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भाभी : दोस्ती, प्यार और चुदाई (भाग - 3) 
@Kamvasna 04 मई, 2023 2287

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उम्मीद है के आपको कहानी पसंद आ रही होगी। इस भाग मे आगे पढिए के मैंने मम्मी के साथ कैसे कैसे मजे किए ......

ये सब बस ऐसे ही चलता रहा। मैं और भाई मम्मी को बताए बगैर मम्मी से मजे लेते रहे। फिर भाभी को अपने मायके जाना था। भाभी को मायके गए हुए काफी टाइम हो गया था। फिर जब इसके लिए भाभी ने मम्मी से पूछा तो मम्मी उन्हें मना नहीं कर पाई और जाने के लिए कह दिया। पर मम्मी को अपनी मालिश की चिंता सताने लगी। तब सर्दी भी आ गई थी और सर्दियों में जोड़ो का दर्द भयंकर हो जाता हैं। फिर भाभी ने मम्मी से कहा के आपकी मालिश देवर जी कर दिया करेंगे। दर्द सहने से अच्छा हैं के आप इनसे अपनी मालिश करवा लेना। ये आपका बेटा ही हैं कोई दूसरा आदमी तो हैं नहीं। इस प्रकार भाभी ने मम्मी को समझाया तो मम्मी मान गई। फिर भाभी जाने वाली थी तो मैं भाभी से ही चिपका रहने लगा और कोई मौका नहीं छोड़ता। जितना हो सकता भाभी को नंगी ही रखता और रात में भी मैं भाभी की काफी चुदाई करता। फिर भाई और भाभी तो चले गए तो मैंने अपना बिस्तर मम्मी के कमरे में बिछा दिया। मम्मी को इधर उधर आने जाने में तकलीफ होती तो मैं ही मम्मी को सहारा देकर ले जाता। रात को मैं सिर्फ अंडरवियर में सोता और मम्मी और भाभी को याद करके मुठ मारता। फिर अगले दिन शाम को खाना खाने के बाद मम्मी को मैं बिस्तर पर सुला आया और फिर मैं छत पर जाकर घूमने लगा। फिर मैंने अपना फोन चेक किया तो देखा के भाभी ने व्हाट्सप्प पर मुझे अपनी नंगी फ़ोटो भेज रखी थी। वो फ़ोटो देखकर मैं काफी गर्म हो गया और अपना लंड निकालकर सहलाने लगा। 

 

भाभी : दोस्ती, प्यार और चुदाई (भाग - 1)

भाभी : दोस्ती, प्यार और चुदाई (भाग - 2)

 

