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भाभी : दोस्ती, प्यार और चुदाई (भाग - 12) 
@Kamvasna 05 मई, 2023 1229

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सेल्समैन के जाने के बाद मैं लुंगी खोलकर चारपाई पर लेट गया और फिर मम्मी भी मेरे साथ ही लेट गई और मेरा लंड हाथ मे लेकर सहलाने लगी। तब घर का मैन गेट खुला पड़ा था। लेकिन हम बिना किसी डर के नंगे सोये थे। फिर मैं मम्मी के बोबे चुसने लगा। तभी मुझे आइसक्रीम वाले कि आवाज सुनाई दी। तो मैंने मम्मी से पूछा के आइसक्रीम खाओगी तो मम्मी मुस्कुराकर बोली के हां ले आओ। फिर मैंने अपनी लूँगी पहनी और पैसे लेकर मैन रोड की तरफ दौड़कर गया और फिर आइसक्रीम वाले से दो बर्फ वाली और दो क्रीम वाली आइसक्रीम लेकर आ गया और घर का मैन गेट बंद कर दिया। फिर मैंने आइसक्रीम मम्मी को दी तो मम्मी बर्फ वाली आइसक्रीम चुसने लगी। फिर मैंने मम्मी से बोला के अब पुराने तरीको से आइस क्रीम खाना छोड़ दो। मम्मी कुछ समझी नहीं। फिर मैंने मम्मी के हाथ से आइस क्रीम लेकर मम्मी की चूत में डाल दी और अंदर बाहर करने लगा। ये देखकर मम्मी हँसने लगी। फिर जब मम्मी की चुत ज्यादा ठंडी होने लगी तो मैंने आइसक्रीम निकाल ली। फिर मैंने मम्मी से कहा के जो औरत ज्यादा गर्म हो उसकी चुत को ऐसे ठंडी करनी चाहिए। ये सुनकर मम्मी हँसने लगी। 

 

फिर मैंने मेरे वाली आइसक्रीम मम्मी की गाँड में डाल दी। फिर थोड़ी देर बाद बाहर निकाल ली और मैं फिर आइसक्रीम चुसने लगा। इस प्रकार हमने बर्फ वाली आइसक्रीम खाई। फिर मैंने क्रीम वाली आइसक्रीम ली और उसे मम्मी के बोबो पर डाल दी और फिर मम्मी को बाहों में लेकर आइसक्रीम के साथ साथ मम्मी के बोबे चुसने लगा। मम्मी का बुरा बदन आइसक्रीम से भर गया। फिर मैंने दूसरी क्रीम वाली आइसक्रीम ली और मम्मी से उसे मेरे लंड पर लगाकर खाने के लिए कहा तो मम्मी वैसा ही करने लगी। मम्मी ने सारी आइसक्रीम मेरे लंड पर डालकर मेरे लंड को चुसने लगी। जिससे मेरा लंड खड़ा हो गया। मैं और मम्मी के लगभग पूरे बदन पर आइसक्रीम लग गई थी तो फिर हम दोनों बाथरूम में जाकर नहाने लगे। फिर नहाने टाइम मैं मम्मी को दीवार के सहारे लगाकर चोदने लगा। मेरे झड़ने का कोई इरादा नहीं था तो मैंने थोड़ी देर बाद बिना खड़े ही लंड बाहर निकाल लिया और फिर हम दोनों बाथरूम से बाहर आ गए। फिर मैं तो अंदर कमरे में चला गया और मम्मी फर्श पर गिरी हुआ आइसक्रीम को साफ करने लगी। फिर आइसक्रीम साफ करके मम्मी कमरे में आई और मेरे खड़े लंड को देखकर मुस्कुराने लगी और फिर उसे अपनी चुत में डालकर मेरे ऊपर लेट गई। फिर हम दोनों को ऐसे ही नींद आ गई। फिर थोड़ी देर बाद हम उठे और फिर हम कमरे से बाहर आकर आंगन में घूमने लगे। तब शाम हो चुकी थी। फिर मम्मी मुझसे बोली के आज तेरी भाभी तो आई ही नहीं। फिर मैं बोला के आज नहीं आई तो कल जरूर आ जायेगी।

 

