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भाभी : दोस्ती, प्यार और चुदाई (भाग - 8) 
@Kamvasna 04 मई, 2023 762

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फिर हम कमरे से बाहर आ गए और मैन गेट खोलकर गेट के बाहर सीढ़ियों पर बैठ गए और मैन रोड पर जाने वालों को देखने लगे। फिर हम एक दूसरे के लंड और चुत सहलाने लगे। फिर मम्मी को पेशाब आने लगा तो मम्मी ने बैठे बैठे ही अपने पैर फैला लिए और फिर वहीं मूतने लगी। मम्मी की चुत से निकली पेशाब की धार दूर तक जाने लगी। फिर मुझे भी पेशाब आने लगा तो मैं भी वहीं बैठा बैठा मूतने लगा। मेरा लंड खड़ा था और पेशाब भी जोर से लगा था तो मैं फूल प्रेशर से पेशाब करने लगा। जिससे कि मेरी पेशाब की धार मम्मी के पेशाब की धार से आगे जाकर गिरने लगी। ये देखकर मम्मी हँसने लगी। फिर मैं अंदर गया और कपड़े पहनकर दूध लाने के लिए जाने लगा तो मम्मी अभी भी गेट के बाहर सीढ़ियों पर नंगी बैठी थी। फिर मैं मम्मी से बोला के मैं दूध लेने जा रहा हूँ। 

 

भाभी : दोस्ती, प्यार और चुदाई (भाग - 7)

 

अंदर चली जाओ किसी ने तुम्हे नंगी देख लिया तो चोद देगा। ये सुनकर मम्मी हँसने लगी और फिर अंदर जाने लगी। फिर मैं दूध लाने चला गया और जब वापिस आया तो देखा के मम्मी बाहर झाड़ू निकाल रही थी। मम्मी तब नंगी ही थी। मम्मी को देखकर मैं गर्म हो चुका था। फिर मैं मम्मी का हाथ पकड़कर मम्मी को अंदर ले जाने लगा तो मम्मी कहने लगी अरे अभी झाड़ू लगाने वाली पड़ी हैं। फिर मैं बोला के बाद में लगा लेना। फिर अंदर जाकर दूध किचन में रखकर मैं नंगा हो गया और फिर मम्मी को दीवार के सहारे झुका कर खड़ा कर दिया और मम्मी की गाँड मारने लगे। फिर थोड़ी देर बाद मैं झड़ गया तो फिर मैं वैसे हो खड़ा रहा। फिर मम्मी ने पीछे मुड़कर मेरी तरफ देखा और मुस्कुराने लगी। तब मम्मी मुझे काफी ज्यादा सेक्सी लगी। फिर मैं मम्मी से लिप किस करने लगा। तब तक मेरा लंड पूरा बैठा नहीं था तो मैं साथ मे फिर से धक्के लगाने लगा। जब लंड बैठ गया तो मैंने मम्मी को पलटा और अपने सीने से लगा लिया। फिर मम्मी मेरे गालों पर किस करने लगी और मेरे सीने से लग गई। फिर मैं मम्मी से बोला के राधा तुम्हारी गाँड बहुत मस्त हैं मारकर मजा आ जाता हैं। ये सुनकर मम्मी हँसने लगी। फिर मैं मम्मी की गाँड सहलाने लगा। 

 

