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भाभी : दोस्ती, प्यार और चुदाई (भाग - 9) 
@Kamvasna 04 मई, 2023 1293

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फिर मैं मम्मी के ऊपर आ गया और अपना लंड मम्मी की चुत में डालकर करने लगा। फिर मैं करते हुए मम्मी से पूछने लगा के उसे दूसरे मर्द का लंड लेकर कैसा लगेगा। तो मम्मी मजे से बोली के बहुत मजा आएगा। मम्मी के मुँह से ये सुनकर मैं मम्मी की और तेजी से चुदाई करने लगा। फिर मैंने मम्मी से पूछा के वो कितनो मर्दों से चुदवाना चाहती हैं। फिर मम्मी बोली के तेरी मर्जी हैं तो चाहे कितनो से ही चुदवा दे। ये सुनकर मैं और गर्म हो गया और फिर कसकर मम्मी को चोदने लगा। पूरे घर मे मम्मी की ही सिसकारियों की आवाज गूंजने लगी। फिर हम एक साथ ही झड़े और हमें काफी मजा आया। फिर करने के बाद मैं साइड होकर लेट गया। मम्मी जोर जोर से हांफ रही थी और मम्मी के बोबे हर सांस के साथ हिल रहे थे। फिर मम्मी मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी और फिर हम लिप किस करने लगे। तभी भाभी का फ़ोन आ गया तो हम उनसे बात करने लगे। फिर भाभी ने बताया के उसने सब कुछ भाई को बता दिया। ये सुनकर मम्मी बोली के उसे क्यों बताया। 
 
 
 
 
फिर मैं बोला के तुम अभी तो कह रही थी के तुम किसी भी मर्द के सामने नंगी हो सकती और उससे चुदवा सकती हो और अब कह रही हो उसे क्यों बताया। आखिर वो तुम्हारा बड़ा बेटा हैं। फिर मैंने मम्मी से कहा के उसे सब पता है। मैं उसे हमारी चुदाई की फ़ोटो और वीडियो भेजता रहता था। ये सुनकर मम्मी शर्माकर मुस्कुराने लगी। फिर भाभी बोली के शाम को हम व्हाट्सप्प पर वीडियो कॉल करेंगे। फिर मैं बोला के ठीक हैं। फिर थोड़ी देर बात करने के बाद भाभी ने फोन काट दिया। फिर मम्मी बोली के उसके सामने मैं नंगी कैसे रहूंगी। फिर मैं बोला के तुम रह चुकी हो। फिर मम्मी बोली के कब। फिर मैंने मम्मी को बताया के जब वो पहले नशे की गोली लेकर सोई रहती थी तो मैं और भाई उससे क्या क्या करते थे। ये सुनकर मम्मी मेरी गाल पर थप्पड़ मारते हुए बोली के बेशर्म कहीं के और फिर हँसने लग जाती हैं। फिर मैं मम्मी को अपनी बाहों में लेकर चुत में लंड डालकर करने लग जाता हूँ। मम्मी भी मेरा पूरा साथ देने लगती हैं। फिर एक और धुंआधार चुदाई के बाद हम बाहर आ जाते है। फिर मम्मी अपनी चुत और बगल के बाल साफ करने लग जाती हैं। फिर मैं मम्मी से कहता हूँ के जब मैं और भाई एक साथ तुम्हारी चुत और गाँड में लंड डालकर करेंगे तो तुम्हे कितना मजा आएगा। ये सुनकर मम्मी मुस्कुराने लग जाती हैं और मम्मी की चुत भी पानी छोड़ देती हैं। ये देखकर मुझे हंसी आ जाती हैं। फिर मैं और मम्मी साथ में नहाते हैं और एक बार चुदाई और करते हैं। फिर नहाने के बाद मम्मी जल्दी से खाना बना लेती है और हम खाना खाकर कमरे में चले जाते हैं। फिर मम्मी मेकअप वगेरह करने लग जाती है और पूरी सजने लगती हैं। 
 