फिर मैंने भाभी को फ़ोन किया और वीडियो कॉल पर बात करने लगे। फिर भाभी ने बताया के हम कल जरूर आ जाएंगे। आज पापा को थोड़ा काम हो गया था। तब मैं और मम्मी आंगन में खड़े थे और मम्मी के हाथ मे मेरा लंड था। फिर मैंने ये भाभी को दिखाया तो भाभी बोली के मुझसे अब लंड के बगैर बिल्कुल नहीं रहा जा रहा है। मैं आते ही तुमसे खूब चुदवाऊंगी तुम तैयार रहना। फिर मैंने कहा के मेरा लंड भी आपकी चुत में जाने के लिए बेकरार है। हमारी ऐसी बातें सुनकर मम्मी हँसने लगी। फिर कुछ देर बात करने के बाद भाभी ने फोन रख दिया तो फिर मम्मी ने जाकर खाना बनाया और फिर हम खाना खाकर लेट गए। फिर मैंने भाई को कॉल किया तो उसने बताया के उसने छुट्टी के लिए अर्जी लगा दी है और कुछ ही दिनों में छुट्टी मिल जानी चाहिए। फिर मम्मी भाई से बोली के बेटा जल्दी से आ जा। फिर भाई अपना लंड जोर जोर से हिलाने लगता है और फिर मम्मी भी भाई के लंड को देखकर अपनी चुत सहलाने लगती है। फिर वो दोनों एक दूसरे को देखकर अपने लंड चुत सहलाते हुए झड़ जाते है। 

 

उन्हें देखकर मैं भी गर्म हो जाता हूँ। फिर मैं फोन सामने रखकर मम्मी की चुत में लंड डाल देता हूँ तो मम्मी सिस्कारियाँ लेने लग जाती है और भाई को भी मम्मी की चुत में अंदर बाहर होता हुआ लंड साफ दिख रहा होता हैं। फिर मैं झड़ने वाला होता हूँ तो सारा पानी मम्मी की चिकनी चुत पर डाल देता हूँ और साइड हो जाता हूँ। फिर मम्मी अपनी चुत से पानी अपनी उंगलियों में लेकर चाटने लगती है। भाई ये सब देखकर फिर से गर्म हो जाता है तो फिर भाई फिर से लंड हिलाने लगता है और फिर झड़ जाता है। फिर हम फोन काटकर सो जाते हैं। सोते टाइम मैं हमेशा मम्मी के बोबो मैं अपना मुँह डालकर सोता हूँ। लेकिन उस दिन मैं मम्मी की गाँड की तरफ मुँह करके सोया और अपना मुँह मम्मी की गाँड में डाल दिया। मम्मी ने भी अपनी गाँड पूरी मेरे मुँह से चिपका दी। मम्मी की गाँड से थोड़ी बदबू आ रही थी लेकिन वो भी मुझे काफी अच्छी लग रही है। फिर मैं मम्मी की गांड चाटने लगा और चाटता चाटता सो गया। फिर मुझे रात को एक दो बार जाग आई तो मैं फिर से मम्मी के गाँड के छेद में अपनी जीभ घुसा दी और फिर चाटने लगा।

 

फिर सुबह उठे तो फिर मैंने मम्मी को घोड़ी बनाया और फिर गाँड चाटने लगा। मम्मी की सारी गाँड मैंने अपने थूक से गीली कर दी। फिर मम्मी चाय बनाकर लाई। फिर चाय पीने के बाद जब मम्मी के प्रेशर बना तो फिर हम आंगन में चले गए और जाकर लेट गए और फिर मैंने मम्मी को मेरे मुँह पर अपनी गाँड करके बैठने को कहा तो फिर मम्मी बैठ गई तो फिर वो हगने लगी और साथ मे मेरे लंड को हिलाने लगी। फिर मम्मी लैट्रिन करने लगी तो मम्मी का लैट्रिन मेरे मुँह पर गिरने लगा और साथ मे मैं मम्मी की गाँड का छेद चाटने लगा। तब मैं काफी गर्म हो चुका था। फिर मेरे लंड से पिचकारियां चलने लगी तो फिर मम्मी मुँह में लेकर लंड चुसने लगी और फिर मैं पूरा झड़ घा तो फिर मैं शांत हो गया। फिर मम्मी ने पीछे देखा तो मेरा मुँह मम्मी के लैट्रिन से भरा हुआ था। मम्मी की लैट्रिन पतली थी तो मेरे सारे मुँह पर उनकी लैट्रिन फैली हुई थी। फिर मम्मी मेरे ऊपर ही घूम गई और फिर अपनी जीभ निकालकर मेरे मुँह से अपनी ही लैट्रिन चाटने लगी। उन्होंने मेरा मुँह चाटकर पूरा साफ कर दिया। फिर मम्मी मेरे से चिपक कर सो गई। फिर मम्मी मुझसे बोली के तू मुझे इतनी पसंद करता है क्या जो तुझे मेरा लैट्रिन और पेशाब इतना अच्छा लगता है। फिर मैं बोला के हां तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो। फिर ये सुनकर मम्मी मुझसे बोली के चल तू अब मेरे ऊपर आ जा। मैं भी आज तेरी लैट्रिन खाऊँगी क्योंकि मैं तुझे बहुत पसंद करती हूँ।

