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बिवी ने की सैर सपाटे वाली चुदाई 
@Karan1984 05 सितंबर, 2023 2390

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Jungle me chudane ko ready suman
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नमस्ते मेरा नाम रोहित है, मै पुणे मे रहता हूंँ , लेकिन मेरा गांव वहां से २०० किमी. दूर है | मेरी शादी हुए दस साल हुए है और मेरी बिवी का नाम सुमन है | हमे दो लडके है , एक सात साल का दूसरा पांच साल का | मेरी हाईट छे फिट है , रंग गोरा और मजबूत शरीर का मालिक हँ | मै पुणे मे एक बडी कंपनी मे इंजिनीयर हूँ | मेरी बिवी सुमन बहुत ही सेक्सी टाईप की और बेहत सुंदर औरत है | सुमन की हाईट पाँच फिट दस इंच है जो की मेरे से दो इंच कम | सुमन के मम्मे और गांड बहुत बडे बडे होते हुए भी उसकी कमर और पेट काफी पतला है | उसकी छाती ३८ पेट ३२ और गांड ४० की है | साथ ही सुमन की टांगे काफी मोटी मोटी है | सुमन दिखने मे किसी हिरोइन से कम नही है | सुमन एक बडे काॅलेज मे बायोलॉजी की टिचर है | उसकी सुंदरता के चर्चे पुरे काॅलेज मे फैले है | वो जब भी काॅलेज जाती है बडी सेक्सी साडी पहनकर जाती है | हम दोनों की सेक्स लाईफ काफी अच्छी है | हम अभी भी जी भरकर चुदाई करते है | सुमन चुदाई का समंदर मै, कितना भी पिलो खतम नही होता... कितना भी चोदो वो नही थकती | मै हप्ते मे पांच बार तो चोदता ही हूँ | अब मै हमारे अतीत के बारे मे बताता हूँ | हमारा गांव पूणे से २०० किमी दूर है | हम दोनों एक ही गांव के रहने वाले है | सुमन मुझसे दो साल छोटी है, जब मै बारवी मे था तब वो दसवी मे थी| सुमन के पिता गांव के मुखिया थे | उनकी दो सौ एक खेती अभी भी है | सुमन इकलौती बेटी होने की वजह से काफी लाडली थी घर मे | मेरे पिताजी की भी वहां पचास एक खेती है| मै पढाई के लिए शहर मे रहता था और सुमन की बारहवी तक की पढाई उसी गांव मे हुई है | बारहवी के बाद वो भी मेरे काॅलेज मे पढी | एक गांव के होणे की वजह से हम दोनों मे दोस्ती हुई और बाद मे प्यार हुआ | हमने घरवालों को बताया तो उन्होने तुरंत हमारी शादी करवा दी | शादी के दो साल बाद मुझे पता चला की गांव मे सुमन के बहुत से अफेयर्स चले थे, लेकिन अब शादी होकर दो साल गुजर चुके थे मैने बात को दबा दिया| हम दोनों की जाब पुणे मे लगी तो हम पुणे मे सेटल हो गए | अब आता हूं मुख्य कहानी पे | साल मे एक दो बार हम छुट्टी लेकर गांव जाते थे , खेती की देखभाल करने , वहां सब काम नोकर ही करते थे क्यों की उसके और मेरे पिताजी बुढे हुए थे | हम दोनो कभी एक साथ नही जाते थे बारी बारी जाकर आते थे | मगर पिछले महिने हम दोनो और बच्चे भी मिलकल गांव गए थे | दो-तिन दिन तो मै घर पर ही सोया रहा , सुमन अकेली खेतों मे घुमकर आती थी | दो दिन के बाद मैने सोचा खेतों का जायजा कर के आता हूँ | मै सुबह तैयार होकर सुमन को बोलके पास वाले खेतो मे पैदल ही निकल पडा | नौ बजे तक मै पास के खेत मे पहूँच गया | हमारी खेती दो-तीन जगह पर अलग अलग जगहों पर है | सबसे दूर वाली खेत पाँच किमी दूर है , जो पहाड के उस पार है | वहाँ जाने के लिए संकरी सडक है | दो घंटे तक मै खेत मे टहलने के