंद कर दिया तो फिर मैंने वापिस अपना सूट नीचे कर लिया और फिर हम सो गए। फिर अगले दिन जब मैं उठी तो मुझे एक अलग ही फीलिंग आ रही थी। तब तक सब उठ चुके थे। फिर मैं उठकर कमरे से बाहर गई तो मैंने वैसे ही व्यवहार किया जैसे के मैं रोज करती थी। फिर उस दिन के बाद से मैं और पापा खुलकर एक दूसरे के चुत और लंड को सहलाते और मजे करते। 

 

हमें कोई जगह नहीं मिल पा रही थी जहां हम खुलकर चुदाई कर सके। इस कारण हम बस ऐसे ही मजे ले रहे थे। कुछ दिनों में फादर्स डे आने वाला था तो मेरी एक फ्रेंड ने मुझसे पूछा के वो अपने पापा को क्या गिफ्ट दे। उसके पूछते ही मैं समझ गई के मुझे अपने पापा को क्या गिफ्ट देना है। लेकिन मेरे सामने ये समस्या थी के मैं पापा से कहाँ चुदवाऊँ। ये मेरे समझ में नहीं आ रहा था। फिर मुझे पता लगा के मेरी एक फ्रेंड अपनी फैमिली के साथ घूमने जा रही थी और पीछे से उसका घर बिल्कुल खाली था। वो मेरी क्लोज फ्रेंड थी तो मैंने से घर की चाबी मुझे देकर जाने के लिए कहा। तो उसने हँसकर पूछा के क्यों क्या करोगी। फिर मैंने कहा के किसी को पटाया है। मजे करने है। ये सुनकर वो हंसने लगी और फिर वो चाबी देने के लिए तैयार हो गई। फिर वो जाने से पहले मुझे अपने घर की एक एक्स्ट्रा चाबी मुझे दे गई। फिर मैंने मम्मी से कहा के मुझे एक फ्रेंड की शादी में जाना है। तो फिर मम्मी ने मुझसे ज्यादा कुछ नहीं पूछा और कहा के तेरे पापा को साथ लेकर चली जाना। मैंने मम्मी से शादी के लिए 3 दिन की प्रमिसन ले ली थी और मैंने पापा को भी शादी में जाने के लिए कह दिया था और बाकी कुछ नहीं बताया था। 

 

फिर फादर्स डे तक मैं और पापा वैसे ही मस्ती करते रहे। मैंने कोंडोम और पिल वगैरह भी लेकर रख ली थी। फिर शादी में जाने के लिए मैं तैयार हुई तो मैं उस दिन काफी सेक्सी लग रही थी। मुझे देखकर पापा बार बार अपना लंड खुजला रहे थे। फिर शाम को मैं और पापा कार में बैठकर घर से निकल गए। फिर मैंने पापा को बताया को आज मैं आपको एक सरप्राइज़ देने वाली हूँ। पापा ने पूछा के क्या है वो सरप्राइज़ तो मैं बोली के बस कुछ ही देर में आपको पता चल जाएगा। फिर रास्ते में मैंने एक केक और कैन्डल वगैरह ली। ये सब देखकर पापा बोले के ये सब क्यों ले रही हो। हम तो शादी में जा रहे है ना। फिर मैं बोली के नहीं तो। फिर पापा ने पूछा के तो हम कहाँ जा रहे है। फिर मैं बोली के आप चलो फिर आपको पता चल जाएगा। फिर हम मेरी फ्रेंड के घर पहुँच गए और कार से उतरकर घर के अंदर चले गए। फिर मैंने पापा से कुछ देर घर के बाहर इंतजार करने के लिए कहा तो पापा घर के बाहर चले गए। फिर मैंने एक कमरे में केक एक टेबल पर रखा और पूरे कमरे में कैन्डल लगा दी और मैंने एक शॉर्ट ड्रेस पहन ली। फिर मैंने पापा को अंदर आने के लिए आवाज लगाई तो पापा जैसे ही अंदर आए तो वो मुझे देखकर देखते ही रह गए। फिर मैंने पापा को विश किया और पापा ने केक काटा और फिर हमने एक दूसरे को केक खिलाया। 