 

फिर मैं मम्मी से बोला के अभी मेरे प्रेशर बना नही हैं। फिर मम्मी बोली के कोई बात नहीं बन जायेगा। फिर मैं मम्मी के मुँह के ऊपर अपनी गाँड करके बैठ गया और मम्मी मेरे गाँड के छेद को अपनी जीभ से सहलाने लगी और साथ मे मेरी गाँड पर हाथ फेरने लगी। तब मैं मम्मी की छाती पर बैठा था मम्मी के नरम नरम बोबो पर। फिर मैं मम्मी से बोला के मेरे नहीं आएगी लैट्रिन मुझे थोड़ी कब्ज की शिकायत है। फिर मम्मी बोली के कोई बात नहीं जब तक नहीं आएगी तब तक हम ऐसे ही लेटे रहेंगे चाहे दोपहर ही क्यों ना हो जाये। मम्मी की चुत मेरे सामने थी तो मैं मम्मी की चुत अपने हाथ से सहलाने लगा और फिर चाटने लगा। फिर मम्मी भी मेरे गाँड के छेद को सहलाने और चाटने लगी। फिर थोड़ी देर बाद उन्होंने अपनी एक उंगली पर थूक लगाकर मेरी गाँड में घुसा दी। फिर मैंने मम्मी की तरफ देखा तो मुस्कुराने लगी। फिर वो उंगली अंदर बाहर करने लगी और साथ मे पीछे से मेरी पीठ सहलाने लगी तो फिर थोड़ी देर में मेरे प्रेशर बन गया। फिर मैंने अपनी गाँड ऊंची उठाई जिससे मम्मी की उंगली मेरी गाँड से बाहर निकल गई और फिर मैं लैट्रिन करने लगा। मेरी लैट्रिन पहले सूखी आई और मेरी गाँड से लटकने लगी तो फिर मम्मी ने उसे वैसी की वैसी ही अपने मुँह में ली। जिससे मम्मी का मुँह पूरा मेरी लैट्रिन से भर गया और बाकी की लैट्रिन बाहर पड़ गई। फिर पतली लैट्रिन आने लगी तो मैं थोड़ा आगे कि और हो गया जिससे लैट्रिन मम्मी के मुँह और बोबो पर गिर गई। फिर जब मेरी लैट्रिन खत्म हो गई तो फिर मैं मम्मी की तरफ मुड़कर उनके ऊपर लेट गया। फिर मम्मी ने अपने मुँह से मेरी सूखी लैट्रिन बाहर निकाली और फिर वो अपने होंठों पर जीभ फेरने लगी। मानो वो कह रही हो के जैसे मेरी लैट्रिन का स्वाद उन्हें काफी पसंद आया हो।

 