बाद मैने सोचा पहाडी के पर दूर के खेतों मे जाकर आता हूँ | मै वहाँ से वापस घर आ गया और खाना पैक किया सुमन कही नजर नही आयी तो नोकरानी को पूछा तो उसने बताया की मालकिन गोपाल (हमारा नोकर) के साथ पास वाले खेत मे गयी है | मुझे तो आते वक्त कही दिखी नही, कौन से रास्ते गई ? मै बाईक लेकर पहाडी कि तरफ चल पडा | गांव से बाहर , थोडी दूर आने पर सामने काफी दूर एक औरत रास्ते से जंगल मे घुसती नजर आयी | मुझे हैराणी हो गयी की एक अकेली औरत कहाँ जंगल मे घुस गयी है? मैने भी उत्सुकता वश देखने की चाह मे, बाईक को वहां से थोडी दूरी पर रास्ता छोडकर जंगल मे घुसाया और आड मे पार्क किया | मै पैदल उस जंगल मे घुसा और सावधानी से आगे बढने लगा | काफी देर तक चलने पर मुझे झाडी मे कुछ आदमीयों की चलने की आवाजे आयी | मै जगह पर बैठ गया और चुपके देखने लगा | दो आदमी थे और एक औरत जंगल मे से धिरे धिरे कही जा रहे थे | चेहरे साफ दिख नही रहे थे | मै भी तेजी से उनका पिछा करने लगा | मै और थोडा नजदिक जाने लगा | एक आदमी आगे चल रहा था पिछे वो औरत चल रही थी और और के पिछे दुसरा मर्द उस औरत को चिपककर चल रहा था | मै थोडा जल्दी जल्दी आगे को निकल गया जिससे मुझे अब वे नजदिक से थोडे क्लियर दिखाई देने लगे |मुझे औरत सुमन की तरह लग रही थी , मगर सुमन ऐसे जंगल मे क्यों आएंगी उन पराए मर्दों के साथ ! पिछेवाले आदमी ने उस औरत की साडी पिछे से उठाई तो औरत ने अंदर निकर नही पहनी थी | सफेद कलर की मोटी , मांसल गांड दिखाई दी , बिलकुल सुमन की तरह थी | मुझे अब शक होने लगा था | वो आदमी साडी को उपर उठाके गांड को सहला रहा था | कभी पिछे से गांड मे उंगली करता था | मुझे पता करना था की वो तिनों कौन है? इसलिए मुझे उनके और नजदिक जाना था पर मै और नजदिक गया तो दिख जाउंगा इसलिए दूरी बनाए था | आगे एक नाला था और वे तिनो नाले मे उतर गये इसलिए मुझे दिखाई नही दे रहे थे | नाले के दोनों तरफ घना जंगल भी था | मै भी जल्दी जल्दी वहाँ पहूँच गया | मै पेडों के बिच मे से सावधानी से चल रहा था | थोडा आगे जाने के बाद मुझे औरत की नशीली आवाजे आ गयी | आवाज सुनकर मेरा सिर चकरा गया | ये आवाज तो सुमन की थी | मै और सावधान होकर आगे बडा तो मुझे ४४० का शाँक लगा | वो सुमन ही थी और दोनो मेरे नोकर थे | एक गोपाल और दूसरा बिरु था | नाले मे सिर्फ घुटनों जितना पाणी बह रहा था | सुमन एक पेड को पकडकर टांगों को चौडा करके खडी थी | उसकी साडी घुटनों के उपर चढी हुई थी और ब्लाऊज खुले थे, बडे बडे मम्मे लटक रहे थे | निचे बिरु उसकी साडी मे घुसकर गांड या चुत चाट रहा था और गोपाल खडे खडे मम्मों के साथ खेल रहा था कभी मूँह मे लेकर चूसता | सुमन आँखे बंद करके सिसकारीयां ले रही थी | मै उनसे बिस मिटर की दूरी पर छुपकर बैठा था और ये सब देख रहा था | थोडी देर गांड चाटने के बाद बिरू खडे होकर लंड बाहर निकालकर एक हात से सुमन की साडी को उपर किया और दूसरे हात से लंड पकडके सुमन की गांड पर घुमाने लगा | सुमन अब अपने हात पिछे ले जाकर बिरू का लंड हाथों मे लिया और अपनी गांड को झुकाकर उसके लौडे पर रगडते हुए लंड को अपनी गांड के होल पर सेट किया | बिरू ने हातों पर थूंक लेकर अपने लंड पर मल दिया और