 

फिर पापा से रहा नहीं गया तो उन्होंने मुझे अपनी बाहों में ले लिया और फिर मेरी शॉर्ट ड्रेस निकाल दी। जिस कारण मैं पापा के सामने पूरी नंगी हो गई। फिर मैंने भी पापा की पैंट और शर्ट खोल दी और उन्हे भी पूरा नंगा कर दिया। फिर पापा ने मुझे बेड पर लेटाया और मेरी चुत चूसने लगे। जिसमें मुझे बहुत मजा आने लगा। फिर मैंने पापा को लेटाया और उनके ऊपर आकर उनके लंड को चूसने लगी। जब उनका लंड पूरा खड़ा हो गया तो फिर पापा ने मुझे लेटाया और लंड सीधा चुत में डाल दिया। मुझे थोड़ा दर्द हुआ लेकिन फिर वो जोर जोर से धक्के लगाने लगे तो मुझे मजा आने लगा और मैं सब कुछ भूल गई। मैंने काफी पॉर्न विडिओ देख रखी थी तो मुझे पूरा पता था के मर्द को कैसे खुश करना है। फिर थोड़ी देर करने के बाद मैं पापा के लंड पर आकर बैठ गई और ऊपर नीचे होने लगी। जिससे उन्हे काफी मजा आने लगा। फिर कुछ देर ऐसे करने के बाद पापा फिर मेरे ऊपर आ गए और फिर से मेरी चुत में करने लगे और फिर झड़ने लगे तो सारा पानी मेरी चुत में ही डाल दिया। फिर वो मेरे ऊपर ही लेट गए और आराम करने लगे। फिर वो मेरे बूब चूसने लगे और मेरे पूरे बदन को चूमने लगे तो उनका लंड जल्द ही फिर से खड़ा हो गया। फिर वो मेरी चुत में करने लगे और चुत में ही झड़ गए। 

 

फिर मैं घोड़ी बन गई तो उन्होंने पहले मेरी चुत और गाँड के छेद को अच्छी तरह से चूसा और फिर मेरी चुत मारने लगे। फिर उन्होंने अपना लंड मेरी गाँड के छेद पर रखा और छेद को सहलाने लगे। मैंने विडिओ में लड़कियों को गाँड मरवाते देखा था तो मैंने पापा को रोका नहीं। फिर पापा ने काफी सारा थूक मेरी गाँड पर लगाया और फिर लंड अंदर डालने लगे। जब लंड थोड़ा सा अंदर गया तो मेरी जान निकलने लगी। मैं जोर से चिल्लाई। लेकिन वहाँ सुनने वाला कौन था। फिर पापा ने मुझ पर जरा भी रहम नहीं किया और पूरा लंड मेरी गाँड में पेल दिया। जिससे मुझे बहुत ज्यादा दर्द हुआ। ऐसा लगा जैसे किसी ने मेरी गाँड में चाकू डाल दिया है। मैं बुरी तरह रोने लगी थी। लेकिन पापा को कोई फर्क नहीं पड़ा और वो धक्के लगाते रहे। फिर कुछ देर के बाद मुझे मजा आने लगा तो फिर मैं सिसकारियाँ लेने लगी। फिर पापा मेरी गाँड में ही झड़ गए। मुझे काफी दर्द हो रहा था तो फिर पापा ने मुझे मेडिकल से टैबलेट वगैरह लाकर दी। जिसे लेने के बाद मेरा दर्द काफी कम हो गया। फिर दो बार और पापा ने मेरी चुत और गाँड मारी और फिर हम सो गए। 

 