तभी मम्मी ने आवाज लगाई तो मैं नीचे आ गया और जैसे ही मैं कमरे में गया तो देखा के मम्मी ने अपने कपड़े खोलकर मेरे बिस्तर पर डाल रखे थे और वो रजाई में नंगी सोई थी। रजाई उनकी छाती से थोड़ी नीची थी तो उनके बोबे थोड़े थोड़े दिख रहे थे। फिर मम्मी बोली के बेटा आज जोड़ो में काफी दर्द हो रहा हैं जा तू तेल गरम करके ले आ और फिर मालिश कर देना। फिर मैं किचन में गया और तेल गरम करने लगा और मैं काफी खुश हुआ। फिर मैं जल्दी से तेल गरम करके ले गया और फिर मैंने कमरे के गेट बंद करके अंदर से कुंडी लगा दी। फिर मम्मी ने मुझसे कपड़े खोलने के लिए कहा ताकि कपड़ो के तेल ना लग जाये। फिर मैं कपड़े खोलने लगा तो तभी मम्मी ने अपनी रजाई अपनी कमर तक कर दी तो मुझे उनके बोबे साफ दिखने लगे। फिर मैं अंडरवियर में तेल की कटोरी लेकर मम्मी के पास गया। मेरा लंड पूरा खड़ा था तो मेरी अंडरवियर में तंबू बन गया था। पर मैंने इसे मम्मी से बिल्कुल भी नहीं छुपाया। फिर मैं मम्मी के पास जाकर खड़ा हो गया तो फिर मम्मी ने अपने ऊपर से रजाई हटा दी और मेरे सामने पूरी नंगी हो गई। मम्मी को नंगी देखकर मुझे हंसी आ गई। मुझे हंसता देखकर मम्मी मुस्कुराते हुए बोली के हंस मत मालिश कर। फिर मैं पहले मम्मी के कंधों की मालिश करने लगा। फिर कंधों के बाद हाथों की करने लगा। इस दौरान कई बार मेरे हाथ मम्मी के बोबो से लग गया था। फिर मैं मम्मी के हाथों की उंगलियों की मालिश करने लगा। मैं मम्मी की काफी अच्छे से मालिश कर रहा था जिससे मम्मी को काफी आराम मिल रहा था। फिर इसके बाद मैं मम्मी के पैरों की मालिश करने लगा। मैं मालिश पैरों की कर रहा था पर मेरा ध्यान मम्मी की चुत पर था। फिर मैंने मम्मी के पैरों की, घुटनों की और फिर घुटनो से ऊपर तक मालिश करने लगा। इससे मम्मी को काफी आराम मिल रहा था तो मम्मी आंखें बंद करके लेटी थी। फिर मम्मी ने अपने पैर पूरे खोल दिये तो मैं चुत तक तेल लगाकर मालिश करने लगा। जिससे मेरा हाथ चुत पर भी लग रहा था। एक दो बार मैंने हाथ मम्मी की चुत पर भी रख दिया था। लेकिन फिर भी मम्मी कुछ नहीं बोली। फिर मैं चारपाई पर बैठ गया और मम्मी के पैर को अपने कंधों पर रखकर मालिश करने लगा। फिर मैंने मम्मी के दोनों पैर अपने कंधों पर रख लिए और मालिश करने लगा। मैं जोर जोर से मालिश कर रहा था जिससे मम्मी को दर्द हो रहा था तो मम्मी थोड़ा चिल्ला रही थी जिससे ऐसे लग रहा था जैसे कि मम्मी की चुदाई हो रही हैं। 

 