आठ इंच लंबा और तिन इंच मोटाई वाला लौडा सुमन कि गांड मे घुसाना शुरू किया | जैसे लंड अंदर जा रहा था सुमन को थोडा दर्द महसूस हुआ, वो गाड को थोडा उपर उठाके भिंचकर रखी और आँखे बंद करके थोडी देर इसी पोजिशन मे रुकी रही | बिरू भी रूका रहा | दो मिनट के बाद आँखे खोलकर सुमन ने गांड को लंड पर दबाना शुरू किया | धिरे धिरे पूरा आठ इंच लौडा सुमन के गांड मे जड तक समा गया था| कुछ देर रूकने के बाद बिरू ने मेरी बिवी सुमन की बडी और मांसल गांड मे गहरे धक्के मार रहा था| सुमन की बडी गांड धक्कों के साथ लबालब लबालब हवा मे थिरक रही थी | नजारा देख मेरा लंड पैंट मे टाईट हुआ था | मैने पहली बार जाना की मेरी बिवी कितनी चुदक्कड है | बिरु सुमन की गांड मे गहरे धक्के मार रहा था और गोपाल सामने से सुमन के मम्मे ब्लाउज खोलकर मुह मे लेकर चुस रहा था | सुमन काफी एक- एक मम्मा फूटबॉल जितना बडा था |गोपाल मम्मों मे इतना खोया था की उसको बिरू सुमन कि गांड मार रहा है ये भी याद नही होगा | दस मिनट मे बिरू सुमन की गांड मे ही ढल गया और साईड होकर लंड को पाणी से धोकर नाले के उस पार जाकर एक पत्थर पर बैठ गया | सुमन ने साडी को उपर उठाए रखा था | सुमन अब घुम गयी और अपनी गांड को गोपाल के समक्ष करके आँखो से चोदने का ईशारा किया | गोपाल ने तुरंत पैंट से अपना नौ इंच का काला सांप बाहर निकाला और थूंक लगाकर सुमन की गांड के फैले हुए होल मे प्रवेश करा दिया | अब की बार सुमन ने आराम से लिया बल्की ये वाला जादा बडा और मोटा था | सुमन ने सपोर्ट के लिए आगेवाले पेड को पकडा था और खुद घोडी बनी हुई थी | सुमन के मम्मे आगे लटक रहे थे | मुझे ऐसा लग रहा था की भागकर जाउ और मम्मों के बिच मूंह घुसाकर दूध पिऊ | गोपाल ने बिस मिनट चोदकर सुमन की गांड मे माल छोड दिया | गोपाल ने लंड सुमन की गांड से बाहर खिंचा | लंड के बाहर आनेपर सुमन की गांड का होल थोडी देर तक चौडा ही रह गया | सुमन की गांड का होल इतना जादा फैला हुआ मैने पहली बार देखा था | ऐसा दिखता था जैसे किसी बडे चूहे का होल हो | मैने कयी बार सुमन की गांड मारी मगर तब भी इतना बडा नही हुआ था होल | हमारे दो नोकरों ने बारी बारी से मेरी बिवी की गांड मारी थी , वो भी जंगल मे | थोडी देर बाद सुमन ने कपडे ठिक ठाक किए और तिनों जंगल मे से पगडंडी से आगे निकल गये | मै थोडा गैप रखकर छुपके से उनके पिछे चल पडा | काफी दूर तक चलने पर हम पहाडी तक पहुंच गये थे | यहां पर हमारे काफी खेत है | इस एरीया मे हमने एक चार रूम का घर बनवाया था, क्योंकी यहां से गांव छे किलोमीटर दूर है | कभी यहां देर हो गयी तो रात को ठहरने के लिए | यह घर बंद होता है , मगर साईड वाले रूम मे एक नोकर उसकी बिवी के साथ रहता है जो यहां पर खेतों मे भी काम करता है | मै जल्दी से उन तिनों से पहले वहां पर पहुंच गया | वहा उस नोकर की बिवी ने मुझे देख लिया | वो दौडकर मेरे लिए पानी लेकर आयी और बैठने के लिए कहां | मै वहां बेंचपर बैठ गया | उस औरत ने अपने पती को बुलाया, उसका नाम रामू था | रामू आकर मुझे राम राम कहा | मैने उन दोनों का हाल चाल पुछा और रूम्स को सफाई करने को कहा | वो दोनों सफाई मे लग गये | उतने मे सुमन और दोनों नोकर एकसाथ वहां