मेरी लैट्रिन मम्मी के मुंह और बोबो पर लगी हुई थी। फिर मैं मम्मी के होंठ चुसने लगा और साथ मे लंड चुत में डालकर धक्के लगाने लगा। फिर मैं मम्मी के बोबो को चुसने लगा और साथ मे बोबो पर लगी हुई अपनी लैट्रिन चाटने लगा। फिर मैंने मम्मी को उल्टी करके लेटा लिया और पीछे से उनकी गाँड में लंड डालकर उनके ऊपर ही लेट गया। पास ही मम्मी की लैट्रिन पड़ी थी तो फिर मैंने थोड़ा आगे की और होकर मम्मी की लैट्रिन के किस कर लिया। जिससे मम्मी की लैट्रिन मेरे होंठो पर लग गई। फिर ये देखकर मम्मी मेरी लंबी जीभ निकाल कर मेरी लैट्रिन चाटने लगी। फिर मैंने मम्मी का मुँह मेरी तरफ घुमाया और फिर हम किस करने लगे और साथ मे मैं मम्मी की गाँड मारता रहा। फिर मैं झड़ गया तो मम्मी के ऊपर से उतरकर साइड में लेट गया। फिर मम्मी उठी और मेरे ऊपर आकर मेरे सीने से लगकर बोली के हम दोनों शादी कर लेते है। मैं तेरे बच्चे की मां बनना चाहती हूं। फिर मैं बोला के मैं भी तुम्हे अपनी बीवी बनाना चाहता हूँ। फिर मम्मी ने अपना मुँह ऊपर उठाकर मुझसे कहने लगी के तो जब तेरा भाई और भाभी आएंगे तो हम उनसे बात करेंगे। फिर मैं बोला के ठीक है। 

 

फिर मम्मी वापिस मेरे सीने से लग गई और फिर कुछ देर हम ऐसे ही लेटे रहे। फिर उठकर बाथरूम में जाकर नहाए और ब्रश करके मुँह साफ किया। फिर नहाकर मैं तो आंगन में आ गया और मम्मी आंगन धोने लगी। आंगन में हमारी लैट्रिन पड़ी हुई थी। फिर मम्मी ने आंगन धोकर साफ कर दिया और सारी लैट्रिन नाली के सहारे बाहर निकाल दी। मम्मी जब आंगन साफ कर रही थी तो मम्मी की बड़ी गाँड और लटकते बोबो को देखकर मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा। फिर मम्मी घर का मैन गेट खोलकर खड़ी हो गई और झाड़ू से नाली को साफ करने लगी। फिर मम्मी को सामने से आंटी आती हुआ दिखी तो मम्मी ने मुझसे कहा के तेरी आंटी आ रही है। फिर ये सुनकर मैं उठकर मम्मी के पास जाकर खड़ा हो गया और अपना लंड सहलाने लगा। फिर आंटी जब हमसे थोड़ी दूर ही रही थी तो आंटी ने पीछे मुड़कर देखा और फिर अपने कपड़े खोलकर नंगी हो गई और फिर कपड़े हाथ मे लेकर हमारे पास आ गई। फिर मम्मी और आंटी एक दूसरे से गले मिली और फिर मैं भी आंटी से लगे लगा और फिर आंटी के बोबो को दबाने लगा। फिर मैंने आंटी को पकड़कर ऊपर उठा लिया और फिर अपनी गोद मे उठा लिया। 

 

फिर आंटी ने अपने कपड़े मम्मी को दे दिए और मम्मी फिर गेट से बाहर झाड़ू लगाने लगी और मैं आंटी को उठाकर अंदर ले गया और चारपाई पर लेटा दिया। फिर मैं आंटी की चुत चुसने लगा तो आंटी गर्म होने लगी। फिर मैं आंटी की चुत में लंड डालकर करने लगा। फिर इतने में मम्मी बाहर झाड़ू लगाकर गेट बंद कर दिया और फिर हमारे पास आकर आंटी के कपड़े चारपाई पर एक साइड में रख दिये और फिर वो चाय बनाने चली गई। फिर मैं आंटी को घोड़ी बनाकर चोदने लगा और फिर आंटी की गाँड में ही झड़ गया और आंटी भी झड़ गई। फिर आंटी मेरे गले से लग गई और जोर जोर से सांस लेने लगी। फिर मम्मी चाय बनाकर लेकर आने लगी तो तब मैंने मम्मी की तरफ देखा तो मम्मी मुस्कुराने लगी और फिर मैं और आंटी एक दूसरे से अलग हुए और फिर चाय पीने लगे। फिर आंटी और मम्मी बातें करने लग गई। फिर मम्मी ने आंटी को बताया के आज इसकी भाभी आ रही है। इस कारण अब कई दिनो के लिए वो घर पर ना आये। फिर आंटी बोली के मैं वैसे भी नहीं आ पाती। 

 