फिर जब पैरों की मालिश हो गई तो मम्मी अपने पैर हवा में हिलाने लगी और बोली के पैर काफी हल्के हो गए हैं। फिर मैंने मम्मी से उल्टी होकर लेटने के लिए कहा ताकि मैं पीछे से उनकी मालिश कर सकूँ। फिर मम्मी जब उल्टी हुई तो उनकी बड़ी सी गाँड हिलने लगी जिसे देखकर तो मैं बिल्कुल पागल हो गया। फिर मैं पहले मम्मी के पैर के तलवों की मालिश की और फिर धीरे धीरे मालिश करते हुए घुटनो तक आया और फिर हिम्मत करके मम्मी की गाँड की मालिश करने लगा। मैं काफी देर तक मम्मी की गाँड की मालिश करता रहा तो फिर मम्मी बोली के ऊपर तक भी कर दे। फिर मैं मम्मी की कमर की मालिश करने लगा। मैं मम्मी के साइड में बैठा था तो मुझसे मालिश सही से हो नहीं रही थी तो मैं मम्मी के पैरों की तरफ जाकर खड़ा हो गया और फिर मालिश करने लगा। लेकिन तभी मेरे हाथ फिसल गए और मैं सीधा मम्मी पर जा पड़ा और मेरा मुँह सीधा मम्मी की गाँड में घुस गया। जिससे मुझे मम्मी की गाँड की बदबू आने लगी। फिर मम्मी ने पीछे मुड़कर देखा और फए हंसते हुए पूछने लगी के क्या हुआ। फिर मैंने बताया के तेल के कारण मेरे हाथ फिसल गए। फिर मम्मी बोली के तो मेरे पैरों पर बैठकर कर दे। फिर मैं बोला के पैरों पर बैठूंगा तो तेल लग जायेगा अंडरवियर के। फिर मम्मी बोली के तो अंडरवियर खोल के बैठ जा। फिर मैं हँसने लगा और बोला के नहीं। फिर मम्मी भी हँसने लगी और बोली के तू बचपन में नंगा ही घूमता था मेरे सामने। तेरी माँ हूँ मैं। मैं लेटी ही हूँ ना बिना कपड़ों के तो तुझे कैसी शर्म। फिर मैं बोला के ठीक हैं। फिर मैं अपना अंडरवियर खोलकर मम्मी के कपड़ो पर रख दिया और फिर मम्मी की गाँड से थोड़ा पीछे बैठ गया और फिर मालिश करने लगा। जब मैं आगे की और झुक कर मालिश करने लगा तो मेरा लंड मम्मी की दोनों टांगों के बीच चला जाता। फिर मैं थोड़ा सा आगे होकर बैठ गया जिससे कि मेरा लंड मम्मी की गाँड पर फिट हो गया। फिर मैं अच्छे से मम्मी के कंधों और गर्दन की मालिश करने लगा। फिर जब मम्मी ने अपनी पूरी गर्दन पीछे की तो मम्मी को अपनी गाँड में घुसा हुआ मेरा लंड दिख गया जो कि थोड़ा सा दिख रहा था। फिर मम्मी ने एक दो बार और देखा। फिर जब पीछे की मालिश हो गई तो फिर मैं घुटनो के बल खड़ा हो गया तो मम्मी घूम गई और सीधी होकर सो गई। मेरा लंड तब पूरा खड़ा था और फिर मैं अपनी बॉडी मम्मी को दिखाने लगा। मेरी बॉडी कुछ ज्यादा खास तो नहीं थी पर कम भी नहीं थी। मम्मी मुझे और मेरे लंड को देखकर हँसने लगी। फिर मैंने मम्मी से उनके पेट की मालिश करने को पूछा तो वो बोली के हां ऊपर तक कर दे। फिर मैंने काफी सारा तेल मम्मी के पेट पर डाला और फिर पेट की मालिश करने लगा और फिर धीरे धीरे अपने हाथ मम्मी के बोबो की तरफ ले जाने लगा। फिर मैं मम्मी के बोबो की मालिश करने लगा और मम्मी देखने लगी। फिर मैं आगे मम्मी की छाती तक आ गया और मेरा लंड मम्मी के मुँह के पास आ गया। लाइट का बल्ब दूसरी तरफ लगा था जिससे कि मेरे लंड की छाया मम्मी के मूंह पर पड़ रही थी। फिर मैं अपने चिकने हाथ अपने लंड पर मसलने लगा। ये देखकर मम्मी हंसते हुए बोली के बेशर्म कहीं का। फिर मैं साइड होकर लेट गया और फिर मम्मी ने मेरे और अपने ऊपर रजाई ले ली। फिर मम्मी बोली के तेरी मालिश से मुझे काफी ज्यादा आराम मिला हैं। तू अब लगातार रोज ही मालिश कर देना। फिर मैं बोला के ठीक हैं। 

 

फिर मैं मम्मी से चिपक कर सो गया तो मम्मी के बोबे मेरी छाती से लगने लगे और फिर मम्मी ने भी मेरी कमर में हाथ डाल दिया। फिर मैं नीचे से मम्मी के साथ लगा तो मेरे लंड का सुपाड़ा मम्मी की चुत में जाने लगा तो मम्मी दूसरी तरफ मुँह करके सो गई और फिर मुझे भी सोने के लिए कहा। लेकिन मुझे बिल्कुल भी नींद नहीं आ रही थी। फिर मैं पीछे से मम्मी से चिपक कर सो गया और मम्मी की गाँड सहलाने लगा। फिर मैंने पीछे से अपना लंड मम्मी की गाँड पर रगड़ने लगा और फिर झड़ गया और फिर ऐसे ही सो गया। फिर रात को मम्मी मेरी तरफ मुँह करके सो गई और मेरा मुँह अपने बोबो में डालकर सो गई और एक पैर मेरे ऊपर रख लिया। फिर सुबह जब मुझे जाग आई तो मम्मी जगी हुई थी। फिर मैंने अपना मुँह मम्मी के बोबो से निकालकर ऊपर की तरफ देखा तो मम्मी मुस्कुराते हुए बोली के उठ गया। फिर मैं थोड़ा ऊपर की और सरका और मम्मी को अपने से चिपका लिया। फिर मम्मी ने भी अपना हाथ मेरी पीठ पर रख दिया। 