कुछ ही देर में मम्मी पूरी तैयार हो जाती हैं। मम्मी तब किसी मॉडल से कम नहीं लग रही थी। फिर मैं उठकर मम्मी के पीछे आकर खड़ा हो गया और मम्मी की गाँड में अपना खड़ा लंड डाल दिया और मम्मी के बोबे दबाने लगा। फिर तभी भाभी की वीडियो कॉल आ जाती हैं तो मैं बेड पर जाकर लेट जाता हूँ और वीडियो कॉल उठा लेता हूँ। फिर मैं फोन का बैक कैमरा चालू कर देता हूँ। मेरे सामने मम्मी नंगी खड़ी थी और मेरा लंड भी खड़ा था। भाभी ने भाई को भी कांफ्रेंस में पहले से ले रखा था तो भाई को मम्मी के नंगे दर्शन हो जाते है। मम्मी को ऐसे देखकर भाई अपना लंड बाहर निकालकर सहलाने लग जाता हैं। फिर हम आपस मे बात करने लग जाते है। फिर मैंने मम्मी को अपने पास बुलाया तो मम्मी मेरे पास आकर बैठ जाती है और मेरे खड़े लंड को सहलाने लग जाती हैं। ये सब भाई और भाभी देख रहे होते हैं। फिर मैं फ़ोन मम्मी को दे देता हूँ तो फिर मम्मी भाई और भाभी से बात करने लग जाती हैं और साथ मे मेरा लंड भी सहलाती रहती हैं। मम्मी को ऐसे देखकर भाई तो अपना लंड जोर जोर से हिलाने लग जाता हैं। ये देखकर मम्मी हँसने लग जाती हैं और फिर उसे कहती हैं के बेटा सारा जोश ऐसे खत्म कर देगा तो फिर मुझे कैसे चोदेगा। फिर भाई कहता हैं के तुम्हे चोदने के लिए तो बहुत जोश हैं। फिर मम्मी भाई को अपने बदन के दर्शन करवाती हैं। पहले उसे अपने बोबे दिखाती हैं, फिर अपनी दो उंगलियों से अपनी चिकनी चुत खोलकर दिखाती हैं। ये सब देखते ही भाई का लंड पानी छोड़ देता हैं तो ये देखकर मम्मी और भाभी हँसने लग जाती हैं। इधर मैं भी झड़ने वाला होता हूँ तो मैं मम्मी को घोड़ी बना लेता हूँ और मम्मी की गाँड मारने लग जाता हूँ। 
 
फिर मैं फोन अपने हाथ मे लेकर भाई को भी ये नजारा दिखाने लग जाता हूँ। मम्मी की गाँड के छेद से मेरा लंड अंदर बाहर होता देखकर वो फिर से गर्म हो जाता हैं और मुझे मम्मी की गाँड कसकर चोदने के लिए कहता हैं। फिर मैं फोन तो मम्मी को पकड़ा देता हूँ और मम्मी की कमर को दोनों हाथों से पकड़कर मम्मी की गाँड जोर जोर से चोदना शुरु कर देता हूँ। जिससे मम्मी सिस्कारियाँ लेने लगती हैं। जिसे सुनकर तो भाई का हाल बुरा हो जाता हैं। भाभी भी अपनी चुत सहलाने लग जाती हैं। फिर कुछ देर बाद मैं झड़ जाता हूँ और सारा पानी मम्मी की गाँड में डाल देता हूँ। फिर मैं अपना लंड बाहर निकाल लेता हूँ और मम्मी के हाथ से फोन लेकर मम्मी की गाँड से निकलते हुए अपने पानी को दिखाने लग जाता हूँ। जिसे देखकर भाई भी पानी छोड़ देता हैं और भाभी भी झड़ जाती हैं। फिर हम सब शांत हो जाते हैं और मैं और मम्मी लेटकर भाई भाभी से बातें करने लग जाते है। फिर मैं मम्मी के बोबो को दबाने लग जाता हूँ और चुसने लग जाता हूँ। फिर भाई कहता हैं के मम्मी तुम्हे चोदने का बहुत मन कर रहा हैं। फिर मम्मी कहते के तो बेटा आजा जल्दी से और चोद ले। फिर भाई कहता हैं के मैं छुट्टी लेकर जल्दी से जल्दी आने की कोशिश करूँगा। फिर  मैंने भाभी से कहा के भाभी तुम भी आ जाओ। फिर भाभी बोली के क्यों अपनी मां से मन भर गया क्या। फिर मैं बोला के मम्मी से तो मन कभी नहीं भरेगा। फिर भाभी ने भाई से कहा के वो जब आये तो भाभी को भी साथ मे ले आये। तो भाई बोला के ठीक हैं। फिर हम इसी तरह बातें करते रहे। 
 
मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया तो फिर मैं मम्मी के ऊपर आकर मम्मी की चुत मारने लगा और मम्मी अपने हाथ मे फोन पकड़कर अपनी चुत से मेरा लंड अंदर बाहर होता हुआ उन्हें दिखाने लगी। फिर भाई कहने लगा के और जोर से चोद मम्मी की चुत। फिर मैंने वैसा ही किया। फिर मैं झड़ने वाला हुआ तो मैंने लंड चुत से निकालकर मम्मी के मुँह में दे दिया और झड़ गया। फिर मम्मी ने मेरा लंड चाटकर साफ कर दिया। फिर भाई भी लंड हिला रहा था तो वो भी झड़ गया। फिर भाभी के फोन की बैटरी लो हो गई और भाभी को नींद भी आने लगी थी तो फिर भाभी तो सो गई। फिर हम तीनों माँ बेटे बाते करने लगे। फिर मैं और भाई प्लान बनाने लगे के मम्मी को कैसे कैसे चोदेंगें। हमारे प्लान सुनकर मम्मी को हंसी आ जाती। हमारे प्लान सुनकर मम्मी गर्म भी हो गई थी और मम्मी की चुत से पानी बहने लगा था। फिर मैं मम्मी की चुत चुसने लगा। भाई भी ये सब देखता रहा। फिर कुछ देर बाद मम्मी झड़ गई। फिर हम फिर से बातें करने लगे और बातें करते करते हमें सुबह के 4 बज गए थे। हमें नींद तो नहीं आ रही थी लेकिन फिर मम्मी बोली के अब सो जाते हैं। फिर कॉल काटने से पहले मम्मी ने भाई को एक फ्लाई किस दिया। फिर भाई ने भी फ्लाई किस दिया और हम हँसने लगे। फिर फोन काटने के बाद मैंने फोन को चार्ज लगा दिया और फिर मैं और मम्मी एक दूसरे के तरफ देखने लगे और फिर मम्मी मुझहसे लिप किस करने लगे। फिर लिप किस करते करते पता नहीं कब नींद आ गई।
 
फिर सुबह आंटी आकर हमें जगाने लगी। तब सुबह के 10 बजे हुए थे। आंटी कभी मुझे तो कभी मम्मी को आवाज दे रही थी। फिर मुझे जाग आई और मैंने सामने आंटी को देखा और फिर आंखें मसलने लगा। फिर मेरी आँखें एकदम से पूरी खुल गई और मैं आंटी से पूछने लगा के आप अंदर कैसे आई। तब मम्मी मेरी बांहों में थी। फिर मैं उठकर बैठ गया और मम्मी को भी जाग आ गई। फिर आंटी कहने लगी के गेट के लॉक नहीं लगा था। फिर मुझे याद आया के कल रात मैन गेट लॉक करना ही भूल गया था। फिर मम्मी भी उठकर बैठ गई। फिर आंटी बोली के तुम लोग उठे क्यों नहीं। फिर मैंने और मम्मी ने एक दूसरे की तरफ देखा और फिर मम्मी बताने लगी के मुझे कल रात बहुत दर्द हो रहा था। तो रात को लेट ही सोये थे। फिर आंटी पूछने लगी के तो अब कैसी हो। फिर मम्मी ने बताया के फिर इसने मेरी मालिश की कई बार तब जाकर ठीक हुई। फिर मम्मी आंटी के सामने ही मेरी कमर में हाथ डाल दिया तो फिर मैंने भी मम्मी की कमर में हाथ डाल लिया। आंटी हमारे सामने ही बैठी थी और हम कुछ देर ऐसे ही बातें करते रहे। फिर मम्मी उठकर घोड़ी बनकर आंटी तक गई और फिर आंटी के पास जाकर घुटनो के बल खड़ी हो गई और फिर पीछे हाथ करके अपनी गाँड को चौड़ी करके कहने लगी के कल यहां बहुत दर्द हो रहा था। फिर आंटी ने मम्मी की गाँड पर हाथ फेरते हुए पूछा के अब कैसा हैं। फिर मम्मी बोली के अब ठीक हैं। 
 