फिर मम्मी ने पूछा के क्यों तो फिर आंटी ने बताया के वो पति के साथ एक शादी में जा रही है। फिर मम्मी बोली के कितने दिन में आओगी शादी से। फिर आंटी बोली के 10 दिन तो लग ही जायेंगे। फिर वो दोनों ऐसे ही बातें करती रही। फिर कुछ देर बाद कपड़े पहनकर आंटी चली गई। फिर मम्मी मुझसे बोली के आज तेरी भाभी और उसके पापा आ रहे है तो तू मार्किट जाकर कुछ सामान वगेरह ले आ। फिर हमने सामान की एक लिस्ट बनाई और फिर मैं कपड़े पहनकर मार्किट जाने लगा। रास्ते मे मैंने भाभी को फोन किया तो भाभी ने बताया के वो चलने वाले है और शाम तक पहुंच जाएंगे। फिर मैंने कहा के ठीक है। फिर मैं सामान लेकर घर आ गया और मम्मी को भी ये बताया। फिर मम्मी बोली के तो जल्दी से काम कर लेते है। तू सब कमरे और चेक करले और कहीं कोई कंडोम या कोई और चीज ना पड़ी हो। फिर मैंने चेक किया पर ऐसा कुछ नहीं मिला। फिर मम्मी ने खाना बना लिया तो हमने नहाकर खाना खाया। फिर मम्मी अपने कपड़े पहनकर देखने लगी तो सब कपड़े बोबो और गाँड की जगह से टाइट हो गए थे और कमर की जगह से ढीले हो गए थे। फिर मम्मी मुझसे मुस्कुराकर बोली के तूने मेरे बोबो और गाँड को दबा दबाकर काफी बड़ा कर दिया है। फिर हम दोनों हँसने लगे। फिर मम्मी ने मुझे अपने कुछ कपड़े टेलर के पास ले जाकर ढीले करवाने के लिए कहा तो मैं टेलर के पास चला गया। फिर टेलर ने मेरे कहे अनुसार कपड़े सही कर दिए। फिर मैं वापिस आया और मम्मी ने कपड़े पहनकर देखे तो कपड़े मम्मी को पूरे फीट आये। मम्मी कपड़ो में थोड़ी अजीब लग रही थी तो फिर मैंने ये मम्मी से कहा तो मम्मी हँसने लगी और बोली के ले उतार देती हूँ। वो आएंगे तब ही पहन लूँगी। फिर मम्मी कपड़े उतारकर नंगी हो गई।

 

फिर दोपहर हो गई तो हम लेटकर आराम करने लगे और फिर हमें नींद आ गई। हमे उस दिन काफी नींद आई और हमे फिर शाम को ही जाग आई। फिर उठकर मम्मी चाय बनाकर ले आई और फिर चाय पीकर हमारा मूड बन गया तो फिर मैं और मम्मी एक दूसरे के बदन को सहलाने लगे। फिर मैं मम्मी को लेटाकर चुत चुसने लगा तो तभी किसी ने गेट बजाया तो तभी हम दोनों का ध्यान गेट बजने की आवाज की तरफ गया। फिर हम दोनों एक दूसरे को देखने लगे। फिर मम्मी बोली के तेरी भाभी आ गई शायद। फिर हम दोनों जल्दी से उठे और मैं अपना गीला मुँह पोंछकर जल्दी से टी-शर्ट और लोअर पहनकर गेट खोंलने चला गया और मम्मी ने भी अपने कपड़े पहन लिए थे और फिर वो कमरे के गेट पर आकर खड़ी हो गई। फिर मैंने जाकर गेट खोले तो सामने भाभी और उसके पापा खड़े थे। फिर मैंने उसके पापा के पैरों के हाथ लगाया और फिर उन्हें लेकर आया। फिर सामने मम्मी खड़ी थी तो फिर मम्मी ने भी उनसे नमस्ते की और फिर मैंने उन्हें दूसरे कमरे में बैठाया और उन्हें पानी वगेरह पिलाया। भाभी मम्मी के पास कमरे में चली गई थी। फिर मैं जब कमरे में गया तो भाभी खड़ी थी तो मैंने जाकर भाभी को पकड़ लिया और भाभी के बोबे दबाने लगा। 

 