फिर मेरा फोन बजता हैं जो कि अंदर कमरे में पड़ा होता हैं। फिर मैं फोन लेने चला जाता हूँ। फोन भाभी का होता हैं। फिर मैं और भाभी वीडियो कॉल पर बात करने लग जाते हैं। फिर मैं बात करते करते बाहर आ जाता हूँ तो देखता हूँ के मम्मी रोटी बनाने के लिए आटा गूंथ रही होती हैं। फिर मैं मम्मी के पास खड़ा होकर बात करने लग जाता हूँ और साथ मे कैमरा मम्मी की तरफ कर देता हूँ। फिर मम्मी आटा गूंथते टाइम जब अपनी चुत से आटे में पानी डालती हैं तो ये देखकर भाभी कहती हैं के मम्मी ये क्या कर रही हो। फिर मैं भाभी को सारी बात बताता हूँ तो ये सुनकर भाभी कहती हैं के फिर तो अब से मैं भी ऐसे ही किया करूंगी। भाभी तब नंगी ही होती हैं तो भाभी को देखकर मैं गर्म हो जाता हूँ। मेरा लंड खड़ा हो जाता हैं तो मैं अपने हाथ से अपना लंड सहलाने लग जाता हूँ। पास ही मम्मी बैठी थी तो फिर मैं फोन को साइड में रखकर लंड मम्मी के मुँह में डाल देता हूँ तो मम्मी चुसने लग जाती हैं। ये सब भाभी को भी दिख रहा होता हैं। मैं पूरा लंड मम्मी के मुँह में उतार देता था तो मम्मी की हालत बुरी हो जाती थी और कई बार तो मम्मी की आंखों से आंसू भी आ जाते थे। ये देखकर भाभी का भी बुरा हाल हो रहा था। फिर भाभी जोर जोर से कहने लगती हैं के देवर जी मेरी चुत की प्यास भी बुझा दो और फिर अपनी चुत में उंगली करते हुए सिस्कारियाँ लेने लगती हैं। फिर भाभी झड़ जाती हैं और फिर शाम को फोन करने के लिए कहती हैं। फिर मम्मी खाना बनाने लगती हैं तो फिर मैं मम्मी को अपने लंड पर बैठा लेता हूँ। फिर मम्मी सारा खाना मेरे लंड पर बैठे बैठे ही बनाती हैं। फिर खाना बनाने के बाद मम्मी खड़ी होकर किचन में खाना रखने चली जाती हैं और मै आंगन में लगे बिस्तर पर जाकर लेट जाता हूँ। फिर मम्मी आकर मेरे लंड पर बैठ जाती हैं और फिर उछल उछल कर मेरा लंड लेने लग जाती हैं। फिर मैं और मम्मी झड़ने वाले होते है तभी कोई गेट बजाता हैं। वो पड़ोस वाली आंटी ही होती हैं तो मम्मी चुदते हुए ही उसे आवाज लगाकर कहती हैं बस अभी आ रही हूँ। फिर मम्मी और जोर से उछलने लग जाती हैं और फिर हम दोनों एक साथ झड़ जाते है तो फिर मैं और मम्मी आंखें बंद करके मस्ती में डूब जाते हैं। फिर कुछ देर बाद मम्मी खड़ी होती हैं और फिर वैसे ही गेट खोलने चली जाती हैं। मम्मी की चुत से मेरा और मम्मी का पानी निकल रहा होता हैं। फिर मम्मी गेट खोलती है तो फिर आंटी अंदर आ जाती हैं और फिर मैं भी जाकर मम्मी की पैंटी पहन लेता हूं। फिर आंटी और मम्मी अंदर आकर बिस्तर पर बैठ जाती हैं। फिर आंटी की नजर मम्मी की चुत पर पड़ती हैं तो आंटी पूछती हैं के ये क्या हैं। फिर मम्मी अपने पैर फैलाकर अपने हाथ से चुत चौड़ी करके बैठ जाती हैं और फिर कहती हैं के ये मवाद हैं। कभी यहां से तो कभी पीछे से आने लग जाता हैं। मैं भी वहीं बैठा हुआ होता हूँ तो फिर मम्मी मुझे साफ करने के लिए कहती हैं तो फिर मैं कोई कपड़ा लेकर आंटी के सामने ही मम्मी की चुत साफ करने लग जाता हूँ। तभी आंटी की नजर मेरी पहनी हुई पैंटी पर पड़ती हैं तो आंटी हँसने लग जाती हैं और कहती हैं के तुमने अपनी मम्मी की पैंटी क्यों पहन रखी हैं। फिर मैं कहता हूँ के मम्मी तो पहनती नहीं हैं। ये सुनकर वो दोनों और मै हँसने लग जाता हूँ। फिर मम्मी कहती के ये मेरी बेटी बनने की कोशिश कर रहा हैं ताकि ये मेरा पूरा ख्याल रख सके और मुझे भी इससे शर्म ना आये। फिर मैं बोला के अभी तो एक चीज की कमी हैं बेटी बनने में। फिर आंटी पूछती हैं के वो क्या। फिर मैंने कहा के अभी बताता हूँ। फिर मैं खड़ा होकर भाभी के कमरे में चला जाता हूँ और फिर भाभी की एक ब्रा पहन लेता हूँ और ब्रा में काफी सारी रुई भर लेता हूँ। फिर मैं जब ऐसे उन दोनों के सामने जाता हूँ तो फिर वो दोनों मुझे ऐसे देखकर जोर जोर से हँसने लग जाती हैं। उनका हंस हंस कर बुरा हाल हो जाता हैं। फिर मैं जाकर उनके बीच बैठ जाता हूँ और अपनी ब्रा को सेट करते हुए कहता हूँ के काफी बड़े हो गए है। ये सुनकर वो दोनों फिर से हँसने लग जाती हैं। फिर हंसते हंसते आंटी मुझे अपने गले से लगा लेती हैं और कहती हैं के बेटा तू बहुत मजाकिया हैं। फिर मैं आंटी से चिपक कर उनकी कमर में हाथ डालकर बैठ जाता हूँ। फिर मैं एक हाथ आंटी के बोबो पर रखकर कहता हूँ के आंटी आपके तो मुझसे काफी बड़े है। फिर ये सुनकर आंटी दोबारा हँसने लग जाती हैं। इस प्रकार हम तीनों काफी हंसे और फिर हम बातें करने लगे। उस दिन हमने काफी बातें की। 