टपक पडे | मुझे सामने देखकर तिनोंके चेहरे सफेद हो गये | सुमन ने कहां आप यहां पर आए हो ? मैने कहा हां मै तो सुबह से ही यहां के लिए निकला था , पर तुम कैसे आयी? वो बोली घर मे मन नही लग रहा था तो आ गयी | मैने कहां चलो अच्छा हुआ आ गयी | चलो अंदर रेस्ट करते है कुछ देर तक | तुम भी थक गयी होगी पैदल चलकर | वो मान गयी | थोडी देर बाद रामू ने आकर बोला मालिक कमरा साफ हो गया है आप आराम करो हम आपके खाने का बंदोबस्त करते है | गोपाल और बिरू खेतों मे काम करने चले गये | हम दोनों अंदर चले गये, सुमन की गांड चुदाई देखकर मेरा लौडा तनकर बाहर आने को बैचेन था | बार बार मेरा ध्यान सुमन की बडी गांड की तरफ जा रहा था | आज मुझे सुमन की लहराती गांड बडी सेक्सी लग और चुदक्कड लग रही थी , देखकर मुझे लग रहा था की मुझे चोदने के लिए आमंत्रित कर रही हो | रूम मे जाते ही मैने दरवाजा अंदर से लाँक कर दिया और सुमन को पिछे से पकड कर लंड को उसके गांड पर दबाया और हातों से उसके मम्मों को दबाने लगा | सुमन समझ गयी की उसे अब क्या करना है | उसने बेडपर जाकर घुटनों के और हातों के बल पर कुत्ती बन गयी | मैने उसकी साडी को उठाकर पिठ पर किया , क्या गांड लग रही थी | सुबह से चुद चुद कर लाल हुई थी |होल तो आधा खुला और गीला ही था | मैने सुमन की गांड को हातों से सहलाते हुए अपनी नाक को उसकी गांड पर लगाकर सूंघने लगा | आदमी के विर्य और थोडी थोडी गू की मिक्स खुशबू आ रही थी |गांड के बास की वजह से मेरा सेक्स दो गुना बढ गया और चोदने की इच्छा चार गुना बढ गयी | उसी वजह से मेरा अपने आप पर कंट्रोल खो गया और मैने जिंदगी मे पहली बार किसी की गांड मे जिभ पेल दी | अजीब सा स्वाद आया मगर बहुत मजा आया | सुमन ने अपनी गांड को भींच लिया | मेरी जबान सुमन की गांड मे दब गयी | सुमन ने अब उठकर मुझे बेड पर लिटाया और 69 की पोझिशन मे आ गयी | गाड को मेरे ओठोंपर रखकर रब करने लगी और मेरा हतियार मुंह मे लेकर चुसने लगी | मेरा लंड पहले से ही काफी तनाव मे था | उपर से उसकी सेक्सी गांड मेरे मूंह पर थी | मैने अपनी जिभ सुमन की गांड मे घुसाइ थी , थोडी ही देर मे उसकी गांड के होल से सफेल कम बाहर आकर मेरे मुंह मे गिरने लगा | ये कम उन दोनों नोकरों का था जो सुमन ने अपनी गांड मे लिया था और अब तक उसकी गांड की गहराई मे समाया हुआ था | काफी सारा माल मेरे मुंह मे गिर रहा था | जैसे ही माल गिरने लगा वैसे ही सुमन उठकर बैठी और अपनी गांड के होल को मेरे मुंह पर दबाया , अपनी जांघो से मेरे सर को दबोच लिया ततकी मै हिल ना सकू | गांड के होल को अपने दोनों हातों से फैलाकर बडा किया और मेरे मुंह पर दबाव बनाया | वो मुझे स्पर्म पिलाना चाहती थी | सुमन को इस बात का भी डर नही रहा था की मै पहचान जाउंगा की वो क्या चिज है और उसकी गांड मे कहां से आयी | उलटा वो मुझे पिलाना चाहती है | इसका मतलब वो मुझे महसूस करवाना चाहती है की वो कही गांड मरवा रही है | उसकी इस अदा से मेरा और जादा तन गया था | मैने उसकी गांड से निकला सारा स्पर्म पी लिया | तब अचानक मेरा लंड तनाव सह नही पाया और कम निकलना सुरू हुआ | सुमन ने तुरंत लंड अपने मूंह मे लेकर सारा चाटकर पी गयी | मै निढाल होकर सो गया | आगे