फिर मम्मी बेड से नीचे उतर कर चलने लगी और फिर आंटी भी चलने लगी तो मम्मी आंटी का सहारा लेकर चलने लगी तो फिर आंटी ने भी मम्मी को सहारा दिया। फिर वो दोनों बाहर चली गई तो मैं भी जल्दी से उठा और कपड़े पहनकर दूध लेने चला गया। दूध लेकर आया तो देखा के वो दोनों आंगन में बैठकर बातें कर रही थी और मम्मी उसके सामने ही अपने पैर फैलाकर अपनी चुत सहला रही थी। फिर मैं हम तीनों के लिए चाय बनाने लगा। फिर आंटी मम्मी से कहने लगी के उन्हें पेशाब करने वाली जगह पर काफी खुजली होती। फिर मम्मी ने आंटी को दिखाने के लिए बोला और आंटी की सलवार का नाड़ा खींचने लगीं। फिर आंटी हँसने लगी और मम्मी को रोक दिया। तब मैं किचन में था और उन्हें देख रहा था। फिर आंटी ने खुद अपना नाड़ा ढीला कर दिया तो फिर मम्मी उसकी चुत पर हाथ फेरकर देखने लगी। आंटी की चुत थोड़ी सी मुझे भी दिख गई थी। वो बालों से भरी हुई थी। फिर मम्मी बोली के कभी साफ नहीं करती क्या इसे। फिर मम्मी अपनी चुत पर हाथ फेरते हुए बोली के ऐसी रखा कर। फिर मम्मी आंटी की सलवार और नीची करने लगी तो आंटी ने नहीं करने दी। फिर मम्मी बोली के शर्माएगी तो कुछ नहीं हो पायेगा। मैं शर्माती तो अब तक दर्द से मर जाती। मैं तेरे सामने नंगी ही बैठी हूँ ना वो भी अपने जवान बेटे के सामने। फिर मैं चाय लेकर उनके पास चला जाता हूँ तो मुझे देखकर आंटी सलवार अपनी चुत पर कर लेती हैं फिर मैं उनके पास ही बैठकर चाय पीने लग जाती हूँ। फिर मम्मी कहती के ये मेरा बेटा होकर भी मेरे सब जगह मालिश करता हैं और दवाई लगाता हैं। मैं इससे शर्म करती तो अब तक पता नहीं मेरा क्या हाल होता। फिर आंटी बोली के तो यहाँ के बाल कैसे साफ करूँ। फिर मम्मी बोली के इसके लिए एक क्रीम हैं बेटे के पास। 
 
वो लगाने से सब बाल निकल जाएंगे। फिर आंटी बोली के बस क्रीम से ही। ब्लेड वगेरह नहीं लगानी पड़ेगी। फिर मम्मी बोली के नहीं। फिर आंटी बोली के वो क्रीम लगानी कैसे हैं। फिर मम्मी बोली के बेटा लगा देगा अपने आप। फिर आंटी शर्माने लगी। फिर मम्मी बोली के शर्मा क्यों रही हैं मैं बैठी ही हूँ ना नंगी तेरे सामने। फिर हमने चाय पी ली तो मम्मी ने मुझें क्रीम लाने के लिए कहा। फिर मैं अंदर जाकर क्रीम लाने लगा। फिर मम्मी ने आंटी से सलवार खोलने के लिए कहा तो आंटी का मुँह शर्म से लाल हो गया। लेकिन आंटी ने सलवार खोल दी। फिर मम्मी ने आंटी को पैर फैलाकर सुला दिया और खुद उसकी चुत पर हाथ फेरने लगी। फिर मैं भी अपने सब कपड़े खोलकर सिर्फ अंडरवियर में क्रीम लेकर उनके पास चला गया। आंटी को ऐसे देखकर मैं मम्मी की तरफ देखकर हँसने लगा। आंटी की चुत के बाल काफी बड़े हुए थे तो फिर मम्मी ने मुझसे कहा के पहले बाल तेरे ट्रीमर से काट दे। फिर ये क्रीम लगा देना। फिर मैं मम्मी के कमरे में जाकर ट्रीमर लेकर आ गया और फिर आंटी के सामने बैठकर आंटी की चुत के बाल काटने लगा और बाल साफ करने के बहाने आंटी की चुत को काफी बार छुआ। 
 
आंटी लेटी लेटी हंस रही थी। फिर सब बाल कट जाने के बाद मैंने क्रीम लगा दी। फिर मम्मी बोली के इसे कुछ देर ऐसे ही लगा रहने देना हैं। फिर मम्मी ने आंटी को बगल वाले बाल भी कटवाने के लिए बोला तो आंटी मना करने लगी। लेकिन फिर मम्मी ने आंटी को जबरदस्ती खड़ा करके आंटी का कुर्ता ऊपर करके खोलने लगी तो फिर आंटी ने खुद ने ही अपना कुर्ता उतार दिया। अब आंटी पूरी नंगी हो चुकी थी। फिर मैंने पहले आंटी के बगल के बाल काटे और फिर क्रीम लगा दी। फिर आंटी अपने हाथ पैर फैलाकर लेट गई। फिर कुछ देर बाद आंटी ने शर्माना छोड़ दिया। फिर मम्मी खाना बनाने लगी और मैं वहीं आंटी के पास बैठा रहा। फिर काफी देर हो गई तो फिर मैंने आंटी से क्रीम साफ करने के लिए बोला तो आंटी नंगी ही उठकर बाथरूम में गई और क्रीम साफ करने लगी। फिर पीछे से मम्मी भी चली गई और फिर वो दोनों नहाने लगी। जब सारि क्रीम उतर गई तो आंटी ने अपनी चिकनी चुत पर हाथ फेरा तो हाथ फेरती ही रह गई और हँसने लगी।
 