 

फिर आंटी कहती के आज तो बातें करके मजा आ गया। फिर मम्मी बोली के हां हमे भी। फिर आंटी खड़ी होकर जाने लगती हैं तो फिर मैं और मम्मी भी उनके साथ गेट तक जाते है। फिर गेट पर खड़े होकर आंटी मेरी ब्रा पर हाथ रखकर कहती हैं के थोड़ी रुई और डाल लेना जिससे और बड़े हो जाएंगे। फिर मैं आंटी के बोबो पर हाथ रखकर कहता हूँ के मुझे आप जितने बड़े नहीं करने हैं। फिर आंटी हँसने लग जाती हैं और मैं आंटी के बोबे सहलाता रहता हूँ। आंटी कुछ नहीं कहती हैं। फिर मैं आंटी के गले लग जाता हूँ और अपने हाथ आंटी की कमर पर रख देता हूँ। फिर आंटी मम्मी से गले लगती हैं और फिर पीछे से मम्मी की गाँड पर थप्पड़ मारते हुए कहती हैं के तू बड़ी नसीब वाली हैं। फिर मम्मी भी उसकी गाँड सहलाते हुए कहती हैं के हां वो तो हूँ। फिर दोनों एक दूसरे को देखकर हँसने लग जाती हैं। फिर आंटी चली जाती हैं तो फिर गेट बंद करके मै पैंटी उतारकर मम्मी की गाँड मारने लग जाता हूँ। कुछ देर करने के बाद हम झड़ जाते है और फिर मम्मी मेरे सीने से लग जाती हैं और कहती हैं के मुझे ऐसा लग रहा हैं जैसे मैं सच मे किसी लड़की के गले लगी हूँ। फिर मैंने कहा के सच मे। तो मम्मी मेरी तरफ देखकर हँसने लगी।

 

फिर हम खाना खाकर बिस्तर पर लेट जाते हैं। मम्मी पोर्न वीडियो देखने लग जाती हैं। वो वीडियोज देखकर मम्मी में काफी बदलाव आ गया था और चुदाई के टाइम अब मम्मी काफी मजा देने लगी थी। कई बार तो मुझे लगने लगता था के मम्मी को अब मै नहीं सम्भाल पाऊंगा। फिर मैं सेक्स की पावर बढ़ाने वाली कुछ देसी दवाएं लेकर आया और वियाग्रा भी लाया। जिसे लेकर मैं लगातार बिना रुके काफी देर तक मम्मी की चुदाई करता रहता। जिससे मम्मी भी काफ़ी खुश हो जाती। मम्मी की शर्म भी मानो अब बिल्कुल गायब हो गई थी। हम घर पर बोर हो रहे होते तो घर के पास ही स्टेडियम में घूमने चले जाते या कभी मंदिर ही चले जाते। फिर उस टाइम मेरे कहने पर मम्मी अपना कुर्ता ऊपर करके अपने बोबे बाहर निकाल लेती और फिर ऐसे ही चलती जब तक कि कोई हमारे आस पास नहीं होता। एक बार हम शाम को मंदिर गए और आते टाइम अंधेरा हो गया। मैदान में भी तब कोई नहीं था। तो मैं मम्मी को साइड में ले जाकर दीवार के सहारे झुका कर खड़ा करके चुदाई करने लगे। मम्मी भी मेरा साथ देने लगी। फिर उस दिन के बाद मम्मी खुद मुझे खींचकर ले जाने लगी और अपनी सलवार खोलकर दीवार के सहारे झुक कर खड़ी हो जाती। मम्मी की गाँड देखकर मुझसे भी नहीं रहा जाता तो मैं मम्मी की गाँड मारने लग जाता। ऐसे बाहर करने मे हम दोनों को ही काफी मजा आता। 