की कहानी अगले पार्ट मे बताउंगा | ये कहानी कैसी लगी जरूर बताइए | तब तक के लिए इजाजत दिजीए |" class="postlink">नमस्ते मेरा नाम रोहित है, मै पुणे मे रहता हूंँ , लेकिन मेरा गांव वहां से २०० किमी. दूर है | मेरी शादी हुए दस साल हुए है और मेरी बिवी का नाम सुमन है | हमे दो लडके है , एक सात साल का दूसरा पांच साल का | मेरी हाईट छे फिट है , रंग गोरा और मजबूत शरीर का मालिक हँ | मै पुणे मे एक बडी कंपनी मे इंजिनीयर हूँ | मेरी बिवी सुमन बहुत ही सेक्सी टाईप की और बेहत सुंदर औरत है | सुमन की हाईट पाँच फिट दस इंच है जो की मेरे से दो इंच कम | सुमन के मम्मे और गांड बहुत बडे बडे होते हुए भी उसकी कमर और पेट काफी पतला है | उसकी छाती ३८ पेट ३२ और गांड ४० की है | साथ ही सुमन की टांगे काफी मोटी मोटी है | सुमन दिखने मे किसी हिरोइन से कम नही है | सुमन एक बडे काॅलेज मे बायोलॉजी की टिचर है | उसकी सुंदरता के चर्चे पुरे काॅलेज मे फैले है | वो जब भी काॅलेज जाती है बडी सेक्सी साडी पहनकर जाती है | हम दोनों की सेक्स लाईफ काफी अच्छी है | हम अभी भी जी भरकर चुदाई करते है | सुमन चुदाई का समंदर मै, कितना भी पिलो खतम नही होता... कितना भी चोदो वो नही थकती | मै हप्ते मे पांच बार तो चोदता ही हूँ | अब मै हमारे अतीत के बारे मे बताता हूँ | हमारा गांव पूणे से २०० किमी दूर है | हम दोनों एक ही गांव के रहने वाले है | सुमन मुझसे दो साल छोटी है, जब मै बारवी मे था तब वो दसवी मे थी| सुमन के पिता गांव के मुखिया थे | उनकी दो सौ एक खेती अभी भी है | सुमन इकलौती बेटी होने की वजह से काफी लाडली थी घर मे | मेरे पिताजी की भी वहां पचास एक खेती है| मै पढाई के लिए शहर मे रहता था और सुमन की बारहवी तक की पढाई उसी गांव मे हुई है | बारहवी के बाद वो भी मेरे काॅलेज मे पढी | एक गांव के होणे की वजह से हम दोनों मे दोस्ती हुई और बाद मे प्यार हुआ | हमने घरवालों को बताया तो उन्होने तुरंत हमारी शादी करवा दी | शादी के दो साल बाद मुझे पता चला की गांव मे सुमन के बहुत से अफेयर्स चले थे, लेकिन अब शादी होकर दो साल गुजर चुके थे मैने बात को दबा दिया| हम दोनों की जाब पुणे मे लगी तो हम पुणे मे सेटल हो गए | अब आता हूं मुख्य कहानी पे | साल मे एक दो बार हम छुट्टी लेकर गांव जाते थे , खेती की देखभाल करने , वहां सब काम नोकर ही करते थे क्यों की उसके और मेरे पिताजी बुढे हुए थे | हम दोनो कभी एक साथ नही जाते थे बारी बारी जाकर आते थे | मगर पिछले महिने हम दोनो और बच्चे भी मिलकल गांव गए थे | दो-तिन दिन तो मै घर पर ही सोया रहा , सुमन अकेली खेतों मे घुमकर आती थी | दो दिन के बाद मैने सोचा खेतों का जायजा कर के आता हूँ | मै सुबह तैयार होकर सुमन को बोलके पास वाले खेतो मे पैदल ही निकल पडा | नौ बजे तक मै पास के खेत मे पहूँच गया | हमारी खेती दो-तीन जगह पर अलग अलग जगहों पर है | सबसे दूर वाली खेत पाँच किमी दूर है , जो पहाड के उस पार है | वहाँ जाने के लिए संकरी सडक है | दो घंटे तक मै खेत मे टहलने के बाद मैने सोचा पहाडी के पर दूर के खेतों मे जाकर आता हूँ | मै वहाँ से वापस घर आ गया और खाना पैक किया सुमन कही नजर नही आयी तो नोकरानी को पूछा तो उसने