फिर अगले दिन जब मैं उठी तो मुझसे चला भी नहीं जा रहा था। फिर पापा ही मुझे टॉइलेट में लेकर गए। फिर पापा बाहर से नाश्ता लेकर आए। नाश्ता करने के बाद हममे थोड़ी शक्ति आ गई तो हम फिर से करने लगे। फिर हम दोपहर तक करते रहे। पापा ने मुझे उस घर में कई जगह अलग अलग पोज में चोदा। फिर पापा बाहर से ही खाना लेकर आए। फिर खाना खाने के बाद मुझे नींद आने लगी। लेकिन पापा के सर से चुदाई का भूत उतरा नहीं था तो वो मेरी चुत और गाँड फिर से मारने लगे। फिर करने के बाद वो भी लेट गए और आराम करने लगे। फिर शाम को उठे तो हम फिर से शुरू हो गए। इस प्रकार उन तीन दिनों में पापा ने मुझे पता नहीं कितनी बार चोदा। जब हम वापिस घर गए तो मुझे सब कुछ बदला बदला सा लग रहा था। फिर घर पर भी मौका मिलने पर हम कर लेते। चुदाई के कारण मैं काफी खुल गई थी तो इस कारण मैं रात को पास में भाई और मम्मी सोये रहते तब भी पूरी नंगी होकर ऊपर कंबल लेकर सो जाती और पापा से चुदवा लेती। जब घर पर कोई नहीं होता तो मैं घर पर नंगी ही रहती। अब मुझे नंगी होकर रहने में बिल्कुल भी शर्म नहीं आती थी। एक बार मैं नहाने के लिए गई लेकिन कपड़े ले जाना भूल गई। फिर नहाने के बाद मैंने बाथरूम का गेट खोलकर देखा तो मुझे कोई नहीं दिखा। बाथरूम हाल में था। फिर मैं टोवेल को नीचे लपेट लिया और अपने दोनों बोबो को अपने हाथों से ढककर कमरे की तरह जाने लगी। लेकिन तभी मम्मी किचन से बाहर आई और मुझे ऐसे देखा तो वो मुझसे बोली के मुझे आवाज ही दे देती मैं कपड़े ला देती तुझे। फिर मैं बोली के बस ऐसे ही नहीं दी आवाज। 

 

फिर मैंने एक बार पापा से कहा के मुझे आपकी और मम्मी की चुदाई देखनी है। तो फिर पापा बोले के ठीक है। फिर एक दिन मेरा छोटा भाई तो स्कूल गया हुआ था और पापा और मम्मी अपने कमरे में थे। फिर पापा पेशाब करने आए और इशारे से मुझे कमरे के अंदर देखने के लिए कहा तो फिर मैं उठकर कमरे के बाहर जाकर खड़ी हो गई। तब मैंने देखा के मम्मी बिल्कुल नंगी होकर बेड पर लेटी है। फिर पापा भी अंदर जाकर नंगे हो गए और मम्मी के ऊपर जाकर करने लगे। फिर पापा ने मम्मी को घोड़ी बनाया तो मम्मी की बड़ी बड़ी गाँड देखकर मैं देखती ही रह गई। फिर पापा ने मम्मी के पीछे से किया। फिर पापा ने मम्मी से और भी एक दो पोज में किया। उनकी चुदाई देखकर मैं भी अपनी चुत सहलाने लगी। फिर चुदाई के बाद मम्मी सो गई तो फिर पापा कमरे से बाहर आए और फिर मुझे दूसरे कमरे मे ले जाकर चोदने लगे और फिर वापिस जाकर मम्मी के पास सो गए। इसके बाद जब कभी मेरा एग्जाम दूसरी सिटी में होता तो पापा ही मेरे साथ जाते और हम होटल में कमरा लेकर खूब मस्ती करते। मम्मी और भाई जब कुछ दिन के लिए मामा के यहाँ चले जाते तो पीछे से मैं और पापा बस उनके आने तक चुदाई ही करते रहते। 

 