 

इस प्रकार मम्मी अब पूरी तरह से खुल चुकी थी। भाभी भी मम्मी को बताती रहती के सेक्सी बनकर कैसे रहना हैं। वो दोनों सारा दिन बस अपने कपड़ों, अपने बदन और चुदाई की बातें करती रहती। इससे भी मम्मी में काफी बदलाव आ गया था। मम्मी अब दिनोदिन जवान होती जा रही थी। जहाँ मम्मी का चेहरा पहले उदास उदास लगता था वहीं अब खिला खिला रहने लगा। अब हमें आंटी से भी कुछ खास शर्म नहीं आती थी। आंटी को हम कुछ भी कहानी सुना देते तो वो आंटी मान लेती थी। मैं आंटी के सामने मम्मी को पीछे से पकड़ लेता और मम्मी के बोबो को सहलाने लगता और मम्मी की गाल पर किस कर देता। आंटी हमें देखकर बस हंस देती पर कहती कुछ नहीं। आंटी के सामने मैं मम्मी को अपनी गोद मे उठा लेता और इधर से उधर ले जाता। मम्मी के अब सब दर्द गायब हो गए थे लेकिन फिर भी मम्मी आंटी के सामने दर्द होने की एक्टिंग करती रहती।

 

अब आंटी हमारे साथ काफी घुल मिल गई थी और उसे हमारे घर आने का चस्का लग चुका था। जिस कारण वो कभी भी हमारे घर आ जाती और फिर घण्टो तक हमारे साथ बैठी रहती और बातें करती रहती। मुझे और मम्मी को भी इससे कोई प्रॉब्लम नहीं थी। क्योंकी आंटी के आने से पहले मैं मम्मी की काफी चुदाई कर लेता था। जब भी आंटी आती तो मेरा लंड मम्मी की चुत और गाँड में ही होता था। फिर आंटी के जाने के बाद मैं मम्मी को गेट के पास ही पकड़कर चोदने लग जाता। मम्मी को गेट मुश्किल से ही बंद करने देता था। अगर आंटी आई होती और तब मेरा मम्मी की चुदाई करने का मन करता तो मैं मम्मी को इशारा कर देता और फिर मम्मी कोई बहाना बनाकर कमरे में चली जाती या किचन में और पीछे पीछे मैं भी चला जाता और फिर वहाँ जाते ही मम्मी घोड़ी बन जाती तो मैं मम्मी की गाँड मार लेता। भाभी भी दिन मैं कई बार वीडियो कॉल कर लेती। एक बार आंटी हुई थी तो तब भाभी की वीडियो कॉल आ गई और फिर मम्मी उसकी कॉल उठाकर बात करने लगी। मम्मी तब नंगी ही थी और भाभी से ऐसे बात करते हुए आंटी को थोड़ी हैरानी हुई। फिर बात करने के बाद आंटी ने मम्मी से पूछा के तुमने अपनी बहू से ऐसे ही बात कर ली। फिर मम्मी हँसकर बोली के उसे पता हैं सब। वो बेचारी मेरी काफी सेवा करती हैं। अब मुश्किल से अपने मायके जा पाई हैं। फिर अब बेटा सब कुछ कर लेता हैं तो मैंने उसे कह रखा हैं के तेरा मन करे उतने दिन मायके में रह ले। ये सुनकर आंटी कुछ नहीं कहती हैं और फिर वो दोनों और बातें करने लग जाती हैं। 

