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भाभी : दोस्ती, प्यार और चुदाई (भाग - 4) 
@Kamvasna 04 मई, 2023 3549

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भाभी : दोस्ती, प्यार और चुदाई (भाग - 3)

फिर मैं मम्मी से चिपक गया और मम्मी के बदन को मालिश करने के बहाने सहलाने लगा। दोपहर का टाइम था और धूप काफी तेज थी जिस कारण सारा तेल मम्मी के बदन में समा गया था लेकिन फिर भी मम्मी का बदन चिकना था। मैं झड़ गया था तो मेरा लंड ढीला ही पड़ा था लेकिन मम्मी से चिपकते ही फिर खड़ा हो गया। ये देखकर मम्मी मुस्कुराने लगी और फिर मैं एक हाथ से अपने लंड को सहलाने लगा। फिर मैं उठा और घी की कटोरी लेकर घी मम्मी के बोबो पर डालने लगा तो फिर मम्मी अपने हाथों से अपने बोबो की मालिश करने लगी। फिर मैंने थोड़ा घी चुत पर डाला तो फिर मम्मी चुत सहलाने लगी। फिर मैंने मम्मी को उल्टा किया और गाँड पर घी डालने लगा तो फिर मम्मी अपनी बड़ी बड़ी गाँड पर अपने हाथ फेरने लगी। फिर मैंने मम्मी को घुटनों के बल खड़ा किया और फिर घी और डाल दिया और फिर मैं अपने हाथों से मम्मी की मालिश करने लगा। मम्मी के बदन को इतना रगड़ा के पूरा घी मम्मी के बदन में रम गया। फिर मम्मी खड़ी हो गई तो मैं मम्मी के घुटनो और पैरों की मालिश की। फिर मैंने मम्मी से कंडोम निकालने को कहा तो मम्मी ने कंडोम निकाल दिया और मुझे देने लगी। लेकिन फिर मैंने अपने घी लगे हाथ दिखाए तो फिर मम्मी ने खुद अपने हाथों से मेरे लंड पर कंडोम चढ़ा दिया। फिर मैंने मम्मी को घुमाया और घोड़ी बना दिया और फिर अपना लंड चुत पर रगड़ने लगा। पहले तो पड़ोस की औरत आ गई थी तो जल्दी जल्दी किया था। लेकिन अब मैं बिल्कुल आराम से कर रहा था। जब मैं धक्के मारता तो मम्मी के बोबे हिलते हुए बहुत सेक्सी लगते। फिर मैं मम्मी की गाँड सहलाते हुए ऐसे ही मम्मी से करता रहा।

 फिर मैंने धक्के तेज कर दिए तो मम्मी पूरी हिलने लगी। फिर मैं आगे होकर मम्मी के लटकते हुए बोबे पकड़ लिए और फिर जोर से खींचने लगे। फिर मैंने मम्मी के बाल पकड़ कर खींचने लगा जैसे कोई घोड़ी की लगाम खींच रहा हो। जिससे मम्मी को दर्द होने लगा तो मम्मी कराहने लगी। लेकिन फिर भी मैं लगा रहा। फिर मैं झड़ गया तो मैं मम्मी से दूर हो गया और फिर मम्मी हांफते हुए मेरी तरफ मुँह करके बैठ गई और मेरे लंड को देखते हुए अपने बालों का जुड़ा करने लगी। फिर मैंने कंडोम निकाला और सिरहाने रख दिया और लेट गया। फिर मम्मी भी लेट गई और आराम करने लगी। फिर हम दोनों को नींद आ गई। फिर शाम हुई और ठंड बढ़ने लगी तो हमे जाग आई। फिर हम उठे और फिर मम्मी तो किचन में जाकर खाना बनाने लगी और मैंने बिस्तर समेट कर अंदर रख दिये। फिर मुझे बाहर आकर घूमने का मन किया तो मैं कपड़े पहनकर बाहर जाने लगा तो मम्मी बोली के जल्दी आ जाना। फिर मैं मम्मी के पास गया और मम्मी को गले लगाया और फिर मम्मी जाकर काम करने लगी और मैं घर से बाहर आ गया और फिर भाभी को फोन किया और उन्हें सब कुछ बताने लगा। ये सब सुनकर भाभी की चुत ने भी पानी छोड़ दिया। फिर