फिर एक दिन पापा ने मुझे बताया के अब मम्मी को भी चुदाई अच्छी लगने लगी है तो वो भी अब लगभग हर रोज मुझसे करने के लिए कहती है। ये सुनकर मुझे लगा के जैसे मुझे कोई बॉयफ्रेंड ढूंढ लेना चाहिए। फिर पापा बोले के हम कोई न कोई रास्ता जरूर निकाल लेंगे। फिर एक बार जब मैं कॉलेज से आई तो देखा के पापा और मम्मी नंगे होकर हाल में कर रहे है। फिर मैं जैसे ही हाल में आई तो उन्हे देखते ही रह गई। फिर उन्होंने मुझे देखा तो फिर वो दोनों अलग हो गए और फिर पापा तो अंदर कमरे मे चले गए और मम्मी मेरे सामने ही खड़ी रही। फिर मम्मी ने मुझे कपड़े बदलने के लिए कहा और कहा के मैं तेरे लिए चाय लेकर आती हूँ। फिर मम्मी भी कमरे में जाने लगी। पीछे से मम्मी की बड़ी गाँड देखकर मैं देखती ही रह गई। मम्मी का बदन पूरा भरा हुआ है। फिर मम्मी जब अंदर कमरे में गई और उनके बीच क्या बातें हुई वो सब पापा ने मुझे बाद में बताया। पापा ने तब मम्मी से मुझसे इस बारे में बात करने के लिए कहा था। फिर थोड़ी देर बाद मम्मी मेरे लिए चाय लेकर आई तो वो मुझसे आँखें नहीं मिला पा रही थी। फिर वो चाय देकर मेरे पास ही बैठ गई और मुझे सफाई देने लगी। फिर मैंने मम्मी से कहा के कोई बात नहीं। फिर मैंने मम्मी से कहा के मैंने हमेशा आप दोनों को लड़ते झगड़ते ही देखा है। आज पहली बार आप दोनों को प्यार करते हुए देखा तो अच्छा लगा। आप दोनों ऐसे ही प्यार करते रहना। 

 

मैं अब बड़ी हो गई हूँ तो मुझे इस बारे मे पूरी समझ है। मैं आप दोनों को बस ऐसे ही प्यार करते हुए देखना चाहती हूँ। मेरी ये बातें सुनकर मम्मी कुछ नहीं बोली और बस नीची गर्दन करके सुनती रही। फिर मैं मम्मी के पास गई और मम्मी के गले लग गई तो फिर मम्मी ने भी मुझे अपने गले से लगा लिया और मेरी गालों पर किस कर दिया तो मैंने भी मम्मी के किस कर दिया। फिर इसके कुछ दिन बाद ही मैं एक दिन बेड पर पूरी नंगी होकर उंगली कर रही थी। फिर तभी अचानक मम्मी मेरे कमरे में आ गई तो उन्होंने मुझे उंगली करते हुए देख लिया। फिर वो मुझे देखकर तब ही बाहर चली गई और बोली के बाद में आती हूँ। फिर उनके जाने के बाद मैंने अपना पानी निकाला और फिर मैं कपड़े पहनकर कमरे से बाहर आ गई तो मम्मी ने मुझे कुछ नहीं कहा और मुझसे हमेशा की तरह ही बातें करने लगी। उस दिन पापा भाई को साथ लेकर अपने किसी दोस्त की शादी में जा रहे थे। वो कुछ दिनों के बाद ही आने वाले थे तो मम्मी और मैं मिलकर उनका सामान पैक करने लगे और फिर वो चले गए। उनके जाने के बाद मैं और मम्मी ही घर पर रह गई। फिर मम्मी नहाने चली गई और नहाने के बाद वो नंगी ही बाथरूम से बाहर आ गई। उनके पास टोवेल भी नहीं था। फिर वो किचन में गई और फिर किचन से एक लंबा से बैगन लेकर अपने कमरे में चली गई। मैं ये सब हाल में बैठी बैठी देख रही थी। 

 