ये देखकर भाभी और मम्मी दोनों हंसने लगी। फिर मम्मी बोली के अरे ये अब यहीं रहेगी तू जाकर इसके पापा को पानी वगैरह पिला। मैं चाय बना देती हूँ। फिर मैंने भाभी के पापा को पानी पिलाने चला गया। फिर वापिस आया तो देखा के मम्मी और भाभी दोनों किचन में चाय बना रही थी। फिर चाय बनने के बाद मैं भाभी के पापा के लिए चाय लेकर चला गया और फिर थोड़ी देर बाद मम्मी भी कमरे मे आ गई और फिर वो दोनों बातें करने लगे। मैं कुछ देर तो बैठा रहा और उनकी बातें सुनता रहा। फिर मैं मार्केट जाने का बहाना लगाकर कमरे से बाहर आ गया और फिर धीरे से भाभी के कमरे में चला गया। भाभी तब कपड़े चेंज कर रही थी तो वो तब ब्रा पैंटी में थी। फिर मैंने भाभी को पकड़ लिया और उन्हे बेड पर लेटाकर उनकी पैंटी उतारकर उनकी चुत चूसने लगा। फिर भाभी भी फुल गरम हो गई तो फिर मैं भी कपड़े खोलकर नंगा हो गया और फिर भाभी की चुत में लंड डालकर करने लगा। जिससे हम दोनों को काफी मजा आने लगा। भाभी की सिसकारिया पूरे कमरे मे गूंजने लगी। मैंने फिर भाभी की ब्रा निकालकर फेंक दी और उनके बोबो को चूसने लगा। फिर कुछ देर चुदाई के बाद मैं झड़ने वाला हुआ तो मैंने लंड गाँड मे डाल दिया और फिर झड़ने लगा। भाभी तो पहले ही झड़ चुकी थी। 

 

फिर इतने में मम्मी कमरे के अंदर आ गई और फिर हम दोनों को चुदाई करता देख वो भी हमारे पास खड़ी होकर देखने लगी। फिर मैं पूरा झड़ गया तो फिर भाभी के ऊपर ही लेट गया। भाभी और मम्मी एक दूसरे को देखकर मुस्कुराने लगी। फिर मैं नंगा ही खड़ा हुआ और जाकर मम्मी को पकड़ लिया और मम्मी के सब कपड़े खोल दिए। फिर मम्मी बेड पर जाकर भाभी के पास बैठ गई तो फिर भाभी भी उठकर बैठ गई और फिर वो दोनों एक दूसरे के बदन को देखने लगी। फिर मैं भी जाकर उनके पास बैठ गया और मम्मी और भाभी के बदन को सहलाने लगा। फिर मम्मी बोली के ये सब रात को करेंगे। अभी शाम हो गई है तो तू जाकर तेरी भाभी के पापा के लिए दारू ले आ। वो शाम को दारू पीते है। फिर मैं कपड़े पहनकर मार्केट चला गया और फिर मार्केट से एक बोतल शराब की और कुछ सब्जियां वगैरह लेकर आ गया। फिर सब्जियां तो मैंने भाभी को दे दी और दारू की बोतल भाभी के पापा को दी तो वो बहुत खुश हुए। शाम हो चुकी थी तो फिर मैंने उन्हे पानी वगैरह लाकर दिया और फिर वो दारू पीने लगे। थोड़ी थोड़ी करके वो पूरी बोतल पी गए और उन्हे फुल नशा हो गया। 

 