मैं भाभी से पूछने लगा के अब और क्या करूँ। फिर भाभी बोली के तुम मेरे कमरे में मम्मी को लेकर सो जाना और फिर उन्हें शीशे के सामने खड़ा करके उनके बदन को सहलाना। मेरी अलमारी में मेरा सामान पड़ा हैं तुम्हे जो अच्छा लगा के वो मम्मी को पहना देना। फिर मैं बोला के ठीक हैं। फिर मैं फोन काटकर बाजार में घूमने लगा। फिर मेरी नजर एक फूलों की दुकान पर पड़ी तो मैं उस दुकान पर गया और मम्मी के लिए गजरा लिया और कुछ गुलाब के फूल लिए। फिर मैंने मिठाई की दुकान से मम्मी की मनपसंद की मिठाई ली और फिर घर आ गया। फिर घर आया तो मम्मी किचन में ही थी। फिर हमने खाना खाया। खाना हमने उसी थाली में खाया जिसमे सुबह मम्मी ने लैट्रिन की थी। हमने एक साथ खाना खाया और फिर मम्मी को मनपसंद मिठाई खिलाई तो मम्मी बहुत खुश हुई। फिर मैंने मम्मी से कहा के आज हम भाभी के कमरे में सोएंगे। फिर मम्मी काम करने लगी और मैं भाभी के कमरे में आया और बेड पर गुलाब के फूल बिछा दिए और मैं खुद नंगा हो गया। फिर मम्मी आई तो मैंने अपने हाथों से मम्मी के कपड़े खोलकर नंगी कर दिया और फिर गजरा मम्मी को दिया तो मम्मी ने गजरा अपने जुड़े में लगा लिया। फिर मैं मम्मी को शीशे के सामने लेकर खड़ा हो गया और फिर मम्मी के बोबे दबाने लगा तो मम्मी हँसने लगी और फिर एक हाथ से मम्मी की चुत सहलाने लगा तो मम्मी ने अपने पैर खोल लिए तो मैं आराम से चुत सहलाने लगा। फिर मैंने भाभी की अलमारी खोली और उसके अंदर से फिर मैंने मम्मी को बदल कर दूसरी बालियां पहनाई और गले की चैन की जगह भाभी का मंगलसूत्र पहना दिया। फिर मुझे भाभी की नथ दिखी तो फिर मैं वो नथ मम्मी को पहनाने लगा तो मम्मी ने खुद ही पहन ली। फिर मम्मी ने लिपस्टिक भी लगा ली। मम्मी अब काफी ज्यादा सेक्सी लग रही थी। फिर मम्मी दूध लेने चली गई और फिर मम्मी आई तो मैंने मम्मी की फ़ोटो खींचकर भाई और भाभी को भेज दी। फिर मम्मी मेरे पास आकर बैठ गई और मुझे दूध देने लगी तो मैंने दूध मम्मी को अपने हाथों से पिलाने के लिए कहा तो फिर मम्मी मुझे दूध पिलाने लगी। फिर मैंने थोड़ा दूध मम्मी को भी पिलाया। मम्मी के लिपस्टिक लगे होंठ काफी रसीले लग रहे थे तो फिर मैं मम्मी के होठों पर किस करने लगा। मम्मी भी साथ देने लगी। फिर कुछ देर तक होंठो को चुसने के बाद फिर हमने बाकी का दूध खत्म किया। 

फिर हम फिर से लिप किस करने लगे और मैंने मम्मी का एक हाथ अपने पेट पर रखा और फिर नीचे खिसकाते हुए लंड तक ले गया तो फिर मम्मी ने मेरा लंड पकड़ लिया और फिर मैंने उनके हाथ पर अपना हाथ रखकर लंड सहलवाने लगा और फिर मैंने अपना हाथ हटा दिया तो फिर मम्मी खुद ही मेरा लंड सहलाने लगी और मैं लिप किस करता रहा। फिर मैं काफी गर्म हो गया और फिर मम्मी के सामने घुटनो के बल खड़ा हो गया और अपने लंड को मम्मी के होंठों पर रगड़ने लगा और फिर मम्मी ने लंड मुँह में ले लिया और चुसने लगी। पर मम्मी को चूसना नहीं आता था तो वो मेरे लंड को काट रही थी। फिर मैंने फोन उठाया और एक पोर्न वीडियो निकाली जिसमे एक लड़की लंड चूस रही थी। फिर मम्मी ने वो