फिर कमरे में जाने के बाद मम्मी ने गेट बंद नहीं किए और फिर कमरे से उनकी सिसकारियों की आवाज आने लगी। सिसकारियों की आवाज सुनकर मैं जब मम्मी के कमरे की तरफ चली गई और फिर कमरे के बाहर खड़ी होकर उन्हे देखने लगी। मम्मी बेड पर लेटकर अपनी चुत में बैगन अंदर बाहर कर रही थी और साथ में अपने बोबो को मसल रही थी। फिर मैंने सोचा के पापा तो अब मम्मी की चुदाई करते है तो मम्मी ऐसा क्यों कर रही है। मम्मी को देखकर मैं भी गरम होने लगी थी। मैं पहले तो मम्मी को थोड़ा छिपकर देख रही थी लेकिन फिर मैं बिल्कुल सामने खड़ी होकर मम्मी को देखने लगी। मुझे जब सामने खड़ी देखा तो फिर मम्मी ने मुझे अपने पास बुलाया तो मैं उनके पास चली गई। फिर मम्मी ने मेरा हाथ पकड़कर मुझे बेड पर बैठा लिया और फिर मेरा हाथ बैगन पर रख दिया। मैं समझ गई थी के क्या करना है। फिर मैं बैगन अंदर बाहर करने लगी और मम्मी अपने दोनों हाथों से अपने बड़े बड़े बोबो को सहलाने और दबाने लगी। फिर कुछ देर बाद मम्मी झड़ गई तो वो शांत हो गई और मैंने उनकी चुत से बैगन निकालकर साइड में रख दिया। फिर मैं मम्मी की साइड में लेट गई। फिर मम्मी एक हाथ से अपनी चुत सहलाते हुए मुझसे बोली के तू मुझसे खुलकर बात कर सके इसी कारण मैंने तेरे सामने ये सब किया। फिर मम्मी ने मुझसे पूछा के तूने किसी से सेक्स किया है क्या। मम्मी के मुँह से ये सुनकर मैं थोड़ी हैरान हुई लेकिन फिर मैंने जवाब दिया के नहीं। फिर मम्मी ने मेरे बॉयफ्रेंड वगैरह के बारे में पूछा तो मैंने कहा के आजकल किसी पर भरोसा नहीं कर सकते है। मेरा ये जवाब सुनकर मम्मी मेरी तरफ देखने लगी। 

 

फिर मम्मी ने कहा के जवानी चीज ही ऐसी होती है। सेक्स के बिना बिल्कुल नहीं रहा जाता है। फिर मम्मी ने मेरी सलवार का नाड़ा खोल दिया और सलवार पैंटी के साथ नीचे सरका दी और मेरी चुत पर हाथ फेरने लगी। जिससे मैं जोर जोर से सिसकारियाँ लेनें लगी। मेरी चुत पानी पानी हो गई थी। फिर मम्मी बोली के कपड़े खोल दे मैं बैगन धोकर लाती हूँ। फिर बैगन लेकर कमरे से बाहर जाने लगी और मैं उन्हे जाते हुए देखने लगी और साथ में अपने कपड़े खोलने लगी। कपड़े खोलकर मैं पूरी नंगी होकर लेट गई और अपनी चुत जोर जोर से सहलाने लगी। फिर मम्मी आई और बैगन सीधा मेरी चुत में डालकर अंदर बाहर करने लगी। फिर मैं जोर जोर से सिसकारियाँ लेने लगी। मैं तब अपने हाथों से अपने बोबो को मसलने लगी। फिर मैं मम्मी का हाथ पकड़कर मम्मी को अपने ऊपर ले लिया और मम्मी के बोबो को चूसने लगी। मैंने कई विडिओ मेंलेसबों सेक्स देखा था पर मम्मी के लिए ये सब नया था तो वो कुछ समझ नहीं पाई। फिर मैंने मम्मी को लेटा लिया और मैं खुद मम्मी के ऊपर आ गई और फिर मम्मी की गर्दन और बोबो को चूमने लगी और फिर पेट को चाटने लगी और फिर मैं मम्मी के दोनों पैरों के बीच आ गई और मम्मी की चुत को चूसने लगी। जिस कारण मम्मी ए अपने दोनों पैरों को पूरा फैला दिया। फिर मैंने मम्मी को उल्टा लेटाया और मम्मी की पीठ और गाँड को चूमने लगी। जिससे मम्मी भी गरम हो गई और उनकी चुत से भी पानी टपकने लगा। 

 