 

फिर मैं चारपाई से नीचे उतरा और खड़ा होकर अंगड़ाई लेने लगा। मेरा लंड तब पूरा खड़ा था। फिर मम्मी ने अपनी गाँड में खुजली करने के लिए हाथ डाला तो मम्मी के हाथ पर मेरा रात का डाला हुआ चिपचिपा पानी लग गया। फिर जब मैंने ये देखा तो फिर मैं बोला के मैं अभी साफ कर देता हूँ। फिर मैंने एक कपड़ा गीला किया और फिर मम्मी से करवट बदलने के लिए कहा तो मम्मी ने करवट बदल ली और मेरी तरफ गाँड करके सो गई और अपने हाथ से अपनी गाँड चौड़ी भी कर ली। फिर मैं मम्मी की गाँड पोंछने लगा। फिर मम्मी ने अपना एक पैर ऊपर उठा लिया तो फिर मैंने मम्मी की चुत और आसपास की जगह भी पोंछ दी। फिर मम्मी उठकर बैठ गई। तब मैं मम्मी के बिल्कुल सामने खड़ा था जिससे मेरा लंड मम्मी के मुँह के बिल्कुल सामने था। फिर मम्मी ने मुझसे कहा के उन्हें लैट्रिन जाना हैं लेकिन बाहर सर्दी बहुत हैं और मैं जोड़ो में दर्द फिर से शुरू हो गया हैं। फिर मैं बोला के तो क्या करें। फिर अचानक मेरे दिमाग में एक आईडिया और मैंने मम्मी से रजाई में बैठे बैठे ही फ्रेश होने के किये कहा। तो मम्मी बोली के ऐसे तो बिस्तर खराब हो जाएगा। फिर मैं बोला के नहीं होगा। फिर मैं नंगा ही कमरे से बाहर गया और किचन से एक थाली और एक बड़ी कटोरी ले आया। मम्मी ने मुझे पीछे से आवाज लगाई के ठंड बहुत हैं कपड़े पहनके जा। पर मैं जल्दी ही आ गया। फिर मैंने मम्मी से बिस्तर पर उकड़ू बैठने के लिए कहा तो मम्मी बैठ गई और फिर मैंने थाली मम्मी की गाँड के नीचे रख दी और वो बड़ी कटोरी मम्मी की चुत के आगे। फिर मैंने मम्मी से लैट्रिन करने को कहा। फिर मम्मी लैट्रिन करने लगी और उनकी गाँड से लैट्रिन निकलने लगी। फिर मम्मी पेशाब करने लगी तो पेशाब का प्रेसर ज्यादा था तो मैंने कटोरी टेढ़ी कर दी जिससे कि पेशाब कटोरी से लगकर थाली में जाने लगा। कमरे में  इससे बदबू फैल गई थी पर मम्मी ऐसे काफी खुश थी। फिर जब मम्मी ने लैट्रिन कर ली तो मैंने थाली उठाकर नीचे रख दी जो कि मम्मी की लैट्रिन और पेशाब से भरी हुई थी। फिर मैंने फिर से मम्मी की गाँड और चुत पोंछ दी और फिर मम्मी रजाई ओढ़कर लेट गई। फिर मम्मी खुश होकर बोली आज तो पता ही नहीं चला लैट्रिन करने का। अब से मैं ऐसे ही लैट्रिन किया करूंगी। फिर मैं भी खुश होकर मम्मी के साथ लेट गया और मम्मी की गाल पर किस कर दी और फिर बूब चुसने लगा। 

 