वीडियो देखी और फिर लंड चुसने लगी तो इस बार मम्मी पहले से अच्छी तरह चूस रही थी। मम्मी के मुंह मे लंड देखकर मैं काफी ज्यादा गर्म हो गया था। फिर मैंने मम्मी की लंड चूसते हुए फ़ोटो खींची और वीडियो बनाई। मम्मी की नथ बार बार बीच मे आ रही थी तो फिर मैंने मम्मी की नथ उतार दी और फिर मम्मी अच्छे से लंड चुसने लगी। फिर मैंने पूरा लंड मुंह मे डाल दिया तो मम्मी ऊं ऊं करने लगी तो फिर मैंने लंड बाहर निकाल लिया। फिर मम्मी फिर से लंड चुसने लगी और फिर मैं झड़ने लगा तो मैंने सारा पानी मम्मी के मुँह में डाल दिया तो मम्मी सारा पानी पी गई। मैं फिर से लिप किस करने लगा। फिर मैंने मम्मी को लेटाकर मम्मी के ऊपर आकर मम्मी के बदन को चूमने लगा और फिर चूमता चूमता मम्मी की चुत तक आया और फिर चुत चाटने लगा तो मम्मी बहुत गर्म हो गई और फिर मेरे सिर को अपने चुत में घुसाने लगी। फिर मैं चुत चूसता रहा और फिर कुछ देर बाद मम्मी झड़ गई तो मम्मी शांत हो गई और फिर मैं मम्मी के ऊपर जाकर लेट गया तो। फिर मम्मी मेरी पीठ सहलाने लगी और फिर हम ऐसे ही सो गए। फिर रात को हम पेशाब करने के लिए उठे तो फिर मम्मी ने मेरा लंड पकड़ लिया और सहलाने लगी। फिर हम पेशाब करके आकर सोये तो फिर मम्मी अपने आप मेरा लंड मुँह में लेकर चुसने लगी। फिर थोड़ी देर बाद मैं झड़ने लगा तो मम्मी मेरा सारा पानी पी गई और फिर मेरे साइड में आकर लेट गई और मुस्कुराने लगी। फिर मैं मम्मी के ऊपर आकर मम्मी की चुत चाटने लगा और फिर मम्मी को घोड़ी बनाकर गाँड में मुँह डालकर चुत और गाँड का छेद चुसने लगा। फिर मम्मी झड़ गई तो मैंने चुत चाटकर साफ कर दी और फिर सो गए। फिर सुबह उठे तो फिर से हमने यही किया। 

फिर सुबह मैंने मम्मी की लंड चूसती की फ़ोटो वीडियो भाई और भाभी को भेजी तो उनका तो बुरा हाल हो गया। फिर मम्मी वैसे ही थाली में फ्रेश हुई और फिर मैंने मम्मी की गाँड और चुत चाटकर साफ कर दी। उस दिन बाहर सर्दी बहुत थी और धूप भी नहीं निकली थी तो हम अंदर रजाई में ही रहे और एक दूसरे के लंड और चुत चूसते रहे। हम दोपहर तक ऐसा ही करते रहे और फिर धूप निकल गई तो फिर मम्मी ने खाना बनाया और फिर खाना खाकर हम धूप में बिस्तर बिछाकर लेट गए। मम्मी का मंगलसूत्र मम्मी के बोबो तक आ रहा था और बहुत सेक्सी लग रहा था। फिर मैं मम्मी को घोड़ी बनाकर अपना लंड रगड़ने लगा और फिर मैं झड़ने वाला हुआ तो लंड मम्मी के मुँह में डाल दिया तो मम्मी सारा पानी पी गई। फिर मैंने भी मम्मी के होंठ चूसे, बोबे चूसे और फिर चुत चूसी। जिससे मम्मी को काफी मजा आया। फिर हम लेट गए और एक दूसरे की तरफ देखने लगे तो मम्मी मुस्कुराने लगी। फिर मैं मम्मी के पास गया और मम्मी के होठों को चुसने लगा और काफी देर तक चूसता ही रहा। फिर हम दोनों चिपक कर लेट गए और मैं मम्मी के बदन को सहलाता रहा। फिर शाम हो गई तो हम उठे और फिर मम्मी खाना बनाने लग गई और मैं बिस्तर अंदर ले गया और फिर मम्मी के पास चला गया। मम्मी बैठकर खाना बना रही थी और मैं वहीं खड़ा होकर मम्मी को देखकर अपना लंड सहलाने लगा तो मम्मी मुझे देखकर