फिर मम्मी ने भी उनकी चुत पर हाथ फेरा तो आंटी हँसने लगी। फिर वो दोनों मिलकर एक दूसरे पर पानी डालने लगी और मस्ती करने लगी। मैं वहीं खड़ा था तो फिर मम्मी मेरा हाथ पकडकर मुझे भी अंदर ले गई और फिर हम तीनों साथ मे नहाने लगे। मैं उन दोनों नंगी औरतों के साथ नहाकर काफी गर्म हो गया था। फिर नहाते टाइम मैं आंटी के बदन को काफी बार छुआ पर आंटी कुछ नहीं बोली। फिर कुछ देर बाद हम नहाकर बाहर आ गए। फिर हम तीनों आंगन में खड़े होकर अपने बदन को पोंछने लगे। फिर मम्मी ने मुझसे गीला अंडरवियर खोलने के लिए कहा और फिर मेरा अंडरवियर नीचे खींच दिया। जिससे की मेरा खड़ा लंड आंटी ने देख लिया। फिर मैंने अंडरवियर वापिस ऊपर कर लिया। फिर मम्मी हँसकर बोली के अब तो तेरी आंटी भी नंगी हो गई हैं। हम औरतें होकर भी नहीं शर्मा रही हैं और तू मर्द होकर शर्मा रहा हैं। हमें पता हैं तू अब जवान हो गया हैं और तेरा खड़ा होता हैं। मेरे सामने तू नहीं शर्माता हैं तो आंटी से क्या शर्माना। ये सुनकर आंटी हँसने लगी। 
 
फिर मम्मी के एक दो बार और कहने पर मैंने अंडरवियर खोल दिया और सूखने के लिए रख दिया। मेरा लंड देखकर आंटी पहले तो शर्माने लगी और फिर देखने लगी। फिर मम्मी हमें कमरे में ले गई। फिर मम्मी और आंटी मेकअप करने लगी और सजने सवरने लगी। फिर उन्होंने भाभी की ब्रा पैंटी पहन ली और अपने आप को शीशे में देखने लगी। फिर मम्मी बोली के हम लग रही हैं ना फ़ोटो वाली लड़कियों जैसी। ये सुनकर आंटी और मैं हँसने लगे। फिर मैंने भी एक ब्रा पैंटी पहन ली। पैंटी में मेरा लंड नहीं समा रहा था तो मम्मी बोली के इसे बाहर ही रहने दे। फिर हम बाहर आंगन में आकर बैठ गए और बातें करने लगे। आंटी काफी खुश थी। आंटी को अब बिल्कुल भी शर्म नहीं आ रही थी। फिर मम्मी ने आंटी को पूछा के ऐसे बेशर्म बनने में मजा आता हैं ना। फिर आंटी हँसकर बोली के हां। फिर मैंने ब्रा पैंटी उतार दी और बस नंगा ही रहा। फिर हम तीनों छत पर चले गए और देखने लगे। मैं उन दोनों की कमर में हाथ डालकर उनके बीच खड़ा हो गया। फिर मम्मी ने भी अपनी ब्रा पैंटी खोल दी और बोली के पूरी नंगी रहने में ज्यादा मजा हैं। फिर हम खड़े थे तो मैं मम्मी की गाँड सहला देता। फिर मैं मम्मी के बूब चुसने लगा तो फिर मम्मी ने मेरा मुँह अपने बोबो के बीच कर दिया। फिर मैंने मम्मी को कमर से पकड़ कर ऊपर उठा दिया तो मम्मी जोर जोर से हँसने लगी। हमें देखकर आंटी भी हँसने लगी। फिर मैंने आंटी को भी ऐसे ही उठा दिया और फिर आंटी भी जोर जोर से हँसने लगी। फिर मैंने आंटी को धीरे धीरे नीचे उतारा तो मैंने दोनों हाथों से आंटी ले बदन को सहला दिया। फिर हम नीचे आ गए और फिर आंटी ने भी ब्रा पैंटी खोल दी। फिर आंटी और मम्मी एक दूसरे से चिपक कर सो गई और एक दूसरे के बदन को सहलाने लगी। मैं भी मम्मी से चिपक कर सो गया और जब मम्मी ने करवट ली तो मैंने मम्मी की गाँड में लंड डाल दिया और करने लगा। 
 