बताया की मालकिन गोपाल (हमारा नोकर) के साथ पास वाले खेत मे गयी है | मुझे तो आते वक्त कही दिखी नही, कौन से रास्ते गई ? मै बाईक लेकर पहाडी कि तरफ चल पडा | गांव से बाहर , थोडी दूर आने पर सामने काफी दूर एक औरत रास्ते से जंगल मे घुसती नजर आयी | मुझे हैराणी हो गयी की एक अकेली औरत कहाँ जंगल मे घुस गयी है? मैने भी उत्सुकता वश देखने की चाह मे, बाईक को वहां से थोडी दूरी पर रास्ता छोडकर जंगल मे घुसाया और आड मे पार्क किया | मै पैदल उस जंगल मे घुसा और सावधानी से आगे बढने लगा | काफी देर तक चलने पर मुझे झाडी मे कुछ आदमीयों की चलने की आवाजे आयी | मै जगह पर बैठ गया और चुपके देखने लगा | दो आदमी थे और एक औरत जंगल मे से धिरे धिरे कही जा रहे थे | चेहरे साफ दिख नही रहे थे | मै भी तेजी से उनका पिछा करने लगा | मै और थोडा नजदिक जाने लगा | एक आदमी आगे चल रहा था पिछे वो औरत चल रही थी और और के पिछे दुसरा मर्द उस औरत को चिपककर चल रहा था | मै थोडा जल्दी जल्दी आगे को निकल गया जिससे मुझे अब वे नजदिक से थोडे क्लियर दिखाई देने लगे |मुझे औरत सुमन की तरह लग रही थी , मगर सुमन ऐसे जंगल मे क्यों आएंगी उन पराए मर्दों के साथ ! पिछेवाले आदमी ने उस औरत की साडी पिछे से उठाई तो औरत ने अंदर निकर नही पहनी थी | सफेद कलर की मोटी , मांसल गांड दिखाई दी , बिलकुल सुमन की तरह थी | मुझे अब शक होने लगा था | वो आदमी साडी को उपर उठाके गांड को सहला रहा था | कभी पिछे से गांड मे उंगली करता था | मुझे पता करना था की वो तिनों कौन है? इसलिए मुझे उनके और नजदिक जाना था पर मै और नजदिक गया तो दिख जाउंगा इसलिए दूरी बनाए था | आगे एक नाला था और वे तिनो नाले मे उतर गये इसलिए मुझे दिखाई नही दे रहे थे | नाले के दोनों तरफ घना जंगल भी था | मै भी जल्दी जल्दी वहाँ पहूँच गया | मै पेडों के बिच मे से सावधानी से चल रहा था | थोडा आगे जाने के बाद मुझे औरत की नशीली आवाजे आ गयी | आवाज सुनकर मेरा सिर चकरा गया | ये आवाज तो सुमन की थी | मै और सावधान होकर आगे बडा तो मुझे ४४० का शाँक लगा | वो सुमन ही थी और दोनो मेरे नोकर थे | एक गोपाल और दूसरा बिरु था | नाले मे सिर्फ घुटनों जितना पाणी बह रहा था | सुमन एक पेड को पकडकर टांगों को चौडा करके खडी थी | उसकी साडी घुटनों के उपर चढी हुई थी और ब्लाऊज खुले थे, बडे बडे मम्मे लटक रहे थे | निचे बिरु उसकी साडी मे घुसकर गांड या चुत चाट रहा था और गोपाल खडे खडे मम्मों के साथ खेल रहा था कभी मूँह मे लेकर चूसता | सुमन आँखे बंद करके सिसकारीयां ले रही थी | मै उनसे बिस मिटर की दूरी पर छुपकर बैठा था और ये सब देख रहा था | थोडी देर गांड चाटने के बाद बिरू खडे होकर लंड बाहर निकालकर एक हात से सुमन की साडी को उपर किया और दूसरे हात से लंड पकडके सुमन की गांड पर घुमाने लगा | सुमन अब अपने हात पिछे ले जाकर बिरू का लंड हाथों मे लिया और अपनी गांड को झुकाकर उसके लौडे पर रगडते हुए लंड को अपनी गांड के होल पर सेट किया | बिरू ने हातों पर थूंक लेकर अपने लंड पर मल दिया और आठ इंच लंबा और तिन इंच मोटाई वाला लौडा सुमन कि गांड मे घुसाना शुरू किया | जैसे लंड अंदर जा रहा था सुमन को थोडा दर्द महसूस हुआ, वो गाड को थोडा उपर