हँसने लगी। फिर खाना बनाने के बाद मम्मी खड़ी होने लगी तो मम्मी से खड़ा नहीं होया गया तो फिर मम्मी ने मेरा लंड पकड़कर और लंड का सहारा लेकर खड़ी हो गई और फिर हँसकर बोली के तू बुढ़ापे में मेरे बहुत काम आने वाला हैं। तो ये सुनकर मैं भी हंस पड़ा और बोला के तुम कभी बूढ़ी होओगी क्या। फिर मम्मी बोली के बूढ़ी तो हो चुकी हूं। फिर मैं बोला के तुम बूढ़ी हो तो फिर जवान किसे कहते हैं। ये सुनकर मम्मी हँसने लगी। फिर मम्मी अपनी लैट्रिन पेशाब वाली थाली साफ करने लगी और फिर उसी थाली में खाना डालकर लाई और फिर हम खाने लगे। खाना खाने के बाद मैं कमरे में चला गया और कमरे को सजाने लगा और रंगीन लाइट लगाई और बल्ब बंद करके मोमबत्तियां जला दी। फिर मम्मी कमरे में आई तो कमरे को देखकर काफी खुश हुई। फिर मम्मी खुद ही भाभी की अलमारी खोलकर तैयार होने लगी। मम्मी ने गले मे हार, कानो में झुमके और कमर पर सोने की चैन पहनी और होंठों पर लिपस्टिक और थोड़ा मेकअप वगेरह किया। फिर मम्मी तैयार हो गई तो फिर मैंने मम्मी के माथे पर मांग भर दी। जिससे मम्मी नई नवेली दुल्हन के जैसे दिखने लगी। फिर मम्मी दूध लेने जाने लगी। जब वो दूध लेने जा रही थी तो पीछे से मम्मी की नंगी कमर और गाँड देखकर मैं तो फुल गर्म हो गया। फिर मम्मी दूध लेकर आई तो मैंने कमरे की लाइट जलाकर मम्मी की फ़ोटो ली। फिर मैंने अलमारी से भाभी की लाल रंग की ब्रा पैंटी निकाली और मम्मी को पहनाई। वो मम्मी के काफी टाइट आई थी पर आ गई थी। फिर मम्मी मुझे दूध पिलाने लगी और मैंने भी मम्मी को दूध पिलाया। फिर मैं मम्मी के होंठों को चुसने लगा। फिर मैं मम्मी को अपना लंड चुसवाने लगा तो मम्मी के लिपस्टिक लगे होंठों में से मेरा लंड मम्मी के मुँह से अंदर बाहर होता देखकर मैं बहुत गर्म हो गया। फिर मैं कभी तो मम्मी को अपना लंड चुसवाता तो कभी मम्मी के होंठ चूसता। फिर मैंने अपने हाथों से मम्मी की ब्रा खोली और नीचे फेंक दी। 

 

फिर मम्मी को लेटाया और मम्मी के पैर ऊंचे करके मम्मी की पैंटी निकाल दी और फिर मम्मी बैठ गई और मैं खड़ा होकर मम्मी के मुँह में लंड डालकर करने लगा। मम्मी की लिपस्टिक मेरे लंड पर भी लग गई थी। फिर मैं झड़ने वाला हुआ तो मैंने अपना पानी मम्मी के मुँह पर डाल दिया। फिर मुँह से पानी चलकर मम्मी के बोबो पर पड़ने लगा। अपने होंठो पर लगा पानी मम्मी जीभ से चाटने लगी। मम्मी को ऐसा करते देख मैं फिर से मम्मी के होंठ चुसने लगा। फिर मैं मम्मी के ऊपर आ गया और मम्मी के बदन को चाटने लगा और फिर जब चुत चुसने लगा तो मम्मी ने जोश में आकर मेरा सिर अपने दोनों पैरों के बीच दबा लिया और तड़फने लगी। फिर जब मम्मी झड़ने वाली हुई तो अपने हाथों से भी मेरे सिर पर दबाव डाल दिया। फिर झड़ गई तो मैंने चुत चाटकर साफ कर दी और फिर मम्मी के ऊपर ही लेट गया। फिर रात को जाग आई तो मम्मी करवट लेकर सोई थी और फिर मैं भी मम्मी से पीछे से चिपक कर सो गया और अपना लंड मम्मी की गाँड में डालकर धक्के लगाने लगा। फिर मम्मी जाग गई और सिस्कारियाँ लेने लगी। फिर मैं मम्मी से लिपकिस करने लगा। फिर मम्मी उठकर मेरे ऊपर आई और मेरे लंड को चूसकर मुझे झाड़ दिया और फिर लंड चाटकर साफ कर दिया। फिर हम पेशाब करने जाने लगे तो फिर मम्मी कपड़े पहनने लगी तो।