 

एक बार शाम को मैं मार्किट गया तो वहाँ एक दुकान पर मुझे सेक्सी लड़कियों के पोस्टर दिखाई दिए। उन पोस्टरों में लड़कियों की बिकिनी में फ़ोटो थी और वो काफी सेक्सी लग रही थी। फिर मैंने उस दुकान कई वो पोस्टर ले लिए। उनमें उन लड़कियों की बिकीनी में से उनके बोबे दिख रहे थे। फिर वो पोस्टर लेकर मैं घर आया और फिर मम्मी ने वो पोस्टर देखे तो मम्मी देखती ही रह गई। फिर वो पोस्टर मैंने मम्मी के ही कमरे में लगा दिए। अगले दिन जब आंटी आई और वो जब मम्मी के कमरे में गई तो आंटी वो पोस्टर देखती ही रह गई। फिर आंटी वो पोस्टर देखकर मम्मी से बोली के ये क्या पोस्टर लगाए हैं। कोई भगवानों के फोटो लगाती। फिर मम्मी मेरे लिए बोली के ये ही लेकर आया था। फिर मैं बोला के आंटी उसके पास बस ऐसे ही पोस्टर बचे थे तो मैं यही ले आया। फिर आंटी वो पोस्टर देखकर बोली के ये औरतें कितनी बेशर्म हैं जो ऐसी फ़ोटो खिंचवा लेती हैं। फिर मैं बोला के आंटी ये बड़ी बड़ी एक्ट्रेस हैं जो फिल्मों में काम करती हैं। ऐसे फ़ोटो खिंचवाने के इन्हें काफी पैसे मिलते हैं और वैसे भी इनका तो ये काम ही ऐसा ही हैं। फिर मम्मी मुझसे बोली के बेटा एक मेरी फ़ोटो खींचकर भी इनके साथ लगा दे। ये सुनकर मैं और आंटी जोर जोर से हँसने लगे। फिर मैं बोला के मम्मी आप तो इनसे बहुत ज्यादा सुंदर हो। आपकी फ़ोटो लगा दूँगा तो फिर इनकी फ़ोटो उतारनी पड़ेगी। ये सुनकर मम्मी और आंटी हँसने लगी। 

 

फिर हम बाहर आकर बैठ गए। फिर मैं अंदर गया और  भाभी की एक नेट वाली ब्रा पैंटी लेकर आया और फिर वो मम्मी को पहनने के लिए दी। तो फिर मम्मी ने वो हमारे सामने ही पहन ली। पहनने के बाद मम्मी उनमें काफी सेक्सी लग रही थी। फिर मम्मी को देखकर आंटी बोली के तू सच कह रहा था बेटा तेरी मम्मी तो उनसे भी ज्यादा सुंदर लग रही हैं। ये सुनकर फिर मैं और मम्मी हँसने लगे। फिर उस दिन आंटी वापिस जाने लगी तो मम्मी आंटी को छोड़ने के लिए घर के काफी बाहर तक चली गई और फिर वो दोनों वहीं खड़ी होकर बातें करने लगी। मैं घर के अंदर ही गेट के पीछे खड़ा होकर अपना लंड बाहर निकालकर सहलाने लगा। फिर आंटी मम्मी से बोली के तुझे किसी मर्द ने ऐसे देख लिया तो बेचारा वो तो वहीं मर जायेगा। फिर इस बात पर वो दोनों काफी देर तक हंसी। मुझे भी हंसी आ गई। फिर थोड़ी देर बाद आंटी चली गई और मम्मी अंदर आ गई तो मैंने मम्मी से पूछा के वो दूसरे मर्द के सामने नंगी हो सकती हैं क्या। फिर मम्मी मेरी तरफ देखकर हंसते हुए बोली के तू जैसा कहेगा मैं तो वैसा करने के लिए तैयार हूँ। फिर मैं मम्मी को उठाकर कमरे में ले गया और ले जाकर बेड पर पटक दिया और ब्रा पैंटी उतारकर नंगी कर दिया।

 

 

आगे कहानी जारी रहेगी.......

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