उठाके भिंचकर रखी और आँखे बंद करके थोडी देर इसी पोजिशन मे रुकी रही | बिरू भी रूका रहा | दो मिनट के बाद आँखे खोलकर सुमन ने गांड को लंड पर दबाना शुरू किया | धिरे धिरे पूरा आठ इंच लौडा सुमन के गांड मे जड तक समा गया था| कुछ देर रूकने के बाद बिरू ने मेरी बिवी सुमन की बडी और मांसल गांड मे गहरे धक्के मार रहा था| सुमन की बडी गांड धक्कों के साथ लबालब लबालब हवा मे थिरक रही थी | नजारा देख मेरा लंड पैंट मे टाईट हुआ था | मैने पहली बार जाना की मेरी बिवी कितनी चुदक्कड है | बिरु सुमन की गांड मे गहरे धक्के मार रहा था और गोपाल सामने से सुमन के मम्मे ब्लाउज खोलकर मुह मे लेकर चुस रहा था | सुमन काफी एक- एक मम्मा फूटबॉल जितना बडा था |गोपाल मम्मों मे इतना खोया था की उसको बिरू सुमन कि गांड मार रहा है ये भी याद नही होगा | दस मिनट मे बिरू सुमन की गांड मे ही ढल गया और साईड होकर लंड को पाणी से धोकर नाले के उस पार जाकर एक पत्थर पर बैठ गया | सुमन ने साडी को उपर उठाए रखा था | सुमन अब घुम गयी और अपनी गांड को गोपाल के समक्ष करके आँखो से चोदने का ईशारा किया | गोपाल ने तुरंत पैंट से अपना नौ इंच का काला सांप बाहर निकाला और थूंक लगाकर सुमन की गांड के फैले हुए होल मे प्रवेश करा दिया | अब की बार सुमन ने आराम से लिया बल्की ये वाला जादा बडा और मोटा था | सुमन ने सपोर्ट के लिए आगेवाले पेड को पकडा था और खुद घोडी बनी हुई थी | सुमन के मम्मे आगे लटक रहे थे | मुझे ऐसा लग रहा था की भागकर जाउ और मम्मों के बिच मूंह घुसाकर दूध पिऊ | गोपाल ने बिस मिनट चोदकर सुमन की गांड मे माल छोड दिया | गोपाल ने लंड सुमन की गांड से बाहर खिंचा | लंड के बाहर आनेपर सुमन की गांड का होल थोडी देर तक चौडा ही रह गया | सुमन की गांड का होल इतना जादा फैला हुआ मैने पहली बार देखा था | ऐसा दिखता था जैसे किसी बडे चूहे का होल हो | मैने कयी बार सुमन की गांड मारी मगर तब भी इतना बडा नही हुआ था होल | हमारे दो नोकरों ने बारी बारी से मेरी बिवी की गांड मारी थी , वो भी जंगल मे | थोडी देर बाद सुमन ने कपडे ठिक ठाक किए और तिनों जंगल मे से पगडंडी से आगे निकल गये | मै थोडा गैप रखकर छुपके से उनके पिछे चल पडा | काफी दूर तक चलने पर हम पहाडी तक पहुंच गये थे | यहां पर हमारे काफी खेत है | इस एरीया मे हमने एक चार रूम का घर बनवाया था, क्योंकी यहां से गांव छे किलोमीटर दूर है | कभी यहां देर हो गयी तो रात को ठहरने के लिए | यह घर बंद होता है , मगर साईड वाले रूम मे एक नोकर उसकी बिवी के साथ रहता है जो यहां पर खेतों मे भी काम करता है | मै जल्दी से उन तिनों से पहले वहां पर पहुंच गया | वहा उस नोकर की बिवी ने मुझे देख लिया | वो दौडकर मेरे लिए पानी लेकर आयी और बैठने के लिए कहां | मै वहां बेंचपर बैठ गया | उस औरत ने अपने पती को बुलाया, उसका नाम रामू था | रामू आकर मुझे राम राम कहा | मैने उन दोनों का हाल चाल पुछा और रूम्स को सफाई करने को कहा | वो दोनों सफाई मे लग गये | उतने मे सुमन और दोनों नोकर एकसाथ वहां टपक पडे | मुझे सामने देखकर तिनोंके चेहरे सफेद हो गये | सुमन ने कहां आप यहां पर आए हो ? मैने कहा हां मै तो सुबह से ही यहां के लिए निकला था , पर तुम