फिर मैं मम्मी को नंगी को ही खींचकर ले जाने लगा तो मम्मी बोली के बाहर ठंड बहुत हैं। फिर मैं बोला के तो क्या हुआ मैं हूँ ना तुम्हे गर्म करने के लिए। फिर हम नंगे ही बाहर आये और फिर पेशाब करने लगे। फिर पेशाब करने के बाद मम्मी खड़ी हुई तो मैं घुटनो के बल बैठकर मम्मी की चुत चुसने लगा और फिर मम्मी ने अपने हाथों से अपनी चुत चोड़ी करके खड़ी हो गई तो फिर मैं अच्छे से चुसने लगा। फिर चुसने के बाद हम वापिस कमरे में जाने लगे तो हमने बाहर कोई शोर सुनाई दिया तो हम दौड़कर गेट की तरफ गए। गेट के पास पानी की डिग्गी बनी हुई हैं तो हम उस पर चढ़कर देखने लगे तो देखा के कुछ लोग मिलकर एक आदमी की पिटाई कर रहे थे और उसे चोर चोर कह रहे थे। फिर हम चुपके चुपके ये देखने लगे। मम्मी मेरे आगे खड़ी थी और मेरा लंड पकड़ रखा था और धीरे धीरे सहला रही थी और बाहर का नजारा देख रही थी। फिर ये देखकर मैं सोचने लगा के बाहर इतने सारे लोग खड़े हैं और इधर मम्मी अपने ही बेटे का लंड हिला रही हैं। फिर ये सोचकर मैं गर्म हो गया और फिर मम्मी के पीछे खड़े होकर मम्मी के बोबे सहलाने लगा और गाँड पर लंड रगड़ने लगा और गर्दन पर किस करने लगा। फिर मैं ऐसे ही करता रहा। मम्मी बाहर देखती रही। फिर मैंने मम्मी से पूछा के ठंड नहीं लग रही क्या अब। फिर मम्मी मुस्कुराकर बोली के तू चिपका जो खड़ा हैं ठंड कैसे लगेगी। फिर हम दोनों हँसने लगे। फिर जब सब लोग जाने लगे तो हम भी वापिस आने लगे। फिर मैं डिग्गी से नीचे उतरा और फिर मम्मी उतरने लगी तो फिर मैंने मम्मी को अपनी गोद मे उठा लिया और कमरे में ले जाने लगा। फिर कमरे में जाते ही मैंने मम्मी को थोड़ा दूर से ही बेड पर पटक दिया तो मम्मी जब बेड पर पड़ी तो पड़ते ही बेड टूट गया। फिर मम्मी खड़ी हुई और बेड को देखने लगी और फिर मुझे डांटने लगी और बोलने लगी के पास आकर नहीं छोड़ सकता था क्या मुझे बेड पर। फिर मैं मम्मी के पास गया और धीरे धीरे से बोला के जब तुम जैसी हसीन औरत साथ हो तो पलंग तो टूट ही जाता है। 

ये सुनकर मम्मी कुछ नहीं बोली और हँसने लगी। फिर मैं मम्मी को लेकर नीचे ही गद्दा लगाकर सो गया और मैं मम्मी के ऊपर आकर मम्मी के दोनों पैर ऊपर उठाकर मम्मी की चुत पर अपना लंड रगड़ने लगा। जिससे मम्मी को भी मजा आने लगा और फिर हम दोनों साथ मे ही झड़ गए और फिर सो गए।

फिर सुबह लेट ही उठे और काफी देर तक बिस्तर में ही लेटे रहे। फिर जब कमरे से बाहर आये तो धूप निकली देखकर मम्मी काफी खुश हुई और बोली के तू दूध ले आ जल्दी से। फिर मैं चाय पीकर जल्दी से काम कर लेती हूँ फिर तू मेरी मालिश करना आज। फिर मम्मी काम करने लगी और फिर मैं कपड़े पहनकर मार्केट चला गया और रास्ते मे भाई और भाभी से भी बात की। तो भाभी ने बताया के तुम्हारा भाई तो मम्मी की फ़ोटो देखकर बहुत गर्म हो जाता और फिर किसी तरह मुझे उन्हें शांत करना पड़ता हैं। एक बार तो हमे मेरी