बाहर धूप चढ़ गई थी और हम अभी भी रजाई में ही लेटे थे। फिर मम्मी मुझसे बोली के जा जाकर दूध ले आ फिर चाय बनाकर पियेंगे। फिर मैं खड़े होने से पहले आखिर बार मम्मी के बोबे सहलाये तो मम्मी हँसने लगी और फिर मैं अपने कपड़े पहनकर दूध लाने चला गया। जब मैं दूध लेके आ रहा था तो मेरे मन मे कंडोम और बाल हटाने वाली क्रीम लेने का ख्याल आया। फिर मैंने एक मेडिकल से वो ले लिए और फिर जल्दी जल्दी घर आ गया। घर आया तो देखा के मम्मी कमरे से बाहर धूप में चारपाई पर बैठी थी। फिर मुझे देखकर खड़ी हुई और फिर नंगी ही किचन में चाय बनाने चली गई। फिर मैं भी नंगा होकर बैठ गया और अपने लंड को सहलाने लगा। फिर मम्मी चाय लेकर आने लगी तो मैंने एक फोटो ली जिसमे मेरा लंड और मम्मी दोनों दिख रहे थे और फिर वो मैंने भाई और भाभी को भेज दी। फिर मैं और मम्मी चाय पीने लगे। फिर चाय पीते पीते मम्मी बोली के आज धूप काफी अच्छी हैं तू आज और मेरी मालिश कर देना। ये सुनकर मैं बहुत खुश हुआ। उधर भाई और भाभी भी फ़ोटो देखकर हैरान रह गए। 

 

फिर मम्मी आंगन में झाड़ू लगाने लगी तो मैंने मम्मी की कई फ़ोटो और ली और भाई भाभी को भेज दी। फिर मम्मी ने खाना बनाया और फिर मुझे नहाने के लिए कहा। तो फिर मैंने नहाने से पहले बाल हटाने वाली क्रीम लगाई। जिसे देखकर मम्मी बोली के ये क्या लगाया हैं। फिर मैं बोला के कुछ देर में पता चल जाएगा। फिर मैंने मम्मी के सामने ही क्रीम पोंछि तो मेरे सारे बाल उतर गए। ये देखकर मम्मी हैरान हो गई। फिर मम्मी बोली के कौनसी क्रीम हैं। फिर मैंने मम्मी को वो क्रीम दे दी तो मम्मी उसे बड़ी गौर से देखने लगी। फिर मम्मी ने पूछा के इसे कैसे लगाते हैं। फिर मैं बोला के लाओ मैं लगा देता हूँ। फिर मैंने मम्मी की खाको में क्रीम लगा दी। मम्मी की चुत के बाल भी बढ़े हुए थे तो मैंने मम्मी से वहाँ भी क्रीम लगाने का पूछा तो मम्मी पैर फैलाकर बैठ गई तो मैंने मम्मी की चुत और गाँड पर क्रीम लगा दी। फिर मैंने थोड़ी क्रीम मम्मी के पेट पर और मुँह पर भी लगा दी। फिर मैंने मम्मी से थोड़ी देर रुक कर नहाने के लिए बोला। फिर मैं नहाने चला गया। मैं बाथरूम का गेट खुला छोड़कर ही नहा रहा था। फिर मैंने देखा के मम्मी ने दो बिस्तर आंगन के बीचोबीच लगा रही हैं। फिर मैं बस नहाने ही वाला था कि इतने में मम्मी भी अपना गर्म पानी लेकर आ गई और फिर मेरे सामने ही खड़ी होकर अपनी चुत और खाको को धोने