कैसे आयी? वो बोली घर मे मन नही लग रहा था तो आ गयी | मैने कहां चलो अच्छा हुआ आ गयी | चलो अंदर रेस्ट करते है कुछ देर तक | तुम भी थक गयी होगी पैदल चलकर | वो मान गयी | थोडी देर बाद रामू ने आकर बोला मालिक कमरा साफ हो गया है आप आराम करो हम आपके खाने का बंदोबस्त करते है | गोपाल और बिरू खेतों मे काम करने चले गये | हम दोनों अंदर चले गये, सुमन की गांड चुदाई देखकर मेरा लौडा तनकर बाहर आने को बैचेन था | बार बार मेरा ध्यान सुमन की बडी गांड की तरफ जा रहा था | आज मुझे सुमन की लहराती गांड बडी सेक्सी लग और चुदक्कड लग रही थी , देखकर मुझे लग रहा था की मुझे चोदने के लिए आमंत्रित कर रही हो | रूम मे जाते ही मैने दरवाजा अंदर से लाँक कर दिया और सुमन को पिछे से पकड कर लंड को उसके गांड पर दबाया और हातों से उसके मम्मों को दबाने लगा | सुमन समझ गयी की उसे अब क्या करना है | उसने बेडपर जाकर घुटनों के और हातों के बल पर कुत्ती बन गयी | मैने उसकी साडी को उठाकर पिठ पर किया , क्या गांड लग रही थी | सुबह से चुद चुद कर लाल हुई थी |होल तो आधा खुला और गीला ही था | मैने सुमन की गांड को हातों से सहलाते हुए अपनी नाक को उसकी गांड पर लगाकर सूंघने लगा | आदमी के विर्य और थोडी थोडी गू की मिक्स खुशबू आ रही थी |गांड के बास की वजह से मेरा सेक्स दो गुना बढ गया और चोदने की इच्छा चार गुना बढ गयी | उसी वजह से मेरा अपने आप पर कंट्रोल खो गया और मैने जिंदगी मे पहली बार किसी की गांड मे जिभ पेल दी | अजीब सा स्वाद आया मगर बहुत मजा आया | सुमन ने अपनी गांड को भींच लिया | मेरी जबान सुमन की गांड मे दब गयी | सुमन ने अब उठकर मुझे बेड पर लिटाया और 69 की पोझिशन मे आ गयी | गाड को मेरे ओठोंपर रखकर रब करने लगी और मेरा हतियार मुंह मे लेकर चुसने लगी | मेरा लंड पहले से ही काफी तनाव मे था | उपर से उसकी सेक्सी गांड मेरे मूंह पर थी | मैने अपनी जिभ सुमन की गांड मे घुसाइ थी , थोडी ही देर मे उसकी गांड के होल से सफेल कम बाहर आकर मेरे मुंह मे गिरने लगा | ये कम उन दोनों नोकरों का था जो सुमन ने अपनी गांड मे लिया था और अब तक उसकी गांड की गहराई मे समाया हुआ था | काफी सारा माल मेरे मुंह मे गिर रहा था | जैसे ही माल गिरने लगा वैसे ही सुमन उठकर बैठी और अपनी गांड के होल को मेरे मुंह पर दबाया , अपनी जांघो से मेरे सर को दबोच लिया ततकी मै हिल ना सकू | गांड के होल को अपने दोनों हातों से फैलाकर बडा किया और मेरे मुंह पर दबाव बनाया | वो मुझे स्पर्म पिलाना चाहती थी | सुमन को इस बात का भी डर नही रहा था की मै पहचान जाउंगा की वो क्या चिज है और उसकी गांड मे कहां से आयी | उलटा वो मुझे पिलाना चाहती है | इसका मतलब वो मुझे महसूस करवाना चाहती है की वो कही गांड मरवा रही है | उसकी इस अदा से मेरा और जादा तन गया था | मैने उसकी गांड से निकला सारा स्पर्म पी लिया | तब अचानक मेरा लंड तनाव सह नही पाया और कम निकलना सुरू हुआ | सुमन ने तुरंत लंड अपने मूंह मे लेकर सारा चाटकर पी गयी | मै निढाल होकर सो गया | आगे की कहानी अगले पार्ट मे बताउंगा | ये कहानी कैसी लगी जरूर बताइए | तब तक के लिए इजाजत दिजीए |

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