मम्मी ने भी देख लिया हमे करते हुए। फिर मैंने उनसे वापिस आने के लिए पूछा तो भाभी ने बताया के वो अभी कुछ दिन और रुक कर आएंगे। फिर मैंने दूध लिया और फिर जल्दी से घर आ गया। फिर मम्मी ने चाय बनाई और चाय पीकर वो फिर से काम मे लग गई और मैं चारपाई पर लेटकर मम्मी को देखने लगा। फिर मम्मी अपने कमरे की सफाई करने लगी और फिर कमरे में पड़े कंडोम को उठाकर कमरे से बाहर आई और फिर कंडोम को चूल्हे में डाल दिया और फिर से सफाई करने लगी। फिर हम दोनों नहाकर आंगन में बिस्तर लगाकर उस पर बैठ गए और फिर मैं मम्मी की मालिश करने लगा। फिर थोड़ी ही देर मैं मैंने मम्मी की मालिश कर दी। मम्मी का बदन तेल से धूप में चमकने लगा। फिर मैंने मम्मी को अपने गले लगाकर मम्मी की गाँड पर काफी सारा तेल डालकर गाँड सहलाने लगा। फिर मैंने मम्मी से कंडोम चढ़ाने के लिए कहा तो मम्मी कंडोम निकालकर मेरे लंड पर चढ़ाने लगी तो तभी कोई गेट पर आवाज देने लगा। वो वही पड़ोस की औरत थी। फिर मम्मी ने मेरे लंड पर कंडोम चढ़ाया और फिर मम्मी कमरे की तरफ जाने लगी तो मैं भी मम्मी के पीछे पीछे गया और मम्मी से कहा के तुम तेल से पूरी भीगी हुई हो कुछ भी पहनोगी तो कपड़े खराब हो जाएंगे। फिर मम्मी बोली के तो क्या करूं। फिर मैंने कहा के इस औरत को तुम्हारे जोड़ो के दर्द के बारे में पता हैं। तो तुम ये तौलिया लपेटकर चली जाओ और वो पूछे तो कह देना के तेल से मालिश कर रही थी। फिर मम्मी ने वैसा ही किया। मम्मी ने तौलिया लपेटा और जाने लगी तो मैंने मम्मी का तौलिया थोड़ा नीचे खिसका दिया जिससे की मम्मी के बोबे और ज्यादा दिखने लगे। फिर मेरी इस हरकत से मम्मी हँसने लगी और फिर मम्मी गेट खोलने चली गई। मम्मी तब काफी सेक्सी लग रही थी। फिर मम्मी ने थोड़ा साइड में होकर गेट खोला और फिर वो अंदर आ गई तो गेट फिर से बंद कर दिया। फिर उस औरत ने मम्मी को ऐसे देखा तो पूछने लगी। तो मम्मी ने वो ही कहा जो मैंने मम्मी को कहा था। फिर वो बैठकर बातें करने लगी। आज मैं कंडोम की डब्बी लाना फिर से भूल गया था तो फिर वो मम्मी ने उठाकर अपने बोबो और तौलिए के बीच छुपा ली। फिर वो बातें करती रही। फिर कोई काम से जब मम्मी अंदर कमरे में आई तो मम्मी ने कंडोम की डब्बी निकालकर रख दी और फिर जाने लगी तो मैंने मम्मी को पकड़ लिया और तौलिया निकालकर नंगी कर दिया और फिर किस करने लगा और बोबे दबाने लगा। फिर मम्मी ने छोड़ने के लिए बहुत कहा लेकिन मैंने नहीं छोड़ा और  10-15 मिनट तक मम्मी से मस्ती करता रहा। वो औरत बाहर बैठी इंतजार कर रही थी और इधर हम माँ बेटे मजे कर रहे थे। फिर मैंने मम्मी को छोड़ा और मम्मी जाने लगी तो मैंने मम्मी से उसके सामने अपना तौलिया गिराकर नंगी होने के लिए कहा तो मम्मी पहले तो नहीं मानी। लेकिन फिर मान गई और बाहर चली गई। फिर उसने मम्मी से पूछा के इतनी देर कहाँ लगा दी तो मम्मी ने कोई बहाना बना दिया और वो फिर से बातें करने लगी। मैं इंतजार करने लगा के कब मम्मी नंगी हो। फिर मम्मी बैठी हुई थी तभी मम्मी ने खुद अपने हाथ से अपना तौलिया उतारकर साइड में रख दिया