फिर मम्मी की चुत से अपनी चुत रगड़ने लगी और इसमें हम दोनों को काफी मजा आने लगा। फिर हम दोनों एक दूसरे के बोबो को सहलाने और दबाने लगे। फिर मैंने अपने हाथों से मम्मी के मुँह को अपने मुँह के पास लेकर आई और फिर अपने होंठ उनके होंठों पर रख दिए और फिर उनसे लिप किस करने लगी तो मम्मी भी मेरा पूरा साथ देने लगी। फिर जब मैं झड़ने वाली हुई तो मैं जोर जोर से अपनी चुत मम्मी की चुत से रगड़ने लगी और मम्मी भी मेरा साथ देने लगी। फिर कुछ देर बाद हम दोनों साथ में ही झड़ गई और झड़ने के बाद मैं मम्मी के ऊपर ही लेट गई और मम्मी ने भी मुझे कसकर पकड़ लिया। फिर मम्मी बोली के एक औरत भी दूसरी औरत को इतना मजा दे सकती है ये मुझे आज पता चला। ये कहकर मम्मी मुस्कुराने लगी। फिर हम दोनों एक दूसरे से चिपक कर ही लेटी रही और बातें करती रही। अब मैं और मम्मी पूरी खुलकर बातें कर रही थी। फिर मैंने मम्मी के बदन को सहलाते हुए कहा के मुझे आप जैसा फिगर चाहिए। फिर मम्मी हँसकर बोली के शादी के बाद ऐसा हो जाएगा फिक्र मत कर। ये सुनकर हम दोनों हंसने लगी। फिर हम दोनों उठकर कमरे से बाहर आ गई और घर में नंगी ही घूमने लगी। फिर शाम हो गई तो मम्मी किचन मे जाकर खाना बनाने लगी और मैं मम्मी के पीछे से चिपक कर खड़ी हो गई और मम्मी के बोबो को दबाने लगी। मम्मी ने मुझे कुछ नहीं बोला। फिर रात हो गई तो हम खाना खाकर बिस्तर में चले गए और एक दूसरे के बदन को सहलाने लगे। फिर तभी पापा का फोन आया तो मम्मी पापा से बात करने लगी। तब मेरा हाथ मम्मी की चुत को सहला रहा था। 

 

फिर बात करने के बाद हम एक दूसरे के बदन को चूमने लगी और चुत से चुत रगड़ने लगी। फिर कभी मैं ऊपर तो कभी मम्मी। फिर हम दोनों झड़ गई। फिर मैं मम्मी से बोली के जब हमारे बारे में पापा को पता चलेगा तो क्या होगा। फिर मम्मी बोली के कुछ नहीं होगा। उन्हे मैं देख लूँगी। फिर पापा और भाई के आने तक मैंने और मम्मी ने काफी मजे किए। पापा के आने के बाद मैंने पापा को पहले ही सब कुछ बता दिया। तो ये सुनकर पापा काफी खुश हुए। फिर मम्मी ने भी पापा को बताया तो पापा ने मम्मी को कुछ नहीं कहा। फिर एक दिन जब मैं कॉलेज से घर आई तो पापा मम्मी चुदाई कर रहे थे। मुझे देखकर पापा ने मम्मी से दूर हटने की कोशिश की। लेकिन मम्मी ने उन्हे ऐसा नहीं करने दिया और मम्मी पापा का लंड चुत में डालकर करती रही और मैं अपने कमरे में आ गए। फिर कुछ देर बाद मम्मी नंगी ही मेरे कमरे मे चाय लेकर आ गई। फिर चाय पीने के बाद मैं और मम्मी कमरे से बाहर निकली तो पापा हाल में ही बैठे थे और वो भी बिल्कुल नंगे। हमें आता देखकर वो खड़े हुए और अपने लंड को अपने हाथों से छुपाते हुए अपने कमरे में जाने लगे। ये देखकर मैं और मम्मी मुस्कुराने लगी। भाई के स्कूल से आने तक मम्मी नंगी ही रहती और पापा से घर में जहां मन करता वहाँ चुदवा लेती। पापा मुझे कॉलेज छोड़ने आते तब मुझसे कर लेते थे। 

 