फिर मैं झड़ गया तो मैंने लंड बाहर निकाल लिया और फिर मेरा लंड शांत हो गया। फिर मम्मी आंटी के ऊपर चढ़ गई और आंटी के बोबे चुसने लगी। फिर मम्मी आंटी के बदन पर गुदगुदी करने लगी तो आंटी जोर जोर से हँसने लगी और फिर आंटी ने मम्मी को साइड में गिराकर मेरी तरफ आ गई और मुझसे चिपक गई। फिर मम्मी भी पीछे से आंटी से चिपक गई और गुदगुदी करती रही और फिर आंटी मुझसे पूरी तरह चिपक गई। आंटी के बूब मेरी छाती में धंस गए। फिर मम्मी ने गुदगुदी करनी बंद कर दी तो हम सीधे होकर सो गए। मम्मी और आंटी जोर जोर से सांस लेने लगी तो उनके बोबे हिल रहे थे। फिर मैंने आंटी की गाल पर किस कर दिया और बोला के आंटी आपके साथ बहुत मजा आया आज। फिर आंटी बोली के मुझे भी। फिर मम्मी चाय बनाने चली गई तो मैं भी साथ मे चला गया और आंटी वहीं लेटी रही। फिर मम्मी ने चाय चढ़ा दी तो फिर मैं मम्मी को दीवार के सहारे खड़ा करके चोदने लगा। फिर चाय बनी इतनी देर मैं मैंने मम्मी की चुदाई कर दी और फिर मैं बाहर आकर आंटी के पास लेट गया। फिर मम्मी भी चाय लेकर आ गई और फिर हमने चाय पी। 
 
चाय पीकर फिर वो दोनों जाकर घर के बाहर बैठ गई। तब शाम हो चुकी थी। फिर मैं भी जाकर उनके।पास बैठ गया। फिर हम बातें करते रहे। फिर मम्मी ने आंटी से कहा के तुम सुबह से यहां हो तुम्हारा पति क्या कहेगा। फिर आंटी बोली के वो कुछ नहीं कहेगा। वो खुद भी सुबह ही अपने दोस्तों के पास चले जाते और फिर शाम को ही आते हैं। फिर मम्मी बोली के फिर तुम भी अब रोज आ जाया करो। फिर आंटी बोली के हाँ अब तो आऊंगी ही। फिर थोड़ी और शाम हो गई तो आंटी जाने लगी। फिर आंटी ने मुझसे अपने कपड़े मंगवाए तो मैं अंदर आकर आंटी के कपड़े ले गया। फिर गया तो देखा के आंटी और मम्मी एक दूसरे के गले लगी हुई थी। फिर मम्मी आंटी की गाँड सहलाने लगी तो फिर आंटी ने भी मम्मी की गाँड सहलानी शुरू कर दी। फिर मुझसे नहीं रह गया तो मैं भी आंटी से पीछे से चिपक गया और आंटी की गाँड में अपना लंड फसा दिया। फिर आंटी पीछे मुड़ी और फिर मेरे गले लग गई और फिर मेरे मुँह को अपने बोबो में दे दिया तो फिर मैं आंटी के बोबो को चुसने लगा। 
 
हम तब गेट पर ही खड़े थे। फिर आंटी ने वहीं अपने कपड़े पहने और फिर चली गई। आंटी के जाने के बाद मम्मी ने खाना बनाया और फिर हमने खाना खाया। फिर मम्मी ने मुझसे पूछा के आंटी तुझे पसंद हैं क्या। फिर मैं बोला के नहीं। फिर मम्मी हँसकर बोली के झूठ मत बोल मुझे पता हैं के तुझे पसंद हैं। हर मर्द को औरत पसंद होती हैं। तूझे उसके साथ जो करना हैं कर मैं तुझे कुछ नहीं कहूंगी। फिर ये सुनकर मैं मम्मी के गले लग गया और फिर हम चुदाई करने लगे। तभी भाई का फोन आ गया तो फिर हम उससे बात करने लगे। फिर हम उससे 12 बजे तक बातें करते रहे। इस दौरान मैंने मम्मी की चुदाई की कई बार। हमारी चुदाई देखकर भाई ने भी कई बार अपने लंड का पानी निकाला। हमने उसे फिर आंटी के बारे में बताया। लेकिन उसे तो बस अब मम्मी को ही चोदना था तो उसने कुछ खास ध्यान नहीं दिया आंटी वाली बात पर। काफी रात हो चुकी थी तो हम सो गए। 
 