लगी। पानी के साथ सारे बाल उतर गए और मम्मी की चुत बिल्कुल चिकनी हो गई। फिर मम्मी अपनी चिकनी चुत पर हाथ फेरने लगी और हँसने लगी। मम्मी अपनी चिकनी चुत देखकर काफी खुश हुई और फिर नहाने लगी। फिर मैं नहा लिया तो मैं बाथरूम से बाहर आ गया और मैंने कंडोम और तेल की कटोरी बिस्तर के साइड में रख ली और फिर लेटकर नहाती हुई मम्मी को देखकर अपना लंड सहलाने लगा। फिर कुछ देर बाद मम्मी नहाकर आई और मेरे पास आकर बैठ गई और अपने बाल सुखाने लगी और साथ मे बार बार अपनी चुत पर हाथ फेरने लगी और खुश होने लगी। फिर मम्मी ने अपने बालों में तेल लगाया और फिर मेरे साथ लेट गई। फिर  मम्मी अपनी चुत पर और मैं अपने लंड पर हाथ फेरने लगा। फिर मैंने एक हाथ से मम्मी की चुत सहलाने लगा तो मम्मी ने अपना हाथ हटा लिया और फिर मैं मम्मी की चुत ऐसे ही सहलाता रहा। फिर मैंने हाथ हटा लिया तो मम्मी फिर से अपनी चुत सहलाने लगी। मम्मी ने गले मे कुछ नहीं पहना था और कानों में भी छोटे छोटे झुमके थे। फिर मैं उठकर बैठ गया और फिर मम्मी का हाथ पकड़कर मम्मी को चलने के लिए कहा तो मम्मी बोली के कहाँ। फिर मैंने कहा के चलो तो सही। फिर मैं खड़ा हो गया और फिर मम्मी भी खड़ी हो गई तो फिर मैं मम्मी को लेकर भाभी के कमरे में ले गया। भाभी के कमरे में एक बड़ा शीशा लगा था तो मम्मी उसके सामने खड़ी होकर खुद को देखने लगी। फिर मैंने अलमारी खोलकर भाभी की बड़ी बड़ी बालियां निकाली और एक चेन निकाली और फिर वो मम्मी को पहनादी तो मम्मी और भी सेक्सी लगने लगी। फिर हम बाहर आ गए और मम्मी लेट गई। फिर मैं मम्मी की फ़ोटो खींचने लगा। तभी अचानक मम्मी का ध्यान कंडोम की डिब्बी की तरफ गया तो मम्मी उसे हाथ मे लेकर देखने लगी और बोली के ये क्यों लाया हैं। फिर मैं बोला के ये मैं अपने लिए लाया हूँ। फिर मम्मी बोली के तू क्या करेगा इसका। फिर मैं बोला के इसे लगाने के बाद रात की तरह चिपचिपा पानी नहीं लगेगा आपके। ये सुनकर मम्मी मुस्कुराने लगी और फिर कंडोम की डिब्बी अपने बोबो पर रखकर लेट गई तो मैंने मम्मी की फ़ोटो खींच ली। फिर मम्मी तेल लेकर अपनी चुत की मालिश करने लगी तो मैं मम्मी की वीडियो बनाने लगा और फिर ये फोटो और वीडियो भाई और भाभी को भेज दी। फिर भाभी का रिप्लाई आया के मम्मी की फ़ोटो वीडियो मत भेजो। तुम्हारे भाई की हालत खराब हो रही हैं। फिर ये पढ़कर मैं हँसने लगा। फिर मैं फोन छोड़कर मम्मी की मालिश करने लगा। 