फिर कुछ दिनों के बाद ऐसा हुआ के पापा काम से कहीं बाहर गए हुए थे तो मैं और मम्मी नंगी होकर मम्मी के कमरे में मस्ती करने लगी और वहीं सो गई। फिर पापा घर पर आए तो वो सीधे कमरे में ही आ गए। हम दोनों को नंगी सोई देखकर वो गरम हो गए। फिर वो भी नंगे हो गए और मम्मी के पास जाकर उनका हाथ अपने लंड पर रख दिया। जिससे मम्मी जाग गई और फिर वो उठकर पापा को लेकर हाल में आ गई और फिर वो दोनों चुदाई करने लगे। फिर मम्मी की सिसकारियों से मैं जाग गई तो फिर मैं उठकर सीधी हाल में चली गई। वहाँ उन दोनों को चुदाई करता देखकर मैं उन्हे देखती रही। मैं भी तब बिल्कुल नंगी थी। फिर पहले मुझे पापा ने देखा और फिर मम्मी ने। मम्मी भी मुझे देखकर कुछ नहीं बोली। फिर मैं अपने कमरे में चली गई। फिर कुछ देर बाद मम्मी मेरे कमरे में आई और मुझसे बात करने लगी। वो कहने लगी के तुम्हारे पापा कह रहे है की तुम्हें मैं चुदाई के बारे में सब कुछ बता दूँ। फिर मैं बोली के उसे सब पता है। तुम्हारे पापा ने भी तुम्हारे बॉयफ्रेंड के बारे में पूछा था तो मैंने कह दिया के नहीं है कोई। फिर मम्मी बोली के मैं और तुम्हारे पापा चाहते है के तुम कोई बॉयफ्रेंड बना लो। तुम अभी 20 साल की ही हो। तुम्हारी शादी अभी नहीं होने वाली है। फिर ये सुनकर मैं मम्मी के गले लग गई और बोली के मुझे नहीं बनाना है किसी को अपना बॉयफ्रेंड। फिर मम्मी बोली के ठीक है। फिर मैंने मम्मी से पूछा के क्या मैं भी बिना कपड़ों के रह सकती हूँ। ये सुनकर मम्मी हँसकर बोली के अगर तुम्हें हमसे शर्म नहीं आती है तो जरूर रह सकती हो। ये सुनकर हम दोनों हंसने लगी। 

 

फिर मम्मी मुझे लेकर कमरे से बाहर आ गई और फिर हम दोनों पापा के सामने जाकर बैठ गई। पापा ने तब अपना लंड अपने दोनों पैरों के बीच छुपा लिया। फिर मम्मी पापा के पास जाकर बैठ गई और पापा के लंड को हाथ में लेकर सहलाने लगी। फिर पापा ने कहा के बेटी बैठी है सामने। फिर मम्मी बोली के ये अभी बच्ची नहीं रही है। ये भी हमें देखकर सीख जाएगी। फिर वो दोनों मेरे सामने ही चुदाई करने लगे। मैं उन्हे देखकर अपनी चुत सहलाने लगी। अब मैंने भी शर्म करनी छोड़ दी। फिर उस दिन के बाद से हम ऐसे ही रहने लगे और जब भाई घर पर होता तो कपड़ों में रहते और उसके जाने के बाद नंगे हो जाते। फिर पापा भी बिना लंड छुपाये घर में घूमते रहते। मैं भी पापा से मम्मी के समाने ही उनके गले लग जाती और जब कभी मम्मी का ध्यान हमारी तरफ नहीं होता तो मैं पापा का लंड सहला देती और पापा मेरे बूब और गाँड को सहला देते। पापा मम्मी से अपना लंड सहलवाते और चुसवाते भी। ये देखकर मेरे मुँह में भी पानी आ जाता। फिर आगे क्या क्या हुआ ये अगले भाग में बताऊँगी। तब तक अपना लंड और चुत सहलाते रहिए।

 

 

 

संबधित कहानियां
बेटी ने मुझे प्रमोसन दिलवाया
बेटी ने मुझे प्रमोसन दिलवाया
अपनी जवान बेटी को ऐसे उंगली करते देख कौनसा बाप होगा जो रह पाएगा
अपनी जवान बेटी को ऐसे उंगली करते...
गोवा घूमने गए तो बेटी ने पहली बार बिकीनी पहनी
गोवा घूमने गए तो बेटी ने पहली...

कमेंट्स


कमेन्ट करने के लिए लॉगइन करें या जॉइन करें

लॉगइन करें  या   जॉइन करें
  • अभी कोई कमेन्ट नहीं किया गया है!