फिर हम सुबह जल्दी ही उठ गए और फिर सब काम करके आंगन में बैठ गए। मम्मी फोन में पोर्न वीडियो देख रही थी और साथ मे मेरा लंड सहला रही थी। फिर मैं गरम हो गया तो मैं मम्मी के ऊपर आ गया और लंड मम्मी की चुत में डालकर मम्मी के ऊपर लेट गया। फिर मैं धीरे धीरे कमर हिलाकर लंड अंदर बाहर करने लगा। फिर मैं झड़ गया और मम्मी के ऊपर ही लेटे रहा। घर का मैन गेट खुला ही था तो आंटी अचानक अंदर आ गई और फिर गेट बंद करके हमारे पास आने लगी। फिर आंटी को देखकर मम्मी ने मुझे जोर से पकड़ लिया और मेरी पीठ सहलाने लगी। तब तक मेरा लंड थोड़ा खड़ा था और मम्मी की चुत में ही था। फिर हमें देखकर आंटी मम्मी से बोली के अपने बेटे से प्यार कर रही हो। फिर ऐसे कहते हुए आंटी अपने कपड़े खोलकर नंगी होने लगी। फिर मम्मी ने भी हँसकर कहा के हां। फिर जब आंटी अपना कुर्ता खोलने लगी तो मैं मम्मी पर से हट गया और फिर मम्मी अपनी चुत सहलाने लगी। फिर आंटी एकदम नंगी होकर मम्मी के पास आकर लेट गई और मम्मी को कसकर पकड़ लिया।
 
 फिर वो दोनों एक दूसरे के बदन को सहलाने लगी। फिर मम्मी ने उसकी चुत पर हाथ फेरकर कहा के इसे देखकर तेरे पति ने क्या कहा। फिर वो बोली के कल मैं रात को उनके सामने नंगी हुई तो वो मेरी चुत देखते ही रह गए। फिर उन्होंने मेरी चुत चूसी और फिर मेरी चुदाई भी की। ये सब बात आंटी मेरे सामने ही मम्मी से कह रही थी। फिर ये सब सुनकर मम्मी बोली के यानी तुमने बहुत मजे किये कल रात को। ये सुनकर आंटी और मम्मी हँसने लगी। आंटी के भी मम्मी जैसे बड़े बड़े बोबे और गाँड थी। जिन्हें देखकर किसी भी आदमी का खड़ा हो सकता था। फिर मम्मी ने आंटी को अपने ऊपर सुला लिया और आंटी की गाँड सहलाने लगी। फिर आंटी भी मम्मी के बोबे चुसने लगी। उन दोनों को ऐसे मस्ती करने में काफी मजा आ रहा था। फिर मम्मी आंटी के ऊपर आ गई और आंटी के दोनों पैर खोलकर आंटी की चुत से अपनी चुत रगड़ने लगी। ऐसे करने पर आंटी जोर जोर से हँसने लगी। फिर मम्मी आंटी के बोबे चुसने लगी और फिर बोबे चूसते चूसते आंटी का पेट चाटने लगी और फिर नीचे आकर आंटी की चुत चुसने लगी। जिससे आंटी को मजा आने लगा तो आंटी आंखें बंद करके मजे लेने लगी। मैं दोनों की ये मस्ती पास लेटा लेटा देखता रहा। फिर मम्मी मेरी तरफ देखकर हँसने लगी। आंटी की तो आंखें बंद थी तो फिर मम्मी एक हाथ से मेरा लंड सहलाने लगी। मम्मी आंटी की चुत में अपनी जीभ डालकर आंटी की चुत चूस रही थी।
 