 

मैं मालिश करने के लिए मम्मी के दोनों पैर खोलकर मम्मी के सामने बैठ गया और मम्मी के बोबो पर तेल डालकर मालिश करने लगा। जब मैं मम्मी के कंधों की मालिश करने के लिए आगे की और झुकता तो मेरा लंड मम्मी की चुत के लग जाता और मैं अपने लंड से मम्मी की चुत को उपर से सहला देता। फिर मैं और आगे की और होकर बैठ गया जिससे कि मेरा लंड मम्मी की चुत पर लगा रहने लगा। फिर मैं जब मालिश करने के लिए आगे पीछे होता तो मेरी गोलियों से मम्मी की चुत सहलाने लगी। फिर मैं मम्मी के पैरों की मालिश करने लगा। फिर मैंने मम्मी के दोनों पैर अपने कंधों पर रख लिए और मालिश करने लगा। फिर मैंने मम्मी से कंडोम के डिब्बे में से एक कंडोम निकालकर देने के लिए कहा तो मम्मी ने कंडोम का एक पैकेट निकाल लिया और फिर उस पैकेट को फाड़कर कंडोम बाहर निकाल कर मुझे दे दिया। फिर मैंने वो अपना लंड पर चढ़ा लिया और।फिर थोड़ा आगे की और होकर मम्मी के पैर और ऊपर की और कर दिए और अपना लंड मम्मी के दोनों पैरों के बीच डाल कर रगड़ने लगा और साथ मे पैरों की मसाज करने लगा। फिर थोड़ी देर करने के बस मैंने मम्मी को उल्टा कर दिया और उनकी गाँड पर काफी सारा तेल डालकर मालिश करने लगा। फिर मैं पैरों की मालिश करने लगा और फिर कमर और कंधों की मालिश की। मैं मम्मी की मालिश काफी देर से कर रहा था और एक एक जगह की मालिश कई बार कर दी थी। फिर मम्मी बोली के बस कर अब। फिर मैं बोला के बस थोड़ी सी और रह गई। फिर मैंने मम्मी को घुटनों के बल खड़ा कर लिया और मैं खुद मम्मी के पीछे खड़ा हो गया और मम्मी के बोबे हाथों में लेकर सहलाने लगा और अपना लंड मम्मी की टांगों के बीच मे डालकर रगड़ने लगा। मम्मी की सॉफ्ट सॉफ्ट गाँड का एहसास कुछ अलग ही हो रहा था। फिर मैं ऐसे कई देर तक करता रहा और मम्मी भी मेरा साथ देती रही। फिर अचानक तभी गेट पर कोई आ गया और थपथपाने लगा। फिर मम्मी बोली के छोड़ो कोई आ गया हैं। लेकिन मैंने मम्मी को और कसकर पकड़ लिया और कहा के बस थोड़ी देर और। फिर मैं अपना लंड जोर जोर से रगड़ने लगा। फिर मैं थोड़ा आगे की और झुका तो मम्मी आगे की और गिरने लगी तो मम्मी ने आगे की तरफ हाथ रख दिये और घोड़ी बन गई। फिर मैं मम्मी को कमर से पकड़कर करने लगा। मेरे धक्कों से मम्मी की गाँड जोर जोर से हिलने लगी जिसे देखकर मैं और ज्यादा गर्म हो गया और फिर झड़ गया। फिर मैंने अपना लंड मम्मी की गाँड से निकाला तो कंडोम मम्मी की गाँड में ही फंसकर रह गया। फिर मम्मी खड़ी हुई और जल्दी से कपड़े पहनने के लिए कमरे की तरफ जाने लगी तो मैंने मम्मी को आवाज लगाकर कहा के तुम्हारी गाँड में मेरा कंडोम रह गया। तो मम्मी ने फिर अपनी गाँड में हाथ डालकर फसा हुआ कंडोम निकाला और फिर कमरे में चली गई। फिर जल्दी से कपड़े पहनकर मम्मी बाहर आई।और मुझे अंदर जाने के लिए कहा। फिर मैं अंदर चला गया और मम्मी ने जाकर गेट खोला तो देखा के पड़ोस की कोई औरत थी। फिर वो आकर आंगन में उस बिस्तर पर ही बैठ गई। मैं उन्हें कमरे में से देख रहा था। फिर मैंने देखा के कंडोम का डिब्बा वहीं पड़ा हैं तो फिर जब मम्मी का ध्यान उस तरफ गया तो फिर मम्मी ने वो तकिए के नीचे खिसका दिया। फिर वो औरत मम्मी से पूछने लगी के क्या कर रही थी तो मम्मी ने कहा के जोड़ दर्द कर रहे थे तो मालिश कर रही थी। फिर वो इधर उधर की बातें करने लगी और कुछ देर बाद वो चली गई। फिर उसके जाते ही बाहर आ गया और बिस्तर पर लेट गया। फिर मम्मी आई और अपने कपड़े खोलकर मेरे पास ही बैठ गई। फिर वो अपनी टाँगे फैलाकर अपनी चुत साफ करने लगी तो मुझे पता चला के मम्मी की चुत ने भी पानी छोड़ दिया था। फिर हमें भूख लग गई थी तो हमने चूल्हे के पास जाकर खाना खाने लगे। फिर घी देखकर मुझे विचार आया के तेल की जगह अगर घी से मालिश की जाए तो। फिर मैंने मम्मी से घी से मालिश करने के लिए कहा तो मम्मी बोली के घी तेल से तो अच्छा ही होता हैं। फिर मैं बोला के तो इस बार मे घी से ही तुम्हारी मालिश करूंगा। फिर खाना खाने के बाद मम्मी घी गरम करके ले आई और घी साइड में छोड़कर लेट गई।

 

आगे कहानी जारी रहेगी....

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