और फिर उसे अपना बदन दिखाकर कहने लगी के देखो दर्द के कारण कैसे सूज गया हैं। फिर उसने मम्मी की चिकनी चुत देखी तो हँसने लगी और पूछने लगी के यहां के बाल कहाँ गए। फिर मम्मी ने उसे झूठी कहानी सुनाते हुए कहा के क्या बताऊँ बहन यहाँ खुजली हो गई थी। अब जाकर ठीक हुई हैं। डॉक्टर ने कहा था के इसे साफ रखना। फिर बेटे ने एक क्रीम लाकर दी हैं तो उससे अब साफ कर लेती हूँ। फिर ये सुनकर बोली के फिर तो साफ ही रखा कर। फिर उन्होंने कुछ देर और बातें की और तब तक मम्मी नंगी ही बैठी रही। फिर वो जाने लगी तो मम्मी ने उसे चाय के बारे में पूछा तो फिर उसने कहा के बना लो तो फिर मम्मी नंगी ही जाकर चाय बनाकर ले आई। फिर वो चाय पीने लगी तो फिर उस औरत ने कहा के तुम बिना कपड़ों के घूम रही हो तुम्हारा बेटा घर पर नहीं हैं क्या। फिर मम्मी ने कहा के घर पर ही हैं। फिर उसने कहा के अगर उसने देख लिया तो। फिर मैं भी सोचने लगा के अब मम्मी क्या जवाब देगी। फिर मम्मी उससे बोली के मेरा के बेटा मेरी बेटी जैसा ही हैं। पहले मेरे खुजली हुई और फिर खून निकलने लगा और मुझे काफी दर्द होता तो उस पर मरहम पट्टी ये ही करता था। फिर मुझे बवासीर हुई तो फिर वहाँ भी दवाई इससे ही लगवाती थी। अब जोड़ो का दर्द हैं तो पहले तो मालिश मैं खुद कर लेती थी फिर बहु करने लगी और जब वो नहीं होती तो खुद ही करनी पड़ती हैं। लेकिन एक दिन जब दर्द काफी बढ़ गया तो इससे देखा नहीं गया तो फिर इसने मेरे कपड़े खोलकर मेरे पूरे बदन की मालिश की तो तब जाकर मुझे आराम मिला। अब कई दिनों से ये ही मेरी मालिश कर देता हैं। ये सुनकर वो औरत बोली के भगवान ऐसा बेटा सबको दे। मम्मी की बात सुनकर तो मैं भी थोड़ा हैरान हो गया था पर मम्मी ने सब संभाल लिया था। फिर वो औरत बोली के तू किस्मत वाली हैं जो तुझे ऐसा बेटा मिला हैं। फिर उन्होंने थोड़ी देर और बातें की और फिर वो जब जाने लगी तो मम्मी ने तौलिया हाथ मे लिया तभी मैंने कमरे से झांककर मम्मी को तौलिया ना लपेटने का इशारा किया तो मम्मी समझ गई और फिर मम्मी ने तौलिया हाथ मे लिए लिए ही उसके साथ गेट तक गई लेकिन तौलिया लपेटा नहीं। फिर मैं भी कमरे से बाहर निकल कर उन्हें देखने लगा। वो जाने लगी तो मम्मी गेट खोलकर साइड हो गई और फिर वो जब चली गई तो फिर मम्मी गेट बंद करके आ गई। फिर मैंने मम्मी से कहा के मैं तुम्हारी बेटी हूँ तो मुझे सूट वगेरह भी सिल्वा दो। 

 

ये सुनकर मम्मी हँसने लगी। फिर मैंने कहा के अच्छा हुआ। ये हमारे घर आती रहती हैं तो अब तुम्हें भाग कर कपड़े पहनने की कोई जरूरत नहीं होगी। फिर मम्मी बोली के हां। इसे सब बता दिया लेकिन फिर भी ये किसी को कुछ नहीं कहेगी। फिर हम वापिस बिस्तर पर आकर लेट गए और मम्मी मेरा लंड हिलाने लगी और जब लंड खड़ा हो गया तो मम्मी ने फिर से मुझे नया कंडोम पहनाया और फिर मैं मम्मी को घोड़ी बनाकर करने लगे और झड़ गया। फिर हम लेट गए तो मम्मी ने मेरा कंडोम उतारकर कंडोम के गांठ लगाकर आंगन में ही एक कोने में फेंक दिया और फिर हम एक दूसरे से चिपक कर लेट गए। फिर मेरी मौसी का फोन आ गया तो