मम्मी और भाभी खाना बना रही थी। भाभी के पापा पहले कमरे में ही बैठे थे। कमरे मे काफी गर्मी हो चुकी थी तो फिर मैंने उन्हे आँगन में बैठा दिया। फिर वो मुझसे बात करने लगे और साथ में गंदी गंदी गालियां निकालने लगे। हम सब को उनके इस स्वभाव का पता था तो हमने उन्हे कुछ नहीं कहा। फिर खाना बन गया तो मैंने उन्हे जैसे तैसे खाना खिलाया और फिर वो खाना खाकर वो वहीं आँगन मे ही लेट गए और कुछ देर बाद वो सो गए। फिर हमने भी खाना खाया और फिर खाना खाकर हम तीनों भाभी के कमरे मे चले गए और जाकर नंगे हो गए। फिर मैं भाभी और मम्मी के बदन को सहलाने लगा। साथ मे मैं और मम्मी भाभी को बताने लगे के हमने कैसे कैसे मस्ती की। फिर भाभी को पेशाब आने लगा तो फिर हम तीनों नंगे ही पेशाब करने के लिए घर के मैन गेट से बाहर आकर पेशाब करने लगे। आँगन में भाभी के पापा सोये थे लेकिन अब उनका डर किसे था। फिर पेशाब करने के बाद हम तीनों नंगे ही मैंन रोड तक गए। भाभी को भी अब ज्यादा शर्म नहीं आती थी तो बिना किसी शर्म और डर के हमारे साथ मैन रोड तक चली गई। तब तक काफी रात हो चुकी थी तो सड़क पर कोई भी नहीं आ जा रहा था। फिर मैं भाभी का हाथ पकड़कर उन्हे सड़क पर ले जाने लगा तो वो थोड़ी शर्माने लगी और फिर मेरे साथ सड़क पर आ गई। तब सड़क पर लाइट जल रही थी और लाइट में भाभी का नंगा बदन और भी सेक्सी लग रहा था। फिर हमारे पीछे पीछे मम्मी भी आ गई। फिर हम कुछ देर सड़क पर ऐसे ही खड़े रहे और फिर वापिस आ गए। 

 

फिर भाभी ने अपना हाथ मेरे लंड पर रख दिया और सहलाने लगी। फिर हम वापिस घर की तरफ आने लगे। फिर घर में अंदर आने से पहले मैंने भाभी को घर के बाहर ही रोक लिया और भाभी का एक पैर सीढ़ियों पर रखकर भाभी को आगे की तरफ झुका दिया और फिर पीछे से लंड उनकी चुत में डाल दिया और फिर करने लगा। भाभी भी फिर सिसकारियाँ लेने लगी। फिर कुछ देर करने के बाद बिना झड़े ही मैंने लंड बाहर निकाल लिया और फिर हम तीनों घर के अंदर आ गए और फिर गेट बंद कर दिया। आँगन में भाभी के पापा सोये थे लेकिन अब उनकी कोई शर्म नहीं थी तो मैंने फिर से भाभी को पकड़ लिया और उनके बोबे दबाने लगा। फिर मम्मी बोली अंदर कमरे मे तो गर्मी लगेगी तो हम छत पर चलकर सो जाते है। फिर हमने एक गद्दा और ओढ़ने के लिए चद्दर वगैरह लेकर छत पर चले गए। छत पर जाकर मैं उनके बीच में लेट गया और वो दोनों मेरे साइड मे लेट गई और मेरे लंड को सहलाने लगी। फिर मैंने भाई को विडिओ कॉल कर ली और फिर हम उनसे बात करने लगे। फिर भाई के सामने ही मैं और भाभी एक दूसरे के लंड और चुत सहला रहे थे। ये सब देखकर फिर भाई भी अपना लंड सहलाने लगे। फिर भाई ने बताया के कुछ दिनों में उनकी छुट्टी मंजूर हो सकती है। ये सुनकर हम काफी खुश हुए और उन्हे जल्दी से आने के लिए कहा। 

 

फिर कुछ देर बात करने के बाद हमने फोन काट दिया और फिर मैं भाभी की चुदाई करने लगा। भाभी गरम तो थी ही तो वो जल्दी ही झड़ गई। फिर भाभी के झड़ने के बाद मैं मम्मी की चुदाई करने लगा। भाभी पहली बार बिल्कुल सामने बैठकर हमारी चुदाई देख रही थी। जब मेरा लंड मम्मी की चुत से अंदर बाहर हो रहा था तो ये देखकर भाभी तो देखती ही रह गई। फिर मैंने मम्मी को घोड़ी बना लिया और फिर चोदने लगा। फिर मैं झड़ने वाला हुआ तो मैंने लंड मम्मी के मुँह में डाल दिया तो फिर मम्मी मेरा लंड चूसने लगी और फिर मेरा सारा पानी पी गई। ये सब देखकर भाभी मुझसे बोली के तूने तो मम्मी को सब कुछ सीखा दिया। ये सुनकर हम सब हंसने लगे। फिर करने के बाद हम सब एक दूसरे से चिपक कर सो गए। 

 

 

कहानी आगे जारी रहेगी... 

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