 जिससे आंटी को काफी मजा आ रहा था। फिर मम्मी के पता नहीं क्या मन मे आया। मम्मी ने आंटी को घोड़ी बना लिया और फिर उसकी चुत और गाँड चुसने लगी। फिर कुछ देर चुसने के बाद मम्मी ने इशारे से मुझे आंटी की चुत चुसने का इशारा किया तो मैं काफी खुश हुआ। फिर मम्मी पीछे हटकर खड़ी हो गई और फिर मैं आंटी की गाँड में अपना मुंह डालकर चुत और गाँड का छेद चुसने लगा। आंटी को कुछ पता नहीं चला वो बस सिस्कारियाँ ले रही थी आंखें बंद करके। मैं फुल गर्म हो गया था और मेरा मन आंटी की गाँड चोदने का कर रहा था। लेकिन नहीं चोद सकता था। फिर मैं साइड हो गया और मम्मी फिर से आंटी की चुत चुसने लगी। मम्मी तब घोड़ी बनी हुई थी और मेरा लंड भी खड़ा था तो मैं मम्मी के पीछे गया और मम्मी की गाँड चोदने लगा। तभी आंटी झड़ गई तो फिर आंटी वैसे ही उल्टी लेट गई और आंखें बंद करके लेटी रही। मैं मम्मी से किये जा रहा था। फिर मैं भी झड़ गया तो फिर मम्मी भी आंटी के ऊपर लेट गई और फिर मैं जाकर उनके साइड में लेट गया। आंटी को कुछ पता नहीं चला था। फिर मम्मी आंटी पर से उठ गई और फिर वो दोनों एक दूसरे से गले लगकर लेट गई। तब उनके बड़े बड़े बोबे एक दूसरे से टकरा रहे थे। तब आंटी मेरी साइड सोई थी तो मुझे वो पीछे से बहुत सेक्सी दिख रही थी। 
 
उन्हें देखकर मैं लंड सहला रहा था। फिर वो सीधी होकर लेट गई और बातें करने लगी। फिर मुझसे नहीं रहा गया तो मैं आंटी का एक निप्पल मुँह में लेकर चुसने लगा और दूसरा हाथ आंटी के ऊपर से ले जाकर मम्मी के बोबे सहलाने लगा। फिर आंटी ने मेरे सर पर हाथ रख दिया और सहलाने लगी। फिर कुछ देर चुसने के बाद मैं आंटी की छाती पर ही अपना सिर रखकर सो गया। आंटी ने कुछ नहीं कहा। फिर मम्मी चाय बनाने चली गई तो आंटी मेरी तरफ करवट लेकर सो गई और उनके बड़े बड़े बोबे मेरी छाती से लगने लगे। फिर मैं एक हाथ से उनके बोबे सहलाने लगा और फिर हम बातें करने लगे। फिर मैं आंटी के बोबो के बीच मे अपना सिर दे दिया और उनके बोबो से खेलने लगा तो आंटी हँसने लगी। फिर मम्मी चाय लेकर आ गई तो फिर मैंने आंटी के सामने ही मम्मी को अपनी गोद मे बैठा लिया और फिर उनके बोबे सहलाने लगा। हमें देखकर आंटी हँसने लगी। फिर आंटी पेशाब करने जाने लगी तो मैंने मम्मी को थोड़ा ऊपर उठाया और फिर अपना लंड उनकी गाँड में डाल दिया और फिर मम्मी मेरा लंड अपनी गाँड में लेकर बैठ गई और फिर चाय पीने लगी। फिर मैं भी थोड़ा पीछे होकर चाय पीने लगा। 
 
फिर आंटी आ गई और वो भी चाय पीने लगी। फिर चाय पीने के बाद मैं मम्मी को कसकर पकड़कर बैठ गया और उनकी नरम नरम गाँड के मजे लेने लगा। आंटी और मम्मी चाय पीकर बातें करने लगी। फिर आंटी करवट लेकर लेटने लगी तो फिर मैं और मम्मी भी जल्दी से करवट लेकर लेट गए। मैं मम्मी से पीछे से चिपक कर सो गया और मम्मी और आंटी एक दूसरे के आमने सामने करवट लेकर सोई थी। फिर मैं धीरे धीरे मम्मी से करने लगा और फिर झड़ गया तो सीधा होकर लेट गया। आंटी को कुछ पता नहीं चला। फिर वो दोनों बातें करती रही। फिर मम्मी की गाँड से मेरा पानी बहकर बाहर आने लगा। फिर मैं मम्मी से बोला के मम्मी आपके छेद से सफेद पानी बाहर आ रहा हैं। फिर मम्मी ने अपनी गाँड के छेद में उंगली घुसाई और फिर बाहर निकालकर देखी तो उस पर मेरा पानी लग चुका था। फिर मम्मी ने मेरी तरफ देखा तो मैंने मम्मी से दवाई लगाने के लिए कहा तो फिर मम्मी बोली के जा दवाई ले आ। फिर मैं दवाई लाने चला गया और फिर आंटी ने भी मम्मी की गाँड देखी और सफेद पानी देखा। फिर मैं अंदर गया और अंदर से एक कंडोम की डब्बी और एक क्रीम ले आया। 
 
 
 
आगे कहानी जारी रहेगी.......
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