मम्मी मौसी से बात करने लगी और मैं उनकी बातें सुनने लगा। मैंने फोन लाउडस्पीकर पर डालकर पास में छोड़ दिया था और मम्मी से चिपक कर लेटा था। फिर मम्मी बात करते हुए ही मेरा लंड सहला रही थी और मैं मम्मी के बोबो को सहला रहा था। फिर मेरा लंड खड़ा हो गया तो मैं फिर गाँड में डालकर रगड़ने लगा और मम्मी बात करती रही। फिर मम्मी इससे डिस्टर्ब हो रही थी और मुझे पता था के इनकी बात जल्दी से खत्म होने वाली नहीं हैं तो मैं मम्मी को कहकर कपड़े पहनकर बाजार चला गया। फिर मैं बाजार में घूमने लगा और साथ मे भाभी से बात करने लगा और भाभी को सब बताया। फिर भाभी ने वीडियो कॉल की तो भाभी नंगी खड़ी थी। भाभी ने पहले कुछ नहीं बताया था। मैं मार्केट में था तो फिर मैंने जल्दी से फोन अपनी छाती के लगाया और फिर किसी एकांत जगह पर जाकर बात करने लगा। फिर मैंने भाभी से कहा के पहले बताया तो करो के नंगी हो। मैं मार्केट के था। फिर भाभी ने सॉरी कहा और फिर बताने लगी के सब लोग बाहर गये हैं और तुम्हारे भाई ने अभी मेरी चुदाई की थी तो बस नंगी ही घूम रही हूँ। फिर मै और भाभी काफी देर बातें करते रहे और फिर मैंने भाभी को बेड टूटने के बारे में बताया तो भाभी हँसने लगी और बोली के चुदाई चुदाई कर कर के बेड ही तोड़ दिया क्या। फिर मैंने भाभी के बताया के अभी लंड तो अंदर डाला ही नहीं बस ऊपर से ही रगड़ कर झड़ जाता हूँ। फिर भाभी ने पूछा के अंदर क्यों नहीं डाला। फिर मैं बोला के मैं मम्मी से शादी करके सुहागरात मनाऊंगा उस दिन ही डालूंगा। फिर भाभी बोली के और शादी कैसे होगी। फिर मैं बोला के कुछ न कुछ सोच लेंगे। फिर हमे बाते करते हुए अंधेरा हो गया तो फिर मैं जल्दी से घर आ गया। फिर घर आकर गेट खटखटाया और आवाज लगाई तो फिर मम्मी गेट खोलने आई और साथ मे एक हाथ मे कंडोम लाई और फिर वो कंडोम बाहर नाली में डालने लगी तो मैंने मम्मी को रोक दिया और फिर मम्मी को जल्दी से अंदर ले गया और कहने लगा के कंडोम बाहर क्यों डाल रही थी। किसी ने देख लिया होता तो सब पता चल जाता सबको। फिर मम्मी हँसकर बोली के ओह ये तो मैंने सोचा ही नहीं। फिर मैं बोला के तो अब ध्यान रखा करो। फिर हमने खाना खाया और फिर जल्दी से नंगे होकर बिस्तर में घुस गए और फिर मैं मम्मी को चुदाई वाली वीडियो दिखाने लगा। मम्मी वो वीडियो देखकर हैरान हो गई। फिर साथ मे मैं मम्मी की चुत चुसने लगा तो मम्मी गर्म तो पहले से ही थी तो फिर जल्दी ही झड़ गई। फिर मम्मी ने मेरा चूसकर मुझे भी झाड़ दिया और फिर मैं करवट लेकर सो गया तो फिर मम्मी मेरे पीछे से चिपक कर सो गई और मेरा लंड अपने हाथ मे ले लिया। फिर इस दिन के बाद से मम्मी हर रात मेरा लंड पकड़कर ही सोने लगी। फिर अगले कई दिनों तक धूप नहीं निकली तो हम कमरे में रजाई में ही लेटे रहे। हम नहाए भी नहीं और ठंड काफी थी तो मम्मी ने सफाई वगैरह का कुछ काम नहीं किया। अब हमारा एक दूसरे के बगैर बिल्कुल भी मन नहीं लगता था तो हर टाइम हम एक दूसरे से चिपके रहते।

 

आगे कहानी जारी रहेगी.......

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